मोदी ने किया 70,000 करोड़ का घोटाला! मीडिया के सामने कर्नल ने सबूतों के साथ खोली पोल

जय हिंद
साथियों हॉनरेबल प्रेस के
मेंबरानस विनीत
जी कर्नल प्रदेशी

कनल प्रमोद कमा प्रमोद कुमार जी और बाकी
हमारे जितने भी साथी यहां पे
हैं सबका स्वागत और
धन्यवाद

साथियों देश बड़ी गंभीर परिस्थितियों से
गुजर रहा है

और जैसे ही युवा महिलाएं सारे वर्ग परेशान
है उसी तरह से हमारे देश के
सैनिक देश के पूर्व सैनिक उनके
परिवार वह मोदी साहब की मार झेल रहे
हैं मोदी साहब का झूठा
राष्ट्रवाद झूठा देशप्रेम और झूठा
सेना का
प्रेम यह देश को गलत दिखा रहा है देश में
दिखा रहे हैं लेकिन उनके
एक्शंस उसके बिल्कुल विपरीत हैं वह अपने
देश की सेना को सैनिकों को उनके परिवारों
को कमजोर कर रहे हैं देश की सुरक्षा को
कमजोर कर

रहे आज का सैनिक अगर कमजोर होगा
तो सेना कमजोर
होगी और
अगर हमारे सैनिकों के
परिवार

अगर उनको विश्वास रहेगा कि देश उनका लुक
आफ्टर
करेगा तो सैनिक अपनी जान देने के लिए सरहद
पर तैयार
है भारतीय सेनाएं वर्ल्ड की बेस्ट
श्रेष्ठतम

श्रेणी में आती
हैं
हमारे फौज के इंस्टीट्यूशंस को डिस्ट्रॉय
किया जा रहा है हमारी कोर डिमांड है वन
रैंक वन पेंशन जिसको यूपीए सरकार ने 26
फरवरी 2026 को पास किया पार्लियामेंट के
दोनों सदनों के अंदर इसको पास किया
गया और आज वन वन पेंशन का मजाक बना दिया
है इस मोदी सरकार

ने वन रैंक एंड हंड्रेड ऑफ
पेंशंस ऐसा मजाक बना
दिया देश की सरहदों पर काम करने वाले
सैनिक अगर डिसेबल हो जाते हैं तो उनकी
डिसेबिलिटी का मजाक बना दिया
है हजारों की तादाद में मिनिस्ट्री ऑफ
डिफेंस के

केसेस जो डिसेबिलिटी फौज ने
दी उसके खिलाफ मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस
सुप्रीम कोर्ट में जा रही
है देश का सैनिक कैसे
लड़ेगा अगर उसकी
डिसेबिलिटी को के इश्यूज को एड्रेस नहीं
किया तो

कैसे तो
साथियों पहले हम
लेंगे जो वन रैंक वन पेंशन है उसमें मैं
आपको अपने मोदी साहब का मोदी सरकार का सच
दिखाना चाहता हूं सच या झूठ यह फैसला आपका
है 2015 से 14 से लेके और

2000 24 आज से कुछ दिन पहले रेवाड़ी में
उन्होंने रैली की थी उसके बीच का सच आप
लोगों को दिखाना चाहूंगा तकरीबन 3 मिनट का
वीडियो है दो-तीन मिनट का वीडियो है तो
जल्दी से अब विल गो थ्रू इट तो उसके बाद
आप खुद अंदाजा लगाइए कि मोदी जी का सच है
या झ झूठ है

वीडियो क दशकों
से हर सरकार से मांग कर रहे
थे वन रैंक वन

के बाद हमने वादा किया
था हम वन रैक वन पेंशन लागू करेंगे और मैं
आज मेरे वीर न के सामने सर झुका
करके इस वादा हमने पूरा कर दिया आज मैं
संतोष की अनुभूति
कर

साज करोड़ रुपया वितरित हो चुके हैं जब
मैंने हिसाब
लगाया तो फौज को वन रैंक वन पेंशन का पैसा
अगर देना है तो 12000 करोड़ रुप चाहिए
12000 करोड़ ये फौज के जवानों के साथ
धोखा है कि नहीं है फौज के जवानों के साथ
धोखा है कि नहीं है अगर उनको देना था तो
12000 करोड़ रुपए का प्रबंध करना चाहिए

