मेरे बच्चे तुम अब सबसे आगे निकलने वाले हो ऊंची पद होगी मान सम्मान होगा

मेरे प्रिय बच्चे यदि तुम्हारी नजरें इस
वक्त इस संदेश पर आकर रुक गई हैं तो
निश्चित ही यह महत्त्वपूर्ण दिव्य संदेश
केवल आपके लिए ही आया है जब तुम्हारे
मस्तिष्क से निकली तरंगे ब्रह्मांड में

लीन हो गई तभी यह संदेश तुम तक पहुंचा है
मेरे प्रिय पुण्य आत्मा यह तो प्रकृति का
नियम है कि जीवन में संतुलन बनाए रखना है
वह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में निरंतर
ही संतुलन बनाई जा रही है कोई रंभ में

अत्यधिक संघर्षशील होता है तो उसे लगता है
कि वह अपने जीवन में ठहर चुका है और सभी
लोग उसे आगे निकल चुके हैं लेकिन नियति का
खेल तो विचित्र है फिर वही व्यक्ति आगे
चलकर सबसे ज्यादा नाम प्रसिद्ध सुख

समृद्धि वैभव को प्राप्त करता है और कई
बार जो लोग पहले उसे सुख भोगते दिखाई दे
रहे थे वही आगे चलकर दुख का शिकार हो रहे
होते हैं मेरे प्रिय इसी प्रकार जो
प्रारंभ में अपने जीवन को बेहद ही

अनियंत्रित ढंग से जीते हैं और प्रारंभिक
जीवन में अधर्म से सुख प्राप्ति कर रहे
होते हैं वह लोग जीवन के दूसरे पढ़ाव में
गिरते चले जाते हैं और ऐसे गर्दिश में
पहुंच जाते हैं जहां से पुनः वापस आ पाना
अत्यंत दुष्कर अत्यधिक कठिन हो जाता

है ब्रह्मांड की अनंत चेतना प्रत्येक
व्यक्ति के जीवन में संतुलन बनाने का
कार्य कर रही है किसी के साथ यहां पर कुछ
भी अकारण घटित नहीं हो रहा है सुख दुख लाभ
हानि
यह सब कुछ प्रकृति के हाथों में है जो
व्यक्ति के पूर्व कर्म और उसके वर्तमान
परिश्रम और कर्मों पर ही आधारित होती है
प्रिय पुण्य आत्मा यदि तुम अपने जीवन में

खुद को थका हुआ फंसा हुआ महसूस कर रहे हो
तुम्हें लगता है कि अनेकों प्रयास करके भी
तुम्हें वह नहीं मिल रहा जिसके के लिए ही
बने हो तुम्हें संसार में कोई भी हराएगा
तुम योग्य हो जो तुम चाहते हो और अब तुम

कुछ मांगना भी नहीं चाहते हो लेकिन
तुम्हारा विश्वास दिन प्रतिदिन ईश्वर पर
बढ़ता जा रहा है तुम्हारे भीतर से कामना
ईश्वर को मिलने की बढ़ती जा रही है तो
उदास ना हो निराश ना हो यह जो हो रहा है

उसे ऐसे ही घटित होने दो जैसा चल रहा है
उसे वैसे ही चलने दो क्योंकि यह सब कुछ
तुम्हारे जीवन का एक हिस्सा मात्र है जब
तुम नियत के निर्णय पर विश्वास करोगे तब
तुम तीव्रता से वहां पहुंच जाओगे जहां

जाना तुम्हारे लिए स श्रेष्ठ है जहां जाना
तुम्हारे लिए उचित है इसके विपरीत यदि तुम
विरोध करोगे या प्रश्नों के माया जाल में
उलझे रहोगे तब तुम अपनी ही सफलता को
अवरुद्ध करने का कार्य करोगे विचार करो
यदि एक पक्षी वायु की गति के साथ उड़ेगा
तो कम परिश्रम से जल्दी उड़ान भरेगा वही

कोई वायु की विपरीत दिशा में उड़ने का
प्रयत्न करेगा तो चाहे कितना भी बल लगाए
वह आगे नहीं बढ़ पाएगा इसी प्रकार से यदि
तुम किसी नदी में में तैर रहे हो तो धारा

के विपरीत चलना ही श्रेयस्कर हो बजाय कि
उसके विपरीत चलो मेरे प्रिय लाभ हानि को
नियति मानकर प्रसन्न रहने की कला सीखो यह

के लिए यह ठहराव आवश्यक हो यह संभव है कि
ऊंची उड़ान भरने के लिए तुम्हें रोका जा
रहा हो जब तुम गुलेल खींचते हो तो पहले
उसे पीछे ले जाते हो ताकि उसको उचित दूरी
मिल सके इसी तरह यदि तुम्हें बहुत आगे

जाना है तो थोड़ा तुम्हें पीछे खींचा जाता
है मेरे प्रिय संभव है कि आज तुम जिन
संघर्षों को देख रहे हो वह तुम्हारे लिए
संघर्ष ना होकर सीढ़ियां हो तुम्हारे
सफलता की सीढ़ियां तुम अपने मन को प्रसन्न
चित करना सीखो क्योंकि जब तुम खुश रहोगे
तो सब कुछ अपने आप ही बेहतर होता चला

जाएगा तुम आध्यात्मिक राह पर हो भले ही
धीमी गति से पर तुम आगे बढ़ रहे हो क्या
यही तुम्हारे लिए प्रसन्नता का विषय नहीं
है आज जहां चारों तरफ लोग घोर अंधकार में
में डूब रहे हैं लेकिन तुम फिर भी प्रकाश
की तलाश में हो क्या यह ही आनंद का विषय

