मां दुर्गा जी 🕉️ आप बड़ी मुश्किल में फंसने वाले हो मां दुर्गा जी आपसे इसे अभी देखने का

अब और नहीं मेरे बच्चे जितना तुम सहन कर

सकते थे उतना तुमने सहन किया लेकिन अब

बहुत हुआ कठिनाइयां झेलते हुए तुमने यह जो

कर्म किया हैं तुम्हारी इन कर्मों ने मुझे

प्रश्न कर दिया है और तुमने मुझे अपनी और

आकर्षित किया है अपने आप को परिश्रम से और

विश्वास से तुम यहां तक पहुंचे हो तुम सब

बच्चों से अलग हो मेरे बच्चे क्योंकि

तुमने औरों की तरह रन में अपना समय और

किस्मत को खराब नहीं किया बल्कि तुमने

भाग्य को मेरी सहायता से और स्वयं के

कर्मों से बदलने की कोशिश की है और तुम

निश्चित ही अपने कर्मों के द्वारा अपने

किस्मत को बादल पे हो तुमने मुझे विवश कर

दिया है की मैं तुम्हारे भाग्य को सौभाग्य

में परिवर्तित करूं मेरे बच्चे जो लोग हर

बनकर बैठ जाते हैं और अपने जीवन में निरसा

होकर गलत रास्ते को चुन लेते हैं चोरी

चकरी करते हैं और किसी के पराई धन पर गलत

निगाहें डालते हैं अपने कर्मों को सही

नहीं करते और वहीं किसी धन को अर्जित करने

की कोशिश करने वाले व्यक्ति असहाय

व्यक्तियों को परेशान करते हैं और अन्य

गलत कार्य करते हैं उन सभी बच्चों को

तुमने गलत साबित कर दिया तुमने साबित कर

दिया है की भाग्य को बदला भी जा सकता है

बस कर्म करने की कमी होती है मेरे बच्चे

तुमने बता दिया दुनिया के हर व्यक्ति को

की यदि जीवन में कुछ थान लो तो हर चीज

संभव है इसके साथ ही तुम नियमों को कभी

नहीं तोड़ते मैंने बहुत बार देखा है की

तुम प्रतिदिन मुझे पूजा करते हो कई बार तो

ऐसा हुआ

यह बहुत साड़ी बारिश होते हुए मुस्ताक

नहीं लेकिन तुमने ना बारिश को देखा है की

जो बस तुम्हें मां में एक ही धरना हुई की

मुझे पूजा करने जाना है और तुम आए मुझे

तुम्हारी ऐसी ही बातें तुम्हारी और

आकर्षित करती हैं मुझे बाध्य करती है मेरे

बच्चे दो ही चीज ऐसी हैं जो इंसान तो क्या

मुझे भी अपनी और आकर्षित करती हैं पहले

तुम्हारा प्रेम और दूसरा तुम्हारे विश्वास

पर जो की पुरी सृष्टि को झुकना की ताकत

रखती है विश्वास ही वह चीज है जो तुम्हें

जीवन में सब कुछ प्राप्त करने की ताकत

रखती है जो विश्वास और सब का मां रखते हैं

वैसे ही तुम्हारी यह कर्म है जो मुझे

मजबूर कर देती है की मैं तुम्हें ऊंचाइयों

पर लेकर जाऊं इसलिए मेरे बच्चे मैंने यह

निर्णय लिया है

और यह मैं तुमसे वादा करती हूं की अब बस

बहुत हो चुका तुमने अपने जीवन में बहुत

सहन कर लिया तुम्हारे कांटों से भरे जीवन

का मार्ग

फूलों से भारत होगा तुम्हारे जीवन में

जितनी भी उलझन थी वह भी मैं समाप्त कर

दूंगी आने वाले पाल तुम्हारे खुशियों से

भरे भरे होंगे तुम्हारे जीवन में गम का

तिनका भी नहीं होगा और खुशियों की बाहर

तुम पर बारिश करेगी अब हर इच्छा तुम्हारी

पूर्ण होने के लिए तैयार है तुम बस एक

कार्य को करना प्रारंभ करो मेरे बच्चे कल

से भोलेनाथ को तुम जल्पित करो और शाम के

वक्त तुम उनके सामने दीपक दिखाओ और उनके

नियमों को निभाओ और आने वाले दोनों में

गलत चीजों का सेवन मत करना और उनको प्रश्न

करने के लिए तुम्हें उन्हें प्रतिदिन भांग

चढ़ाना मेरे बहुत अच्छे भोलेनाथ तुम्हारी

भावना के भूखे हैं इतना करते ही मैं तुमसे

अत्यधिक प्रश्न होंगे मेरे बच्चे तुम्हारी

सबसे बड़ी शक्ति तुम्हारा वह ही बनेंगे

तुम्हारी गति को और बड़ा देंगे तुम्हारा

वेट लगातार बढ़ता ही जाएगा तुम्हारे मां

की आकर्षण शक्ति को अत्यधिक भंसाली करेंगे

तुमको हर कार्य को करने की उमंग भर देंगे

मेरे बच्चे तुम्हारे हृदय में कुछ भी कर

गुजरते की शक्ति प्रधान करने वाले हैं

क्योंकि प्रेम वह शक्ति है जब तुम किसी को

सच्चा प्रेम करते हो तब तुम उनकी खुशियों

का ज्यादा ख्याल रखते हो तुम चाहते हो की

तुम्हारी वजह

तुम उसे देना चाहते हो और तुम अपने प्रेम

से बहुत खुश होते हो तुम्हारी खुशियां इस

से चलती है तुम गलती नहीं करते हो और जब

तुम अत्यधिक खुश होते हो तुम्हारे हर

कार्य में मां लगाकर पुरी शक्ति से कार्य

को और शक्ति से किया गए कार्य शीघ्र ही

सफलता प्राप्त होती है क्योंकि यही प्रेम

की शक्ति है इस शक्ति से तुम किसी भी

मंजिल को प्राप्त करने की शक्ति प्राप्त

होती है मां में उमंग उठाती है यह प्रेम

की शक्ति तुम्हें मुझे और भोलेनाथ से

प्राप्त होती है और तुम्हारी माता पिता से

प्राप्त होती है और तुम्हारे जितने भी

अपने हैं उन सब से प्राप्त होती है

क्योंकि प्रेम एक डोरी है जो तुम्हें बंद

कर रखती है और नफरत वह कैंची है जो सब कुछ

काटकर अलग-अलग कर देती है

मेरे बच्चे तुम सबसे और मुझे बहुत प्रेम

करो मेरे बच्चे तुम्हारे अंदर जो भी प्रेम

और सोहर की भावना है तुम्हें उसका

इस्तेमाल सबसे पहले स्वयं की देखभाल करने

में करना चाहिए तुम्हें स्वयं से पूर्ण

बने का प्रयास करना चाहिए

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