सफलता की कुंजी!? इग्नोर ना करे ✍️ अब तक का सबसे शक्तिशाली संदेश! 🔮

मेरे प्रिय बच्चे कुछ बहुत ही अलग अनोखा

और अद्भुत होने जा रहा है कुछ ऐसा दिव्य

समागम होने जा रहा है जो तुम्हारे जीवन

में एक बहुत बड़ा अद्भुत चमत्कारिक

परिवर्तन लेकर

आएगा तुम्हारी एक बहुत बड़ी इच्छा जो काफी

लंबे समय से रुकी हुई थी पूर्ण नहीं हो पा

रही थी जिस पर निरंतर कोई ना कोई बाधा

बनती चली जा रही

थी अब वह समाप्त हो रही है अब एक नए सवेरे

का आगमन हो रहा है दिव्यता से भरा हुआ एक

नया प्रकाश अब तुम्हारे जीवन में उतर रहा

है सूर्य की ऐसी रोशनी तुम्हारे जीवन में

उतर रही है जो तुम्हारे जीवन में बहुत

सुंदर उपहार लेकर आ रही है और इस वजह से

तुम्हें इस संदेश को पूर्णत अंत तक सुनना

है चाहे परिस्थिति कैसे भी

हो नई रोशनी तुम्हारे जीवन में उतर आने को

है मेरे प्रिय तुम्हारी वह इच्छा पूरी

होने जा रही

है जिस इच्छा के पूर्ण होते ही तुम ना

केवल प्रसन्नता से भर जाओगे बल्कि प्रेम

से पूरी तरह से सराबोर हो

जाओगे कोई है जो निरंतर तुम्हारे लिए तड़प

रहा है जो तुम्हारे साथ अपने प्रेम को सफल

करना चाहता

है आजकल वह पीड़ा में है वह बार-बार मुझसे

गुहार लगा रहा है कि किसी भी तरह तुम्हारा

उसके जीवन में समागम हो जाए

मेरे प्रिय कुछ ऐसी बातें हुई कुछ ऐसी

घटना घटी जिसका घटित होना कहीं से भी

तुम्हारे लिए बेहतर नहीं रहा

है जो शायद तुम्हारे जीवन का बुरा दौर

बुरा काल कहा जा सकता है लेकिन हर बुराई

के पीछे एक अच्छाई छिपी हुई होती

है संख्या तुम्हें कुछ बता रही है

संख्या की ऊर्जा तुम्हारे जीवन में

उतर रही है

जिस नए सवेरे की मैं बात कर रहा हूं इसका

प्रारंभ बहुत पहले ही हो चुका था यह कहानी

बहुत पहले ही लिखी जा चुकी

थी लेकिन परिस्थितियां ऐसी नहीं बन पा रही

थी कि वह तुम्हारे जीवन में घटित हो सके

कोई ऐसा समय काल क्रमबद नहीं हो पा रहा

था जिससे तुम्हारी समस्याएं समाप्त हो जाए

कुछ ऐसा हुआ तुम्हारे जीवन में जो नहीं

होना चाहिए था और जिसका पछता उसे निरंतर

हो रहा

है मेरे प्रिय जीवन में कुछ बातों को

नजरअंदाज करके आगे बढ़ना होता है कई बार

जीवन को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लेने

से समस्याएं उठ खड़ी होती

हैं यदि तुम गौर से देखोगे तो समस्या इतनी

बड़ी नहीं है जितना तुमने उसे अपने

मस्तिष्क में बना लिया

है इस संसार में बहुत से ऐसे लोग

हैं इस संसार में बदलाव करना होगा किसी और

पर आश्रित होने वाला मनुष्य जीवन में

प्रगति चाह के भी प्राप्त नहीं कर सकता

यदि वह प्रगति को प्राप्त भी कर

ले तो वह इतना योग्य नहीं हो पाता कि उसकी

कामयाबी को अपना पाएंगे मेरे प्रिय प्रेम

के रिश्ते कच्चे धागे के समान ही होते

हैं यदि उसे अच्छे से पकड़ा नहीं गया तो

वह धागा बहुत ही आसानी से टूट जाता है और

यदि उसे कर खींचा

गया तब भी वह धागा बहुत ही आसानी से टूट

जाता

