मोदी के ग्राफ को कौन नीचे लाना चाहता है? क्यों कुलबुलाने लगे गोदी पत्रकार?

कल तमाम न्यूज चैनल्स तमाम गोदी मीडिया
न्यूज चैनल्स पर एक टूल किट जारी हो गया
यह कहा जाने लगा कि देखिए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का ग्राफ नीचे गिराने की

कोशिश की जा रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी के खिलाफ साजिश रची जा रही है और
हवाला किसका दिया गया जगजीत सिंह डल्ले
वाल जो कि किसान नेता है मगर आप जानते हैं
सबसे शॉकिंग बात उनके बयान को आधा अधूरा
पेश किया गया उसकी मैं चर्चा कुछ देर बात

करूंगा मगर मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता
हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के
इतिहास में वो प्रधानमंत्री हैं जो एक तरफ
तो यह कहते हैं कि मेरे 56 इंच का सीना है

यह मोदी की गारंटी है याद है आपको संसद
में जिस तरह से उन्होंने कहा
था मगर दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की सरकार में उनके आलोचकों पर लगातार
निशाना होता है चार-चार साल से लोग जेल

नहीं हुई है लोगों की केसेस की सुनवाई तक
नहीं हो रही है उमर खालिद के मामले में
उन्हें आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में जाकर
कहना पड़ा कि मि लॉर्ड माफ कीजिएगा हम इस
मामले को ट्रायल कोर्ट में दोबारा ले
जाएंगे वह इतने मायूस हो चुके थे मगर मैं

जो कहने का प्रयास कर रहा हूं उसको ध्यान
से सुनिए दोस्तों प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी के पक्ष में गोदी मीडिया को बार-बार

सहानुभूति क्यों पैदा करनी पड़ती
मैं आपको बतलाना चाहता हूं कि
प्रधानमंत्री का पद कोई छुई मुई पद नहीं
है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आलोचना
सहनी पड़ेगी वह खुद को प्रधान सेवक बताते

हैं भाई तो गोदी मीडिया की गुल्लू कालू और
य पापा की परिया बात बात में क्यों सामने
आते हैं और कहते हैं कि हमारे पापा पर
हमला क्यों वह मीम नहीं है दोस्तों य
खबरदार जो हमारे पापा के बारे में कुछ कहा
तमाम जो गुल्लू का और पापा की परियां उनकी

हालत यही है अब आप यह कहेंगे कि मुद्दा
क्या है किसान नेता जगजीत सिंह दलेवाल जो
हैं उनके एक बयान को वायरल किया जा रहा है
और उनके इस बयान को वायरल करके कहा जा रहा
है कि जगजीत सिंह इस बयान में कह रहे हैं
कि हमें प्रधानमंत्री का ग्राफ नीचे लाना
है क्योंकि राम मंदिर की वजह से उनका
ग्राफ बढ़ गया था आधा अधूरा बयान पेश किया

 

जा रहा है उन्होंने कहा कुछ और है क्या
कहा वो मैं आपको सुनाऊंगा मगर सबसे पहले
पापा कीय परी आधा अधूरा बयान पेश करके किस
तरह की रिपोर्टिंग कर रही है देखिए पंजाब
के बड़े किसान नेता जगजीत सिंह दलेवाल ने

एक विवादास्पद बयान दे दिया है क्या कहा
है कि मोदी का ग्राफ मंदिर की वजह से बहुत
ऊंचा पहुंच गया है और वह लोगों से सवाल कर
रहे हैं कि मोदी के ग्राफ को नीचे कैसे
लाया जा सकता है आप सुनिए इस बयान को और
फिर खुद तय

कीजिएगा मोदी का ग्राफ बहुत मंदर दे कर
नुकसान ग्राफ डाउन आ सक बहुत ार
प मका बड़ा थोड़ा है ग्राफ

ब थो
ग अब मैं आपको बतलाना चाहता हूं कि दरअसल
जगजीत सिंह ने कहा क्या था जगजीत सिंह का
एक इंटरव्यू किया जा रहा था और इस
इंटरव्यू में उन्होंने पंजाबी में क्या
कहा मैं आपको बताता हूं इस इंटरव्यू में
सिंह दलेवाल यह कहते हैं कि राम मंदिर के

बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
लोकप्रियता बहुत बढ़ गई थी उनका ग्राफ
बहुत ऊंचा था और हम लोग आंदोलन के लिए
मैदान में उतरे वह आगे यह भी कहते हैं कि
कोई भी राजनेता आपकी बात तब तक नहीं सुनता
जब तक उसे यह लगने लगे कि यह काम ना करने

