10 साल में पहली बार अचानक पकड़ा गए PM मोदी?

10 साल में पहली बार 10 साल में पहली बार
पकड़ा गए मोदी जी जी हां 10 साल में पहली
बार पकड़ा गए मोदी जी और ऐसे पकड़ाए कि
पकड़ा के तुरंत बाद सक पका गए मोदी जी ऐसे
पकड़ाए कि पकड़ा ही अचानक अक बखा गए मोदी
जी और आज ढ़ साल की ही नहीं बल्कि उसके

पहले की भी सारी पोल पट्टी खुल गई कि आखिर
इंटरव्यू में पानी क्यों पीना पड़ा और
पानी मांगने के बहाने इंटरव्यू छोड़कर

भागना क्यों पड़ा आज सारी पोल पट्टी खुल
गई आज पता चल गया कि आखिर क्यों प्रेस
कॉन्फ्रेंस नहीं करते आखिर क्यों
पत्रकारों से डरते हैं आखिर क्यों वही
पत्रकार उनके करीब जाते हैं जो पूछते हैं

कि मोदी जी जबावा में पर्स रखते हैं कि
नहीं आम काट के खाते हैं कि चूस
के आज पता चल गया कि क्यों उनको विपक्ष
नहीं चाहिए हालांकि बातें बहुत बड़ी बड़ी
की उन्होंने विपक्ष के लिए लेकिन पता चल

गया कि विपक्ष क्यों नहीं चाहिए आज यह भी
पता चल गया कि देश भर के सवालों से भागते
क्यों है आज यह भी पता चल गया कि उनको
जागरूक जनता क्यों नहीं चाहिए सवाल करने
वाला नौजवान क्यों नहीं चाहिए विरोध करने
वाली आबादी क्यों नहीं चाहिए जनसंख्या
क्यों नहीं चाहिए

संसद में रटा रटा भाषण देना बड़ा आसान
होता है टेली प्रोटर पढ़ के मंच पर खड़े
होकर जोर जोर से चिल्लाना और बड़ी बड़ी
बातें

कहना किसी बाबा की तरह बोलना यह सब बड़ा
आसान होता है साइंटिस्ट बन जाना बड़ा आसान
होता है लेकिन जब तक सवाल नहीं आते तब तक
गाड़ी आसानी से चलती है जैसे ही सवाल आते
हैं साहेब गड़बड़ा जाते हैं और आज ऐसे
गड़बड़ आए हैं साहेब आज ऐसे गड़बड़ बए हैं

कि पूरी मिट्टी पलित हो गई है पूरी मिट्टी
पलित हो गई है पता चल गया कि आखिर सवालों
से भागते क्यों है आखिर साढ़े सालों से
कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं
की तो इस बारे में हम विस्तार से बात

करेंगे कई सारे मुद्दे हैं और बताएंगे कि
क्यों स्वतंत्र पत्रकारों से भागते हैं
क्यों सवालों से भागते हैं कई सारे मुद्दे
हैं जिन पर विस्तार से बात करेंगे इसके
साथ
ही कल आपने चंडीगढ़ में जो मामला देखा था
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस जीवा चच ने

जिस तरीके से फटकार लगाई थी कहा कि
लोकतंत्र की हत्या हुई है हत्यारे की
तस्वीर हमने आपको ध्यान से अच्छे से
दिखाया था किस तरीके से चोर नजरों से देख

रहा था सीसीटीवी को लोकतंत्र की हत्या किस
तरीके से चंडीगढ़ में हुई थी वो तो आपने
देखा ही और आज एक ऐसी ही कहानी महाराष्ट्र
से फिर से सामने आई है तो महाराष्ट्र वाली
जो कहानी है उस पर भी बात करेंगे इसके साथ

ही बात करेंगे कि क्या राहुल गांधी ने जो
ब कुत्ते को खिलाया था वही
बिस्किट एक कार्यकर्ता को थमा दिया क्या
यह सच है और कार्यकर्ता को बिस्किट खाने

के लिए दिया था या फिर किसी और काम के
लिए तो राहुल गांधी ने इस पर क्या सफाई दी
है उस पर भी बात करेंगे मगर पहले यह जान
लेते हैं पहले य चर्चा कर लेते हैं जानना
क्या है आप सब जानते हैं हकीकत क्या है आप

सब जानते हैं 56 इंच की हकीकत क्या है यदि
सच में 56 इंच होता 56 इंच का कोई भाव
होता तो चीन हमारी जमीनों पर कब्जा नहीं
कर रहा होता लेकिन आज सिर्फ इसी पर नहीं
तमाम ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बात करेंगे

पहला मुद्दा यह है पहली बात तो यह है कि
संसद भवन में प्रधानमंत्री ने परिवारवाद
को लेकर परिवारवाद के मुद्दे पर बड़ी लंबी
चौड़ी बात कही खूब भौकाल बाजी कर रहे थे
खूब भौकाल टाइट कर रहे
थे लेकिन जैसे ही कांग्रेस के एक सांसद
ने जैसे ही कांग्रेस के एक सांसद ने अपनी

 

अपनी पीठ देखने के लिए कह दिया जैसे ही
इशारा किया कि अपनी अपने पीछे देख लीजिए
जिन जिन पार्टियों से आपका गठबंधन है उनके
बारे में क्या ख्याल है आपके नेताओं का
क्या ख्याल है जो परिवारवाद की उपज है
वैसे प्रधानमंत्री की जबान लड़खड़ा गई
कैसे लड़खड़ा गई जरा सुन लीजिए इसके बा


कुछ विशेष बातें आपको बताए ध्यान से सुनते
जाइए काफी मजा आनंद आने वाला है आज
आपको जहां एक परिवार को पार्टिया लिखी
जाती है वो लोकतंत्र में उचित नहीं है
लोकतंत्र में पार्टी
अनेक एक परिवार के 10 लोग राजनीति में कुछ
बुरा नहीं है हम तो चाहते हैं नौजवान लोग
आए हम भी चाहते

हैं अब तक प्रधानमंत्री जी परिवार बार पर
लेक्चर झाड़ रहे थे और जैसे ही एलजेपी
जेजेपी जैसे तमाम पार्टियों का नाम सामने
आया और याद आया कि यह सब तो अपने साथी है
जैसे ही पीछे से कांग्रेस वालों ने आवाज

दी जैसे ही याद दिलाया प्रधानमंत्री जी
लड़
और ऐसे लड़ गए मिट्टी पलि
हो फिर से

सुनिए जहा एक परिवार को पार्टिया लिखी
जाती है व लोकतंत्र में उचित नहीं है
लोकतंत्र में
पर् अने एक परिवार के 10 लोग राजनीति कुछ
बुरा नहीं है हम तो चाहते नौजवान लोग
आए हम भी

चाहते इसकी चर्चा करिए हमारे साथ आपके साथ
मेरा विषय नहीं है सुन लिया आपने जैसे ही
अपनों की याद आई जैसे ही अपनों का याद
दिलाया गया प्रधानमंत्री जी कहने लगे कि
हम तो चाहते हैं चर्चा करिए हमारी आपकी
बात नहीं है यह लोकतंत्र की बात है बहुत

अच्छी बात है साढ़े साल से आप
प्रधानमंत्री है अब लोकतंत्र याद आ रहा है
अब आपको याद आ रहा है कि परिवारवाद
लोकतंत्र के लिए खतरा
है और चर्चा की क्या जरूरत है जब आप
भारतीय जनता पार्टी से लाल कृष्ण आडवाणी

की विदाई कर सकते हैं जिनका रथ हाका करते
थे किससे चर्चा करके आपने उनको किनारे
लगाया किससे चर्चा करके आपने मुरली मनोहर
जोशी को किनारे लगाया किससे चर्चा करके
आपने बीजेपी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को अलग

कर दिया घर बिठा दिया किससे चर्चा करके
आपने शंकराचार्य को मंदिर कार्यक्रम से
अलग कर दिया किससे चर्चा करके राजनाथ सिंह
के पर कतर दिए गए नितिन गडकरी के पर कतर

दिए
गए अ
मध्य प्रदेश में इतनी बड़ी जीत होने के
बावजूद शिवराज सिंह चौहान को घर बिठा दिया
गया राजस्थान में वसुंधरा राजे को किनारे
कर दिया गया छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को

किनारे कर दिया गया किससे चर्चा की थी
आपने विपक्ष में परिवारवाद को हटाने के
लिए आपको चर्चा की आवश्यकता नजर आती है
बीजेपी में तो आपको चर्चा करने की
आवश्यकता है

