माँ दुर्गा का महत्वपूर्ण संदेश

मेरे बच्चे तुमने अपने जीवन में अच्छे
बुरे बहुत से परेशानियां को देखा है पांटू
कुछ परिस्थितियों में तुम बिना कोई दोष
किया ही आरोपित हो जाते हो तो कुछ
परिस्थितियों में यदि तुम किसी का भला
करने जाते हो तो उल्टा तुम्हारे साथ ही
बड़ा व्यवहार करते हैं

और तुम्हारी हंसी उड़ते हैं जिसके करण
तुम्हारे मानसिक स्थिति में परिवर्तन ए
जाता है और तुम क्रोधित होकर दूसरों की
भलाई करने की इच्छा त्यागने का विचार करने
लगता हो किंतु मेरे बच्चे यदि जगत में हर

व्यक्ति एक तरह की सोच रखना लगेगा
यदि हर कोई बुराई से डर कर अपने अंदर की
अच्छाई को मार देगा तो वास्तव में हमारे
जीने का उद्देश्य ही क्या र जाएगा मेरे
बच्चे एक बात सदैव स्मरण रखना किसी भी डर
के करण या किसी के गलत बटन के करण तुम्हें
अपने अच्छाई को नहीं त्यागना है

जिनके विचार और व्यवहार में सच्चाई का वास
होता है मेरे बच्चे तुम्हें अपने अच्छाई
को नहीं त्यागना है क्योंकि तुम तो वह
परिणाम का विचार ना करते हो
मेरे बच्चे तुम्हारा कल सर्वोत्तम है

इसलिए तुम्हें कभी किसी भी बटन का ध्यान
ना करते हुए केवल एक विचार करना है की
तुम्हारे हर एक कर्म किसी और से पहले
ईश्वर देखते हैं और वह तुम्हें तुमसे भी
अधिक जानते हैं तुमने किस दिन कौन से
कार्य किया हैं और उसे कर्म का उचित फल
अवश्य ही प्राप्त होगा

मैं तुम्हें जो बताती हूं उन पर ध्यान
दिया करो क्योंकि मैं तुम्हें तुम्हारे
बड़े में बताती हूं अपने बड़े में यह बात
जानते हो की तुम कौन हो मेरे बच्चे क्या
तुम जानते हो तुम्हारा वास्तविक लक्ष्य
क्या है अब जो मैं तुम्हें बताने जा रही
हूं उसे ध्यान से समझना का प्रयास करना
मेरे बच्चे ब्रह्मांड की सभी जीवन की

उत्पत्ति मुझे ही हुई है जब तुम अपना मूल
उद्देश्य समझ जाओगे और जब तुम अपना कर्म
कर लोग उसके बाद सभी आत्माओं को
सभी आत्माओं का केवल एक ही लक्ष्य परम
तत्व के सत्य का

परंतु मेरे बच्चे मैं बहुत दुखी हूं मेरे
सभी बच्चे सन साड़ी चक चंद में आकर अपने
लक्ष्य से भटक गए हैं मैं जानती हूं इसके
दोस्त तुम्हारा नहीं

पूरा करना है जी करण तुम अपने कर्म चक्र
में बने हुए हो

परंतु तुम्हें या जाना बेहद आवश्यक है
तुम्हारे द्वारा किया गए पूर्व अच्छे कर्म
तुम्हें अच्छे फल देंगे वहीं दूसरी और यदि
तुम बुरे कर्म करोगे तो है बुरे कर्म
तुम्हें दुख देंगे यह कर्म फल सभी जीवन को
स्वयं भोगना पड़ता है इसमें मैं स्वयं

तुम्हारी कोई भी सहायता नहीं कर शक्ति
किंतु मेरे बच्चे एक बहुत ही प्रसन्नता की
बात है तुम अपनी चेतन के वास्तविक लक्ष्य
को जन की और बाढ़ रहे हो आखिर कब तक इस
लोक में भटकती रहोगे जन्म मृत्यु के चक्र
में मेरे बच्चे परम आनंद तो मेरी गॉड में
है

प्रसन्नता व्याप्त होती है
मेरे बच्चे तुम इसी पृथ्वी लोक पर रहते
हुए भी उसे परम आनंद
महसूस कर सकते हो अब तुम्हें भक्ति के
मार्ग पर चलना होगा एक स्मरण करते हुए
ईश्वर की भक्ति में ली होकर देखो तुम्हें
अधिक सुख शांति संसार की किसी भी वस्तुओं
में नहीं मिलेगी