है इसलिए तुम्हें प्रेम के रिश्तों को

प्रेम के धागों को बहुत ही सहजता से बहुत

ही नर्मदा से पकड़ना

होगा फिर यह प्रेम किसी से भी हो फिर यह

प्रेम चाहे अपनों से हो चाहे परायो से

हो यह प्रेम ही है जो जीवन को सही रूप में

चलाए मान रखता है यदि नीतियों और नियमों

के अनुसार जीवन

चले तो तुम्हें लगेगा कि तुम्हारे साथ

बहुत ही ज्याती की गई है क्योंकि हर पाप

की सजा एक समान हो

जाती यदि तुम गौर से देखोगे तो तुम्हें और

उनमें विशेष अंतर नहीं है जो गलत कार्य कर

रहे

हैं यह अलग बात है तुम्हारे गलत कार्य

करने की आवृति उतनी ज्यादा नहीं है यह भी

अलग बात है कि तुम्हारी नियत कभी बुरी

नहीं रही

किंतु बुरे कर्म तो तुमसे भी हुए हैं

इसलिए यदि करुणा के आधार पर जीवन के नियम

को ना बांधा जाए तो तुम्हारे साथ बहुत

जागती हो

जाएगी मेरे प्रिय जो तुमसे प्रेम करते हैं

तुम उन्हें प्रेम दो क्योंकि यदि तुम

उन्हें प्रेम नहीं दोगे तो एक दिन उन्हीं

के लिए पछताना पड़ जाता

है मैं जानता हूं तुमने सदा ही सबको प्रेम

देने की चाह रखी है तुम कभी किसी का बुरा

सोचते भी नहीं आए हो तुमने सदा यही चाहा

है कि तुम जितना हो सके लोगों की भलाई कर

सको तुम दूसरों के लिए अपने जीवन में बहुत

से त्याग भी करते आए

हो लेकिन कई बार मनुष्य को तब दूसरों की

भलाई करनी चाहिए जब उसका अपना जीवन बेहतर

हो मेरे प्रिय यदि जंगल में आग लगी हुई हो

तो मनुष्य सर्वप्रथम अपनी जान बचा

है क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं करेगा तो वह

दूसरों की भी सहायता करने में सक्षम नहीं

हो

पाएगा मनुष्य को अपने जान की मूल्य अपने

जान की कीमत से ज्यादा नहीं करनी

चाहिए क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं करेगा तो

वह उन उद्देश्यों को पूर्ण ही नहीं कर

पाएगा जिसके लिए उसे यह जीवन मिला

है मेरे प्रिय तुम्हें स्वयं से प्रेम

करना सीखना होगा स्वयं का आत्मविश्वास

बढ़ाना सीखना

होगा क्योंकि यह सब कुछ तुम्हारे विश्वास

तुम्हारी मानसिकता से ही जुड़े हुए हैं और

तुम इसे बढ़ाने के लिए आतुर है तो नि

संदेह तुम्हारे विश्वास को जगाकर तुम्हें

प्रगति दिलाई जा सकती

है लेकिन यदि तुम अपने विश्वास को बढ़ाने

के प्रति आतुर ही नहीं हो यदि तुम कमजोर

मान के हमेशा से ही बैठ गए हो तो कोई चाकर

भी तुम्हें प्रगति कैसे दिला

पाएगा तुम्हें मेरी बातों पर गौर फरमाना

होगा इसके गहराई में उतरना होगा जैसे

तुमने अपने आप को नियमों में बांध दिया है

तुम स्वयं को नियमों से मुक्त करो स्वयं

को जंजाल से मुक्त

करो तुम्हें कुने के मेढक की भाति नहीं

सोचना है जैसे तुम आगे बढ़ो तुम्हें इसके

लिए डरना नहीं है तुम निरंतर अपने जीवन को

धन की चोटी से बांध रहे हो

तुम निरंतर अपने जीवन को धन के दायरे में

रखकर ही सोच रहे हो एक बार अपनी मानसिकता

का दायरा बढ़ाओ तुम जटिल प्रश्नों को हल

कर चुके