से मेरी लोकप्रियता गिरने लग जाएगी लोकसभा
चुनावों में बहुत कम वक्त रह गया है इसलिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर द बनाया जाए
ताकि वह मेरी बात सुने क्योंकि उन्हें भी
आभास होना चाहिए कि अगर वह किसानों की बात

नहीं सुनेंगे तो उनकी लोकप्रियता गिर
जाएगी यह बात कही उन्होंने कोई बहुत अजूबी
बात नहीं की मैं चाहूंगा आप उनके पूरे
बयान को सुने क्योंकि गोदी मीडिया जिस तरह
से उनके बयानात को पेश कर रहा है और
उन्होंने क्या कहा उसमें जमीन आसमान का

फर्क है सुनिए जगजीत सिंह जी ने क्या कहा
अय सोच के
चले मोदी ग्राफ बहुत मंदर दे करके ऊपर चढ़

गया मोदी मोदी हो
गई खास करके एक खास तब एक तबके न मोदी
जिन्ना च ग्राफ देखो कोई भी पॉलिटिकल तर
उद मंग मान ी है जिद पता लगे कि मेरा य
ग्राफ डि पॉलिटिकली नुकसान हो
है जिन पॉलिटिकल नुकसान नहीं ा उना चर मंग

कोई मतलब तवज्जो नहीं द न साडा य सीगा व
वो नुकसान ग्राफ डाउन आ सक है मैं बहुत ार
पि तया कर फ बहुत ार लो क मौका बड़ा थोड़ा
है ग्राफ उ बड़ा उचा चढ हु है दिन सा कोले
थोड़ है की थोड़े दिना विच ग्राफ डाउन कर
लाे ज ग्राफ डाउन ना होया मंग नहीं मनी
मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं जगजीत
सिंह के बयान को आधा अधूरा पेश करके गोदी

मीडिया खबरें कर रहा है आपके सामने खबर
देखिए इंडियन एक्सप्रेस की खबर
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि
पुलिस की रबर पलेट्स की वजह से तीन
किसानों की दृष्टि चली गई है उनका विजन

चला गया
है मैं आपसे समझना चाहता हूं यह किसान
क्या किसी दूसरे देश के हैं क्या यह
गोलीबारी आप कश्मीर में कर रहे थे मैं
आपसे समझना चाहता हूं क्योंकि कश्मीरी
जनता के साथ आपने इस तरह से बर्ताव किया
अब आप किसानों के साथ इस तरह से बर्ताव कर
रहे हैं क्योंकि इस खबर के मुताबिक तीन

लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है मैं
आपसे सवाल पूछना चाहता हूं क्या किसी भी
न्यूज़ चैनल ने इस खबर को उठाया इस खबर को
तरजीह दी जानी चाहिए थी ना सरकार से सवाल
पूछा जाना चाहिए था कि आप रबर पलेट्स

क्यों चला रहे हैं हमारे किसानों पर और
पुलिस अगर चाहे तो वो रबर पलेट जो है व
निशाना आप नीचे लगा सकते हैं आपने सीधे
आंख पर वो निशाना
लगाया तीन किसानों की रोशनी चली गई क्या

किसी भी न्यूज चैनल ने यह खबर चलाई इस पर
केंद्र सरकार से सवाल
किया जगजीत सिंह के आधे अधूरे बयान को पेश
किया गया मैंने अभी-अभी उस बात को साबित

ये परी नहीं तमाम न्यूज़ चैनल्स यही काम
कर रहे हैं एक-एक करके देखिए साहब सबसे
पहले पांच जन्य आरएसएस का मुखपत्र बड़ा
खुलासा किसान आंदोलन मोदी की लोकप्रियता
कम करने के लिए शुरू किया गया है राम
मंदिर के बाद मोदी का ग्राफ बहुत ऊंचा चला
गया था हमारे पास बहुत कम समय है मोदी की
लोकप्रियता कम करनी जरूरी है किसान नेता

सिर्फ यह कह रहा है कि हम अपनी मांगे
मनवाने के लिए प्रधानमंत्री पर दबाव बनाना
चाहते हैं क्योंकि अगर उनके जहन में बात
आएगी कि हमारी मांगे ना मान के उनकी

लोकप्रियता नीचे जा सकती है तभी वह हमारी
मांगे मानेंगे
कौन सी बड़ी और अजूबी बात हो गई इसमें आगे
देखिए साहब इंडिया
टीवी रेल टोल बॉर्डर तीन फ्रंट आंदोलन कौन
डायरेक्टर एमएसपी की डिमांड या के बढ़ते
ग्राफ से परेशान रिपब्लिक भारत मोदी का
बढ़ता ग्राफ विरोधी करवाते संग्राम फिर
देखिए मोदी ही आएंगे फिर से छा

