माँ काली मंगलवार व्रत सम्पूर्ण जानकारी

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर आकाश आशीर्वाद
और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी रहे मैन
काली की कृपा पाने का एक बहुत ही प्रभावी
तरीका है मैन काली के मंगलवार के व्रत मैन
काली के शनिवार व्रत के ऊपर हमारी वीडियो
आप लोग पहले देख चुके हैं आज इस वीडियो

में हम बात करेंगे मैन काली के मंगलवार के
व्रत की संपूर्ण विधि के बारे में साथी
व्रत की कथा जानेंगे इसका उद्यापन कैसे
करना है इसके बारे में चर्चा करेंगे और
सबसे पहले चर्चा करेंगे मैन काली के
मंगलवार के व्रत के महत्व के बारे में की

इसके क्या लाभ है
तो दोस्तों मैन काली के मंगलवार के व्रत
अचूक प्रभाव वाले किसी भयंकर रोग से
पीड़ित हैं जो ठीक नहीं हो रहा है आर्थिक
समस्या से ग्रस्त हैं विवाह में अड़चन ए

रही हैं या कोई भी रुकावट आपके कार्यों
में ए रही है तो उसके लिए मैन काली के
मंगलवार के व्रत अचूक प्रभाव वाले होते
हैं
मैन काली अपने भक्तों को अभय प्रदान करने

वाली देवी है पूर्ण विश्वास है
कभी भी व्यर्थ नहीं जाते काली का पुराण
में मैन की पूजा और व्रत की महिमा का
विस्तार से वर्णन है वही शिव पुराण में
मैन काली की मंगलवार की पूजा और व्रत
विशेष फलदाई कहे रहे हैं विशेष कर रोगों
से और कासन से मुक्ति के लिए

तो जानते हैं मैन काली के मंगलवार के व्रत
की संपूर्ण विधि के बारे में विस्तार से
किसी भी मंगलवार से आप यह व्रत शुरू कर
सकते हैं
वस्त्र लाल रंग के हो इस चीज का ध्यान
रखें मैन को प्रिया है लाल रंग
जो आपका आसान होगा पूजा के लिए वह भी लाल
रंग का होगा अब पूर्व या उत्तर दिशा में
आपको एक चौकी की स्थापना करनी है जिस जगह
आप चौकी लगाएंगे पहले उसे जगह को आप अच्छी
तरह से शुद्ध कर लें अगर गंगाजल है तो

उसका छिड़काव करके उसे शुद्ध कर लें फिर
आपको चौकी को वहां स्थापित करना है चौकी
पर लाल वस्त्र बिछाएंगे वस्त्र भी स्वच्छ
होना चाहिए
आपको चौकी पर स्थापित करनी है मैन की
मूर्ति का पहले पंचामृत स्नान करेंगे उसके
बाद आप उसे चौकी पर स्थापित करेंगे

जो भी
कुछ उपलब्ध है उससे ही मैन को स्नान कारण
परेशान ना हो की पंचामृत सी नहीं करवा पाए
तो विधि अधूरी रह जाएगी ऐसी कोई भी शंका
आप लोग अपने मैन में ना पाएं
लगभग हर वीडियो में मैं आपसे एक बात अवश्य
कहती हूं की भाव से प्रेम से जो भी आप मैन
के सेवा करते हैं वहीं सर्वश्रेष्ठ फल
देती है कुछ भी नहीं है तो शुद्ध जल से आप

स्नान करवाले और यदि पंचामृत से स्नान
करवा लिया है तो उसके बाद मैन को शुद्ध जल
से स्नान करवा मैन को अच्छी तरह से
पहुंचकर वस्त्र भूषण आदि आपको धारण करवाना
है फिर मैन को चौकी पर आपको स्थापित करना
है तो हर मंगलवार जब व्रत आप शुरू कर रहे

हैं सुबह सर्वप्रथम आपको मैन को स्नान
जरूर करवाना है उनके वस्त्र भी आपको
बदलवाने हैं
अब आप ज्योत प्रज्वलित करेंगे देसी घी या
तिल के तेल के जूता जला सकते हैं
सर्वप्रथम भगवान गणेश का आपको ध्यान करना
है ओम गण गणपत नमः इस मंत्र की एक माला
आपको जप करना है गुरु मंत्र की एक माला
आपको जप करनी है अपने गुरु से इस कार्य
में सफलता का आशीर्वाद लेना है ओम नमः
शिवाय इस मंत्र की तीन मालक आपको जप करना

