CM Yogi के डंडे से भाग खड़े हुए किसान, 700 से ज्यादा किसानों पर FIR से मच गया हड़कंप

योगी ने एक झटके में निकाली बवाली किसानों
की
हेकड़ी आंदोलन जीवं पर प्रहार 700 किसानों
पर

एफआईआर यूपी में पकड़ी गई किसान आंदोलन की
जड़
नमस्कार आप देख रहे हैं एनएमएफ न्यूज़
किसान आंदोलन को लेकर सीएम योगी सख्त हो
गए हैं एक तरफ कमेटी गठित कर दी गई है तो
दूसरी तरफ बवाली किसानों को सबक सिखाया जा
रहा है सीएम योगी के आदेश और यूपी पुलिस

के डंडे ने एक झटके में बवाली किसानों की
गर्मी उतार दी है दरअसल यहां भी कुछ
किसानों ने सीएम योगी को आंख दिखाने की
कोशिश की नोएडा अथॉरिटी को शंभू बॉर्डर
बनाने की साजिश रची पुलिस वालों को निशाना

बनाया गया जिसके बाद कई पुलिस कर्मी घायल
भी हो गए लेकिन चंद मिनटों में सीएम योगी
ने बवालियो की हवा टाइट कर दी नोएडा
प्राधिकरण कार्यालय पर तालाबंदी कर
प्रदर्शन करने वाले किसानों पर गाज गिरी

धरना देने वाले 746 किसानों के खिलाफ
गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाई गई
किसानों पर अधिकारियों को बंधक बनाने
राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप है

यह मुकदमा किसानों पर नोएडा प्राधिकरण के
एक अधिकारी ने दर्ज करवाया है यूपी पुलिस
के इस बड़े एक्शन से किसानों में हड़क मच
गया है खैर अब यह चिल्लाए या बवाल मचाए

योगी सरकार को आंख दिखाने पर बखे नहीं
जाएंगे क्योंकि सीएम योगी पहले ही आदेश
जारी कर चुके हैं कि यूपी में 6 महीने तक
कोई भी प्रदर्शन नहीं कर पाएगा लेकिन यह

लोग कहां बाज आए हैं आखिर क्यों यूपी के
किसानों ने नोएडा अथॉरिटी पर की तालाबंदी
तो चलिए यह भी बताते हैं दरअसल 18 जनवरी

को भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में
हजारों किसान नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर
इकट्ठा हुए किसानों ने एनटीपीसी द्वारा एक
समान मुआवजा ना देने का आरोप लगाकर

प्रदर्शन किया आरोप है कि किसान
बैरिकेडिंग पर चढ़कर नोएडा प्राधिकरण के
गेट तक पहुंच गए थे धरना दे रहे किसानों

ने नोयडा प्राधिकरण कार्यालय के गेट पर
ताले जड़ दिए थे किसानों की तरफ से ना
सिर्फ प्रशासन को डराया गया बल्कि
तानाशाही तक दिखाई गई भारतीय किसान परिषद
के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने भी धमकी भरे
लहजे में कहा था कि किसानों की मांग पूरी

नहीं हुई तो प्राधिकरण के अधिकारियों की
यहां जरूरत नहीं है इसलिए प्राधिकरण को
बंद रखना ही ठीक है यह लोग तब अकड़ दिखा
रहे हैं जब योगी सरकार इनकी समस्याओं को
सुनने के लिए तैयार है बकायदा कमेटी गठित

की गई है कमेटी में मेरिट मंडल के
मंडलायुक्त और गौतम बुद्ध नगर के
जिलाधिकारी को सदस्य बनाया गया सीएम योगी
के आदेश पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन हुआ
है किसानों से बातचीत करय कमेटी तीन महीने
में अपनी रिपोर्ट शासन को देगी कमेटी को

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यपालक
अधिकारी सहयोग
करेंगे इस बीच सरकार सुन रही है समाधान भी
निकाल रही है बावजूद उसके भीय किसानों के
ठेकेदार बन रहे सुखबीर खलीफा सरकार को

चुनौती दे रहे हैं 23 फरवरी को दिल्ली कूज
के लिए बवाली किसानों को उकसा रहे हैं और
बयान जारी करते हुए कह रहे हैं कि सभी 23
फरवरी को बॉर्डर पर इकट्ठा हो जाए तुम

कितने केस लगाओगे और कितने डंडे सेको ग
अपनों का हक लेने से तुम हमको कब तक
रोकोगे तुम हमको कब तक
रोकोगे जनाब यह गौतम बुधनगर की धरती वीरों
की धरती है यहां वीर भगत सिंह ने भी तप

किया था डंडे मारने से केस लगाने से जेलों
में डालने से हमारी पीड़ा का समाधान नहीं
होता अगर आप वास्तव में हमारी पीड़ा का
समाधान करना चाहते हो तो आप हमें हमारा 10

पर दे दो हमारी आबादी का निस्तारण कर दो
हमें समान रोजगार समान मुआवजा दे दो आप
मेरे हमें हमारे बच्चों का हक दे

दो
साथियों हाई पावर कमेटी बनाने की बात थी
हाई पावर कमेटी नहीं बनी इसलिए फिर हमें
एक बार 23 फरवरी दिन के 1

बजे महामाया फ्लाई ओवर के नीचे से दिल्ली
की तरफ पूछ करेंगे निश्चित तौर पर अपना हक
लेक रहेंगे हम मानने वाले नहीं है खैर
यूपी में बवाल करना सरकार को चुनौती देना

अभी तो कम महंगा पड़ा है 700 किसानों पर
ही केस दर्ज हुआ है आगे नियम कानून का पाठ
इन्हें अच्छे से पढ़ाया जा सकता है खैर
क्यों नोएडा और ग्रेटर नोएडा की किसानों
का जिन फिर से अचानक बाहर आ गया है बवाल
करने पर यह लोग भी उतर आए हैं सरकार को

चुनौती दे रहे हैं तो चलिए बताते हैं कि
इनकी मांगे क्या
हैं किसानों की अधिग्रहित भूमि के सापेक्ष

10 फीसद विकसित भूमि का अधिकार देने की
मांग रेवेन्यू रिकॉर्ड से प्राधिकरण का
नाम निरस्त कर कास्तकार के नाम अंकित किए
जाने की मांग आबादी वि नियमावली 2011 की

अंतर्गत 450 वर्ग मीटर की सीमा को 1000
प्रति वर्ग मीटर की मांग है गांव में
निर्माण धीन किसानों के घरों पर भवन
नियमावली ना लागू करने की मांग है 5 फीसद
की विकसित भूखंड पर पूर्व में संचालित

कमर्शियल गतिविधि करने की नीतिगत अनुमति
देने की मांग है तो यह किसान भी हरियाणा
पंजाब के किसानों के प्रदर्शन में बहती
गंगा में हाथ धोने चल पड़े हैं खैर सीएम
योगी अब सक्ति दिखा रहे हैं चुनचुन कर

कानून तोड़ने वालों का हिसाब होगा अभी तक
700 से ज्यादा किसानों पर केस दर्ज हुआ है
आगे और भी लोग इसमें नप सकते हैं क्योंकि
23 फरवरी को किसानों के प्रदर्शन के ऐलान
को लेकर यूपी में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड

में आ गया है शांति भंग करने वालों को
छोड़ा नहीं जाएगा तो इस खबर पर क्या है
आपकी राय कमेंट कर जरूर
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