सावधान हो जाओ आज मां तुम्हें आगाह करने आई हैं।

मेरे बच्चे मुझे पता है की वर्तमान स्थिति
से खुश नहीं हो तुम्हें लगता है की
तुम्हारा जीवन दुर्लभ है अपने भाग्य को
खोजने रहते हो तो मेरे बच्चे समझ लो यह सब
तुम्हारे ही विचारों का परिणाम है तो मैं

आत्मविश्वास की कमी है तुम्हारे विचारों
में दोष है इसके लिए कोई दूसरा दोषी नहीं
बल्कि तुम खुद हो मेरे बच्चे अच्छे विचार
ही तुम्हारी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं
और तुम हो की नकारात्मक विचार ही अपने मां
में लेट हो मेरे प्यार बच्चे तुम्हें ऐसा

बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए विचार जब
शुद्ध रहेंगे तो जीवन विश्वास और समृद्ध
रहेगा आज मनुष्य जाति एक ही रोग से पीड़ित
है यह रोग है गरीबी यह गरीबी क्यों है
इसका उत्तर यही है की मनुष्य को परमात्मा
की शक्ति पर भरोसा नहीं है अपने शक्ति में

भी विश्वास नहीं मेरे बच्चे तुम्हें उसे
परमपिता से पुत्र जैसा रिश्ता कायम करना
होगा यदि तुम्हें विश्वास है की तुम्हें
खाने की कमी नहीं है तो तुम सब कुछ का
सकते हो तुम्हें यह डर है की खाने को तो
कुछ है ही नहीं तब तुम भूखे रहते हो मेरे
बच्चे अगर तुम्हें ऐसा ही सोचते हो की

मुझे खाने को नहीं है तो तुम्हारा जीवन
कभी भी बादल नहीं पाएगा तुम्हें अपनी
शक्तियों पर विश्वास करना होगा मैंने जो
तुम्हें अपनी शक्तियां दी है उसे तुम्हें

इस्तेमाल करना होगा और वह तभी संभव है जब
तुम मुझमें पर और अपने आप पर विश्वास
करोगे मेरे बच्चे
पूर्वक यह मानो की जी वास्तु की सच में
तुम्हें आवश्यकता है वह तुम्हारे पास है
जब तुम चाहोगे उसे प्राप्त कर लोग प्राप्त

करने के लिए मां वचन और कर्म से प्रियतन
करना पड़ेगा
सफलताएं इस के कम चूमते हैं जिसे सफलताओं
पर विश्वास होता है और जिसे अपनी योग्यता
पर भरोसा होता है मेरे बच्चे तुम्हें अपनी

योग्यता को काम नहीं समझना चाहिए क्योंकि
मैं जानती हूं तुम्हारी योग्यता को मेरे
बच्चे धन वे लोग काम पाते हैं जिन्हें
अपनी धन कमाने की योग्यता पर विश्वास होता
है जो दरिद्रता से कभी ना डगमगाकर कम रखना

है उसके रहना सहन और कर दल में दरिद्रता
का अंश भी नहीं राहत उसकी साड़ी शक्तियां
इस और मड जाति है जिधर उसकी मंजिल है
संसार में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने

गरीबी की स्थिति को कुछ स्वीकार करते हैं
और इस में संतुष्टि अनुभव करते हुए आगे
बढ़ाने के प्रयास नहीं करते हैं
ऐसे लोग चाहे कितना भी प्रयास करें सफल
नहीं हो सकते क्योंकि वह वर्तमान स्थिति
को उचित मां बैठे हैं और उनकी आशाएं
मिट्टी गई हैं निर्धनता के भाई से भी लोग
निर्धनता के शिकार हुए देखें जा सकते हैं

मेरे बच्चे बहुत से बच्चों को ही यह पाठ
पढ़ा दिया जाता है वह बेचारे सर दिन केवल
इस शब्द गरीबी को सुनते हैं वेजेस और भी
देखते हैं उन्हें गरीबी की प्रेरणा मिलती

