मां पार्वती ka Aisha Sandesh Tum Dono ka Asli Rahsya

मैं तुम्हारी मां पार्वती एक बहुत ही खास
मकसद से तुम्हारे करीब आई हूं क्योंकि तुम
अलग हुए उसका रहस्य जानकर तुम निश्चित ही
दंग रह जाओगे आश्चर्य चकित होकर तुम यह
सोचने पर विवश हो जाओगे कि क्या ऐसा भी हो
सकता है जैसा मैं तुम्हें बता रही हूं
लेकिन वह
सत्य है तुम्हारे अलग होने का वही कारण है
क्योंकि कुछ ऐसी बातें जो तुम्हारे इस
जन्म से लेकर उस जन्म तक के कार्यों पर
निर्भर करती हैं तुमने क्या किया है किस
जन्म में उसका फल तुम्हें अगले जन्म में
भी कई बार प्राप्त होता है मेरे बच्चे मैं
तुम्हें डराने नहीं आई लेकिन वह संपूर्ण
ज्ञान तुम्हें होना ही चाहिए अति आवश्यक
है कि तुम जानो उन बातों के बारे में
सुनने में वह बातें बहुत अजीब सी हैं
लेकिन वह सत्य है इंसान एक जन्म लेता है
और उसमें जो भी कर्म करता है उसका फल
अधूरा रह जाता है उसका शरीर नष्ट हो जाता
है क्योंकि शरीर नाशवान है इस लिए उसका जो
कर्म है उसका फल उसे उस जन्म में कई बार
प्राप्त नहीं हो पाता क्योंकि उसकी आयु के
हिसाब से उसका फल बहुत ज्यादा बड़ा होता
है अर्थात उसे बहुत कुछ प्राप्त होना
चाहिए लेकिन वह नहीं हो पाता और ऐसे में
दूसरा जन्म प्रारंभ हो जाता है इस दूसरे
जन्म में इंसान को वो फल प्राप्त होना
प्रारंभ हो जाता है जो उसने पिछले जन्म
में कर्म किया था अर्थात अब मैं तुम्हें
प्रत्यक्ष दिखाती हूं और बताती हूं याद
करो उन धनी व्यक्तियों के बारे में जिनके
घर में संतान पैदा होती है वह जन्म से ही
धनवान होती है उसको जन्म से ही सभी ऐशो
आराम मिलते हैं उसको कुछ करने की आवश्यकता
नहीं होती ना ही कुछ कमाने की आवश्यकता
होती है और ना ही उसे किसी चीज के लिए मन
मार के रहना पड़ता है उसके बोलने से पहले
ही उसकी इच्छा पूर्ण हो जाती है और वह
अपने माता-पिता के हाथों में खेलता है
उसका जीवन शुरू से लेकर अंत तक खुशहाल
बीतता है यदि वह कोई कार्य ना भी करें तो
भी कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उसने
पिछले जन्म में कर्म किया होता है उसका फल
उसे जन्म के प्रारंभ से ही मिलना शुरू हो
जाता है लेकिन यहां बात तुम्हारी और
तुम्हारे प्रेम से अलग होने की है तो अब
इस बात का भी विशेष ध्यान रखो कि पिछले
जन्म का कर्म जब इस जन्म में फल के रूप
में प्राप्त होता
तो पिछले जन्म की कोई भी ऐसी गलती तुम्हें
इस जन्म में भोगनी पड़ेगी अर्थात जो तुम
दोनों का साथ है और वह तुमसे अलग हुई उसका
अर्थ है कि पिछले जन्म
में तुमने उसे धोखा देकर उसे छोड़ दिया था
तुम उससे किसी भी कारणवश दूर हो गए थे तुम
उसे अधूरा छोड़कर आए थे जबकि वह तुमसे
बहुत प्रेम करती थी और उसी के फल स्वरूप
इस जन्म में वह तुम्हें छोड़कर चली गई यही
है कि तुमने पिछले जन्म में जो किया है
उसका फल तुम्हें भोगना होगा जितना तुमने
उसे तड़पाया है उतना तुम्हें भी तड़पना