है भगवान शिव से सफलता का आपको आशीर्वाद
मानना है
भगवान भैरव बातो भैरव का आपको ध्यान करना
है ओम bhatugharway नमः इस मंत्र की एक
मालक आपको जप करना है अब मैन का पूजन
करेंगे धूप दीप अक्षत ने विद्या मैन को
अर्पित करेंगे
कोई बंधन नहीं है की यही विशेष निवेदन

चढ़ेगा हान ये जरूर ध्यान रखें जो भी आप
चड्ढा रहे हैं उसमें एक चीज मीठी आपको
जरूर रखनी है सूजी का हलवा मैन को अर्पित
कर सकते हैं
अब आपको संकल्प लेना है

और संकल्प में आपको मैन काली को बताना है
की आप उनके कितने व्रत रख रहे हैं अब
कितने व्रत आपको करने हैं यह आपकी स्वयं
की स्थिति को देखकर आप निर्णय ले
112131 41 व्रत का आप संकल्प ले सकते हैं
इससे ज्यादा अगर आप को लगता है की आप ले
सकते हैं बिना

खंडित किए हुए व्रत को तो आपको लेना चाहिए
संकल्प सोच समझ कर ले मेरे कहने का
तात्पर्य यही है कई बार व्यक्ति संकल्प ले
लेते हैं लेकिन पूर्ण नहीं कर पाते संकल्प
खंडित हो जाता है तो फिर वह डरते भी हैं
की अब दोष लगेगा मैं नाराज हो जाएंगी
हालांकि मैन कभी अपने भक्तों से नाराज
नहीं होती है पर भक्तगण क्या करते हैं की

खुद में ही इतनी नकारात्मक सोच का लेते
हैं इतने भाई बीट हो जाते हैं की स्वयं के
लिए परेशानी क्रिएट कर देते हैं
है तो संकल्प आपको सोच समझकर लेना है
अब संकल्प लेते समय दाएं हाथ में जल अक्षद
और एक पुष्प रख लें मैन को अपना नाम बताएं
किस प्रयोजन से आप मैन का यह व्रत कर रहे

हैं वो आपको मैन को बताना है अपनी परेशानी
मैन को बतानी है और खुले वृद्ध भी आप कर
सकते हैं तो संकल्प ले के व्रत कर रहे हैं
और खुले वृद्ध भी कर सकते हैं खुले वृत्त
में अर्थात कोई निश्चित सीमा नहीं है

आत्मा से यह बोल सकते हैं की मैं मैं खुले
व्रत कर रहा हूं जब तक मेरी सामर्थ्य होगी
मैं व्रत को करूंगा या करूंगी
जो भी संख्या है वो आपको मैन को बतानी है
तो इस प्रकार मैन को निवेदन करके मैन से
आज्ञा लेकर व्रत की उसके बाद क्षमा

प्रार्थना जरूर करें की हेमा इस व्रत
विधान में पूजा विधि में कोई भूल चूक
मुझसे हो तो मुझे उसके लिए क्षमा करें इस
प्रकार बोलकर मैन का आशीर्वाद मांगे और
फिर जल को जमीन पर छोड़ देना है
है तो इस प्रकार आपने संकल्प ले लिया अब
आपको मैन की व्रत कथा पढ़नी है मैन का
पूजा विधान क्या है उसके बारे में आप

ध्यान से सन लें मैन की जो व्रत कथा है
उससे पहले आपको क्रीम बी मंत्र की एक माला
का जप करना है अगर आप चाहे तो माला की
संख्या तीन पंच भी कर सकते हैं बट कम से
कम एक माला मंत्र जाप आपको क्रीम बी मंत्र
का करना है उसके बाद दोस्तों दुर्गा

सप्तशती में वर्णित चांदी कवच अगला और
तिलक स्तोत्र का आपको पाठ करना है उसके
बाद मैन की व्रत की कथा आपको पढ़नी है और
व्रत की कथा हमने डिस्क्रिप्शन में दे दी
है आप लोगों से नोट कर लें

तत्पश्चात अपना की आरती उतारें और दोस्तों
मैन काली के व्रत में आप आपके पास अगर समय
है तो मैन के मेट्रो का आप जप कर सकते हैं
उन क्लीन कलिकाई नमः इस मंत्र का आप जप
करें बहुत सारे मंत्र हमने समय-समय पर
वीडियो में दिए हुए हैं और आप लोगों ने कर
भी रहे हैं तो उनका मंत्र जाप आज के दिन

आप अधिक से अधिक कर सकते हैं
ओम जयंती मंगला काली भद्रकाली दुर्गा शमा
शिवा धात्री स्वाहा स्वाहा नमोस्तुते इस
मंत्र का आप जप कर सकते हैं व्रत कथा
पूर्ण होने के बाद और इसके साथ ही नाबार्ड
मंत्र ओमेन चामुंडा विच्चे इसका जप करके
मैन को समर्पित कर सकते हैं