है
यही सुनते हैं यही देखते हैं यही सोचते
हैं तो बड़े होने पर यही संस्कार उनकी
सफलता के रास्ते में सबसे बड़ी बड़ा बंटी
है उनके आत्मविश्वास की जेड बचपन में ही
खोखली हो चुके होती हैं

जो लोग निर्धनता से भाई खाता हैं जो सफलता
नहीं प्राप्त कर पाते या जो आशंकाओं और
भाई से ग्रस्त रहते हैं उनकी आर्थिक दशा
को सुधार अपने की शक्ति भी नष्ट हो जाति
है

वे अपने सर पर पहले से लड़े बोझ को और भी
भारी कर लेते हैं और भी समर्थ हो जाते हैं
मेरे बच्चे अगर तुम्हारी परवरिश यदि और भी
भयानक हो गया है या तो होती जा रही है तो
कोई परवाह नहीं करनी चाहिए
और उसे स्थिति से स्वयं को हटाइए दूर हटा
दो जब तक तुम्हारे मां में दुख और
दरिद्रता है तब तक तुम कभी समृद्धि शैली

नहीं बनोगे किसी की दशा वही होती जो उसके
मनोभाव होते हैं आप पर भी यही तो सिद्धांत
लागू होता है जब कोई लड़का किसी परीक्षा
की तैयारी कर रहा होता है और उसे पास होने

की आशा नहीं रहती तो यह निश्चित है की वह
पास नहीं हो सकता क्योंकि जी चीज की आशा
होती है वही तो प्राप्त हो शक्ति है कोई
भी नदी अपने निकालने के स्थान से उसे
पर्वत से ऊंची नहीं उठ शक्ति

जिसे निर्धनता की आशा है या जिसे निर्धनता
की अपेक्षाएं हैं वह कुछ बन ही नहीं सकता
मेरे बच्चे तुम्हें अपने लक्ष्य की और
देखना चाहिए अपने सौभाग्य की आशा करनी

चाहिए सुख समृद्धि और विजय पर तुम्हारा
अधिकार है अपने अधिकार को प्राप्त करो
मेरे बच्चे तुम्हारा अधिकार तुमसे कोई
नहीं छन सकता बस तुम खुद अपने आप को पीछे
की और ले जाते हो मेरे बच्चे कोई भी
व्यक्ति निर्धन नहीं माना जा सकता जिसके
पास कोटिया नहीं

बल्कि वह निर्धन है जिसके विचारों में
निर्धनता है और जो मां से दरिद्र है
क्योंकि निर्धनता एक मानसिक रोग है और मां
की दरिद्रता से ही आर्थिक दरिद्रता
उत्पन्न होती है जो लोग करोड़पति बने हैं

उनमें आत्मविश्वास था उनके मां में धनवान
बने के लिए सपना के साथ-साथ वैसी आशाएं
थीं

लगन थी आत्मविश्वास था तभी समृद्धि
कंजूस आदमी इतना सुख समृद्धि प्राप्त नहीं
कर सकता जो विशाल
व्यक्ति प्राप्त कर सकता है क्योंकि सुख

