वो तुम्हारे आंखों के सामने तड़पेगा।

जब भी तुम्हारा मन उदास हो व्याकुल हो तुम्हें रोने का मन करे ओ मेरी चौखट पर आ जाना मेरी गोदी में कर रख कर मुझे अपने

मन की बात कहना तुम्हारी सारी पीड़ा हर लूंगी मेरे बच्चे तुम्हें स्वार्थी संसार में अभी स्वयं को अकेला मत समझना तुम्हारी मां साइन

की तरह तुम्हारे साथ रहती है मुझे ज्ञात है इस संसार से तुम्हें बहुत मानसिक याद ना आए मिली है बहुत कुछ सुनने को मिला है किंतु तुम उदास ना हो यह सब कुछ जो तुम्हें दुख दे रहा है उनका भविष्य अंधेरे में डूबने वाला है हरभजन सिंह नेत्रों से बहे हैं हर एक

ऐसा तुम्हारी यह मन करेगी और तुम स्वयं देखोगी उन्हें तड़पते हुए किंतु तुम अपना चरित्र साफ रखना सदैव सत्य के मार्ग पर चलना मेरे बच्चे सत्य परेशान हो सकता है रजत नहीं हो सकता अभी तुम्हारा शत्रु बहुत प्रसन्न है उन्हें प्रतीत हो रहा है कि तुम्हारे साथ

षड्यंत्र करके उन्होंने कोई बहुत बड़ी विजय प्राप्त कर लिया हो उन मूर्ख को यह भी ज्ञात नहीं है कि तुम्हारी रक्षा स्वयं महाकाली है जो कल बंद कर उनके सिर पर मर्डर आ रही है

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