विरोधियों पर दहाड़ रहीं भगवाधारी साध्वी अचानक Modi का नाम लेते ही क्यों हो गईं भावुक

एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण
विषय पर बोलने के लिए अवसर दिया इसके लिए
मैं आपको बहुत-बहुत हाथ जोड़कर अभिनंदन
करती
हूं आदरणीय सतपाल जी जो श्री राम जन्मभूमि
के
ऊपर भव्य
मंदिर बना है
उसके प्रस्ताव में मैं समर्थन में खड़ी
हुई
हूं माननीय अध्यक्ष
महोदय मुझे लगा
था कि विपक्ष की तरफ से कुछ
सकारात्मक कुछ रामलला
के मंदिर में विराजित होने के बाद
सद्बुद्धि आएगी
लेकिन अध्यक्ष जी
महोदय उस राम जन्मभूमि आंदोलन से
जुड़ी होने के
नाते मैं आज
इस नए सदन
में नए प्रस्ताव को समर्थन देते हुए देश
के सवी प्रधानमंत्री जी का संतों की तरफ
से देश की जनता की तरफ से अभिनंदन करती
हूं वंदन करती
हूं माननीय सभापति महोदय
शायद मुझे लग रहा
है गौरव गोगोई जी
ने गोली चलाने की बात
कही शायद मुझे उनको याद दिलाना
पड़ेगा जब कार सेवकों के
ऊपर इनकी सरकार के समर्थन में
आए इनके साथ में
है इंडिया के गठबंधन में
क्या एक बार भी कांग्रेस ने उन कार सेवकों
की छातियों से जो रक्त बहा था अयोध्या की
गलिया रक्त रंजित थी सभापति महोदय में
वहां थी क्या कभी इस कांग्रेस ने खेत
प्रकट
किया माननीय सभापति
[संगीत]
महोदय य 500 साल का
संघर्ष
यद्यपि बाहर के व्यक्ति का नाम नहीं लिया
जा
सकता लेकिन आज
मैं जब मैं इस प्रस्ताव पर बोलने के लिए
खड़ी हुई
हूं आज मैं सधे स्वर्गीय अशोक सिंघल जी का
स्मरण करना चाहती
हूं माननीय सभापति
महोदय मैं महंत नाथ जी का स्मरण करना
चाहती
हूं मैं स्मरण करना चाहती हूं रामचंद्र पर
जी को मैं 2082 की घटना का उदाहरण देना
चाहती हूं उस कुंभ की साक्षी में भी थी जो
संत कभी छत के नीचे नहीं रहना जानते थे
जंगल में रहते थे पेड़ों के नीचे रहते थे
ऐसे पूज्य बामदेव जी का भी मैं स्मरण करना
चाहती हूं मैं दोरा बाबा को स्मरण करना
चाहती हूं जो
कभी झोपड़ी में रहकर के जीवन व्यतीत किया
लेकिन अशोक सिंघल जी के आग्रह पर उस
प्रयागराज के कुंभ
में सारे संत राम जन्मभूमि के लिए इकट्ठे
हुए इसके लिए
श्रे आंदोलन के लिए देना चाहूंगी मैं
श्रद्ध अशोक सिंघल जी को देना
चाहूंगी अध्यक्ष
महोदय अभी बहुत
चर्चा विपक्ष की तरफ से
हुई बापू जी की बात
हुई महात्मा गांधी जी
ने आजादी के बाद यह भी कहा
था कि अब आजादी मिल चुकी है कांग्रेस को
खत्म कर देना
चाहिए नहीं माना लेकिन आज मैं माननीय
प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद देने के लिए
खड़ी
हुई आज मैं माननीय प्रधान मंत्री जी
का आभार व्यक्त करने के लिए खड़ी हुई
हूं रामराज की
बात यदि सही मने
में किसी ने लागू किया है तो देश के स
प्रधानमंत्री जी ने लागू किया
है राम जब वनवास
गए उस वनवास के साथी कौन
थे क्या आपको याद नहीं था आज याद आया
क्या जब राम जन्मभूमि के मंदिर का
प्रस्ताव आया धन्यवाद का प्रस्ताव
आया तब आपको वनवासी याद
आए आदिवासी याद आए बिरसा मुंडा याद
आए आप चिंता मत करिएगा मुझे बोलने का मौका
दीजिएगा आदिवासी रीरी आप तो बोलेंगे क्या
आपके अस्तित्व में नाम थे ही नहीं ड्राइव
