ये दांव पड़ेगा उल्टा, युवाओं के रूख देखकर भाजपा पसीने-पसीने ॥ Election 2024

पिताजी चाहते थे नौकरी करूं जरा पढ़ने में
ठीक-ठाक था और मैं थोड़ा क्रांति करना
चाहता था विद्यार्थी परिषद में मैंने काम
किया उनका संगठन मंत्री रा घर छोड़ के गया
काम किया आज भी मुझे विद्यार्थी परिषद के
बच्चे मिलते हैं तो मुझे भी वो अच्छे लगते

हैं और एनएसयूआई के लोग मिलते हैं तो वो
भी अच्छे लगते हैं सबसे बड़ी परेशानी जहन
में सबसे बड़े दर्द इस समय देश के नौजवान
के अंदर क्या है और छात्र अपने आप को ठगा
हुआ महसूस करता तो ये इस घटनाक्रम पे
एनएसयूआई का कोई मूवमेंट एनएसयूआई क्या
करेगी क्या सरकार शामिल हैती जानबूझ के
लिए कराती है अपने किले से बाहर आना चाहि


यो एक सेकंड एक सेकंड ये किंगडम कहां से आ
गया बेचारे योगी आदमी है एक जोड़ी कपड़े
पहनते हैं सुबह 4:00 बजे जाते हैं दिन भर
मेहनत करते हैं किंगडम कहां से न आ वो
राजा हैं क्योंकि वो लोकतंत्र में विश्वास
नहीं रखते ये लखनऊ है योगी जी के बुलडोजर
का नाम सुनाया आपने अभी आप यहां रहना है
आपको किसी कांग्रेस के किसी पदाधिकारी ने
सड़क पे आके कहा कांग्रेस के प्रदेश

अध्यक्ष ने जनरल सेक्रेटरी ने कांग्रेस ने
सड़कें जाम करी आप लोग
में हमारे सा इंटरव्यू में बड़े बड़े भाषण
दे देते हैं जिस दिन पेपर ली हुआ उस दिन
कांग्रेस ने क्यों नहीं उत्तर प्रदेश की

सड़को पर प्रदर्शन जिस समय बैठ के गठबंधन
की बात होनी चाहिए सीट शेयरिंग होनी चाहिए
उस समय आपका नेता सड़क घूम रहा है
लोकतंत्र को बचाने की बात कर रहे त्र
बनेगा सरकार बनेगी इनकी सरकार बन गई तो
आपकी पार्टी बचेगी नहीं क्या खराब नेटवर्क
है आपका कि मध्य प्रदेश की स्टूडेंट
यूनियन ने आपको बताया नहीं एनएसआई की कि
हमारे कमलनाथ का खेल चल रहा है आपको पता
नहीं आप बता रहे

नहीं नमस्कार मैं संजय शर्मा आप देख रहे
हैं 4 पीएम न्यूज नेटवर्क एक नई बात अपने
बारे में बताता हूं मेरे बहुत सारे
दर्शकों को पता नहीं होगी वह सोचते हैं कि
पत्रकार हूं पत्रकार ही पैदा हुआ हगा बाकी
क्या करता था पहले शायद बहुत लोगों को पता
नहीं है मैं आपको बता दूं जब मैं पढ़ के

आया तो पिताजी चाहते थे नौकरी करू जरा
पढ़ने में ठीक ठाक था और मैं थोड़ा
क्रांति करना चाहता था तो क्रांति करने के
लिए मैं पहले विद्यार्थी परिषद जवाइन करी
स्टूडेंट टाइम से विद्यार्थी परिषद में
मैंने काम किया उनका संगठन मंत्री राहा घर

छोड़ के गया काम किया और कुछ अलग अलग
मुद्दे थे उसके बारे में विस्तार से फिर
मैंने एनएसयूआई भारतीय राष्ट्रीय छात्र
संघटन कांग्रेस जवाइन करी और उसका भी जनरल
सेक्रेटरी रा मैं तो यह बहुत पहले की बात
है फिर य हुआ कि पत्रकारिता करनी चाहिए

नेतागिरी मेरे बस की बात नहीं है तो दोनों
संगठनों से आज भी मुझे विद्यार्थी परिषद
के बच्चे मिलते हैं तो मुझे भी वो अच्छे
लगते हैं और एनएसयूआई के लोग मिलते हैं तो
वह भी अच्छे लगते हैं एक मेरा व्यक्तिगत
मानना है कि जो लोग कहते हैं कि छात्र संघ

के चुनाव नहीं होने चाहिए छात्र संघ
गुंडागर्दी का अड्डा बन गए हैं मैं
सिद्धांत ता व्यक्तिगत इस बात का बड़ा
विरोधी ह जब आप 18 साल की उम्र में तय कर
देते हैं कि आप 18 साल के होंगे और वोट
डाल सकते हैं यानी देश का भाग चुन सकते
हैं 18 साल के होने के बाद तो जो बच्चे

पढ़ाई कर रहे हैं वो क्यों नहीं राजनीति
का क ख घ सीख सकते छात्र संघों के चुनाव
इसलिए भी जरूरी हैं कि छात्र संघ के चुनाव
एक विचारधारा तय करते हैं व्यक्ति के अंदर
एक नेतृत्व देने की क्षमता पैदा करते हैं
और राजनीति इस देश की सबसे अहम चीज है आप

किसी से बात करेंगे नेताओं के बारे में
बड़ी गलत नाक सड़ेगा अरे नेता बड़े खराब
होते हैं और मुझे बड़ा कभी कभी खराब लगता
है नेताजी शब्द इस देश का गौरव है
सुभाष चंद्र बोस के लिए कहा गया था लेकिन
आजकल नेताओं के नाम से नाग बोस कोड़ते हैं
जबकि मेरे और आपकी जिंदगी नेता ही तय करते

हैं संसद ही तय करती है तो इस समय राहुल
गांधी की न्याय यात्रा जब उत्तर प्रदेश
में आई लखनऊ में आई तो बहुत सारे फ्रंटल
ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य और नेता उसमें आए
थे तो मैं आज आपकी मुलाकात एक ऐसे नेता से
करा रहा हूं एनएसयूआई के वो राष्ट्रीय
अध्यक्ष हैं नौजवान हैं अभी 45 दिन पहले
वो एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

दिल्ली विश्वविद्यालय के वह पदाधिकारी रहे
जुझारू छात्र नेता है और 45 दिनों में
उन्होंने