है तो यह हो गई व्रत की विधि जो बेहद सरल
है कुछ भी इसमें ज्यादा कठिन नहीं है जिस
प्रकार शनिवार के व्रत की विधि है लगभग
वही है सिर्फ कथा में अंतर है अब जानते
हैं की आपको आज के दिन आहार क्या लेना है
व्रत वाले दिन क्या आपको खाना है और क्या
नहीं खाना है तो दोस्तों आज का जो व्रत

होता है मैन के मंगलवार का जो व्रत होता
है इस व्रत में आपको पहली बात नामक
बिल्कुल नहीं खाना है अब कई लोगों के
मैसेज आते हैं की क्या हम सेंधा नामक खा
सकते हैं तो सेंधा नामक भी नहीं खाना है
ये मीठे व्रत होते हैं दूसरी चीज आपको ऐन

नहीं लेना है तो जो भी आप ग्रहण करेंगे वो
फलाहार होना चाहिए और जब परन करेंगे व्रत
खोलेंगे तो शाम को मैन का पूजन करके जूता
भी दिखा के उनके मेट्रो का जप करके तब
आपको व्रत खोलना है तो व्रत में आप खुलती

समय क्या करेंगे आप फोटो के आते की पुरी
parathadhi बना सकते हैं उबले हुए आलू
इसमें मिक्स करके बना सकते हैं
लेकिन नामक उसमें नहीं पड़ेगा
आते का प्रयोग कर सकते हैं समा के चावल आप
उसे बना सकते हैं समा के चावलों की खीरा

बना सकते हैं साबूदाना ले सकते हैं सुबह
पूजन के बाद आप चाय दूध आदि ले लें साथ
में ये ड्राई फ्रूट्स आप ले लें भुने भी
मूंगफली आप ले सकते हैं बहुत सपोर्ट देती
है व्रत में और कोई भी मौसमी फैला ले सकते
हैं शाम को जब आप व्रत खोलेंगे तो भी अपने

व्रत का जो आहार आपने तैयार किया है
सर्वप्रथम उसे मैन को समर्पित करना है मैन
को भोग लगाना है उसके बाद आपको इसे ग्रहण
करना है और मसीहा गया मांगनी है व्रत

खोलने की
और शाम को खाने के बाद रात्रि में आप कोई
भी आहार ना लें अवॉइड करें ऐसा नहीं की
आपने शाम को परन कर लिया है तो उसके बाद
भी भूख लगी है तो आपने कुछ भी खा लिया कुछ

भी पी लिया ऐसे ना करें
हान इसमें किसी की तबीयत खराब है अगर कोई
मर्जी केस है तो आप फल आदि की संख्या बढ़ा
सकते हैं और आहार भी आप दो बार ले सकते
हैं जो फलाहार है जो परन के समय हम लेते
हैं खोलते समय व्रत को तो दो बार ले सकते

हैं सिर्फ इमरजेंसी के केस में और वह भी
आप वहां से निवेदन कर लें उनसे आज्ञा
मांगे और तब आप अवश्य कर सकते हैं दवाई
आदि कोई भक्तगण ले रहे हैं तो दवाई या दी
आप ले सकते हैं जो मैंने पीरियड्स में है
तो पीरियड्स में या व्रत ले लें लेकिन

पूजा पाठ ना करें मंदिर का कोई भी भौतिक
कार्य आपको नहीं करना है मानसिक जप करें
हालांकि जो आप यह व्रत लेंगे उसको काउंट
नहीं किया जाएगा तो लेकिन व्रत आप लेने
ताकि खंडित ना हो
इसके अलावा व्रत में पूरे दिन आपको मैन का

ध्यान करना है मैन के मेट्रो का जप करना
है और मंगलवार भी प्रथम राज्यपाल रख रहे
हैं प्रारंभ कर रहे हैं व्रत को तो मैन के
मंदिर जाकर लाल चुनरी और श्रृंगार का समान

आपको मैन को चढ़ाना है साथ ही गुलाब के
फूलों की माला agarpit कर सकें या फूल की
माला नहीं मिल रही है तो खुले गुलाब के
पुष्प ही मैन को अर्थ कर सके तो बहुत ही
श्रेष्ठ फलदाई है

व्रत वाले दिन कोई भी गलत विचार मैन में
नहीं लाना है किसी की निंदा आदि नहीं करनी
है किसी को कड़वे बोल नहीं बोलने हैं
क्योंकि एक तरफ आप व्रत कर रहे हैं दूसरी
तरफ घर में गुस्सा कर रहे हैं कड़वे वचन
बोल रहे हैं माता-पिता को कुछ जवाब दे रहे
हैं या छोटे भाई बहनों को दांत रहे हैं तो

