शर्मनाक! मोदी के सामने नड्डा, राजनाथ को धकिया दिया…राहुल की यात्रा के बाद गंगा जल छिड़का!

बनारस की जिन सड़कों से राहुल गांधी की
न्याय यात्रा होकर गुजरती है उसके बाद
उसके शुद्धीकरण के लिए भारतीय जनता पार्टी
के कार्यकर्ता उसे गंगाजल से छिड़क हैं जय
श्री राम के नारे लगाते हुए क्या भाजपा के

कार्यकर्ता भूल गए कि रामायण में शबरी
प्रसंग भी है जहां शबरी के झूठे बेर खाते
हुए श्रीराम ने यह नहीं पूछा था कि शबरी
किस जाति की है वहां पर छुआछूत की भावना

हुए हमारे आराध्य श्रीराम के नारे लगाते
हुए इस तरह से गंगाजल से सड़कों को छिड़का
जा रहा है मैं इसकी चर्चा करूंगा दोस्तों
मगर सबसे पहले मैं

आपको भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय
अधिवेशन से एक तस्वीर दिखाना चाहता हूं यह
वीडियो देखिए श्रीराम के नारे यानी कि जय
श्रीराम के नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री

को माला पहनाई जा रही है मगर आप देखिएगा
इस तस्वीर में किस तरह से राजनाथ सिंह का
अपमान होता है होता यह है कि जैसे ही वो
बड़ी सी माला पहनाई जाती है तो राजनाथ

सिंह उस माला को अपने गले में पहनाने लगते
हैं मगर फिर उन्हें आभास होता है कि भाई
यह माला तो प्रधानमंत्री के लिए है और वह
माला अपने गले से निकाल देते हैं इस

तस्वीर में साफ तौर पर राजनाथ जी का अपमान
दिखाई दे रहा है मगर आप जानते हैं भारतीय
जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स
पर बाकायदा इस वीडियो को पोस्ट किया है इस
वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि

राजनाथ सिंह का अपमान हो रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह
में उम्र का ज्यादा फर्क नहीं है
प्रधानमंत्री चाहते तो राजनाथ सिंह को
बोलते कि नहीं आप भी माला अपने गले में

डाल लीजिए मगर व ऐसा नहीं
कहते दिलचस्प बात यह है दोस्तों कि इस
वीडियो को ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ने
अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट किया
है बल्कि तमाम मंत्रियों ने भी पोस्ट किया

है इसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि
किस तरह से राजनाथ सिंह की अनदेखी की जा
रही है मगर फिर भी इस वीडियो को डाला गया

है क्यों क्योंकि भाजपा के लिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईश्वर समान है
ईश्वर तुल्य हैं उनके सामने किसी की क्या
औकात स्मृति ईरानी ने भी जय श्री राम के
नारों के साथ इस वीडियो को पोस्ट किया है

आज इन दो वीडियोस को देखने की जरूरत है
दोस्तों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
सम्मान करने के लिए उन्हीं के मंत्रियों
की अनदेखी की जा रही है उन्हीं के
मंत्रियों को धकिया जा रहा है क्योंकि

यहां पर ना सिर्फ राजनाथ सिंह धक गए हैं
बल्कि जेपी नड्डा को भी धकिया गया है एक
और वीडियो दिखाऊंगा मैं आपको मगर मैं आपसे
सवाल पूछ रहा हूं यहां पर ना सिर्फ राजनाथ
और जेपी नड्डा को धकिया गया है मगर दूसरी
तरफ राहुल गांधी की न्याय यात्रा जहां से

गुजर रही है आप वहां पर गंगा जल छिड़क रहे
हैं आप इन दो तस्वीरों में देख रहे हैं
दोस्तों कायदे से इन खबरों को मीडिया को
उठाना चाहिए था प्राइम टाइम डिबेट करना
चाहिए

था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाति के
बारे में कोई कांग्रेस नेता कहता हो या ना
कहता हो मगर गोदी मीडिया उसे प्रधानमंत्री
की जाति का मुद्दा बना देती है मगर यहां
पर राहुल गांधी के साथ छुआछूत किया जा रहा
है गंगाजल छिड़का जा रहा