एक शानदार काम किया राजस्थान की राजनीति
हिलाई राजस्थान के विश्वविद्यालय के
अध्यक्ष निर्दलीय जीता था व राजस्थान
विश्वविद्यालय का अध्यक्ष हां छात्र संघ
चुनाव होते हैं बड़ा इंपॉर्टेंट है बड़े
गरीब घर का लड़का था वह निर्दलीय जीता था

लेकिन वरुण चौधरी ने एनएसआई के राज के
अध्यक्ष ने राजस्थान जाकर उसको कांग्रेस
की सदस्यता ग्रहण कराई तो आज लखनऊ में हम
लोग सिरोज में बैठे हुए हैं और मेरे साथ
है यह वरुण चौधरी नौजवान नेता स्मार्ट
नेता हीरो टाइप की मैंने इनसे कहा कि कहां
राजनीति में आ रहे पिक्चर विक्चर में काम
करते बॉलीवुड में करते कैसा लगा आपको लखनऊ
आप पहले लखनऊ आए हैं कभी मैं बहुत पहले

आया था लखनऊ लेकिन कितने साल पहले बहुत
पहले मतलब मैं बोलूं लगभग 15 साल पहले मैं
लखनऊ आया था अच्छा तब तो आपको लखनऊ बदला
हुआ नजर आया होगा हां काफी बदला मुझे लखनऊ

लगभग सारे जिले घूम चुका हूं बनारस में
बहुत समय रहा हूं लाबाद यूनिवर्सिटी के
चुनाव में मैं काफी गया हूं हां मैं बोलूं
कि ये
फॉर्चूनेटली कि लखनऊ में आपका स्वागत है
मुस्कुराई है कि आप लखनऊ में नहीं नहीं

बहुत-बहुत धन्यवाद संजय जी और ये जान के
मुझे अभी पता चला आपके इंटरव्यू से इससे
पहले मुझे पता नहीं था कि आप हमारे मतलब
जो एनएसवाई का हिस्सा रहे सीनियर हूं बॉस
हूं आपका मैं आप से हमारे
सीनियर मुझे लगता है कि एनएसवाई के कारण

से कहीं यह हो रहा है कि आज आप मजबूती से
जो पत्रकारिता का काम है वो भी आप बहुत उ
से कर हा ये अपनी पार्टी कर र मैं कहूंगा
विद्यार्थी परिषद की वजह से कर रहा हूं तो

आपने अपनी पार्टी मैं विद्यार्थी परिषद
में भी रहा हूं भैया संगठन मंत्री रहा हूं
तो हो सकता है मैं वहां का काम कर रहा हूं
मुझे ऐसा लगा कि अगर आप एनई का हिस्सा रहे
तो इसलिए आप मजबूती से जो पत्रकारिता का

काम है बहुत कम लोग इस देश में कर रहे हैं
आप उन चुनिंदा लोगों में से हैं जो इस काम
को बहुत शुक्रिया बखूबी कर रहे शुक्रिया
वरुण जी बात वहां से शुरू करते हैं दिल्ली
विश्वविद्यालय से जरा मुझे थोड़ा सा

संक्षिप्त दिल्ली विश्वविद्यालय की वो
यात्रा वो चुनाव उसके बारे में बताइए
दर्शकों को पता चले भाई एनएसओ का
राष्ट्रीय अध्यक्ष बना है तो दिल्ली में
इसका क्या जलजला था कैसे चुनाव लड़े क्या

2012 में मैंने एडमिशन लिया फर्स्ट ईयर
में दिल्ली यूनिवर्सिटी में तो एडमिशन
लेने से पहले अब तो एडमिशन सब ऑनलाइन हो
गए एडमिशन लेने से 2012 में जो एडमिशन हुआ
करते थे वो हुआ करते थे ऑफलाइन तो मैं जिस
दिन फॉर्म निकला मैं फॉर्म लेने गया एक एक

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज में मुझे
कॉलेज का नाम भी याद है वो अभी भी जिस
कॉलेज में फॉर्म लेने गया मैं तो मैं

कॉलेज में जब लेने गया तो बाहर मुझे
एनएसवाई के कुछ साथी मिले मैं उस टाइम नया
नया में बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई करके आया
था दिल्ली में घूमता घूमता था बहुत दिल्ली
के बोर्डिंग स्कूल में था लेकिन बाहर की

दुनिया से इतना ज्यादा जागरूक नहीं था तो
मैंने एनएसवाई का साथी मिला मुझे पता था
एनएसवाई के बारे में अक्सर मैं जब स्कूल
की उम्र में भी था तो मैं गांधी जी के
बारे में बहुत कुछ पढ़ता था मैं लोहिया जी
के बारे में बहुत कुछ पढ़ता था तो मुझे

थोड़ा शौक था राजनीतिक वो थी कि मैं
पॉलिटिकल साइंस में काफी पढ़ता था तो मुझे
एनएसई का साथी मिला तो उसने मुझे बहुत मदद
करी तो मुझे फॉर्म भरने में मेरी बहुत
हेल्प करी व लाइनों में बहुत लोग परेशान
थे मतलब बहुत लंबी लंबी लाइनें लगती थी

2012 में लंबी लाइनों में पानी बांटने का
काम एनएसवाई का हमारे साथ ही कर रहे थे
मुझे अभी भी याद है एक लड़की चक्कर खाके
गिर गई थी उस कॉलेज में फॉर्म भने बहुत

गर्मी का समय होता था वो चक्कर खा के तो
फेंट हो के गिरने लगी थी तो उस एनएसवाई के
साथी ने लड़की को उठाया उसकी मदद करी उसको
पानी पिलाया तो वहां से मेरी एनएसवाई की

जनी स्टार्ट हुई तो मैंने साथी पे गया कि
कैसे मैं आपका वॉलेटर बन सकता हूं तो
उन्होंने कहा आप हमारा वॉलेटर बन सकते हैं
वो कल से आप भी आइए छात्रों की मदद करिए
हम आपको बताते हैं तो उस दिन मेरा मैं
वॉलेटर बना और शाम को मैंने जाके मेंबरशिप
ली एनएसवाई की एसवाई काले पहले दिन पहुंच
पहले दिन नेतागिरी शुरू पहले दिन नेतागिरी

शुरू वो मेरा अब तो उसको मैं अपना सौभाग्य
मांगता हूं और उसके बाद में दिल्ली में
मैं पूरा एक्टिव हुआ तो मेरे संगठन ने
मुझे जिम्मेदारी दी कि दिल्ली का मुझे
सचिव बनाया अनीश भाई का उसी समय 15-20 दिन