नहीं है मानव जीवन का एकमात्र उद्देश्य है
आत्म साक्षात्कार अर्थात आत्म ज्ञान को
प्राप्त होना तुम इस बात से परिचित हो
चुके हो तुम्हें बेहतर होने की लालसा आ
चुकी है क्या यह हर्ष का विषय नहीं है इस

पृथ्वी पर कितने ही लोग हैं जो अपने जीवन
का वास्तविक उद्देश्य जानना चाहते हैं कुछ
गिने चुने हैं कितने ही ऐसे लोग हैं जो
अपने उद्देश्यों के लिए प्रश्न करते हैं
कुछ मुट्ठी भर गिने चुने ही लोग हैं और

उनमें से कितने ही ऐसे लोग हैं जो उसे
पाने के लिए प्रयत्न करते हैं यह ऐसे हैं
जिन्हें तुम अपनी हथेली पर भी गिन सकते हो
यदि तुम इन पड़ाव को पार कर चुके हो तो
क्या तुम ब्रह्मांड की कृपा को देख नहीं
पा रहे हो तुम आगे बढ़ रहे हो तुम्हें आगे

बढ़ाया जा रहा है क्या तुम यह समझ नहीं पा
रहे हो तुम्हें कुछ अद्भुत अलौकिक
अविश्वसनीय प्रदान करने की योजना इस संसार
द्वारा पहले ही रची जा चुकी है यह नियति
तुम्हें बहुत कुछ देने को लला यात है
इसलिए अनंत चेतना ब्रह्मांड की योजना पर

पूरी तरह से विश्वास करो उसे तारने की भूल
ना करो बल्कि उसे स्वीकार कर आगे बढ़ने का
आनंद लो तुम जीत जाओगे तुम जीत रहे हो
क्योंकि जब व्यक्ति स्वयं को उस दिशा में
उड़ान भरने को देता है जहां नियति उसे

स्वयं ही ले जाना चाहती हो तो उसे कौन सी
शक्ति पीछे ढकेल सकती है
ईश्वर जिसे ऊपर उठाना चाहते हैं उसे कोई
भी पीछे नहीं कर सकता तुम्हारी उड़ान

है तुम बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रहे
हो फिर क्यों घबरा रहे हो तुम्हारी जैसी
दिव्य आत्मा को वह सब कुछ मिलेगा जिसे
पाकर तुम्हारा मन प्रसन्न चित्त हो
उठेगा तुम्हारी जैसी दिव्य आत्मा को वह
सारी खुशी मिलने का हक है जिन खुशियों को

पाने के लिए तुम सदा से ही बेकरार रहे हो
क्योंकि ईश्वर ने तुम्हारे लिए वर्तमान
भूत और भविष्य सारी ही घटनाओं को तुम्हारे
पक्ष में करने का प्रयत्न कर दिया है और
तुम्हारे लिए वह चुना जा रहा है जो
सर्वश्रेष्ठ है क्या तुम स्वयं को अनुमति
देते हो अपने जीवन को सही दिशा में बहने
देने के लिए यदि हां तो अभी तुम साथ साथ

साथ इस अंक को लिखो और इस बात की पुष्टि
जाहिर करो कि तुम तैयार हो वह सारी
खुशियां प्राप्त करने के लिए जो प्राप्त
करने का तुम्हें हक है तुम साथ में यह भी
लिखो कि मैं तैयार हूं ब्रह्मांड द्वारा
दी जा रही सर्वश्रेष्ठ उपहार को ग्रहण

करने के लिए मेरा मन मेरा हृदय स्वीकार
करता है ब्रह्मांड द्वारा प्रदान की जा
रही खुशियों को मैं नियति को अनुमति देता
हूं कि वह मेरे जीवन को सही दिशा में लेकर
आगे बढ़े प्रगति की राह दिखाए और मुझे

ऊंची उड़ान भराए मुझे सुख समृद्धि और वैभव
प्रदान करें मेरे लिए बेहतर सामंजस्य
बैठाने वाले परिस्थितियों को बुने मेरे
जीवन में उन लोगों को भेजे जो मुझे प्रेम
करते हैं और जिनसे मुझे प्रेम हो सके मैं
नियति के प्रति ईमानदार हूं और नियति मेरे

प्रति ईमानदार है मैं धन को अपना मित्र
मानता हूं और धन मेरा सबसे बेहतरीन मित्र
है धन मेरा सबसे बेहतरीन साथी है मैं धन
को अनुमति देता हूं कि वह मेरे जीवन में

जोरदार तरीके से बहता रहे मेरे प्रिय ऐसा
लिखकर तुम इस बात की पुष्टि कर दोगे कि
तुम जीत के लिए आतुर हो मेरे प्रिय बच्चे
तुम आगे बढ़ रहे हो और तुम आगे बढ़ते ही
रहोगे इस प्रकार के तुम्हें और भी संदेश

मिलते रहेंगे जिनसे तुम उन संकेतों तक
पहुंच जाओगे और उस गुण संदेश को समझ पाओगे
जो नियति तुमसे कहना चाहता है अभी इस
संदेश को लाइक करके आगे बढ़ो और जीवन को

अनुमति प्रदान करो मेरे प्रिय बच्चे जीवन
की किसी भी परिस्थिति में तुम अकेले नहीं
हो मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है
सदा सुखी रहो तुम्हारा कल्याण होगा
तुम्हारी प्रगति होगी

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