होगा क्योंकि जन्म दर जन्म समाप्त होते
चले जाते हैं लेकिन कर्म संसार में यहीं
रह जाते हैं क्योंकि शरीर नाशवान है वह
नष्ट हो जाता है लेकिन कर्म जो करता है
इंसान वो इस संसार में कभी नहीं मरते व
जीवित रहते हैं पुनः उस व्यक्ति को फल
स्वरूप वही प्राप्त होता है जैसा वह करता
है अब सुनो ध्यान से अगर तुम्हारे जीवन
में भी ऐसा कुछ हुआ है तो तुम्हें ज्यादा
चिंतित हो होने की आवश्यकता नहीं अपने
दिमाग को शांत रखू और उस पल का इंतजार
करूं जब वह तुम्हारे जीवन में लौट कर आए
क्योंकि जो हो गया है वह तो तुम्हें कष्ट
पहुंचाएगा लेकिन आगे के जीवन में तुम्हें
अब जो भोगना है वो तुम्हें भोगना ही होगा
इसके साथ तुम एक बात को बहुत अच्छे से
ध्यान रखो कि आगे ऐसी कोई गलती मत करना
जिससे तुम्हें उस कर्म का फल अगले जन्म
में भोगना हो क्योंकि अब तुमने यह संदेश
सुन लिया है इस बात को जान लिया है और समझ
लिया है कि हर जन्म का कर्म अगले जन्म में
फल स्वरूप प्राप्त होता है या इसी जन्म
में उसका फल प्राप्त होता है तो कर्म करो
लेकिन सोच कर कर करूं जो कर रहे हो उसका
प्रभाव दूसरों पर क्या पड़ रहा है कहीं
तुम्हारे किसी ऐसे काम से किसी का नुकसान
तो नहीं हो रहा तुम जिस कार्य को अपनी
खुशी के लिए कर रहे हो कहीं वह किसी और को
बहुत ज्यादा कष्ट तो नहीं पहुंचा रहा
क्योंकि यदि तुम ऐसा कर रहे हो तो भले ही
तुम आज खुश हो उस कार्य को करके लेकिन
उसका फल जब तुम भोगना होगा तब तुम्हारे
हृदय को भी उतना कष्ट झेलना पड़ेगा इसलिए
अपने हर कदम को फूक फूक कर रखो हर बात को
सोच सोच कर करो वह कार्य कभी मत करो जो
तुम्हें खुद के लिए प्रिय ना हो उस कार्य
को दूसरों के साथ मत करो जो तुम्हारे साथ
यदि कोई दूसरा करे तो तुम्हें बर्दाश्त ना
हो हमेशा कार्यों को करते समय तोल मोल के
करो अब जो जीवन में हो गया है उसकी माफी
भोलेनाथ के मंदिर में जाओ और मांगो मांगो
उनसे अपने जीवन साथी को वापस उनके समक्ष
प्रार्थना करो और उनके मंत्रों का उच्चारण
करो वही है देवों के देव जो मेरे पति देव
हैं वो तुम्हें अवश्य माफ कर देंगे और जो
पिछले जन्म का हुआ है गुजर चुका है अर्थात
तुम्हारा जो पिछला जन्म है उसका कर्म जो
है उसकी माफी भी वही देंगे पुनः मिलवा
जाएंगे वह तुम्हें तुम्हारे प्रेम से
क्योंकि तुम्हारा जो कष्ट है वह देख नहीं
पाएंगे और उन्हीं के पास वह शक्ति भी है
जो तुम्हें तुम्हारे प्रेम से मिलवा एगी
जैसे जैसे तुम अपने कर्मों की माफी मांगना
प्रारंभ करोगे और अपना पश्चाताप करोगे
वैसे वैसे भोलेनाथ जी तुम्हारी सहायता
अवश्य करेंगे क्योंकि किसी भी गलती की
माफी मांगने पर वो तुम्हें माफ कर देते
हैं लेकिन तुम्हें भी यह बात ध्यान रखना
होगा कि जीवन में अर्थात इस संसार की इस
जो तुम्हें यह जन्म मिला है इसमें अपने
कर्मों को बहुत ज्यादा सुधारना है और उस
व्यक्ति का जिस व्यक्ति के साथ तुमने
पिछले जन्म में अन्याय कि था उसे उतना ही
