मां दुर्गा 🕉️ तुम्हारे जीवन में बहुत बड़ा घटित होने वाला है

मेरे बच्चे तुम्हारी पुकार मुझमें तक
पहुंच चुकी है अब तुम यही सोच रहे हो ना
की यदि तुम्हारी पुकार मुझमें तक पहुंच गई
है तो मैं चुप क्यों हूं तुम्हारी पुकार

को सुनने के बाद मैं तुम्हारी समस्या को
समाप्त क्यों नहीं कर रही सुनने के बाद
में तुम्हारी समस्या को सवाल बार-बार उठ
रहा है और तुम्हारा मां विचलित हो रहा है
शीघ्र ही उत्तर जन के लिए

शीघ्र है जन के लिए की मैं तुम्हारी
समस्याओं की पुकार सुनने के पश्चात शीघ्र
समाप्त क्यों नहीं कर रही परंतु मेरे
बच्चे तुम इन बटन से अभी तक अनजान हो की
यदि मैं चुप हूं तो इसका अर्थ यह नहीं की

मैं कुछ कर नहीं रही या कुछ बड़ा सोच नहीं
रही बल्कि मैंने तुम्हारे लिए बहुत कुछ
सोच रखा है और बहुत ही अलग सोच रखा है
इसके लिए ही मैं तुम्हें तैयार कर रही हूं
तुम्हारी परीक्षाओं के उपरांत ही मैं

तुम्हें उसे मंजिल पर अवश्य ही पहुंच
दूंगी जी मंजिल पर तुम पहुंचाना चाहते हो
परंतु उसके लिए तुम्हें पूर्ण रूप से
तैयार होना होगा तुम्हें अपने अंदर इतनी
शक्ति विद्यमान करनी होगी की मैं जब

तुम्हारे जीवन में चमत्कार करूं तो तुम
उसे देखने के लिए फौरन तैयार रहो तुम्हारी
परीक्षाओं के पीछे तुम्हारा सुनहरा भविष्य
जो मैं अब तुम्हें दे रही हूं तुम्हारे

आसपास के किसी भी व्यक्ति को तुम्हारे करण
कष्ट एन हो तो तुम स्वयं को भाग्यशाली
समझना तुम्हारे अच्छे दोनों की शुरुआत हो
चुकी है परंतु इसके साथ-साथ मेरे बच्चे यह
याद रखना है मैं तुम्हारे साथ हूं

तुम्हारे सामने ना सही परंतु तुम्हारे
आसपास हूं बस तुम उसे रूप को अपने सच्चे
मां की शक्ति से मुझे देख नहीं का रहे हो
क्योंकि मुझे देखने के लिए या मेरा दर्शन
प्राप्त करने के लिए एक सच्चे मां और

सच्चे हृदय की आवश्यकता होती है जो की
तुम्हारे पास है बस तुम उसे सही समय पर
सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर का रहे हो
अपने मां को जागृत करो मेरे बच्चे मैं
जानती हूं की अभी तुम परेशानी में हो जी

हो पर एक ऐसा समय आएगा की तुम शक्ति को
पहचान लोग क्योंकि मैं तुम्हारा
मार्गदर्शन करूंगी मेरा मार्गदर्शन ही
तुम्हारी परीक्षा होगा अगर तुम इसमें सफल
हो जाते हो तुम्हारी इच्छा पूर्ण हो जाएगी
उसके पश्चात तुम्हें अपनी मां से कोई

शिकायत नहीं रहेगी तो अब तुम तैयार होना
यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ
जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि
तुम्हारे मां में उठाता हर समय यह प्रश्न
है की मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी
मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा

मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल
जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे
करण होता है करण अच्छा हो या बड़ा लेकिन
होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल
तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह करण
दिखाई देता है

ना ही तुम जानते हो की आगे तुम्हारे जीवन
में क्या होने वाला है तुम केवल यह देख
सकते हो वर्तमान में चल रही बटन को
जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उसे
समय के बड़े में तुम्हें ज्ञात होता है
लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना
बहुत जरूरी है

क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है
वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को अपने
के लिए और ना ही मां में इन प्रश्नों को
बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है की
उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है
मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है