है इसकी कोई परवाह नहीं कर रहा है दोस्तों
मैंने जेपी नड्डा का जिक्र किया अब एक और
वीडियो में आपको दिखाता हूं इस वीडियो में
आप देखिए अमित शाह और जेपी नड्डा मंच प

र आ
रहे हैं बेचारे जेपी नड्डा भीड़ को हाथ
हिला रहे हैं मगर देखिए किस तरह से उनका
हाथ पकड़कर अमित शाह उन्हें परे कर देते
हैं पूरे स्क्रीन पर इस वीडियो को देखिए

दोस्तों कांग्रेस के नेता ऐसे बड़ा मुद्दा
बना रहे जी हां देखिए पवन खेरा इस वीडियो
के बारे में क्या कह रहे हैं आपके स्क्रीन
पर अगले जन्म में मोहे नड्डा ना कीजिए

उसके बाद सुप्रिया श्रीनेत कह रही है बैठ
जाइए दो वीडियोस आपके सामने अमित शाह और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने
भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता की कोई
बिसात नहीं है दोस्तों मगर साहब मजाल है

कि इस को बड़ा मुद्दा बनाया जाए राहुल
गांधी की न्याय यात्रा जहां से गुजरती है
वहां पर गंगा जल छिड़का जाता है मैं शबरी
प्रसंग की बात कर रहा था दोस्तों उस

प्रसंग को मैं दोहराना चाहता हूं शबरी
अपने श्रीराम को बेर खिलाना चाहती थी शबरी
आर्थिक हैसियत के हिसाब से अपनी जाति के
हिसाब से श्रीराम से नीचे थी मगर वो
श्रीराम से मोहब्बत करती थी जब वो श्रीराम
के पास गई तो उन्हें इस बात का डर था कि

जो बेर खिला रही है कहीं वह कड़वे ना हो
इसीलिए वह बेर को चख रही थी और मीठे बेरों
को वह श्रीराम के लिए रख रही थी झूठे बेर

उन्होंने श्रीराम को
खिलाए क्या श्री राम ने अपमानित महसूस
किया नहीं श्री राम ने देखा यह मेरी भक्त
है और वो उसकी बात कर रहे हैं मैं फिर
आपसे सवाल पूछना चाहता हूं आप जानते हैं
कल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय

अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित किया गया
है कि अगले 1000 साल तक रामराज्य देश में
अगले 1000 साल तक रामराज्य चलेगा मैं फिर
आपसे सवाल पूछना चाहता हूं जिस रामराज्य
की कल्पना भाजपा कर रही है उसमें छुआछूत

की निगाह से आप विपक्ष के नेताओं का अपमान
करते हैं उसमें एक व्यक्ति का महिमा मंडन
इस तरह से किया जाता है कि मंत्रिमंडल के
बाकी सदस्यों को धक आया जाता है उनका
अपमान तक किया जाता
है रामराज में जवाबदेही थी एक धोबी ने
माता सीता के बारे में टिप्पणी की थी तो
श्रीराम ने उस धोबी को मौत के घाट नहीं

उतार दिया था या जेल में बंद नहीं कर दिया
था बगैर चार सीट
के उन्होंने इस धोबी की बात सुनी थी उसके

बाद उन्होंने क्या किया था वो विवाद का
मुद्दा है उस पर मैं टिप्पणी नहीं करना
चाहता मगर मैं जो आपसे सवाल पूछना चाहता
हूं य रामराज्य भाई यह कैसा रामराज्य मैं
समझना चाहता

हूं आज की तारीख में मुद्दा आपके सामने
इसलिए ला रहा हूं दोस्तों क्योंकि चुनाव
आने वाले
हैं मगर आप देख रहे हैं प्रधानमंत्री का
महिमा मंडन ना सिर्फ उनकी पार्टी के नेता
बल्कि मीडिया भी किस तरह से कर रहा है
मसलन कंगना रवतलेदु

स्कार के लिए कंसीडर किया जा रहा है उनकी
दावेदारी के बारे में सोचा जा रहा है
सरासर झूठी खबर दोस्तों इस खबर की पोल खोल
बहुत पहले हो चुकी थी यह बात बिल्कुल भी
सही नहीं है मगर फिर भी कंगना
रवतलेदु यह झूठी जानकारी अब तक उन्हें
पहुंचा दी गई

