Amit Shah Maharashtra Visit : महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग पर ‘महाभारत

2024 के चुनाव से जुड़ी इस वक्त की सबसे
बड़ी खबर महाराष्ट्र एनडीए में सीटों के
बटवारे पर घमासान इस वक्त भी जारी है

एकनाथ शिंदे कैंप का दावा यह है कि वो
2019 में मिली 22 सीटों की दावेदारी कर
रहे हैं यानी 22 सीटें उन्हे चाहिए शिंदे
कैंप का कहना है कि 2019 में शिवसेना को

22 सीट मिली थी और इस समय भी शिवसेना और
सिंबल हमारे पास ही है हमें 22 सीट मिले
वहीं दूसरी ओर अमरावती सीट पर शिंदे कैंप
और बीजेपी आम्र सामने है बीजेपी नवनीत
राणा को टिकट देना चाहती है पर शिंदे कैंप

अमरावती के लिए अपने नेता को टिकट देने की
मांग कर रहे हैं शिंदे कैंप और बीजेपी में
सीट को लेकर चल रहे मामले में अब केंद्रीय
गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी के नेताओं के
साथ आज शंभाजी नगर में मीटिंग करने वाले

हैं अमित शाह की मीटिंग के बाद साफ होगा
कि बीजेपी महाराष्ट्र में शिंदे कैंप के
साथ कितनी सीट देने पर सहमत हो रही है इस
वक्त की सबसे बड़ी खबर यानी महाराष्ट्र 48
सीटें पेंच फस चुका है 22 सीटों पर

दावेदारी शिंदे खेमा का वो शिंदे खेमा जो
बीच में ही दो पाट हो जाता है 2019 के बाद
और एक तरफ उद्धव ठाकरे गैंग और एक तरफ कौन
सा गुट है वह है शिंदे गुट अब शिंदे गुट
कह रहा है कि हमें 22 सीट
चाहिए एक बात सुनिश्चित

है कि कौन कितनी सीट लड़ेगा कहां से
लड़ेगा शिवसेना दल को कितनी अन्य दलो को
कितनी यह सारी

बातें हमारे वरिष्ठ नेता तय
करेंगे पर हम सबके दिल में एक ही संकल्प
है फिर से एक बार मोदी सरकार और अबकी बार
400 बार कुछ ऐसे राज्य है जहां पेज फसना
स्वाभाविक है और वो इसीलिए उन राज्यों को

लेकर अभी तक फैसला नहीं हुआ है जिसमें
बिहार भी है वहां भी जेडीयू की दावेदारी
एजेपी की दावेदारी और इसके अलावा अगर
महाराष्ट्र की बात करें तो अब शिंदे गुट

का दावा यह है कि हमारे पास जो 22 सीटें
थी हमें 22 सीट इसलिए चाहिए क्योंकि हमारे
पास ही सिंबल है पार्टी का इस वक्त हमारे
सहयोगी कुछ ही देर में जुड़ेंगे मेरे साथ
विवेक गुप्ता फिर हम आपको ये पूरा

महाराष्ट्र का जो समीकरण है और बीजेपी
कहां मान सकती है कहां पे सीटें दे सकती
है उस परे हम बात करेंगे विवेक गुप्ता इस
वक्त मेरे साथ जुड़ चुके विवेक सीटों के
लिहाज से उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा नंबर
आता है 48 सीटों के लिहाज से महाराष्ट्र

का लेकिन उस महाराष्ट्र में बीजेपी के
सामने एक चुनौती सामने आ गई है 22 सीटें
शिंदे गुट को चाहिए लेकिन क्या यह आपको
मौजूदा हालात में और बीजेपी की सियासी
ताकत देखते हुए लगता है कि संभव

