“ये सन्देश नहीं वरदान है मेरा

तुमने इतना इंतजार किया है विश्वास रखो वह तुम्हें बहुत ही जल्द मिलने वाली है जो तुम्हारी मन चाहे हर चीज को तुम्हारी तरफ

आकर्षित करेगी मेरे बच्चे जब तुम्हारा विश्वास अटूट होता है तुम्हारा साथ देती है और किसी न किसी रूप में तुम्हारी मदद के लिए

अपना हाथ पकड़ती है जब तुम एक सही बात पर अग्रसर होते हो स्वयं ईश्वर तुम्हारा हाथ थाम लेते हैं और तुम्हें उससे भी हजार गुना

मिलता है जो तुमने अपनी दुआओं में मांगा था राह पर चलता है आध्यात्मिक को चुनता है और नेक काम करता है वह दुनिया में एक सामान्य स्थान प्राप्त करता है यदि आप इस संदेश को पढ़ पा रहे हैं इसका मतलब ब्रह्मांड ने आपको चुना है ब्राह्मण ने आपको अपने

संदेश के माध्यम से यह कहना चाहते हैं जिसे कई सुखों को त्याग दिया है तुम्हारे लिए तुम्हें आवश्यकता है उसकी और निरंतर आगे बढ़ाने की अब प्रेम भरा हाथ तुम उसकी और बढ़ाओ मेरे बच्चे एक समूह से बना हुआ है यहां तुम्हें अपने प्रवृत्ति के लोगों से जुड़ना

पड़ेगा तभी तुम्हारी शक्तियां दोगुनी हो जाएगी रहते हो जो तुमसे प्रेम नहीं करते तुम्हारी आलोचना करते हैं जो तुम्हें नहीं करते तो तुम्हारे जीवन का संघर्ष निरंतर बढ़ता चला जाएगा सफलता इसलिए यहां आवश्यकता है लोगों पहचाने कि यदि कोई प्रेम करता है तुमसे तुम्हारे भविष्य की चिंता करता है

Leave a Comment