जाएंगे आंदोलन बहाना है मकसद मोदी का
ग्राफ गिराना है नाम प्रदर्शनकारी काम
षड्यंत्रकारी मोदी का ग्राफ बढ़ा पड़ोसी
मुल्क फिर चढ़ा किसानों के नाम पर विपक्ष
को मौका विरोध का झंडा मोदी विरोधी एजेंडा
मोदी का ग्राव गिराने के लिए आंदोलन किसान

आंदोलन का एजेंडा लीक हो गया आप देख सकते
हैं दोस्तों हर पत्रकार लगभग वही जुबान का
इस्तेमाल कर रहा है वही शब्दावली का
इस्तेमाल कर रहा
है एक पेन किलर पत्रकार तो पड़ोसी देश को
भी यहां पर ले
आया कहने का अर्थ क्या है दोस्तों एक ही

टूल किट के जरिए एक आधे अधूरे बयान को पेश
करना आपने जगजीत सिंह जी को सुना जो बयान
मीडिया पेश कर रहा है और जो असल बयान है
उसमें जमीन आस का फर्क है और सबसे बड़ी

बात मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं
विपक्ष का क्या काम है विपक्ष का काम है
कि जनता में अपनी बात को रखे मैं आपसे एक
सवाल यह भी पूछना चाहता हूं 20091 की बात
है जब राहुल गांधी उड़ीसा के ट्राइब्स के
पक्ष में आए थे और वह सीधे खड़े हुए थे
उद्योगपतियों के सामने वह दिन है तब भाजपा

के एक नेता ने कुछ न्यूज चैनल के साथ
मिलकर एक बड़े उद्योगपति के साथ मिल मिलकर
एक पूरी साजिश रची थी जिसके चलते राहुल की
छवि पर निशाना बनाया गया उन्हें पप्पू के
तौर पर पेश किया गया और लगातार पिछले 121
सालों से राहुल गांधी की छवि को बर्बाद

किया जा रहा है अब मैं आपसे एक सवाल पूछना
चाहता हूं क्या यह अपराध
है राजनीति में विपक्ष ये कर रहा है
उन्हें करने का अधिकार है कांग्रेस उसका
जवाब नहीं दे पाया हालांकि मेरा यह मानना
है कि भाई झूठ के सहारे टारगेट नहीं किया

जाना चाहिए
और उसी तरह से झूठ के सहारे किसी का कद
ऊंचा भी नहीं उठाना चाहिए बहरहाल यह जो
मोदी का चढ़ता गिरता ग्राफ वाला जो मामला
है ना इस पर कांग्रेस ने बहुत दिलचस्प

प्रतिक्रिया दी है सुनिए क्या कह रहे हैं
पवन केरा अब क्या वो फार्मर अपना मंशा
राजनीतिक क्लीनिंग नहीं बता सकता क्या वह
नहीं बोल सकता कि मैं राज मैं इस देश में
अलग तरह की राजनीति चाहता हूं किसान बोल
दे कि मुझे मोदी को हराना है तो व
देशद्रोही हो गया कमाल है साहब 2014 में
तो आपने में से कई लोग बोलते थे कि हमें
कांग्रेस को हराना है तो हमने तो आपको

देशद्रोही नहीं कहा था उसमें क्या हो गया
किसान का हक नहीं है क्या वो वोटर नहीं है
क्या मोदी जी को वोट दे तो वह हिंदुस्तानी
है देशप्रेमी है देशभक्त है मोदी जी के
खिलाफ बोले तो वह देशद्रोही है यह किस तरह

की व्यवस्था ला रहे हैं साहब प्रोटेस्ट
मोद जी का ग्राफ नीचे ने के तो करना चाहते
हैं लोग क्योंकि ग्राफ बहुत ही
आर्टिफिशियल ढंग से ऊंचा किया गया है बट्स
के माध्यम से सोशल मीडिया में किस तरह से
इस ग्राफ को ऊंचा रखा जाता है हम भी समझते
हैं आप भी समझते हैं आर्टिफिशियल

इंटेलिजेंस का दुरुपयोग हम भी देख रहे हैं
कौन क्या क्या कितना कितना कर रहा है वक्त
आने दीजिए कई लोग तिहाड़ में
होंगे सुन लीजिए सुन लीजिए यह ग्राफ कैसे
ऊपर रखा जाता है अब आप सुन लीजिए क्योंकि