नहीं करना चाहिए था हमने किया और भाइयो
बहन हमने वन रक वन पेंशन लागू कर दिया चार
किस्त में पैसा देना तय कर लिया अब तक
साढे हज करोड़ रुपया हम दे चुके हैं
भाइयों बहनों आगे वाली किस्त भी इस बजट

में फसला करन कागज पर चीज इकट्ठी करते
करते मुझे डेढ़ साल लग
गया सब बखरा पड़ा
था पूर्व सैनिकों के नामों का ठिकाना नहीं
मिल

रहा संख्या सही नहीं मिल रही मैं हैरान
था देश के लिए मरने मिटने वाले फौजियों के
लिए सरकार के पास सब बिखरा पड़ा था मैंने
वादा किया

मैं वादा पूरा करना चाहता हूं लेकिन सरकार
की तिजोरी में इतनी ताकत नहीं है कि एक
साथ 12000 करोड़ निकाल
दे यह लोग तो 500 करोड़ की बात करके चले
मान भाईयो बहनों यह निवृत फौजियों की ताकत
थी मैंने निर्णय कर लिया और अब तक चार
किस्त दे चुका

हूं 700 करोड़ रुप उनके खाते में जमा हो
गए और बाकी कि पचने वाला ऐसा ही एक
संकल्प मैंने आपके सामने किया था वन रैंक
वन पेंशन को लेकर के कि वन रैंक वन पेंशन
न सिर्फ लागू हो चुका है बल्कि अब तक
35000 करोड़ रुपए हमारी सरकार द्वारा
वितरित किए जा चुके हैं राजस्थान के मेरे
वीर भाइयों और

बहनों मोदी ने अपने सैनिक परिवारों को
वन रैंक वन पेंशन इसकी गारंटी दी थी हमने
अब तक 7 हजार करोड़ रुपए वन रैंक वन पेंशन
के तहत हमारे सेना के जवानों को मिल चुके
हैं यही रेवाड़ी
में

मैंने पूर्व सैनिकों
को वन रैंक वन पेंशन लागू करने की गारंटी
दी थी रेवाड़ी की वीर धरा
से लिया गया वह

संकल्प मैंने आपके आशीर्वाद से पूरा
किया अभी
तक ओ आर ओपी के तहत वन रैंक वन पेंशन के
तहत पूर्व सैनिकों को करीब करीब एक लाख
करोड़ रुपए मिल चुके हैं
हम जानते
हैं ग्राफ
ग्राफ

साथियों इकॉनमी किस तरह से ग्रो होती है
मोदी साहब ने सिखा दिया
सबको इस हिसाब से मेरे ख्याल से 5
ट्रिलियन की बात करते हैं यह हो सकता है
152 ट्रिलियन तक हो सकता है एक साल के
अंदर पहुंच

जाएंगे यह है मेरे मोदी साहब का मेरे
प्रधानमंत्री जी का सच
या झूठ यह फैसला आपको करना है यह
ग्राफ मैं आपको बताना

चाहूंगा कि 2014 के अंदर जब हमने वन रैंक
वन पेंशन की लड़ाई लड़ रहे थे तो पूरा
मसौदा तैयार किया गया टोटल खर्चा इसके ऊपर
8300 करोड़ रुप आना था
2015 में जब इसको इंप्लीमेंट किया गया
मोदी सरकार

द्वारा तो इसको इसके बहुत सारे पहलू जो है
वह हटा दिए गए और 5300 करोड़ टोटल आउट ले
जो है वह पास किया
गया उसके
बाद

2000 1 में 18 में 19 में यह बढ़कर
2019 में बढ़कर यह तब तक टोटल
सिर्फ 177000 करोड़ के आसपास होना चाहिए
था

और ओ आर ओपी टू आने के
बाद यह ज्यादा से ज्यादा 23000 करोड़
रुपया होना चाहिए था यह मेरा
मेरा मेरी प्रेजेंटेशन नहीं है मिनिस्ट्री
ऑफ डिफेंस

की 23 दिसंबर 2022
की प्रेजेंटेशन है जिसके अंदर कहा गया 23
हज

करोड़ वन रैंक वन पेंशन के लिए निर्धारित
है आज तक तो साथियों उसके
बाद अक्टूबर 2023 में राजस्थान के चुनावों
के अंदर झुंझुनू की रैली के अंदर बताया 7
हज करोड़ रुपया दे चुके हैं और अभी कुछ
दिन

