🕉 माता रानी🕉 तुम्हारा खोया हुआ मान सम्मान में वापस लाऊंगी

मेरे बच्चे मुझे पता है जितना प्रेम तुम

मुझसे करते हो शायद ही किसी से कर पाओ

जितना यकीन तुम्हें मुझ पर है शायद ही

किसी पर हो तुम्हें यह भी पता है मेरे

बच्चे कि मेरे अलावा इस संसार में कोई

तुम्हारा अपना नहीं है कोई ऐसा नहीं है जो

तुम्हारे दुख दर्द को दिल से सुने लोग

सुनने का दिखावा तो करते हैं पर कोई

तुम्हारा दर्द समझ नहीं सकता जैसे

तुम्हारी माता समझती

है कोई तुम्हारे आंसू पर वैसे रो नहीं

सकता मेरे बच्चे जैसे मैं रोती हूं मुझे

पता है तुम अकेले में आज भी बहुत रोते हो

बहुत सारी चिंताएं ऐसी हैं जो तुम्हारे मन

को भारी कर देती हैं बहुत सारी बातें ऐसी

हैं जो तुम किसी को बता ही नहीं सकते तुम

अपने अंदर ही उन बातों को रखकर घटते चले

जा रहे हो मेरे बच्चे जब तुम अकेले होते

हो तो उन बातों के अंधेरे पन में खो जाते

हो फिर तुम्हें इस संसार में कुछ भी सही

नहीं दिखता है लोगों ने तुम्हारे साथ वक्त

वक्त पर छल किया है वह पराए होते तो शायद

तुम एक बार भूल भी जाते पर वह तुम्हारे

अपने थे जिन्होंने तुम्हारे पीठ पीछे वार

किया और आज भी ऐसे लोग हैं मेरे बच्चे और

तुम्हें बहुत अच्छे से पता है वह लोग कौन

हैं जो तुम्हारे अपने नहीं हैं पर अपने

होने का दिखावा कर रहे हैं और तुम आज भी

उन लोगों की बातों पर रोते हो तुम्हें पता

है वह लोग तुम्हारे पीठ पीछे बार कर रहे

हैं फिर भी तुम उनकी सेवा करते चले जा रहे

हो फिर भी तुम उनकी सारी बातें मानते चले

जा रहे हो उनकी सारी बातें सुनते चले जा

रहे हो और फिर अकेले बैठकर तुम रोते हो कि

माता मैं तो उनके लिए इतना कुछ कर रहा हूं

क्या मैं इतना बुरा हूं कि कोई मुझसे झूठा

प्रेम भी नहीं कर पा रहा है क्या मैं इतना

बुरा हूं कि पूरा जगत पूरा संसार मिलकर

मुझे नीचे खींचने की कोशिश कर रहा है पर

मेरे बच्चे मुझे यह नहीं समझ आता जब

तुम्हारा दिल जानता है तुम्हारी अंतर

आत्मा जानती है कि मेरे अलावा तुम्हारा

कोई और नहीं है तो तुम उन लोगों से इतनी

उम्मीद ही क्यों लगा बैठे हो अगर वह

तुम्हारे साथ इतना बुरा बर्ताव कर रहे हैं

जब तुम्हें पता चल रहा है कि वह पीठ पीछे

क्या बोल रहे हैं तो तुम उनके साथ अपने

संबंधों को खत्म क्यों नहीं कर देते हो

तुम खुद को उन लोगों के लिए इतना नीचे

क्यों दिखा रहे हो इतना नीचे क्यों गिरे

जा जा रहे हो मेरे बच्चे कि उनकी हर कही

बात सुन रहे हो वह किसी से कुछ कहते हैं

तुम्हारा बनाया बनाया काम बिगाड़ दे रहे

हैं वह लोग फिर भी तुम्हारे अंदर इतनी

हिम्मत नहीं हो रही कि तुम जाकर उनके मुंह

पर बोल सको कि आपने ऐसा किया है मेरे साथ

फिर भी तुम उनकी सारी बातें हंसकर सुन रहे

हो और तुम आज भी उनका भला चाह रहे हो यही

कोमलता है तुम्हारे हृदय में जो लोग नहीं