उसमें आप सब भी भागीदार हैं आपके जो मालिक
है वह भी भागीदार हैं कैसे उन पर दबाव
होता है उन पर किस तरह की व्यवस्था होती
है आपस में किस तरह की लेनन होती है कि
ग्राफ ऊपर रखा जाए कौन है हिरन जोशी मैं
फिर पूछता
हूं क्यों आप लोगों को एसएमएस भेजते हैं
वह क्यों ट मैसेज आते हैं आपके एडिटर्स के
पास हिरन जोशी के यह ग्राफ ऊपर ऐसे रखा

जाता है तो अगर कोई इस ग्राफ को सही
मांगों को लेकर सड़क पर उतर रहा है नीचे
लाने के लिए तो क्या गलत है यह ग्राफ ऊपर

ही
रहेगा और आर्टिफिशियल रहेगा
क्यों हेडलाइन मैनेज की जा रही है जिस देश
में वहां आप कहते हैं कि ग्राफ ऊपर क्यों
क्यों नहीं रहना
चाहिए असल में क्या है बाहर आकर देखें ना

मोदी जी बुलाए किसानों को अपने घर पर या
जाए किसानों से
मिलने जाए बेरोजगार नौजवानों से मिलने एक
घंटे में दो बेरोजगार नौजवान आत्महत्या कर
रहे हैं इस देश में य ग्राफ ऊपर दिख रहा
है

आपको मैं फिर आपसे एक सवाल करना चाहता हूं
दोस्तों देश के प्रधानमंत्री भी बार-बार
कहते हैं कि रोज मुझे दो-तीन किलो गालियां

मिलती हैं मैं उससे ऊर्जा बनाता हूं उसको
लेकर वो एक बहुत ही सिंपैथेटिक चेहरा पेश
करते हैं बहुत ही सहानुभूति भरा चेहरा पेश
करते हैं मैं फिर आपसे सवाल पूछना चाहता
हूं अगर तो
प्रधानमंत्री उनकी सरकार उनकी पॉलिटिकल
पार्टीज का जवाब ना दे रही होती तो बात
समझ आती जैसे राहुल गांधी की छवि को
बर्बाद करने की पूरी कोशिश की गई कांग्रेस

उसका सलीके से जवाब नहीं दे पाई मगर मोदी
सरकार क्या करती है आलोचकों को जेल में
डाल देती है एनजीओस को बंद कर देती है
लोगों पर आतंकवाद की धाराएं लगा देती है
लोगों के घरों में इनकम टैक्स की रेड होती
है मीडिया संस्थान जो सवाल करते हैं उनके

मालिकों को आतंकवाद की धाराओं में जेल में
बंद कर देती है कहने का अर्थ यह है कि भाई
मोदी सरकार तो जवाब दे रही है फिर यह
छुईमुई वाला एटीट्यूड क्यों बार-बार यह
क्यों कहना कि वो मुझे गाली दे रहे हैं वो
मेरे बारे में यह कहते हैं देखिए मेरा

मानना है दोहरे मापदंड नहीं हो सकते एक
तरफ आप अपने आलोचकों पर साम दम दंड भेद के
जरिए अपने एजेंसीज के जरिए अपने प्रचार
तंत्र के जरिए उन पर लगातार निशाना साधे
मगर दूसरी तरफ आप आलोचना भी बर्दाश्त ना
कर पाएं दोनों चीजें नहीं हो सकती हैं और

फिर आप इन्हीं गुल्लू और पापा की
परियों को लगाते
हैं सबसे बड़ी बात आप अपनी बात रखिए मगर
सच के आधार पर सच के बुनियाद
जगजीत सिंह के बयान पर जो बवाल मचाया गया
है वह बेवजह मचाया गया है पहली बात जैसे

कि मैंने आपको दिखाया आधा अधूरा बयान पेश
किया गया इसमें किसान नेता कह कुछ और रहे
थे मगर गलत ढंग से उसे पेश करके उन्हें
बदनाम किया गया और उसके जरिए प्रधानमंत्री
के पक्ष में राजनीति की गई मैं यही तो

समझना चाहता हूं चाहे नई संसद का उद्घाटन
हो वहां पर उन्हें महाराजा बताना राम
मंदिर का उद्घाटन हो वहां पर भी सिर्फ
प्रधानमंत्री पर फोकस और अब ऐसे मामलों के
जरिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
महिमा मंडल यह तो नहीं चलेगा ना मुद्दे पर

आइए सवालों का जवाब दीजिए अवजार शर्मा को
दीजिए इजाजत नमस्कार स्वतंत्र और आजाद
पत्रकारिता का समर्थन कीजिए सच में मेरा
साथी बनिए बहुत आसान है दोस्तों इस जॉइन
बटन को दबाइए और आपके सामने आएंगे ये तीन
विकल्प इनमें से एक चुनिए और सच के इस सफर
में मेरा साथी बनिए

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