हो अब तो आसान प्रश्नों को हल करने की

बारी है जो कठिन परीक्षा थी उससे तुम गजर

चुके हो और मैं तुम्हें यह बताते हुए बहुत

प्रसन्न हो रहा

हूं कि तुम बहुत अच्छे से उसे उत्तीर्ण कर

चुके हो तुम अब आगे आ चुके हो लेकिन अब जो

तुम्हारे लिए आसान प्रश्न है तुम उनसे ही

भयभीत हो रहे

हो जटिलता से निकलने के बावजूद तुम अपने

सोच के दायरे को बढ़ा नहीं पा रहे हो मेरे

प्रिय स्वयं को महसूस करो भीतर झांक

प्रार्थना की ताकत को महसूस

करो वो क्या है जो तुम्हें बताया जा रहा

है महसूस करो क्या तुमने कभी विचार किया

कि संसार में मनुष्य ही एक ऐसा जीव है जो

नित्य निरंतर विचार करता है

जो नए आविष्कार कर सकता है जो नए कल्पनाएं

बुन सकता है जो अपने लिए नए-नए भोजन की

तलाश कर सकता है नए नए वस्तुओं की तलाश कर

सकता

है जो पशुओं के समान केवल नियमों से बंधा

हुआ नहीं है जो अपने नियम स्वयं ही बना

लेता है तुमने कभी विचार किया कि ऐसा

क्यों

है जब अन्य पशु पराबैगनी किरणों को देख

सकते हैं उन तरंगों उन आवृति को देख सकते

हैं जो मनुष्य महसूस नहीं कर सकता जब

उन्हें इतनी क्षमता दी गई

है तो मनुष्य के पास यह गुण क्यों नहीं है

क्या कभी तुमने इसका विचार किया मेरे

प्रिय क्योंकि मनुष्य एकलौता ऐसा जीव है

जो विवेक से कार्य कर सकता

है जो अपने विचारों को बढ़ाकर जीवन में

प्रगति को प्राप्त कर सकता है जो जीवन की

रूपरेखा बदल सकता

है जो नए जीवन को ना केवल जन्म दे सकता है

बल्कि उसकी परिभाषा भी बदल सकता है फिर

तुमने यह इतनी आसानी से कैसे सोच लिया कि

तुम्हें जो संकेत दिए जा रहे

हैं वह तुम एक ही बार में समझ जाओगे

तुम्हें विचार करना होगा प्रार्थना को

महसूस करना होगा स्वयं को महसूस करना होगा

तुम खुद को महसूस नहीं कर रहे

हो तुम बाहरी आवरण से ढके हुए हो और केवल

उसी के बारे में सो जा रहे हो एक बार आवरण

से बाहर निकलकर देखो वह संख्या तुमसे क्या

कहना चाह रही

है तुम कौन से ऐसे पथ पर हो जिस पथ से

तुम्हें नए विचार को जन्म देना है ऐसा

क्या है जो तुम्हारी आंखों के सामने है

किंतु फिर भी तुम उसका प्रयोग नहीं कर पा

रहे

हो कुछ छूट रहा है उसे छोड़ो मत मेरे

प्रिय तुम अपने पास के पवित्र स्थल पर जाओ

वहां जहां निरंतर तुम्हारा मन कह रहा है

तुम्हारे मन में निरंतर उस पवित्र स्थल का

विचार उठ रहा है तुम्हें वहां जाना होगा

वहां तुम्हें तुम्हारे प्रश्नों का उत्तर

दिया जा रहा है तुम विचार करो आलस्य को

त्यागो तुम समय बना नहीं पा रहे किंतु तुम

विचार करो समय बनाया नहीं जाता समय तो

निरंतर चल रहा

है तुम्हें अपने जीवन के इस समय काल से

थोड़े समय को अपने लिए प्रयोग करना है

वहां जा जहां तुम्हें भेजा जा रहा

है तुम्हारा मन तुम्हारी बुद्धि तुम्हारी

चेतना तुमसे बार-बार गुहार लगा रही है कि

तुम ताले जा रहे हो आलस्य तुम्हें यह करने

से रोक रहा

है भीतर के आलस्य को मारो अपने भीतर की

