Chirag Paswan को Amit Shah ने बुलाया, कर देंगे सब फाइनल! RJD के ऑफर से डर,

नमस्कार हमारा नाम है समरीन और आपने देखना
शुरू कर दिया है लाइव सिटीज देखिए बिहार
की राजनीति में इस वक्त काफी हलचल है आपको
मालूम है कि 2 तारीख को बिहार आगमन हुआ था

पीएम मोदी का न तारीख को आपने देखा था कि
पटना के गांधी मैदान में महागठबंधन की जन
विश्वास महार थी 5 तारीख को बिहार आ रहे
हैं गृह मंत्री अमित शाह और 6 तारीख को एक
बार फिर से बिहार में होंगे पीएम नरेंद्र

मोदी यानी कि अब सबकी निगाहें पीएम मोदी
के कार्यक्रम पर टिकी हुई है सब यही देखना
चाहते हैं कि क्या उस दिन पीएम मोदी के
कार्यक्रम में उनके साथ उनके हनुमान चिराग
पासवान होंगे या नहीं होंगे क्या उस दिन
के कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ
उपेंद्र कुशवाहा होंगे या नहीं होंगे तो

आज हम इसी मुद्दे पर सीधी बातचीत करेंगे
सीनियर जर्नलिस्ट रवि उपाध्याय जी से सबसे
पहले बहुत शुक्रिया बात करने आप शुक्रिया
जी सीधा सवाल है रवि जी 6 तारीख को पीएम
मोदी एक बार फिर से बिहार में होंगे क्या
उस दिन मंच पर पीएम मोदी के साथ उनके
हनुमान चिराग पासवान भी होंगे देखिए
नरेंद्र मोदी का जो भी कार्यक्रम होता है

प्राइम मिनिस्टर का उसमें पीएमओ से सब
क्लीयरेंस होता है मिनट टू मिनट कौन स्टेज
पर रहेगा कौन उनके साथ में रहेगा ऐसे ऐसे
नहीं होता है तो वो जब चिराग पासवान का
क्लीयरेंस पीएमओ से अगर गया होगा तब वो
साथ में होंगे अदर वाइज नहीं होंगे और

देखिए पीएमओ का प्रोग्राम कहां है वह कोई
चिराग पासवान की तो कं सटंस है नहीं वह
उनका संसदीय क्षेत्र है नहीं ना ही उनका
वह उनके पार्टी का लोजपा का किसी का वह
संसदीय क्षेत्र है ऐसे में और ना वह
प्राइम व नी नरेंद्र मोदी कैबिनेट में

मिनिस्टर है हम तो इस लिहाज से उनका वहां
उपस्थित रहना कोई बहुत मायने नहीं रखता है
हां ऐसे अगर यदि एनडीए फोल्ड में है तो वो
आ सकते हैं तो आ सकते हैं लेकिन बिल्कुल
बीते दिन भी हमने देखा था जब दो तारीख को
कार्यक्रम हुआ था तो मंच पर सीएम नितीश
दिखे मंच पर पशुपति पारस दिखे मंच पर
प्रिंस राज दिखे लेकिन गायब थे चिराग

मिसिंग थे चिराग नहीं मिसिंग का नहीं
देखिए वो उन लोगों का पशुपति पारस उनके
कैबिनेट में है प्रिंस राज भी थे प्रिंस
राज जी का उनको चाचा के साथ में वह उस
अपना वोह क्लीयरेंस करा लिए होंगे वो

उसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं सीएम नीतीश भी
थे मुख्यमंत्री नितीश तो बिहार में
कार्यक्रम था और पहली बार जब प्रधानमंत्री
आए तो जिस तरह से जो दूरी बनी थी 17 महीने
18 महीने के बाद तो वह पहली बार प्राइम
मिनिस्टर आए थे तो निश्चित रूप से वहां पर

सीएम की उपस्थिति थी और एक चीज तो सब लोग
देखा पूरे बिहार की जनता ने कि किस तरह से
उस फ्रेम में जो माला का जो फ्रेम था
उसमें नीतीश कुमार को जबरदस्ती जो है एक
तरह से

