मां दुर्गा 🕉️ अब से जो सोचोगे वह तुम्हें प्राप्त होगा

मेरे बच्चे अब से तुम जो सोचोगे वह होगा
जैसा तुम चाहोगे वैसा वैसा होने लगेगा
तुम्हारी उम्मीद से बढ़कर अब तुम्हें
मिलेगा बस बहुत कर लिया तुमने अपने आप को
खा ली अब तुम्हारे दुखी होने के दिन गए
क्योंकि अब से तुम्हें बस मुस्कुराना ही
है

और अभी तुम जब इस संदेश को पढ़ रहे हो तो
तुम्हारे चेहरे पर एक सुंदर सी मुस्कान तो
होनी ही चाहिए क्योंकि यह मुस्कान ही
तुम्हारी पहचान है और तुम्हारी खूबसूरती
भी तो क्या तुम अब तैयार हो अपनी काया को
पलटने के लिए

मेरे बच्चे यदि तुम अपनी इच्छा के बारे
में पूरे दिन सोचते रहते हो और ऐसा
तुम्हारे मैन में ख्याल आता है की जितनी
ज्यादा बार अपनी इच्छा के बारे में सोच
लूंगा उतनी ही जल्दी मुझे मेरी चीज मिल
जाएगी या तुम ऐसा सोचते हो

यदि पूरे दिन मेरे दिमाग में मेरी इच्छा
ही घूमती रहेगी तो मैं इसे कैसे हासिल
पाऊंगा यदि यही सवाल तुम्हारे अंदर भी
बार-बार ए रहा है तो आज तुम्हें कुछ ऐसा
मालूम होगा जो पहले कभी भी देखा ना होगा
और सुना ना होगा

और ऐसा करने से ही तो अपनी इच्छा को बहुत
जल्दी आकर्षित करेंगे जो कम आपके इतने दिन
पहले पुरी नहीं हुई वह पूरे होने वाले हैं
सबसे पहले तुम्हें इसे समझना पड़ेगा
तुम्हें अपनी ऊर्जा को संतुलन में करके
अपनी चीजों को आकर्षित करना है

इससे एक उदाहरण से समझो जैसे की तुम्हारे
₹500 है और ₹100 पूरे के पूरे किसी और
इंसान को दे देते हो किसी और चीज में अपनी
पुरी ऊर्जा दे देते हो तो तुम्हारे पास
क्या बजेगा तुम पुरी तरह खाली हो जाओगे

तो मैं अपनी ऊर्जा के साथ उसे चीज की
ऊर्जा को भी एक करके अपनी इच्छा को
आकर्षित करना है जब तुम पूरे दिन किसी और
इंसान के बारे में सोचते हो या किसी और
चीजों के बारे में बस सोचते ही जाते हो

यह अपनी इच्छा के बारे में पूरे समय सोचते
रहते हो तब तुम कैसा महसूस करते हो तब तुम
खुद भी नहीं जानते और तब तुम पुरी तरह
खाली हो जाते हो एक खाली इंसान की तरह
अपनी इच्छा के बारे में पूरे दिन विचार
करते रहते हो

यदि तुम इन चीज के बारे में बार-बार सोच
रहे हो तो तुम्हें सबसे पहले एक बात को
गांठ बंद लेनी है और वहां बात हर चीजों पर
लागू होती है चाहे अपने रिश्ते को अच्छा
करना चाहते हो चाहे पैसा को आकर्षित करना
चाहते हो

चाहे कुछ खास आकर्षित करना चाहते हो या
अपनी नौकरी को आकर्षित करना चाहते हो तो
मैं सबसे पहले इस बात को समझना है की वह
चीज जिसे तुम चाहते हो तो तुम्हें समझना
है की वह चीज तुम्हें भारी है वह इंसान
जिसे तुम याद कर रहे हो

वह इंसान तुम्हें याद कर रहा है वह पैसा
का ऊर्जा जिसे तुम चाहते हो तो तुम्हें
महसूस करना की पैसा तुम्हारे पास ए रहा है
तुम्हें ऐसा महसूस करना है जो चीज तुम चाह
रहे हो वह चीज तुम्हें चाहती है जब इस तरह
से अपनी ऊर्जा उन चीजों में देने लग जा

तब तुम्हारी ऊर्जा पुरी तरह से दूसरी तरफ
परिवर्तन हो जाती है तुम्हारी
परिस्थितियों पुरी तरह से बदल जाती है
यहां पर आप 100% ऊर्जा अपने ऊपर दे रहे हो
मतलब बीच में कौन खड़ा है तुम खड़े हो अब
यहां से तुम्हारी जो पुरी ऊर्जा है

वह किसी और इंसान की पास नहीं जा रही है
वह ऊर्जा तुम्हारे पास ही आकर तुम्हारे
चीजों को भी लेकर ए रही है बस सही तरीके
से अपनी चीजों पर विचार करते हैं तब वह
विचार की शक्ति उसे शक्ति शादी विचार की
शक्ति तुम्हारी हर चीजों को तुम्हारी जीवन
में ले आती

