“वो तुम्हें इस बार मिलके रहेगा”

मेरे बच्चे तुम्हें यह जानना अत्यंत

आवश्यक है की मैं किन कर लोगों पर दया कभी

नहीं करती क्योंकि मेरे बच्चे यदि उन कर

लोगों में से तुम भी सम्मिलित हो तो खतरा

तुम्हारे ऊपर भी मैड रहा है इसलिए आज जो

बता रही हूं उसे ध्यान से सुन यदि तुमने

अंडे का किया तो मेरे बच्चे तुम्हें बहुत

बड़ी भूल करोगे इसलिए ध्यानपूर्वक सुनकर

और उन गलतियां को कभी मत करना वरना मेरे

बच्चे मेरी क्रोध का सामना तुम्हें करना

पद सकता है इसलिए मैं तुम्हें सटक कर देना

चाहती हूं मेरे बच्चे जिससे तुम्हें गलती

भूल कर भी ना करूं जिसमें से पहले गलती है

जो बच्चे अपने माता पिता का अपमान करते

हैं और क्रोध बस उनसे गलत भाषा बोलते हुए

उन्हें सदैव उनका जब चाहे निराधार करते

रहते हैं और उनकी कोई भी बात नहीं मानते

और उन्हें बुढ़ापे में ठुकरा देते हैं ऐसे

उन लोगों को मैं कदापि छम नहीं करती दूसरी

गलती जो भी पुरुष महिला अथवा बीबी पर बिना

बजा अत्याचार करते हैं और उसे परेशान करते

हैं और जो महिलाएं अपने पति से पीड़ित

रहते हैं और जो महिलाएं अपने पुरुष को

बेवजह परेशान करती है उन पर अपने जबरदस्ती

ठोकते हैं और जबरदस्ती करके उनसे अपने

कार्य उनकी समर्थ के विपरीत करवाती हैं

ऐसे लोगों को मैं कभी क्षमा नहीं करती

तीसरी गलती जी व्यक्ति की जुबान पर सदैव

झूठ रखा राहत है और हर बात में वह झूठ

बोलना है जो दूसरों की चीज हड़पने में

माहिर है जो खुद की परिश्रम पर भरोसा ना

करें बस धोखेबाजी से सब कुछ हासिल करना

चाहते हैं उसकी नित में सदैव धोखा राहत है

और दूसरों के साथ धोखा करना है उसका मुख्य

कार्य होता है चौथी गलती जो दूसरों के

कार्यों में रुकावट पैदा करते हैं और किसी

के बनते बनते कार्यों को बिगाड़ देते हैं

जो किसी का भला नहीं चाहते केवल अपने ही

स्वार्थ में लगे रहते हैं और अपने कार्यों

को पूर्ण करना चाहते हैं और ऐसा व्यक्ति

किसी का अपना सागा नहीं होता हर किसी

तीसरी व्यक्ति के बीच में उसे टांग अड़ाने

की आदत होती है किसी के खुशहाल जीवन को

देखकर उसके आंतरिक मां में जलन की भावना

उत्पन्न होती है और वह व्यक्ति दूसरे का

कम बिगड़ने में बहुत ज्यादा माहिर होते

हैं वह एक मीठी छुरी बनकर दूसरों को

नुकसान पहुंचना है ऐसे लोग पर मैं दया

नहीं रखती हूं और ना ही मेरी किसी भी

प्रकार की दया की भावना होती है क्योंकि

यह सभी कार्य जानबूझकर किया गए कार्य होते

हैं और जानबूझकर किया गए गलत कार्य है

माफी के काबिल नहीं होते और ना ही दया के

काबिल होते हैं इसलिए मेरे बच्चे मैं

संदेश के द्वारा तुम्हें बताना चाहती हूं

की तुम इनमें से कोई मत करना वरना मेरे

क्रोध का सामना तुम्हें करना ही पड़ेगा

यदि तुम मुझमें में श्रद्धा और विश्वास

रखते हो तो तुम आज मेरी बताई हुई बटन का

पालनपुर करना मेरे बच्चे मैं जानती हूं की

तुम ऐसा कोई कार्य नहीं करोगे जिससे की

मुझे क्रोध आए और मैं यह भी जानती हूं की

तुम मुझे बहुत प्रेम करते हो और मैं भी

तुमसे बहुत प्रेम करती हूं इसलिए मैं यह

नहीं चाहती की तुम ऐसा कोई भी कार्य करो

जिससे मुझे दुख उत्पन्न हो मेरे बच्चे तुम

बस अपने कर्मों पर भरोसा रखो क्योंकि कर्म

ही तुम्हारी शक्ति है जो तुम्हारे हर

कार्य की पूर्ण करने में सहायक होती है

मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरे

अगले संदेश की प्रतीक्षा करना

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