प्रेम करना भी है और उसके साथ तुम्हें
अच्छा व्यवहार रखना है बल्कि तुम्हें किसी
के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं रखना जिससे
किसी भी इंसान के हृदय को कष्ट पहुंचे और
उसे दुख हो क्योंकि जीवन में जब कोई
रास्ता दिखाई ना दे तो केवल भोलेनाथ की
शरण में चले जाना चाहिए क्योंकि वही एक
ऐसी शक्ति है जो तुम्हारे किए गए कर्मों
का भी तुम्हें पुण्य प्राप्त करा
है और तुम्हारी हुई गलतियों की क्षमा भी
तुम्हें दिल पाती है तुम्हारे जीवन में
यदि तुमसे ऐसी कोई गलती हो जाए या हो गई
है तो तुम उनकी शरण में जाओ और उनसे माफी
मांग लो चाहे वह गलती पिछले जन्म की हो या
इस जन्म की कई बार पिछले जन्म की गलतियों
की माफी भी इस जन्म में प्राप्त हो जाती
है और जो तुम्हें परेशानी का सामना करना
पड़ता है वो भी तुम्हें नहीं करना पता
क्योंकि जैसे जैसे भोलेनाथ तुम्हारी कही
हुई प्रार्थना को सुनेंगे वैसे वैसे
तुम्हारी हर बात को सुनकर व तुम्हें माफ
कर देंगे क्योंकि उनका हृदय बहुत ही
ज्यादा उदार है और वह बहुत दयालु है वह
किसी का कष्ट ज्यादा समय तक नहीं देख सकते
इसलिए जो तुमसे पिछले जन्म में हुई
गलतियों को सुधारने के लिए केवल तुम एक
कार्य करो जो कि तुम्हें सोमवार से
प्रारंभ करना है सुबह प्रातः काल जल्दी उठ
कर के स्नान करो और एक लोटे में जल लेकर
के उसमें दूध डालो और उसके अंदर एक पुष्प
डालकर रोड़ डालकर तुम शिवलिंग पर जाओ उस
जल को अर्पित करते समय तुम्हें एक दिन
पत्ते का पेल पत्र भोलेनाथ को अर्पित करना
है जिससे कि वह तुमसे प्रसन्न हो जाएंगे
और तुम्हारी हुई गलतियों की भी माफी
तुम्हें मिलने लगेगी
वह तुम्हारी प्रार्थना को अवश्य सुनेंगे
क्योंकि जब वह प्रसन्न मग्न होते हैं तो
उनसे कही हुई प्रार्थना शीघ्र ही स्वीकार
कर ली जाती है यदि आंखों में पश्चाताप के
आंसू हो तो निश्चित ही तुम्हारे निकले
हृदय से उन तक बात जरूर पहुंचती है
क्योंकि भोलेनाथ जो कि सभी की बातों को
जानते हैं हर जन्म द जन्म उनको सब कुछ
ज्ञात रहता है तुम्हारे प्रेम के बंधन को
फिर से बांधना प्रारंभ कर देंगे यदि तुम
सच्चा प्रेम करते हो तो और यदि वह तुमसे
सच्चा प्रेम नहीं करती तो व इस जन्म में
तुम्हें कभी नहीं मिलती अगर तुम्हें इस
जन्म में मिली थी और उसके बाद तुम दोनों
अलग हो गए तो वह पुनः तुम्हे इस जन्म में
अवश
मिलेगी क्योंकि किसी का जन्म से बंधन होता
है तो वह कई जन्मों तक चलता है बस उनका
शरीर ही बदलता है और प्रेम वही रहता है
क्योंकि प्रेम ना तो कभी मरता है और ना ही
मिटता है वह अमर है हमेशा हर इंसान के
हृदय में लेकिन किसी भी इंसान को यदि तुम
इस जन्म में परेशान करोगे उसे दोगे उसके
हृदय को चोट पहुंचाओ ग उसके दिल को तोड़
दोगे और प्रेम भरे दिल में वैसे भी ईश्वर
का वास होता है यदि प्रेम भरे हृदय को कोई
भी व्यक्ति तोड़ना चाहता है तो वह तोड़
