🕉 इन नवरात्रों में जो भी मुझसे कुछ मांगेगा। 🕉

एक सच तुम आज जानोगे यदि तुम्हारे पास
थोड़ा समय है तो मेरी बात को ध्यान पूर्वक
सुनना और समझना वह सच तुम्हारे सामने खुद
बखुदा

खुशी आती है और जो मेरा आशीर्वाद प्राप्त
करने के लिए मुझ में श्रद्धा रखते हैं सच
तो यह है कि वह मुझ में नहीं अपने हृदय पर
विश्वास रखते हैं और उस शक्ति पर विश्वास
रखते हैं जो उन्हें मुझ में दिखाई देती

हैं यदि तुम्हारा हृदय बार-बार एक ही बात
पुकार रहा है कि मैं तुम्हारे दुख को दूर
कर दूंगी मैं आई हूं तुम्हारी परेशानियों
को हरने के लिए तो हां यह सच है कि मैं
तुम्हारी परेशानियों को दूर करने इस धरती
पर इस समय उपस्थित हूं और सच यही है मेरे

बच्चे कि जो मुझ पर विश्वास रखता है और
मेरे ऊपर आश्रित है कुछ भी मांगता तो मुझे
विवस होकर वह चीज देनी होगी जो आप मांग
रहे हैं क्योंकि चल रहे इन दिनों में मेरी
मां मेरे लिए बहुत ही मान्य और तुम मेरे
पुत्र हो और मेरे और मेरी भक्ति में लीन

व्यक्ति मुझसे कुछ भी मांगे तो मैं चाहकर
भी निराश नहीं कर सकती इसलिए मेरे बच्चे
तुम केवल चल रहे दिनों में मेरा आशीर्वाद
है मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना
मेरे बच्चे अचानक से जो मेरा संदे देश
तुम्हें प्राप्त हुआ है इसका सीधा अर्थ यह
है कि मैं तुम्हारे कष्टों को और बर्दाश्त

नहीं कर पा रही हूं जो कष्ट तुम्हारे जीवन
में है उसे दूर करना चाहती हूं इसलिए आज
मैं तुम्हें इस संदेश के द्वारा यह ज्ञात

करना चाहती हूं कि अगले आने वाले 24 घंटे
में मैं तुम्हारी समस्याओं को समाप्त कर
दूंगी और यह मैं तुम्हें आज वादा करती हूं
एक वादा तुम्हें भी करना होगा मेरे बच्चे
मुझसे कि जो मैं बताऊंगी

आज उसे तुम पूर्ण रूप से सुनकर करोगे
क्योंकि कुछ करने से ही कुछ प्राप्त होता
है जिस प्रकार यदि तुम्हें भूख लगती है तो
खाना खाने के लिए तुम्हें अपने हाथों को
उठाकर खाना अपने मुंह में डालना होता है
तब तुम जाकर अपना पेट भर पाते हो

जैसे जीवन में हर एक चीज को प्राप्त करने
के लिए कुछ कार्य बनाए गए हैं उसी प्रकार
जीवन में सभी समस्याओं को समाप्त करने के
लिए कुछ ऐसे कार्य बनाए गए हैं जिनको यदि
तुम पूर्ण रूप से समझ लेते हो तो जीवन में
तुम्हें पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं

है मेरे बच्चे तुम्हारा जीवन इतना खुशहाल
होगा कि तुम्हारी आंखें भी चका हो जाएंगी
यह देखकर जो तुमने सोचा भी नहीं होगा वह
सब तुम्हें प्राप्त होगा केवल तुम इन पांच
कार्य को करो बाकी सब कुछ मुझ पर छोड़ दो
जिसमें से पहला कार्य है कि तुम हर बुधवार
की संध्या काल में गणेश जी के समक्ष दीपक

जलाते हुए तुम उनकी आरती करते हुए उनका
स्मरण करो और उन्हें जो बन पड़े हुए
प्रसाद चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न करो दूसरा

