माता रानी 🕉तुम इतने बोकलाए हुए क्यों हो

वह कौन सी ऐसी चीज है जो तुम्हारे जीवन को
प्रभावित करती है इसका उत्तर तुम्हें आज
तक नहीं मिल पाया है और यह उत्तर तुम्हारे
जीवन को इतना अधिक प्रभावित कर रहा है कि
तुम्हें स्वयं नहीं पता कि तुम्हें किस
दिशा की और जाना
है मेरे बच्चे जब तक तुम्हें अप जीवन का
सही ज्ञान नहीं होगा तब तक तुम आगे नहीं
बढ़ सकते हो और आज यही ज्ञान बताने के लिए
मैं तुम्हारे पास आई
हूं यह जीवन जो तुम्हें भगवान ने दिया है
यह बहुत अधिक चमत्कारी जीवन है जिसके बारे
में तुम्हें भी नहीं पता यदि तुम अपने
जीवन को सही प्रकार से जान गए
तो मेरे बच्चे वह दिन दूर नहीं जब
तुम्हारे जीवन में वह चीजें जो तुम चाहते
हो सब कुछ पूरी होने लगेंगी
इस संसार में अधिकतर रिश्ते खोकले हैं
केवल दो रिश्तों को छोड़कर एक रिश्ता जो
तुम्हारे जन्मदाता से जुड़ा है जिन्होंने
अपने जीवन में बहुत कष्ट सहे बहुत ठन
परिश्रम करके तुम्हें इस काबिल बनाया है
कि तुम अपने पैरों पर चल
सको और दूसरा रिश्ता वह है जो ईश्वर का है
जो सदा तुम्हारी सहायता एक अदृश्य शक्ति
की तरह करता है तुम्हारे साथ रहता है इन
दोनों रिश्तों पर तुम्हें इतना अटूट
विश्वास होना चाहिए कि तुम आंखें बंद करके
भी उनके दिखाए गए रास्ते पर चल
सको आज मैं तुम्हें कुछ ऐसा बताने आई हूं
जिससे तुम्हें अपनी माता पर विश्वास हो यह
संदेश तुम्हारे परिवार पर कृपा बरसाने
वाला संदेश है इसलिए इसको बीच में छोड़कर
मत जाना तुम चाहे पूरा दिन अपना दुख छुपा
लो लेकिन रात के अंधेरे में अकेलेपन में
तुम अपना दुख मुझसे नहीं छुपा
पाते लेकिन तुम्हारी माता से तुम्हारा यह
दर्द छुपा हुआ नहीं है तुम्हारे दिल में
जो दर्द है उसे सिर्फ तुम्हारी माता समझ
सकती है और कोई नहीं क्योंकि मैं जानती
हूं तुमने बचपन में बहुत दुख देखे हैं सब
कुछ अकेले ही सहन किया है और तुम्हारे मन
में जो कुछ भी है जो परेशानी चल रही है
कहीं ना कहीं तुम उससे भी परेशान रहते हो
यह सोच कर कि तुम्हारे जीवन में ही इतना
दुख क्यों रहा
[संगीत]
है तो आज मैं बताना चाहती हूं कि ऐसा
क्यों है मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में
पहले के तुम्हारे ऐसे कर्म हैं जो तुम अब
भुगत रहे हो इसलिए मैं तुम्हें समझाना चाह
हूं कि अपने कर्मों को अच्छा रखो तुम्हारे
आज के कर्म ही तुम्हारा भविष्य निर्धारित
करते
हैं जब मैं तुम्हारे जीवन के बारे में
सोचती हूं तो मेरा दिल भर आता है मैं
सोचती हूं कि तुमने पिछले जन्म में ऐसे
क्या कर्म किए थे जो तुम्हें इस जन्म में
भोगने पड़ेंगे लेकिन मैं तुम्हारा साथ
हमेशा निभा ऊंगी तुमने जीवन में जितने भी
आंसू बहाए थे उन सब का हिसाब मैं लूंगी इन
लोगों ने तुम्हारा दिल दुखाया था अब वह
लोग भी खुद ऐसा ही जीवन व्यतीत
करेंगे अब मेरे आशीर्वाद से तुम्हारा जीवन
सफल हो जाएगा तुम्हारे जीवन में खुशियां
आएंगी तुम्हारा भविष्य उज्जवल होगा बस
तुम्हें मेरी कुछ बातों को अपने जीवन में
अपनाना है क्योंकि मैं नहीं चाहती
तुम्हारे आने वाला भविष्य वैसा ही हो जैसा
कि तुम्हारा भूतकाल
