मैं तुमसे बहुत ही नाराज़ हूं यदि तुम इसे छोड़ तो मैं तुम्हारी मदद

अगर आपको बेहद दुखी करेंगे और आपको परेशान करके आपके जीवन से चले जाएंगे क्योंकि आप बहुत मेरे बच्चे जीवन का लक्ष्य

स्वयं को ढूंढना नहीं है बल्कि स्वयं को बनाना है मनुष्य वह महान नहीं होता जो अपनी शुरुआत बदलना चाहता है बल्कि महान

व्यक्ति वह है एक नई शुरुआत कर अपना कल बदलने का प्रयास करता है शुरुआत चाहे जैसे भी रही हो तुम्हें सदैव वर्तमान को

सुधारने के लिए परिश्रम करना चाहिए यदि तुम्हारे जीवन की नहीं हुई है तो भी तुम्हें निराश होने की कोई भी आवश्यकता नहीं है

अगर तुम्हारा बचपन निर्धनता प्रेम के अभाव या फिर परेशानियों में व्यतीत हुआ है तो इसका मतलब यह नहीं है कि तुम्हें अपने पूरे जीवन को भी ऐसे ही व्यतीत करना पड़ेगा तुम परिश्रम और दृढ़ निश्चय से अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हो वैसे भी तुम्हें सदैव

सकारात्मक सोचना चाहिए यदि नकारात्मक परिस्थितियों में तुम भी नकारात्मक मनु दृष्टि रखोगे तब तो तुम्हारा उसे नकारात्मक स्थिति से निकल पाना ना मुमकिन है किसी नकारात्मक स्थिति में भी सकारात्मक मनोज दृष्टि रखने से तुम्हें एक उम्मीद मिलेगी लेकर

तुम उसे स्थिति से सफलता पूर्वक बाहर निकाल सकते हो इसी कारण जीवन में परिस्थितियों चाहे जैसी भी क्यों ना हो तुम्हें हमेशा अपना रवैया सकारात्मक ही रखना चाहिए हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति सफल तो होता है किंतु सकारात्मक

सोच रखने इतना आसान भी नहीं है सकारात्मक सोच के लिए तुम्हें कुछ ऐसा करना होगा जिससे तुम्हें सचमुच की खुशी मिलती हो किसी भी मनुष्य को सच्ची खुशियां सरलता से प्राप्त नहीं होती है

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