फिर व्रत का फल आपका जो भी जब तप है उसका
फल आधा हो जाता है तो इसीलिए इस चीज का
आपको खास ख्याल रखना है अगर आप चाहते हैं
की व्रत का संपूर्ण फल आपको मिले मैन की
संपूर्ण कृपा पर बनी रहे

अब आते हैं उद्यापन कैसे करना है इस व्रत
का तो उद्यापन वाले दिन आपको पंच सात या
नौ कन्याओं को भोजन करना है समर्थन
नौकरियां उद्यापन में आपको सूजी का हलवा
बनाना है पुरी और काले चने आपको बनाने हैं
जिस प्रकार शनिवार के व्रत का उद्यापन

होता है मैन के उसी प्रकार से यहां पे भी
आपको इस मंगलवार के व्रत का भी मैन के
उद्यापन करना है और आप चाहे तो अतिरिक्त
आप खीर बना सकते हैं चावलों की या समा के
चावलों की खीर भी आप इसमें बना सकते हैं
जो आप चने बनाएंगे तो उसमें आप सेंधा नामक

डालें जीरे का चौंक लगा सकते हैं काली
मिर्च आप उसे कर सकते हैं लेकिन लाल मिर्च
हल्दी आदि का प्रयोग आपको मसाले आदि का
प्रयोग नहीं करना है
हान अदरक आप प्रयोग कर सकते हैं चाहे तो

आप सूखे छोले बना ले या फिर तारी वाले
छोले बना सकते हैं कन्याओं का सर्वप्रथम
आपको पूजन करना है उनके हाथ पांव
dhulvakar उनको आसान प्रदान करना है आसान
पर उन्हें aadarpurvak बैठना है धूप दीपदी

से आपको पूजा करना है जैसे नवरात्रों में
आप कन्या पूजन करते हैं वैसा ही आपको करना
है श्रद्धा से पूर्ण भक्ति से करना है
कन्याओं को भोजन कर कर यथाशक्ति आपको
दक्षिण देनी है कोई उपहार आदि आप देख सकते
हैं जैसे कोई रुमाल हो गया पेन पेंसिल हो

गए या चॉकलेट आदि आप देख सकते हैं कोई
मिठाई दे सकती हैं जिससे कन्याएं प्रसन्न
हो

और जब कन्याओं का पूजन हो जाता है तो उसके
बाद आपके घर के अन्य सदस्य भी इस प्रसाद
को ग्रहण करेंगे लेकिन चूंकि आप वृद्धि
हैं आपने उसे दिन व्रत रखा है तो इसीलिए
आपको जो ये परन का प्रसाद है वो अगले दिन

यानी की बुधवार की सुबह जब आप मैन का पूजन
कर लेते हैं उसके बाद ही आपको ये ग्रहण
करना है
और एक बहुत विशेष चीज जो मैं शुरू में
नहीं बता पाए की आपको मंगलवार के हर व्रत
में मैन की मंदिर में जो आपके घर का मंदिर
है वहां पे कुछ दक्षिण अवश्य रखनी है ये

बहुत जरूरी करना है आपको आपको अपने समर्थन
अनुसार कोई जरूरी नहीं है की आप बहुत
ज्यादा दक्षिण रखें
₹511 रख सकते हैं 2151 जो भी समर्थ है
उसके हिसाब से हर मंगलवार को आपको ये

दक्षिण घर के मंदिर में मैन के चरणों में
रखनी है और ये जो पैसे हैं इनका आपको क्या
करना है इनको आप एकत्रित करते जाएं और जब
इकट्ठा हो जाए कोई भी जरूरतमंद आता है

उसको आप यह डैन कर दे ये बहुत बहुत ज्यादा
आपके व्रत के प्रभाव को बढ़ता है और मैन
की संपूर्ण कृपा आपको प्रदान करता है और
वैसे भी दोस्तों आप व्रत में नाभि हो
मंगलवार के व्रत में मैन के नाभि हो तो भी

जरूरतमंदों को समय-समय पर जो आप डैन
दक्षिण आदि करते हैं उससे आपकी आर्थिक
उन्नति होती है और ईश्वर की कृपा आपको
प्राप्त होती है
तो यह संपूर्ण विधि मैन काली के मंगलवार
के व्रत की है कोई भी अगर आपको शंका है तो
जरूर आप मैसेज करें कमेंट करके पूछ ले आज
की वीडियो में इतना ही आप मुझे आज्ञा दे
दो अगली वीडियो में बहुत जल्दी मिलती हूं

तब तक के लिए अपना ध्यान रखें स्वस्थ रहे
खुश रहे मस्त रहे जय माता दी

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