🔱 मां दुर्गा 🔱मां दुर्गा जी आपसे इस वीडियो को देखने का अनुरोध कर रहे हैं 🕉️

मेरे बच्चे यदि तुम्हें मेरा संदेह

प्राप्त हुआ है तो ठहरो जरा सुनो मेरी बात

को क्योंकि तुम्हें मेरी यह बात जानना

बहुत जरूरी है इसलिए तुम मेरी बताई हुई

बात को ध्यानपूर्वक सुना क्योंकि ध्यान से

सुना अत्यंत आवश्यक है

तभी तुम्हें मेरी बोली हुई बातें समझ में

आएंगे की इन बटन को समझना क्यों जरूरी है

इसलिए तुमको यह समझना बहुत जरूरी है पहले

तुम मुझे एक बात का जवाब दो की यदि

तुम्हारे साथ कोई ईमानदार

रखना है और दूसरा वही तुम्हारे

साथ कोई धोखा करता है तो तुमको यह बात पता

होने के बाद तुम किस इंसान का साथ देना

चाहोगे तुम्हारा हृदय किसकी तरफ खींचेगा

इस प्रकार सही-सही के साथ राहत है

और गलत व्यक्ति गलत व्यक्ति के संगति में

राहत

[संगीत]

बन जाएगा या गलत जैसा सही उसकी संगति में

बन जाएगा लेकिन दो अलग प्रवृत्ति के इंसान

एक साथ नहीं र सकते क्योंकि उनको फल भी

अलग-अलग प्राप्त होते हैं इसलिए

सबसे पहले कार्य तो तुम यह करो

की यदि तुम्हें समय गलत संगति मैं हो तो

तुरंत ही संगति छोड़ दो और यदि तुम खुद पर

विचार करके देखो तुम कोई गलत कार्य कर रहे

हो तो उसे बैंड कर दो इसके साथ

करने प्रारंभ करो जिसमें से पहले सुबह

सूर्य निकालने से पहले उठाना प्रारंभ करें

यदि तुम सूर्य को निकालने के पश्चात उठाते

हो तो है आदत आज से छोड़ दो और सुबह जल्दी

उठकर तुम स्नान करो एकांत में बैठकर तुम

किसी भी अपने इस्ट देवता का स्मरण करते

हुए अपने मां को

क्योंकि एकाग्र मां की शक्ति मेरे बच्चे

तुम्हारे लिए

बहुत जरूरी है किसी भी कम को

करने के लिए एकाग्र मां होना

जरूरी है किसी भी मंजिल को

प्राप्त करने के लिए एकाग्र

होना जरूरी है एकाग्र मां से शांति और सुख

का अनुभव होगा और

अगर तुम्हारे हृदय में शांति उत्पन्न होगी

तो इसके साथ ही आपके हृदय में सकारात्मक

ऊर्जा भी

विराजमान रहती है

सकारात्मक ऊर्जा ही आपके जीवन की जो

प्रारंभ से लेकर संध्या कल तक

[संगीत]

ऐसी शक्ति

उत्पन्न करती है की आपके हाथों से सब

अच्छे कार्य होंगे

[संगीत]

आपका जीवन भी अच्छे की और ही अग्रसित होगा

अर्थ उन्नति थी

तरफ जाएगा इसके साथ ही तुमको यह बात कभी

नहीं भूलनी चाहिए जीवन में जब भी तुम्हारे

समस्याएं

उत्पन्न होती है तो तुम किसी ना किसी गलती

के करण ही उन समस्याओं को उत्पन्न कर लेते

हो या तो तुम्हारा कोई भी गलत कार्य की

वजह से या तुम ध्यान रखो

की हो सकता है तुम्हारा कोई ऐसा कार्य जो

किसी देवता को रोस्ट कर रहा हो यदि तुम

अनजाने में ही किसी का अपमान कर रहे हो

मेरे बच्चे तो उसका पाप ना तो तुम्हें कभी

लगता है और ना ही

उसका दंड तुम्हें कभी भूदेवीटी एन पड़ता

है क्योंकि उसका पाप होता ही नहीं लेकिन

यदि तुम जानबूझकर किसी देवता का अपमान कर

रहे हो या

जानबूझकर किसी देवता को रोस्ट कर रहे हो

तो उसकी गलती की सजा तुम्हें समस्या के

रूप में प्राप्त होती है और यदि तुम्हारे

जीवन में ऐसा हो रहा है तो निश्चित ही तुम

उसे पर ध्यान रखो और ध्यान से अपनी

गलतियां को सुधारने की कोशिश करो जैसे ही

तुम अपने कार्य में परिवर्तन लेकर आओगे

वैसे ही आने वाले समय में अपने सुधार होता

चला जाएगा और तुम्हें स्वयं दिखाई देगा की

तुम्हारा समय परिवर्तन हो रहा है जो

समस्या

[संगीत]

परिवर्तन के करण ही यह हुआ

[संगीत]

विश्वास रखकर करना प्रारंभ करोगे जीवन में

सुधार होगा स्वयं के हाथों से सदा खुश रहो

मेरे बच्चे

यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ

[संगीत]

जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि

तुम्हारे मां में उठाता हर समय यह प्रश्न

है की मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी

मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा मेरे

बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल जाएगा

क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे करण

होता है करण अच्छा हो या बड़ा लेकिन होता

जरूर है यह बात सत्य है बस केवल तुम्हें

साधारण आंखों से ना तो वह करण दिखाई देता

है ना ही तुम जानते हो की आगे तुम्हारे

जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह

देख सकते हो वर्तमान में चल रही बटन को

जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष

जरूरी

क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है

वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को अपने

के लिए और ना ही मां में इन प्रश्नों को

बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है की

उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है

मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है की

अभी तो मैं ऐसा सोच रहे हो की तुम्हारी

उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो

आज से पहले के समय को देखो और आज के समय

को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें

खुद ही ज्ञात हो जाएगा की तुम पहले से

कितना उन्नति कर चुके हो बस फर्क इतना है

की तुम आज जो चाहते हो उसे चीज आज के समय

में तुम्हें प्राप्त नहीं है इसके साथ ही

कभी-कभी तुम इतनी बड़ी चीजों की आस कर

लेते हो जो तुम्हारे लिए बनी ही नहीं

क्योंकि जी प्रकार एक हाथ में पांच

उंगलियां होने के बाद भी

उंगली बराबर नहीं एक बड़ी होती है दूसरी

उंगली की तुलना में इसी प्रकार यह जरूरी

नहीं की तुम जो सोच रहे हो तुम्हें

प्राप्त हो जरूरी यह है की तुम्हारे जीवन

में कुछ अच्छा हो तुम परिश्रम कर रहे हो

उसका फल तुम्हें मिले और तुम्हारी उन्नति

हो तुम जी समय में हो उसे समय से अच्छे

समय में आते चले जो कभी कभी बड़ी उम्मीद

भी पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से

वंचित र जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी

गलती करते हो सुनो मेरी बात को

ध्यानपूर्वक आज जो परिश्रम कर रहे हो

ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को

कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का

हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़

देना चाहिए की तुम्हारे जीवन में कब कहां

कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात

पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए की होगा वह

अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा होना

महत्व रखना है और इसके साथ यह भी करण है

तुम्हारी सोची हुई मंजिल पर शायद तुम्हारी

परिश्रम पुरी नहीं हो रही है किसी भी

इच्छा को पूर्ण करने के लिए जी पर कार्य

करना जब तुम प्रारंभ करते हो तो उसे पर

इतना परिश्रम करो की तुम्हें ऐसा आभास

होने लगे की इससे ज्यादा मैं और परिश्रम

नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना गम

ना हो की वह पिघलने ना लगे तब तुम उसे

लोहे को कोई भी आकर नहीं दे सकते हो इसलिए

पहले जी प्रकार लोहे को इतना ही गम किया

जाता है

[संगीत]

अर्थात तुम्हारी किस्मत परिवर्तित हो जाए

मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुना तुम्हारे

हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि

किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों

की कमी तुम्हें उसे मंजिल से दूर ही रखती

है ना तो मुझे कुछ पूछने की जरूर है और ना

ही तुम्हें अपने मां को निरसा करने की

मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या

नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब

तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझे कुछ

पूछना चाहे तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई

आवाज ही मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत

कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे

बच्चे अब तुम्हारी सभी समस्या मेरे बच्चे

माफी तुम्हें इसलिए मिली है क्योंकि तुमने

कुछ ऐसे कार्य किया हैं जो पीछे की गई

गलतियां से तुमने जो अपने खराब समय को

अपनी और आकर्षित कर लिया था खराब समय को

परिवर्तन किया था इस प्रकार तुमने कुछ ऐसे

कार्य किया

जिनके करण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से

प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने

कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित

किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी खास बात

बताने वाली हूं जिसे सुना तुम्हारे लिए

अत्यंत आवश्यक

है की हर इंसान से गलती होती है इसमें कोई

संदेह नहीं की गुंजाइश ही नहीं है इंसान

कोई ना कोई जानकर गलती कर ही देता है

लेकिन किसी भी व्यक्ति को इस बात को कदापि

नहीं भूलना चाहिए की यदि कोई भी इंसान

जानबूझकर सिर्फ उसका भागीदारी होता है

अनजाने में की गई गलतियां को मैं माफ कर

देती हूं उनकी उन गलतियां को दंड में नहीं

देती थी इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे

कार्य भी जीवन में करते रहने चाहिए जिससे

की यदि तुमसे कोई गलती हो ही जाति थी तो

उसकी क्षमा याचना तुम्हें मिल

कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और

उन्हें कार्यों में से कुछ कार्य है जो

तुम्हें हमेशा करते रहते चाहिए जैसे की

भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि

भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम

स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी

भी कड़ा परिश्रम करना ना भूलना यदि

तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त करना चाहता

है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना आवश्यक

है इसके लिए तुम्हें ऐसी शक्ति आकर्षित

करनी होगी तुम्हें अपने मां पर लगाम लगाना

सीखना होगा दूसरों की मदद करना सीखो कुछ

ऐसे कम करो

जिनको करने के काफी समय पश्चात तुम्हारे

हृदय और तुम्हारे मां को खुशी हो क्योंकि

तुम इस बात को स्मरण रखना किसी भी कार्य

को करते समय भले ही तुम्हें खुशी ना हो

लेकिन कम को करने के पश्चात जी कार्य के

करने से हृदय और मां को खुशी हो

वही अच्छा कम होता है

तुम गलत कम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को

जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही

तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक है की

जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं

की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने

कर्मों पर ध्यान देना उससे भी ज्यादा

जरूरी है जब समस्या उत्पन्न होती है जब

तुम उसे उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी और

आकर्षित करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते

हो प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही

तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है

इस बात को समझना होगा

[संगीत]

तो आगे आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी

प्राप्त नहीं होगा यदि तुम अपनी बागडोर

अपने हाथों में रखोगे तो स्वयं जी चीज का

निर्माण करना चाहे उसे चीज का निर्माण कर

सकते हो तुम्हें अपने आप ही सोते ही

प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह

शक्ति है अपने आप को पहचाना मेरे बच्चे

मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है

तुम्हारा कल्याण हो

[संगीत]

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