इसलिए इतना संदेश किस लिए मेरे बच्चे क्या
तुम्हें मुझमें पर विश्वास है मैंने
तुम्हें कई बार यह बात कहीं है जब भी
तुम्हें मार्ग नजर नहीं आए तुम्हें बेचैनी
महसूस हो तब आंखें बैंड करके अपना पूरा
ध्यान नेत्रों के बीच में केंद्रित करना
और स्मरण करना तुम्हें सही मार्ग अवश्य
मिलेगा मेरे बच्चे मैं तुम्हें खुशखबरी

देने आई हूं जिसे जानकर तुम्हें बहुत खुशी
होगी इसलिए तुम मेरी बटन को ध्यानपूर्वक
सुनकर समझ लो जिससे की तुम्हारे जीवन में
वह खुशी भी प्राप्त हो सके मेरा यह संदेश
अंत तक जरूर सुना

 

क्योंकि यदि तुम्हें मेरा संदेश प्राप्त
हुआ है तो निश्चित ही वह खुशी तुम्हें इस
संदेश सुनकर प्राप्त होगी तुम्हारी
प्रार्थना को मैं सुन रही हूं देख रही हूं
मुझे ज्ञात है की तुम्हें क्या चाहिए
तुम्हारे मां मंदिर में जो बातें चल रही

है वह मेरे कानों तक सुने दे रही है
क्योंकि तुम्हारी भक्ति में बहुत शक्ति है
तुम्हारी भक्ति बिना स्वार्थ बिना कुछ
मांगे तुम्हारी भक्ति है मैं विवश हो गई
हूं तुम्हारे निकट आने के लिए और तुम्हें
बताने के लिए इसलिए मेरी बात को ध्यान से
सुना मेरे बच्चे तुम अपने जीवन में काफी
समय से कष्ट को जेल रहे हो जी प्रकार

कांटे से भरे रास्तों पर चलने पर कांटे
चुभना पर पाओ में गाव हो जाता है इस तरह
तुम्हारे जीवन में समस्या उत्पन्न होने पर
जख्मो से भरे दिल से उन मुसीबत को सा रहे
हो वह सब मुझे ज्ञात है मैं जानती हूं की
तुम उन सब जख्मो को अपने हृदय में

और शांतिपूर्वक रोटी हो और मुझे हमेशा
कहते हो तुम्हारी हर शाम आंखें भर जाति
हैं और तुम भारी आंखों से मुझे देखते हो
सोचते हो की मेरी यह परेशानी कब दूर होगी
लेकिन मेरे बच्चे मैं बताना चाहती हूं की
खुशखबरी है यह परेशानी हाल होने वाली
तुम्हें इस कार्य को करते ही तुम्हें

तुम्हारी साड़ी परेशानियां छुटकारा मिल
जाएगा ब्रह्मांड में छुपी एक शक्ति को
पहचानो तुमको ध्यान रखना होगा की उसे
प्रिया चीज की प्रताप का समय बहुत नजदीक
है बस तुम्हें यह कार्य करना है

जो खुशी तुम प्राप्त करना चाहते हो उसको
प्राप्त करने में पुरी लगन और परिश्रम
उसमें लगा दो एकाग्र मां से किया गया काम
जीवन में हमेशा भर-भर के खुशियां लता है
क्योंकि मेरे बच्चे जब तक लोहा पिघलता
नहीं तब तक वह किसी आकर में नहीं ढलता
उसको आकर में डालने के लिए पानी की तरह

खुशी को प्राप्त करने का सुकून मिलता है
तुम्हारा मां इस खुशी को प्राप्त कर बहुत
प्रसन्न होगा
क्योंकि जी प्रकार थकान के बिना बैठने का
आनंद नहीं आता धूप के बिना छाव का आनंद
नहीं आता इस प्रकार नहीं की गई मेहनत से
प्राप्त हुई खुशी का आनंद नहीं आता

