Akhtarul Iman करने वाले हैं असल खेला, गठबंधन पर बातचीत शुरू, 6-7 पर लड़ेगी

देखिए ऑफर देने वाले थक जाएंगे अमान को
कोई हिला ना
पाएंगे वजीर का ऑफर दिया तोन कदम ही नहीं
ड राजनीति हाशिए में है मुस्लिम लीडरशिप
हाशिए में है तो इसलिए सबने चुके दिया है
चोट तो अब अपनी पार्टी अपनी वोट अकेला चलो

के रास्ते पर हम लोग चल पड़त के पेर भी
गिरे हैं जिनकी जड़ अब सूख चुकी है तो उन
पैरों को गिरना जरूरी है क्या किया है
कांग्रेस ने कांग्रेस का है सीमांचल में

कुछ कहने कीरी मस्जिद के सारे झगड़े में
लगाने वाली कांग्रेस मुसलमानों को टाडा और
पोटा में गिरफ्तार करने वाली कांग्रेस
मुसलमानों को हास्य पर लाने वाली कांग्रेस
क्या करेगी बीजेपी तो खुली दुश्मन है ही
कांग्रेस भी उससे कोई कम है क्या सऊदी अरब
से आ रहा है नौजवान वो तय कर लिया है कि

अपनी शादी की तारीख इलेक्शन के बाद रेंगे
आएंगे तो एमआईएम के इलेक्शन के लिए आएंगे
नमस्कार मैं हूं देवांशु आप देख रहे हैं
न्यूज़ फाउंडेशन सर पर लोकसभा का चुनाव है
और बिहार में सियासी गतिविधियां जो है वो
तेज हो गई है इस वक्त हमारे साथ बात करने
के लिए के लिए अतुल इमान साहब हैं जो कि

ओबीसी की पार्टी से चुनाव लड़ने जा रहे
हैं सीमांचल और सीमांचल में इनकी चुनाव
लड़ने से कहीं ना कहीं सियासी समीकरण जो
है वह काफी इस बार बदल सा गया है कि आप

लड़ेंगे अब भी बैक करने जा रहे हैं क्यों
सुना है कि ऑफर बहुत आ रहे हैं आपको
देखिए ऑफर देने वाले थक जाएंगे अखतर ईमान
को कोई हिला ना पाएंगे है ना वजीर का ऑफर
दिया तो अखन के कदम ही नहीं डगमगाए 2019
में राजद और कांग्रेस ने दोनों टिकट ऑफर
किया दरअसल बिहार में जातीय आधारित
राजनीति इतनी जड़ पकड़ गई है कि बगैर अलग
राजनीतिक जमात बनाए बगैर बिहार के मुस्लिम
अकलियत का भला होने वाला नहीं है दलीलों

के लिए बड़ी विडंबना है दलितों की दलितों
के दरमियान में से उनकी पॉलिटिकल ताकत तो
उठती है लेकिन कहीं ना कहीं सामंत वादों
के घेरे में चली जाती है आज जो बिहार में
जातीय आधारित जो गन्ना हुआ है और दलितों
की 1 हज नौकरी चली ग उसका जिम्मेदार कौन

है यही दलित नेता है जो दलितों के नाम पर
जीत कर आते हैं और सामंतों के साथ बैठ
जाते हैं और मुसलमानों को एक 95000 नौकरी
से वंचित रखा गया है इसलिए बात सबूत को

पहुंच गया है कि लालू जी उठे तो यादवों को
नौकरी में हिस्सा मिला अगली जातो को तो दो
गुना तीन गुना चार गुना तक नौकरी मिली
नीतीश कुमार जी उठे तो कोई कुर्मियां को
उनकी आबादी के हिस्से से दोगना नौकरी मिल

ग लेकिन बिहार में मुसलमानों की अलग सयास
कोई जमात नहीं होने के नतीजे में मुस्लिम
राजनीति हास्य में है मुस्लिम लीडरशिप
हास्य में है तो इसलिए सबने चूंकि दिया है
चोट तो अब अपनी पार्टी अपनी वोट अकेला चलो

के रास्ते पर हम लोग चल पड़े हैं ताहम
बिहार में कुछ पार्टियां हैं अभी गठबंधन
की बात चल रही है क्योंकि इनकी अथॉरिटी
हमारे नेशनल प्रेसिडेंट को है वहां
हैदराबाद लोग जा रहे हैं देखि आने दिलों
में क्या वो आता है हम लोग कोशिश कर रहे
हैं गठबंधन को लेकर भी बात हो हां कुछ
पार्टियां हैं पिछले दिनों में भी हम लोग
असेंबली में गठबंधन से लड़े थे प्रयास है

अभी देखिए अच्छा कितने सीटों पर चुनाव
लड़ना है लोग सिर्फ आप सीमांचल ही की और
भीटर होट पर बात चल रही है अभी कुछ लोगों
को टिकट नहीं मिलने की उम्मीद है वो लोग
भी हम लोग के राते में है हम लोग तो तीन
इरादे से लड़ने का इरादा रखे हैं हारने के