होगी जबकि खुद नोबेल शांति पुरस्कार के जो
एक सदस्य है असली तोय उन्होंने इस खबर को
झूठा करार दिया है कि ऐसी कोई खबर नहीं है

सुनिए असली तोए ने क्या कहा था आपके
स्क्रीन पर वेल आई एम नॉट इन इंडिया एस द
डेप्युटी लीडर ऑफ द नोबल कमिटी आई एम रस
रेक्टर ऑफ इंटरनेशनल पीस एंड
अंडरस्टैंडिंग एंड एस अ फ्रेंड ऑफ द

इंडिया सेंटर फाउंडेशन एंड आईम हियर इन
इंडिया टू टॉक
एमें
द आई
नल फक्य ें
एंड ल न्यू इट लेट्स नकस लेस नव
एजीन
आगली से ए ंग व वा इन

द नावत ये खबर फैला रही है तो कंगना रनावल
पापा की परी है अब एक और जूनियर पापा की
परी खुलेआम कह रही है आएगा तो मोदी
ही यह दंगल कर रही है आएगा तो मोदी ही
दोस्तों टाइम्स नाउ नव भारत में एक छुट
भैया गुल्लू एंकर है दो दिन पहले उसका एक
शो वायरल हो रहा था उसमें वो क्या कह रहा

था मैं आपको बतलाना चाहता हूं उसमें वो
एंकर यह कह रहा था
कि कांग्रेस को जितना पैसा जाता है उसमें

से 60 फीसद इलेक्टोरल बंड्स के जरिए जाता
है और भाजपा को जो पैसा जाता है उसमें
सिर्फ 50 फीस इलेक्टोरल बंड्स के जरिए
जाता

है उसने अपने दर्शकों को यह बात नहीं
बताई कि बेशक कांग्रेस को जो कुल पैसा
जाता है उसका 60 फीसद इलेक्टोरल बंड्स के
जरिए हो मगर वो मुश्किल से 900 करोड़ है
और भारतीय जनता पार्टी को बेशक 50 फीसद
इलेक्टोरल

के जरिए जाता हूं मगर वो आंकड़ा करीब 6000
करोड़ है कहां 900 करोड़ और कहां 6000
करोड़ मगर उसको भाजपा की सेवा करनी है
इसलिए वो बता रहे है कि नहीं साहब
इलेक्टोरल बंड्स का ज्यादा फायदा तो
कांग्रेस को हो रहा है अरे भाई कहां 900
करोड़ और कहां 6000

करोड़ मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं
इलेक्टोरल बंड्स को खत्म करते हुए सुप्रीम
कोर्ट ने यह कहा कि इसके जरिए कुछ
उद्योगपतियों को कुछ औद्योगिक समूहों को
जबरन फायदा दिया जा रहा होगा सुप्रीम

कोर्ट ने आपको पता है ना क्या कहा कि भाई
जब कुछ उद्योगपति या कुछ बिजनेस हाउसेस
सीक्रेट इलेक्टोरल चंदा देते हैं तो सरकार

बनने के बाद सरकार उन्हें फायदा पहुंचाती
है क्योंकि उन्होंने उन्हें पैसा दिया था
क्योंकि सरकार को तो पता है कि कौन सा
औद्योगिक समूह कितने पैसे दे रहा है यानी

कि साफ र पर एक घोटाला भ्रष्टाचार का एक
मामला यह बात कपल सिब्बल ने भी कही थी जो
कि इस मामले में वकील है गोदी मीडिया के
एंकर्स जो इस तरह के वाहियात तर्क दे रहे
हैं क्या इन्होंने यह मुद्दा उठाया

नहीं यह लोग सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री
की सेवा करने में लगे हुए इसलिए तो मैं कह
रहा हूं बराबरी का मुकाबला नहीं है राहुल
गांधी न्याय यात्रा कर रहे हैं उन्हें कौन
दिखा रहा है
भाई दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
की मौजूदगी में उनके मंत्रियों उनके