रहा सबसे पहले तुम्हें अपने अंतर मन की
आवाज को सुनना है उसे पहचानना है मेरी
शक्तियों का उपयोग करना है शांत मन से ही
सही निर्णय अपने जीवन में लेने हैं
यदि तुम शांत मन से सही निर्णय लोगे और
मेरे कुछ नियमों का पालन करोगे तो
तुम्हारा जीवन सफल
होगा जब जब इस धरती पर मेरे भक्तों पर
किसी प्रकार की कोई मुसीबत आती है तो मैं
स्वयं इस धरती पर आकर अपने भक्तों के सारे
दुखों को दूर करती हूं मेरे बच्चों
तुम्हें लगता होगा कि मैं तुम्हारे समीप
नहीं रहती परंतु यह तुम्हारी भूल है मैं
तुम्हारे पास हमेशा रहती हूं बस तुम्हें
अपनी आंखों से मुझे देखना है और पहचानना
[संगीत]
है मेरे बच्चों आज का संदेश तुम्हें जीवन
की सच्चाई से अवगत
कराएगा कभी-कभी जीवन में करेले से भी
ज्यादा कड़वे लोग काम आ जाते हैं और शहद
से भी ज्यादा मीठे बोलने वाले लोग काम
नहीं
[संगीत]
आते एक बार की बात है एक राजा था उसे
मूर्तियों का बहुत शौक था उसके पास बहुत
तरह की मूर्तियां थी लेकिन उसके पास तीन
मूर्तियां थी जो वह बहुत दूर से लेकर आया
था और वह मूर्तियां उसको बहुत ज्यादा पसंद
थी राजा को वह मूर्तियां अपनी जान से भी
ज्यादा प्रिय थी जो भी उसकी साफ सफाई करता
था उसको बताया जाता था कि मूर्तियों को
ध्यान से साफ करना अगर टूट जाएंगे तो राजा
जी बहुत ज्यादा गुस्सा हो
जाएंगे और तुम्हें मूर्तियां का बहुत
ज्यादा ख्याल रखना है क्योंकि राजा को वह
मूर्तियां बहुत ज्यादा प्रिय हैं एक बार
एक नया सेवक वहां पर राजा के दरबार में
आता है उसको मूर्तियों का ध्यान रखने के
लिए कहा जाता है वह मूर्तियों की सफाई का
ध्यान रखता है लेकिन एक दिन गलती से उससे
मूर्ति टूट जाती है और वह मूर्ति मिट्टी
की बनी हुई होती
है और यह बात पूरे दरबार में फैल गई कि उस
व्यक्ति से वह मूर्ति टूट गई राजा साहब को
पता लगा तो राजा जी बहुत गुस्से में आ
जाएंगे उन्होंने उस व्यक्ति को मृत्यु दंड
देने के लिए कहा यह सुनते ही वह व्यक्ति
दौड़कर बाहर भागने लगा तब सब लोगों ने
सोचा कि वह व्यक्ति बाहर डर कर भाग रहा
है लेकिन वह व्यक्ति डर कर नहीं भाग रहा
था वह तो बाकी की दो मूर्तियां लेने के
लिए भाग रहा था और जब वह मूर्ति लेकर आया
तो उसने उन दो मूर्तियों को भी गिराकर
तोड़ दिया यह सब देखकर लोग बहुत ज्यादा
हैरान हो गए और वापस आकर राजा के सामने वह
व्यक्ति खड़ा हो गया राजा को समझ नहीं आ
रहा था कि वह क्या करना चाह रहा
है तब राजा ने पूछा कि तुम यह क्या कर रहे
हो तुमने एक मूर्ति तोड़ी है तो तुम्हें
मृत्युदंड सुना दिया गया अब तुमने दो
मूर्ति और तोड़ दी तब व्यक्ति बोला कि शमा
कीजिएगा राजा साहब एक मूर्ति मैंने तोड़ी
तो मुझे मृत्यु दंड सुनाया
गया और बाकी की जो मूर्तियां थी वह भी कभी
ना कभी टूटनी ही है अमर होने का वरदान वह
लेकर नहीं आई थी जैसे मुझसे एक मूर्ति टूट
गई तो आपने मुझे मृत्युदंड सुना दिया ऐसे
ही यदि वह दो मूर्तियां भी किसी और से टूट
जाती तो आप उन दोनों को भी यही बात सुनाते
मैंने आज दो और लोगों की जान बचाई है अब
आप जो चाहते हैं आप वह कर सकते हैं ऐसा
बोलकर वह व्यक्ति सिर झुकाकर खड़ा हो गया
