🕉अचानक उनके साथ ऐसा क्या हुआ कि वो दौड़े-दौड़े तुम्हारे पास आ रहा है🕉

आज तुम्हारी मां तुम्हारे लिए एक संदेश

लेकर आई हैं मेरा यह संदेश मेरे बच्चों के

लिए है जो मुझसे प्यार करते हैं तुम कैसे

हो मेरे बच्चों तुम्हारी मां तुमसे मिलने

आई हैं आज जो बातें मैं तुम्हें बताने जा

रही हूं वह तुम्हारी जीवन शैली को बदलने

वाली हैं इसलिए मेरे बच्चे मेरी इस बात को

स्वीकार कर अपने जीवन में आगे बढ़ो

तुम्हारी मां की शक्तियां तुम्हारे साथ

हैं मेरे बच्चे कठिन से कठिन परिस्थितियों

में भी तुम्हारा शांत रहना यह दर्शाता है

कि तुम्हारा मुझ पर अटूट विश्वास है

तुम्हारे इसी विश्वास को बनाए रखना मेरा

भी आशीर्वाद है तुम्हारे लिए मैं कभी कुछ

गलत नहीं करूंगी यदि तुम मान और सम्मान की

लड़ाई में कभी स्वयं को अकेले महसूस करोगे

तु मुझे अपने पास पाओगे यह मेरा वचन है

परंतु कभी भी संसार समक्ष के निर्बल मत

दिखाई देना जैसे ही तुम संसार को निर्बल

प्रतीत होने लगे तो समझो तुम्हारी हार तय

है अपनी निर्बलता को दूर करो अपनी

निर्बलता को दूर करने के लिए प्रयास करने

पड़ते हैं अपनी सीमाओ को पार करना पड़ता

है मेरे प्यारे बच्चे बचे नई और कठिन

चुनौतियों का सामना करना पड़ता है तुम्हें

स्वयं पर विश्वास करना होगा इस संसार में

मैंने प्रत्येक मनुष्य को किसी ना किसी

कार्य को पुनः करके ही भेजा है जिससे कि

वह इस संसार में अपना सहयोग दे सके इस

संसार में अपने हिस्से का कार्य कर सके

इसलिए मेरे बच्चे जब कोई कुछ कहे तो उसे

मन से मत लगाया करो

ना ही किसी के व्यक्ति में इतनी ताकत होनी

चाहिए कि वह तुम्हारे मन को दुखी कर सके

अपने सुख और दुख की डोर यदि दूसरों के हाथ

में दे दोगे तो तुम्हारा उन व्यक्ति के

साथ सुखी रहना असंभव हो जाएगा मेरे प्यारे

बच्चे यदि तुम्हारे पास छिपाने के लिए कुछ

भी नहीं है तो तुम हमेशा तनाव मुक्त रहोगे

यदि तुम बाहर कुछ और और अंदर कुछ और हो तो

हमेशा चिंता ग्रस्त परिस्थिति में रहोगे

इससे बचकर रहना चाहिए मेरे बच्चे सांसारिक

संबंधों को निभाना आसान नहीं है इसके लिए

कई बार सहमत ना होते हुए भी सामने वाले की

बात को समझने का प्रयास करना पड़ता है

सामने वाले से कोई भूल हो जाए तो उसे

क्षमा भी करना पड़ता है किसी को क्षमा

करना हमें बड़ा ही बनाता है इससे हमारे और

सामने वाले के मन को शांति भी मिलती है

ऐसी परिस्थितियों को समझना होता है मेरे

प्यारे बच्चे मुझे आशा है कि अब तुम अपने

आप को थोड़ा सा समय दोगे मुझसे थोड़ा समय

निकालकर बातें करोगे मुझे तुमसे बातें

करके बहुत अच्छा लगता है जब तुम मुझसे बात

करते हो तो

तो मैं तुम्हें दिखाई नहीं देती परंतु मैं

तुम्हारे समीप ही बैठी रहती हूं मैं

तुम्हारी हर बात को सुनती हूं तथा

तुम्हारी बातों को सुनकर मुस्कुराती हूं

तुम मुझे महसूस नहीं कर सकते परंतु यदि

तुम्हारी भक्ति सच्ची है तो तुम मेरे होने

का एहसास अवश्य कर सकते हो अब तुम्हारी

मां का संदेश समाप्त हुआ मेरा आज का यह

संदेश केवल तुम्हारी आंखें खोलने के लिए

था ताकि तुम अपने मां से दूर ना रहो मुझ

से बातें करो मेरे बच्चे अब मैं चलती हूं

मैं अगले संदेश में तुम्हें दोबारा

मिलूंगी तुम अपना ध्यान रखना तुम्हारा

कल्याण हो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है मेरे बच्चे यदि आज

