सेना के अफसर ने ईवीएम के खोले राज, BJP की 400 पार की साजिश नाकाम

चुनाव कहता है कि फ्री एंड फेयर
ट्रांसपेरेंट चुनाव होता है ईवीएम से आपको
मोदी जी और सब लोगों को मैं कहना चाहूंगा
कि आपको किस बात का डर बैलेट पेपर से करा
लीजिए 400 पार क्या हम तो कहते हैं 600
पार हो जाइए लेकिन बैलेट पेपर से कराइए
आपको क्या डर है अपने डर को बताइए देश
जानना चाहता है आपका क्या डरसा कैसे है कि
400 पार हो जाएगा क्या क्या सोचते हैं इस
बार ईवीएम का सोर्स कोड है ईवीएम के अंदर
उनके उनके कैंडिडेट्स को 100 की जगह 1000
वोट दिखाने का
सूत्र है फार्मूला है तो व 400 के 800 पार
भी कर सकते हैं कल साब बड़ा सवाल यह है कि
बड़ा लोकतंत्र है देश
में बहुत बहुत सारी एजेंसी है देश दुनिया
की वो तो इस भंडाफोड़ कर सकते है कि भारत
के में गड़बड़ हो रही है कोई सूचना नहीं
है अभी तक देखिए ऐ मशीन ले
आते देखिए ऐसा देखिए ऐसा है आपको मैंने एक
मशीन दिखाई और इस्तेमाल कोई दूसरी मशीन की
इसके अंदर सॉफ्टवेयर कुछ और दिखाया उसके
अंदर सॉफ्टवेयर कुछ और डाला कैसे पता
चलेगा सॉफ्टवेयर को के ऊपर क्यों भरोसा
क्यों भरोसा मुझे अपनी वोट अपने सामने
दिखाई देनी चाहिए बैलेट पेपर पर दिखाई
देनी चाहिए कि मैंने अगर एक को दिया है तो
ए को जाए बी को या सी को ना जाए सिंपल बात
है आपको क्या तकलीफ है क्यों डरते हो आप
क्यों डरते हो आप क्यों नहीं आप बैलेट
पेपर लाते चुनाव आयोग तय करेगा कि बैलेट
पेपर चुनाव होगा या ईवीएम से होगा आपको
कैसे दिक्कत है आयोग आयोग तय नहीं कर पा
रहा है क्योंकि सरकार का अंकुश है उसके
ऊपर यह कांस्टीट्यूशनल इंडिपेंडेंट एजेंसी
है लेकिन लेकिन वह काम क्या करते हैं वह
लोगों के बीच में जाते हैं लोगों की आवाज
सुनते हैं अगर लोगों की आवाज आती है कि
बैलेट पेपर तो बैलेट पेपर से कराए जंत्र
मंत्र पर आप आंदोलन करने वाले थे ईवीएम के
खिलाफ आज आपको तो कांग्रेस ऑफिस में ही जो
है बंद कर दिया है कुछ लोग डिटेन कर लिए
गए हैं क्या दिक्कत है सर ईवीएम से ईवीएम
से दिक्कत ही दिक्कत है आपको मालूम है
आपकी वोट जो दबाते हो वो कहां जाती है आप
देख सकते हो अपनी वोट कहां गई नहीं देख
सकते चाहिए ऐसी वोट नहीं चाहिए ऐसी वोट जब
मुझे कोई चीज दिखाई नहीं दे रही है मैं
कोई बटन दबा रहा हूं मुझे मालूम होना
चाहिए कि यह बटन दब के मैंने किसी भी
कैंडिडेट को अगर वोट दिया किसी पार्टी को
वोट दिया तो मुझे दिखे अगर मुझे नहीं दिख
रही है तो इसका मतलब धांधली है सॉफ्टवेयर
के अंदर कुछ भी धांधली हो सकती है एक
इंजीनियर होने के नाते एक
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर होने के नाते मैं
बता सकता हूं कि आपकी वोट का बटन कहीं दबे
ऐड कहीं और होगी उसके बाद उसका प्रिंटिंग
कहीं और होगी हर दूसरी तीसरी वोट को यह
अगर चाहे तो किसी के और के खाते में डाल
सकते हैं तो ये तो बहुत कुछ है जो इस
सॉफ्टवेयर के अंदर पॉसिबल है लेकि सर आप
सबूत नहीं दे पाए हैं चुनाव आयोग में
सोर्स कोड दे
दीजिए किसी भी मशीन को चलाने के लिए
सॉफ्टवेयर का एक सोर्स कोड होता है सोर्स
कोड दे दीजिए हम बता देंगे कि ये सोर्स
कोड सही है या गलत है और हम ये चाह देखिए
प्रजातंत्र के अंदर यह संविधान कहता है
दिस इज द गवर्नमेंट बाय द पीपल फॉर द पीपल
ऑफ द पीपल अगर लोगों को मंजूर नहीं है
ईवीएम तो आपकी क्या मंजूरी है आपकी क्या
मजबूरी है आप इस ईवीएम को खत्म करिए बैलेट
पेपर से कराइए 2 पार्टी बुलाई गई थी सर
कोई सबूत तो दे नहीं पाए थे आप लोग जब
देखिए ऐसा
है सबूत देने की जरूरत पड़ती है क्रिमिनल
को आप भी आरोप लगा रहे ड़ उसने क्रिमिनल
यह है यह सबूत दे अगर मैं चाहता हूं कि
मेरी वोट मुझे दिखाई दे तो दिखाई दे मुझे
बैलेट पेपर पर जब मैं अपनी वोट डालता हूं
तो मुझे दिखाई देती है जो चीज नहीं दिखी
जंगल में मोर नाचा किसने देखा किसी ने
