मातारानी का संदेश l माई तुम्हारे कर्मो को देख रही हूँ l आपके लिए अति आवश्यक संदेश ||

मेरे बच्चे मैं आज तुमसे बहुत प्रश्न हूं

और मैं तुम्हें कुछ खास बात बताना चाहती

हूं जिन बटन को आज तक मैं तुमसे चपाती रही

तुम्हें कभी बताया नहीं क्योंकि उन बटन को

जन का समय अब ए चुका है और उसका करण केवल

यह

तुमने वह एक ऐसा कार्य किया है

जिसको करके तुमने मेरे दिल को बहुत प्रश्न

किया

इसी करण मैं तुम्हें उसे बात को बताना

चाहती हूं जिसे जन के बाद तुम्हें आश्चर्य

होगा लेकिन तुम्हारी आंखें खली र जाएगी

किस चिंता में पड़े हुए हो सब चिटा को

छोड़ दो इस बात का ध्यान रखो मेरे बच्चे

जी प्रकार तुम्हारी जन्म देने वाली मां

तुमसे कुछ नहीं चपाती इस प्रकार मैं भी

तुम्हारी मां होते हुए तुमसे कुछ नहीं

छुपाना चाहती और आज तो मैं वैसे ही बहुत

ज्यादा प्रश्न हूं तो मैं कुछ तुमसे

छुपाना नहीं बल्कि तुम्हें ऐसा कुछ बताना

चाहती हूं जो आज तक कभी बता नहीं साकी

मेरा बच्चा इतना नादान और भोला है की मेरे

बिना कहे कुछ बटन को समझ नहीं पाएगा इसलिए

आज मुझे कुछ बातें स्पष्ट रूप से बता देवी

जरूरी होगी जिनको ध्यानपूर्वक सुना और

समझना मेरे बच्चे क्योंकि यदि तुम ध्यान

से नहीं सनोज तो तुम्हें बातें समझ में

नहीं आएंगे और तुम्हें लगेगा की पता नहीं

मैंने तुम्हें क्या बताया है उसमें जो

बताया है वह कुछ खास नहीं करती है ऐसा

आभास होगा इसलिए मैं तुम्हें स्पष्ट रूप

से इस बात को बता देना चाहती हूं की हर

इंसान के अंदर

एक अच्छाई होती है और किसी इंसान के अंदर

एक ऐसा गन होता है इंसान तो क्या ईश्वर को

भी प्रश्न कर देता है और वही गुड तुम्हारे

पास है और वह तुम्हारा सच बोलना तुम सदैव

तो सच बोलते हो उसे बात से मैं बहुत

ज्यादा प्रश्न हूं और अब समय ए गया है यह

जन का की तुमको बहुत जल्दी ही तुम्हारी एक

ऐसे व्यक्ति से मुलाकात होने वाली है जो

तुम्हें तुम्हारी आर्थिक मदद करने वाला है

तुम्हारी इस स्थिति से उभरते के लिए वह

तुम्हें सहायता

करेगा वह इंसान तुम्हारे परिवार का सदस्य

भी हो सकता है वह तुम्हारे खानदान का

सदस्य हो सकता है वह तुम्हारा मित्र भी हो

सकता है वह तुम्हारा कोई भी अपना ही

व्यक्ति तुम्हें तुम्हारी सहायता करने से

पीछे नहीं हटेगा

और तुम्हारी सहायता करके तुम्हें मदद

करेगा क्योंकि मेरे बच्चे तुम भी तो अपने

माता-पिता के बहुत आजा मानते हो अपने माता

पिता को बहुत खुश रखते हो तो दुनिया में

जो इंसान दूसरों के साथ खुशियां बताते हैं

उन्हें हर चीज जल्दी ही प्राप्त होती है

जो दूसरों के दुख में दुखी होना जानता है

उसकी परेशानी ज्यादा पास नहीं आई एक ऐसा

बुद्धिमान व्यक्ति जो यह समझ लेट है की

दुख और सुख का हिसाब क्या

होती हैं और ना ही किया गए किसी भी कम को

करने के पश्चात भी प्रश्न राहत है केवल

दुखी रहना उसका कम होता है और ऐसे कुछ

व्यक्ति हैं जो अपने सुख से खुश नहीं होते

और दूसरों की खुशियों से दुखी होते हैं

इंसान को हर फल अपने कर्मों के हिसाब से

मिलता है क्योंकि कर्म ठीक इस पेड़ की तरह

है जी पेड़ पर फल इस प्रकार लगता हैं जी

तरह का पेड़ होता है यदि किसी फल का पेड़

होता है तो उसमें मीठे फल लगता हैं और

किसी कड़वी फल के पेड़ में केवल कड़वे ही

लगता हैं जो तुम्हारे लिए हितकारी है

तुम्हारे जीवन को ऊंचाइयों के शिखर पर ले

जाऊंगी मैं फिर आऊंगी तुमसे मिलने सदा खुश

रहो मेरे बच्चे मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा करना

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