नहीं पाता और यदि वह तोड़ भी देता है तो
वह साक्षात ईश्वर जो कि हृदय में विराजमान
है उनकी बजी मूर्ति
को निकाल कर
उसे तोड़ देता है यह कोई साधारण बात नहीं
है इसलिए कही हुई बातों पर ध्यान रखना कि
यदि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर ऐसी गलती
किसी भी इंसान के साथ कर रहा है जो उसे
बहुत प्रेम करता है या तो तुम अपने
माता-पिता या अपने बच्चों के साथ भी ऐसा
करते हो तो निश्चित ही समझना कि इस जन्म
तो तुम जो चाहे कर सकते हो लेकिन जैसे ही
अगला जन्म तुम्हारा आएगा उस जन्म में वही
व्यक्ति तुमसे निश्चित ही बदले के लिए तुम
तैयार रहना क्योंकि वही व्यक्ति वैसा
व्यवहार करेगा जैसे तुमने इस जन्म में
किया था इसलिए तुम अगर सबके साथ अच्छा
व्यवहार करोगे सबके साथ प्रेम से रहोगे
सबको मान सम्मान दोगे तो वही मान सम्मान
तुम्हें अगले जन में लौट कर आएगा क्योंकि
जो तुम इस जन्म में करोगे वही तुम्हें इस
जन्म में भी प्राप्त होगा और वही अगले
जन्म में भी तुम्हें प्राप्त होगा कर्म
सही करोगे तो अगले जन्म में भी तुम्हें सब
लोग प्रेम करेंगे सराहे क्योंकि रुपए पैसे
धन दौलत को तो इंसान कमा लेता है और वह
नष्ट भी हो जाता है लेकिन प्रेम कभी नष्ट
नहीं होता और जो व्यक्ति इस रहस्य को जान
लेता है तो वह ईश्वर की शक्ति को पहचान
जाता है वह फिर अपनों के साथ और परायो के
साथ कभी भी गलत व्यवहार नहीं करता क्योंकि
उसे पता है कि जैसे ही मैं करूंगा वैसे ही
मुझे वापस मिलेगा यह ठीक वैसा है कि यदि
सम्मान करोगे तो सम्मान लौट कर आएगा प्रेम
करोगे तो प्रेम लौट कर आएगा और यदि तुम
द्वेष भावना रखोगे तुम किसी के साथ गलत
व्यवहार करोगे दिल तोड़ोगे तो तुम्हारा भी
दिल टूटेगा तुम्हारे साथ भी वह गलत
व्यवहार होगा क्योंकि जैसा तुम करोगे
दूसरों के साथ वही तुम्हारे पास वापस लौट
कर आएगा एक उस दीवार की तरह है जिस दीवार
पर यदि जोर से बॉल फेंकी जाए तो वो वापस
उल्टी तुम्हारे पास ही आ जाती है इसलिए जब
भी करो सोच समझ कर करो इस जन्म का कर्म तो
तुम संभाल लोगे लेकिन पिछले जन्म में यदि
तुमने कोई गलती कर दी है तो उसकी माफी तो
तुम्ह इस जन्म में ही मिलेगी और इस जन्म
में ही तुम्ह मांगनी भी होगी यदि कुछ
ज्यादा बड़ी गलतिया तुमसे हो गई है तो तुम
उनकी माफी मांगते हुए अपने कर्मों को
सुधारो और आगे ध्यान रखो कि तुम ऐसा कोई
भी कार्य ना करो जिससे की आगे तुम्ह
मुसीबतों का सामना करना पड़े क्योंकि जीवन
में यदि मुसीबत आ रही है तो तुम इस बात को
बहुत अच्छे से समझ लो कि कहीं ना कहीं
तुमसे ऐसी कोई भूल हुई है जिसकी वजह से
तुम्हें उसका फल भोगना पड़ रहा है वही
ईश्वर की शक्ति तुम्ह लौटा रही है जो
तुमने दूसरों को दिया था कई बार इसी जन्म
का कर्म भी इस जन्म में तुम्हे वापस मिलता
है इसलिए यदि तुम किसी और का प्रेम
तोड़ोगे या किसी का प्रेम भरा दिल तोड़ोगे
तो कोई तुम्हारा भी दिल आकर ड़ जाएगा