नेताओं को धकिया जाता है कोई मीडिया इसकी
बात नहीं कर रहा है अब मैं आपको एक और
मिसाल देता हूं दोस्तों आजकल भारतीय जनता
पार्टी कई वीडियोस डाल रही है अपने ट्विटर
हैंडल पर उन्होंने एक वीडियो डाला है और

इस वीडियो में क्या कहा जा रहा है इस
वीडियो में कई लोगों को बैठा हुआ दिखाया
जा रहा है और यह लोग कह रहे हैं कि हम
लोगों ने जो भी एजेंडा चलाया वो कामयाब
नहीं हो रहा है हमारा एजेंडा कामयाब नहीं
हो रहा है मोदी जी के खिलाफ तो हमें
अंतरराष्ट्रीय तौर पर पैसे नहीं मिल रहे

हैं आगे यह लोग यह भी कहते हैं कि भाई एक
जमाने में हम यह फैसला करते थे कि कैबिनेट
में कौन सा मंत्री बैठेगा आज तो हम यूटर
बनकर रह गए हैं जाहिर सी बात है दोस्तों
निशाना उन पत्रकारों पर है जो सत्ता से
यानी कि मोदी जी से सवाल करते हैं जो आ


की तारीख में न्यूज़ चैनल्स पर नहीं है और
youtube2 में कौन मिनिस्टर होता था हम
डिसाइड करते थे पीएम के टूर होते थे तो हम

सब साथ में सरकारी फंड्स पर मोज उड़ाते थे
अरे यार विदेश छोड़ो इस देश में भी
यूट्यूब बनके घूमना पड़ रहा है मैं आपसे
एक सवाल पूछना चाहता हूं दोस्तों कितने

यूट्यूब हैं जो सत्ता से सवाल कर रहे हैं
गिन चुन के आधा दर्जन ऐसे बड़े यूट्यूब
हैं जो सत्ता से सवाल करते हैं और मैं
आपसे एक और सवाल पूछना चाहता हूं ये जो
इसमें कहा गया है ना कि हम में से कुछ लोग
यह फैसला करते थे कि कैबिनेट में कौन

मंत्री बने जाहिर सी बात है यहां जिक्र
राडिया टेप्स का है जिसमें एक पत्रकार का
जिक्र आया था एनडीटीवी के एक पूर्व
पत्रकार का जिक्र आया था भाई एनडीटीवी की
वो पूर्व पत्रकार तो अब भाजपा की गोद में

बैठने की पूरी कोशिश कर रही है और भाजपा
के कई नेता उसके कार्यक्रम में भी आते

हैं कहने का क्या अर्थ है
कि भारतीय जनता पार्टी सवालों से इस कदर
डरती है कि अब जो य पर बैठे पत्रकार उनसे
सवाल करते हैं उनके खिलाफ यह वाहियात

प्रोपेगेंडा चलाया जाता है और दूसरी तरफ
इनके पत्रकार कहते हैं आएगा तो मोदी
ही मोदी जी के पक्ष में नोबेल पुरस्कार को
लेकर झूठा प्रोपेगेंडा चलाया जाता है मैं

फिर आपसे सवाल पूछना चाहता हूं क्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सवालों से परे
हैं क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईश्वर
का दूसरा अवतार हैं क्या प्रधानमंत्री से
सवाल नहीं किया जा सकता है अरे जब हमारे
हालात ठीक नहीं होते हैं हम तो ईश्वर से
भी भगवान से भी गुस्सा जताते हैं कि खुदा

ईश्वर वाहेगुरु आप यह क्या कर रहे हैं हम
तो शिकायत अपने खुदा अपने ईश्वर अपने
वाहेगुरु से भी करते हैं प्रधानमंत्री तो
शायद आप शिकायत भी नहीं कर सकते हैं और

दूसरी तरफ क्या हो रहा है जो प्रधान
मंत्री से सवाल करते हैं आप उन्हें परेशान
करते हैं उन पर इनकम टैक्स की रेड्स मारते
हैं उनके घर में दिल्ली पुलिस का एंटी
टेरर सेल भेजते हैं पत्रकारों पर आतंकवाद
की धाराएं लगा देते हैं और आपको कुछ और