नहीं क्या आपको लगता है कि वहां कुछ चर्चा
से होता है यदि चर्चा से होता तो राजस्थान
में अभी जब मुख्यमंत्री चुनने की बात थी
विधायक दल की बैठक हो रही थी और किसी
विधायक को पता नहीं मुख्यमंत्री कौन बनने
जा रहा है यही लोकतंत्र है लोकतंत्र की

दुहाई दे रहे
हैं लोकतंत्र को किस तरीके से ठोक तंत्र
में बदला जाता है इसका इससे जबरदस्त नमूना
क्या हो सकता
है तो बीजेपी में यह काम करने के लिए आपको

परिवारवाद पर भाषण दे रहे हैं उसी वक्त
जरा इस वीडियो में ध्यान से देखिए
जिस वक्त परिवारवाद पर प्रधानमंत्री जी
भाषण दे रहे हैं उस वक्त इनके आगे पीछे

कौन बैठा है बगल में देखिए बगल में ही
बैठकर राजनाथ सिंह जी मुस्कुरा रहे हैं
राजनाथ सिंह जी मुस्कुरा रहे हैं वह इसलिए
नहीं मुस्कुरा रहे कि विपक्ष को निशाने पर
लिया जा रहा है शायद व इसलिए मुस्कुरा रहे

होंगे कि प्रधानमंत्री जी क्या बोल रहे
हैं बगल में मैं भी बैठा हूं मेरा बेटा भी
राजनीति में है और शायद राजनाथ सिंह
राजनीति में ना होते इतना बड़ा पद कद ना
होता तो उनका का बेटा भी राजनीति में ना
होता कुछ और होता जिस क्षेत्र में काबिल

होते उस क्षेत्र में काम कर रहा होता और
राजनाथ सिंह के बगल में गृहमंत्री बैठे
हैं अमित शाह जी के बेटे के बारे में तो
आप सब जानते ही है जैसा दुनिया के नहीं

बल्कि पूरे ब्रह्मांड के सबसे बड़े
खिलाड़ी
क्रिकेटर नियमों कानूनों में बदलाव करके
जैसा को लगातार पद पर बिठाया जाता
है वही बगल में और पीछे प्रधानमंत्री के
ठीक पीछे आप यह जो देख रहे हैं यह थोड़ा

सा चेहरा दिख रहा
है इन्ह भी पहचानते
होंगे यह भी परिवारवाद की उपज
है इतिहासकार अशोक कुमार पांडे लिखते हैं
कि बगल में राजनाथ सिंह जी बैठे हैं जिनके

पुत्र सांसद है प्रधानमंत्री जी बात कर
रहे हैं परिवारवाद की साथ में बैठे अमित
शाह जी के पुत्र अमित शाह जी जिनके पुत्र
क्रिकेट संघ की
राजनीति क्रिकेट संघ की राजनीति कर रहे
हैं वो किस इस पद पर कैसे बैठे हैं किस
आधार पर बैठे हैं किरण रेजी जू
है उनके पिता भी राजनीति में बड़े पदों पर
रहे हैं तो क्या प्रधानमंत्री को यह सब
कुछ नहीं दिखता

 

है राजनाथ सिंह के बेटे को राजनीति से अलग
रखना है दूर रखना है भारतीय जनता पार्टी
से दूर रखना है इसके लिए किससे चर्चा की
जरूरत है

किससे गृहमंत्री अमित शाह के बेटे को
राजनीतिक लाभ नहीं देना है इसके लिए आपको
किससे चर्चा की जरूरत है कांग्रेस से
समाजवादी पार्टी
से शिवसेना से टीएमसी से किससे चर्चा
करेंगे
आप लते की भी एक सीमा होती है गांव में
सड़क के किनारे नहरों के किनारे एक पौधा

होता है उसको बेहया कहा जाता है मुझे नहीं
पता आप लोग उसको जानते हैं कि नहीं यूपी
बिहार से जो होंगे जानते होंगे बेहया का
पेड़ उसको काटते जाइए वो निकलता जाता है
खत्म नहीं
होता वैसे ही यहां पर झूठ खत्म ही नहीं

होता बकैती खत्म ही नहीं होती अनर्गल
बकैती बेमतलब की बकैती खत्म ही नहीं
होती जिनके बगल में तमाम परिवारवाद बैठे
हैं परिवारवाद की उपज बैठे हैं जिनके बेटे
बड़े-बड़े पदों पर राजनीति में बैठे हैं
और इनके बेटे ही नहीं और भी बहुत सारी
चीजें हैं यह
देखिए हर एक राज्यवार हर एक राज्य में
आपको दिख जाएगा कि किस राज्य में बीजेपी
के कितने परिवारवाद की उपज है एक बार इसको

 

देख लीजिए मैं विस्तार से एक एक राज्य का
बोलते जा रहा हूं इसके बाद इसके बाद बात
करेंगे कि प्रधानमंत्री जी

