a एक एक बात सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे 🤐

मेरे बच्चे यदि तुम्हारी खूबसूरत आंखें
मेरे संदेश को पढ़ का रही हैं तो निश्चित
ही तुम एक परम सौभाग्यशाली बच्चे हो
क्योंकि आज मैं जो तुम्हें बताना चाहती
हूं वह तुम पूर्ण रूप से जान पाओगे

मेरे बच्चे इस पृथ्वी पर एक उद्देश्य के
लिए तुमने जन्म लिया है इस उद्देश्य को
तुम्हारे मध्य से मैं पूरा करना चाहती हूं
इस बात को तुम्हें मुख्य रूप से ज्ञात
होना चाहिए क्योंकि मेरे बच्चे तुम्हें जी
उद्देश्य के लिए मैंने इस पृथ्वी पर भेजो
है

वह उद्देश्य तुम्हें ही पूर्ण करना है
मेरे बच्चे एक ऐसी चीज है जो तुम्हें सब
में बांटना होगा इंसान से लेकर जानवर तक
फूल से लेकर पट्टी तक हर किसी में तुम्हें
एक चीज को

इस पृथ्वी के कण-कण में वह चीज है प्रेम
जो तुम्हारा मूल आधार है जी प्रकार जीवन
का मूल्य आधार धर्म है जैसे नेम के बिना
महल खड़ा नहीं किया जा सकता जड़ के बिना
पेड़ सुरक्षित नहीं

वैसे ही धर्म के बिना जीवन सुरक्षित नहीं
र सकता धर्म ही तुम्हारे जीवन की सुरक्षा
और रक्षा प्रधान करने वाला तत्व है धर्म
ही वह मध्य है जिससे जीवन का उधर और एक
सारे संकटों से मुक्ति दिलाती है

मेरे बच्चे सबसे पहले धर्म यही है की तुम
जीवन में सभी में प्रेम बांटो मेरे बच्चे
तुमने कभी सोचा है की जीवन में जब तुम
किसी से प्रेम करते हो तो सबसे ज्यादा
प्रसन्न क्यों होते हो क्योंकि सच तो यह
है मेरे बच्चे की वही तुम्हारा असली रूप
है

लेकिन यदि तुम किसी से क्रोध करना गुस्सा
नफरत करते हो तो तुम अपने हृदय के अंदर
स्वयं दुख को महसूस करते हो क्योंकि वह
तुम्हारी आत्मा के विपरीत कार्य है यदि
लगातार तुम किसी से क्रोध घृणा करते रहोगे
तो मेरे बच्चे तुम हमेशा स्वयं भी दुखी
रहोगे

क्योंकि लगातार तुम अपनी आत्मा के विपरीत
कार्य करते रहोगे तो तुम प्रसन्न नहीं र
पाओगे मेरे बच्चे यदि तुम स्वयं को आनंद
का अनुभव करना चाहते हो तो तुम सबसे प्रेम
करो

क्योंकि यही वह कार्य है जिसमें तुम्हारा
हृदय डब कर परम आनंद का अनुभव करता है
किसी भी जानवर को प्रेम करते हो या किसी
भी जानवर के समक्ष जाकर उसको रोटी रखकर
पानी रखकर तुम उसके समक्ष कुछ समय खड़े
रहते हो

लगातार यही कार्य तुम 10 दिन तक करो
तुम्हें प्रेम की शक्ति का अनुभव स्वयं ही
हो जाएगा तुम्हारे हृदय को ऐसा कार्य करने
से बहुत ज्यादा खुशी स्वयं प्राप्त होगी
और वह जानवर भी तुमसे प्रेम करने लगे

और यही इंसान के साथ इंसान का प्रेम होता
है जिसका अनुभव तुम्हें तभी प्राप्त होता
है जब तुम दूसरों को प्रेम देते हो और इस
के बदले तुम्हें भी स्वयं दूसरों से प्रेम
ही प्राप्त होता है
क्योंकि मेरे बच्चे इस संसार का नियम है
जो तुम दूसरों को देते हो बदले में वही
तुम्हें प्राप्त होता है