वही विष्णु देव की आज्ञा का पालन करते हुए
ऐसा कोई कार्य मत करो जिससे कि वह तुम पर
क्रोधित हो कहने का तात्पर्य यह है कि जब

उनका और लक्ष्मी जी का दिन होता है उस दिन
तुम उन्हें जितना हो सके उतना प्रसन्न
करने के लिए उनका नाम जपो हो सके तो उनको
प्रसाद चढ़ाओ श्रद्धा से प्रेम से भक्ति
से भाव से तुम उन्हें प्रसन्न करो और
तीसरा इस ब्रह्मांड में स्थित जो सूर्य
सभी को रोशनी देता है उनकी रोशनी तुम्हारे
जीवन पर भी पड़े और तुम्हारे जीवन में
अंधकार को दूर कर दे इसके लिए तुम्हें
प्रातः काल सुबह सूर्य को जल अर्पित करना

है क्योंकि मेरे बच्चे जब सबको रोशनी देने
वाला सूर्य तुम्हारे जीवन में प्रकाश लेकर
आएगा तो तुम्हारे जीवन की समस्याओं को
समाप्त कर देगा क्योंकि जो होता है वह इस
धरती पर ही होता है और सूर्य के प्रकाश की
रोशनी में या चंद्र की चांदनी में ही किया
जाता है इसलिए सूर्य प्रसन्न है तो चंद्र

भी तुमसे प्रसन्न है चौथा शनिवार के दिन
तुम पीपल के वृक्ष में नियमित शनि देव के
नाम से दीपक जलाओ ऐसा करने से शनिदेव के
क्रोध का सामना तुम्हें नहीं करना पड़ेगा
क्योंकि जीवन में जाने अनजाने में कभी
गलती हो जाए इसके लिए और पांचवा मेरा

स्वयं में भी तुमसे प्रसन्न रहूंगी तो
तुम्हारे जीवन में कोई भी मुसीबत नहीं आने
वाली है और तुम्हारे जीवन में हर खुशहाली
में मैं स्वयं लेकर आऊंगी मेरे बच्चे जो
भी मेरा भक्त है उनकी रक्षा करने के लिए
हर कार्य करूंगी अब और नहीं मेरे बच्चे

जितना तुम सहन कर सकते थे उतना तुमने सहन
किया लेकिन अब बहुत हुआ कठिनाइयां झेलते
हुए तुमने यह जो कर्म किए हैं तुम्हारे
इन्हीं कर्मों ने मुझे प्रसन्न कर दिया है
और तुमने मुझे अपनी ओर आकर्षित किया है
अपने आप को परिश्रम से और विश्वास से
तुमने यहां तक पहुंचे हो तुम सब बच्चों से
अलग हो मेरे बच्चे क्योंकि तुमने औरों की

तरह रोने में अपना समय और किस्मत को खराब
नहीं किया बल्कि तुमने भाग्य को मेरी
सहायता से और स्वयं के कर्मों से बदलने की
कोशिश की है और तुम निश्चित ही अपने
कर्मों के द्वारा अपनी किस्मत को बदल पाए
हो तुमने मुझे विवश कर दिया है कि मैं
तुम्हारे भाग्य को सौभाग्य में परिवर्तित

करूं मेरे बच्चे जो लोग हार मानकर बैठ
जाते हैं और अपने जीवन में निराश होकर गलत
रास्ते को चुन लेते हैं चोरी चकारी करते
हैं और किसी के पराय धन पर गलत निगाह
डालते हैं अपने कर्मों को सही नहीं करते

और वही किसी भी तरीके से धन को अर्जित
करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति असहाय
व्यक्तियों को परेशान करते हैं और अन्य
गलत कार्य करते हैं उन सभी बच्चों को
तुमने गलत साबित कर दिया तुमने साबित कर
दिया है कि भाग्य को बदला भी जा सकता है
बस कर्म करने की कमी होती है मेरे अगले
संदेश की प्रतीक्षा करना मैं फिर आऊंगी ओम
नमः शिवाय
शिवाय

 

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