और वैभव का वास्तविक रूप वह नहीं जिसे लोग
मां बैठने हैं आत्मा विकास से आंतरिक
ज्ञान से सच्चा सुख प्राप्त हो सकता है
मेरे बच्चे यदि तुम्हें मेरा संदेश
प्राप्त हुआ है तो ठहरो जरा सुनो मेरी बात
को क्योंकि तुम्हें मेरी यह बात जानना
बहुत जरूरी है इसलिए तुम मेरी बताई हुई
बात को
ध्यानपूर्वक सुना क्योंकि ध्यान से सुना
अत्यंत आवश्यक है तभी तुम्हें मेरी बोली
हुई बातें समझ में आएंगे की इन बटन को
समझना क्यों जरूरी है इसलिए तुमको यह
समझना बहुत जरूरी है पहले तुम मुझे एक बात
का जवाब दो की यदि तुम्हारे साथ कोई
ईमानदारी रखना है और दूसरा वही तुम्हारे
साथ कोई धोखा करता है तो तुमको यह बात पता
होने के बाद तुम किस इंसान का साथ देना
चाहोगे तुम्हारा हृदय किसकी तरफ खींचेगा
इस प्रकार सही सही के साथ राहत है और गलत
व्यक्ति गलत व्यक्ति के संगत में राहत है
बन जाएगा लेकिन दो अलग प्रवृत्ति के इंसान
एक साथ नहीं र सकते क्योंकि उनको फल भी
अलग-अलग प्राप्त होते हैं इसलिए सबसे पहले
कार्य तो तुम यह करो की यदि तुम्हें समय
गलत संगति मैं हो तो तुरंत ही संगति छोड़
दो और यदि तुम खुद पर विचार करके देखो तुम
कोई गलत कार्य कर रहे हो तो उसे बैंड कर
दो इसके साथ ही आज से यह कार्य करने
प्रारंभ करो जिसमें से पहले सुबह निकालने
से पहले उठाना प्रारंभ करें यदि तुम सूर्य
को निकालने के पश्चात उठाते हो तो यह आदत
आज से छोड़ दो और सुबह जल्दी उठकर तुम
स्नान करो एकांत में बैठकर तुम किसी भी
अपने इस्ट देवता का
स्मरण करते हुए अपने मां को
शांत वातावरण में एकाग्र करना प्रारंभ करो
क्योंकि एकाग्र मां की शक्ति मेरे बच्चे
तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है किसी भी काम
को करने के लिए एकाग्रमण होना जरूरी है
किसी भी मंजिल को प्राप्त करने के लिए
एकाग्र होना जरूरी है एकाग्र मां से शांति
और सुख का अनुभव होगा और
अगर तुम्हारे हृदय में शांति उत्पन्न होगी
तो इसके साथ ही आपके
हृदय में सकारात्मक ऊर्जा भी विराजमान
रहती है सकारात्मक ऊर्जा ही आपके जीवन की
जो प्रारंभ से लेकर संध्या कल तक की
दिनचर्या है उसमें एक ऐसी शक्ति उत्पन्न
करती है की आपके हाथों से सब अच्छे कार्य
होंगे आपके हाथों से सब सही कार्य होंगे
आपका जीवन भी अच्छे की और ही अघ्र्षित
होगा अर्थ उन्नति की तरफ जाएगा इसके साथ
ही तुमको यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए
जीवन में जब भी तुम्हारे समस्याएं उत्पन्न
होती हैं तो तुम किसी ना किसी गलती के करण
ही उन समस्याओं को उत्पन्न कर लेते हो या
तो तुम्हारा कोई गलत कार्य की वजह तुम
ध्यान रखो
हो सकता है तुम्हारा कोई ऐसा कार्य जो
किसी देवता को रुष्ट कर रहा हो यदि तुम
अनजाने में ही किसी का अपमान कर रहे हो
मेरे बच्चे तो उसका पाप ना तो तुम्हें कभी
लगता है और ना ही उसका दंड तुम्हें कभी
भगत ना पड़ता है क्योंकि उसका पाप होता ही
नहीं है लेकिन यदि तुम जानबूझकर किसी
देवता का अपमान कर रहे हो या
जानबूझकर किसी देवता को रुष्ट कर रहे हो