पहले रेवाड़ी में रैली हुई थी तो उस रैली
के अंदर बताया एक लाख करोड़ से ज्यादा दे
चुके हैं मोदी जी देश को झूठ बोलना बंद
करें देश की सेनाओं के साथ झूठ बोलना बंद
करें आप जुमलो की सरकार चलाते हैं देश के
सैनिक जुमले नहीं ना तो बोलते ना सुनते और
ना समझ

सकते देश के सैनिक अपनी सरहदों के ऊपर अगर
यही जुमले देने शुरू कर दे झूठ बोलने शुरू
कर दे तो

यह अग्रेशन और यह सरहदें हम महफूज नहीं कर
पाएंगे मेरे सैनिकों से झूठ बोलना बंद
करो आप आपने अपने कॉरपोरेट के साथियों को
आज तक 14 लाख करोड़ से ज्यादा आपने उनके
कर्जे माफ कर दिए हैं एनपीए जो है उनको
माफ कर दिया गया

है और क्या आपके पास अपनी सेना को देने के
लिए 23000 करोड़ नहीं है 23000 करोड़ आज
तक टोटल दिया गया है और उसको कहीं पर आप
70000 करोड़ बोल रहे हैं कहीं पर आप एक
लाख करोड़ बोल रहे हैं और इस तरह से जिस
स्पीड से आप चल रहे हैं तो शायद हो सकता
है कि पूरा का पूरा डिफेंस का जो 6 लाख च

6 लाख हज करोड़ का जो बजट है उसके बारे
में भी आप यह बात करेंगे 2024 के इलेक्शन
के अंदर कि यह सब कुछ हमने वन रैक वन
पेंशन के अंदर दे दिया क्या यह सही है
सवाल पूछना चाहिए आपको

पत्रकारों मोदी जी से सवाल पूछिए हमसे मत
पूछिए कि आप झूठ क्यों बोल रहे हैं मजाक
बना दिया आपने इस वन रक वन पेंशन
का