आखिर प्रधानमंत्री जी आखिर सवालों से
भागते क्यों है और कैसे कैसे यदि एक मौका
मिले तो कोई भी स्वतंत्र
पत्रकार प्रधानमंत्री जी को पानी पीने पर
मजबूर कर देगा पानी पीने के बाद भागने पर
मजबूर कर देगा और व एक सेकंड नहीं टिक
पाएंगे सवालों के सामने कई सारे सवाल कई
सारे मुद्दे मैं आपके सामने रखूंगा जो एक
सेकंड में प्रधानमंत्री को कुर्सी छोड़कर
हटने पर मजबूर कर देंगे प्रधानमंत्री की
कुर्सी नहीं इंटरव्यू के समय की कुर्सी
पहले यह देख लीजिए उत्तर प्रदेश से शुरुआत
करते हैं उत्तर प्रदेश
में कितने सारे परिवार है राज राजनाथ सिंह
का परिवार कल्याण सिंह जी का परिवार मेनका
गांधी का वरुण गांधी का परिवार ध्यान
दीजिए प्रधानमंत्री जी हमेशा गांधी परिवार
को टारगेट करते हैं लगातार आरोप लगा और
कांग्रेस पर भी लगातार वो आरोप लगा रहे थे
कि जितना जितना खामियाजा परिवारवाद का इस
देश ने भुगता उतना ही कांग्रेस ने भुगता
आपको कांग्रेस की चिंता है बहुत चिंता है
और अपनी पार्टी की चिंता नहीं है यदि
सोनिया गांधी और राहुल गांधी परिवारवाद की
निशानी है तो फिर वरुण गांधी और मेनका
गांधी क्या है उसी परिवार से वो भी है और
परिवार में वही हैसियत उनकी भी
है मतलब तुम करो तो
करेक्टर हिला हम करें तो रास
लीला और सुनिए उत्तर प्रदेश में तीन
परिवार आपने देखा चौथा परिवार ब्रजभूषण
शरण सिंह का ये वही ब्रजभूषण शरण सिंह है
जिन पर हाल ही में महिला पहलवानों ने यन
शोषण का आरोप लगाया था वही ब्रजभूषण सिंह
उनके बेटा और उनका पूरा खानदान किस तरीके
से राजनीति में कितना सक्रिय है पता
लगाइए यह तो हो गया उत्तर प्रदेश का बिहार
में देखिए बिहार में यशवंत सिन्हा है जयंत
सिन्हा है ठाकुर प्रसाद रविशंकर प्रसाद
उत्तराखंड में रीता बगड़ा जोशी रिता बगड़ा
और विजय बगड़ा इसी तरह से हिमांचल में
प्रेम सिंह धूमल अनुराग सिंह ठाकुर अनुराग
सिंह ठाकुर याद ही होगा फलान को देश के
फलान को गोली मारो फलान को याद होगा ना
नारा यह वही नारा देने वाले हैं बगल में आ
जाइए दिल्ली में साहिब सिंह वर्मा बड़े
अच्छे व्यक्ति माने जाते हैं बोली भाषा
बड़ी अच्छी थी उन्हीं के बेटे हैं प्रवेश
वर्मा और प्रवेश वर्मा ने पूरी इज्जत का
कबाड़ा कर
दिया क्या क्या बोलते रहे वो साल 2020 में
याद करिए यदि फलाने प्रधानमंत्री नहीं
रहेंगे फलाने गृहमंत्री नहीं रहेंगे तो
मुसलमान लोग आपके घरों में घुस अपनी आपकी
बहन बेटियों के साथ जो इच्छा होगी वो
करेंगे और आप रोक नहीं पाएंगे आगे
सुनिए ये क्षत्री लाल गोयल विजय गोयल कहां
से दिल्ली से और सुनते
जाइए राजस्थान में वसुंधरा राजेश सिंधिया
दुष्यंत
सिंधिया राम सिंह कसवा आगे गुजरात में
अमित शाह जय शाह महाराष्ट्र में वेद
प्रकाश गोयल पियूष गोयल पियूष गोयल किस पद
पर है जानते ही है आप लोग इसके अलावा
महाराष्ट्र में आ जाइए वेद प्रकाश गोयल
पियूष गोयल इसके बाद गंगवार फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस देवेंद्र फडणवीस कौन है
जानते ही है आप
गोपीनाथ मुंडे पंकजा मुंडे आगे प्रमोद
महाजन पूनम महाजन कर्नाटक में बीएस रपा बी
वाई राघवेंद्र और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह
उनके बेटे अभिषेक
सिंह उड़ीसा में देवेंद्र प्रधान उनके
बेटे धर्मेंद्र
प्रधान कैलाश विजयवर्गीय आकाश विजय वर्गी
वो बल्ले वाला जो एसडीएम को बल्ला लेकर
दौड़ता है कैलाश विजय वर्गी का बेटा
एसजीएम को बल्ला लेकर दौड़ा लिया था
वीडियो आप सबने देखा होगा शायद भूल गया हो
मैं याद दिला
दो किसके दम पर उनका बेटा एसडीएम को बल्ला
लेकर दौड़ा रहा था क्या यह परिवारवाद से
मिली हुई ताकत नहीं है तो प्रधानमंत्री जी
किसको भाषण दे रहे हैं किसको सुना रहे हैं
किसको बता रहे हैं किससे चर्चा की जरूरत
है जब लड़खड़ा गए जब कांग्रेस सांसद ने
छेड़ दिया और पूछ लिया कि आपकी जो
पार्टियां आपके साथ है उनके परिवारवाद पर
क्या कहना है तो प्रधानमंत्री जी लड़खड़ा
गए तब उनको समझ नहीं आया कि क्या जवाब
दिया जाए तो कहने लगे कि मेरा उनका नहीं
है बात ये है कि इस पर चर्चा होनी चाहिए
मैं तो चाहता हूं कि चर्चा
हो शुरुआत तो अपने घर से की जाती है बुराई
को मिटाने की गंदगी को दूर करने की सुबह
उठकर व्यक्ति पहले अपना घर साफ करता है कि
पड़ोसी
का किसका घर साफ किया जाता है आपको पड़ोसी
के घर में गंदगी खूब दिख रही है अपने घर
में कितना मैला फैला है इसका पता नहीं है
या फिर अपने घर का महिला संगते संगते आदत
हो गई है उससे कोई दिक्कत नहीं होती दो ही
कारण हो सकते हैं देख लीजिए एक बार यह
तस्वीर भी कितने सारे इनके गठबंधन के साथी
हैं एनडीए के एलाइज है जो कि परिवारवाद से
निकले हुए हैं शिवसेना शिवसेना से शुरुआत
करिए शिवसेना सिंद गुट का वहां पर भी
एकनाथ शिंदे हैं उनका बेटा है श्रीकांत
शिंदे जो कि एमपी है बिहार में चले जाइए
लोक जनशक्ति
पार्टी चिराग
पासवान पिताजी
पासवान जी जो इस दुनिया में नहीं रहे इनके
चाचा भी हैं परिवार में और भी बहुत सारे
लोग राजनीति में रहे हैं यह अलग बात है कि
पार्टी टूट के दो फड़ में हो गई है और
दोनों पार्टियों का गठबंधन बीजेपी से बड़ा
बढ़िया गणित चलता है अपना दल की अपना दल
सोने
लाल अनुप्रिया पटेल है यह भी परिवारवाद की
उपज है आगे नेशनल पीपल्स पार्टी मेघालय
में
संगमा जी है यह भी परिवारवाद की उपज है
तमिलनाडु से लेकर यहां हर एक राज्य में
पंजाब में देख लीजिए श्री शिरोमणि अकाली
दल पंजाब में ही जो कैप्टन अमरिंदर सिंह
है उनको भी याद करिए जे जेजेपी हरियाणा
यहां भी जम्मू कश्मीर
में हर जगह कहीं भी बचा हुआ नहीं है जितने
भी एला है ज्यादातर परिवारवाद के उ बद
उत्तर प्रदेश में एक और ओम प्रकाश
राजभर उनके बेटे भी राजनीति में है ओम
प्रकाश राजभर को जब मौका मिलता है तो
बेटवा को आगे बढ़ाते हैं वहां परिवारवाद
नहीं दिखता आपको खाली परिवारवाद दूसरी
पार्टियों में दिख रहा है कांग्रेस में
दिखेगा सपा में
दिखेगा अपनी पार्टियों का अपने नेताओं का
परिवारवाद नहीं दिखता है पहले अपनी सफाई
कर लीजिए इसके बाद दूसरों पर बात करिएगा
इसके अलावा उन्होंने एक और बात कही एक और
भाषण उनका चल रहा है जिसमें वो क्या कर
रहे हैं जरा सुनिए
पहले
तो क्लासरूम में भी कोई अगर चोरी करता था
किसी की कॉपी करता था तो वह भी 10 दिन तक
अपना भू किसी को दिखाता
नहीं पहले तो प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं
कि पहले तो क्लास में अगर कोई किसी की
कॉपी चोरी कर लेता था तोव भी 10 दिन तक
मुह नहीं दिखाता था लोग पूछ रहे हैं ये
कहानी कहां से पता चली अनुभव रहा है क्या