नहीं देखा मेरी वोट भी ऐसे जंगल के मोर की
तरह है जो कहीं और नाच रही है दी कहीं
जाती है और ऐड कहीं और हो जाती शर्म आती
है शर्म आती है मुझे देश के इन सरकारों के
ऊपर कि देश के जो किसान हैं जो हमारे लिए
अन्न पैदा करते हैं हमारे अन्नदाता कहलाते
हैं उन अन्न दाताओं को इन्होंने इस तरह से
एक जगह पर कंटेन कर दिया गया है रोक दिया
गया है अरे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हो
आप आपसे देश उम्मीद करता है कि आप
प्रजातंत्र प्रजातांत्रिक तौर पर जो
आंदोलन होते हैं उन आंदोलनों को चलने दो
हमारी आत्मा है आत्मा है और इस आत्मा को
मत मारिए मोदी जी आपको जनता जो है वह
फैसला अपना दे देगी 140 करोड़ लोग आपको घर
से यहां से महरूम करेंगे लोगों की आवाज
नहीं है लेकर जा रहे हैं ईवीएम को सर आयोग
के अफसर देखिए ऐसा है किसी किसान नेता ने
कहा है और किसानों ने फैसला भी किया है कि
अगर आप ईवीएम से फैसला
करोगे तो वो अपना गांव के अंदर जो उनको
कारवाई करनी होगी किसी ने यह भी कहा कि वो
तोड़ेंगे कुछ करेंगे वो उनका अख्तियार
क्षेत्र है लोग जनता की जिस जिस ने आवाज
नहीं सुनी है उसको जनता पैक करने का समय
नहीं देती है पैक करती है और घर भेज देती
है तीसरी बार मोदी सरकार आएगी ऐसा कहा जा
रहा है सर टीवी मीडिया में झूठ बात
है मीडिया तो सब उनके कंट्रोल का है जैसा
चाहते हैं स्पोक्स पर्सन है वह सरकार के
उनको बोलो इंडिपेंडेंटली आगे काम करें
क्या निष्पक्ष सामने कर रहा है मीडिया
निष्पक्ष मीडिया इस टाइम बिलकुल दबा हुआ
है अंकुश लगा हुआ है उसके ऊपर और
वह मीडिया हाउस जब इनके पूंजीपति साथियों
ने खरीद लिए हैं तो मीडिया की स्वतंत्रता
कहां है स्वतंत्र मीडिया नहीं है यह अपने
रोजगार के लिए बेचारे लड़ रहे हैं हमें
इनके साथ भी सहानुभूति है यह अपनी नौकरी
बचाने के लिए पत्रकारिता कर रहे हैं तो
इसलिए मीडिया जो है उनसे कहूंगा कि आप भी
इस देश बचाने के लिए संविधान बचाने के लिए
अपना भविष्य बचाने के लिए देश मजबूत हातो
में मोती की गारंटी चल रही है आप कर कि
देश बचा लो मोदी की गारंटी सुनना चाहेंगे
मोदी की गारंटी मोदी आप अपनी देश की सेना
को मजबूत करना चाहते हैं मजबूत देखना
चाहते
हैं आप देखना चाहते हैं आप देश मजबूत
देखना चाहते हैं आप अपने देश को 10 साल के
बाद गुलाम होते देखना
चाहेंगे सर वो तो अंग्रेज थे नहीं 10 साल
बाद 10 साल बाद 10 साल बाद कौन बनाएगा सर
ये अंग्रेजों की औलाद है आपको समझना
पड़ेगा आपको समझना पड़ेगा देश की जो सेना
है उसके लिए घातक अग्निपथ स्कीम को लाया
गया 4 साल का भाड़े का कांट्रैक्ट का
सैनिक देश की सेवा नहीं कर सकता देश के
लिए लड़ाई नहीं लड़ सकता ऐसे ही रशिया के
अंदर कांट्रैक्ट के सैनिक थे तो यूक्रेन
के ऊपर कब्जा नहीं कर पाए वैगनर आर्मी जो
है वह कांट्रैक्ट की आर्मी थी उसके ऊपर
भरोसा करना पड़ा अगर हिंदुस्तान की आर्मी
होती तो यूक्रेन के ऊपर 4 दिन के अंदर हम
कब्जा कर सकते हैं वो हमारा देश रूस भी
हमारा साथी है और यूक्रेन भी हमारा साथी
है लेकिन मैं आपको मिसाल के तौर पर कहना
चाहता हूं कि भारतीय सेना होती रेगुलर
सैनिक होते भारतीय सेना इतनी सक्षम है एक
हफ्ते के अंदर-अंदर पूरा यूक्रेन हमारे
कब्जे में होता और ये भाड़ भाड़े के भाड़े
के लाए हुए बच्चे या अग्निवीर जिसको सेना
को जिसको जिसको सेना को ही नहीं मालूम कि
इनको कैसे इस्तेमाल करना है सैनिक के ऊपर
एक सैनिक के ऊपर इनको रेगुलर सैनिक एक
अग्निवीर के ऊपर एक रेगुलर सैनिक को लगाना
पड़ रहा है वो कहते हैं कि अग्निवीर को
इंडिपेंडेंटली हम नहीं चला लगा सकते सेना
का पॉलिसी है इंडिपेंडेंटली नहीं
डिप्लॉयडी पेंडेंट नहीं लगा सकते तो ऐसे
सैनिक हमें नहीं चाहिए लगाए गए क्या
अग्निवीर तो देख
लीजिए रुक जा भाई
थोड़े क्या पर अरे खड़ा करना पड़ता है यार

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