तुम्हें मेरा संदेश प्राप्त हुआ है तो

इसका अर्थ है तुम्हारी मांगी हुई खुशी

तुम्हें देने जा रहे हूं दिल को जो चीज

अच्छी लगती है यदि वह प्राप्त हो जाए तो

दिल खुश हो जाता है और जो दिल को अच्छी

नहीं लगती वह प्राप्त हो तो दिल दुखी हो

जाता है लेकिन कुछ हृदय की ऐसी अधूरी

इच्छाएं होती हैं जो हृदय उन्हें पूरा

होता देखना चाहता है और तभी उनको पूरा

होने में रुकावट आने लगती हैं और मन बेचैन

हो उठता है ऐसे में मेरे बच्चे का किसी

काम में दिल नहीं लगता और केवल वही बात

दिमाग के अंदर घूमती रहती है मेरा बच्चा

बहुत ज्यादा इस बात से परेशान हो जाता है

कि आखिर वह कार्य पूरा क्यों नहीं हो रहा

वह मेरी इच्छा अधूरी क्यों है ऐसा मैं

क्या करूं जिससे कि वह मेरी अधूरी इच्छा

पूरी हो जाए क्योंकि जब दिल खुश नहीं रहता

तो किसी भी काम में मन लगना असंभव है किसी

भी काम में मन लगने के लिए दिल का खुश

रहना बहुत जरूरी है लेकिन आज मैं कुछ ऐसी

बातें बताने वाली हूं जिसके सुनते ही

तुम्हारा मन भी लगेगा काम में और तुम्हारा

हृदय भी प्रसन्न हो जाएगा तुम्हारे मन की

इच्छाओं को पूर्ण जरूर करूंगी यदि तुमने

सच्चे मन से से पूरी श्रद्धा से और मेहनत

से किसी कार्य को लगन लगाकर किया है तो

मैं आज तुमसे वादा करती हूं कि तुम्हारा

वह कार्य जिसके लिए तुमने पूरी ईमानदारी

और मेहनत के साथ उस कार्य को किया है मैं

उसे अवश्य पूर्ण करूंगी लेकिन तुम भी इस

बात को बहुत अच्छे से समझ लो कि जिस पर

तुमने इतनी मेहनत कर दी है और तुमने इतनी

ईमानदारी से काम को किया है तो वह काम भी

तुम्हारी मेहनत के सामने छोटा पड़ रहा है

इसलिए उससे भी बड़ा और उससे भी ऊंचा

तुम्हें मुकाम हासिल होगा मैं आज खुद

तुमसे यह वादा करती हूं कि तुम उससे भी

ऊंची जिसके लिए तुमने कार्य किया है उससे

भी बड़ी खुशी को तुमको प्राप्त होगी एक

कार्य जैसे-जैसे तुम यह करो

वैसे वैसे सच में तुम्हारे अंदर वह शक्ति

विराजमान होती चली जाएगी जिससे तुम्हारा

मन शांत रहने लगेगा और यदि तुम्हारा मन

शांत रहने लगेगा तो तुम निश्चित ही अपने

कार्य को मन लगाकर कर पाओगे क्योंकि यदि

अशांत मन से कार्य करोगे तो कोई कार्य हो

नहीं पाएगा और खुशी प्राप्त होने ने के

पहले ही या वह किसी कार्य को प्राप्त करने

के पहले ही तुम बिखरने और टूटने लगोगे

सुबह जब तुम प्रातः काल उठते हो तो अपने

नित्य क्रिया से निवृत होकर पूजा के समय

ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति का

बार उच्चारण करो जैसे जैसे तुम

प्रतिदिन इसका उच्चारण करोगे वैसे ही इसका

सर तुम्हारे मस्तिष्क और पूरे शरीर पर

होने लगेगा और तुम्हारे दिमाग में शांति

उत्पन्न होने लगेगी शांत मन खुश रहता है

क्योंकि खुशी को पाने के लिए सबसे पहले मन

का शांत होना जरूरी है मेरे बच्चे यदि

तुम्हें मनुष्य का जीवन मिला है तो उसे

दुखी रहकर व्यतीत मत करो बल्कि खुश रहकर

गुजारो इस पृथ्वी पर म मनुष्य को ही इतनी

दिमागी शक्ति मिली है जो हर चीज को सोच

सकता है समझ सकता है और हर काम को दिमाग

से कर सकता है लेकिन यदि तुम उदास हो

जाओगे तो तुम्हारा दिमाग भी काम करना बंद

कर देगा और तुम जो सही कर रहे हो उसे भी

कर नहीं पाओगे तुम्हारी बड़ी से बड़ी खुशी

को मैं पूरा करूंगी अगर तुम मुझसे एक वादा

करो कि आज के बाद तुम कभी उदास नहीं होगे

तो मैं भी तुमसे एक वादा करती हूं हर खुशी

तुमको प्राप्त होगी बाकी मेरे ऊपर छोड़ दो

और सब सही होगा और अच्छा होगा मेरे बच्चे

कभी रोना मत इस बात पर विश्वास रखना कि

तुम्हारी हर खुशी मैं पूरी करूंगी

तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूंगी जीवन में

तुम्हारी एक कोई इच्छा अधूरी नहीं रहेगी

मेरे बच्चे रोने से तुम्हारे अंदर

नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और

सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है जिससे

तुम्हारे हृदय में विराजमान नहीं रह

पाऊंगी मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना

ओम नमः शिवाय

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