जीया हम नहीं तस्वीर गवा है
इसकी तो यह अलग विषय है लेकिन चिराग
पासवान का कल माने जो सभा होगी मने
वाल्मीकि नगर बेतिया में जो बेतिया में तो
उसमें कोई उनके पीएम मोदी की स पीएम मोदी
के की सभा में उनका 6 तारीख को वह कोई

उपस्थिति कोई अनिवार्य नहीं दिखाई पड़ती
है क्योंकि उनका कंसी भी नहीं है ना उनके
लोजपा है तो ऐसी परिस्थिति में लेकिन खबर
ये आई कि न्यता था उन्होंने बायकॉट किया
है नहीं नहीं नहीं लेकिन उनका पहले से

शेड्यूल था सारा वो शेड्यूल तय शेड्यूल के
साथ अब आप कहिए कि तय शेड्यूल तो यह बात
को टाल मटोल करने के लिए घालमेल करने के
लिए इस तरह की बात लेकिन ऐसी बात नहीं है
वह जो है उनका पहले से शेड्यूल था इस बात
को आप मानिए लोग माने ना माने वो अलग विषय
है लेकिन उनका पहले से शेड्यूल था उस तय

शेड्यूल के अनुसार ही जो है सो वो अपना
मूव कर रहे थे अब हां मतलब आप कह रहे हैं
कि यही एक वजह है जो 2 तारीख को नहीं दिखे
बिल्कुल बिल्कुल बिलकुल यही बात है और कोई
बात नहीं है अच्छा आपको लग रहा है कि और
कोई बात नहीं है यही वजह है जिस वजह से
नहीं दिखे कोई नाराजगी नहीं है रवि जी
नहीं देखिए नाराजगी क्यों होगी उनको
नरेंद्र मोदी के वह टेस्टेड और ट्रस्टेड

वो आदमी है वो हर व उस विषम परिस्थिति में
वह खड़ा हो जाते हैं कि जब नरेंद्र मोदी
को उनकी मदद करने की आवश्यकता होती है यह
हम नहीं कह रहे आप नहीं कह रहे हैं यह
तमाम समय पर जब जब भी चिराग पासवान
स्ट्राइक किए हैं आप देखिए कितनी एनडीए को
मजबूती मिली हो या वह लोकसभा का चुना हो

या वो बाय इलेक्शन हो बदली हुई राजनीतिक
परिस्थिति में बिहार में जब महागठबंधन के
साथ में इन लोगों की जब वन टू वन फाइट हो
रही थी तो बाय इलेक्शन में आपने देखा कि
किस तरह से उन्होंने अंतिम क्षण में जाकर
के वह करके और वो एक बड़ा झटका महागठबंधन
को कहिए या फिर जोड़ दिया था तो यह बात तो
सब कुई सार्वजनिक पब्लिक डोमेन में है

नहीं ये सार्वजनिक पब्लिक डोमेन में है
सार्वजनिक पब्लिक डोमेन में एक और बात है
बात यह है कहा यह जा रहा है कि उस दिन
पीएम मोदी के साथ मंच पर सीएम नीतीश भी थे
और यही वजह थी कि चिराग पासवान उस दिन मंच
पर नहीं दिखे गायब रहे नहीं देखिए व

तवज्जो ज्यादा मुख्यमंत्री जी को मिल जाती
और शायद यही बात नागवार गुजरती चरा नहीं
नहीं देखिए उसको हम लोग दूसरे नजर से अगर
देखें समरीन तो वो नीतीश कुमार की अलग
पहचान है नीतीश कुमार चीफ मिनिस्टर बिहार
हैं बिहार के व मुख्यमंत्री हैं और वह नए

नए इसमें आए थे तो वह क्यों आएंगे यहां
उनका आपको पहले बताया ना उनका संसदीय
क्षेत्र रहा ना उनके पार्टी का संसदीय