जो है वो शहरों में भी होता
ये टेरिटोरियल शब्द हैय सभापति मद ये वर्ग
से संबंधित शब्द नहीं
हैय वर्ग से संबंधित शब्द नहीं है ये
टेरिटरी से संबंधित शब्द है नगरवासी
ग्रामवासी वनवासी बात जवाब
रही माननीय
सभापति वनों में भी है गांवों में भी है
मान वो भी
आदिवासी माननीय सभापति
है है वो बराबर है उनके जी जी मर्यादा
पुरुषोत्तम भगवान
राम नो नो इन्होने कहा सबके राम
है मैं याद दिलाना चाहती हूं इनको याद
दिलाना चाहती
हूं जब राम का वनवास हुआ उस समय सबसे पहले
किसने साथ दिया भाई ट्राइबल राजी में नहीं
रहते क्या राजी में रहते कि नहीं रहते तो
उनको क्या कहेंगे आप सुनिए तो सब जगह है
वो और न के अंदर और भी लोग रहते हैं ये ये
ये क्षेत्र का शब्द है यह वर्ग सूचक शब्द
नहीं है प्लीज माननीय अध्यक्ष
महोदय माननीय अध्यक्ष महोदय मैं इनकी तरह
पढ़ी लिखी नहीं
हूं माननीय अध्यक्ष महोदय आजादी के बाद से
राम के सका को सम्मान मिलना चाहिए था कि
नहीं मिलना चाहिए
था संत की कोई जाती नहीं होती अध्यक्ष
महोदय लेकिन यह शरीर भी किसी परिवार में
पैदा हुआ है और मुझे गर्व है उस नि साद
समाज में पैदा हुई हूं जिसको मर्यादा
पुरुषोत्तम भगवान राम ने कहा था तुम मम
सखा भरत
समता सदा र पुर आवत जाता मैं उस कुल में
पैदा
हुई क्या इनको श्रंग पु नहीं दिखाई
पड़ा राम के स का स्थान नहीं दिखाई
पड़ा क्या इनको सवरी का स्थान नहीं दिखाई
पड़ा क्या इनको गी दराज का स्थान नहीं
दिखाई
पड़ा क्या इनको हनुमान का स्थान नहीं
दिखाई
पड़ा मैं अभिनंदन करना चाहे तो इस भरी सभा
में पहले प्रधानमंत्री है देश के सक्ष
प्रधानमंत्री जिनका 56 इंच का सीना है
निषाद के नाम से टिकट जारी किया
इनके 56 इंच का सीना है जिन्होंने सबरी के
नाम का टिक डाक टिकट जारी किया गराज जटाय
के नाम का टिकट जारी किया राम मंदिर के
नाम का टिकट जारी किया गगई जी गुरवाणी का
उदाहरण दे रहे थे तो मुझे भी याद आ गया
गुण गोविंद गायो नहीं जन्म कास
की याद करना चाहिए
या गुरु इन संत सिखों के आस्था के केंद्र
बिंदु को पाकिस्तान में कैद यदि रास्ता
किसी ने दिया तो देश के सवी प्रधानमंत्री
जी
ने याद रखना
चाहिए माननीय सभापति
महोदय मेरा सौभाग्य
है माननीय अशोक संगल जी के नेतृत्व में
मैं सु आंदोलन की भागीदारी भी रही और मैं
सौभाग्यशाली हूं
जिस राम जन्मभूमि का ट्रस्ट देश के स
प्रधानमंत्री जी ने बनाया व मेरे गुरुदेव
युग पुरुष स्वामी परमानंद जी महाराज उसके
स् मेरी गुरुवा साध तराज जी मुझे याद है
अध्यक्ष मद मुझे बताने में मुझे लग रहा व
बात जरूरी
है राम जनभूमि आंदोलन के समय 2003 के
पहले र में गिरफ्तार किया गया
था दिग्विजय सिंह की सरकार के समय अध्यक्ष
मत में पूछना चाहती हूं किसी महिला को
गिरफ्तार करना है तो दिन में गिरफ्तार
किया जाता है किसी महिला को गिरफ्तार किया
जाता तो महिला कांस्टेबल होनी चाहिए
माननीय अध्यक्ष
महोदय रात्रि के ढाई
बजे दिग विजय सिंह की सरकार ने दोष क्या
था हम राम जनभूमि आंदोलन के लिए साध
गुना की चौकी में जाकर के एफ आई आर
लिखवाया अध्यक्ष महोदय वो क्षण में याद