बाद के आपने इतना अच्छा काम कराया
ड्यूरिंग एडमिशन हेल्प डेस्क में और फिर
मुझे बोला गया कि आप अच्छा बोलते हैं आपकी
एक सोच है आपने कुछ बच्चे जोड़े नए मैंने
लगभग मुझे अभी भी याद है वो फर्स्ट ईयर का
मेरा जब एडमिशन दिल्ली यूनिवर्सिटी में
हुआ तो जिस दिन कॉलेज खुला उसके एक हफ्ते
के अंदर मैंने लगभग 550 बच्चे नए फर्स्ट
ईयर के जोड़े थे एनएसवाई से तो मुझे

एनएसवाई के संगठन ने मुझे बोला कि आप
क्यों डूसू की तैयारी नहीं करते मैंने कहा
ये तो मेरी मतलब आपने दिल की बात कर ली
अगर संगठन मका देगा दिल्ली जाले का छात्र
संघ का चुनाव डूसू चुनाव जिसको कहते हैं
तो मेरी 17 साल की उम्र थी फर्स्ट ईयर का

मैं स्टूडेंट था तो संगठन ने कहा कि हमारे
यहां अगर कोई टैलेंटेड है तो उमर उम्र ना
देखकर लोग कहते हैं कि थोड़ा मैच्योर हो
जाना चाहिए उमर ज्यादा होनी चाहिए तो
हमारे संगठन ने कहा नहीं अगर आपने बच्चे
जोड़े और आपके अंदर ये होनर है तो संगठन

आपको मौका देगा संगठन ने मुझे मौका दिया
और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ में सबसे
कम उम्र का मैं अभी तक की हिस्ट्री में
सचिव बना अच्छा पूरे विश्वविद्यालय में
हां दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के
चुनाव में सबसे कम उम्र का मैं सचिव बना

2012 में अच्छा वहां से राजनीति शुरू कर
वहां से भी राजनीति का पड़ाव आगे बढ़ता
रहा और आज मुझे गर्व है कि मैं एक मैंने
प्रदेश सचिव से अपनी जर्नी शुरू करी थी

अध्यक्ष जुगाड़ क्या लगाया गया राष्ट्रीय
अध्यक्ष तो ऐसे बनता नहीं है आगा नहीं
नहीं मैंने जुगाड़ नहीं लगाया गया बिल्कुल
वास्तव की बात बताता हूं हमारे यहां कुछ
लोग शॉर्ट लिस्ट हुए जो मेरे साथी थे साथ
में करब थे शॉर्टलिस्ट हुए फिर हमारा खुद

का हमारे संगठन इंटरव्यू लिया पुरानी
जर्नी देखी किसने कितना काम करा गया है
किसमें क्या हुनर है तो मुझे संगठन ने
मौका दिया गया और आज भी मैं 45 दिन हो गए
हैं लगभग मैं 1415 राज्य घूम चुका हूं तो
मुझे यह भी व गर्व नहीं है मुझे गर्व की

बात तो है कि मैं राष्ट्री अध्यक्ष हूं
लेकिन मैं आज भी कार्यकर्ता के तौर पर ए
काम कर रहा हूं कितने लोग जुड़े हैं राहुल
गांधी की न्याय यात्रा से छात्र बहुत
छात्र जुड़े हैं मतलब मैंने मणिपुर से
शुरू करी है राहुल जी ने बाज यात्रा तो

मणिपुर से आप देखेंगे बहुत छात्र जुड़े
हैं बहुत छात्रों ने अपने अपने मेमोरेंडम
दिए तमाम बातें रखी और खास तौर पर जब हम
उत्तर प्रदेश आए उत्तर प्रदेश आप देखेंगे
जब बनारस में घुसे बनारस से लेके आज वो
लखनऊ से कानपुर हमारी यात्रा चली गई है तो
तमाम छात्र आए और पेपर लीक की घटना आपके

सामने है जो यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती
के पेपर लीक हुआ उसके हजारों छात्र लाबाद
में हमारा इंतजार कर राहुल जीी भा यात्रा
से जुड़े और मुझे लगता है उन छात्रों की
मैंने आंखें देखी मैंने उन छात्रों के
चेहरे देखे कहीं ना कहीं उनका जो सपना

तोड़ा है बीजेपी ने और उत्तर प्रदेश सरकार
ने तो देखते हैं कि वो सपना ठीक करने का
काम और उनका न्याया दिलाने का काम वो
राहुल जी की तरफ अब जब आग उठा के देख रहे
थे तो कहीं ना कहीं उन्हें वो न्याय की

उम्मीद राहुल गांधी जी से थी इसलिए वो
यात्रा से भी जुड़े ये बताइए देखि छात्रों
में जो सबसे बड़ा पीड़ा है क्योंकि आप
1415 राज 30 45 दिनों में आप बता रहे हैं
कि बहुत सारे घूमे हैं अलग-अलग
विश्वविद्यालय से मिलते हैं नौजवान ल लगभग
मैं 25 से 30 विश्विद्यालय मैंने घूमे हैं

इस 45 दि दिन छात्र ये नौजवान देश का
भविष्य है आने वाला समय नी का है सबसे
बड़ी परेशानी जहन में सबसे बड़े दर्द इस
समय देश के नौजवान के अंदर क्या है देखिए
सबसे पहले तो मैं बताना चाहूंगा हमारा देश

इतना भाग्यशाली है कि पूरी दुनिया में आज
सबसे युवा देश भारत है लगभग वो 50 या 60
पर का आंकड़ा है एग्जैक्ट मुझे आंकड़ा
नहीं पता कि लेकिन ये जरूर पता है कि पूरी
दुनिया में सबसे युवा देश हमारा है तो जब

इतना युवा देश है तो आप देखेंगे इसमें
सबसे ज्यादा छात्र भी कितने हैं और छात्र
अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है देखिए
ये बात मैं इस बात से सहमत हूंगा कि
छात्रों ने 2014 में बीजेपी को वोट दिया
में दिया अब उन्हें ब ठगवा महसूस कर रहा
है कि जो लोग दो करोड़ नौकरी की बात करते

थे आज बेरोजगारी हर प्रदेश की उठा के
देखें कि बेरोजगारी इतनी है देश में आप
मान नहीं सकते बार-बार भर्तियां निकलती
नहीं है भर्तियां निकलती भर्ती निकलनी
चाहिए थी 1 लाख भर्ती निकलती है 1000 और

