माँ दुर्गा आपके लिए अत्यावश्यक संदेश| भक्ति शक्ति| ईश्वर संदेश

मेरे बच्चे आज यदि तुम्हें मेरा संदेश
प्राप्त हुआ है तो इसका अर्थ यह नहीं कि
यह कोई इत्तेफाक है केवल यह है कि मैं
तुमसे एक खास बात बताने और समझाने और
पूछने आई हूं कि क्या तुम्हें मुझ पर

विश्वास नहीं है यदि नहीं तो मैं चमत्कार
दिखाने वाली हूं यह मैं जानती हूं
तुम्हारा विश्वास किस वजह से तुम्हारे
हृदय के अंदर बार-बार ऐसी बात घूमती रहती
है कि तुम कितने दिनों से पूजा पाठ कर रहे
हो काफी दिनों से प्रयास करते जा रहे
हो लेकिन तुम सफलता पूर्वक तरीके से सफल
नहीं हो पा रहे तुम एक बात को भूल रहे हो
ना तो तुम्हारी बात मुझसे छुपी हुई है ना

ही मैं सुनकर अनसुनी कर रही हूं और ना ही
देखकर अनदेखा कर रही हूं
हूं मेरे बच्चे मैं तुमसे इतना प्रेम करती
हूं कि कांटा तुम्हारे पैर में चुभता है
दर्द मुझे होता है मैं तुम्हें कुछ होने
देना नहीं चाहती बल्कि मैं तुम्हें उससे

कहीं और अधिक देना चाहती हूं बस तुम्हें
परख रही हूं क्या तुम सच में उसको पाने के
योग्य हो या
नहीं मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में एक ऐसा
चमत्कार करने वाली

जिससे तुम्हें बहुत दूर देखने की शक्ति और
उससे होने वाला प्राप्त फल तुम्हें आवाज
होने लगेगा किस मार्ग से चलकर तुम्हें जीत
हासिल होगी या नहीं यह भी तुम्हें पता
लगने

लगेगा किसी कार्य को करने से पहले तुम
किसी कार्य में सफल होगे या नहीं यह पूर्ण
ज्ञान हो जाएगा यह एक चमत्कारी शक्ति मेरे
द्वारा तुम्हें प्राप्त होगी जिसमें तुम
हो सफल और असफल के ज्ञान को तुम प्राप्त
कर

लोगे और यही ज्ञान का प्राप्त तुम्हारे
जीवन को बहुत आगे ले जाएगा इसके लिए
तुम्हें आज से एक कार्य प्रारंभ करना होगा
जो मैं आज तुम्हें बताने वाली हूं तुम
विस्तार से और ध्यान पूर्वक सुनना यदि
तुमने उस बात को सुनकर समझ

लिया और उस कार्य को कि तो तुम खुली आंखों
से उन सपनों को पूरा होते देख पाओगे जो आज
तक तुम्हारे अधूरे थे वह कार्य बहुत

ज्यादा कठिन नहीं है वह बहुत ज्यादा सरल
है जिसे तुम बहुत आसानी से कर पाओगे और कर
सकते हो इसलिए आज से जब संध्याकाल में तुम
खाना बनाओगे परिवार के लिए उस समय तुम
थोड़ी सी खीर बनाना और खीर बनाने के बाद
तुम संध्या काल में जब मेरे समक्ष खड़े

हुए दीपक जलाओ ग उस समय खीर को मेरे समक्ष
रखना कुछ समय रखने के बाद तुम्हारी जो भी
प्रार्थना होगी उसे तुम बोल देना यदि
तुम्हारी जो भी इच्छा होगी वह भी बोल देना
इसके बाद तुम उस खीर को गाय को खिला देना
इस बात का ध्यान रखना कि उस समय तुम गाय
को खीर

खिलाओगे तो उन्हें मेरा ही रूप देख
मेरे बच्चे क्योंकि गाय में मेरे सहित
बहुत सारे देवी देवता विराजमान हैं जैसे
ही तुम गाय को संध्याकाल के समय उस खीर का
भोजन कराओ ग तब सभी देवता मेरे साथ तृप्त
हो जाएंगे और तुम्हें सभी मिलकर आशीर्वाद