क्षेत्र रहा लोजपा का तो वो ऐसे में उनके
आने की उनके उपस्थिति की यह जो कयास बाजी
है यह सब कहीं ना कहीं यह एक अपना अपना जो
यूएसपी बनाने का अपना अपना जो चैनल का जो
यह होता है वह है और कोई वो आधार विहीन
बात है उसमें मतलब आप कह रहे हैं ना कोई

नाराजगी है ना सीएम एक वजह है कुछ भी ऐसा
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और देखिए चिराग
पासवान का तो बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट
विजन है या तो तो यह तो नीतीश कुमार भी
जानते हैं यह पूरी दुनिया देश दुनिया

बिहार जानता है तो उसमें कहां दिक्कत है
और कोई छिपा के थोड़ी कोई काम करते हैं वो
सब कुछ करते हैं एकदम डंके के चोट
पर चिराग पासवान इसमें इससे आप इंकार नहीं
कर सकती हैं देखिए जब हम डाउट्स और सवाल
पर बातचीत कर रहे हैं तो एक और चर्चा है
पॉलिटिकल कॉरिडोर्स में और चर्चा यह है

रवि जी कि पशुपति पारस को चिराग के
मुतालिक ज्यादा तवज्जो मिल रही है और यह
भी बात चिराग को अच्छी नहीं लग रही है
क्योंकि आपने देखा होगा तस्वीरें बोल देती
हैं 2 तारीख को मंच पर पीएम मोदी के साथ
पशुपति पारस भी थे और प्रिंस राज भी

मुस्कुराते हुए खिलखिलाते हुए नजर आ रहे
थे देखिए वो पशुपति पारस जो है सो आपको
समरी ने हम बताए कि वो नरेंद्र मोदी
कैबिनेट में मिनिस्टर हैं जो 25 26 जो 22
मिनिस्टर हैं उसमें वह भी एक हैं तो वो
उनके आने और जाने पर कहीं रोक नहीं है

प्रिंस राज उनकी पार्टी में अभी जो दो
फाड़े लोजपा का हुआ है उसके वह प्रदेश
अध्यक्ष हैं और वह कहीं ना कहीं सांसद भी
है तो ऐसी परिस्थिति में सांसद तो चिराग

भी है चहीत तो चिराग भी है हनुमान तो
चिराग भी है बिल्कुल सही आपने कहा लेकिन
वह अपने चाचा के साथ वहां पर बैक डोर से
एंट्री कर रहे हैं ये बात समझिए और चिराग
पासवान की बैक डोर से एंट्री नहीं हो सकती
वह जो है एक फाड़ के वह अपने स्वयं नेता
हैं कहीं ऐसा तो नहीं है कि अब बीजेपी को
पारस ज्यादा पसंद आ रहे हैं नहीं नहीं

नहीं देखिए वो ऐसे नहीं ये एक बात किसी को
किसी की पसंद और नापसंद उसी लिहाज पर होती
है जिसके पास वोट बैंक होता है वोट की
राजनीति हो रही है एकदम स्पष्ट इसको समझ
लीजिए कोई इसी तरह से कोई किसी से प्यार
मोहब्बत नहीं करता है आजकल आजकल के जो अभी
नई बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में तो वो

चिराग पासवान के पास वोट है आधार है वोट
ट्रांसफर कैपेसिटी है तो यह सब चीज जिसके
पास में होगा तभी किसी को गल बहिया करता

है तभी किसी से कोई प्यार मोहब्बत करता है
ये अभी तो ऐसी परिस्थिति में सब लोग जान
रहा है कि चिराग पासवान के पास क्या आधार
है और क्या वोट ट्रांसफर है वह अन्य लोगों
में है कि नहीं यह निश्चित रूप से बड़ा
सवाल है क्योंकि चिराग पासवान ने तो हर

समय जब भी आपको पहले बताए कि जब भी वह
विषम परिस्थिति होती है कठिन परिस्थिति
होती है राजनीति में तो वह उसको ठोक करके
दिखा देते हैं कि हम ट्रांसफर करा सकते
हैं और करा दिया है और जितवा करके दिखा