सक्रिय ऊर्जा को पहचानो मेर प्रिय जीत

तुम्हारे सामने ही खड़ी है तुम जीतने वाले

हो उसे महसूस

करो छोड़ो वह सब कुछ जो तुम्हारे लिए

आवश्यक नहीं है है त्याग दो वह सारे विचार

वो सारी वस्तुएं जो तुम्हारे लिए आवश्यक

नहीं है है यहीं से तुम्हें प्रगति की

मार्ग को प्रारंभ करना

है त्यागना पहला लक्षण है यहां से तुम्हें

आगे बढ़ो विचार करो तुम्हें निरंतर संकेत

दिया जा रहा है यह संकेत तुम्हारे लिए

स्पष्ट भी किया जा रहा

है तुम विचार करो अपने विचार को मरने ना

दो इस विचार को आगे बढ़ाओ मेरे प्रिय

बच्चे तुम्हारे रिश्ते लगातार सुधार किए

जा रहे हैं तुम्हारे रिश्तों में निरंतर

प्रेम भरा जा रहा

है लेकिन यदि तुम स्वयं से ही नफरत के बीज

बोगे क्रोध को अपने भीतर जगाते रहोगे तो

तुम्हारे भीतर का तमस कभी समाप्त ना हो

सकेगा कभी नियंत्रित ना हो सकेगा मैं यह

नहीं कहता कि यह तमस तुम्हारे लिए आवश्यक

नहीं है न संदेह यह तमस तुम्हारे लिए

आवश्यक है और तुम्हारे लिए इस क्षण में

सटीक विचार करना अत्यंत आवश्यक

है यह जीवन तुम्हें जिस उद्देश्य की

पूर्ति के लिए मिला है उस उद्देश्य को

पकड़ लो उस उद्देश्य को समझो मैं निरंतर

तुम्हारा मार्ग दर्शन कर रहा

हूं मैं निरंतर तुम्हारा साथ दे रहा हूं

अपने भीतर आभार पनपने दो जितना हो सके

उतना ज्यादा आभार व्यक्त करो जहां हो सके

वहां आभार

दो यह संदेश आज तुम्हें दिया जा रहा है तो

इसके पीछे बहुत बड़ा कारण छुपा हुआ है यह

कारण कोई छोटा सामान्य कारण नहीं

है तुम्हारे जीवन से जुड़ा हुआ बहुत ही

महत्त्वपूर्ण कारण है इसे अपने जीवन में

यूं ही उतर जाने

दो जीत की शक्ति को अपने भीतर से गुजरने

दो ऐसा क्या है जिस पर तुम ध्यान नहीं दे

रहे हो उस पर ध्यान लगाओ फिर तुमसे कुछ ना

छूटेगा सब तुम्हारे कदमों में आ जाए

सब तुम्हें प्राप्त हो रहा है यह ऊर्जा

तुम्हें मिलनी अत्यंत आवश्यक है मेरे

प्रिय एक बात हमेशा याद रखो कि चाहे

परिस्थिति कैसी भी हो बस तुम्हें अपने

भीतर उतरना

है स्वयं को महसूस करते जाना है तुम स्वयं

को देह मात्र से ऊपर देखो स्वयं को आत्मीय

प्रवृत्ति से ऊपर देखो तुम वो नहीं जो तुम

समझ रहे

हो तुम्हें दूसरों से भयभीत होने की

आवश्यकता नहीं टिक नहीं पाऊंगा तुम्हें इस

भय से मुक्ति पानी होगी मैं निरंतर तुमसे

कह रहा हूं कि तुम इस भय का त्याग

करो लेकिन तुम इस भय का त्याग नहीं कर पा

रहे हो किससे घबरा रहे हो कोई तुम्हें

हानि नहीं पहुंचा सकता जब आज तक तुम्हें

हानि नहीं

हुई जब आज तक मैंने तुम्हें हारने नहीं

दिया जब आज तक तुम भूखे नहीं मरे जब आज तक

तुम्हारे हर कार्य होते गए तो आगे भी होता

रहेगा मैं निरंतर तुमसे यह कह रहा हूं इसे

अपने जीवन में उतरने दो मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है सदा सुखी रहो

तुम्हारा कल्याण होगा

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