और जब तुम दूसरों से प्रेम प्राप्त करते
हो तब तुम्हें खुशी का अनुभव होता है
जब तुम बाल्यावस्था में रहते हो और कोई भी
तुम्हारे परिवार के बड़े सदस्य तुम्हें
गॉड में उठाकर तुम्हें खिलाने हैं तुम्हें
प्रेम करते हैं उसे प्रेम का अनुभव होता
है

उसे समय तुम्हें किया जान वाला निस्वार्थ
प्रेम होता है

और जानवर से भी तुम जो प्रेम से कुछ
खिलाने हो वह भी निस्वार्थ होता है यही
प्रेम सबसे महान और तुम्हारी मां को
प्रसन्नता का अनुभव करने वाला होता है

तुम अपने हृदय में प्रेम को बस लो क्योंकि
यही है जो तुम्हारे जीवन में खुशियां
बिखेर देती हैं

और सभी कासन को समाप्त कर देती है जैसे
जैसे तुम इसको जो स्वयं बढ़ते जाओगे वैसे
ही तुम्हारे जीवन में खुशियों की बरसात
होगी

और तुम खुशियों की बरसात में भीगी कर आनंद
का अनुभव प्राप्त करोगे और इसी उद्देश्य
के लिए मैंने केवल तुम्हें चुनाव है अब
तुम्हारे जीवन में सुनहरे दिन का आगमन
होने वाला है इतनी साड़ी खुशियां एक साथ
तुम्हें प्राप्त होने वाली

जो तुमने पहले कभी महसूस नहीं की होगी तुम
हैरान र जाओगे तुम्हारे लिए सब कुछ अचानक
दिव्या तरीके से होगा जिसे तुम भूल नहीं
पाओगे यह बहुत ही अद्भुत होने जा रहा है
मेरे बच्चे बस तुम सबसे प्रेम करना
प्रारंभ करो ऐसा करते ही

तुम्हारा जीवन पुरी तरह से बादल जाएगा मैं
तुम्हें वचन देती हूं मेरा आशीर्वाद सदा
तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की
प्रतीक्षा करना मैं फिर आऊंगी तुमसे मिलने
के लिए तुम्हारा कल्याण हो ओम नमः शिवाय
मेरे बच्चे यदि तुम मुझमें पर विश्वास

करते हो तो मेरे इस बात को जो बता रही हो
उसे ध्यानपूर्वक सुनो मैं बच्चन देती हूं
तुम्हारा घर खुशियों से भर दूंगी अच्छे
लोगों के साथ हमेशा अच्छा ही होता है
क्योंकि उनका हृदय स्वयं अच्छा होता है

इसलिए तुमको समझना बहुत जरूरी है वह समय
बहुत नजदीक है जी समय तुम एक ऐसी सुखद समय
में प्रवेश करने वाले हो जो सुख समय
तुम्हें आनंद से भर देगा जो खुशियों के

साथ मेरी हर खुशी का ख्याल रखते हुए अगर
तुम्हारा हृदय मेरी आजा का पालनपुर कर रहा
है और इसके साथ ही तुम केवल मेरी इस बात
को मानते हो तो तुम्हारे घर को आज मैं
खुशियों से भर दूंगी यह मैं तुम्हें बचत
देती हूं लेकिन तुम क्या इसको पुरी तरह

मां पाओगे जिसको मैं अब बताने वाली हूं
मेरे बच्चे अपने हृदय से ईमानदारी रखकर ही
तुम जवाब देना यदि तुम पुरी तरह से उसे
बात को मां पाव तो हां कहना क्योंकि कार्य
थोड़ा कठिन है लेकिन तुमको करना है
क्योंकि सरल कार्य तो कोई भी कर सकता है
लेकिन वही इंसान बड़ा होता है जो है