जब भर्ती निकलकर और खास तौर पर मैं अभी जो
हाल में इंसिडेंट हुआ उसकी ज्यादा बात
करूंगा कि यूपी पुलिस जो काउंसिल भर्ती का
एग्जाम हुआ एक एग्जाम और हुआ र वाला तो
दोनों एग्जाम मिला के लगभग 70 लाख लोग
इससे प्रभावित हुए और 70 लाख छात्र आप

सोचे उन्होंने कोचिंग ली होगी महंगाई का
समय आप खुद जाइए मीडिया के माध्यम से चेक
करिए कितनी महंगी कोचिंग फीस हो गई है
कितना रहना महंगा हो गया कोचिंग वाले
एरिया में मैं कल जब निकल रहा था इलाहाबाद
से तो मैंने पूछा कि जो कैंपस में जगह मिल

ग तो ठीक है लेकिन बाहर जो पीजी मिल उसका
कितना रेंटल कराया हो गया तो बताया था
भैया पहले ₹1 हुआ करता था 00 हुआ करता था

आज 45000 से कम में 00 से कम में कमरा
नहीं मिल पा रहा तो सोचो उन 70 लाख बच्चों
का क्या हुआ जिनका सपना तोड़ने का काम
पेपर लीख की घटना उनके सामने आई हताश है
बच्चा आप देखेंगे सोशल मीडिया के माध्यम
से लगभग मैं आपसे झूठ नहीं बोलूंगा अपना
फोन भी निकाल के दिखा सकता हूं कि मैंने
instagram2 बच्चों का मुझे 12 घंटे के
अंदर मैसेज आया इस पेपर लीक के बारे में
देने के लिए कि हमारा भविष्य का क्या होगा
तो अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है कि
और उसपे और बहुत कॉमन पैटर्न चल गया कई

चीजों का पेपर लीक हो रहा है एक ही कंपनी
है जो उत्तर प्रदेश में पेपर करा रही है
जिसको टेंडर मिला बार-बार वो पेपर लीक हो
रहा है उसी कंपनी को टेंडर उस उसकी कोई
जांच नहीं हो पा रही है जांच नाम चारी की