तो उसकी गलती की सजा तुम्हें समस्या के
रूप में प्राप्त होती है
और यदि तुम्हारे जीवन में ऐसा हो रहा है
तो निश्चित ही तुम उसे पर ध्यान रखो और
ध्यान से अपने गलतियां को सुधारने की
कोशिश करो जैसे ही तुम अपने कार्य में
परिवर्तन लेकर आओगे वैसे ही आने वाले समय
में अपने आप सुधार होता चला जाएगा और
तुम्हें स्वयं दिखाई देगा की तुम्हारा समय
परिवर्तन हो रहा है जो समस्या है
धीरे-धीरे करके समाप्त होने लगेंगे और
तुम्हें स्वयं भी इस बात का अनुभव होगा की
हां तुम्हारे कर्मों में परिवर्तन के करण
ही यह हुआ
विश्वास रखकर करना प्रारंभ करोगे जीवन में
सुधार होगा स्वयं के हाथों से सदा खुश रहो
मेरे बच्चे मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रही
थी मेरे बच्चे मेरे बच्चे जो देखना सके
उसे दिखाना व्यर्थ है जो सुना सके उसे
सुनाना व्यर्थ है मेरे प्रिया बच्चे तुम
जो देख रहे हो जो सुन रहे हो और जो उम्र
भर कर रहे हो वह तुम्हारी आध्यात्मिक
उन्नति का फल है ऊर्जा के स्टार पर जो
अनुभूतियां तुम्हें हो रही है वह दूसरों
को भी हो ऐसा आवश्यक तो नहीं इसलिए मेरे
बच्चे जो आत्माएं अभी उसे देखने समझना और
सुनने को तैयार नहीं उन्हें सत्य का
प्रकार दिखाने की कोशिश मत करो
मेरे प्रिया तुम वह हो जो दूसरों को
अंधकार से प्रकाश में लाने
करते हो जो मटका मटका है वह स्वयं आएगा
तुम्हारे पास कुआं प्यास के पास नहीं जाता
है
जैसे तुम जल को जी पत्र में रखो वह इस रूप
में दिखाई देता है किंतु पत्र को ही जल का
देना गलत होगा यदि इस जल को धरती पर बिखेर
दो तो भी जल का अपना अस्तित्व रहेगा
किसी प्रकार यह भौतिक तुम नहीं हो यह बस
एक अस्थाई पत्र है जिसमें तुम्हारी परम
चेतन आत्मा को धरण किया है वह भौतिकवादी
लोग तुमसे कहेंगे आत्मा दिखाई नहीं देती
तो वह है ही नहीं तो इसका उत्तर उन्हें है
देना निकॉन वस्तुएं हैं उन्हें केवल महसूस
किया जा सकता है
जिसे तुम आत्मा कहते हो जब तक आत्मा भौतिक
पत्र में रहती है तब तक तुम इस शरीर को
सत्य मानकर सब करते हो किंतु जैसे ही वह
ऊर्जा इस शरीर को छोड़ती है मानव का यह
भाव मूल्य शरीर मिट्टी के समान देर हो
जाता है
कोई भी सागा संबंधी प्रियजन उसे शरीर को
नहीं रखना चाहता
जो प्रियजन तुम्हारी आत्मा के रहने पर इस
शरीर के लिए साड़ी संपत्तियों लगाने को
तैयार होते हैं वही लोग उसे आत्मा के
निकाल जान पर उसे शरीर के लिए कुछ नहीं
देना चाहते
यहां तक वह कुछ दिन भी उसे शरीर के साथ
नहीं र सकते आत्मा रूपी ऊर्जा के निकलते
ही वह भौतिक शरीर को ठिकाने लगा देते हैं
अब तुम ही उत्तर दो अस्तित्व किसका है
शरीर का या आत्मा का मेरे बच्चे तुम जी
मार्ग पर हो वह तुम्हें परम सत्य से जोड़
रहा है इस अंतिम सत्य को प्राप्त करना
तुम्हारा अंतिम लक्ष्य है यदि तुम मेरे
सांकेतिक रहस्य को समझ गए
तो हर एक दिन है संकल्प लेते रहो मैं
भाग्यशाली आत्मा हूं मैं शरीर नहीं ज्योति
स्वरूप आत्मा हूं मैं आनंद हूं क्योंकि