देंगे और जब सभी देवताओं का मेरे साथ
तुम्हें आशीर्वाद प्राप्त होगा तो निश्चित
ही तुम्हारे हर कार्य बनने लगेंगे और
तुम्हारे जीवन में निश्चित ही एक बहुत

बड़ा चमत्कार आएगा इस बात पर पूर्ण
विश्वास रखना और विश्वास से ही कार्य को
करना क्योंकि यदि तुम विश्वास से यह कार्य
को नहीं करोगे तो वह कार्य कभी भी सफल
नहीं हो पाएगा और ना ही किए गए कार्य में
इतनी शक्ति होगी कि तुम्हारे जीवन में कोई

चमत्कार लेकर आए इसलिए आज जो मैं बता रही
हूं उसको करना और लगातार करते जाना कुछ
समय बाद चमत्कार खुद तुम्हारे जीवन में

बात को आभास कर पाएगा कि हां तुमने जो
किया था उसका फल तुम्हें प्राप्त होने लगा
है यह मेरा तुमसे वादा है और कोई मां अपने
बच्चे से किया हुआ वादा कभी टूटने नहीं
देती वह हमेशा अपने बच्चे से वादा निभाती

है और मैं भी अपने वादे को तुमसे निभाऊंगी
लेकिन बस तुम अपने हृदय से उस कार्य को
अवश्य करना मेरे बच्चे मैं तुमसे सिर्फ एक
बात से नाराज हूं क्योंकि तुम मेरी बातों
पर ध्यान नहीं दे रहे हो उन पर गौर नहीं

कर रहे हो तुमको बताना चाहती हूं कि समय
रहते ही स्वयं में परिवर्तन लाओ समय बहुत
ही शक्तिशाली होता है परंतु तुम अभी भी
उन्हीं उलझनों में फंसे हुए हो और आगे
नहीं जा रहे हो मेरे बच्चे संसार में तुम
मेरी सबसे श्रेष्ठ रचना हो मेरे बच्चे

स्वयं का समय बर्बाद मत करो तुम्हें
निरंतर प्रयास करना होगा तभी तुम्हारे
जीवन में परिवर्तन
आएगा और सकारात्मक ऊर्जा से तुम्हारे आने
वाला समय भरा होगा मेरे बच्चे तुम्हें
विचार करना चाहिए कि तुम किसी कार्य में
निपुण हो तो उसी को प्रारंभ करो मुझे
तुम्हारी चिंता है मेरे बच्चे तुम कहीं

जीवन में इस मार्ग पर बहुत पीछे ना रह
जाओ मैं तुम्हें उन्नति के मार्ग पर चलाना
चाहती हूं जहां तुम्हारी मंजिल तुम्हारा
इंतजार कर रही है और मेरा क्रोध भी
तुम्हारे बारे में चिंता करने वाला प्रेम
ही है और इसी कारण से ही मुझे नाराजगी

होती है मेरे बच्चे तुम कोशिश नहीं कर रहे
हो तुम व्यर्थ की चिंता में अपना कीमती
समय को गुजार रहे हो मेरे बच्चे मैं
तुम्हारे प्रेम से बंधी हूं इसलिए

तुम्हारा मार्गदर्शन कराना मेरा कर्तव्य
है और तुम्हारी सभी समस्याओं से मुक्ति
दिलाना धर्म है
मेरा मेरे बच्चे मुझे किस प्रकार से
प्रसन्न कर पाओगे मैं तुम्हारी श्रद्धा और
भावनाओं की भूख हूं तुम जिस प्रकार से
प्रसन्न करना चाहोगे मैं प्रसन्न हो

जाऊंगी मेरे बच्चे ऐसा करते ही तुम्हारे
अंदर एक सकारात्मक शक्ति उत्पन्न
होगी जो कि तुम्हारी सभी समस्याओं से
तुम्हें मुक्ति दिलाएगी और नकारात्मक
शक्ति को नष्ट करेगी मैं तुमसे अपने असली
रूप में नहीं मिल सकती क्योंकि यह सृष्टि
के नियमों के विरुद्ध है यह निश्चित है कि
तुम जब भी मुझे पुकारते