जांच हो रही है पेपर रद्द करने में क्या
दिक्कत है सरकार को सरकार पेपर रद्द करे
और 10 दिन के अंदर दोबारा परीक्षा करा दे
और इंश्योर करें और साथ के साथ मैं
बार-बार लोग बच्चों को उचित मुआवजा भी
दिया जाए लगभग 00 फीस है एक पेपर की आप
सोच हो 70 लाख बच्चे हैं 00 आपने उससे फीस
ले ली तो करोड़ों रु तो सरकार के पास आएगा
आते हैं मैंने वो सी देखा था स्टेशन पे
सड़क पे सो रहे हैं गरीब वर्ग के बच्चे
आते हैं खाने ट्रेनों में ट्रेनों में लटक
लटक के बच्चा आ रहा है वो सोचो वो अपनी
जान से खेल के आ रहा है कि वो ट्रेन में
बच्चा गिर जाए क्या हो जाए लटक लटक के
ट्रेन में बच्चा आ रहा है तो सोचो जब उस
बच्चे को ये पता लगा कि वो जो परीक्षा दे
रहा है वो परीक्षा लीक हो गई है सोचो उसको
कैसा ठगवा महसूस होता है उस तो ये इस
घटनाक्रम पे एनएसयूआई का कोई मूवमेंट
एनएसयूआई क्या करेगी हमने मूवमेंट शुरू कर
दिया है कल हमने सिग्नेचर कैंपेन भी करा
है उत्तर प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों
में और इस आंदोलन को हम आगे लेकर जाएंगे
कुछ आम छात्रों उन्होंने एनएसवाई के साथ
मिलकर तमाम यात्राएं निकाली कल वि
विश्वविद्यालयों में अपनी मांग रखी और
मुख्य तौर पर हमने तीन मांगे जरूर रखी
सरकार से पहली मांग यही थी हमारी कि भर्ती
कैंसिल करें तुरंत एग्जाम और रिएग्जाम 10
दिन के अंदर कराए क् कई प्रदेशों में क्या
करा बीजेपी ने कैंसिल कर दिया एग्जाम और
एग्जाम दोबारा कराया नहीं छछ महीने हो गए
तो हम चाहते हैं तुरंत 10 दिन के अंदर रि
एग्जाम कराया जाए एक उचित मुआवजा दिया जाए
उन बच्चों को 70 लाख बच्चों को और तुरंत
या तो सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट रिटाय
जज की कमेटी बने और जो लोग इसमें दोषी पाए
जाए जो जांच में जिनके नाम आए उन परे
शक्ति से कारवाई हो कि आगे चलके वो डरे
लोग कि इसमें इव होने से पेपर ली तो आपको
क्या लगता है कि क्या यह जो गेम होता है
पूरा लीक वाला क्या सरकार शामिल हैती
जानबूझ के लीक कराती है पहले तो मैं सहमत
नहीं होता था लेकिन जो मैं कॉमन पैटर्न
देख रहा हूं अब कि सरकार अभी तक चुपी चापी
मतलब बिल्कुल चुप है 70 लाख बच्चों की बात
है जो यहां के मुख्यमंत्री हैं वो बार-बार
दावा करते हैं योगी आदित्यनाथ जी कि मैंने
पूरा प्रशासन ठीक कर दिया उत्तर प्रदेश
में कानून व्यवस्था ठीक कर दी तो आज
उन्हें शर्म आनी चाहिए कि 70 लाख बच्चों
का आपने सपना तोड़ दिया वो पेपर लीक हो
गया अभी तक आपने एक मीडिया में बाहर आ के
बयान नहीं दिया कायदे में तो उन्हें अपने
किंगडम से अपने किले से बाहर आना चाहिए
सेकंड एक सेक ये किंगडम कहां से आ गया
बेचारे योगी आदमी है एक जोड़ी कपड़े पहनते
हैं सुबह 4 बजे जाते दिन भर मेहनत करते
किंगडम कहां से जा क्योंकि वो लोकतंत्र
में विश्वास नहीं रखते इसलिए लोकतंत्र में
कैसे विश्वास नहीं करते बहुत सारी घटनाए
लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते केवल एक र
प उनके कुछ लोग महाराज जी क्या लिख देते
हैं आप लोग उसको मुद्दा बना देते नहीं
नहीं मैं मुद्दा नहीं बना रहा मैं उनको
मान लूंगा वो अपने घर से बाहर निकले चलो
मैं किला बदल के आप मुझे कर रहे हैं
हालांकि मैं तो किला ही बोलूंगा व घर से
बाहर निकले और 70 लाख बच्चों से पहले माफी
मांगे क्योंकि मुख्यमंत्री है जिम्मेदारी
किसकी है परदेश में पेपर लीक हुआ
जिम्मेदारी किसकी है जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री जी की है वो बाहर निकले और
पहले 70 लाख बच्चों से माफी मांगे और उन
70 लाख बच्चों को विश्वास दिलाए और जल्द
से जल्द उनको न्याय दे ये लखनऊ है योगी जी
के बुलडोजर का नाम सुनाया आपने आप यहां
रहना है आपको ज भी मैं लोकतंत्र की बात
करता हूं मैं कांग्रेस का सिपाही हूं मैं
राहुल गांधी जी का योद्धा हूं मुझे
बिल्डोजर से या किसी मुख्यमंत्री नहीं
लगता मैं छात्रों की बात करता रहूंगा आपको
योगी जी से डर नहीं लगता नहीं मुझे क्यों
डर लगेगा वो मुख्यमंत्री है मैं एक एई का
राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और मैं इंसान हूं
एक मैं देश का सम्मानजनक नागरिक मुझे
क्यों डर लगेगा डर तो डर तो उनको लगना
चाहिए अब कि वो 70 लाख युवा देख रहे हैं
योगी जी के आपके बाकी उत्तर प्रदेश के
कांग्रेस के नेताओं को डर लगता है बोलती
ही नहीं है बयान दे देते हैं और बैठ जाते
हैं कोई धरना प्रदर्शन किसी कांग्रेस के
किसी पदाधिकारी ने सड़क प आके कहा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने जनरल
सेक्रेटरी ने कांग्रेस ने सड़कें जाम करी
आप लोग
में हमारे संग इंटरव्यू में बड़े-बड़े
भाषण दे देते हैं जिस दिन पेपर ली हुआ उस
दिन कांग्रेस ने क्यों नहीं उत्तर प्रदेश
की सड़कों पर प्रदर्शन किया हमने सड़कों
प्रदर्शन करा लेकिन मीडिया उसे चलाती नहीं
है राहुल गांधी जी ने यह मुद्दा उठाया बा
जोड़ो यात्रा में न्याय यात्रा निकल रही
है अभी देखें राहुल जी ने बार-बार ये बात
बोली और कल तो बोला राहुल जी ने कि डरो मत
यहां के नौजवान साथियों को उसके बाद हमने
सिग्नेचर कैंपेन शुरू करा लेकिन मीडिया हम
में दिखाती नहीं है बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण
है कल इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इतनी बड़ी
यात्रा निकली जिसमें तमाम छात्र थे
एनएसवाई का भी उसम योगदान था के साथी ने
कल वो चक्का जाम करा हां हमने अल्टीमेटम