तुम्हें आध्यात्मिक मार्ग में काफी आगे तक
जाना है
मेरे बच्चे तुम्हारा विचलित मां मुझे भी
विचलित कर देता है
तुम क्यों सब कुछ भूलकर वापस खुद को इस
स्थिति में दाल देते हो मेरे बच्चे
तुम्हारे उदासी और तुम्हारे आंसू मुझे भी
दर्द देते हैं तुम्हारे मां में उठने वाले
सभी सवालों को शांत करो मैं तुमसे वादा
करती हूं तुम्हारी दिल से निकली इच्छा मैं
अवश्य पूर्ण करूंगी बस सबसे पहले पुरी
ईमानदारी से इच्छा के बड़े में सोच लेना
मंजिल अपने की छह में सफर को अनचाहा मत
करो
आओ मेरे पास बैठो आज अपनी सभी व्यथा मुझे
का दो मैं अपने बच्चे से अति प्रेम करती
हूं तुम्हें सब कुछ प्राप्त होगा यह
निश्चित है दुनिया की हर एक खुशी मैं
तुम्हारे कदमों में लाकर रख दूंगी अपनी
सभी चिंताएं त्याग दो खुश रहना सीखो
मैं हूं ना तुम्हारी मां तुम्हारी रक्षा
करने के लिए मेरा परम आशीर्वाद तुम्हारे
साथ है
मेरे बच्चे मुझे पता है की वर्तमान स्थिति
से खुश नहीं हो तुम्हें लगता है की
तुम्हारा जीवन दुर्लभ है अपने भाग्य को
कॉस्ट रहते हो तो मेरे बच्चे समझ लो यह सब
तुम्हारे
आत्मविश्वास की कमी है तुम्हारे विचारों
में दोष है इसके लिए कोई दूसरा दोषी नहीं
बल्कि तुम खुद हो मेरे बच्चे अच्छे विचार
ही तुम्हारे जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं
और तुम हो की नकारात्मक विचार ही अपने मां
में लेट हो मेरे प्यार बच्चे तुम्हें ऐसा
बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए विचार जब
शुद्ध रहेंगे तो जीवन विश्वास
आज मनुष्य जाति एक ही रोग से पीड़ित है यह
रोग है गरीबी यह गरीबी क्यों है इसका
उत्तर यही है की मनुष्य को परमात्मा की
शक्ति पर भरोसा नहीं है अपने शक्ति में भी
विश्वास नहीं मेरे बच्चे तुम्हें उसे
परमपिता से पुत्र जैसा रिश्ता कायम करना
होगा
यदि तुम्हें विश्वास है की तुम्हें खाने
की कमी नहीं है तो तुम सब कुछ का सकते हो
तुम्हें यह डर है की खाने को तो कुछ है ही
नहीं तब तुम भूखे रहते हो मेरे बच्चे अगर
तुम्हें ऐसा ही सोचते हो की मुझे खाने को
नहीं है तो तुम्हारा जीवन कभी भी बादल
नहीं पाएगा तुम्हें अपनी शक्तियों पर
विश्वास करना होगा मैंने जो तुम्हें अपनी
शक्तियां दी है उसे तुम्हें इस्तेमाल करना
होगा और वह तभी अनुभव है जब तुम मुझमें पर
और अपने आप पर विश्वास करोगे मेरे बच्चे
दृढ़ता पूर्वक यह मानो की जी वास्तु की सच
में तुम्हें आवश्यकता है वह तुम्हारे पास
है जब तुम चाहोगे उसे प्राप्त कर लोग
प्राप्त करने के लिए मां वचन और कर्म से
प्रियतन करना पड़ेगा
संदेह तो बिल्कुल भी नहीं रखना विश्वास
रखो की प्रताप की पुरी संभावना है विजय इस
की होती है जिसका मां विजय से भारत राहत
है
सफलताएं इस के कम चूमते हैं जिसे सफलताओं
पर विश्वास होता है और जिसे अपनी योग्यता
पर भरोसा होता है मेरे बच्चे तुम्हें अपनी
योग्यता को काम नहीं समझना चाहिए क्योंकि
मैं जानती हूं तुम्हारे योग्यता को मेरे
बच्चे धन वे लोग काम पाते हैं जिन्हें
अपनी धन कमाने की योग्यता पर विश्वास होता