करती हूं तो मुझे लग रहा है कि इनको राम
की बात करने का अधिकार नहीं
है नहीं
अधिकार अध्यक्ष
महोदय मैं उसकी भी साक्षी
हूं कपड़ा बदल करके कपड़ा चेंज करके हम
अयोध्या से
गए कार सेवकों की छातियों को गोलियों से
ना गया था तब यह लोग कहां
थे मैं पूछना चाहती
हूं कहां थे यह
लोग अध्यक्ष
महोदय कोठारी बंधु की बहन से भी मैं मिली
मुझे पश्चिम बंगाल जाने का अवसर मिला
उन्होंने कहा दीदी अब अभी हमारे भाइयों की
आत्मा को शांति नहीं मिली माननीय अध्यक्ष
सभापति महोदय जब देश के सवी प्रधानमंत्री
जी हाथ में भगवान का मुकुट लेकर
के राम मंदिर में प्रवेश कर रहे थे उस समय
उन कोठारी बंधुओं को श्रद्धांजलि सरच
अ माननीय अध्यक्ष सभापति
महोदय बोलने के लिए मेरे पास बहुत कुछ
है माननीय सभापति
महोदय
रात्रि में गिरफ्तार किया गया इतने नहीं
छोड़ा गया
था कहीं बाथरूम तक नहीं करने दिया गया
था और जेल जाकर के गोलियर की जेल में बंद
कर दिया गया
था अध्यक्ष मते हम किसी से बात नहीं कर
सकते थे और शायद माननीय राजनाथ सिंह जी को
याद होगा एक घटना वह घटना मेरे दिल में कौ
गई जब बुंदेलखंड के विधायक बादशाह सिंह की
को बलायम सिंह की सरकार के समय उठा कर के
काउंटर करके लिए काउंटर करने के लिए
लेगाया गया था माननीय जी वहां गए थे मुझे
वह बात आ गई कि कहीं हमारा काउंटर ना हो
जाए क्या यह इनकी चर्चा करने का
विषय क्या यह रामराज की बात कर सकते
हैं अध्यक्ष मत में हाथ जोड़कर प्रार्थना
करती हूं
आपसे मैं पहली बार सदन में आई थी मेरी
बुंदेलखंडी भाषा से एक शब्द निकल गया था
पार्लियामेंट को आठ दिन नहीं चलने दिया था
यह नारी का सम्मान
है सभापति
महोदय ना राम का सम्मान ना नारी का
सम्मान
महोदय मुझे उस दिन बहुत पीड़ा हुई
थी आज मैं प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त
करना चाहती
मेरे कारण मेरे प्रधानमंत्री जी
को मेरे कारण वंकाया नडी जी
को मेरे कारण मेरे आज के रक्षा मंत्री जी
को मेरे कारण स्वर्गीय सुषमा स्वराज को
माफी मांगनी पड़ी थी एक महिला के द्वारा
एक शब्द निकला उसको पार्लियामेंट को घेरा
गया अध्यक्ष
महोदय इसके लिए कौन जवाब देही होगा जब मौत
का सौदागर का प्रधानमंत्री जी
को इसका जिम्मेदार कौन होगा अध्यक्ष
महोदय जब मेरे प्रधानमंत्री जी को जहर की
पुड़िया कहा गया और यह कह दिया गया कि
बाहर बोला गया शब्द
है माननीय अध्यक्ष महोदय इनसे उम्मीद नहीं
है आप
गौर सुन लीजिए सुनती
[प्रशंसा]
रही उसको सुना वो गलती कर ली क्या बोला
उसने गुजरात के क्या माननीय सभापति
महोदय माननीय सभापति महोदय जब घाव होता है
मिर्ची लगती है तो चवन तो उठेगी
जरूर उठेगी और उठना भी चाहिए देश की जनता
देख रही
है कि तुमने राम के साथ क्या
किया कोर्ट में खड़े होकर के 2019 के
पहले माननीय अध्यक्ष महोदय
इन्हीं के वकील खड़े हो गए थे कि अभी
न्याय नहीं होना चाहिए राम के मंदिर के
लिए क्या बात कर रहे
हो किस मुख से राम की बात कर रहे
हो तुम्हारा अधिकार क्या है राम के विषय
पर बात करने
का कोई अधिकार नहीं है कोर्ट में खड़े
होकर के मैं न्यायाधीशों का सम्मान करती
हूं और देश के सवी प्रधानमंत्री जी का भी