देते हैं यह बात तो है चिराग पासवान इससे
कहां कोई इंकार कर सकता है क्या लगता है 6
तारीख को कार्यक्रम है आएंगे चिराग पासवान
इस बार मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी के साथ
देखिए य अभी प्राइम मिनिस्टर का प्रोग्राम
मिनट टू मिनट अभी नहीं बना है ये ठीक है 6

तारीख को वो आ रहे हैं तो उनके साथ में
चिराग पासवान एक दिन पहले भी आ सकते हैं
लेकिन अभी तक की जो जानकारी है वह उसमें

शरीक होते हुए नहीं दिखाई पड़ लेकिन अभी
आज का दिन पूरा बचा हुआ है कल का बचा हुआ
है तो वो ऐसी सात तारीख को भी बैठक है
एलजेपी आर की बिलकुल देखिए उसमें रहेंगे
चिराग वो संभावना है संभावना है वो
संभावना है क्योंकि देखिए उनका 7 तारीख की
जो जिला अध्यक्षों की बैठक है पटना में तो

वो वहां पर हो सकता है कि वह आए हो सकता
है वह भी हम कह रहे हैं हो सकता है
क्योंकि देखिए एक बात और है समरीन जी कि
कल जो है सो बैठक है कल बैठक है किसकी
चिराग के साथ में कल दिल्ली में अमित शाह

के साथ बैठक है क्या बात कर रहे हैं मतलब
एक बार फिर से बीजेपी अपने पाले में लाने
की कोशिश कर रही है यानी कि मनाने की
कोशिश कर रही है क्योंकि चर्चा थी कि
नाराज हो गए हैं नहीं देखिए कोई नाराजगी
नहीं यह तो परसेप्शन बनाया जा रहा है यह

परसेप्शन बनाया जा रहा है कि चिराग नाराज
हो गए चिराग रूठ गए चिराग रूठ के बैठे हुए
ऐसे ऐसी कोई बात नहीं है जो अंदर खाने में
देखिए यह बातचीत जब चिराग और अमित शाह के
बीच में होगी या तावड़े और चिराग के बीच