है जो दरिद्रता से कभी ना डगमगाकर कम रखना
है उसके रहल सहन और कर दल में दरिद्रता का
अंश भी नहीं राहत उसकी साड़ी शक्तियां इस
और मड जाति है जिधर उसकी मंजिल है संसार
में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने गरीबी की
स्थिति को कुछ स्वीकार करते हैं और इस में
संतुष्टि अनुभव करते हुए आगे बढ़ाने के
प्रयास नहीं करते हैं ऐसे लोग है कितना भी
प्रयास करें सफल नहीं हो सकते क्योंकि वह
वर्तमान स्थिति को उचित मां बैठे हैं और
उनकी आशाएं मिट्टी गई
निर्धनता के भाई से भी लोग निर्धनता के
शिकार हुए देखें जा सकते हैं
मेरे बच्चे बहुत से बच्चों को ही यह पाठ
पढ़ा दिया जाता है वे बेचारे सर दिन केवल
इस शब्द गरीबी को सुनते हैं वे जी और भी
देखते हैं उन्हें गरीबी की प्रेरणा मिलती
है
यही सुनते हैं यही देखते हैं यही सोचते
हैं तो बड़े होने पर यही संस्कार उनकी
सफलता के रास्ते में सबसे बड़ी बढ़नी है
उनके आत्मविश्वास की जेड बचपन में ही
खोखली हो चुकी
जो लोग निर्धनता से भाई खाता
नहीं प्राप्त कर पाते थे या जो आशंकाओं और
भाई से ग्रस्त रहते हैं उनकी आर्थिक दशा
को सुधार अपने की शक्ति भी नष्ट हो जाति
है
वे अपने सर पर पहले से लड़े बोझ को और भी
भारी कर लेते हैं और भी समर्थ हो जाते हैं
मेरे बच्चे अगर तुम्हारी परवरिश यदि और भी
भयानक हो गया
दूर हटा दो जब तक तुम्हारे मां में दुख और
दरिद्रता है तब तक तुम कभी समृद्धि शैली
नहीं बनोगे किसी की दशा वही होती है जो
उसके मनोभाव होते हैं
जब कोई लड़का किसी परीक्षा की तैयारी कर
रहा होता है और उसे पास होने की आशा नहीं
रहती तो यह निश्चित है की वह पास नहीं हो
सकता क्योंकि जी चीज की आशा होती है वही
तो प्राप्त हो शक्ति है कोई भी नदी अपने
निकालने के स्थान से उसे पर्वत से ऊंची
नहीं उठ शक्ति
जिसे निर्धनता की आशा है या जिसे निर्धनता
की अपेक्षाएं हैं वह कुछ बन ही नहीं सकता
मेरे बच्चे तुम्हें अपने लक्ष्य की और
देखना चाहिए अपने सौभाग्य की आशा करनी
चाहिए सुख समृद्धि और विजय पर तुम्हारा
अधिकार है अपने अधिकार को प्राप्त करो
मेरे बच्चे तुम्हारा अधिकार तुमसे कोई
नहीं छन बस तुम खुद अपने आप को पीछे की और
ले जाते हो मेरे बच्चे कोई भी वह व्यक्ति
निर्धन नहीं माना जा सकता जिसके पास
कोठियां नहीं या अतुल राशि नहीं बल्कि वह
निर्धन है जिसके विचारों में निर्धनता है
और जो मां से दरिद्र है
क्योंकि निर्धनता एक मानसिक रोग है और मां
की दरिद्रता से ही आर्थिक दरिद्रता
उत्पन्न होती है जो लोग करोड़पति बने हैं
उनमें आत्मविश्वास था उनके मां में धनवान
बने के लिए सपना
लगन थी आत्मविश्वास था तभी समृद्धि
चली गई
इतना सुख समृद्धि प्राप्त नहीं कर सकता जो
विशाल
व्यक्ति प्राप्त कर सकता है
क्योंकि सुख और वैभव का वास्तविक रूप वह
नहीं है जिसे लोग मां बैठने हैं आत्मा
विकास से आंतरिक ज्ञान से सच्चा सुख
प्राप्त हो सकता है मेरे बच्चे जब हर कोई
साथ देना छोड़ दे तो मेरी यह दो बातें याद