समझ पा रहे हैं मेरे बच्चे और वह कभी नहीं

समझेंगे तुम उनके लिए मर भी जाओ तब भी वह

नहीं समझेंगे कि तुमने उनसे कितना प्रेम

किया तुम मुझसे आज भी मांगते हो माता मुझे

प्रेम दे दो माता परिवार दे दो माता इससे

मेरा विवाह करा दो क्या तुम्हें ऐसे लोगों

के साथ भविष्य चाहिए इस जगत में बहुत सी

चीजें हैं जो तुम्हें करनी है उन बातों पर

ध्यान दो उसमें में भी खुशियां हैं जिन

झूठी खुशियों पर तुम आज हंस रहे हो जिन

झूठी खुशियों पर तुम आज खुश हो रहे हो तुम

अपने दिल से पूछो क्या तुम सच में खुश हो

जिम्मेदारियों के बोझ में क्या तुम सच में

खुश हो मेरे बच्चे क्या यह रिश्ते जो

तुमने बना रखे हैं जो तुम्हारे धन दौलत

में है जो सिर्फ तुम्हारे अच्छे दिनों में

है क्या यह रिश्ते सच्चे हैं अगर यह

रिश्ते सच्चे होते तो तुम कभी अकेले बैठकर

ना रोते मेरे बच्चे तो ऐसे रिश्तों को

अपने जीवन में रखो ही मत जो तुम्हारे मन

को भारी कर रहे

हैं ऐसे रिश्तों को अपने जीवन में रखो ही

मत जो उस भीड़ में भी तुम्हें अकेलापन

महसूस करा रहे हैं उन रिश्तों से दूर हो

जाओ बस एक रिश्ता रखो मुझसे अपनी माता से

अपने पिता से तुम कभी अके अले नहीं पड़ोगे

तुम अकेले बैठे भी होगे तब भी तुम्हें

वहां मेरा एहसास जरूर होगा इस दुनिया से

उम्मीद छोड़ दो अपने सपनों के पीछे भागो

उनके लिए रो अपने सपनों को पूरा करने के

लिए रो मेरे बच्चे फिर देखना कोई व्यक्ति

तुम्हारा इस्तेमाल नहीं कर पाएगा जब तुम

इतना व्यस्त रहोगे अपने सपनों को पाने में

तुम्हें इस दुनिया के शोर सुनाए नहीं देगा

मेरे बच्चे लोग क्या कह रहे हैं तुम्हें

सुनाई नहीं

देगा ऐसे लोगों के पीछे ऐसे लोगों से

रिश्ता कब तक निभा लोगे तुम और क्यों

निभाना है तुम्हें ऐसे लोगों से रिश्ता जब

मैं स्वयं तुम्हारे साथ खड़ी हूं जब

तुम्हारा रिश्ता मुझसे है तुम्हारा दिमाग

हृदय शरीर तुम्हारी अंतरात्मा जानती है कि

मैं तुम्हारी माता हूं तो तुम इस दुनिया

के झूठे रिश्तों में फसक क्यों रो रहे हो

और अपनी माता को क्यों रुला रहे हो मेरे

बच्चे तुम्हारे लिए मैंने ब्राह्माण की

सारी खुशियां लिख रखी हैं पर तुम्हें तो

इस दुनिया की झूठी खुशियां चाहिए और उन

खुशियों के लिए तुम बार-बार मेरे दर पर आ

रहे हो मेरे बच्चे एक बार सोचो कि क्या

तुम सही कर रहे हो आज निर्णय ले ही लो

मेरे बच्चों कि तुम्हें इस दुनिया के झूठे

रिश्ते चाहिए या तुम्हें तुम्हारी माता के

साथ अपना रिश्ता चाहिए क्योंकि मैं

तुम्हें कभी नहीं रुला

उंगीयर्ड

करर चले जाओ वैसे लोगों को पीछे छोड़ दो

मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना मेरे

बच्चे मैं फिर आऊंगी तुमसे मिलने तुम्हारा

कल्याण हो मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे

साथ

है

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