हो मैं तुम्हारे समक्ष होती हूं परंतु
सृष्टि के चलते तुम्हें दिखाई नहीं देती
इसलिए तुम कभी भी अपने आप को अकेला महसूस
मत करो मैं सदियों से तुम्हारे साथ हूं और
रहूंगी मेरे बच्चे मुझसे तुम्हारी यह हालत

देखी नहीं जा रही है इसलिए मेरे बच्चे मैं
तुम्हारे जीवन में भारी परिवर्तन अगले 11
घंटे में करने वाली हूं मेरे बच्चे यह
परिवर्तन तुम्हें आश्चर्य में डाल देगा

क्योंकि तुम्हारे साथ जो भी व्यक्ति कार्य
को कर लेता
है उस पर साक्षात मेरी कृपा दृष्टि होती
है तुमको यह चमत्कार स्वयं अपनी आंखों से
देखने के लिए मिलेगा बस तुम इस बीच कोई

गलती मत करना यदि तुम कोई गलती करते
हो तो मेरे बच्चे तुम कुछ कदम पीछे चले
जाओगे और यदि तुम इस समय थोड़ा भी पीछे गए
तो आगे आने में तुमको दोबारा थोड़ा समय
लगेगा इसलिए अब गलती मत करना तुमको अपने
सच्चे मन से किए हुए कार्य पर पूर्ण भरोसा
रख खना

होगा यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ
है तो सिर्फ तुम आज जीवन का एक ऐसा सत्य
जानोगे जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी
क्योंकि तुम्हारे मन में उठता हर समय यह

प्रश्न है कि मैं इतना पूजा पाठ करता हूं
फिर भी मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो
रहा मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल
जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे
कारण होता है कारण अच्छा हो या बुरा लेकिन

होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल
तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह कारण
दिखाई देता
है ना ही तुम जानते हो कि आगे तुम्हारे
जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह

देख सकते हो वर्तमान में चल रही बातों
को जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष
उस समय के बारे में तुम्हें ज्ञात होता है
लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना

बहुत जरूरी
है क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता
है वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को
पाने के लिए और ना ही मन में इन प्रश्नों

को बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है कि
उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है
मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है
कि यदि तुम ऐसा सोच रहे हो कि तुम्हारी

उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो
आज से पहले के समय को देखो और आज के समय
को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें
खुद ही ज्ञात हो जाएगा कि तुम पहले से
कितना उन्नति कर चुके

हो बस फर्क इतना है कि तुम आज जो चाहते हो
उस चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त
नहीं है इस के साथ ही कभी-कभी तुम इतनी
बड़ी चीजों की आश कर लेते हो जो तुम्हारे
लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जिस प्रकार एक
हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद
भी कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी

होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी
प्रकार यह जरूरी नहीं कि तुम जो सोच रहे
हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी यह है कि
तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम
परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले

और तुम्हारी उन्नति
हो तुम जिस समय में हो उस समय से अच्छे
समय में आते चले जाओ कभी-कभी बड़ी उम्मीद
भी पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से
वंचित रह जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी
गलती करते हो सुनो मेरी बात को ध्यान

पूर्वक आज जो परिश्रम कर रहे
हो ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य
को कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति
का हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब
छोड़ देना चाहिए कि तुम्हारे जीवन में कब
कहां कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस

बात पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए कि जो होगा
वह अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा
होना महत्व रखता है और इसके साथ ही यह भी
कारण है तुम्हारी सोची हुई मंजिल पर शायद
तुम्हारी परिश्रम पूरी नहीं हो रही है
किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को पूण
करने के लिए जिस पर कार्य

