EVM के खिलाफ सड़कों पर जनता | पुलिस की हालत पस्त… ‘EVM से जीतते हैं मोदी’ |

बैरिकेड को तोड़ कर के ये तमाम लोग ईवीएम
हटाने के लिए हाथ में इन्होंने बकायदा एक
चलो संविधान बचाने ईवीएम का खुलासा हो गया
ईवीएम का खुलासा हो चुका है ईवीएम मशीन
चोर है ईवीएम हटाओ देश बन जाओ ईवीएम हटाओ
संविधान बन

जाओ
प्रधानमं
प्रधानमं जब जब मोदी डरता है पुलिस को आगे
करता है सारी जनता की एक ही मांग है कि
अगला चुनाव जो होगा वो बैलेट पेपर से ही
होना चाहिए ईवीएम की ताकत मोदी जी की

बेईमानी और भ्रष्टाचार की ताकत है उस ताकत
के बल पर वो घमंड के साथ छाती ठोक के कहते
हैं कि एक अकेला सब पे भारी और अबकी बार
400 पार जनता ये आवाज उठा रही है तो जरूर
इस बात के पीछे कुछ ना कुछ तो ऐसा है
जिसकी वजह से मोदी जी खुलेआम बोल लेते हैं

कि अबकी बार 400 पार ये बात राहुल गांधी
क्यों नहीं कहते ये कांग्रेस का कोई नेता
क्यों नहीं कहता ये अखिलेश क्यों नहीं
कहता ये ममता क्यों नहीं कहती कोई और
पार्टी का नेता क्यों नहीं कहता इनके इतना
घमंड हो चुका है आज 400 पार कहने लग रहे

हैं कहां से कह रहे हैं ईवीएम की ताकत से
कह रहे हैं मोदी जैसा आदमी अपने आप ही छुप
के एक दिन देखना देश ही छोड़ के भागेगा
आ ईम हगी और मैं आऊ नहीं र पर य पर बकेट
लगाए गए थे और बकेट को तोड़ करके तमाम लोग

ईवीएम हटाने के लिए हाथ में इन्होने
बकायदा चलो संविधान बचाने पकड़ क्या
कहेंगे
आप टेन कर लिया गया आप लोग को जी जी

जी भाई ये तो उसकी धमकी है ना चोरी और
सीना जोरी चोरी और सीना जोरी माल आपको
देखने को मिल रहा होगा चारों तरफ मैं कैमन
से रिक्वेस्ट करूंगी कि वो आपको चारों तरफ
बैकेट के ऊपर भी तमाम जो है युवा चढ़े हुए

हैं ईवीएम हटाने के लिए ईवीएम हटाने के
लिए एक अलग हुंकार आपको देखने को मिल रही
होगी ये तस्वीर भारत से आ रही है भारत की
राजधानी दिल्ली
से आगे ले जा रहे मोद बिल्कुल देश को
गुलामी की ओ ले जा रहे हैं

वयो का राज लाना चाहते वो कांग्रेस पार्टी
नहीं होने देगी कांग्रेस पार्टी नहीं होने
देगी हम हम विरोध करेंगे ईवीएम ईवीएम का
खुलासा हो गया ईवीएम का खुलासा हो चुका है

ईवीएम मशीन चोर है ईवीएम मशीन चोर है ईम
मशीन
चोर सभी पार्टी आएगी आना पड़ेगा आज इतनी
बड़ी आंदोलन क्या दिक्कत है आपको क्या

विरोध नहीं करने दे रही है हम लोग ईवीएम
हटाने के लिए जंतर मंत्र जाना चाहते हैं
क्या हमारे देश में ईवीएम को हटाने के लिए
हम प्रतिरोध नहीं कर सकते अपनी आवाज नहीं

उठा सकते इसलिए हम जा रहे हैं जब जब जब जब
मोदी डरता है पुलिस हां देख लीजिए तमाम
लोगों को डिटेन करके ले जाया गया है और वो
कह रहे हैं कि जब जब मोदी डरता है पुलिस
को आगे करता है पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी
आक्रोश आई है हम आपको और तस्वीरें दिखाना

जाएंगे दूसरी तरफ क्योंकि इन लोगों को एक
एक करके डिटेन किया जा रहा है अंदर ये लोग
प्रदर्शन दे रहे थे अब का क्या माहौल है

आप तस्वीरों में देख सकते हैं आपका हा जी
जहां हम ले जाएंगे हम चले जाएंगे मैडम हम
तो शांति पूर्वक आदमी है ये गिरफ्तार कर
रही है लेकिन हम एक बात कहते हैं जब जब
मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है तो
क्या कहना चाहेंगे आप लोग प्रशासन से जो