इसके साथ-साथ
आज हमारे पूरे का पूरा जो सैनिक समाज है
पूर्व सैनिक समाज है नाराज है क्योंकि वन
रैंक वन पेंशन की जिस तरह से इन्होंने ओ
आरपी वन के बाद ओ आरपी टू के अंदर
विसंगतियां पैदा कर दी है हमारे जेसीओ
जवानों को जो साज करोड़ साज पर मंथ के
हिसाब से उनको कम मिल रहा है उसकी लड़ाई
हम जंतर मंतर पर भी लड़ रहे हैं पूरे देश
भर में लड़ रहे
हैं मैं जानना चाहूंगा आपके माध्यम से यह
23 हज करोड़ से लेकर और जो एक लाख करोड़
के बीच का जो 77 हजार करोड़ का जो डिफरेंस
है आपने किन अपने पूंजीपति साथियों को
दिया है फौजियों को नहीं दिया फौजी
परिवारों को नहीं दिया वन रैक वन पेंशन को
नहीं दिया आपने किन अपने पूजी पति साथियों
को दिया है यह मैं पूछना चाहूंगा
आपसे साथियों इसके साथ-साथ
एक और बड़ा मुद्दा जो डिसेबिलिटी पेंशन का
है डिसेबिलिटी पेंशन
जब फौज का सैनिक कहीं लड़ते-लड़ते घायल हो
जाता है तो उसको दिया जाता है डिसेबिलिटी
के हिसाब से जितनी डिसेबिलिटी है उसके
हिसाब से उसको दिया जाता है उस डिसेबिलिटी
पेंशन के लिए इन्होंने एक नई पेंशन स्कीम
लेके आए हैं जिसके
अंदर डिसेबिलिटी को खत्म कर दिया गया है
डिसेबिलिटी पेंशन अब डिसेबिलिटी पेंशन
नहीं रही है इसका नाम दे दिया गया
है इंपेयरमेंट रिलीफ
और इसके अंदर यह कहा है कि यह डिसेबिलिटी
पेंशन अब डिसेबिलिटी नहीं
है और यह बोलते हैं जो डिसेबल सोल्जर को
जो पेंशन मिलती है उसके लिए उन्होंने लिखा
है दिस इज नॉट अ पेंशन एंड शल सीज अपॉन द
डिमाइज ऑफ द
रिसिपिएंट अगर सैनिक
को पेंशन मिल रही थी डिसेबिलिटी पेंशन तो
डिसेबिलिटी पेंशन मिलने के बाद अगर उसको
उसका देहात हो जाता है तो उसके परिवार को
उसके पूरी पेंशन मिलती रहती थी फैमिली
पेंशन के तौर पर उसको 40 पर कम किया जाता
था लेकिन आज उसको यह डिसेबिलिटी पेंशन का
जो पोर्शन है वह जीरो हो जाएगा मोटी मोटी
बात इतनी है कि अगर 100% डिसेबल सोल्जर को
₹ सेल पेंशन मिलती थी तो ₹ उसको
डिसेबिलिटी पेंशन मिलती 00 और जैसे ही
उसका देहांत हुआ तो यह पेंशन 00 से घट के
सिर्फ 50 मात्र रह
जाएगी 50 मोदी साहब इस पेंशन से निकालकर
अपने पूंजीपति साथियों को देंगे यह प यह
पेंशन पॉलिसी
है यह है मोदी जी का देश प्रेम सेना का
प्रेम
राष्ट्रवाद पहले यह जो डिसेबिलिटी पेंशन
थी इनकम टैक्स के परव्यू से बाहर थी अब
क्योंकि यह डिसेबिलिटी पेंशन ना रहकर
इंपेयरमेंट रिलीफ है तो यह इनकम टैक्स के
दारे में भी आ गई तो जो 00 पेंशन मिलती थी
तो उसके ऊपर 30 पर टैक्स लग के उसको सिर्फ
मात्र 0 मिलेंगे यह फर्क है यह जो यह जो
आंकड़ों का हेरफेर मोदी सरकार कर रही है
देश के सैनिकों के साथ इसका कितना
आउटलेट आउट लेिमोग्लोबिन
का काम किया है शर्म आती है मुझे आप आपके
राष्ट्रवाद पर शर्म आती है आपके सेना के
प्रेम के ऊपर शर्म आती है आपको कोई अधिकार
नहीं कि आप सियाचिन में जाकर कारगिल में
जाकर दराज में जाकर हमारे सैनिकों के साथ
होली और दिवाली मनाए नहीं चाहिए ऐसी होली
और दिवाली आपके
साथ हमें चाहिए तो सेना के घायल साथियों
का सम्मान चाहिए उनके परिवारों का सम्मान
चाहिए हमें वन रैंक वन पेंशन
चाहिए और इसका एक और
पहलू जो डिसेबिलिटी
पेंशंस किसी सैनिक को मिल रही थी उसके
खिलाफ उसके
खिलाफ मोदी सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस
उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जा रही है
आर्म फोर्सेस ट्राइबल उन्होंने जो फैसले
किए हैं उन फैसलों
के सैनिकों के हक में फैसले किए हैं और उन
फैसलों के खिलाफ
पीआईएल अभी दायर की गई है ऐसी ही पीआईएल
पहले 2019 में भी दायर की हुई थी और 2019
के
अंदर इलेक्शंस क्योंकि जनरल इलेक्शन आ रहे
थे तो उस समय पर मोदी जी ने इसका संज्ञान
लेते
हुए वह सारे के सारे केसेस सुप्रीम कोर्ट
से विड्रॉ कर दिए आज फिर तकरीबन 3000 के
करीब ऐसे केसेस हैं
जो डिसेबल सोल्जर्स के आर्म फोर्सेस
ट्राइबल ने उनके हक में फैसले किए हैं और
उसके बाद उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के
अंदर और हाई कोर्ट के अंदर मोदी सरकार जा
रही
है सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस मेडिकल
कंडीशन के अंदर आप एक सैनिक को सेना में
भर्ती करते हो तो रिलीज के टाइम पर उसकी
वही मेडिकल कंडीशन होनी चा चाहिए उसके तहत
अगर उसकी कोई भी मेडिकल कंडीशंस में फर्क
होता है तो
वह सेना के स्ट्रेस ट्रेन लड़ाई और सब
चीजों को संज्ञान में लेते हुए वह सैनिक
की डिसेबिलिटी मानी जाए यह कहा है
उन्होंने द सुप्रीम कोर्ट हैज ऑलरेडी रूल
दैट द बेनिफिट ऑफ डाउट इज टू बी गिवन टू
सोल्जर्स डिसेबिलिटीज इरेस्पेक्टिव ऑफ
मैनर ऑफ एट फ्रॉम सर्विस एंड वेदर द
डिसेबिलिटीज हैव बीन हैव अकड इन पीस और
फील्ड यह सुप्रीम कोर्ट कह रहा है मैं
नहीं कह रहा हूं सुप्रीम कोर्ट ने माना है
लेकिन मोदी सरकार इसको नहीं मानती है मोदी
सरकार के खिलाफ मुकुल रद की जी के
खिलाफ स्ट्रक्चर्स भी पास किए
गए और कहा
गया कि दिस इज कॉजिंग लॉस टू द स्टेट एंड
एंबेरेसमेंट टू द गवर्नमेंट द सुप्रीम
कोर्ट हैड देयर आफ्टर पास्ड स्ट्रक्चर
स्ट्रक्चर्स अगेंस्ट एमओ फॉर चैलेंजिंग
सेटल्ड पेंशन केसेस बाय द एटी आर्म
फोर्सेस ट्राइबल आज 2023 के
अंदर ऐसे ही 3000 से ज्यादा केसेस
है मोदी सरकार आपको मैं यहां
से आपके माध्यम से कहना चाहूंगा कि इनको
तुरंत प्रभाव से वापस किया जाए और
सोल्जर्स को समान दिया
जाए आखिर में एक और बड़ा मुद्दा
है जो सोल्जर्स हमारे देश की सेवा करके
वापस आते हैं रिटायर्ड हो जाते हैं उनको
मेडिकल स्कीम है एक्स सर्विसमैन
कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम जिसकी जरूरत थी
00 करोड़
रुपया मोदी साहब ने आज आज तक 2023 और 24
का जो बजट था उसके अंदर इसका सिर्फ 4700
करोड़ रुपए का प्रोविजन
रखा और 4700 करोड़ के अंदर हमारे पूर्व
सैनिकों के जो मेडिकल कंडीशंस है उनका
ध्यान नहीं रखा जा सकता जब आर्म फोर्सेस
ने 10000 करोड़ मांगे थे तो आपने उनको
4700 करोड़ क्यों
दिए जितने भी एंपेनल्ड हॉस्पिटल्स हैं वो
हमारे पूर्व सैनिकों की मेडिकल फैसिलिटी
नहीं दे पा रहे हैं
उनके 6000 करोड़ के बिल लंबित हैं और जब
पूर्व सैनिक वहां पर
अपनी रख रखाव के लिए अपनी हेल्थ कंडीशन के
लिए जाता है तो उसको वापस कर दिया जाता है
कि अभी सरकार ने पैसे नहीं दिए हैं तो
इसलिए आपका इलाज हम नहीं
करेंगे
पहले सरकार को बोलिए कि पैसे दें तब हम
आपका इलाज करेंगे क्या आप अपने पूर्व
सैनिकों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त
करेंगे मेरे ख्याल से नहीं
करेंगे देश के पूर्व सैनिकों ने अपनी अपना