है देखिए इस पूरे मामले में अब जो है वो
सिंधे कैंप जो है 22 सीटों की मांग कर रहा
है क्योंकि उनका साफ तौर पर कहना है कि
2019 में जितनी सीटें शिवसेना को मिली थी
उतनी ही सीटें वो इस बार भी मांग रहे हैं
क्योंकि सिंधी कैंप के नेताओं का दावा है

कि 2019 में में जब शिवसेना थी वही
शिवसेना वही सिंबल 2024 में भी है इसलिए
उनके जो 22 सीटें मिली थी 22 सीटों पे ही
वो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं उतनी
सीटें मांग रहे हैं इस समय हमारे साथ संजय
शिरसाट भी उनसे कुछ जन में उनसे बात करने
की कोशिश करेंगे लेकिन जो सिंधे कुट के जो

मांग है उनका साफ तौर पर कहना है कि उनकी
मांग बिल्कुल सही है और क्योंकि जो
शिवसेना एक बड़ी पार्टी है और जो भी य
इलेक्शन कमीशन या फिर महाराष्ट्र जो
स्पीकर हैं विधानसभा के उन्होंने भी साफ

तौर पर कह दिया है कि शिवसेना सिंबल और
शिवसेना पार्टी एकनाथ सिंधे की है उसके
बाद ही अब इस पूरे मामले में शिंदे काम
दावा कर र है कि 22 सीटें उन्हें चाहिए वह
कुल आपको बता जाए कुल महाराष्ट्र में 48
सीटें हैं उनमें से 22 सीटें 2019 में
लड़ी थी और शिवसेना ने 22 में से 28 सीटें
जीती हुई थी इसके बाद ही अब शिवसेना कैंप
यह दावा कर रहा है कि जो नंबर्स 2019 में
थे वही नंबर इस बार फिर से होने चाहिए
इसलिए 22 सीटों की मांग भी कर रहे हैं

संजय सिरसा से हम बात करने की कोशिश
करेंगे लगातार उनसे हम कोशिश करें बात
करने के लिए क्योंकि वही पूरी तर से खुल
के बता पाएंगे कि कितनी सीटें वो मांग कर
रहे हैं कितनी कितनी सीटों प लड़ेंगे
लेकिन जहां

तक शिना कै मांग रहे हैं एक सवाल मैं ऐड
करना चाहूंगी अगर नेता जी आपके साथ है तो
कि क्या आज अमित शाह पहुंच रहे हैं साबाजी
नगर में एक मीटिंग होने वाली है इस मीटिंग
से सारी जो शर्तें है वो मानली जानी है या
जो पेंच फसा है वो खत्म हो जाना है सीट
समझौता हो

पाएगा देखिए अमित शाह का आज महाराष्ट्र का
दौरा है वो फिलहाल समाजी नगर में मौजूद
हैं और कोशिश की जा रही है कि जो भी सीटों
को लेकर जो मतभेद चल रहा है उसे किसी तरह
क्लियर किया जाके क्योंकि शिंदे कैंप इतनी

सीटी मांग र उसको लिए कोई क्लेरिफिकेशन
जरूरी है और संजय सिर से बात करने की बात
कोशिश करेंगे कि वो दूसरी इंटरव्यू में
बिजी है इसलिए उनसे वो पूछेंगे कि क्या

उनकी जो मांगे है वो किस हद तक सही है
लेकिन अमित शाह आज समाजी नगर में और कोशिश
की जा रही है कि जो भी सीटों को लेकर जो
मतभेद चल रहे हैं सीधे कैंप और बीजेपी में
उन सीटों का जल्द से जल्द निकाला जा सके
क्योंकि बीजेपी ने पहले 195 सीट की इस सम
हमारे साथ है सर से जानने की कोशिश करेंगे
सर आप लोगों ने मांग की है कि 2019 में
जितनी सीट मिली थी उतनी सीट 204 मि चाहिए
याी मिलनी चाहिए क्यों