यदि कोई चीज या कोई मंजिल बिना परिश्रम के
मिल जाएगी तो उसकी अहमियत को कैसे जानोगे
और तुम्हें उसे खुशी को प्राप्त करना बहुत
ही जरूरी है क्योंकि मेरे बच्चे जब तक तुम
खुशियां प्राप्त नहीं करोगे तब तक तुम्हें
थोड़ी परेशानी आएगी तब उसे परेशानी को
जलना की ताकत प्राप्त नहीं होगी जी प्रकार
यदि पढ़ने वाले बच्चे को परीक्षा में
अच्छे अंक प्राप्त

तो तब तक पढ़ने में अपना मां नहीं लगता
कष्ट उसे जलना है जो बहुत महान व्यक्ति
होता है इसलिए तुम्हारे जीवन में कष्ट का
महत्व बहुत बड़ा है जो परेशानियां के
कांटों को झेलकर खुशियों को अपने की चाहत
रखना है और डटकर हिम्मत से परेशानियां का
सामना करता है

वह निश्चित ही खुशियों को प्राप्त करने का
अधिकारी होता है और उसे रास्ते पर चलना भी
है क्योंकि ज्यादा सोच विचार करोगे तो तुम
कभी भी वह प्राप्त नहीं कर पाओगे जी खुशी
की तुम सोच रखते हो
मेरे बच्चे जो बातें बताएं

तो तुम्हारे जीवन में निश्चित ही खुशियों
का आगमन होगा और जो इच्छा तुम्हारी
यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ है तो
सिर्फ तुम आज जीवन का एक ऐसा सत्य जानोगे
जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि
तुम्हारे मां में उठाता हर समय यह प्रश्न
है की मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी

मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा मेरे
बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल जाएगा
क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे करण
होता है करण अच्छा हो या बड़ा लेकिन होता
जरूर है यह बात सत्य है बस केवल तुम्हें
साधारण आंखों से ना तो वह करण दिखाई देता
है ना ही तुम जानते हो की आगे तुम्हारे

जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह
देख सकते हो वर्तमान में चल रही बटन को
जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उसे
समय के बड़े में तुम्हें ज्ञात होता है
लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना

बहुत जरूरी हैं क्योंकि जिसको संपूर्ण
ज्ञान हो जाता है वह ना तो परेशान होता है
किसी चीज को अपने के लिए और ना ही मां में
इन प्रश्नों को बार-बार सोचकर हैरान
परेशान होता है की उसकी इच्छा पूर्ण क्यों
नहीं हो रही है मेरे बच्चे इस बात को

समझना जरूरी है की अभी तो मैं ऐसा सोच रहे
हो की तुम्हारी उन्नति नहीं हो रही तो तुम
गलत सोच रहे हो आज से पहले के समय को देखो
और आज के समय को देखो दोनों में तुलना
करोगे तो तुम्हें खुद ही ज्ञात हो जाएगा

की तुम पहले से कितना उन्नति कर चुके हो
बस फर्क इतना है की तुम आज जो चाहते हो
उसे चीज आज के समय में तुम्हें प्राप्त
नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी
बड़ी चीजों की आस कर लेते हो जो तुम्हारे

लिए बनी ही नहीं क्योंकि जी प्रकार एक हाथ
में पांच उंगलियां होने के बाद भी
कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी
होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी
प्रकार यह जरूरी नहीं की तुम जो सोच रहे

हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी यह है की
तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम
परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले
और तुम्हारी उन्नति हो तुम जी समय में हो
उसे समय से अच्छे समय में आते चले जो

कभी-कभी बड़ी उम्मीद भी पूरा होने पर सुख
का अनुभव करने से वंचित र जाते हो और यही
तुम सबसे बड़ी गलती करते हो सुनो मेरी बा


को ध्यानपूर्वक आज जो परिश्रम कर रहे हो
ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को
कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का
हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़
देना चाहिए की तुम्हारे जीवन में कब कहां
कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात

पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए की तो होगा वह
अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा होना
महत्व रखना है और इसके साथ यह भी करण है
तुम्हारी सोची हुई मंजिल पर शायद तुम्हारी
परिश्रम पुरी नहीं हो रही है किसी जीवन

में किसी भी इच्छा को पूर्ण करने के लिए
जी पर कार्य करना जब तुम प्रारंभ करते हो
तो उसे पर इतना परिश्रम करो की तुम्हें
ऐसा आभास होने लगे की इससे ज्यादा मैं और
परिश्रम नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा

इतना गम ना हो की वह पिघलने ना लगे तब तुम
उसे लोहे को कोई भी आकर नहीं दे सकते हो
इसलिए पहले जी प्रकार लोहे को इतना ही गम
किया जाता है की पिघलने लगे इस प्रकार खुद

को कर्म की अग्नि में इतना पिघलाओ जैसा
चाहे वैसे सांचे में डालकर दल सको अर्थात
तुम्हारी किस्मत परिवर्तित हो जाए मेरे
बच्चे हृदय की आज से सुना तुम्हारे हृदय
में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि किसी
भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों की
कमी तुम्हें उसे मंजिल से दूर ही रखती है

ना तो मुझे कुछ पूछने की जरूर है और ना ही
तुम्हें अपने मां को निरसा करने मेरे
बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या नहीं

कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब
तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझे कुछ
पूछना चाहे तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई
आवाज ही मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत
कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे
बच्चे अब तुम्हारी सभी समस्या मेरे बच्चे
माफी तुम्हें इसलिए मिली है क्योंकि तुमने
कुछ ऐसे कार्य किया हैं जो पीछे की गई
गलतियां से तुमने जो अपने खराब समय को
अपनी और आकर्षित कर लिया था खराब समय को
परिवर्तन किया था इस प्रकार तुमने कुछ ऐसे
कार्य यह है जिनके करण से तुम्हारा अच्छा
समय फिर से प्रारंभ हो चुका है और फिर से
तुमने अपने कर्मों के द्वारा ही समय को
फिर परिवर्तित किया है आज मैं तुम्हें कुछ
ऐसी खास बात बताने वाली हूं जिसे सुना
तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक
है की हर इंसान से गलती होती है इसमें कोई
संदेह नहीं की गुंजाइश ही नहीं है इंसान
कोई ना कोई जानकर गलती कर ही देता है
लेकिन किसी भी व्यक्ति को इस बात को कदापि
नहीं भूलना चाहिए की यदि कोई भी इंसान जान
बोझ कर सिर्फ उसका भागीदारी होता है
अनजाने में की गई गलतियां को मैं माफ कर
देती हूं उनकी उन गलतियां को दंड में नहीं
देती इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य
भी जीवन में करते रहने चाहिए जिससे की यदि
तुमसे कोई गलती हो ही जाति तो उसकी क्षमा
याचना तुम्हें मिल जाए कठोर दंड का सामना
नहीं करना पड़ता और उन्हें कार्यों में से
कुछ कार्य है जो तुम्हें हमेशा करते रहने
चाहिए जैसे की भाग्य के भरोसे ना बैठे
रहना क्योंकि भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता
है जब तुम स्वयं प्राप्त करना चाहते हो
उसके लिए कभी भी कड़ा परिश्रम करना ना
भूलना यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त
करना चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या
करना आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी
शक्ति आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मां
पर लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद
करना सीखो कुछ ऐसे काम करो
जिनको करने के काफी समय पश्चात तुम्हारे
हृदय और तुम्हारे मां को खुशी हो क्योंकि
तुम इस बात को स्मरण रखना किसी भी कार्य
को करते समय भले ही तुम्हें खुशी ना हो
लेकिन काम को करने के पश्चात जी कार्य के
करने से हृदय और मां को खुशी हो
वही अच्छा काम होता है तुम गलत काम करोगे
तो भी तुम्हारे हृदय को जरूर अच्छा नहीं
इसके साथ ही तुम्हें यह सोचना अत्यंत
आवश्यक
जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं
की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने
कर्मों पर ध्यान देना उससे भी ज्यादा
जरूरी है जब समस्या उत्पन्न होती है जब
तुम उसे उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी और
आकर्षित करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते
हो प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही
तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है
इस बात को समझना होगा की तकदीर कुछ नहीं
जब तुम स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ में
रखो और जी तरह से जीवन को चाहे उसे तरह से
तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बागडोर
तकदीर के हाथों में थम कर बैठे रहोगे तो
आगे आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी
प्राप्त नहीं होगा यदि तुम अपनी बागडोर
अपने हाथों में रखोगे तो स्वयं जी चीज का
निर्माण करना चाहे उसे चीज का निर्माण कर
सकते हो तुम्हें अपने आप ही सोते ही
प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह
शक्ति है अपने आप को पहचानो मेरे बच्चे
मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है
तुम्हारा कल्याण हो

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