यूथ दिया है देश
को आज कोई 70 साल का 80 साल का 90 साल का
है उसका ध्यान रखना उसका इलाज करना उसकी
कंडीशन का संज्ञान लेना यह देश की
बुनियादी देश की जिम्मेदारी है बुनियादी
तौर पर और देश की बुनियादी आप लोग टैक्स
दे रहे हैं लेकिन मोदी साहब इस पैसे को
साइफन आउट करके अपने साथियों को पूंजीपति
साथियों को दे रहे हैं लेकिन देश के पूर्व
सैनिकों के इलाज में जो पैसा चाहिए वह
नहीं दे पा रहे
हैं तो
इसमें मोदी सरकार से कहना चाहूंगा कि जल्द
से जल्द आपके पास 10 12 दिन बचे हैं जल्द
से जल्द यह 000 करोड़ रुपए दीजिए ताकि
हमारे पूर्व सैनिकों का इलाज हो सके
हॉस्पिटल्स की लायबिलिटीज को खत्म किया जा
सके और नहीं कर सकते हैं तो आपको सत्ता
में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है आप
नहीं कर सकते तो कांग्रेस सरकार आने को
तैयार है इंडिया गठबंधन आने को तैयार है
2024 में आपका जाना तय है और कांग्रेस और
इंडिया गठबंधन का आना भी तय है और मोदी जी
आपको याद दिलाना
चाहूंगा एक संज्ञान के माध्यम से रामधारी
सिंह नकर जी ने अपनी रचना रश्मी रथी के
अंदर कहा था जब श्री कृष्ण पांडवों के लिए
पांच गांव मान मांगने गए थे कि महाभारत का
युद्ध ना हो
लेकिन दुर्योधन वो भी दे ना
सका मोदी जी आज पूर्व सैनिक आपसे अपनी सही
असली वाली वन रैंक वन पेंशन जो यूपीए
सरकार ने 26 फरवरी 2014 को दोनों ही
लोकसभा और राज्यसभा में पास करवाकर दी थी
हमें वह वन रैंक वन पेंशन चाहिए हमें कोई
भी विसंगति वन रैंक वन पेंशन की नहीं
चाहिए हमें समान एमएसपी सभी जवान ऑफिसर और
की चाहिए हमें डिसेबिलिटी पेंशन जो पहले
थी वह डिसेबिलिटी पेंशन चाहिए आपकी यह
इंपेयरमेंट रिलीफ नहीं चाहिए हमें देश के
पूर्व सैनिकों के इलाज के लिए जो 00 करोड़
रुपए का आउटलेट था वह पूरा का पूरा चाहिए
ताकि उनका इलाज किया जा सके
और अगर नहीं दे पाएंगे तो पूर्व सैनिकों
ने और देश की जनता ने फैसला कर लिया है कि
आपको 2024 में चलता करेंगे
मैं सिर्फ यही कहूंगा रामधारी सिंह जि
दिनकर जी की रचना में जैसा उन्होंने कहा
था जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक
मर जाता है दुर्योधन वह भी दे ना सका आशीष
समाज की ले ना सका मैं यह पैरालेस ड्र
करना चाहता हूं कि मोदी जी वह भी दे ना
सके आशीष समाज की ले ना सके उल्टे हरि को
बांधने चले जो था असाध्य उसको साधने चले
जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक मर
जाता है अपना विवेक जगाए मोदी जी वरना
पूर्व सैनिक समाज एक करोड़ एक करोड़ 16
लाख लोगों का जो परिवार है वह आपको यहां
से चलता करने के लिए तैयार है
धन्यवाद सवाल थैंक यू वेरी मच आपके जो
सवाल हो इस पर रिक्वेस्ट यह है कि इसी
मुद्दे पर जो भी सवाल हो उनका क रोहित
चौधरी जवाब
देंगे यस वी हैव टेकन अप इशू हमारी
मल्टीपल ऑर्गेनाइजेशन है इंडियन एक्स
सर्विसमैन मूवमेंट ने मेरे पास अभी लेटर्स
यहां नहीं है लेकिन हमने पूरा अपना 14
पॉइंट का हमने डिमांड जो है व मिनिस्ट्री
ऑफ डिफेंस को दिया
है डायरेक्टरेट ऑफ एक्स सर्स
डीएस डब्लू उनके साथ मीटिंग्स हो चुकी हैं
सब बात मान रहे हैं
लेकिन देने को तैयार
नहीं मिनिस्ट्री ऑफ
डिफेंस आगे ले जाती है सेना बार-बार कह
रही है सेना ने यह
पॉइंट सितंबर 2023 में जो आर्मी कमांडर्स