क्या शिवसेना ने सीट लड़ तो सीट मिल
चाहिए और व अगर लड़ेंगे तो जितना हम
ज्यादा चुन के लाने की कोशिश करेंगे तो
होना ही है ना आज का जो माहौल है आज साहब
ये महाराष्ट्र में एक गदावर नेता बलक आज
उभरे हैं और लोग उनके पीछे हम चाहते हैं
कि मोदी साहब पंतप्रधान बनने के लिए यहां
हमने भी पूरा जोर लगा के भाई हम में से

किसी को तो कुछ बनना नहीं है हमको सपोर्ट
करना है मोदी साहब को पंतप्रधान बनाने में
तो इसलिए हम भी हमारे पूरे ताकत के साथ
हमारे सीट चुन के लाना चाहते हैं इसलिए 22
सीट की मांग की है लेकिन आपको लगता है कि

बीजेपी 22 सीटें देगी और क्योंकि बीजेपी
कने कि ज्यादा सीट वलने की कोशिश कर रहे
हैं और बा सीट की उम्मीद है बाई सीट
मिलेंगी आप लोग को देखो हर कोई पार्टी
इलेक्शन के वक्त में

अपना पार्टी का वजूद बढ़ाने के लिए सीट की
मांग करते रहता है वो चाहे बीजेपी रहो
चाहे राष्ट्रवादी रहो चाहे शिवसेना रहो और
कोई भी पार्टी रहो अन्य कोई भी पार्टी हर
एक को लगता है कि अपनी सीट ज्यादा लड़नी
चाहिए लेकिन लड़ते वक्त चुन के कितने

आएंगे इसके ऊपर फोकस करना जरूरी है हम वो
नहीं कर रहे हम जितने सीट लड़ेंगे वो चुन
के लाएंगे यह हमारी धारणा है भाजप की वही
धारणा है राष्ट्रवादी की वही धारणा है
इसलिए पार्टी के कार्यकर्ता बहुत सारे

रहते हैं हर एक को लगता है हमारे मतदार
संघ से अपना ये सीट अपने को छूटना चाहिए
वो सीट अपने को छूटना चाहिए यहां तो अपनी
ताकत है वहां अपनी ताकत है और यह सब
इलेक्शन के माहौल में बनते जाते यह माहौल
बनते जाता है लेकिन फाइनली डिसीजन जो होता
है वो वरिष्ठ नेता लेते हैं जब वरिष्ठ

नेता अच्छा निर्णय लेते हैं तो उसका विरोध
कोही नहीं करता सर लेकिन अगर 22 सीटें
नहीं मिलती है अगर आपको 22 सीटें से कम
मिलती है 18 या 19 या 15 पट ग तो क्या
रहेगा आप का डिसीजन नहीं नहीं इसका डिसीजन
लेने का पूरा पावर एकनाथ सिंधे साहब को है

ओके हम उसके ऊपर कॉमेंट्स ही नहीं कर सकते
आज कितनी मिलने वाली है हमको नहीं
पता किसके ऊपर बात सिंधे साहब करेंगे वो
हमको नहीं पता सिंधे साहब जो भी फाइनल
करेंगे वो हमको एक्सेप्ट रहेगा इतना ही
मैं कहूंगा अभी फिलहाल बा सट की मांग कर
रहे हैं बा सट की तो हमारी मांग है लेकिन

सर अमरावती सीट को लेकर काफी ज्यादा पेज
फंसा हुआ है अमरावती सीट पर नवनीता आना
निर्दलीय थी जीती बीजेपी को सपोर्ट की
आपकी तरफ से आपके नेता आनंद अरसल बोल कि
हर हाल में शिवसेना अमरावती से लड़ेगी
देखो एक दो सीट प ऐसी भैस या तो चर्चा में

आती रहती क्या बारामती नहीं आ रही चर्चा
में आ रही है तो अमरावती के ऊपर जैसे फोकस
करते वैसे बावती फोकस होता है इसलिए चलता
है इलेक्शन में ऐसी एक दो सीट ऐसी होती है
जहां आखिर क्षण तक खिच मतानी होती लेकिन
जब पार्टी के वरिष्ठ नेता उनको समझाते हैं