दिया है हम एक दो दिन का इंतजार जरूर
करेंगे कि सरकार हमारी बात माने नहीं माने
तो आप जन आंदोलन के लिए हम तो तैयार हैं
और यात्रा भी जन आंदोलन आप देख रहे हैं
किस तरीके से पूरे देश में हम लोग निकाल
राहुल ने कहा डरो मत तो राहुल निकल कानपुर
पीछे पीछे पुलिस मार मार के डंडा लाल कर
देती है नहीं नहीं नहीं अब वो यात्रा आप
देखिए यात्रा हमने मणिपुर से लेकर बंबई तक
यात्रा लेके जानी राहुल जी लखनऊ में बात
करके इलाहाबाद में छात्रों से मिलकर अपनी
बात करके आगे निख बाकी हमारा काम है हमारे
संगठन का काम है हम इस आंदोलन को खड़ा
करेंगे छात्रों की मदद करेंगे आप जो बनारस
विश्वविद्यालय में गए तो एक बहुत दर्दनाक
घटना हुई थी बनारस विश्वविद्यालय में एक
छात्रा को नग्न करके उसके साथ रेप किया
गया उसका वीडियो बनाया गया और जो
पदाधिकारी थे वह सब भारतीय जनता पार्टी की
आईटी सेल से जुड़े थे इस मुद्दे को
एनएसयूआई ने जितनी प्रमुखता से उठाना
चाहिए था क्या बनारस में उठाया हमने उठाया
और मैं आपको बताना चाहूंगा हमारा जो इकाई
अध्यक्ष है और हमारे जो एनएसवाई के मेंबर
है दुर्भाग्यपूर्ण देखिए उन्होंने
प्रदर्शन करा इस रेप इंसीडेंट प और उल्टा
उन पर गैर जमानती एफआईआर कर दी सरकार ने
लगभग लग लगभग पांच से छह हमारे जो इकाई
अध्यक्ष और एनसीआई के सदस्य थे उन पे
एफआईआर कर दी बीजेपी सरकार ने और मैं
बार-बार बात करता हूं वो हाथरस हो वो
उन्ना हो वो देश के खिलाड़ी हो वो बीएचयू
हो उसमें भी एक कॉमन पैटर्न है कि बार-बार
उसमें या तो वो एबीपी का आदमी होता है या
वो बीजेपी का आईटी सेल का होता है मतलब
कहीं ना कहीं जो इस घटना में शामिल है
उनका डायरेक्ट कनेक्शन बीजेपी से है और
उनको बचाने के लिए देखिए ये बड़े
दुर्भाग्यपूर्ण है जो बीएचयू में भी हुआ
ऐसी घटनाए देश में नहीं होनी चाहिए मैं
बड़ा संवेदनशील हूं जिस दिन मैं बीएचयू
में गया मेरा पह र था तो मैंने उसी घटना
की बात करी कि र हम घटना इनी
दुर्भाग्यपूर्ण है समाज को सुधरना चाहिए
ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए लेकिन ऐसी घटना
हो गई उ पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय
जिसने यह घटना करी है उसको बीजेपी सपोर्ट
करती है आपने हाथ रस में देखा बीएचयू में
देख लीजिए अभी लगभग इतने दिन तक पुलिस को
पता था पुलिस ने अरेस्ट नहीं करा क्योंकि
चुनाव चल रहा था मध्य प्रदेश का चुनाव था
उन्होने इसको अरेस्ट नहीं करा उनको पता
नहीं था कि ये बीजेपी आईल का आदमी है जब
तमाम सोशल मीडिया से पता लग गया था तो
बीजेपी ऐसे लोगों को बचा रही है हमारे देश
के खिलाड़ी आपने देखा होगा जनता प बैठे थे
देश के लिए जो गौरव से मेडल लाते हैं उनके
साथ ऐसी घटना हुई और दुर्भाग्यपूर्ण है वो
सांसद भी उत्तर प्रदेश का था आज मैं बैठा
हूं जिस सांसद पयारो हो बाहुबली है वो भी
सांसद नहीं तो बाहुबली तो क्या है वो किसी
खिलाड़ी के साथ ऐसा अत्याचार कर देगा ऐसी
घटनाएं कर देगा बाहुबली तो क्या हुआ
बाहुबली का मतलब ये थोड़ी है कि तमाम देश
की लड़कियों को और देश के तमाम जिन्होंने
देश जो गर्व शली लोग हैं देश के उनके साथ
ऐसी नोनी हरकत करें लेकिन उत्तर प्रदेश
में समस्या यह आती है कि जैसे आपने कहा कि
बनारस में जिन लोगों ने मूवमेंट उठाया जिन
छात्रों ने उठाया उन परे एफआईआर हुई राहुल
जी निकल लेंगे दिल्ली आप निकल लोगे दिल्ली
वो एफआईआर झेल रहे हैं मद क मदद करते हम
उनकी पूरी मदद कर रहे हैं आप जाके पूछिए
हमारे जो सदस्य हैं उनसे पूछिए आप हम उनकी
पूरी मदद कर रहे हैं हमने पूरी उन्हें
लीगल हेल्प भी दिलाई है और वो खुद हमें
बात बोलते हैं कि आप दिल्ली जाइए अभी हम
आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं आंदोलन खड़ा
करके आप फिर दोबारा आइए तो आपको व आंदोलन
दिखेगा हम लोग डरने वाले नहीं है हां आप
सोचिए क्या होता है आंदोलन करना आंदोलन
करने से लोकतंत्र मजबूत होता है जब भी देश
में आंदोलन होते हैं तो हम खुद सहमत है
हमारी सरकारों में भी आंदोलन हुए हमने
आंदोलन को कभी इस तरीके से मारने की कोशिश
नहीं करी किसानों के साथ गोलियां चला रही
है बीजेपी
सरकार आज फिर आंसू गैस के गोले मार रहे
हैं तो हमेशा याद रखें जब आंदोलन होते हैं
तो आंदोलन से लोकतंत्र मजबूत होता है और
बीजेपी बार-बार लोकतंत्र को खत्म करना
चाहती है लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है
इसलिए आंदोलन से डरते हैं और आंदोलन को
खत्म करना चाहते हैं लोया पढ़ा था आपने
याद है ना आंदोलन की लाइन याद है उसकी
मुझे सारी याद याद है और मैं आज वो लाइन
राऊास उल्टा करके बोलूंगा कि जब संसद
आवारा हो जाए तो सड़कें सुनी हम रहने नहीं
देंगे और सड़कें सुनी नहीं होनी चाहिए तो
वही सड़कों को गर्म करने का काम वही
सड़कों पर नौजवान हमारे लोगों को जगाने का
काम राहुल गांधी जी कर रहे हैं जो दूसरी
यात्रा निकाली है पहली यात्रा निकाली और
बोला नौजवान साथियों को और देश की जनता को
कि आप डरो मत अपने हक की बात रखो जागो
बार-बार बोला राहुल गांधी जी ने जिस समय
बैठ के गठबंधन की बात होनी चाहिए सीट
शेयरिंग होनी चाहिए उस समय आपका नेता सड़क
पर घूम रहा है प उ रहे हैं गठबंधन के साथी
छोड़ छोड़ नहीं क्या बात कर रहे हो देखो
मैं मानता हूं जो साथी चले गए उसपे मैं
पहले तो मैं टिप्पणी नहीं करी मुझे कई बार
होता था लेकिन अब मैं एक टिप्प जरूर
करूंगा मुझे लगता है उनकी कहीं ना कहीं
मजबूरी होंगी कि ईडीया सीबीआई की मजबूरिया