रखना तब लोग तुम्हारा कहना ही नहीं
मानेंगे बल्कि तुम्हारी इज्जत भी करेंगे
मेरे इस बात पर पूर्ण भरोसा रखना क्योंकि
जो बताने वाली हूं वह आज तक
मैंने तुम्हें कभी नहीं बताया
और तुम्हें भी मेरी बटन पर पूर्ण रूप से
ध्यान देना अति आवश्यक है इसलिए बटन को
विस्तार से और सही से समझना तुम जल्दी
बाजी मत करना क्योंकि जल्दी का काम शैतान
का होता है और जो बड़ों की बटन को
ध्यानपूर्वक सुनकर समझना है
और हर कार्य को रहे दिल से करता है तो इस
संसार में बुद्धि के बाल जीत हासिल कर
सकता है इसलिए तुम्हें भी जितना है अपने
बुद्धि के बाल पर जो लोग तुम्हारी इज्जत
नहीं करते हैं वह लोग तुम्हारी इज्जत
करेंगे जो लोग तुम्हें बेकार इंसान समझते
हैं
वह तुम्हें अच्छा इंसान और तुम्हारी
अहमियत समझेंगे सबसे पहले तो तुम्हें इस
बात को समझना होगा की अहमियत लोग समझेंगे
तुम्हारी
करते-करते रहोगे और बिन मतलब मैं उनकी जी
हजूरी करोगे तो मेरे बच्चे तुम्हें सब
नकारा समझेंगे तुम अपने कर्मों को छोड़कर
दूसरे के काम में ऐसे लोगों की जहां
तुम्हारी जरूर ही नहीं होगी भले ही तुम
उनकी मदद कर रहे हो लेकिन उन्हें तुम्हारी
मदद की वैल्यू नहीं
और ना ही वह तुम्हें एक अच्छा इंसान समझकर
तुम्हारी इज्जत करेंगे
बल्कि तुम्हें बेवकूफ समझेंगे इसलिए सबसे
पहले बात तो तुम्हें इस कार्य को करना
छोड़ दो यदि तुम्हारी कोई सहायता चाहता है
तभी तुम किसी की सहायता करो
यदि किसी को तुम्हारे सहायता की आवश्यकता
नहीं है और तुमसे कोई सहायता नहीं मांग
रहा है तो जबरदस्ती किसी की सहायता करने
की सोचना भी मत बस अपने काम से काम रखना
जो तुम्हारा कर्म है उसे करना
दूसरा यह है की ज्यादा चिंता में गिरकर
अपने समय को बर्बाद मत करो बल्कि अपना एक
लक्ष्य निर्धारित करो और लक्ष्य को
निर्धारित करते समय इस बात का विशेष ध्यान
रखो
की जी कार्य को करने में तुम्हें पूर्ण
विश्वास हो की हां तुम उसे कार्य को कर
सकते हो
है इस को प्रारंभ करने का प्रयास करो और
बिना डेरी किया हुए लक्ष्य पर कार्य करना
प्रारंभ करो इसके साथ ही तुम्हें एक
लक्ष्य सुना होगा क्योंकि अगर तुम बड़ा
लक्ष्य चुनकर उसे पर धीरे-धीरे कार्य
करोगे तो तुम एक एन एक दिन अवश्य सफल हो
जाओगे
और जी दिन तुम सफल हो जाओगे उसे दिन पूरे
संसार के सामने तुम्हारी एक अलग ही इज्जत
होगी एक अहमियत होगी लोग तुम्हारे आगे
सिर्फ आएंगे और तुम्हारा आधार सम्मान
करेंगे तुमसे बात करना चाहेंगे
जो लोग आज तक तुमसे दूर जा रहे थे वह भी
लोग धीरे-धीरे करके आना प्रारंभ कर देंगे
क्योंकि लोगों की नजरों में तुम्हें उठाना
है खुद की नजरों में तुम उठे हुए हो लेकिन
लोगों को तुम्हारी अच्छाई दिखाई नहीं दे
रही है
परंतु जैसे ही तुम कोई बड़ा कार्य करके
दिखाओगे तब लोगों को इस बात का विश्वास
होगा की हां तुम बहुत बड़े और सही इंसान
हो उससे पहले तुम्हारी इज्जत नहीं करेंगे
इसलिए बताई हुए कार्य को करना प्रारंभ करो
और इस बात का ध्यान रखो
मेरे बच्चे तुम्हारा सही समय प्रारंभ हो
