मां दुर्गा 🕉️ आज उसे समाप्त होना होगा अब उसे मुझसे कोई नहीं बचा सकता

मेरे बच्चे जब भी तुम अपने भाग्य को कॉस्ट

हो जब भी स्वयं को समर्थ

और दूसरों की अपेक्षा कहानी निर्भर वह

बुद्धिहीन समझते हो तब तब अपने सर पर

कठिनाइयां का बोझलाद देते हो और असफलताओं

को भी अपनी और खींचते हो क्योंकि

तुम्हरिहीन भावनाओं से उन तत्वों को बाल

मिलता है जो तुम्हारी सुख शांति को नष्ट

करते हैं मेरे बच्चे तुम्हें उत्साह को

समाप्त करने वाले ही विचार तुम्हारे आसपास

वायुमंडल को दुष्ट विचारों से भर देते हैं

और वातावरण में उन विचारों की तरंगे फैलती

हैं और वह दुष्ट हो जाते हैं तब तुम्हारे

मां में

जमा लेते हैं मेरे बच्चे जैसा मनुष्य का

विचार होगा वैसा ही विचार अपनी और आकर्षित

करेगा अपने समाज गुना को ही कोई पद

आकर्षित करता है तो वह सफलता और आनंद को

चुंबक की भांति अपने और खींच लेंगे जैसे

वह लोहे को खींच लेट है जीवन रूपी भवन का

पहले मां में चित्र ही तो बंता है जैसा

तुम चित्र बनाते हो वैसा ही जीवन हो जाता

है भवन निर्माण से पूर्व इंजीनियर भी

प्रथम उसका नक्शा तैयार करते हैं तुम्हारे

भाभी जीवन का आधार तुम्हारे विचार और मां

के भाव है मेरे बच्चे तुम कोई व्यापार कर

रहे हो और मां घाटे की बातें सोचता हो तो

तुम्हारे मां में यह बातें हैं की पता

नहीं कोई फायदा होगा भी या नहीं मंदिर चल

रही है कहानी पूंजी डब ना जाए विचार यदि

आनंदित करने वाले हैं उत्साहपूर्ण ऐसी

सुविचार

जीवन में जब यह निराशय हैं तो हाथ भी यह

निराशय ही लगेंगे परिश्रम व्यर्थ जान के

भाई से जो ग्रस्त रहते हैं उनका परिश्रम

व्यर्थ जाता है निराशा के शिवा उनके हाथ

और कुछ अलग ही नहीं सकता क्योंकि इस भाई

से की परिश्रम बेकार ना चली जाए तब

तुम्हारी शक्ति नष्ट होती है और

शक्तिहीनता सफलता में बाधक है मेरे बच्चे

निरसा मत होना और यह भी आशा मत रखना की

कुछ और बनेंगे विश्वास करो की धनवान बन्ना

चाहते हो तो धनवान ही बनेंगे जिसकी पुरी

आशा तुम्हें है मेरे बच्चे यह मत सोचो की

मैं लाचारी हूं गरीब हूं कुछ नहीं कर सकता

मेरे बच्चे तुम क्या नहीं कर सकते हो मेरे

बच्चे तुम सब कुछ कर सकते हो

की तुम्हारी आशाएं बलवान हनी चाहिए

तुम्हें स्वयं पर विश्वास के साथ सफलता की

आशाएं भी हनी चाहिए मेरे बच्चे जब तुम

रोटी हो या स्वयं को लाचारी समझते हो यह

कहते रहते हो की हम तो निर्धन है कुछ नहीं

कर सकते तो इसका प्रभाव यह होगा की धन

कमाने की तुमने जो शक्ति है वह घाट जाएगी

और तुम शक्तिहीन हो जाओगे और शक्तिहीनता

आई कहां से यह तुम ही ने तो पैदा की है

क्योंकि पूर्व दिशा में चलते चलते

तुम्हारे पाओ तो पश्चिम की और उठ रहे हैं

तो तुम उल्टे चल रहे हो तुम जिधर जाना

चाहते हो पाओ भी इस और बढ़ाओ और वहीं

पहुंच जान की आशा रखो जी व्यक्ति को अपनी

योग्यताओं पर संदेह होता है उसे अपनी

शक्ति पर भी संदेश ही राहत है और संदेश

शक्ति को घटना ही राहत है इस प्रकार

सफलता की संभावनाएं बढ़नी चली जाति हैं

सफलता केवल उन्हें लोगों को मिलती है जो

अपने मां में सफलता के धड़ विश्वास को

जमाए रखते हैं मनुष्य की प्रत्येक दशा

उसके अपने विचारों का परिणाम

अपने विचारों के अनुकूल ही प्राप्त करते

हैं जैसे विचार वैसे ही वह मनुष्य और उसकी

स्थिति इसलिए मेरे बच्चे तुम्हें अपने

विचार पर विशेष रूप से ध्यान देने की

आवश्यकता है मैं तो तुम्हें हमेशा ही सफल

व्यक्ति देखना चाहती हूं परंतु तुम ही

अपने विचारों के करण असफल हो जाते हो मेरा

विश्वास करो मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे

साथ है मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना

Leave a Comment