होंगी कुछ ना कुछ ऐसी मजबूरी गठबंधन छोड़
के हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी
मल जो खड़के जी वो दिल्ली में है वो
यात्रा में आ रहे हैं लेकिन अप डाउन कर
रहे हैं वो पूरी दिल्ली में तैयारी कर रहे
हैं राहुल गांधी जी यात्रा निकाल रहे हैं
और यह यात्रा खास तौर पर मैं मानता हूं
चुनाव के माध्यम से नहीं देखनी चाहिए ये
बहुत बड़ी चीज है वो लोकतंत्र को बचाने की
बात कर रहे हैं अब चुनाव ना बहुत छोटी चीज
आ गई आप देखिए जब 70 लाख बच्चों के साथ
इंसीडेंट हो गया तमाम कोई आदी पॉलिटिकल
पार्टी बात कर बनेगा सरकार बनेगी इनकी
सरकार बन गई तो आपकी पार्टी बचेगी नहीं स
सरकार बनेगी हमारी पार्टी ये जीवित रहेगी
पार्टी आप मैं आपको
उत्तर प्रदेश में तय नहीं कर पा रहे
अखिलेश के सुर अलग होते हैं कांग्रेस के
सुर अलग होते हैं अखिलेश के स सीट शेयरिंग
हो नहीं पा रही हमारी सीनियर लीडरशिप का
एक कम्युनिकेशन होगा मैं उस कम्युनिकेशन
का हिस्सा नहीं हूं मुझे उस कम्युनिकेशन
के बारे में मैं बिल्कुल खुले मंच से बोल
रहा हूं ज्यादा नहीं पता इतना जरूर पता है
कि कांग्रेस ने हमेशा देश में जो पार्टी
बीजेपी से लड़ना चाहती है जो पार्टी देश
को तोड़ने की राजनीति जो करते हैं उनसे
लड़ना चाहती है उसके लिए हमेशा बड़ा दिल
रखा है अच्छा इंडिया गठबंधन की भी बात
छोड़ दिए चलिए छोड़िए उसको आपके अपने साथी
हम तो मध्य प्रदेश में में हम हमारे योगेश
हमारे कैमरामैन पूरी टीम मध्य प्रदेश के
गांव-गांव में घूम रही थी हमें क्या पता
कि आपका नेता कमलनाथ वही डील किए बैठा हुआ
है ऐसे ऐसे नगीने न जी हमारी पार्टी में
छोड़ वो बचारे उनके उनका जो बेटा है ना
उसने एक्सपोर्ट प कांग्रेस का सिंबल हटा
दिया और आप इतने भोले बन के आप लोग नेता
लोग कह देते हो कमल छोड़ के
क अब आप जो लोग छोड़ रहे हैं ना आप उनकी
बात छोड़ी है मैं आपसे बात करूंगा कि
कांग्रेस में कौन लोग जवाइन कर रहे हैं
जैसे मैंने ले के लड़के की बात कर और तमाम
देश का जो नौजवान साथी है खासतौर पर
नौजवान और छात्र हैं व समझ गया कि अगर
बीजेपी से लड़ना है तो राहुल गांधी जी का
साथ देना पड़ेगा क्योंकि वो अकेले आदमी है
देश में जो सबसे ज्यादा मजबूती से और भी
लीडर्स लड़ रहे होंगे सबसे ज्यादा मजबूती
से बीजेपी को चैलेंज कर रहे हैं और कह रहे
हैं कि हम आपको लोकतंत्र नहीं तोड़ने
देंगे तो अब ये भी देखिए कांग्रेस में कौन
लोग आ रहे हैं तो तमाम नौजवान छात्र
छात्राएं कांग्रेस से जुड़ रही हैं और
कांग्रेस के साथ आ रहे हैं यही एक पार्टी
आपका कहने का मतलब ये है कि जो बूढ़े हो
गए हैं वो निकल जाए और आपकी टीम आ रही है
मतलब टीम आ रही पंजाब चले गए कमलनाथ की
तैयारी है बेटे ने एक् से कांग्रेस हटा
दिया सब जान रहे हैं अब आप ना बोलो ना
मानो ये तमाम लोग जान रहे हैं कि कमलनाथ
बीजेपी में जाने की तैयारी कर रहे थे वो
बेचारे का बीजेपी ने लिया नहीं क्योंकि
सिख नाराज हो जाएंगे लेकिन उनका बेटा बह
आने वाले कुछ दिनों में बीजेपी जवाइन कर
लेंगे सब कह रहे हैं जिस दिन जॉइन करेंगे
उस दिन मैं उसपे टिप्पणी कर दूंगा
जिन्होंने जवाइन कर दी आप उसपे मेरी
टिप्पणी लीजिए ले मंच प बोलूंगा क्या खराब
नेटवर्क है आपका कि मध्य प्रदेश की
स्टूडेंट यूनियन ने आपको बताया नहीं
एनएसआई की कि हमारे कमलनाथ का खेल चहा
आपको पता नहीं बताना बताना नहीं नहीं मैं
इस बात से सहमत नहीं हूं और मैं बार-बार
ये बात बोल रहा हूं कि जो लोग जा रहे हैं
उनकी मजबूरियां मुझसे ज्यादा संजय जी आपको
पता होंगे उनकी मजबूरियां क्या है नहीं
मैं बड़े तां जो लोग गए हैं देखो या तो उन
ईडी का मुकदमा था या तो उन सीबीआई का
मुकदमा था या वो डर के भाग गए जो नौजवान
साथी है वो डरता नहीं
है ये ब जो इतनी बड़ी पार्टी है देश की
दूसरे नंबर की पार्टी है उसके नेता ने ईडी
का या मुकदमा धमकी हम य पत्रकारिता करते
हैं हमारी जांच हुई हम फेस करते हैं हम
नहीं डरते तो आपकी पार्टी के नेता क डर
जाते हैं तो उन लीडर्स को आपसे सीख लेना
चाहिए जो छोड़ के भाग गए कांग्रेस पार्टी
या जो अलायंस के पढ़ना छोड़ के भाग गए आप
पहले ट्रेनिंग इसलिए तो नहीं नहीं मैं
ट्रेनिंग नहीं मैं एक जैसा आपने बताया कि
आप पे भी कई मुकदमे चल रहा है मुझे अभी
पता चला च कोशिश की गई भाई साहब शुप मतलब
हां वही की कोशिश करी गई आप पे भी अटेंप्ट
करे गए मुझे अभी पता आपने ये बात बोली तो
आपसे सीखना चाहिए आप डर के नहीं भाग रहे
और आप खुले मंच पर किसी भी पार्टी के कोई
गलत कर दिया आप उसके आवाज उठाते हो तो जो
नौजवान है जो छात्र है उसने मन बना लिया
है इसलिए वो एनएफआई से भी जुड़ रहा है वो
राहुल गांधी जी से भी जुड़ रहा है और वो
कांग्रेस का साथ दे रहा है और उसको समझ आ
गया और जो खास तौर पर मैं भी उत्तर प्रदेश
का मुझे एक मेरा बा साथ मिला भाई से आठ
साल से जुड़ा हुआ था तो उसने कहा भैया आप
तो नहीं घबरा रहे हैं कि कुछ लोग बड़ जा
रहे हैं मैंने कहा मैं तो हम घबराते नहीं
है कहते भैया हम मोर्चा संभाले हुए हैं
यूनिवर्सिटीज में हम बिल्कुल जागरूक हैं
यूनिवर्सिटी में मुशरी के साथ हम है और हम
आरएसएस और इसकी जो आडलज है जो संविधान
बचाने का काम है जो संविधान तोड़ रहे हैं
बीजेपी आरएसएस के लोग हम उसको बचाएंगे और
मजबूती से इस पार्टी को स्ट्रंग करेंगे तो
नए लोग नौजवान हैं उनको ये दिख गया कि
भविष्य भी कांग्रेस है प्रेसिडेंट भी
कांग्रेस है और आने वाले समय में जो देश
के लिए लड़ना चाहता है जो देश को बचाना