बहरहाल हम यह नहीं कह रहे मगर सवाल यह है
कि आप किस भ्रष्टाचार और किस चोरी की बात
कर रहे हैं देश भर के तमाम पार्टियों के
जितने भ्रष्टाचारी थे जिन पर आपने
भ्रष्टाचार के आरोप लगाए उन सबको तो अपने
बगल में बिठा लिया है वह सब आपके साथी है
महाराष्ट्र में एनसीपी
शिवसेना उत्तर प्रदेश में तमाम नेता चाहे
वह समाजवादी पार्टी के हो चाहे बसपा के
हो मध्य प्रदेश में कर्नाटक
में दिल्ली में कोई ऐसा राज्य छूटा है असम
में असम में तो जिस कांग्रेस नेता पर आपने
भ्रष्टाचार का आरोप लगाया उसी को
मुख्यमंत्री बना दिया और आज की तारीख में
कहा जाता है कि व आपके सबसे घनिष्ठ
मुख्यमंत्री हैं सबसे करीबी सबसे
प्रिय पश्चिम बंगाल में जितने नेताओं पर
आपने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए वह सब आपके
साथ आ गए और धुल के साफ हो गए वाशिंग मशीन
का भी जिक्र उन्होंने किया जबकि वाशिंग
मशीन उन्हीं के लिए प्रयोग किया जाता है
कि बीजेपी की वाशिंग मशीन है
यानी कुछ भी बोल देना है कुछ
भी हिप्पोक्रेट की भी सीमा होती है यह भी
बात प्रधानमंत्री जी नेही कही
थी कम से कम अपनी बातों को तो याद रखिए कि
हिपोक्रिटस
मा होती है और आज जब सदन
में सदन में जब यह बात टोका टाकी हो गई
परिवारवाद के मामले पर तब प्रधानमंत्री को
जवाब देते नहीं बना और कहने लगे कि चर्चा
आते चर्चा की जरूरत नहीं है आप अपने घर से
सफाई शुरू करिए सब सुधर
जाएंगे सब परिवारवाद को पीछे छोड़ने
लगेंगे आप अपने घर में सफाई तो शुरू करिए
सबसे पहले अपने सबसे करीबी नेता गृहमंत्री
अमित शाह के बेटे को पद से हटाइए
उसे कहिए कि अपनी काबिलियत के दम पर जो कर
सकता है वह करे नहीं कर सकता है तो घर
बैठकर खाए पिताजी के पास पैसे की कमी
थोड़ी
है तो पहले गृहमंत्री के बेटे को घर बिठाए
उस पद से हटाइए इसके बाद परिवार बाद पर
ज्ञान बाटिए नहीं तो आपका ज्ञान ऐसे अ बका
जाएंगे पकड़ा जाएंगे तो अब सवाल यह है कि
प्रधानमंत्री आखिर सवालों का सामना क्यों
नहीं करते साढ़े साल से अधिक हो गया सत्ता
पर बैठे हुए काबिज हुए प्रधानमंत्री बने
हुए अब तक एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों
नहीं कर पाए क्यों डरते हैं तो जवाब यह है
इस सवाल का जवाब यह है कि वैसे तो खूब
बकैती कर लेते हैं कुछ भी बोल दीजिए अगर
कोई क्रॉस क्वेन नहीं है तो कुछ भी बोला
जा सकता है बोला जा सकता है कि नाले में
पाइप डाल दो ढक्कन उल्टा करके और उस गैस
से नाले से जो गैस निकल रही है उसे चाय
बना लो बोला जा सकता है लेकिन यदि कोई
उल्टा सवाल कर दे कि चलिए बगल में नाला है
पाइप लगाइए चाय बनाकर
दिखाइए तब तो बका जाएंगे तब तो काम गड़बड़
जाएगा ठीक इसी तरह से जब खाली बकती ही
करनी हो तो कहा जा सकता है कि जब बादल के
ऊपर जहाज चला जाता है तो रडार की पकड़ में
नहीं
आता अब वही अगर कोई पायलट बैठा हो कोई
रडार का जानकार बैठा हो तुरंत टोक देगा कि
अरे साहब आप तो गलत बोल रहे हैं यदि वो
दलाल ना हो
तो यदि वो गुलामी की मानसिकता से ग्रसित
ना हो
तो ताली बजाने वालों में शामिल ना हो तो
तो अगर वो सवाल कर देगा तो काम गड़बड़ा
जाएगा कैसे कहेंगे कि बादल के पीछे रडार
काम नहीं
करता इसी तरह से
जब विदेश में जाकर टू एबी वाला भाषण दे
रहे थे ू एबी वाला भाषण तो कोई पूछ लेता
कि साब थोड़ा फार्मूला लिख के दिखा दीजिए
ी एक्स्ट्रा ी कहां से आता है बता
दीजिए तो काम गड़बड़ा
जाता जिस तरीके से आज परिवारवाद के मामले
पर एक सवाल निकल
गया कि आपके जो तमाम एलाइज है आपके गठबंधन
के जो साथी हैं उनके परिवारवाद पर क्या
कहना है तो जवान लड़ आ गई इसीलिए प्रेस
कॉन्फ्रेंस नहीं करते इसीलिए सवाल पूछने
वाले पत्रकारों के सामने नहीं
जाते हालांकि इस जीवन में मिलना तो नहीं
है लेकिन यदि यदि
कभी सपने में ही मुझे मौका मिल जाए और
प्रधानमंत्री जी जिस तरीके से संसद में
भाषण दे रहे
थे भाषण क्या कहा जाए उसको बकैती कहा जाए
जिस तरीके की बकैती कर रहे
थे रोजगार को लेकर बड़े बड़े दावे कर रहे
थे कभी मुझे अगर मौका मिल जाए सपने में
हकीकत में तो नहीं मिलना है और बेरोजगारी
पर जब वो भोकाल टाइट करेंगे हवा बनाएंगे
तब मैं यह वीडियो दिखा दूंगा देखिए आप भी
देखिए इस वीडियो में क्या चल रहा
है इन नौजवानों को देखिए यह कटोरा पीट रहे
हैं आवाज मैं नहीं सुना सकता क्योंकि
दूसरे चैनल का है ये कटोरा पीट रहे हैं
देखिए
ये वो आर्मी के जवान है जिनको नौकरी मिल
चुकी थी और बाद में निकाल कर बाहर कर दिया
गया इनके साथ सीधे-सीधे इस सत्ता ने फ्रॉड
किया
धोखा सीधे-सीधे बार-बार इनसे कहा गया कि
आपको नौकरी मिलेगी आपको भर्ती मिलेगी आपको
जॉइन कराया जाएगा लेकिन हुआ नहीं बाद में
अग्निवीर लाकर सबको लात मारकर बाहर कर
दिया गया सीधे-सीधे फ्रॉड ये सरकार
सीधे-सीधे फ्रॉड करती है और जब सुप्रीम
कोर्ट से फ्रॉड किया जा सकता है हत्यारो
और को बचाने के लिए तो फिर यह तो बेरोजगार
नौजवान है तो जब हमारे सामने भोकाल टाइट
करेंगे रोजगार देने के मामले में तो हमारे
जैसे लोग तो वीडियो दिखा देंगे बेरोजगारी
के आंकड़े रख देंगे पूछेंगे कि चार साल की
नौकरी क्या होती है चार साल बाद व नौजवान
कहां
जाएगा यह सवाल होगा और इस सवाल का जवाब
प्रधानमंत्री दे नहीं
पाएंगे इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं
करते यदि किसी स्वतंत्र
पत्रकार से
आजाद पत्रकार के का सामना हो जाएगा जैसे
एक वक्त में करण थापर जी से हुआ था पानी
मांगने
लगे बहाना करने लगे कि पानी दी पानी
मिलेगा पानी मिलेगा जब करण थापर जी ने
पानी दिया तो पानी पीने के बाद भी कहे कि
दोस्ती बनी रहे अपना संबंध बना रहे बस
यानी जवाब नहीं था और जब जवाब नहीं होता
है व्यक्ति को पता होता है कि मैं गड़बड़
हूं मैं गलत हूं तो फिर व ऐसे कट लेता है
निकल लेता है धीरे से आगे सुनिए
भ्रष्टाचार पर लंबी चौड़ी बात कर रहे हैं
यदि भ्रष्टाचार पर इनके तमाम साथियों को
गिना दिया जाए दूसरों पर खूब भ्रष्टाचार
के आरोप लगा रहे हैं काला धन आने वाला
कितना
आया आपके पास तो सूची हुआ करती थी लिस्ट
पता नहीं कितने लाख करोड़ विदेशों में जमा
था साढ़े साल की सत्ता में आप कितना वापस
ले पाए आपके तमाम साथी इस देश का पैसा लूट
कर लेकर विदेशों में भाग गए ललित मोदी
नीरव भाई नीरव भाई आप ही बुलाया करते थे
नीरव भाई यहां बैठे हैं वो नीरव भाई कितना
पैसा लेकर भागे आपको पता
है अखबारों में बड़ी बड़ी हेडलाइन छापी
जाती है कि जो लूटा है वो वापस करना
पड़ेगा सब कौन है हरिश्चंद्र की औलादे हैं
सब देश का पैसा लूटकर भागे हैं कितना पैसा
आप वापस ले पाए और दूसरों का तो छोड़िए