में होगी तो यह पब्लिक डोमेन में आएगा
क्या यह पब्लिक डोमेन में तो नहीं आएगा यह
अंदर वन टू वन या हम और आप बात कर रहे हैं
तो यह कैसे पब्लिक डोमेन में जाएगा या तो
जब तक लॉर्ड स्पीकर लेकर चिल्ला के आप
बोलिएगा नहीं तब तक नहीं जाएगा तो वैसे
लेकिन पक्की खबर है कि कल मीटिंग है
बीजेपी की आला कमान और चिराग की बिल्कुल
यह पक्की खबर है और इसको आप कहीं नोट कर
लीजिए अच्छा हम इस खबर को बता रहे हैं
ब्रेक कर रहे हैं हम लोग लाइव सिटीज ब्रेक
कर रहा है इस खबर को कि कल जो है सो शाम
को कल बैठक है चिराग पासवान और अमित शाह
की अमित शाह और चिराग पासवान की कल बैठक
है यानी कि आप यह भी कह रहे हैं रवि जी कि
कल की बैठक के बाद तस्वीरें और साफ हो
जाएंगी कि आगे क्या होगा और 6 तारीख को
पीएम मोदी के कार्यक्रम में पहुंचेंगे या
नहीं पहुंचेंगे देखिए जितनी जानकारी हमारे
पास है यह एकदम कहीं ना कहीं रिलायबल
सोर्सेस के हवाले से से है कि कल बैठक है
तो ऐसे में जो सोर्सेस क्या का दावा है व
कि कल जो है सो बैठक होगी और उसके बाद
देखिए कोई बैठक एक ही दिन में एक ही पल
में नहीं हो जाएगी समाप्त तो वह कई दौर की
बातचीत होगी तो अभी और चिराग पासवान को
भारतीय जनता पार्टी का हम शुरू से कहते
रहे पोस्टर बॉय हैं वो बिहार के लिए तो और
बिहार ही नहीं उसका इंपैक्ट आपको दूसरे
प्रदेश में भी दिखाई पड़ेगा जितनी
परिस्थिति झंझा वट बना हुआ है उत्तर
प्रदेश में झारखंड में तो चिराग का बेहतर
इस्तेमाल होगा इन प्रदेशों में हम साथ व
होगा तो कल सीट शेयरिंग पर भी बात होगी
निश्चित रूप से जितने भी अहम सवाल होंगे
मतलब अपने सारे डिमांड चराह कल अमित शाह
के सामने रख देंगे देखिए डिमांड क्या है
उनका डिमांड तो सब लोग जान रहा है जी
डिमांड तो सब लोग जान रहा है कि हाजीपुर
एक चाहिए उसके अलावा जो चार पांच सीट है
उनका जो डिमांड जो उनकी डिमांड में है जो
उनकी मांग है वह उनको मिलना चाहिए यही तो
है उनका और वो और उसके अलावा कोई दूसरा
डिमांड नहीं है और वह डिमांड हमको लगता है
कि भारतीय जनता पार्टी उनको फुलफिल कर
लेकिन अब आप लोग को सब सबके जहन में सवाल
होगा कहां से उनको चार पांच सीट दे देगी
कैसे दे देगी क्योंकि सीट तो लिमिट है 40
से 42 नहीं होने जा रहा लेकिन जो जब
राजनीति का जो राजनीत करते हैं वह लोग जब
बैठेंगे एक टेबल पर जब बातचीत होगी तो वह
सीट किसको कहां घटाया जाएगा किसको कहां
बढ़ाया जाएगा यह बात भी होगी ये बात भी
होगी तो तभी जाकर के एडजस्टमेंट भी होगा
ऐसा नहीं है कि सिर्फ मैंने ठोक करके कह
देने से हो जाएगा लेकिन हमको जो लग रहा है
कि कल जो है सो कुछ कुछ ना कुछ खाका खींचा
जाएगा और कल कहीं ना कहीं बात मतलब कल का
दिन काफी महत्त्वपूर्ण होने वाला है चिराग
पासवान के लिए बिहार के लिए बिल्कुल
निश्चित रूप से चिराग पासवान और उनकी
पार्टी के लिए और भारतीय जनता पार्टी के
लिए बिहार में एनडीए के लिए भी
महत्त्वपूर्ण होगा कि अगर यदि वो बैठ के
बात करेंगे तो यह उसके बाद तस्वीर बनती
हुई दिखाई पड़ेगी आपको क्या होने जा रहा
है जी क्योंकि इस बात पर भी सबको गौर
फरमाना चाहिए रवि जी कि अगर चिराग थोड़ा
सा भी इधर-उधर होते हैं तो महागठबंधन का
फायदा जरूर हो जाएगा बीते दिन भी रवि जी