मुश्किल काम को कर पे जी प्रकार माता-पिता
अपने इस आज्ञाकारी बेटे से किसी भी कार्य
को करने के लिए कहते हैं जी बेटे पर उनको
पूरा भरोसा होता है वह उनकी आजा पर खर
उतरेगा इस प्रकार मुझे भी तुम पर पूर्ण
भरोसा है की तुम मेरी आजा पर खर उतरोगे और
जो मैं बताने जा रही हूं उसको तुम करोगे
तो करते ही निश्चित ही मैं तुम्हारे जीवन
में और तुम्हारे घर में खुशियां ही

खुशियां बिखेर दूंगी मेरे बच्चे
उतारना यह है की जब तुम रात्रि में सोते
हो उसे समय तुम्हें पूरे दिन की दिनचर्या
पर विचार करना है पूरे दिन में तुमने
कौन-कौन सा कार्य किया अर्थात सुबह से
लेकर पूरे दिन और रात्रि तक जो काम किया
है उसे पर बारीकी से विचार करो कहां अच्छा
काम किया है कहां तुमसे कोई गलती हुई है
या तुमने कोई नया कार्य प्रारंभ किया है
तो आज रात्रि से ही तुम्हें यह कार्य

प्रारंभ करना होगा जीवन में तीन बातें
सोते समय तुमको विचार करके सोना है पहले
बात यदि तुमने जीवन में आज एक अच्छा काम
किया है तो अपने मां को संतुष्टि दो और

कहो की हां तुमने एक नया और अच्छा काम
किया है दूसरा यदि तुम कोई गलती करते हो
तो कल सुबह प्रातः कल उठाते ही उसे गलती
पर विचार करके तुम आगे ऐसी गलती कभी नहीं
क्लिक करोगे उसका दृढ़ निश्चय लेना है

तीसरा तुमने आज पूरे दिन में गलती से भी
किसी का दिल तो नहीं दुखाया है या किसी का
अपमान नहीं किया या किसी को अपशब्द तो
नहीं बोले यदि ऐसा किया

अपने मां में लेकर आओ और उसे व्यक्ति से
माफी मैंगो अपने हृदय में बस लो की आगे
उसे व्यक्ति को कभी अपमानित नहीं करोगे
बल्कि किसी और व्यक्ति को भी कभी तुम्हारी
वजह से अपमान इतना होना पड़े ऐसा कोई
कार्य नहीं करोगे क्योंकि खुशियों को

प्राप्त करने के लिए मेरे बच्चे मेरी कहीं
हुई बटन को ध्यान से सुनकर अपने जीवन में
उतारना बहुत ही जरूरी है और इस बात को
समझना बहुत जरूरी है की यदि तुम किसी का
अपमान नहीं करोगे किसी का हृदय नहीं

दुखाओगे तो तुम उनके आशीर्वाद के साथ मेरा
आशीर्वाद प्राप्त करोगे यदि तुम अपनी
गलतियां को रोकने चले जाओगे तो निश्चित ही
अच्छाइयों की तरफ जाओगे हर काम प्रतिदिन
नया और अच्छा करोगे तो जीवन अपने आप मेरे
आशीर्वाद से खुशियों से भर जाएगा

धीरे-धीरे करके खुशियां आई चली जाएगी और
गम तुमसे दूर रहेगा यदि तुम खुशियों को
अपनी और आकर्षित करना चाहते हो तो तुम्हें
जो आज बताया है उसे करना ही होगा मेरे
बच्चे वह हर खुशी तुम्हें प्राप्त होगी जो
तुम चाहते हो सच्चाई तुम्हारे सामने है अब

चलना तुम्हें है मैंने तुम्हें बता दिया
है की रास्ता वह है पर चलना तुम्हें है जो
देखना सके उसे

सुनाना व्यर्थ है तुम जो देख रहे हो जो
सुन रहे हो और जो उम्र भर कर रहे हो वह
तुम्हारी आध्यात्मिक उन्नति का फल है
ऊर्जा के स्टार पर हो रहा है वह दूसरों को
भी ऐसा हो या आवश्यक तो नहीं है इसलिए
मेरे बच्चे जो आत्माएं अभी उसे देखने

समझना और सुनने में उन्हें सत्य का प्रकाश
दिखाने की कोशिश मत करो मेरे बच्चे तुम वह
दूसरों को अंधकार से प्रकाश में लाने का
कार्य करते हो जो मटका है वह स्वयं आएगा
तुम्हारे पास हुआ प्यास के पास नहीं जाता

