✅🔱माता रानी का सन्देश मेरे आँसू बहुत क़ीमती है

मेरे बच्चे तुम हर दिन यही सोचते हो ना की

तुम्हारे भाग्य में क्या लिखा हुआ है तो

आज तुम्हारी माता तुम्हें तुम्हारे भाग्य

के बड़े में बताने आई है मेरे बच्चे यह एक

वास्तविकता है की हर मनुष्य चाहता बहुत

कुछ है लेकिन करता कुछ नहीं है मेरे प्यार

बच्चे मैं तो चाहती भी यही हूं की सबको इस

संसार की सभी वस्तुएं प्राप्त हो मैंने इन

सब चीजों को बनाया भी इस प्रजा के लिए ही

है तुम प्राप्त नहीं कर पाते तो दोस्त

मेरा नहीं तुम्हारा है इसका करण यही है की

तुमने अपनी आत्मा को हीनता डेयर में कैद

कर रखा है और जितना वह डेरा है उसमें उतनी

ही तो चीज रहेगी मेरे बच्चे बहुत से लोगों

का विचार है की गरीबी तो होती है उनका

विश्वास यह है की सब धनवान हो ही नहीं

सकते कुछ को निर्धन होना ही चाहिए मेरे

प्यार बच्चे मैंने तुम्हें बनाया है उसमें

निर्धनता के लिए कोई स्थान नहीं बनाया है

मेरे प्यार बच्चे मेरे ख़ज़ाने में कोई

कभी नहीं है मेरे पास तो अक्षय भंडार है

फिर तुम क्यों निर्धन हो क्यों असफल हो

इसका स्पष्ट करण है तुम्हारे विचार हीनता

है तुम्हारी भावनाएं संकुचित हैं मां में

दरिद्रता शुद्रता और हीनता है जो की ईश्वर

के स्वभाव के विरुद्ध है जो मानव की

प्रगति में भी वादक है जब तक तुम्हारे में

यह बातें हैं तब तक तुम एक असफल व्यक्ति

हो मनुष्य विचारों से ही

मनुष्य का चरित्र का गठन होता है तुम यदि

अपने विचारों को दरिद्रता और भाई से या

आशंकाओं से परिपूर्ण रखोगे तो यह विचार

तुम्हारा कभी साथ ना छोड़ेंगे तुम्हारे

मां में जड़ जमा लेंगे परिणाम है होगा की

तुम सदा बेबी का जीवन बिटाओगे निर्धन

असहाय और असफल रहोगे मेरे प्यार बच्चे

मेरी यह इच्छा कभी नहीं होती की मनुष्य

सदा पेट भरने के लिए ही समय बर्बाद करता

रहे उसे आत्मा विकास का अवसर ही ना मिले

तुम्हारी सबसे बड़ी अभिलाषा यही हनी चाहिए

की अपने

मनुष्यत्व का विकास करें जीवन को

सौंदर्यपूर्ण और समृद्धि शैली बनाए

ग्रह निश्चय कर लो की अपने आप को दरिद्रता

और हीनता के विचारों से बचावोगे अपने मां

में सदा पूर्णता और समृद्धि के विचारों को

जग डॉग विश्वास करो मेरे बच्चे इससे

तुम्हारे सुख और समृद्धि प्राप्त करने में

अवश्य ही सफलता मिलेगी तुम्हें इस प्रकार

के निश्चय से ही तुम्हारी अपनी वंचित

वास्तु की प्रताप संभव है तुम्हें उन्हें

विचारों को मां में जगह देना होगा जो

तुम्हारे इच्छाओं से संबंधित है संसार का

प्रत्येक मनुष्य अपने स्वयं के विचारों के

अनुसार ही बना हुआ है अपने लिए मनुष्य

अपने विचारों में जैसी कल्पनाएं करता है

वैसा ही उसके साथ होता भी राहत है बहुत से

लोग सुख समृद्धि और ऐश्वर्या से महकते

श्रेष्ठ पवन वातावरण में रहते हुए भी घर

दरिद्र है वे अपने ऐसे विचारों के करण ही

खूब विचारों की गंदगी अपने मां में समेट

हैं वे विचारों से गंदगी से भरे हुए रखते

हैं और वह दरिद्रता भोक्ता राहत है तो मैं

संसार में दरिद्रता भोगनी नहीं आए हो तुम

इसलिए आए हो की तुम्हारी अपनी

महत्वाकांक्षाएं हैं तुम प्रगति की