है जिस प्रकार की झड़ जनतांत्रिक अधिकार
है विरोध करना हमारा जनतांत्रिक अधिकार है
तो हमें करना चाहिए हम कर बैकेट तोड़े

करना चाहे कर सकते हैं क्या बैरिकेड तोड़े
हैं आप लोगों ने नहीं बैरिकेड कोई नहीं
तोड़े हम तो शांतिपूर्वक तरीके से जा रहे
हैं आगे लेकिन जाने कहां दे रहे हैं हमें

कहां बस में बैठने जा रहे हो नहीं बस में
बैठ जाएंगे बस में क्या दिक्कत है पुलिस
बैठाए कहां बैठाए वहां बैठ जाएंगे हम तो
हम तो जंतर मंतर जाना चाहते हैं बैरिकेड
तोड़ के कहां जाने का प्रयास कर रहे थे आप
लोग जंतर मंतर तोड़ के हम तो जंतर मंतर

जाने का प्रयास कर रहे हैं कह रहे हैं कि
जनतर मंतर जाने का प्रयास कर रहे थे आप
इधर तस्वीरें देख सकते हैं लगातार बड़े
नेताओं की गिरफ्तारी है आपके तमाम तो यही

 

करेंगे और कुछ नहीं भाई ये और कुछ कर नहीं
सकते ना इसके अलावा यही कर
सकते इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते ये आज
आंदोलन देख लीजिए कह रहे हैं कि इसके
अलावा ये सरकार कुछ नहीं कर सकती है हम
लोग प्रजातंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे

हैं लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं
हमें कोई डर नहीं है हमें कोई भाय नहीं
है पोस्टर भी फाड़ दिया गया

आपका पोस्टर भी फाड़ दिया गया किसने फड़ा
ये दिल्ली पुलिस ने फड़ा
है कि कहां जाने की तैयारी कर रहे थे
जाएंगे चले जाएंगे जहां भी ले जाएंगे चले

जाएंगे को बचाएंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
में किस तरीके से गिरफ्तारी क्या कहेंगे
देखिए गिरफ्तारी करना कानून का काम है हम
शांतिपूर्ण तरीके से बैठ के जा रहे हैं ये
आंदोलन था ये हमारे अपने कार्यालय प हुआ

है युवा कांग्रेस का जो कार्यालय वहां पे
हुआ है शांतिप्रिय हुआ है इसमें किसी ने
कोई कोई भी ऐसी सुनिए धारा 144 लगी थी आप
लोग प्रदर्शन नहीं कर सकते थे प्रशासन के
144 का मतलब ये नहीं होता है धारा 144 का
मतलब ये नहीं होता कि हमने शांति अपना

प्रोटेस्ट किया है हम अपने कार्यालय में
बैठकर अपनी बात उठा सकते हैं अपने आवाज
उठा सकते हैं और यह देश के हित में आवाज
है हम अपने कार्यालय में है अपने कार्यालय
कर रहे केलिए क्या मैसेज होगा मोदी अमित

शाह को ये मानना पड़ेगा कि देश में को
हटाना पड़ेगा और हम हमारा हाथ हमारी पर्ची
से चुनाव होना चाहिए यही
हमारा आप ईवीएम में वोट नहीं करेंगे हम
लोग बैलेट पर्ची से वोट करेंगे बैलेट

पर्ची से वोट करेंगे देखिए एक ही नारा ये
लोग लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि हम लोग
बस प्रदर्शन कर रहे थे हमें डिटेन करके
यहां से ले जाया जा रहा है ये महल आप देख
सकते हैं चारों तरफ का ये बैरिकेड जो ऐसे
लगाए गए थे दूसरी तरफ वो गिरा भी दिए गए

गिरा दिए गए वो तमाम बिक और यहां पर
महिलाएं भी आई हुई थी उन्हें भी डिटेन
करके ले जाया गया देखिए इन्हे तमाम जो
कार्यकर्ता है यहां पर मौजूद उनकी
गिरफ्तार लगा पुलिस का जो गुंडागर्दी है
नहीं चले ग गणतंत्र में जो गुंडागर्दी

करता है हमारे दफ्तर में घुस के ये जो
करता निदा करता है ी हटाओ देश बन जाओ ओ
संविधान बन जाओ ये देखिए और लोगों को
डिटेन किया जा रहा है ये तमाम लोग जो एकएक
करके निकल कर आ रहे हैं और ये लोग कह रहे
हैं कि जो प्रशासन की तानाशाही है सीधे

