🕉️ मां काली 🕉️ तुम्हारे भक्ति से किस की सजा निश्चित हो चुकी है और मैं तुम्हें किस की स

मेरे बच्चे इस व्यक्ति की वजह से तुम खून के आंसू रो हो तुम इतना रोई हो कि तुम्हारी आंखों के आंसू भी सूखने लगे हर संभव

कोशिश की अगर यह समाज कुछ कहता है तो एक बार को मैं भूल जाता पर वह लोग मेरे अपने ही रात भीख मांगी है मैंने अपनी

इज्जत की मान सम्मान को वापस पाने की कोई दुखी ना हो जाए तुम नहीं समझा अंत में कोई तुम्हारे साथ नहीं खड़ा रहा सब मैं तुम्हारा हाथ छोड़ दिया और वह व्यक्ति जिसे तुम प्रेम करते थे वह तो बस राजनीति करता रहा तुम्हारे साथ तुम्हारा यह दर्द आज का नहीं है मेरे बच्चे

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