हम लोगों ने बातचीत की थी हमने बताया था
कि कल नाम ना लेके चिराग पासवान का
तेजस्वी यादव ने एक बड़ा संकेत दिया था और
बड़ी बात आपको बता दें कि तेज प्रताप यादव
ने भी चिराग पासवान को खुला ऑफर दे दिया
है साफ कह दिया है कि उधर बात नहीं मानी
जा रही है तो आप इधर आइए ना भाई दरवाजा
खुला है महागठबंधन वाले अब मनाने में लगे
है चिराग को देखिए चिराग के लिए कहीं से
भी दरवाजा बंद और खुला नहीं है इस बात को
समझ लीजिए महागठबंधन
क्या उनसे इसी तरह से लब मोहब्बत कर रहा
है क्या वह जान रहा है कि चिराग पासवान के
पास आधार है वह 6 पर की बात भूल जाइए
जितने बड़े-बड़े जो राजनीतिक विश्लेषक जो
लोग बोल रहे हैं वो लोग सिर्फ कागज पर देख
करके बोल रहे हैं बिहार की सच्चाई धरातल
पर उनको जानकारी नहीं है चिराग पासवान के
पास 6 7 पर ही नहीं है समरीन हम लोग कई
दफा इस बात को बोल चुके हैं सिर्फ दूर से
दिल्ली से और हरियाणा से गुड़गांव से बैठ
के बोलने से नहीं होगा उनके पास दूसरा भी
वोट है जो उनके आधार को 6 प् स करता है 6
प् 6 6 प् स बिल्कुल और उतना बड़ा मजबूत
आधार किसी और के पास नहीं है 6 प् स करने
का 4 प् स करने का यह आप समझ लीजिए तो वह
चिराग ही है जिनके पास में वह मैजिकल फिगर
है वह उनके पास में जादुई आंकड़ा है वह
कैसे ट्रांसफर तो इसीलिए महागठबंधन भी
उनको अपने पाले में लेने के लिए हाथ फैलाए
बैठी है तो ऐसे में एनडीए तेज प्रताप ने
भी ऑफर कर दिया तेज प्रताप तेजस्वी जो ऑर
करेंगे लालू तक कौन ऑफर नहीं करेगा उनको
इतना बड़ा अगर यदि किसी के पास में आधार
हो तो क्यों नहीं करेगा क्यों नहीं चाहेगा
कि मेरी तरफ आ जाए बिल्कुल तो वो ऐसी
परिस्थिति में एनडीए के जो जो सीट शेयरिंग
का मामला आप हम लोग जो समझ रहे हैं तो ऐसे
में अमित शाह निश्चित रूप से कल की बात
में बैठ कर के उनसे बात करेंगे और बगैर
चिराग देखिए चिराग तो सबसे बहुत छोटे हैं
चिराग तो माने सबको माने पिता तुल्य मानते
हैं तो उस लिहाज से चिराग की बात को वो
लोग वेटेज भी देता है वक्त भी उनकी पार्टी
में ऐसा नहीं है चिराग पासवान एक बच्चा है
उनकी बात का तो वो ऐसे में चिराग पासवान
को को इन लोग मना लेंगे चिराग पासवान की
बात जो आ रही है कि रूठे हुए हैं वह रूठे
नहीं है तो वो चिराग पासवान को जितनी
कहेंगे चाहेंगे वो उनकी झोली में ये लोग
सहर्ष देगा ये लोग मान कर के देगा हम जान
रहे इस बात हमें यह भी देखना होगा कि 6
तारीख वाला जो कार्यक्रम है रवि जी क्या
उस कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा हमें
नजर आएंगे इस बार देखिए उपेंद्र कुशवाहा
की पार्टी जो है सो राष्ट्रीय लोक मोर्चा
है इस बात को अभी तक उनका सैबल भी नहीं तय
हुआ है कि किस सैबल राष्ट्रीय लोक मोर्चा
का कौन सा सैबल होगा यह भी कहीं ना कहीं
यह दिखाई पड़ा तो यह एक बड़ा पेंच दिखाई
पड़ रहा है और यह यह बात हम और आप नहीं यह
हम लोग लंबे समय से इस बात की चर्चा करते
रहे हैं कि यह कहीं ना कहीं एनडीए के लिए
परेशानी का सबब है कि क्या करेंगे उनको
अपने फोल्ड में लड़ाए अपने सैुल पर
जाएंगे या या सिर्फ एक मान लीजिए लास्ट
मूवमेंट में एक सीट अगर यदि उनको मिलता है
तो एक सीट पर उनको की बात होगी कि