क्योंकि प्रकृति पर ईश्वर की शक्ति
तुम्हें वापस वही दिल पाएगी
इसलिए तुम भूल कर भी ऐसा मत करो मेरे
बच्चे क्योंकि यदि तुम्हारा हृदय टूटेगा
तो मेरा दिल भी दुखे क्यों जब बच्चा दुखी
होता है तो उसकी मां को सबसे ज्यादा कष्ट
होता है भले ही उसकी मां को यह क्या
कि मेरा बच्चा सही नहीं है और मेरे बच्चे
की गलती है फिर भी मां तो मां होती है मां
का हृदय करण से भर जाता है मां सदैव अपने
बच्चे को खुश देखना चाहती है व कभी भी
अपने बच्चे को दुखी नहीं देख सकती भले ही
उसकी मां को पता हो कि मेरे बच्चे की गलती
है और मेरा बच्चा गलती कर रहा है सही नहीं
कर रहा लेकिन फिर भी मां का हृदय ममता से
भरा होता है और ममता से भरा दिल बहुत
जल्दी अपने बच्चे के लिए दुखी हो जाता है
मां हमेशा अपने बच्चे का भला चाहती है और
इसी वजह से आज मैं तुम्हारे करीब आए हूं
जिससे कि तुम्हें भटके हुए मार्ग से सही
मार्ग पर ले जा सकूं क्योंकि यदि मैं
तुम्हें इस संदेश के द्वारा कुछ बता रही
हूं तो तो तुम्हें उन बातों को ध्यान में
रखना है और बताए हुए उन्ही कार्यों को जिस
तरह मैंने तुम्हें बताया है उस तरह से
करना मेरे बच्चे क्योंकि एक बात को बहुत
अच्छे से समझ लो कि जीवन में यदि सच्चा
प्रेम तुमसे छिन गया तो तुम्हारे जीवन का
कोई अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा क्योंकि
पैसे तो आएंगे और चले जाएंगे और बहुत सारी
चीजें संसार में ऐसी हैं जो उत्पन्न हो
जाती हैं और नष्ट हो जाती हैं यदि कोई
व्यक्ति जवान होता है तो वह बूढ़ा भी हो
जाता है लेकिन संसार में एक प्रेम ही तो
ऐसा है जो कभी मिलता नहीं है जो व्यक्ति
सच्चा प्रेम कर लेता है और उसको प्राप्त
कर लेता है वो दुनिया का सबसे बड़ा खजाना
प्राप्त कर लेता है क्योंकि हर सुख दुख
में उसका प्रेम ही उसका साथ देता है और हर
व्यक्ति को खुशी हो या गम उसे अपने प्रेम
की आवश्यकता होती ही होती है चाहे कोई भी
व्यक्ति कुछ भी कर ले लेकिन बिना प्रेम के
हर व्यक्ति अधूरा है हर व्यक्ति को प्रेम
चाहिए प्रेम ऐसा है जो संसार में सबसे
बड़ा और सबसे महान है जिस व्यक्ति को
सच्चा प्रेम मिल जाता है वो इस संसार का
भाग्यशाली व्यक्ति होता है इसलिए अपने
प्रेम को कभी मत खोना चाहे संसार में किसी
भी दौलत को प्राप्त करो या ना करो लेकिन
प्रेम की दौलत तुम्हारे पास होनी चाहिए
बाकी की दौलत तुम्हारे पास रहे या ना रहे
क्योंकि उसे तो तुम कमा भी सकते हो लेकिन
प्रेम एक ऐसी दौलत है ना तो कमाई जा सकती
है और ना ही उत्पन्न की जा सकती है यह तो
केवल हृदय में वास करती है ईश्वर के रूप
में और अपने जीवन साथी के रूप में इसलिए
अपने प्रेम को पुना पाने के लिए तुमसे जो
किया जाए वो करो जितनी पूजा पाठ प्रार्थना
की जाए जिससे की तुम्हारे पिछले जन्म की
गती माफ हो सके बाकी सब मुझ पर छोड़ दो
मैं स्वयं तुम्हारे साथ
हूं

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