की अभी तो मैं ऐसा सोच रहे हो की तुम्हारी
उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो
आज से पहले के समय को देखो और आज के समय
को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें
खुद ही ज्ञात हो जाएगा की तुम पहले से
कितना उन्नति कर चुके हो
बस फर्क इतना है की तुम आज जो चाहते हो
उसे चीज आज के समय में तुम्हें प्राप्त
नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी
बड़ी चीजों की आस कर लेते हो जो तुम्हारे
लिए बनी ही नहीं क्योंकि जी प्रकार एक हाथ
में पांच उंगलियां होने के बाद भी

कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी
होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी
प्रकार यह जरूरी नहीं की तुम जो सोच रहे
हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी है की
तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम

परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले
और तुम्हारी उन्नति हो
तुम जी समय में हो उसे समय से अच्छे समय
में आते चले जो कभी-कभी बड़ी उम्मीद भी
पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से वंचित
र जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती करते
हो सुनो मेरी बात को ध्यानपूर्वक आज जो
परिश्रम कर रहे हो

ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को
कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का
हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़
देना चाहिए की तुम्हारे जीवन में कब कहां
कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात

पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए की जो होगा वह
अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा होना
महत्व रखना है और इसके साथ ही यह भी करण
है तुम्हारी सोची हुई मंजिल पर शायद
तुम्हारी परिश्रम पुरी नहीं हो रही है
किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को पूर्ण
करने के लिए जी पर कार्य करना

जब तुम प्रारंभ करते हो तो उसे पर इतना
परिश्रम करो की तुम्हें ऐसा आभास होने लगे
इससे ज्यादा मैं और परिश्रम नहीं कर सकता
क्योंकि जब तक लोहा इतना गम ना हो की वह
पिघलने ना लगे तब तुम उसे लोहे को कोई भी
आकर नहीं दे सकते हो
इसलिए पहले जी प्रकार लोहे को इतना ही गम
किया जाता है की पिघलने लगे इस प्रकार खुद
को कर्म की अग्नि में इतना पिघलाओ की जैसा
चाहे वैसे सांचे में डालकर दल सको अर्थात
तुम्हारी किस्मत परिवर्तित हो जाए

मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुना तुम्हारे
हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि
किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों
की कमी तुम्हें उसे मंजिल से दूर ही रखती
है ना तो मुझे कुछ पूछने की जरूर है और ना
ही तुम्हें अपने मां को निरसा करने की
मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या

नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब
तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझे कुछ
पूछना चाहे तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई
आवाज ही मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत
कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे
बच्चे अब तुम्हारी सभी समस्या

मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए मिली है
क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किया हैं जो
पीछे की गई गलतियां से तुमने जो अपने खराब
समय को अपनी और आकर्षित कर लिया था खराब
समय को परिवर्तन किया था इस प्रकार तुमने
कुछ ऐसे कार्य किया हैं

जिनके करण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से
प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने
कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित
किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी खास बात
बताने वाली हूं जिसे सुना तुम्हारे लिए
अत्यंत आवश्यक

है की हर इंसान से गलती होती है इसमें कोई
संदेह नहीं की गुंजाइश ही नहीं है इंसान
कोई ना कोई जानकर गलती कर ही देता है
लेकिन किसी भी व्यक्ति को इस बात को कदापि
नहीं भूलना चाहिए की यदि कोई भी इंसान जान
बुझ कर सिर्फ उसका भागीदारी होता है
अनजाने में की गई गलतियां को मैं माफ कर
देती हूं उनकी उन गलतियां को दंड में नहीं
देती

इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी
जीवन में करते रहने
[संगीत]
[संगीत]
का सामना नहीं करना पड़ता और उन्हें
कार्यों में से कुछ कार्य
[संगीत]
[संगीत]
यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त करना
चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना
आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी शक्ति
आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मां पर
लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद करना
सीखो कुछ ऐसे कम करो
जिनको करने के काफी समय पश्चात तुम्हारे
हृदय और तुम्हारे मां को खुशी हो क्योंकि
तुम इस बात को स्प्रेड रखना
किसी भी कार्य को करते समय भले ही तुम्हें
खुशी ना हो लेकिन कम को करने के पश्चात जी
कार्य के करने से हृदय और मां को खुशी हो
[संगीत]
वही अच्छा कम होता है
तुम गलत कम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को
जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही
तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक
जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं
की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने
कर्मों पर ध्यान देना जरूरी है
उससे भी ज्यादा जरूरी है
[संगीत]
जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे
उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी और आकर्षित
करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो
प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही
तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है
इस बात को समझना होगा
की तकदीर कुछ नहीं
जब तुम स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ में
रखो और जी तरह से जीवन को चाहे उसे तरह से
तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बागडोर
तकदीर के हाथों में थम कर बैठे रहोगे तो
आगे आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी
प्राप्त नहीं होगा
यदि तुम अपनी बागडोर अपने हाथों में रखोगे
तो स्वयं जी चीज का निर्माण करना चाहे उसे
चीज का निर्माण कर सकते हो तुम्हें अपने
आप ही सोते ही प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे
अंदर ही वह शक्ति है अपने आप को पहचानो
मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे
साथ है तुम्हारा कल्याण हो
[संगीत]
मेरे बच्चे कैसे हो तुम तुम सदैव मेरी
दृष्टि में रहते हो मैं कालरात्रि आज तो
मैं एक बार फिर दर्शन देने आई हूं तुम दिन
रात अपने भविष्य की चिंता करते रहते हो
परंतु इस बार मैं तुम्हें एक खास वजह से
दर्शन देने आई हूं मेरे आज के इस संदेश को
तुम ध्यान पूर्वक सुना इसमें मैं तुम्हें
जीवन में सफलता कैसे पी जाए बताने जा रही
हूं मैं इस सृष्टि बुराई का अंत करती हूं
जो मनुष्य इस संसार में जन्म लेट है जो
मनुष्य इस संसार में जन्म लेट है उसके साथ
ग्रह नक्षत्र
परंतु जो भी मनुष्य धरती पर आता है वह इन
चीजों को समझ नहीं पता इसलिए जीवन में
परेशानी दुख और कठिनाइयां का अनुभव करता
है मेरे बच्चे इस संसार में मुझे तुम सबसे
कम पूछते हो ऐसा क्यों करते हो मेरे बच्चे
क्या तुम्हारे जीवन में मेरा कोई महत्व
नहीं है
परंतु मैं तुम्हारी मां हूं इसलिए इस समय
मैं केवल तुम्हारे लिए आई हूं इसलिए मैं
केवल तुम्हारे उज्जवल भविष्य के लिए बात
करूंगी
सर्वप्रथम जब भी तुम्हें निराशा और दुखी
होने का अनुभव हो तो उसे समय अपने मां को
शांत करके मेरा ध्यान करना मैं सभी देवों
देवी में सबसे पहले प्रश्न हो जाति हूं
क्योंकि मेरे भक्तों द्वारा की गई भक्ति
से मैं तुरंत ही खींची चली आई हूं जब तुम
मुझे जब तुम मुझे अपने मां के भीतर याद
करोगे तो मैं तुम्हें
दर्शन अवश्य दूंगी इसलिए मेरे बच्चे जब भी
तुम्हें कठिनाई और निराशा का अनुभव हो तो
घबराना मत बस यह सोचना की तुम्हारी मां
तुम्हारे साथ है और बाकी सब कुछ मुझमें पर