तो जो भी रहेगा अमरावती के बारे में भी जो
भी रहेगा जो भी फैसला होगा वो भले नवनीत
राना रहो या अड़स रहो ये दोनों नेता में
से किसी को ना किसी को मानना पड़ेगा सर

अजीत दादा भी क्लेम करें कि वो मराठवाड़ा
किसी जगह में उनको भी ज्यादा सीटें मिल
रही है महा जो युति है उसम कुछ स सीटों को
लेकर अनबन चल रही है तीनों पार्टियों में
अनबन नहीं बोलते

इसको हर कोई पार्टी का नेता यह चाहता है
कि अपनी अपन

ज्यादा जब सीट ज्यादा विधायक रहो या सांसद
रहो जब ज्यादा पैमाने पर चुन के आते है
उनका एक उनका एक अधिकार बन जाता है

उनको
लगता है कि अपना थोड़ा पावर बढ़ गया और ये
पावर बढ़ाने का टाइम यह इलेक्शन होता है
तो इलेक्शन में अगर पावर बढ़ाने के लिए
कोई अगर मांग करता है तो उसको गलत कैसा

बोल सकते हो लेकिन आपको लगता है कि बीजेपी
आप लोग की मांग मानेगी नवजीत राना को
छोड़कर अमरावती की सीट हुई या फिर दूसरी
जो सीट है उस उस बीजेपी कंप्रोमाइज करेगी
देखो बीजेपी क्या मानेगी शिवसेना क्या
मानेगी राष्ट्रवादी क्या मानेगी ये मायने
नहीं रखता ये तीनों को एक साथ बैठ के अपना
सोच से महायुति कैसे आगे बढ़ेगी ये सोचना
चाहिए बीजेपी मतलब क्या है वो दाता नहीं
है शिवसेना कोई दाता नहीं है या

राष्ट्रवादी कोई दाता नहीं है तो ये तीनों
पार्टी को महायुति में रहना है तो तीनों
ने मिलके बात करना है और कौन किसको क्या
देगा अगर राष्ट्रवादी बोले नहीं हम 12 ही
सीट लगेंगे लड़ेंगे शिवसेना बोली नहीं हम

22 ही लड़ेंगे बीजेपी बोले नहीं हम 48
लड़ेंगे ऐसा थोड़ी होगा विवेक एक बार फिर
से ख करेंगे बड़ी बातें तो यह भी है
बीजेपी के सामने सिर्फ और सिर्फ शिंदे गुट

नहीं इसके अलावा अजीत पवार गुट है हालिया
दिनों में अशोक चौहाण ने जवाइन किया उनके
कुछ चेहरे हैं एक और कांग्रेस पार्टी के

कद्दावर चेहरे ने जवाइन किया था वो भी
उनके सामने है तो सबको सीटें देनी है
मुंबई में आज महाराष्ट्र कांग्रेस की अहम
बैठक भी होने जा रही है इस लिहाज से बैठक
में सीट बटवारे पर चर्चा होगी बैठक में
उम्मीदवारों के नाम पर भी मंथन किया जाएगा
यह बैठक इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि
अब समय बहुत करीब है दूसरे हफ्ते में यानी
मार्च महीने के दूसरे हफ्ते में ऐसा कहा
जा रहा है कि संभवत चुनाव की तारीखों का
ऐलान हो जाना है और इसके लिए बीजेपी को
अपनी दूसरी उम्मीदवारों के लिस्ट भी देनी
है और उससे पहले उन तमाम राज्यों में मंथन
के जरिए सीट शेयरिंग के फार्मूले को तय कर
लेना है कि अपने सहयोगी दलों को किसको
कितनी सीटें देनी है और इसके लिए आज अमित
शाह महाराष्ट्र में ही
है
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