चाहता है वो कांग्रेस में आ रहा है एक
आखरी स एक आखरी सवाल वरुण चौधरी का एनएस
के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगे का प्लान
क्या है देखिए मेरा प्लान यह है अभी मैं
लगभग 45 दिन मुझे बने हुए हो गए मैं तमाम
विश्विद्यालय में जा रहा हूं त्र भी चल
रही है कि खास तौर पर देश के जो
विश्वविद्यालय है अब देखिए बीजेपी जब 2014
में आई उन्होंने पहला जो आक्रमण करा वो
यूनिवर्सिटी पर करा कहीं ना कहीं य पार्टी
आलन से डरती है अच्छा एक सेकंड एक सवाल और
पूछना था मुझे छात्र कई जगह छात्र संघों
के चुनाव नहीं होते क्या एनएसआई छात्र संघ
के चुनाव को मूमेंट करेगी हां मूवमेंट
करेगी हम हर जगह मांग करते हैं और इसमें
तो मेरा व्यक्तिगत इंटरेस्ट भी है और मुझे
इसमें कोई शर्म नहीं आती कि मेरा सेल्फ
इंटरेस्ट भी है क मैं खुद छात्र संघ से
निकल के आया हूं तो मैं तो चाहता हूं देश
में तमाम विल में छात्र संघ के चुनाव हो
छात्र संघ चुनाव की बहाली हो तुरंत देश
में छात्र संघ के चुनाव हो अब वो बात व
चौधरी का आगे का प्लान क्या है मेरा आगे
का प्लान य है कि हम देश की तमाम
यूनिवर्सिटी में जाए तमाम यूनिवर्सिटीज
में जाकर जो नौजवान साथी है जो जिसके साथ
अन्याय हुआ है खास तौर पर जो और अन्याय का
मतलब क्या है छात्रों के साथ मैं कल लखनऊ
यूनिवर्सिटी में गया मुझे लगा पता चला कि
लगभग 3000 बच्चे हैं जिन परे खास तौर पर
एससी एससी ओबीसी के स्टूडेंट्स हैं जिनकी
स्कॉलरशिप रोक दी गई है उनका फॉर्म ऐसे ही
पड़ा हुआ है प्रॉक्टर पे तमाम हमारे एनस
के साथी भी जा रहे हैं वो बच्चे दर-दर भटक
रहे हैं डेली उन्हें शाम को एक लॉलीपॉप
देता है प्रॉक्टर और प्रशासन हां हम आपकी
जल्द स्कॉलरशिप रिलीज करेंगे उनको
स्कॉलरशिप रोक दी गई है और ये घटना खाली
लखनऊ यूनिवर्सिटी में नहीं है ये बनारस
यूनिवर्सिटी में ये जेएनयू के अंदर दिल्ली
यूनिवर्सिटी के अंदर तमाम पैटर्न अ दूसरा
जो न्यू एजुकेशन पॉलिसी बीजेपी लेके आई है
उस पॉलिसी में बहुत सारे लैब्स हैं उस पे
भी छात्रों को अब एहसास हो भी गया और हो
रहा है कि यार कहीं ना कहीं इस पॉलिसी में
कहीं ना कहीं इतने लूप होल थे जबरदस्ती
पॉलिसी लाई गई और कहीं ना कहीं
प्राइवेटाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए
पॉलिसी लेके आए गई तो छात्रों को फील हो
रहा है किस तरीके से फीस की वृद्धि हो रही
है तो हम इस पॉलिसी का भी विरोध करेंगे तो
छात्रों के साथ कंसल्ट करके बीजेपी का मुह
तोड़ जवाब देंगे और उनको मजबूर करेंगे वो
पॉलिसी वापस ले और जो छात्रों को रोजगार
का सपना टूट गया आप सोचिए मैं जैसे बच्चों
से मिलता हूं अब वो ये सोच नहीं पा रहा कि
मुझे नौकरी मिलेगी कि नहीं मिलेगी वो 99
पर तो हार मान चुका है कि अब ग्रेजुएशन कर
लूंगा मास्टर्स कर लूंगा उसके बाद मेरे
साथ क्या होगा और आप सोचिए अभी ज आप कोटा
की घटना भी देख रहे होंगे किस तरीके से
नौजवान छात्र आत्महत्या कर रहा है तो इतना
दर्दनाक हो गया कि आप देखिए किसान वहां
परेशान है बॉर्डर पे लड़ रहा है और
आत्महत्या करी थी इससे पहले किसान आंदोलन
हुआ कितने 500 से ज्यादा हमारे किसान शहीद
हो गए तो सोचो अब छात्र मजबूर हो रहा है
तो छात्रों तो छोड़ो अभी तक ये खाली
स्टूडेंट्स तक की बात थी अब आप देखिए देश
में टीचर्स तक सड़कों पर प्रोटेस्ट कर रहे
हैं आप दिल्ली यूनिवर्सिटी में जाके देखिए
प्रोफेसर त है वो प्रोटेस्ट कर रही
है लक्षमण यादव हो गए मैं जयपुर गया वहां
टीचर प्रोटेस्ट प बैठे हैं 15 दिन से तो
अभी तक तो देश में सुनने को आता था कि
छात्र आंदोलन कर रहे हैं छात्र प्रोटेस्ट
कर रहे हैं अब यह दौर आ गया आप सोचिए
कितना ये दर्दनाक है और कितना पेनफुल है
संजय जी कि छात्र तो छोड़िए अब टीचर भी
प्रोटेस्ट करने आ गए उतना परेशान हो गए
बहुत-बहुत शुभकामनाएं और थैंक यू और लखनऊ
आते रहिए बढ़िया शहर है ताजगी भरा शहर है
मुस्कुराते हैं लोग यहां आप तरफ नहीं नहीं
नहीं मैं गुस्से में नहीं गुस्सा मेरा
बार-बार इसलिए निकल जाता है जब आप मुझसे
इश्यूज की बात करते हैं कि छात्र किस दर्द
से गुजर है जब मैं उसके दर्द की बात दिन
भर सुनता हूं ना जब मैं लगभग मैं दिन में
दो या तीन विश्विद्यालय घूम जाता हूं लगभग
सयो छात्रों से मिलता हूं जो अपना दर्द
बताता है तो बड़ा कॉमन एक चीज होती है
उनका दर्द मुझे दोबारा आप याद दिलाते हैं
तो मुझे गुस्सा आ जाता है एक दो स्टूडेंट
कह रहे थे बड़ा हीरो टाइप का हमारा
अध्यक्ष नहीं नहीं हीरो नहीं है हीरो तो
मैं क्या कहूंगा मैं तो सड़क गर्म करने का
सड़कों पर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे
हैं तो अगर लोगों को हीरो लग रहा है तो को
भी अपना धन्यवाद देना चाहूंगा अगर वो हीरो
कह तो शुक्रिया शुक्रिया तो ये इनके इनकी
टीम शुक्रिया से पहली ताली अपने नेता के
लिए तो ये थे वरुण चौधरी एनएसयूआई के
राष्ट्रीय अध्यक्ष मुझसे बात कर रहे थे और
ठीक बात है कि जिधर नौजवान चलता है देश
उधर चलता है क्रांति उधर चलती है तो ये एक
प्रेरणा है वीणा है और एक साहस है
नौजवानों का कि अगर वह एक विचारधारा की
लड़ाई लड़ते हैं और एक देश में धर्म
निरपेक्षता का सेकुलरिज्म के मजबूत करने
की बात करते हैं तो जाहिर है एक अच्छी
शुरुआत होगी कैसा लगा इंटरव्यू आपकी राय
का मुझे इंतजार रहेगा अपना कमेंट अपनी राय
जरूर बताइएगा शुक्रिया थैंक
[संगीत]
यू

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