दूसरों का छोड़ दीजिए आप अपना हिसाब दे
दीजिए कम से कम अपना व्यक्तिगत हिसाब दे
दीजिए तब दूसरों पर आरोप लगाइए
आपने कोविड के दौरान इस पूरे देश से पूरे
मुल्क से पैसा
मांगा और लोगों ने पैसा इस मुल्क के लिए
दिया अपनी भलाई के लिए इस देश की जनता के
लिए भलाई के लिए दिया मुह दिखाई नहीं दिया
था लोगों
ने किसी से आपने यह नहीं कहा था कि मेरा
चेहरा बहुत सुंदर है मुझ पैसा दो किसी ने
मु नहीं मुह दिखाई नहीं दे थी आपको पीएम
केयर फंड में पैसा इस देश की जनता की भलाई
के लिए दिया गया था आप उस पैसे का हिसाब
क्यों नहीं
देते दूसरों का भ्रष्टाचार आपको दिखता है
दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा सकते
हैं और यदि दूसरों ने भ्रष्टाचार किया तो
ढ़ सालों में ूजी घोटाले का इतना बड़ा
बवंडर खड़ा किया गया सब रिहा कैसे हो गए
सब बड़ी कैसे हो गए आपने गांधी परिवार पर
तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगाए अब तक कोई
भ्रष्टाचार साबित क्यों नहीं हुआ राहुल
गांधी को आपने पचास घंटे बैठाकर पूछताछ की
कोई पकड़ा कोई सबूत मिला कोई सजा मिली कुई
सिद्ध हुआ सोनिया गांधी को आपने घंटों
घंटों बिठाकर पूछताछ की क्या
मिला उसी परिवार के दामाद को रॉबर्ट वाडरा
को यही बीजेपी के लोग राष्ट्रीय दमाद कहा
करते थे परम भ्रष्टाचारी कहा करते थे और
वही भाजपा की सरकार अदालत में जाकर कहती
है कि रोबर्ट वाडरा ने जमीन खरीद के मामले
में कोई झोलझाल नहीं किया कोई गड़बड़ी
नहीं की सब कुछ सही है दो तरफा गेम सबूत
कुछ भी नहीं है खाली बदनाम करने का साधन
शासन साधन है संसाधन है गोदी मीडिया है
आईटी सेल है तो किसी पर भी कोई भी आरोप
लगाकर बदनाम कर दो कन्हैया कुमार को
आतंकवादी घोषित कर
दो कितने साल हो गए कन्हैया कुमार पर
आतंकवाद का आरोप लगाए हुए कितने साल हो
गए यदि वह आतंकवादी है यदि कन्हैया कुमार
आतंकवादी है तो आप इतने सालों से छोड़कर
क्यों रखे क्या यह आपकी नपुंसकता नहीं है
क्या यह आपकी कमजोरी नहीं है यदि कन्हैया
कुमार इस देश के लिए घातक है तो आपने उस
व्यक्ति को अब तक फांसी पर क्यों नहीं
चढ़ाया कितना झूठ बोलेंगे कितना बरगला
एंगे देश को आपके इस गोदी मीडिया ने
कन्हैया कुमार को और उन जैसे तमाम जैन के
छात्रों को देशद्रोही कहा आतंकवादी कहा
जेनयू को आतंकवाद का अड्डा
कहा कितनों को सजा
मिली और जिनको आपने बाद में जेल में उठाकर
डाला आप उन्हें जमानत तक नहीं मिलने देते
यह सीधा सधा आरोप है उनके परिवारों का
आरोप है सबका कहना है कि यह राजनीतिक वजह
से उनको उनकी सुनवाई बारबार टल जाती है
तो किसको ज्ञान दिया जा रहा है भ्रष्टाचार
काला धन दूसरों का छोड़िए आप पहले पीएम
केयर फंड का हिसाब दे दीजिए लोग संतोष कर
लेंगे मान जाएंगे कि आप ईमानदार है आप सभी
दर्शकों से अनुरोध वीडियो को लाइक कर
दीजिए लाइक कर दीजिए लाइक करने से वीडियो
ज्यादा ज्यादा लोगों तक पहुंचती है और
आपकी आवाज मजबूत होती है आपकी आवाज मजबूत
होती
है तो सवाल यह है कि पीएम केयर पर हिसाब
कब देंगे अगली बात है महंगाई की यदि किसी
स्वतंत्र पत्रकार से सामना हो जाए और
महंगाई की बात छेड़ तो सवाल उठेगा कि आप
तो बहुत कम दाम में डीजल पेट्रोल दिया कर
देने का वादा कर रहे थे बहुत हुई महंगाई
की मार बहुत हुई डीजल पेट्रोल की मार अबकी
बार फलनवा सरकार फलनवा सरकार साढ़े साल से
चल रही है फलनवा सरकार ने क्या किया 5 6
रप वाला डीजल पेट्रोल 100 के पार कर दिया
वहवा फलनवा सरकार कितनी बढ़िया फलनवा
सरकार इसी तरह से आपने बेरोजगारी पर हर
साल दो करोड़ रोजगार देने की बात की
थी एक वक्त में आप मनरेगा का मजाक उड़ाया
करते थे बाद में आपने मनरेगा में सबसे
ज्यादा पैसा दिया और अब स्थिति यह हो गई
है कि मनरेगा में लोग काम करके महीनों
महीनों बैठे रहते हैं पैसा नहीं मिल रहा
है काम भी नहीं मिल रहा है काम भी बहुत कम
मिल रहा है बहुत सारे लोगों को बिल्कुल
नहीं मिल रहा है और जिनको काम मिल रहा है
उनको पैसा नहीं मिल रहा है कहां तो दो
करोड़ रोजगार देने की बात थी तमाम रिपोर्ट
बताती है कि 4 साल की रिकॉर्ड बेरोजगारी
भारत में अभी पुणा में या गोवा में एक पद
किसी कंपनी में एक पद निकला था वहां पर
3000 से अधिक लोग पहुंच गए एक सीट के लिए
भीड़ लग गई लाइन लग
गई तो जब बेरोजगारी पर ज्ञान लेंगे तो
सवाल होगा कि आकड़े क्या बता रहे हैं जगह
जगह नौजवान पकोड़ा तल रहे पकोड़ा तल के
विरोध दर्ज करा रहे
हैं इसके बाद आप विकास की बात करते हैं जब
पेंगे तो सवाल यह होगा कि ठीक है आपने
एयरपोर्ट बना
दिया हजारों करोड़ का एयरपोर्ट बनाया और
कुछ स करोड़ में उसको किसी को बेज दिया या
फिर कह लीजिए दान कर
दिया यही विकास का मॉडल है देश की जनता के
पैसा से आप कुछ बनाए और बाद में उसको किसी
को सौप दे और अपना बनाया हुआ सौपे तो बात
समझ में आ है पुरानी सरकारों का बनाया हुआ
भी आप अपने साथी मित्रों को सपते जा रहे
हैं क्या यह विकास का मॉडल कहा जा सकता है
राष्ट्रवाद पर खूब ज्ञान ठेल हैं इनके
जितने भी लोग हैं गोदी मीडिया से लेकर
तमाम लोग राष्ट्रवाद
राष्ट्रवाद इतना बड़ा राष्ट्रवाद है कि
चीन कथित तौर पर हजारों किलोमीटर वर्ग
वर्ग किलोमीटर की जमीन भारत की कब्जा कर
बैठा है हिम्मत नहीं होती कि चीन का नाम
जबान से निकाल दे हमारे देश के 20 जवान
शहीद हो गए चीन की वजह
से एक शब्द इनकी जबान से से एक बार चीन का
नाम तक नहीं
निकला कारवाही करना तो बहुत दूर की बात है
कहां तो लाल लाल आंखें दिखाने की बात कहा
करते थे मेजर शैतान सिंह का स्मारक तोड़वा
दिया
गया जिस व्यक्ति ने इस देश की आन बान सान
को रखा था उसका स्मारक तोड़वा दिया गया और
बात करते हैं राष्ट्रवाद की पा साल पूरे
हो गए पुलवामा अटैक को हमारे 40 जवान शहीद
हुए 40 जवान किसकी वजह से मरे किसी को पता
नहीं कोई जांच नहीं कोई कारवाही नहीं किसी
को सजा नहीं
मिली बात करते हैं राष्ट्रवाद की यदि कोई
स्वतंत्र पत्रकार सामने पड़ जाएगा तो
पूछेगा कि सत्यपाल मलिक ने आपकी सरकार पर
आरोप लगाया आपके गृह मंत्रालय पर आरोप
लगाया कहा कि आपकी लापरवाही की वजह से 40
जवानों की सहादत हुई तो क्या जवाब देंगे
ऐसे लड़ जाएंगे और कहने लगे हा हा हम तो
चाहते हैं कि चर्चा हो हम तो चाहते हैं कि
जांच सही बोलेंगे जबान लड़खड़ा जाएगी
क्योंकि जवाब है नहीं
डरा हुआ आदमी जवाब नहीं देता है जिसके मन
में चोर होता है वह जवाब कहां से देगा
जवाब है ही नहीं जो सारा कर्म करके बैठा
है वह जवाब कहां से
देगा बात करते हैं मंदिर और धर्म की अभी
सवाल यह है कि किसी धर्म का जो मुखिया