लिए कुछ जगह पर लड़ाए कुछ जगह हराने पर
लड़ाए किसको हराना है आपको आप किसको जो
लोग मुझे अपनी जगह मेरे रास्ते में जो
कांटा होगा उसको हराए और कुछ जगहो पर
जीतने की लड़ाई लड़नी है तीनों प्रयास कर
हमलोग तो मतलब की ए आई एम आई एम जो है व
बिहार में सात आठ लोकसभा सीटों पर जो है व
हाथ आजमाए हा हा तक इरादा है उसम से सीट
अगर मैं पूछ तो अररिया हो गया नहीं अभी उस
सीट के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता

है हम तो देखेंगे उस वक्त किनको टिकट य
लोग देते हैं किनको नहीं देते हैं किनको
देने से हमारा समीकरण तैयार होगा ऐसी
चीजों पर भी हमारी नजर है काफी थके हुए लग
रहे नहीं अब सवाल यह पैदा होता है ले में
पार्टी जा चुकी है दौरा दौड़ी जाड़ी है
जाहिर है आपकी तो लोकसभा क्षेत्र भी काफी

बड़ा है यकीनन है यकीनन है लड़ाई चल रही
है लड़ाई चल रही है उसम कोई अजम और हौसले
में कोई कमी नहीं आई आप कहां देखते हैं इस
लड़ाई में आप खुद को नंबर वन पर देखते हैं
अ यहां से यकीनन यकीन यकीनन यकीन कांग्रेस
का लेकिन वजूद बहुत ही मजबूत है हिमांचल
में उसको कैसे अब जाहिर है आप ही को टकल
करना है तो बरगद के पेर भी गिरे हैं जिनकी
जड़े अब सूख चुकी हैं हां तो उन पैरों को

गिरना जरूरी है क्या किया है कांग्रेस ने
कांग्रेस का मुंह है सीमांचल में कुछ कहने
के लिए सीमांचल में इन 75 सालों से कुछ
नहीं दिया 65 साल तक कांग्रेस ने हुकूमत
की है डायरेक्ट इनडायरेक्ट है ना और अभी
यह 3035 साल की नीतीश कुमार जी के आने के
बाद और लालू जी के आने के बाद एक बड़े

हिस्से में कांग्रेस शामिल नहीं है लेकिन
सीमांचल के उसने किया क्या है अलीगढ़
यूनिवर्सिटी के एक साख को जिसको के उपज थी
उनकी रंगनाथ मिश्रा और सचर कमेटी की
रिपोर्ट की उपज थी और उसको भी 2011 में

वहां के लोगों ने लड़कर जमीन ली बिहार
सरकार से नीतीश कुमार की नानी मर रही थी
जमीन देने में लेकिन जमीन लिया लोगों ने
और उस पर भी 20121 में कांग्रेस की हुकूमत
रही और फूटी कौड़ी नहीं मिल सका तो समझिए

तो क्या कांग्रेस का कोई मुंह है वहां के
लोगों के कहने के लिए बाबरी मस्जिद के
सारे झगड़े में लगाने वाली कांग्रेस
मुसलमानों को टाडा और पोटा में गिरफ्तार
करने वाली कांग्रेस मुसलमानों को हास्य पर
लाने वाली कांग्रेस क्या करेगी बीजेपी तो

खुली दुश्मन है ही कांग्रेस भी उससे कोई
है क्या अकले तो के इस इलाके में लोगों ने
अब अपना नजरिया बदल लिया है बदल लिया है
चलिए एक आखरी सवाल है लोकसभा चुनाव लड़ने
में पैसे की बहुत जरूरत होती है आपके पास

पैसे जो है वो गरीबों में बांट देते इधर
घर पे भी आपके क्षेत्र के लोग रहते हैं
मदद करते रहते हैं आदमी जब सफर के लिए
निकल पड़ता है तो कहीं ना कहीं से होगा और
और जुगाड़ का क्या मामला है आवाम के
दरमियान में हम लोग की वो शक्ति नहीं है
कि हम लोग रकम बाट कर सके हम लोगों ने
दर्द तकसीम किया है दर्द बांटा है लोगों
का गम बांटा है लोगों का गम में शरीक हुए

हैं लोगों के इसलिए मैं समझता हूं कि वहां
की जनता आज जाइए नौजवान जो दिल्ली बंबई
परदेश में रहने वाले नौजवान हैं वो एमआईएम
की खुदाई फौज हैं वो पांच पैसा नहीं लेते
परदेसी नौजवान अपना खा पीकर काम करते हैं
सऊदी अरब से आ रहा है नौजवान वह तय कर

लिया है कि अपनी शादी की तारीख इलेक्शन के
बाद रेंगे आएंगे तो एमआईएम के इलेक्शन के
लिए आएंगे यह तय करके लोग आ रहे हैं तो
जनता का इतना अपार समर्थन है तो डर का है
का चलिए य थे अमान फिलहाल अभी त के लिए
इतना ही आप देख

one

Leave a Comment