ऊंचाइयों को ऊ तुम्हारे अंदर अवश्य ही

पूर्णता भारी है जो छिपी हुई है मेरे

बच्चे तुम्हारे अंदर ही समृद्धि और

श्रेष्ठ है फिर तुम्हारे स्थिति क्यों

दरिद्रता की रहती है इसका करण और कुछ नहीं

तुम्हारे ही विचारों की हीनता है यदि तुम

अपने जीवन को आदर्श पूर्ण बनाएं ऐश्वर्या

प्रताप के दाव करें तो आप ऐसा वास्तव में

कर सकेंगे तुम्हारा जीवन पूर्ण रूप से

समृद्धि शैली हो जाएगा

को प्राप्त कर सकेंगे क्योंकि यह

सृष्टिकर्ता के इच्छा है इस मनुष्य जाति

का इतिहास इस बात का प्रमाण है की

तुम्हारा जन्म ही सृष्टि में मौजूद उन सभी

सुंदर वस्तुओं के उपभोग के लिए हुआ है जो

आज बहुत कम लोगों को मिला है वेद में कम

मनुष्य ही उन्हें प्राप्त कर सके हैं जबकि

सभी प्राप्त कर सकते थे और कर सकते हैं

तुम भी कर सकते हो मेरे बच्चे प्रताप का

मार्ग एक ही है वह मां वचन और कर्म से उन

पदार्थ की चेष्टा करना जिनकी इच्छा

पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आस्था जरूरी है

बहुत से मानव गरीब और दुखी हैं भूखे नंगे

तुम्हारे जीवन की सभी स्थितियां आर्थिक

स्थिति सामाजिक स्थिति तुम्हारे मित्र

शत्रु और भलाई बुराई तुम्हारे ही विचारों

के परिणाम स्वरूप है तुम अपने मां को

दरिद्रता से भरे रहते हो और तुमको केवल

आवाज ही दिखते हैं तो तुम्हारी मां के

स्थिति ऐसी ही बन जाएगी परंतु तुम्हारे

विचार खुला उदार और विशाल है तुम मां वचन

और कर्म से प्रियतन करते हैं तो तुम्हारे

स्थिति स्थिति आपके अनुकूल मनवांछित होने

लगेगी तुम जो भी जीवन में प्राप्त करना

चाहते हो वह प्राप्त होने लगेगा जो भी आप

जीवन में प्राप्त करते हैं वह आपके

विचारों की असर की बातें हैं तुम्हारे जो

उपलब्धियां हैं वे तुम्हारे विचारों के

अनुरूप है कुछ लोग खास कार्य एन होते हुए

दिखाई देते हुए भी गरीबी से ग्रस्त है

इसका करण उनके अपने मां के भावों के बेकार

है

मनोविकारों के करण ही वे सफलता प्राप्त

नहीं कर पाते मेरे बच्चे तुम्हें ऐसा

बिल्कुल भी नहीं करना है मैं चाहती हूं जो

बातें मैंने आज तुम्हें बताई है उसे अपने

जीवन में उतारना ताकि तुम्हारा जीवन एक नई

दिशा की और जा सके तुम्हारा कल्याण हो

मेरे बच्चे मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा

करना मैं फिर आऊंगी तुमसे मिलने

पीड़ा का अंत निश्चित है जो कुछ भी तुमने

देखा है जो कुछ भी तुमने सुना है जो कुछ

भी तुमने शाह है उन सभी का अंत आज निश्चित

है आज तुम्हारे अंदर के ज्ञान को तुम्हें

बाहर लाना होगा इसलिए अपने सुख और आनंद की

प्रताप के लिए इस संदेश को अंत तक सुना

यदि तुम अंत तक सनोज तो तुम्हें आज एक ऐसी

चीज सीखने को मिलेगी जो आज तक तुम्हें कभी

नहीं मिली आज तुम्हें बहुत बड़ी खुशखबरी

मिलने वाली है क्योंकि आज मैं तुमसे बेहद

प्रश्न हूं पर फिर भी मैं तुम्हें जीवन की

वह सच्चाई बताने जा रही हूं जिसे तुम्हें

सुना होगा

और सुनकर अपने जीवन को सुधारना होगा इसलिए

अपनी माता को ध्यानपूर्वक सुना ताकि

तुम्हें जीवन में कभी किसी के आगे झुकना

ना पड़े मेरे बच्चे तुम जीवन में खुशियां

ढूंढना चाहते हो किंतु यह क्यों भूल जाते