करने की जरूरत नहीं पिछले एक हफ्ते से
देखिए जो लोग किसानों की आवाजों को आप तक
पहुंचा रहे हैं क्या हो रहा है गांव सवेरा
और मंदीप पुनिया दोनों के
twitter’s पेंड कर दिया गया है निलंबित कर

दिया गया है क्यों क्योंकि इस वक्त
जो कि खुद को प्रधानमंत्री का फैन बताता
है क्यों क्योंकि उसे भारत में धंधा करना
है यही नहीं दोस्तों अब मॉलिटिक्स नाम का

एक मंच है उनके पत्रकार नीरज झा का यह
ट्वीट पढ़िए
टर इंडिया कोई समस्या हो तो बताओ भाई
साफसाफ मॉलिटिक्स के य चैनल को फॉलो करिए
कह रहे हैं नीरज झा और नीरज झा केन दोनों

वीडियोस को ट्विटर ने हटा दिया
है पिछले हफ्ते मंदी पुनिया और गांव सवेरा
दोनों के ट्विटर हैंडल को साफ कर दिया और
अब मॉलिटिक्स के दो वीडियोस को ट्विटर
डिलीट कर रहा

है क्या कहा था मैंने कार्यक्रम में
बराबरी नाम की को कोई चीज नहीं है विपक्ष
की अगर आवाज भूल जाइए विपक्ष किसानों की
अगर आप कोई आवाज रखे तो उसे खत्म कर दिया

जाता है उसे निरस्त कर दिया जाता है उसे
हटा दिया जाता है मैं फिर आपसे सवाल पूछ
रहा हूं क्या यह लोकतंत्र में एक स्वस्थ
परंपरा है क्या लोकतंत्र में विपक्ष को
अपनी बात कहने का अधिकार नहीं है क्या
विपक्ष को छुआछूत के जरिए उन पर निशाना

साधा जाएगा विपक्ष के नेता की जहां से
यात्रा गुजरेगी वहां पर आप गंगाजल छिड़क
और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी
में उनके मंत्रियों को धकिया

जाएगा प्रधानमंत्री चाहते तो राजनाथ सिंह
से कहते कि नहीं आइए आपको भी माला पहनाई
जाएगी मगर नहीं
साहब प्रधानमंत्री को इस बात की परवा ही
नहीं थी कि किस तरह से उनके अपने वरिष्ठ

मंत्री राजनाथ सिंह जो एक जमाने में उनके
अध्यक्ष हुआ करते थे उन्हें धकिया दिया
गया नड्डा साहब उन्हें तो धकिया जाता है
बार-बार
वो तो हमने देखा है बार-बार किया जाता है

मगर य कोई नई बात नहीं है दोस्तों जब
प्रधानमंत्री राजघाट में बापू के दर्शन
करने जाते हैं जो दिल्ली के राज्यपाल को
धक दिया जाता है कैमरे से उन्हें हटा दिया
जाता है जब प्रधानमंत्री उज्जैन के मंदिर

जाते हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज
सिंह चौहान को परे कर दिया जाता है जब
प्रधानमंत्री केदारनाथ जाते हैं तब पुजारी
को परे कर दिया जाता है क्योंकि वह कैमरे

के सामने आ रहा होता
है यह महज एक इत्तेफाक नहीं है यह
लोकतंत्र के लिए एक निहायत ही शर्मनाक
परंपरा है यह निहाय ही यह कोई स्वस्थ
परंपरा नहीं है मैं फिर आपसे सवाल पूछना
चाहता हूं कि क्या लोकतंत्र में ऐसी चीजों

को बढ़ावा दिया जाना चाहिए मैं दावे के
साथ कह सकता हूं अब भी कई लोग आ जाएंगे
इसे जायज ठहराने के लिए मगर माफ कीजिएगा
इस देश का नागरिक होने के नाते मुझे इन
चीजों पर सख्त आपत्ति है और करता भी
रहूंगा अभिसार शर्मा को दीजिए इजाजत

नमस्कार स्वतंत्र और आजाद पत्रकारिता का
समर्थन कीजिए सच में मेरा साथी बनिए बहुत
आसान है दोस्तों इस जॉइन बटन को दबाइए और
आपके सामने आएंगे ये तीन विकल्प इनमें से
एक चुनिए और सच के इस सफर में मेरा साथी

बनिए

Leave a Comment