राजा को समझ में आ गया कि एक मेरे सेवक ने
मुझे इतनी बड़ी बात समझा दी जो मुझे समझ
में नहीं आई राजा ने फिर उससे आराम से
पूछा कि तुम्हारे सामने मृत्यु खड़ी है
तुम्हें फिर भी डर नहीं लग रहा
तुमने दूसरों के बारे में अच्छा सोचकर
उनकी भलाई सोची दो लोगों की जान तुमने
बचाई उनकी जान बचाने के बारे में भी तुमने
सोचा यह सब ध्यान तुम्हें कैसा आया तब उस
सेवक ने एक बात बताई कि इस महल में आने से
पहले मैं एक अमीर सेठ जी के यहां पर नौकरी
करता था वह सेर जी मेरे काम से बहुत खुश
थे और जब भी कुछ बुरा होता तो वह सेठ जी
भगवान को
कोसते एक बार की बात है वह कुछ खाना खाने
के लिए बैठे उनके मुंह में कंकर आ गया तो
उन्होंने जैसे ही वह खाना खाया वैसे ही
भगवान को कोसने लगे गुस्से में उन्होंने
वह खाना मेरी तरफ सरका दिया और बोले यह
खाना तुम खा
लो तब उस व्यक्ति ने वह खाना बहुत ही
ज्यादा खुश होकर खाया सेठ जी यह सब देखकर
हैरान थी कि ऐसा खाना भी वह खुश होकर कैसे
खा रहा है उसने पूछा तुम ऐसा खाना भी खाकर
खुश हो तो वह बोला तो क्या हुआ आप रोज
मुझे अच्छा खाना देते हैं मुझे भगवान के
नसीब से अच्छा खाना प्राप्त होता है अगर
एक दिन कंकड़ वाला खाना खा भी लिया तो
क्या
हुआ तब उस सेवक ने कहा कि सेठ जी भगवान ने
आपको इतना
सब कुछ दिया है लेकिन कभी-कभार जिंदगी में
परेशानियां आ जाती हैं तो आप भगवान को
कोसते क्यों हैं चिड़ते क्यों है इतना
गुस्सा क्यों करते हैं आपको सब कुछ बहुत
अच्छा दिया है अगर एक दिन कुछ अच्छा नहीं
भी मिल रहा तो इसके लिए आपको भगवान को
क्यों
कोसना सेठ जी को भी सेवक की बातें समझ में
आ गई
समझ में आ गया था कि जो करता है ऊपर वाला
सही करता है हमें भी दूसरों के बारे में
सोचना चाहिए उनका भी जीवन अच्छा हो राजा
को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने
सेवक को माफ कर
दिया आज इस संदेश से मैं तुम्हें यह
समझाना चाहती हूं कि हमेशा दूसरों के बारे
में अच्छा सोचना शुरू कीजिए और यह मानकर
चलिए कि प्रभु जो आपके कर रहे हैं वह बहुत
अच्छा है तुम्हारे जीवन में कभी भी अहित
नहीं हो सकता प्रभु तुम्हारे लिए हमेशा
अच्छा ही
सोचेंगे बस इसी सोच के आधार पर आप अपने
जीवन में आगे
बढ़े जीवन में जितने भी दुख और परेशानिया
समस्या आती हैं उनका सामना करने के लिए आप
अपने अंदर साहस लेकर आएं और भगवान पर
विश्वास रखिए और खुद पर भी और अपने परिवार
पर भी आप जीवन में हर जंग को आसानी से जीत
सकते
हैं तुमने यदि मेरे संदेश को ध्यान से
सुना होगा और समझा होगा तो तुम जीवन में
हमेशा के लिए सफलता पाओगे मैं चाहती हूं
कि तुम जीवन में अपने परिवार के साथ खुश
रहो अपना जीवन हंसी खुशी से
बिताओ यही आशीर्वाद मैं तुम्हें देती हूं
अपने जीवन में सबके साथ प्यार से बोलो
सच्चाई के रास्ते पर चलो तुम्हारे जीवन
में जितनी भी समस्याएं थी वह सब समाप्त हो
जाएंगी तुम्हारा स्वास्थ्य अच्छा हो जाएगा
मैं यही कामना करती हूं मेरा आशीर्वाद सदा
तुम्हारे साथ है जीवन में खुश रहो
तुम्हारा दिन मंगलमय
हो

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