कॉन्फ्रेंस थी उसके अंदर यह बड़ा पॉइंट
था और भी बहुत सारी चीजें थी लेकिन यह भी
एक पॉइंट पॉइंट था इसको उन्होंने संज्ञान
नहीं लिया भेजा हुआ है लेकिन मोदी साहब के
पास फुर्सत नहीं
है कि सेना के बारे में बात कर सके या
सेना को दे
[संगीत]
सके वन रैंक वन पेंशन की डिमांड कर रहे
हैं आप यह कह रहे हैं कि 2014 में यूपीए
गवर्नमेंट ने जो पास किया था और अभी आप कह
रहे हैं कि मोदी जी ने जो दिया है 2000
करोड़ रुप दिया है तो व्हाट इज द डिफरेंट
बिटवीन
बोथ देखिए वन रैंक वन पेंशन का बड़ा सिंपल
सा डेफिनेशन है यह मैं आपको थोड़ा सा आप
लोगों के समझ के लिए मैं आपको
यह 26 फरवरी 2014 का यूपीए का यह ऑर्डर है
इसके अंदर एक डेफिनेशन दी गई थी वन रैंक
वन पेंशन बड़ा सिंपल समान रैंक समान लेंथ
ऑफ सर्विस समान
पेंशन चाहे वह कभी भी रिटायर हुआ हो या
आगे कभी रिटायर होगा सबकी सेम पेंशन
यह यह माना गया
लेकिन लेकिन यह क्राइटेरिया अगर यह माना
यह इंप्लीमेंटेशन ऐसे
होती तो आज कोई भी विसंगति पैदा नहीं होती
लेकिन उन्होंने उसको इस तरह से ना
देकर वन रैंक वन पेंशन की जगह वन टाइम
एनहैंसमेंट दी है जो 2014 में हुई 2014
में जो डिमांड कर रहे थे टोटल
आउटलेट का जब नवंबर 2000 15 में ऑर्डर
निकाला तो उसके अंदर इसको रिड्यूस कर दिया
गया 5300 करोड़ में तो 3000 करोड़ गायब
हुए तो कहीं ना कहीं तो फर्क हुआ उसके
अंदर यह कहा गया कि जो वॉलंटरी रिटायरमेंट
आते हैं तो उन लोगों
को इससे वन रैंक वन पेंशन से दूर रखा
जाएगा
क्यों फौज में पेंशन धारी तभी बनता है जब
उसकी 20 साल की सर्विस हो जाती है ऑफिसर
जवान 15 साल की सर्विस हो जाती है तब उसको
पेंशन मिलती है हमारे यहां कोई सिस्टम
नहीं है वॉलंटरी रिटायरमेंट का पू व तभी
बनता है जब 15 साल उसके पूरे हो जाते हैं
पेंशन धारी बन जाता
है तो उसको क्यों महरूम रखा
गया तो यह बहुत सारी चीजें हैं इन्होंने
लगातार हम इस बात को उठा रहे हैं 2019 के
अंदर इसकी इक्विलाइजेशन की
गई वन रंक वन पेंशन के हिसाब से हर साल
इसकी इक्विलाइजेशन होती
है लेकिन जब इक्विलाइजेशन आप पा साल में
करोगे तो पा साल में हर साल 12 महीने
रिटायरमेंट्स होती हैं हर एक की अपनी-अपनी
अलग-अलग पेंशन हो गी 12 * 5 60 60 पेंशन
एक रैंक
की और अलग-अलग सर्विस हुई तो कितना
कॉमिनेशन अगर परमिटे कॉमिनेशन अगर बनाना
चाहे तो हजारों तरह की पेंशन बन
गई तो यह फर्क है हमारा सिर्फ सवाल यह है
कि आप देश से और देश के सैनिकों से झूठ
नहीं बोल सकते आप ने 1 लाख करोड़ कैसे
बनाया जब 2022 के अंदर टोटल आउट ले अभी तक
का 23000 करोड़
था कोई बात नहीं ठीक है तो यह
सब 23000 करोड़
था तो आज उसको 1 लाख करोड़ कैसे बना दिया
मैं सवाल सिर्फ एक पूछना चाहूंगा कि 700
करोड़ अगर अक्टूबर में अक्टूबर 2023 में
था तो
आज तीन महीने के अंदर वह एक लाख करोड़
कैसे हो गया 3 हज करोड़ कहां
बढ़े इतनी स्पीड से तो मोदी साहब मेरे
ख्याल से अगर हम 10 साल की जीडीपी लगाए तो
10 साल की जीडीपी भी नहीं बढ़ सकती है
ग्रोथ रेट कितना 33
पर जीडीपी का ग्रोथ रेट क्या है 6 पर
तो आप 33 पर तो तीन महीने बढ़ा
गए क्या किसको बेवकूफ बना रहे मोदी जी
दिखता है सबको सब सबको समझ आता है आप लोग
पत्रकार बंधु बताइए थैंक यू वेरी मच

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