प्यासा स्वयं पे को ढूंढ लेट है
भौतिकवादी संसार में मानव अपने भौतिक शरीर
को ही परब सत्य मां बैठा है जो तुम्हारे
अस्तव का करण मंत्र भी नहीं है जैसे तुम
जल को किसी पत्र में रखो वह इस रूप में
दिखाई देता है किंतु पत्र को ही जल का

देना यह उचित नहीं है यदि इस जल को धरती
पर बिखरे दो तभी जल का अपना अस्तित्व
रहेगा इसी प्रकार यह भौतिक शरीर तुम नहीं
हो बस यह एक अस्थाई पत्र है जिसमें
तुम्हारी परम चेतन आत्मा को धरण किया

लोग तुमसे कहेंगे आत्मा दिखाई नहीं देती
तो वह है ही नहीं तो उनका उत्तर उन्हें यह
देना निकॉन वास्तु है जो दिखाई नहीं देती
किंतु वह होती है केवल महसूस किया जा सकता
है जैसे भूख प्यास गर्माहट ठंडक पीड़ा ठीक
इसी प्रकार वह ऊर्जा है जो इस भौतिक शरीर
को चला रही है

जब तक आत्मा भौतिक पत्र में रहती है तब तक
तुम इसी शरीर को सत्यवंकर सब करते हो
किंतु यह शरीर को छोड़ती है
कोई भी सागा संबंधी

शरीर को नहीं रखना चाहता जो प्रियजन
तुम्हारी आत्माओं के रहने पर इस शरीर के
लिए साड़ी संपत्तियों लगाने को तैयार होते
हैं वह लोग उसे आत्मा के निकाल जान पर
शरीर के लिए कुछ नहीं देना चाहते यहां तक
कुछ दिन भी उसे शरीर के साथ नहीं र सकते

आत्मा रूपी ऊर्जा निकलते ही वह भौतिक शरीर
को ठिकाने लगा देते हैं अब तुम ही उत्तर
दो अस्तित्व किसका है शरीर का ये आत्मा का
मेरे बच्चे तुम जी मार्ग पर हो वह तुम्हें

परम सत्य की और ले जा रहा है इस अंतिम
सत्य को प्राप्त करना तुम्हारा अंतिम
लक्ष्य है मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ

जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि
तुम्हारे मां में उठाता हर समय यह प्रश्न
है की मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी
मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा

मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल
जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे
करण होता है करण अच्छा हो या बड़ा लेकिन
होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल
तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह करण
दिखाई देता है

ना ही तुम जानते हो की आगे तुम्हारे जीवन
में क्या होने वाला है तुम केवल यह देख
सकते हो वर्तमान में चल रही बटन को
जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उसे
समय के बड़े में तुम्हें ज्ञात होता है
लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना
बहुत जरूरी है

क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है
वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को अपने
के लिए और ना ही मां में इन प्रश्नों को
बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है की
उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है
मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है
की अभी तो मैं ऐसा सोच रहे हो की तुम्हारी
उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो
आज से पहले के समय को देखो और आज के समय
को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें
खुद ही ज्ञात हो जाएगा की तुम पहले से

कितना उन्नति कर चुके हो
बस फर्क इतना है की तुम आज जो चाहते हो
उसे चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त
नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी
बड़ी चीजों की आस कर लेते हो जो तुम्हारे
लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जी प्रकार एक

हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद भी
कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी
होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी
प्रकार यह जरूरी नहीं की तुम जो सोच रहे
हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी है की

तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम
परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले
और तुम्हारी उन्नति हो

