वह दिव्य समय आ गया है जिसकी प्रतिक्षा तुम बेसब्री से कर रहे थे

मेरे प्रिय बच्चे तुम्हारे हृदय की सतह को स्पर्श कर रही आनंद की तरंगे तुम्हारे रक्त धमनियों में बह रही है जो

इस बात का प्रमाण है रामायण की ऊर्जा से आप एक हो रहे हो और जो ब्रह्मांड में घटित हो रहा है मेरे प्रिय तुम

जो जिस प्रकार बहुमूल्य रत्न के प्रकाश को छुपाया नहीं जा रंग अपना प्रकाश ढके हुए हो फिर भी मुझे छुपाया नहीं जा सकता उसी प्रकार आध्यात्मिक व्यक्ति के जीवन में जो भी अनुभव होते हैं वह जाते हुए हो या सोते हुए

एक ही समान होते हैं प्राप्त करने का समय आ गया वह ऐसा आदर्श और उससे भी छोटे रूप में एक ही संसार का मालिक है और उसी से उत्पन्न हुआ वह भी तुम्हें मिलने वाला है उसके आते ही तुम एक विशेष प्रकार की

ऊर्जा का अनुभव करोगे ऐसा ऊर्जा जिसका तुम्हें अभी आभास नहीं लेकिन जब वह तुम्हारे सामने आएगा तो उसे ऊर्जा से तुम्हें ऐसा लगेगा जैसे तुम इस जगत को जीत सकते हो तुम्हें ऐसा अनुभव होगा जैसे यह जगत कुछ

भी नहीं है और तुम बहुत ऊंचे हो गए हो तुम्हारे अंदर आत्मविश्वास का प्रभाव इतनी तेजी से होगा कि तुम्हें सब कुछ से ऐसा आत्मविश्वास जिससे तुमने पहले कभी भी महसूस तुम्हारा ह्रदय के भीतर ऐसा संचार होगा कि वह तुम्हारे अंदर बाहर की कोशिकाओं को भी ऊर्जा से भर देगा

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