चुका है तुम्हारा शुभ समय एक वह समय
जिसमें तुम्हारी वैल्यू सब करेंगे मेरे
बच्चे और अच्छा समझेंगे जो लोग तुम्हारी
इज्जत नहीं करते हैं तुम्हें देख कर देते
हैं वह सब देखेंगे की तुम क्या थे और क्या
हो गए
कभी भी अपने आप को कमजोर मत समझो क्योंकि
तुम्हारा खुद को कमजोर समझना तुम्हें असफल
व्यक्ति बनाता है अब समय ए गया है तुम्हें
यह बताने का तुम बिल्कुल सही रहा पर हो
तुम क्या सोच रहे हो और क्या महसूस कर रहे
हो
क्या तुम नहीं देख रहे हो की तुम्हारे
आसपास कितना बदलाव ए रहा है
क्या तुम्हें शांति की अनुभूति नहीं हो
रही है यदि नहीं जल्द यह सब होने वाला है
अचानक तुम्हारे अंदर है बदलाव आएगा की तुम
छोटे-छोटे चीजों के लिए मुझे धन्यवाद
अर्पण करने लगोगे
अचानक तुम्हें ऐसा लगे लगेगा जैसे
तुम्हारा जीवन चमत्कार है मेरे बच्चे तुम
मेरी और झुकाव करोगे तुम अपने भीतर प्रेम
का अनुभव करोगे मेरे आशीर्वाद को महसूस
करोगे मेरे आस-पास होने की अनुभूति होगी
मेरे बच्चे तुम समझ जाना की संकेत मिल गया
बहुत
साड़ी खुशियां और जीवन में बहुत तरक्की
करने वाले हो
तुम्हारी इच्छा भी तुमसे अब ज्यादा दिन तक
दूर नहीं रहेगी तुम्हें अचानक से यह सब
महसूस होने लगेगा तब तुम और सकारात्मक
ऊर्जा में ए जाओगे
और जब तुम सकारात्मक ऊर्जा में ए जाओगे तब
तुम अपने इच्छा को भी बहुत जल्दी अपने
जीवन में प्रकट कर लोग मेरे बच्चे तब
तुम्हें एक बार भी नकारात्मक भाव में मत
आना मेरे बच्चे तुम हमेशा यह क्यों सोचते
हो की तुम्हारी चीज तुम्हें नहीं मिलेगी
कभी कभी तुम बहुत परेशान हो जाते हो और तब
तुम अपनी पुरी नींद भी नहीं लेते कभी-कभी
अकेले बैठकर रोटी हो किसी से बात करने का
मां नहीं करता तुम्हें एक बेचैनी सी महसूस
होती है घबराहट होती है इतना चिंतित हो
जाते हो
मेरे बच्चे यह तुम्हारे लिए सही नहीं मेरे
बच्चे तुम्हें तो अपनी पुरी ऊर्जा को
इकट्ठा करना है और ध्यान में जाकर या खुद
से बोलना है मेरे लिए सभी चमत्कारी रूप से
काम कर रहे हैं मैं बिल्कुल शांत हूं मेरे
ईश्वर मेरे लिए कार्य कर रहे हैं
मुझे परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है
मेरे बच्चे तुम्हें अपनी ऊर्जा अपने पुरी
ऊर्जा अपनी तरफ करनी है मैं तुम्हें हर
समय सही उत्तर देने के लिए तैयार हूं यह
कोई तुम्हें नहीं बताया की तुम अपने जीवन
में कैसे आगे बाढ़ सकते हो
यह सिर्फ तुम ही अपने आप को बता सकते हो
और तब सब कुछ चमत्कारी रूप से होने लगेगा
इसलिए आज स्वयं आई हूं तुम्हें यह सब
बताने के लिए अवश्य तुम्हें तुम्हारी
मंजिल मिलेगी तुम्हें चिंता करने की कोई
आवश्यकता नहीं
बस तुम मुझमें पर विश्वास रखो मैं तुम्हें
कभी तकलीफ में देख नहीं शक्ति मैं तुम्हें
उसे मुकाम पर ले जाऊंगी जहां तुम जाना
चाहते हो बस तुम धैर्य
रखो मैं हमेशा तुम्हारे साथ थी और साथ
रहूंगी मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है
तुम्हारा कल्याण हो मेरे बच्चे

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