तुम जी समय में हो उसे समय से अच्छे समय
में आते चले जो कभी कभी बड़ी उम्मीद भी
पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से वंचित
र जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती करते
हो सुनो मेरी बात को ध्यानपूर्वक आज जो
परिश्रम कर रहे हो
ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को
कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का
हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़
देना चाहिए की तुम्हारे जीवन में कब कहां
कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात
पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए की जो होगा वह
अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा होना
महत्व रखना है और इसके साथ ही यह भी करण
है तुम्हारी सोच हुई मंजिल पर शायद
तुम्हारी परिश्रम पुरी नहीं हो रही है
किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को पूर्ण
करने के लिए जी पर कार्य करना
जब तक प्रारंभ करते हो तो उसे पर इतना
परिश्रम करो की तुम्हें ऐसा आभास होने लगे
की इससे ज्यादा मैं और परिश्रम नहीं कर
सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना गम ना हो की
वह पिघलने ना लगे तब तुम उसे लोहे को कोई
भी आकर नहीं दे सकते हो
इसलिए पहले जी प्रकार लोहे को इतना ही गम
किया जाता है
[संगीत]
[संगीत]
मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुना तुम्हारे
हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि
किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों
की कमी तुम्हें उसे मंजिल से दूर ही रखती
है ना तो मुझे कुछ पूछने की जरूर है और ना
ही तुम्हें अपने मां को निरसा करने की
मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या
नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब
तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझे कुछ
पूछना चाहे तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई
आवाज ही मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत
कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे
बच्चे अब तुम्हारी सभी समस्या
मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए मिली है
क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किया हैं जो
पीछे की गई गलतियां से तुमने जो अपने खराब
समय को अपनी और आकर्षित कर लिया था खराब
समय को परिवर्तन किया था इस प्रकार तुमने
कुछ ऐसे कार्य किया हैं
जिनके करण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से
प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने
कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित
किया
[संगीत]
यह कड़वा सत्य है की हर इंसान से गलती
होती है इसमें कोई संदेह नहीं की गुंजाइश
ही नहीं है इंसान कोई ना कोई जानकर गलती
कर ही देता है लेकिन किसी भी व्यक्ति को
इस बात को कदापि नहीं भूलना चाहिए की यदि
कोई भी इंसान जानबूझकर सिर्फ उसका
भागीदारी होता है अनजाने में की गई
गलतियां को मैं माफ कर देती हूं उनकी उन
गलतियां को दंड में नहीं देती इसके साथ ही
हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी जीवन में करते
रहने चाहिए जिससे की अधिक तुमसे कोई गलती
हो ही जाति तो उसकी क्षमा याचना तुम्हें
मिल जाए
कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और
उन्हें कार्यों में से कुछ कार्य है जो
तुम्हें हमेशा करते रहना चाहिए जैसे की
भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि
भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम
स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी
भी कड़ा परिश्रम करना ना भूलना
यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त करना
चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना
आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी शक्ति
आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मां पर
लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद करना
सीखो कुछ ऐसे काम करो
जिनको करने के काफी समय पश्चात तुम्हारे
हृदय और तुम्हारे मां को खुशी हो क्योंकि
तुम इस बात को स्मरण रखना
किसी भी कार्य को करते समय भले ही तुम्हें
खुशी ना हो लेकिन काम को करने के पश्चात
जी कार्य के करने से हृदय और मां को खुशी
हो
वही अच्छा काम होता है
तुम गलत काम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को
जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही
तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक
जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं
की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने
कर्मों पर ध्यान देना जरूरी है
उससे भी ज्यादा जरूरी है
जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे
उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी और आकर्षित
करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो
प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही
तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है
इस बात को समझना होगा
[संगीत]
जब तुम स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ में
रखो और जी तरह से जीवन को चाहे उसे तरह से
तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बागडोर
तकदीर के हाथों में थम कर बैठे रहोगे तो
आगे आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी
प्राप्त नहीं
बागडोर अपने हाथों में रखोगे तो स्वयं जी
चीज का निर्माण करना छह हो उसे चीज का
निर्माण कर सकते हो तुम्हें अपने आप ही
सोते ही प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर
ही वह शक्ति है अपने आप को पहचानो मेरे
बच्चे मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है
तुम्हारा कल्याण हो
[संगीत]

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