अभिनंदन करती हूं और यह कहना चाहती हूं
राम मिले सेव राम मिले केवट के विश्वासों
पर राम
मिले प्रण के हेत वनवासो में य मेरठ के
कवि हरिओम पवार जी की पंक्ति हा मैं वही
बोल रही हूं मैं खास तौर से मैं मेरठ से
हूं बड़े महान जी जी फिर से सुना देती गने
उ पंक्ति इसलिए मैंने किया विशेष रूप से
आभारी हूं आपने मेरठ के महान कवि
राष्ट्रीय कवि है वो उनका उल्लेख किया राम
मिले केवट के विश्वासों
पर राम मिले हैं प्रण के हेतु वनवासो
में राम मिले हैं हनुमान के क्या बात है
सीने
पर राम मिले सबरी के झूठे बेरों
पर और आखिरी मैंने जोड़ा अध्यक्ष महोदय
राम मंदिर मिला है नरेंद्र मोदी के 5 इंच
सीने माननीय अध्यक्ष
महोदय राम का इतिहास यदि इन्होंने पढ़ा
होता तो जो राम को नकार रहे उनको जवाब
मिलना चाहिए था रामायण फड़ने वालों को
जवाब मिलना चाहिए था लेकिन नहीं दे सकते
अब कहते हैं हमारे यहां कहावत है यदि
छछुंदर
सांप निगल लेता है तो नाल बनता है और ना
ही निगलते बनता है व स्थिति है
इनकी मैं अध्यक्ष महोदय कहना चाहती हूं
राम चरित मानस पढ़ते तो राम तुम्हें भी
बनना होगा चलो राम के पद चिन्हो पर अ
इतिहास अध्यक्ष
महोदय जब गरीबों की बात कर रहे थे मैं तो
आज अपने विषय पर सीमित रहने वाली
थी लेकिन इन्होने छेड़ दिया और जब छेड़ो ग
तो हम छोड़ेंगे भी
नहीं अध्यक्ष महोदय कल मैंने उस हाउस में
जवाब दिया है अध्यक्ष महोदय यदि इन्होंने
गरीबी दूर की होती तो आज चार करोड़ लोगों
को घर देने की हमें जरूरत नहीं पड़ती वो
कौन है वही है सवरी के लोग वही है निषद के
लोग वही है
जटाईमेज
समाज
में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान के पद
चिन्हों पर चलने
वाले युग
पुरुष नरेंद्र मोदी जी ने
दिया माननीय अध्यक्ष
महोदय ये कह रहे हैं गरीबी दूर हो
गई मुझे बड़ा आश्चर्य होता है गरीबी दी
किसने अध्यक्ष महोदय आज मैं थोड़ा
अपने बचपन की बात जरूर बताना
चाहूंगी जब इन्होंने कहा मैं तो राम जन्म
तक सीमित थी मुझे आगे नहीं बढ़ना
था सन 82 में मैंने घर छोड़ दिया था मेरे
पिता दूसरों की ट पात के अपने हम लोगों को
पालन करते
थे सन्यासी हो गई थी 14 साल की आयु
में श्रीमती स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी
हमीरपुर जिले में सुरपुर बलाक में गई थी
संत थे सरल स्वभाव था हमने सुना कि
प्रधानमंत्री जी आई है 16 14 साल की आयु
क्या होती है लेकिन पहली स्पीच
थी कि हम गरीबों को घर
देंगे गरीबों को भूखे नहीं सोने देंगे
अध्यक्ष महोदय मुझे बड़ा विश्वास
हुआ मुझे लगा कि मैं तो घर छोड़ के चली आई
अब मेरे पिता को पक्का मकान जरूर मिलेगा
अध्यक्ष महोदय ये नारा 16 तक 14 तक चला
और मेरा सौभाग्य अध्यक्ष
महोदय गरीब की बेटी को गरीबों को घर देने
का अधिकार यदि किसी को दिया है तो मुझे
दिया है मेरे सहन से हो रहे
हैं अध्यक्ष
महोदय सूखा पड़ा था मेरे गांव में नहर की
खुदाई हो रही
थी शायद 12 साल की आयु
होगी काम के बदले अनाज की घोषणा की गई थी
मैं भी जाती थी नी मिट्टी उठा कर की
ज्यादा नाज मिले अध्यक्ष महोदय लाल जुंडी