करना जब तुम प्रारंभ करते हो तो उस पर
इतना परिश्रम करो कि तुम्हें ऐसा आभास
होने लगे कि इससे ज्यादा मैं और परिश्रम
नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना
गर्म ना हो कि वह पिघलने ना लगे तब तुम उस
लोहे को कोई भी आकार नहीं दे सकते
हो इसलिए पहले जिस प्रकार लोहे को इतना ही
गर्म किया जाता है कि पिघलने लगे उसी
प्रकार खुद को कर्म की अग्नि में इतना
पिघला हो कि जैसा चाहो वैसे सांचे में
डालकर ढल सको अर्थात तुम्हारी किस्मत
परिवर्तित हो
जाए मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुनना
तुम्हारे हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी
क्योंकि किसी भी कार्य को पूर्ण करने में
कार्यों की कमी तुम्हें उस मंजिल से दूर
ही रखती है ना तो मुझसे कुछ पूछने की
जरूरत है और ना ही तुम्हें अपने मन को
निराश करने की मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य
पूरा होगा या नहीं कार्यों को करो
निस्वार्थ भाव से तब तुम्हें अवश्य फल
प्राप्त होगा मुझसे कुछ पूछना चाहो
तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई आवाज ही
मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत कर्मों की
माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे बच्चे अब
तुम्हारी सब
समस्या मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए
मिली है क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किए
हैं जो पीछे की गई गलतियों से तुमने जो
अपने खराब समय को अपनी ओर आकर्षित कर लिया
था खराब समय को परिवर्तन किया था उसी
प्रकार तुमने कुछ ऐसे कार्य किए
हैं जिनके कारण से तुम्हारा अच्छा समय फिर
से प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने
अपने कर्मों के द्वारा ही समय को फिर
परिवर्तित किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी
खास बात बताने वाली हूं जिसे सुनना
तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक
है यह एक कड़वा सत्य है कि हर इंसान से
गलती होती है इसमें कोई संदेह नहीं कि
गुंजाइश ही नहीं है इंसान कोई ना कोई
जानकर गलती कर ही देता है लेकिन किसी भी
व्यक्ति को इस बात को कदापि नहीं भूलना
चाहिए कि यदि कोई भी इंसान जान बूझकर
सिर्फ उसका भागीदारी होता है अनजाने में
की गई गलतियों को मैं माफ कर देती हूं
उनकी उन गलतियों को दंड में नहीं देती
इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी
जीवन में करते रहने चाहिए जिससे कि यदि
तुमसे कोई गलती हो ही जाती तो उसकी क्षमा
याचना तुम्हें मिल
जाए कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और
उन्हीं कार्यों में से कुछ कुछ कार्य हैं
जो तुम्हें हमेशा करते रहने चाहिए जैसे कि
भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि
भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम
स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी
भी कड़ा परिश्रम करना ना
भूलना यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त
करना चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या
करना आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी
शक्ति आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मन
पर लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद
करना सीखो कुछ ऐसे काम
करो जिनको करने के काफी समय पश्चात
तुम्हारे हृदय और तुम्हारे मन को खुशी हो
क्योंकि तुम इस बात को स्मृ
रखना किसी भी कार्य को करते समय भले ही
तुम्हें खुशी ना हो लेकिन काम को करने के
पश्चात जिस कार्य के करने से हृदय और मन
को खुशी
हो वही अच्छा काम होता
है तुम गलत काम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय
को जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही
तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक है कि
जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं
की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने
कर्मों पर ध्यान देना जरूरी
है उससे भी ज्यादा जरूरी
है जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे
उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी ओर आकर्षित
करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो
प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही
तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है
इस बात को समझना
होगा कि तकदीर कुछ नहीं
है जब तुम स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ
में रखो और जिस तरह से जीवन को चाहो उस
तरह से तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बाग
डोर तकदीर के हाथों में थमा करर बैठे
रहोगे तो आगे आने वाले समय में तुम्हें
कुछ भी प्राप्त नहीं
होगा यदि तुम अपनी बाग डोर अपने हाथों में
रखोगे तो स्वयं जिस चीज का निर्माण करना
चाहो उस चीज का निर्माण कर सकते हो
तुम्हें अपने आप ही स्वतः ही प्राप्त हो
जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह शक्ति है अपने
आप को पहचानो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद
सदा तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण
हो

Leave a Comment