तौर पर तमाम दिग्गज नेता जो यहां पर आए
हुए थे उन लोगों को भी डिटेन कर लिया गया

है और ये वो तस्वीरें हैं जो हम आपको
दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि ईवीएम के
खिलाफ विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन था उसके
बाद ये लोग बैरिकेड तोड़ के जो है जनतर
मंतर जाने का प्रयास कर रहे थे यहां से

महज 5 मिनट की दूरी पे है जंतर मंतर जैसे
इन्होंने ये प्रयास किया प्रशासन की
गाड़ियां तैनात थी डिटेन करने के लिए क्या
कहना चाहेंगे डिटेन कर लिया ये तो

तानाशाही है ये जिस ईवीएम खिलाफ हम लड़
रहे हैं पुलिस पज यूथ कांग्रेस का दफ्तर
में घुस के हम तो गिर कर र है हम निंदा
करते हैं अगला दिन में देश में ये नारा
जोर से जाएंगे दिल्ली से गाव तक जाएंगे ये

ईवीएम का खिलाफ पश्चिम में इलेक्शन करना
ये हमारा मांग है पुलिस का जो गुंडागर्दी
चल रहा है उसका खिलाफ हम हां तो देख लीजिए
कह रहे हैं कि पुलिस की जो गुंडागर्दी चल
रही है उसके खिलाफ हम लोग एकजुट हुए हैं
और सरकार को प्रशासन को अगर डिटेन करना है

तो वो कर सकती है लेकिन ईवीएम के खिलाफ
खुला हुआ ये मोर्चा नहीं थमेगा क्या माहौल
है दिल्ली का आप देख सकते हैं क्या माहौल
यह आईवा इंडियन यूथ कांग्रेस के बाहर का
नजारा है क्योंकि जंतर मंतर पर इन्हे
प्रदर्शन नहीं किया गया ये कहते हुए धारा

144 है तो ये लोग यहां पर प्रदर्शन कर रहे
थे वो तस्वीरें भी आपने देखी होंगी लेकिन
उसके बाद का क्या माहौल है यह देख सकते

हैं आप सीधे तौर पर क्या कहना चाहेंगे आप
देखिए जो चंडीगढ़ मेर चुनाव में हुआ है
खुलेआम जो अधिकारी है वो कैमरे की नजर से
नजर चुराते हुए और वो निशान मार रहा है अब
य यही उत्तर प्रदेश में हुआ यही बिहार में

हुआ था तो ईवीएम में जो वोट पड़ रही जब ये
छोटे से चुनाव को प्रभावित करने के लिए
इतना कुछ कर सकते कोर्ट की निगरानी में भी
तो यह ईवीएम में भी गड़बड़ कर सकते हैं तो

पूरी हिंदुस्तान की एक मुस्त आवाज है कि
अगला जो चुनाव हो वो बैलेट पेपर प हो कम
से कम मतदाता को पता हो कि मैंने किस
पार्टी को किस कैंडिडेट को थप्पा लगाया है

और मेरा वोट कहां गया है जिसमें ये कोई
गड़बड़ी ना कर सके अगर गड़बड़ी हो तो
कोर्ट भी ये निगरानी रख सके कि जिस इंसान
ने जहां थप्पा लगाया था वो वहीं पर लगा
हुआ है यही सुप्रीम कोर्ट में साबित हुआ

उन्होंने जो वापस बैलेट पेपर वापस बुलाए
है और सारे बैलेट पेपर चेक किए तो जिसने
जहां प थप्पा लगाया था वो उसके वहां प
उन्होंने पाए गए और उसी को ही निर्णय दिया
है कि तो कैसे उखाड़ फेंकें अब आप लोगों
को क्या लग रहा है आप लोगों के प्रदर्शन

से ईवीएम हटेगी 204 देख 10 साल हो गए
लगातार हम प्रदर्शन कर रहे जवान हो किसान
हो ग्रहण इनसे हर वर्ग परेशान है इनके
इतना घमंड हो चुका है आज 400 पार कहने लग
रहे हैं कहां से कह रहे हैं ईवीएम की ताकत

से कह रहे हैं क्योंकि ना तो इनके पास
किसान की ताकत है ना महिलाओं की ताकत है
ना युवाओं की ताकत है इनके पास कौन सी