मंगाई गई थी मेरी माता रोटी बना के खिलाती
जुंडी माने ज्वार
ज्वार मेरे बुंदेलखंड की भाषा में क्या
करूं है तो हम
बुंदेलखंडी स दंडी एक बुंदेलखंड पर्याप्त
होते हैं अध्यक्ष हा जी हा जी बुंदेलखंड
बहुत प्यारा क्षेत्र है जी अध्यक्ष महोदय
मैं वो दिन याद करती हूं मेरी मां यदि आटा
बना के रोटी खिलाती तो पूरे परिवार का पेट
नहीं सकती थी दलिया बनाकर खिलाती थी मैं
आभार व्यक्त करती हूं देश के स
प्रधानमंत्री जी का कोविड जैसी महामारी के
समय पर एक भी परिवार भूख नहीं मरा और काम
की जरूरत पड़ी तो मनरेगा में पैसा बढ़ा
करके लोगों को गाम काम भी
दिया सभापति
महोदय और वक्ता भी
है लेकिन आज मेरा दिल अंदर से रो रहा है
रो इसलिए रहा है जिसके लिए सवरी प्रतीक्षा
करते बूढ़ी हो गई थी तब राम गए
थे हमारे पूर्वज 22 पीढ़ी खप खप गई आंदोलन
के लिए मैं उस दिन रो रही थी अयोध्या में
जब प्रभु राम भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित
हो रहे थे भगवान के उस विग्रह को देख कर
के और देश के सवी प्रधानमंत्री जी के कर
कमल
मैं रो रही अध्यक्ष महोदय मेरा सौभाग्य है
कि मैं आंदोलन की भी भागीदारी रही और एक
शंकराचार्य जी का श्लोक है यद उन्होंने
कहा कि बहुत ग्रंथ है रुचि नाम व चित्र दज
कुटना पति साम
णा पम
मरण हमारे जितने भी उपनिषद है वेद शास्त्र
पुराण है अष्टादश पुराण व्यास चनय परोपकार
पुण पापा पर
पनम मोदी जी ने वह काम किया है जो राम ने
किया था अध्यक्ष महोदय गरीबों की चिंता की
पिछड़ों की चिंता की है ओबीसी कमीशन की
मांग कब से चल रही
थी य किसने
दिया 56 इंच के सीने ने
दिया सभापति महोदय मैंने मुझे 10 मिनट समय
मिला था मैंने समय ज्यादा ले लिया वेदांत
हमारा
स्वाभिमान अध्यक्ष महोदय मैं वेदांती गुरु
की शिष्या हूं जानती हूं कि ब्रह्म सत्यम
जगन मिथ्या जेव ब्रह्मा ना परा शंकराचार्य
की परंपरा को जानती हूं जहां उनकी दृष्टि
में ब्रह्म सत्य है जगत मिथ्या है य संसार
तीनों कालों में नहीं है लेकिन वही देश को
जोड़ने के लिए चारों मठों की स्थापना भी
करते हैं कि पश्चिम का व्यक्ति उत्तर
जाएगा उत्तर का वक्ति दक्षिण जाएगा लेकिन
जब शंकराचार्य जी का अपमान किया जा रहा
है सभापति
महोदय वेदांत हमारा
स्वाभिमान वेदांत हमारा
स्वाभिमान ष्टता हमारी सीता
है हर रोज हमारी
रामायण हर स्वास हमारी गीता
है सभापति
महोदय जब तक होती शांति हृदय में इसको
बहुत गंभीरता से सुनिए सभापति महोदय आपके
माध्यम से मैं देश को अवगत कराना चाहती
हूं इनकी सरकार के समय मेरे सैनिकों के सर
कत्ल करके पाकिस्तान ले गया था लेकिन मेरे
प्रधानमंत्री जी के सीने में 56 इंच के
सीने ने घर में घुस कर के
मारा जब तक होती है शांत हृदय
में तब तक होते हैं केवल भारत
के जब प्रलय युद्ध छिड़ जाता
है तब हो जाते हैं म
महाभारत इसीलिए मैं सभापति महोदय आपके
माध्यम से ऐसे प्रधानमंत्री जी को हम करते
हैं
अभिनंदन ऐसे प्रधानमंत्री जी को हम करते
हैं
वंदन सभी साधु संतों की तरफ से मैं बराबार
करती हूं अभिनंदन जय श्री
[प्रशंसा]
[संगीत]
राम

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