छोड़ देना मैं तुम्हारे साथ कुछ भी बड़ा
नहीं होने दूंगी जो स्थिति इस समय
तुम्हारी है उसमें तुम यही सोच रहे हो की
मेरे साथ बहुत बड़ा हो रहा है मैं गलत
मार्ग पर चल रहा हूं जिसमें आगे चलकर कोई
भविष्य नहीं है परंतु मेरे बच्चे तुम जो
इस समय सोच रहे हो वह बिल्कुल गलत सोच रहे
हो
ऐसा मत सोचो जी मार्ग पर तुम चल रहे हो इस
पर चलते रहो बिना संकोच के क्योंकि जो तुम
एन यह चुन्नी है वह बिल्कुल सही चुन्नी है
मेरे होते हुए तुम क्यों इतना बार-बार सोच
रहे हो क्यों तुम अपने मां में बार-बार
सकालते हो क्यों तुम बार-बार अपने मां में
गलत विचार लेट हो क्या मैं तुम्हारे साथ
नहीं हूं मेरे बच्चे जब तुमने मेरी इतनी
पूजा भक्ति की है तो फिर तो मैं मेरे ऊपर
पूर्ण विश्वास क्यों नहीं
जब की तुम भाले प्रकार से जानते हो मैंने
सदा तुम्हारा साथ दिया है उसे पाल भी जी
पाल तुम गलत थे परंतु मेरे बच्चे आज तुम
मुझे अपना विश्वास उठा रहे हो यदि तुम
अपनी मां पर विश्वास नहीं करोगे तो
तुम्हारे जीवन में ए रही कठिनाइयां को तुम
कैसे दूर करोगे मैं तो सदा ही तुम्हारे
हिट के लिए तत्पर राहत हूं की मेरे बच्चे
को कोई भी कष्ट हो मैं तुमको बार-बार हर
बार मार्ग दिखाई रहती हूं मेरे दिखाएं हुए
मार्ग पर तुम जब भी चले हो तुम्हारे जीवन
में हमेशा खुशियां ही आई हैं तो फिर आज
ऐसा क्या हो गया की तुम्हें अपनी मां पर
विश्वास नहीं रहा क्यों तुमने अपने मां की
भक्ति करना कम कर दिया मेरे बच्चे तुम
मेरी बात नहीं समझ का रहे हो तुम जी भी
प्रकार की दिक्कत में हो मुझे अपने मां
में स्मरण करके बताओ तभी मैं तुम्हारी
सहायता करूंगी यदि तुम मेरा ध्यान और
स्मरण करते हो तो मैं तुम्हें वचन देती
हूं मैं तुम्हारी साड़ी परेशानियां खत्म
कर दूंगी परंतु सबसे पहले उसके लिए
तुम्हें मेरे ऊपर अपना पूर्व विश्वास
बनाना होगा बिना विश्वास के कोई भी कार्य
करना कठिन होता है तुम्हारे द्वारा किया
गए विश्वास से मुझे शक्ति मिलती है
क्योंकि मेरे भक्तों से ही मेरी शक्ति है
मुझे मेरे भक्ति अति प्रिया है मैं उनके
लिए वह सब कुछ करती हूं जो वह चाहते हैं
इसलिए मेरे बच्चे सर्वप्रथम विश्वास जगन
बहुत जरूरी है क्योंकि इस संसार में
विश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं
विश्वास से भारी होती है तो वह अपने से 10
गुना वजन को उठाकर चल शक्ति है इसलिए
तुम्हारा भी मुझमें पर यह विश्वास होना
चाहिए की चाय कितनी
और परेशानियां तुम्हारे जीवन में ए जाए
परंतु तुम्हारी मां तुम्हें उन कठिनाइयां
और परेशानियां से लड़ने के लिए सो गुना
ज्यादा ताकत देगी यदि तुम्हारा मुझमें पर
विश्वास है तो तुम्हारे जीवन में जो भी
परेशानियां चल रही है वह अपने आप ही ठीक
होने लगेंगे लेकिन यह तब संभव है जब
तुम्हें मुझमें पर स्वयं विश्वास हो जाएगा
मेरे बच्चे सच्चे मां से की गई भक्ति
मुस्ताक पहुंचती है और बिना सच्चे मां भाव
से कोई भी आराधना पुरी नहीं हो शक्ति
इसलिए मैं सदैव अपने भक्तों को यही समझती
हूं की अपने मां के भाव को शुद्ध और सच्चा
रखो शुद्ध और सच्चे मां से की गई भक्ति
जल्दी ही मुस्ताक पहुंचती है और मैं उन
भक्तों को साक्षात दर्शन देती हूं इसलिए
तुम मेरे सच्चे मां से और खुश होकर मेरी
आराधना करो तुम्हारे सारे बिगड़े कम स्वयं
बन जाएंगे मेरे बच्चे मैं तुम्हें यही
साड़ी बातें बताने आई थी ताकि तुम अपने
जीवन में आगे बाढ़ सके अब तुम मेरी आराधना
पहले की तरह शुरू कर दो
तुम्हारी मां तुम्हें तुम्हारा मां चाहा व
अवश्य देंगे यदि तुम सच्चे मां से मुझे
स्मरण करोगे तो मैं तुम्हें जल्दी ही
दर्शन दे दूंगी क्योंकि मैं तुम्हें पहले
ही बता चुकी हूं की मुझे प्रश्न करना बेहद
आसन है बस तुम्हारी भाव सच्चे होने चाहिए
मैं अपने बच्चे को दुखी नहीं देख शक्ति
इसलिए मुझे आज तो मैं यह बात बताने आना
पड़ा मेरे बच्चे तुम सदा खुश रहना और सब
कुछ अपनी मां के ऊपर छोड़ दो मैं तुम्हारी
साड़ी घटनाओं और परेशानियां को कुछ दोनों
के अंदर ही अंत कर दूंगी

Leave a Comment