होता है जो प्रधानमंत्री कहा जाता है किसी
धर्म का उनसे भी बड़े आप हो
गए शंकराचार्य की बात आप नहीं
मानते आपने अपने आप को सबसे बड़ा कर दिया
अ भक्तो ने आपको ही शंकराचार्य घोषित कर
दिया जब यह सवाल होगा तो क्या जवाब
देंगे क्या जवाब देंगे
बताइए लोकतंत्र की बात करते हैं खूब
लोकतंत्र की दुहाई पिछले दिनों भी दे रहे
थे संसद में लगातार लोकतंत्र का कैसे
बंटाधार होता है अभी चंडीगढ़ में जो हुआ
जो एक लोकतंत्र का हत्यारा सीसीटीवी में
कैद हो गया उसे भी आपने देखा किस तरीके से
सरेआम वीडियो उसके सामने है कि कैसे
विपक्ष के वोटों को खराब कर रहा
और जिस वक्त में देश के संसद से ढ स के
आसपास सांसद एक साथ निलंबित कर दिए गए हो
जिसकी सत्ता में जिसकी सत्ता के दौरान वह
व्यक्ति लोकतंत्र की दुहाई दे सकता है किस
जबान से किस नैतिकता से देगा किस किस जबान
से आप कहेंगे कि आप लोकतंत्र को बचाना
चाहते हैं लोकतंत्र का बंटाधार करने वाला
ही लोकतंत्र की दुहाई देता है अब यदि कोई
सामने दो चार उदाहरण रखने वाला होगा य
चंडीगढ़ वाली बात रखने वाला होता तो
प्रधानमंत्री क्या बोल पाते क्या बोलेंगे
क्या जवाब दे पाएंगे इसीलिए पत्रकारों से
भागते हैं जब भी होता है हर एक बहस में हर
एक भाषण में नेहरू याद आ जाते हैं पंडित
नेहरू आप सभी को याद दिला दे वीडियो को
लाइक कर दीजिए पंडित नेहरू याद आ जाते हैं
जम्मू कश्मीर की सारी समस्या के लिए पंडित
नेहरू जिम्मेदार है उनकी एक गलती से पूरा
का पूरा देश परेशान रहता है और आपने कुछ
साल पहले जो किया धारा 370 में बदलाव
करके उसके बाद आपने जो वादा किया
था उसका क्या लद्दाख में जो हजारों की
भीड़ सड़कों पर उमड़ रही
है पूर्ण राज्य बनाने की मांग कर रही है
अलग अलग मांग है उनकी आपने वादा किया था
उसका क्या उसका क्या आपने कुछ साल पहले जो
किया और जब यह देश आजाद हुआ था तब इस देश
की संरचना भी नहीं कोई स्वरूप नहीं था यह
देश इस स्थिति में नहीं था
आज दशकों बाद आप उन पर सवाल उठाते हैं आज
की परिस्थिति आपके संभाल संभालने में नहीं
आती चीन घुसा रहा है आप संभाल नहीं पा रहे
आसपास के जितने भी देश है सबसे आपने संबंध
खराब कर दिया भारत का किसी से भी बेहतर
संबंध नहीं
है जो नेपाल जो नेपाल कभी आंख दिखाने की
हैसियत नहीं रखता था व गुरता है
मालदीव जो ज्यादातर भारत पर ही निर्भर है
वो भी आंखें दिखा रहा है उसने साफ साफ कह
दिया कि अपने कटाओ यहां से वो चीन की शरण
में चला गया श्रीलंका भी चला गया
पाकिस्तान पहले से है और बात करते
हैं सामरिक स्थिति मजबूत करने की ऐसे
सामरिक स्थिति मजबूत होती है किसी एक
पड़ोसी देश का नाम बता सकते हैं जिससे
संबंध अच्छा हुआ हो अब यदि कोई पत्रकार
यही सवाल पूछ लेगा कि जितने भी पड़ोसी देश
है उनमें से कौन सा ऐसा देश है जिससे आपका
संबंध अच्छा आपने
किया जिनसे संबंध बहुत अच्छे थे उन संबंध
को भी खराब कर दिया उसका सबसे बढ़िया
उदाहरण मालदीव
है मालदीव हमारे भारत के ऊपर काफी हद तक
निर्भर करता है बहुत सारी ऐसी चीजें हैं
जो उसको भारत के अलावा कोई नहीं दे सकता
क्योंकि आसपास कोई देश है ही नहीं
सक्षम फिर भी फिर भी वह गुरा रहा है फिर
भी वह चीन के शरण में चला गया और भारत रोक
नहीं
पाया बातें बड़ी बड़ी
है बातें वही है
कि करया मेरी घर खटिया
ना तो सवाल ये है कि जब इतने सारे सवाल है
इतने सारे मुद्दे
हैं जिन पर इनके पास जवाब नहीं है बिल्कुल
जवाब नहीं है सारा फोकस प्रोपेगेंडा से चल
रहा है झूठ और प्रोपेगेंडा से गोदी मीडिया
के सकड़ झंडी पालकर रखे गए हैं उनको भर भर
के पैसा दिया जाता है वो अपना दिन रात
प्रचार करते हैं सवालो वो सवाल पूछेंगे
नहीं जो सवाल पूने वाले हैं जिनकी पहुंच
जनता तक है वह सवाल पूछेंगे नहीं वह अपने
कब्जे में है वह दलाली करेंगे और जो सवाल
पूछने वाले हैं उनको बदनाम किया जाएगा
उनके यहां जाएंगे
नहीं साढ़े साल सत्ता में रहने के बाद यदि
अब भी कभी सपने में भी हिम्मत हो जाए तो
किसी स्वतंत्र पत्रकार को बुलाकर इंटरव्यू
दे
दे समझ में आ जाएगा क्या है 56 इंच की
हकीकत और समझना क्या है संसद में समझ में
आ गया परिवारवाद के एक मुद्दे पर जो पिछले
कई सालों से रट्टू तोता की तरह बोला जा
रहा है उस मुद्दे पर जवाब नहीं दे पाए
लड़खड़ा गए हम तो चाहते हैं चर्चा होनी
चाहिए चर्चा
करिए बीजेपी के भीतर किससे चर्चा करने की
जरूरत है कम से कम वही सुधार कर लीजिए और
बीजेपी के भीतर भी मत करिए आपके सबसे
घनिष्ट साथी गृहमंत्री अमित शाह जी है
वहीं से शुरुआत कर दीजिए उनसे कह दीजिए
अपने बेटे को घर बिठा क दो जो काबिलियत है
वो नौकरी करे
जाके हमारी सरकार इतनी सारी नौकरिया बाट
रही है क
दीजिए लप झस क्या होता है धन्यवाद
धन्यवाद स्किन केयर डर्मा से स्किन केयर
क्लिनिक से धन्यवाद आप सभी दर्शकों का मैं
शुक्रिया अदा करता हूं 13 लाख सब्सक्राइबर
हमारे पूरे हुए 13 लाख का परिवार लोकहित
इंडिया का हुआ इस अवसर पर आप सभी का बहुत
बहुत धन्यवाद लगे लाइक कर दीजिए
तो
हमारे किसी दर्शक ने पूछा है य लप झस क्या
होता है लपस का मतलब होता है कि बिना जमीन
वाला व्यक्ति जिसकी बिना जमीन और बिना
जमीर वाला व्यक्ति जिसकी बातों का कोई
आधार ना हो जो खुद को एकदम गैर जिम्मेदार
साबित कर चुका हो जो कुछ भी बोलता हो कुछ
भी जैसे 2000 की नोट में ननो
चिप क्या 2000 की नोट में ननो चिप मिली
नहीं मिली
फलाना जिहाद फलाना जिहाद जमीन जिहाद लैंड
जिहाद पता नहीं कौन कौन
जिहाद इन बातों का कोई आधार मिला कोई आधार
नहीं इसी को कहते हैं लप झंडी सई यह
वाराणसी का शब्द है बनारस का वही बनारस
जहां से प्रधानमंत्री जी सांसद है दोदो
बार सांसद रहे जिस बनारस ने उनको
प्रधानमंत्री पद पर पहुंचाया सांसद बनाकर
उसी बनारस का शब्द
है उसी को कहा जाता है झ और य जो लपस की
फौज है वो आए दिन झूठ परोस है कुछ भी कुछ
भी जैसे नाले में पाइप डाल के गैस
तो हम लोग बात य कर रहे थे कि आखिर क्यों
प्रधानमंत्री जी प्रेस कान्फ्रेंस नहीं
करते इंटरव्यू नहीं देते किसी स्वतंत्र
पत्रकार के से के सवाल नहीं लेते अब बात
कर लेते हैं राहुल गांधी की अच्छा राहुल
गांधी से
पहले अभी लोकतंत्र की दुहाई भी दे रहे थे
प्रधानमंत्री जी में आपने चंडीगढ़ का केस
देखा चंडीगढ़ में किस तरीके
से बीजेपी का एक आदमी बीजेपी का एक
आदमी अधिकारी बनाकर बैठाया गया था उसने
विपक्ष के तमाम वोटों को खराब कर दिया और
सुप्रीम कोर्ट में जब मामला गया तो चीफ
जस्टिस ने फटकार लगाई किय लोकतंत्र की
हत्या है अपने उस अधिकारी से बोलिए कि
सुप्रीम कोर्ट सब कुछ देख रहा है हम सब
कुछ देख रहे हैं ऐसे नहीं चलेगा य
