मैं आज बहुत दुख में हूं क्या मेरी मदद कर सकते हो तुम्हारी अंतिम परीक्षा है

मेरे बच्चे वह आपसे बातचीत करने की कोशिश

कर रहे हैं या कुछ गिफ्ट दे रहे हैं कुछ

आपको उपहार भेज रहे हैं लेकिन आप इतने

समझदार हो चुके हो

चालाक आप तो हो ही गए हो कि उनकी चालाकी

और बदमाशियां उनके चेहरे पर दिखती

है उनका जो चालाक सा नेचर है ना जी बदतमीज

वाला अपने आप को ज्यादा ओवर स्मार्ट समझते

हैं कि ऐसे लोग किसी को कुछ समझ नहीं

आता यह उन्हें नहीं पता होता उनको कि आपकी

नजरों में वह बिल्कुल गिर चुके हैं तो

आपने क्या अक्षण लेने

हैं इन लोगों के लिए क्या मार्ग

है ऐसे लोगों के लिए आपके पास किस तरीके

से रहना है ताकि आप पर यह फिर से हावी ना

हो एक नेगेटिव सर्किल ना हो और रात को

सुकून से चैन से जीवन को जी

सको मेरे बच्चे जो गलतियां पहले करते थे

लोगों के साथ रह कर के वह चीजें आपको

रिपीट नहीं करनी

है मतलब अगर यह लोग आपको कुछ देते हैं कुछ

उपहार देते हैं तो पहले आप शायद बहुत

ज्यादा

है लेवल पर एक्सट्रीम लेवल पर थैंकफूल हो

जाते

थे शो कर देते थे इनको कितनी छोटी सी खुशी

से इतना हैप्पी हो गया छीन इससे सब कुछ

फिर वही करते थे

आपसे क्योंकि उनको पता है कि छोटी-छोटी

खुशियों से आप इतना खुश हो जाते हो तो

उसको तो कुछ बड़ा देने की आवश्यकता है ही

नहीं तो यहां पर आपके लिए जो परमात्मा का

गाइडेंस यह है अगर ऐसे लोग आपको कुछ दे

रहे है ना उपहार तोसा कुछ भी कुछ भी हो

सकता

है कुछ ना कुछ दे रहे

हैं आपको अगर कुछ खाने पीने की भी चीज है

और अगर आपको कुछ इस तरीके से जैसे उपहार

स्वरूप दे रहे हैं या कुछ दिखा रहे हैं तो

आपको इन लोगों को ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं

देनी है

अगर लेकर आए हैं तो ठीक है रख लीजिए पर वह

जो एक्सट्रीम लेवल पर जाकर आप उनको

थैंकफूल ग्रेटफुल उनके लिए होते थे ना वह

होने की जरूरत नहीं

है आपको क्योंकि आपके इसी चीज का फायदा

उठाया गया आप इन चीजों को समझे तो जब वह

लोग आते हैं

ना आपसे मिलजो बढ़ाने बातचीत करने तो

बिल्कुल उनकी बात ज्यादा

सुने खुद कम बोले और पॉइंट टू पॉइंट बात

करें बात तो करने की जरूरत है ही नहीं अगर

वह खुद से ही बोलते

हैं तो आपको इस तरीके से भी मन नहीं

दिखाना कि आप उनके एनिमी है

इस तरीके से भी नहीं दिखाना कि आपके मन

में उनके लिए बहुत ज्यादा शहर टपक रहा

है ऐसा भी नहीं करना ना तो आपको बहुत

कड़वे बनना है ना तो आपको बहुत मीठा बनना

है आपको सिर्फ मीडियम रहना है उन लोगों के

साथ अगर आप ऐसा नहीं करेंगे

दोबारा वाली गलतियां

करेंगे बहुत एक्सट्रीम ग्रेटफुल उनके लिए

होंगे तो फिर बोलो आपको तो आपको इन लोगों

से इस तरीके से डील करना है तो इस तरीके

से आपको रहना

है आपको कोई किसी तरीके का गलत व्यवहार

नहीं करना

है आप गलत शब्द आपको नहीं बोलने

हैं पहले मुझे लग रहा है आपने शायद बोले

हो बहुत अपशब्द जाने अनजाने गुस्से में

क्रोध में क्रोध में लेकिन इन चीजों पर आप

थोड़ा सा अपने आप पर काबू

रखो मेडिटेशन डेली

करें करेंगे तो आपको थोड़ा क्रोध कम

आएगा गुस्सा कम

उठेगा डेली आप ज्यादा नहीं ना मिनट में

जरूर से

करें डेली से होगा यह कि आप जो गुस्सा

होगा वह शांत

होगा आप सम्मान भाव हर चीज में

रखेंगे साक्ष भाव आप हर चीज में रखेंगे और

अगर आपने इन लोगों के साथ वह प्यार वाला

अपनापन लाड़ दुलार करने लग गए ना फिर आपको

पता ही है क्या औकात है इनकी यह फिर से

उसी तरीके से करतूतें करनी शुरू कर

देंगे आपके साथ फिर से आपको उस सर्किल में

फंसा देंगे

इतनी मुश्किल से आप निकल कर आए हो फिर से

धकेल देंगे यह वही पर तो जो गाइडेंस दी

जाती है तो उस चीज को आपको फॉलो करनी

है फिर आप आगे बढ़े आप देखेंगे कि जो जाल

बिछाना चाह रहे थे वह समझ जाएंगे भाई अब

हमें सुधरना

होगा कक इनकी लाइफ में भी कार्मिकों की

एंट्री हो गई है तो कहीं ना कहीं

अंदर-अंदर बहुत डर रहे हैं बहुत घबरा रहे

हैं कि अब हमारा क्या

होगा अब हमारा क्या

होगा धोबी का कुत्ता ना घर का ना घाट

का उन्होंने आपके साथ इतना बुरा किया है

कि उनके मन में यह तो यह है कि आप ही शायद

ना ना दो और जो उधर से कार्मिकों की इनके

जीवन में एंट्री हो रही है तो इनको तो पता

ही है कि कार्मिक तो मार मारेंगे ही

क्योंकि इन लोगों की इंटू बहुत स्ट्रांग

इनकी भी स्ट्रिंग

है पर यह अपनी इंटू को गलत तरीके से इस

माल करते

हैं आपने यह भी नोटिस करा होगा कि इन

लोगों के पास सिवाय एक कंट्रोवर्सी के

दूसरों की चुगली या निंदा करने के अलावा

दूसरी कोई बातें भी नहीं होती या दूसरों

को हमेशा गंदा बोलना वह ऐसा हो जाए उसके

साथ गलत हो

जाए वह जाए इन लोगों की जो बात है इस

तरीके की एक जलन वाली ही होती

है आपने देखा होगा पहले जब आप इन लोगों के

साथ मिलजुलकर रहते थे बैठते थे तो आपको

बहुत भारी भारी फील होता

था आपका मन नहीं करता था इनके पास बैठने

का क्यों यह अपनी बातों से अपनी

नेगेटिविटी के थ्रू आपके एनर्जी को शक

करते रहते थे भले ही ऊपर से मीठी-मीठी

बातें करते रहे लेकिन अंदर ही अंदर आपको

महसूस होता रहता

था कि मुझे अच्छा नहीं

लगता इनके बीच में बैठना मुझे अच्छा नहीं

लगता

है इनके पीछे बैठना यह चीज है जो पूरे

सॉल्व होती

है वह नेगेटिविटी को बहुत जल्दी भाग लेती

है

Leave a Comment