जिसे तुम बार-बार याद करते हैं जिसके लिए
कभी कभी तरसते भी हैं तुम्हें समझना
पड़ेगा की कैसे अपनी चीजों के बारे में
विचार कर रही हैं

की जहां पर एक शक्तिशाली भावना होगी जहां
पर सही शब्द होंगे

और जहां पर सही भावना होगी तब वह चीज
तुम्हारे जीवन में बहुत ही जल्दी तरीके से
आकर्षित होगी तो मैं बस इस चीज को ही अपने
जीवन में लागू करना है अपनी इच्छा के ऊपर
से लागू करना है अपनी चीजों की ऊपर से
लागू करना है

जब इसे तुम सही तरीके से इस्तेमाल करना
सिख जाओगे तब हर चीज वह चीज जिसे तुम
आकर्षित करना चाहते हैं और उसे पूरा होने
में बहुत समय लग रहा है तब वह चीज भी
फटाफट से तुम्हारे जीवन में आने लग जाएंगे

अब तुम अकेले नहीं रहोगे आज मैं तुमसे कुछ
कहने आई हूं मेरे बच्चे जब भी ऐसा लगे की
अब सब कुछ खत्म हो गया है अब कोई भी
विकल्प मेरे लिए नहीं बचा है तो हमेशा एक
बात याद रखना है की यह वही पाल है जहां से
तुम्हारी जिंदगी एक नई मोड लेने वाली है
मेरे बच्चे सफलता केवल तीन शास्त्रों से
ही प्राप्त होते हैं

धर्म बुद्धि और साहस मेरे बच्चे सोचिए यदि
कोई पक्षी अपने पहले उड़ान भरने से पहले
यह सोच ले की मुझे नहीं और ना यदि मैं गिर
गया तो मुझे चोट लग गई तो यदि वह पक्षी
भाई के कारण प्रारंभ ही ना करें

प्रयास ना करें तो क्या कभी वह उड़ना सिख
पाएगा कदापि नहीं यही तुम्हें सीखना है
प्रारंभ करना अति आवश्यक है क्योंकि जब
तुम प्रारंभ करते

जीवन में आगे नहीं बढ़ पाओगे हो सकता है
प्रारंभ करने के पक्ष तुम गिर जाओ
बार-बार नीचे जीरो किंतु निरंतर प्रयास

करोगे तो एक एन एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी
मेरे बच्चे तुम्हें कुछ बहुत ही खास बताने
वाली तुम लगातार बहुत ज्यादा चल रहे हो
चलते-चलते ना जाने कितने दूर ए गए हो तुम
कभी कभी बहुत ज्यादा थक भी जाते हो

यह सोचकर की शायद रास्ता अभी और लंबा है
मंजिल अभी और दूरी पर है परंतु मैं जानती
हूं की तुम अच्छे इंसान हो जब भी तुम्हें
रोना आता है तो तुम खुद को सहारा देते हो
और जब तुम बहुत ज्यादा खुश होते हो तो तब
तुम अपने साथ अपनी खुशियां मानते हो

जब तुम थक जाते हो तब खुद को समझते हो और
जब तुम्हारा मैन दुखी हो जाता है तब खुद
को संतुलित करते हो यह तुम्हारे अंदर का
ईश्वर है हर मनुष्य के अंदर ईश्वर का वास
होता है चाहे मनुष्य अच्छा कर्म करें चाहे

वहां बुरा कर्म करें
उसकी अंदर की आत्मा ईश्वर से कहीं ना कहीं
संपर्क में होती है मेरे बच्चे तुम्हारे
अंदर भी ईश्वर है और तुम खुद को अपना ही
मित्र बना बैठे हो और यहां एक बहुत बड़ा

संकेत है एक बहुत बड़ी पहचान है की
तुम्हारे अपने जीवन में अपार सफलता मिलेगी
[संगीत]
मेरे बच्चे तुम इतने आगे जाओगे की तुम
स्वर नहीं समझ पाओगे की चलते-चलते मैं
अपने जीवन में कहां से कहां पहुंच गया हूं
मैं कहां था और कहां ए गया हूं आज मैं
कितना खुश और सुखी हूं तुम समझो एक की जब
मेरा जन्म हुआ था तो मेरे दोनों हाथ खाली

परंतु जब मैं यहां संसार से जाने लगूंगा
तब मेरे पास इतना सारा रहेगा की लोग हैरान
हो जाएंगे और सभी कहेंगे की आपने इतना
सारा धन अर्जित कैसे किया इसलिए मैं
तुम्हें कुछ कहना चाहती हूं इस पूरे संसार
का नियम यही है

यह सृष्टि तुम्हें कमाने के लिए मिली है
तुम्हें अच्छे कर्म करना है अच्छे फल
कामना है तुम्हें इतना कामना है की धन से
बस से अच्छे गुना से पूरा हो जाओ तुम्हें
आगे बढ़ाना है बहुत आगे बढ़ाना है क्योंकि
मेरी पुरी शक्ति तुम्हारे साथ है मेरे
बच्चे जो होगा सब तुम्हारे हिट में ही
होगा

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