आप कारा काड से लड़ क्योंकि आपका जो सेबुल
है के जो पार्टी की पहचान नाम है वही जिहन
में लोगों के जाए यह कैसे होगा इतनी कम
पीरियड में क्योंकि मुहाने पर चुनाव खड़ा
है 15 दिन 10 दिन एक महीने बादली पर चुनाव
ख वही तो हम कह रहे हैं तो ऐसी परिस्थिति
में कैसे जनता को बताना पड़ेगा कि
राष्ट्रीय लोक मोर्चा जिसका चुनाव चिन्ह
यह है इस पर आप फलाना को तो यह एनडीए के
लिए निश्चित रूप से परेशानी है इसीलिए
राजनाथ सिंह ने सीता मणी में आके क्या
बोला है कि कमल यहां से तो यह कमल की बात
कमल सबके जहन में है दिमाग में है वह इसी
लिहाज से वह बात बोला जा रहा है कि कमल पर
कमल को देखिए इधर-उधर मत देखिए नरेंद्र
मोदी क्या बोले कमल पर देखिए और इधर-उधर
देखने की जरूरत नहीं है तो वही बात है
इसीलिए हमको यह पेच फंसता हुआ वहां दिखाई
पड़ रहा है निश्चित रूप से दिखाई पड़ रहा
है तो वह एक सीट की बात जो आ रही है वही
वही होता ही मतलब यह देखने वाली बात भी
होगी कि 6 तारीख को उपेंद्र कुशवाहा
पहुंचेंगे या नहीं पहुंचेंगे कार्यक्रम
में एक आखिरी सवाल है सवाल यह है कि जिस
तरह से अब एनडीए में ऑल इज वेल नहीं नजर आ
रहा है टूट नजर आ रही है रवी जी क्या लगता
है क्या पीएम मोदी और अमित शाह इस टूट को
होने से रोक पाएंगे देखिए निश्चित रूप से
खटपट तो दिख रही है आप भी मानिए बिल्कुल
देखिए खटपट एनडीए में कसम कस की स्थिति तो
है नीतीश कुमार के आने के बाद इसमें कहीं
कोई दो मत नहीं है लेकिन अब एनडीए के
शीर्ष नेतृत्व को या भारतीय जनता पार्टी
को यह देखना है कि जो खटपट है उसको हमको
शॉर्ट आउट करना है और जो वोट जिसके पास
में है जिसका जनाधार है जो वोट ट्रांसफर
कैपेसिटी है उसको कैसे हम अपने पाले में
लाए सिर्फ जो स संख्या बढ़ाने से नहीं
होगा कि इसको ले आए उसको ले आए और जसे
नीतीश कुमार चले आए तो 16 सीट है तो 17
फिर बिहार फतह कर लेंगे इतना आसान नहीं
होना नहीं इतना आसान तो इस बार तो एकदम
डायरेक्ट फाइट है इस बार महागठबंधन और
एनडीए दिखा दिया है महागठबंधन ने भी बीते
दिन दम दिखा दिया है गांधी मैदान में
खचाखच भीड़ गजब की भीड़ और इसमें थोड़ी सी
भी अगर यदि इन लोगों में चूक हो जाती है
चूक हो जागी तो बहुत बड़ा इन लोगों को
बिहार से और देखिए लगातार सर्वे भी आ रहा
है हर पार्टी सर्वे करा रही है हर हर चैनल
से सर्वे आ रहा है उस चैनल में कहीं ना
कहीं सब कुछ सहज होता हुआ दिखाई नहीं पड़
रहा है बिल्कुल साफ दिख रहा है कि एनडीए
को 40 सीट तो बिहार में नहीं मिल रही
बिल्कुल वही हम कह रहे हैं तो इसमें अगर
यदि 40 सीट आपको नहीं मिलेगी और 40 सीट
लेने के लिए ही नीतीश कुमार को साथ में
जोड़ा गया है तो ऐसे में 39 इनका तो
ऑलरेडी था तो कैसे में होगा इसलिए अगर यदि
थोड़ा सा भी इधर-उधर उलट पुलट होता है तो
ये बहुत बड़ा सेटबैक बिहार में एनडीए को
होगा इसमें कहीं कोई दो मत नहीं सम कहीं
कोई दो मत नहीं यानी कि जरा सा इधर-उधर
हुआ तो एनडीए को इसका खामियाजा भुगतना
पड़ेगा तो यह पूरी बातचीत आपको कैसी लगी
है कमेंट करके हमें जरूर बताइएगा तो इस
तरह के तमाम अपडेट्स के लिए ऐसे ही हमारे
साथ बने रहिएगा और देखते रहिएगा लाइव
सिटीज बहुत
[संगीत]
शुक्रिया

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