लोकतंत्र की हत्या हुई यह सुप्रीम कोर्ट
के चीफ जस्टिस ने
कहा तो लोक व कबा तो आपने देखा कबाड़ा आप
साढ़े साल से देख रहे हैं अलग अलग राज्यों
में किस तरीके से सरकार गिराई जा रही है
किस तरीके से विधायकों की खरीद फर होती है
किस तरीके से विधायको को ले जाकर कभी इस
रेस्टोरा में रिजॉर्ट में तो कभी उस होटल
में ठहराया जाता है गाड़ियों में भर भर के
विधायक ना हुए कुत्ता बिल्ली हो गए भेड़
बकरी हो गए मुर्गी मुर्गा हो गए भर भर के
ले जाओ ूस टूस के खरीदो
बेचो ऐसे ऐसे कारनामे आपने देखे लोकतंत्र
का बंड आधार कैसे होता है सब आपने देखा और
अब अब खबर आई
है महाराष्ट्र से महाराष्ट्र में भी कैसे
वहां की दो स्थानीय पार्टियों को तोड़
दिया गया यह भी आपने देखा दोदो स्थानीय
पार्टियों को तोड़ दिया गया शिवसेना और
एनसीपी और अब खबर आई है कि जो अजीत गुट था
अजीत पवार उस एनसीपी के नेता जिस एनसीपी
पर 700 हज करोड़ के घोटाले का आरोप खुद
प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में भाषण देते
हुए लगा रहे थे चार दिन बाद उसी अजीत पवार
को उठा उप मुख्यमंत्री बना दिया और उनके
साथ तमाम नेताओं को बड़े-बड़े मंत्रालय
सौंप दिए अब पार्टी भी यानी एनसीपी का
एनसीपी जो पार्टी थी वो एनसीपी पार्टी भी
अजीत पवार को चुनाव आयोग ने सौंप दिया है
लेकिन चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष है एकदम
निष्पक्ष कोई सवाल नहीं उठाएगा कोई सवाल
नहीं उठाएगा चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष है
और उ उसने एकदम निष्पक्षता से विधायकों की
संख्या के दम पर अजीत पवार के गुट को असली
एनसीपी मान लिया है जिस तरीके से असली
शिवसेना सिंद गुट को मान लिया गया उसी
तरीके से यहां पर भी खेला हो
गया लोकतंत्र को मजबूत किस तरीके से किया
जाता है इन तमाम उदाहरण से देखते समझते
जाइए महाराष्ट्र की दोनों स्थानीय
पार्टियों को तोड़फोड़ कर छिन्न भिन्न कर
दिया
गया किसके दम पर पैसे के दम पर ईडी सीबीआई
के दम पर किसके दम पर हुआ आप सवाल पूछते
रहिए जवाब भी आप सबको मालूम है
आर के राजा लपस की परिभाषा समझाने के लिए
धन्यवाद बहुत समय सोच रहा था किय क्या
होता है अच्छा ऐसा लगता है कि आप लोग नए
दर्शक है हालाकि पिछले सालों में मैंने
लगातार बताया है कि लपस का मतलब क्या होता
है लप झस का मतलब वो टपोरी टाइप का
घुमक्कड़ आदमी जिसकी बातों का कोई आधार ना
हो जो कभी भी कुछ भी बोलता रहे कुछ भी
बोलता हो कुछ भी तो महाराष्ट्र में किस
तरीके से लोकतंत्र मजबूत किया गया है यह
भी आपने देख लिया चुनाव आयोग एकदम
निष्पक्ष है एकदम अच्छा एक बात और
प्रधानमंत्री जी सदर में फिर से 400 का
नारा दे रहे थे 400 सीट हमारा गठबंधन
जीतेगा 370 तो अकेले बीजेपी जीतेगी
सवाल यह है कि यदि आप जीत ही रहे हैं तो
बिहार में कभी झारखंड में कभी पश्चिम
बंगाल में इतना तिकड़म करने की क्या जरूरत
है यदि आपको भरोसा है कि जनता हमको जिता
ही रही है तो फिर ईवीएम को सर प लेकर
चुनाव आयोग क्यों ढो रहा है क्यों नहीं कह
देते कि मैं जीत रहा हूं मैं पेपर बैलेट
से चुनाव कराऊंगा
लोग कह रहे हैं कि हम चाहते हैं कि
प्रधानमंत्री जी ईवीएम से नहीं बलेट पेपर
से चुनकर तीसरी बार प्रधानमंत्री बने क्या
यह संभव है क्या प्रधानमंत्री जी य बात
कहेंगे यदि जीत का इतना
ही निश्चय है उनकी जीत और संजय राउत है
शिवसेना के
नेता माफ करिएगा आरजेडी के सांसद है मनोज
झा उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति इस तरह
से संख्या तभी बता सकता है जब उसको मालूम
हो कि मशीन में सेटिंग हो गई है यानी
व्यवस्था
है आप खुद ही सोचिए क्या कभी कोई भी छात्र
कोई भी छात्र जो पढ़ाई करता है वह गली में
मोहल्ले में घूम घूम कर चिल्लाता है मैं
फर्स्ट क्लास पास हो जाऊंगा मैं 70 पर
लाऊंगा 60 पर लाऊंगा क्या आपने कभी सुना
है किसी पढ़ने वाले पढ़ाकू छात्र
को हा जिसकी परीक्षा में सेटिंग हो जिसको
पता हो कि कॉलेज में जो ड्यूटी करेगा
परीक्षा हल में वो मेरा आदमी है तो हमारे
चाचा है हमारे भैया
है तो वो जरूर घूम घूम कर डोरा पीट सकता
है वह चिल्ला सकता है कि अरे मैं तो पास
हो रहा हूं मुझे कौन रोकने वाला है वह
जरूर कर सकता है तो सवाल यह है कि क्या
सेटिंग हो चुकी है कि हम इतना सीट जीत कर
आएंगे पहले से पता है और जब पता है तो
इतना ताम क्यों कर रहे हैं क्यों इधर इधर
वहां सरकारों को गिराना वहां मुख्यमंत्री
को जेल भेजना
यह सारे कांड क्यों हो रहे
हैं हा चुनाव चुनाव आयोग एकदम ईमानदार
है किसी भी संवैधानिक सवाल पर संस्था पर
एकदम सवाल मत उठाइए सब एकदम ईमानदारी से
काम कर रहे हैं देश के प्रधानमंत्री और
भारतीय जनता पार्टी की सरकार लोकतंत्र को
एकदम दिल जान से मजबूत करना चाहती है
चाहती है कि उसको उसकी खूब आलोचना हो
प्रधानमंत्री जी हर चाहते हैं इसीलिए को
निकाल कर बाहर फेंक दिया जाता है
प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश भर के
पत्रकार उनसे खूब सवाल पूछे इसीलिए पूरे
मीडिया को गोदी मीडिया में बदल दिया गया
इसीलिए सोशल मीडिया पर जो लोग आवाज उठा
रहे हैं सोशल मीडिया की जो पहुंच जनता तक
बढ़ रही है उससे घबराए हुए हैं इसीलिए
सोशल मीडिया पर अलग अलग तरीके से पाबंदी
लगाई जा रही है प्रधानमंत्री जी चाहते हैं
कि चुनाव एकदम निष्पक्ष हो जनता के वोटों
की कोई घपले बाजी ना रहे जनता के मन में
कोई संदेह ना रहे इसीलिए इसीलिए ईवीएम को
सर पर लेकर ढोया जा रहा है इसीलिए चुनाव
आयोग पिछले छ महीने से 28 राजनीतिक दलों
को देश के सबसे बड़े और सबसे पुराने
राजनीतिक दलों को भी उनके नेताओं को मिलने
का समय नहीं दे रहा है इसलिए लोकतंत्र में
उनका भरोसा जो है लोकतंत्र को मजबूत जो
करना चाहते
हैं प्रधानमंत्री के तमाम ऐसे भाषण मिल
जाएंगे जिसम जिनम व लगातार गलतिया करते
हैं बहुत सारे अना सना शब्द बोल देते हैं
एक उनका भाषण बड़ा वायरल होता है ल भोज
कोई संस्कृत का कोई श्लोक बोल रहे थे लड़
भोज बोल दिए यह कौन सा शब्द है इस शब्द का
क्या मतलब होता है इस तरीके की तमाम बातें
जो बोलचाल में गलत निकल जाती है बहुत सारी
चीज निकल जाती है किसी की भी जबान से
हमारी हम भी कंटिन्यू बोलते हैं लगातार
बोलते हैं तो कभी कभी ऊपर नीचे हो जाता है
यह हो सकता है लेकिन अब तक मतलब 10 साल से
पहले इन चीजों को पर फोकस नहीं किया जाता
था यह सामान्य चीज
थी लेकिन पिछले 10 साल में राजनीति का जो
स्तर गिराया गया है ट्रोल करने की जो
ट्रोल आर्मी बनाई गई है गाली बाजों का जो
संगठन बना है लुचे लफंग का जो ग्रुप बनाया