हो की खुशी तो तुम्हारे आसपास है और वह

तुम्हें तभी दिखे शक्ति है जब तुम

छोटी-छोटी चीजों में भी खुशियां ढूंढोगे

जैसे एक बच्चा अपनी मां में साड़ी खुशी

ढूंढ लेट है ऐसे ही तुम्हें भी साड़ी

खुशियां हर जगह मिल शक्ति हैं बस तुम

महसूस करने की कोशिश करो किंतु मेरे बच्चे

तुम अक्सर इन चीजों में खुशी देखते हो जो

चीज काफी बड़ी होती हैं या फिर जो

तुम्हारे मां की ख्वाहिशें हैं किंतु जब

तुम्हारी हर ख्वाहिश पुरी नहीं होती तो

तुम उदास हो जाते हो किंतु तुम्हें भूल

जाते हो की यदि तुम खुशी को अपने मां की

इच्छा के रूप में देखने की कोशिश करोगे

तो तुम कभी खुश नहीं हो सकते आज मैं जो

तुम्हें खुशी देने जा रही हूं उसे खुशी को

महसूस करने के लिए तुम्हें स्वयं के अंदर

कुछ बदलाव करने होंगे

मेरे बच्चे यदि तुम कुछ नियमों को अपने

जीवन में अपना लोग तो तुम्हारा जीवन

स्वर्ग से भी अच्छा हो जाएगा और उनके लिए

केवल तुम्हें कुछ चीजों का त्याग करना

होगा जो मैं तुम्हें बताने जा रही हूं ऐसी

चीज तुम्हारे जीवन को बर्बाद करती है यदि

तुम इन चीजों को छोड़ डॉग

है तो स्वयं ही तुम्हारा जीवन ठीक होने

लगेगा और जी खुशी की तलाश कर रहे हो वह

तुम्हें प्राप्त हो जाएगी

अपने अंदर तीन चीजों का निर्माण करो वह

तीन चीज हैं जो तुम्हारे भीतर फाइल पाप का

नस करेंगे और यदि तुमने तीन चीजों को अपने

जीवन में अपना लिया तो मेरा यकीन करो

तुम्हारा जीवन पाप से मुक्त हो जाएगा

पहले चीज स्वयं के प्रति विश्वास मेरे

बच्चे यदि तुम स्वयं के प्रति विश्वास

जागृत कर लोग तो तुम्हारे मां में जितनी

भी संकाय हैं और जो भी डर है वह समाप्त हो

जाएंगे

विश्वास एक ऐसी चीज है जो इंसान को बलवान

करती है यदि तुम्हारे अंदर विश्वास है तो

तुम किसी भी चीज को हासिल कर कर सकते हो

फिर चाहे कितनी भी कठिनाई क्यों ना हो

दूसरी चीज प्रेम है यदि तुम अपने अंदर

प्रेम का बी बोग तो मेरा यकीन करो इस

संसार में किसी भी प्रकार का दुख तुम्हारे

अंदर नहीं क्योंकि जहां प्रेम होता है हर

नफरत स्वयं समाप्त हो जाति है यदि तुम भी

जानते हो की प्रेम वी भाषा है जो जानवर को

भी समझ में ए जाति है यदि तुम जानवर को भी

प्रेम डॉग तो वह भी तुम्हें कभी नुकसान

नहीं देगा

बल्कि तुमसे भी वह उतना ही प्यार करेगा

जितना तुम मुझे करोगे

तीसरा सबसे हम चीज यह है जो हर मनुष्य में

पी जाति है और उसका नाम क्रोध है मेरे

बच्चे तुम्हें यहां पर क्रोध का त्याग

करना है यदि तुमने क्रोध का त्याग कर लिया

तो तुम बड़ी से बड़ी बिपति का सामना कर

शक्ति हो इसलिए मेरे बच्चे तुम अपने अंदर

धीरे-धीरे क्रोध का त्याग कर दो शांति का

भाव लो मेरे बच्चे विश्वास प्रेम और क्रोध

का त्याग यह तीनों चीज जी दिन तुम्हारे

अंदर ए गए उसे दिन ऐसा कोई भी कार्य नहीं

है जो तुम ना कर पाव स्वयं की शक्तियों को

पहचान के लिए तुम्हें अपने अंदर इन तीनों

चीजों का निर्माण करना होगा मेरे बच्चे

तुम हर मत मानना मैं सदैव तुम्हारे साथ

हूं मेरे बच्चे तुम्हारा कल्याण हो

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