मां दुर्गा का अद्भुत संदेश

मेरे बच्चों तुम कैसे हो आज तुम्हारी मां

स्वयं तुम्हें इस धरती लोक में दर्शन देने

आई हैं आज का मेरा यह संदेश तुम्हारे लिए

बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इस संदेश के

माध्यम से मैं तुम्हारे जीवन से जुड़ी हुई

उन बातों को बताने जा रही हूं जिसे समझकर

तुम अपने संपूर्ण जीवन को सुरक्षित और

खुशहाल बना सकते हो मेरे बच्चों तुम एक

बात समझने का प्रयत्न करना प्रेम एक ऐसा

अनुभव है जो मनुष्य को कभी भी परास्त नहीं

होने देता और

[संगीत]

ग्रहणाची बातें भी सामने वाले को अमृत के

समान सुख प्रदान करती हैं

प्रेम से बोला गया शब्द व्यक्ति के कण कण

में उमंग भर देता है वही अभद्र शब्द

व्यक्ति के कण कण को छलनी कर देता है यदि

तुम किसी मनुष्य के हृदय में स्थान बनाना

चाहते हो तो सबसे पहले तुम्हें अपनी जीब्र

पर नियंत्रण करना सीखना पड़ेगा यदि तुम

अपनी जीब्र पर नियंत्रण पा लोगे तो तुम

जीवन में कोई भी कार्य कर सकते हो मेरे

बच्चे मैं चाहती हूं कि मेरे द्वारा दी गई

बुद्धि का तुम अच्छे कार्यों में प्रयोग

करो और अपने सुंदर शरीर स्वस्थ मस्तिष्क

का उपयोग करके उन्हें ऊर्जावान कार्य में

लगाओ इससे तुम्हारी बुद्धि का और भी विकास

होगा तुम बस अपने कार्य पर अपना पूरा

ध्यान लगाओ यह मत सोचो कि उसका परिणाम

क्या होगा क्योंकि फल देना ईश्वर के हाथ

में है मनुष्य का काम अपने कर्म करना है

क्योंकि काम और कर्म ही तुम्हारे जीवन में

खुशियां लेकर आएंगी मनुष्य जीवन पाने वाला

व्यक्ति सदैव ही जीवन में अधिक पाने की

लालसा रखता है परंतु वह यह भूल जाता है कि

वह जिस प्रकार के कार्य करेगा उसी प्रकार

के फल उसे प्राप्त होंगे इसलिए तुम्हें

अपने कार्य और कर्म पर विशेष ध्यान देना

चाहिए और अगर तुम इसी चिंता में डूबे रहे

कि तुम्हारे कार्य का परिणाम अच्छा होगा

या बुरा तो तुम अपने जीवन में कभी भी सफल

नहीं हो सकते कार्यों का परिणाम तो तुम पर

ही निर्भर करता

है यदि तुम अच्छा कार्य करोगे तो निसंदेह

तुम्हें अच्छे फल ही प्राप्त होंगे और यदि

बुरा कार्य करोगे तो बुरे फल ही प्राप्त

होंगे जब तुम सफलता को अपने सामने देखोगे

तो तुम्हारा अंतरमन खुशी से भर जाएगा

क्योंकि उस समय वह खुशी होगी जिसके लिए

तुमने अपने संपूर्ण जीवन को लगा दिया और

जब तुम्हें वह फल अपने आंखों के समीप

दिखेगा तो वह खुशी संसार की सर्वोत्तम

खुशी होगी उस खुशी से तुम्हें आगे कार्य

करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और

तुम्हारा मनोबल और भी अधिक प्रबल हो जाएगा

कि तुम हर उस कार्य को करने में सक्षम हो

जिस कार्य से तुम्हारा भविष्य उज्जवल और

[संगीत]

कल्याणमयी बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होती

चली जाएंगी यह मेरा वचन है कि तुम अपनी

माता पर विश्वास करके यदि कार्य करते

रहोगे तो तुम्हारे जीवन की सभी समस्याएं

अपने आप ही खत्म होने लगेंगी

चाहे कैसी भी परिस्थिति क्यों ना हो अपने

मन को अटल और शांत रखो क्योंकि धीमी गति

से बढ़ता हुआ कछुआ भी एक ना एक दिन अपने

लक्ष्य तक पहुंच जाता है इसलिए जीवन में

तेज गति से चलने वाली कोई भी चीज सदा विजय

नहीं प्राप्त करवाती कभी-कभी हमें जीवन

में ठहराव के साथ चलना पड़ता है क्योंकि

वह विजय जीवन के अंत तक तुम्हें सुख और

शांति का दा देती है मेरे बच्चों तुम में

से तो उस मेरे बच्चों तुम में तो उस कछुए

से ज्यादा शक्ति और सामर्थ्य है तो तुम तो

अपने कार्य को निडर होकर करो इस बात की

चिंता मत करो कि तुम्हारे द्वारा किया गया

कार्य सफल होगा भी या नहीं जब स्वयं मैं

तुम्हारे साथ हूं तो तुम्हारा हर कार्य

सफल अवश्य होगा जो व्यक्ति कर्म करते हैं

भगवान उनका साथ हमेशा देते हैं मैं जानती

हूं मेरे बच्चे जीवन में कठिनाइयां बहुत

हैं लेकिन उन कठिनाइयों को पार करके उनका

सामना करने वाले ही जीत हासिल करते हैं

मेरे बच्चे जीत हर कोई हासिल करना चाहता

है लेकिन झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए

क्योंकि झूठ एक ना एक दिन पकड़ा जाता है

जिसका नतीजा बहुत बुरा होता है यदि तुम

सच्चाई की राह पर चलकर जीत हा हासिल करोगे

तो वह जीत इतनी शानदार होगी कि तुम्हारा

पूरा जीवन उस जीत को सदैव स्मृ रखेगा

इसलिए मेरे बच्चों सच्चाई के रास्ते पर

चलो सच्चाई के रास्ते पर चलना मुश्किल

जरूर है लेकिन असंभव नहीं है अब मेरे

बच्चों मुझे जाना होगा और तुम्हें यह कहना

चाहती हूं कि डर के आगे जीत है बस तुम

बिना डर के आगे बढ़ते जाओ जो मेरी शरण में

आ है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं मेरा

आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है तुम हमेशा

स्वस्थ और खुश रहो मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना

Leave a Comment