गया है उसने किसीसी की भी बातों को तोड़
मरोड़ कर प्रस्तुत करना शुरू कर दिया
प्रधानमंत्री मोदी की बातों को राहुल
गांधी के सर पर चिपका दिया गया और आलू से
सोना निकालने वाली बात कह दी गई इसी तरह
से अभी भारत जोड़ न्याय यात्रा में कोई
व्यक्ति अपना कुत्ता लेकर गया था राहुल
गांधी से से मिलवाने राहुल गांधी उसे
बिस्किट खिला रहे
थे और जो बिस्किट वो खिला रहे थे कुत्ते
को वही बिस्किट उन्होंने सामने खड़े एक
व्यक्ति को पकड़ा दिया ये छोटा सा वीडियो
क्लिप लेकर लगातार दो दिन से उसको वायरल
किया जा रहा है बीजेपी आईटी सेल का जो
मुखिया है अमित मालवी झूठों का
सौदागर झूठ का सौदागर झूठ का सबसे बड़ा
सप्लायर वो लगातार उसको शेयर कर रहा है कि
देखो देखो जो कुत्ते को जो बिस्किट खिला
रहे थे वही बिस्किट जो
है इन्होंने उठाकर दे दिया एक कार्यकर्ता
को इतना उसको प्रसारित किया गया इतना
फैलाया गया कि राहुल गांधी ने जब प्रेस
कॉन्फ्रेंस शुरू की तो उनसे किसी ने पूछ
दिया कि बिस्किट वाला मामला तो उन्होंने
कहा कि अरे भाई जिसका वो डॉगी था जिसका
कुत्ता
था मैंने उसको बिस्किट खिलाया तो वो नहीं
खाया तो इसलिए मैंने वो बिस्किट कुत्ते के
मालिक को पकड़ा दिया कि लो भाई तुम खिला
देना
मगर चूंकि आपको पता है कि यह सारा गैंग
सिर्फ और सिर्फ विपक्ष को टारगेट करने के
लिए और बदनाम करने के लिए बना है तो वह
अपना काम कर रहा है वह अपनी ड्यूटी कर रहा
है बाकी लोकतंत्र को प्रधानमंत्री और उनकी
पार्टी भरपूर मजबूत करना चाहती है इसीलिए
तमाम जांच एजेंसिया एकदम ईमानदारी से काम
कर रही है इसीलिए तमाम न्यायपालिका की
व्यवस्था एकदम ईमानदारी से काम कर रही है
इसीलिए जेएनयू के तमाम विद्यार्थी को
सालों से उसम उमर खालिद है उनमें और भी
बहुत सारे नाम है उन्हें सालों से जेल में
रखा गया है जमानत तक नहीं मिल रही
है अदालत इतनी ईमानदार है कि मोदी सरनेम
को लेकर एक टिप्पणी राहुल गांधी ने कर दी
क दिया कि नीरव मोदी ललित मोदी जैसे जितने
भी है यह सारे मोदी देश का पैसा लेकर भाग
क्यों रहे हैं यह सब चोर क्यों है तो
राहुल गांधी को इतिहास की सबसे बड़ी सजा
दे दी गई दो साल की अधिकतम सजा अधिकतम सजा
जो होती है वो मिल गई
न्यायपालिका बहुत ईमानदार है
इसीलिए न्यायपालिका इतनी ईमानदार है कि
विपक्ष के मामले सालों साल टल रहते हैं
इलेक्टोरल बांड का मामला हो चुका है फैसला
सुरक्षित
है यह ईमानदारी का ही प्रमाण है तमाम जांच
एजेंसिया एकदम ईमानदारी से काम कर रही है
इसीलिए खाली विपक्ष के यहां छापेमारी होती
है इसीलिए छापे मरिया खूब होती है मामले
खूब बनाए जाते हैं लेकिन जैसे ही कोई नेता
विपक्ष का नेता बीजेपी में शामिल हो जाता
है साफ पाक हो जाता है उसके डग में
ऑटोमेटिक हरिश्चंद्र का खून दौड़ने लगता
है सन सन एकदम ईमानदार हो जाता
है तो सारी जांच एजेंसिया भी एकम ईमानदारी
से काम कर रही
है धन्यवाद बिग एडवेंचर हिंदी धन्यवाद इ
नॉट टाइप ऑफ सोल टू गिव डॉग बिस्किट टू
मेन सीमा देवी जी नमस्ते कैसी है आप सभी
दर्शकों
का जुड़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद इच्छा
सबसे महत्वपूर्ण अपील मैं आपसे करना चाहता
हूं पिछली वीडियो में मैंने की है लेकिन व
वीडियो न जाने क्यों बहुत कम लोगों तक
पहुंच रही है मैं कारण नहीं जानता और यह
भी आरोप नहीं लगा सकता कि किसकी वजह से
नहीं जा रही है अपील यह है कि आप सब जानते
हैं पूरे देश में लगातार नफरत की बयार
बहाई जा रही है लगातार नफरत का प्रसार
किया जा रहा है तो ऐसे में हमारी आपकी
जिम्मेदारी क्या है हम और आप क्या करें
हमारे पास गोदी मीडिया का लकर नहीं है
हमारे पास हजारों करोड़ की संपत्ति नहीं
है हमारे पास बड़ा बड़ा टीवी चैनल नहीं है
हमारे पास गुरुग की फौज नहीं है नफरत
फैलाने वाले जितने ताकतवर हैं हम उतने
नहीं है लेकिन हमारे पास आपकी ताकत है
हमारे पास जनता की ताकत है और जनता से
ताकतवर कोई नहीं होता तो जब एक तरफ से
लगातार नफरत की बयार बहाई जा तो हमारी और
आपकी जिम्मेदारी बनती है कि उस नफरत की
बयार पर उस नफरत की आग पर मोहब्बत का पानी
फेरा जाए तो आइए हम सब मिलकर एक छो छोटा
सा प्रयास कर दिनों हमने प्रयास किया था
15 अगस्त के वक्त में तमाम हजारों
तस्वीरें हमारे पास आई थी जहां पर हिंदू
मुस्लिम सिख और तमाम धर्मों के लोग एक
दूसरे से हाथ मिलाते हुए तिरंगा लेकर फोटो
हम हमें भेजते थे और बहुत सारी तस्वीरें
हमने आपको अपनी वीडियोस के माध्यम से
दिखाई इस बार फिर से हम यह मुहिम चला रहे
हैं कि आपके जानने वाले में आपके पड़ोस
में आपकी दोस्ती में आपके आसपास जिनसे भी
आपका संबंध है
जो भी अलग धर्म के लोग हैं हिंदू मुस्लिम
सिख ईसाई जैन बौद्ध जो भी है उनके साथ
उनसे गले मिलते हुए तस्वीर
लीजिए सेल्फी खींचिए और हमें भेजिए दोनों
का नाम भेजिए दो से अधिक है तो सबका नाम
भेजिए हम लगातार वीडियोस में आपकी
तस्वीरें दिखाएंगे और दिखाएंगे कि असली
भारत क्या है असली
भारत असली भारत की तस्वीर हम असली भारत की
तस्वीर असली भारत को दिखाना चाहते
हैं इससे आप में से बहुत सारे लोग कह सकते
हैं कि इससे क्या होगा इससे होगा यह कि जो
नफरत की बयार एक तरफा बहाई जा रही है
उसमें कमी आएगी उसको जवाब मिलेगा इस देश
की जनता जवाब दे तो कैसे आप जानते हैं
मोहल्ले में अगर सैकड़ों लोग है उसमें से
10 उचक्के हैं तो 10 उचक्के सड़क पर
निकलकर चिल्लाते हैं तो उन 10 उ चको की
आवाज पूरे मोहल्ले में गूंजती है और पूरे
मोहल्ले को लगता है कि उ चक्के बड़े मजबूत
है जबकि असलियत यह है कि उ चक्को की
संख्या बहुत कम है नफरत बाजों की संख्या
बहुत कम है जिस दिन इस देश की जनता सामने
आ जाएगी यह उचक्के कब रफ उ चक्कर हो
जाएंगे पता भी नहीं चलेगा तो आप सबसे
अनुरोध यह है कि अपने अलग धर्म के साथियों
से मित्रों से जानने वालों से गले मिलिए
और गले लगाकर तस्वीर हमें भेजिए असली भारत
हैग असली भारत असली भारत की तस्वीर पूरे
देश और पूरी दुनिया को दिखाने की आवश्यकता
है और इस वक्त में अगले दो ढाई महीने तक
नफरत की बयार और तेज बहाई जानी है यदि
आपने पिछला वीडियो नहीं देखा है तो उसे
देखिए उसमें तमाम हमने आपको ऐसे तथ्य
दिखाए हैं जिससे पता चलेगा कि आने वाले दो
तीन महीने इस देश के लिए बेहद
महत्त्वपूर्ण होने वाले हैं और पैनिक बटन
दबाई जा चुकी और उस पैनिक बटन का जवाब
होगा यह असली भारत की तस्वीर असली भारत की
तस्वीर लोगों को दिखाने के लिए हमने उस
वीडियो में एक
whatsapp-web
फिलहाल इतना ही रखते हैं शुभ रात्रि जय
हिंद

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