ताकत है जिसके दम पर 400 के पार की नारा
दे रहे हैं तो इनके पास अगर ताकत है तो
सिर्फ ईवीएम की ताकत है तो अगर इनके ताकत
ईवीएम को हटा दिया जाए तो इनकी ताकत खत्म
हो जाएगी और ये तेल के दाम भी कम कर देंगे

किसानों को एमएसपी भी दे देंगे सस्ते
सिलेंडर भी दे देंगे और युवाओं को रोजगार
भी देंगे तो आज पूरे देश सिर्फ चुनाव आयोग
की तरफ नजरें टिकाए हुए हैं कि वोह ईवीएम
से चुनाव कराएगी या देश की जनता की जो सभी
पार्टियों की मांग है कि बैलेट पेपर से

चुनाव होना चाहिए तो व उस पर नजर चुनाव
आयोग देखते क्या फैसला करता है क्योंकि

सारी जनता की एक ही मांग है कि अगला चुनाव
जो होगा वो बैलेट पेपर से ही होना चाहिए
अगला चुनाव जो होगा वह बैलेट पेपर से होगा
लेकिन तमाम बीजेपी के नेता आरोप लगाते हैं
कि बैलेट पेपर से चुनाव की बात कर रहे हैं

ईवीएम लाने वाली तो कांग्रेस थी देखिए
ईवीएम लाने वाली कांग्रेस थी लेकिन
कांग्रेस के समय में क्या कारण है कि ऐसे
भ्रष्टाचार नहीं हुए क्या कारण है कि कभी
लोगों में इतना रोश नहीं आया कि आज हर

वर्ग चाहे वह महिला हो चाहे वो जवान हो
चाहे वो किसान हो चाहे वो वकील हो चाहे व
महंगाई का मुद्दा हो बेरोजगार हो चाहे
अग्निवीर क्या कारण है कि समाज का हर वर्ग

आज बीजेपी के हर उस बात के खिलाफ है जो वो
समाज के लिए लेक आते हैं मुद्दे बहुत है
जिन मुद्दों पर बात होनी चाहिए टीवी देखिए
बड़े चैनल देखिए कहीं पर भी उन बौद्धों पर

बात नहीं हो रही है महिला सशक्तिकरण करने
वाले महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले
मोदी जी के अपने विधायक अपने बड़े-बड़े
नेता किन केसों में सिलित है मुझसे ज्यादा

आप जानती है महिलाएं रोज आपको देखना पड़ता
होगा इन चीजों से रोज दो चार होना पड़ता
होगा आज बेरोजगारी एक मुद्दा है युवा
पढ़कर बेरोजगार बैठे हैं जिनके पास

नौकरियां अगर वो एग्जाम देने जाते हैं तो
वो पेपर लीक हो जाते हैं क्या कारण है कि
ये सभी उन्हीं के शासन में ही क्यों हो
रहा है हम ये नहीं कहते हम ये कहते हैं कि

आज क्यों ऐसा माल बना कि लोगों को यह कहना
पड़ा कि आज ईवीएम की वजह से मोदी जी चुनाव
जीत रहे हैं ईवीएम पर चुनाव होना कोई बुरी
बात नहीं है प्रजातंत्र सबको अपना हक है
सब बात कहने की बात है लेकिन अगर जनता यह
आवाज उठा रही है तो जरूर इस बात के पीछे

कुछ ना कुछ तो ऐसा है जिसकी वजह से मोदी
जी खुलेआम बोल लेते हैं कि अबकी बार 400
पार यह बात राहुल गांधी क्यों नहीं कहते
यह कांग्रेस का कोई नेता क्यों नहीं कहता
ये अखिलेश क्यों नहीं कहता यह ममता क्यों

नहीं कहती कोई और पार्टी का नेता क्यों
नहीं कहता क्योंकि सभी जानते हैं क्योंकि
जो ईवीएम की ताकत जी की बेईमानी और
भ्रष्टाचार की ताकत है उस ताकत के बल पर

वो घमंड के साथ छाती ठोक के कहते हैं कि
एक अकेला सब पे भारी और अबकी बार 400 पार
लेकिन उनको नहीं दिखता इस देश का बेरोजगार
नहीं दिखता महिला पे मार नहीं दिखती

महंगाई पे बार मोदी जी कहते हैं अबकी बार
400 पार तो उनके कहने में कहते हैं ख्वाब
बलाव है और ये देख रहे हैं तो उसम कोई कह

रहे ईवीएम की बदौलत मोदी जी का ये डंका
पिट रहा है कि 400 पार कैसे देख रहे हैं
वो कौन से कारण है कि आपको लग रहा है कि
इस बार ईवीएम हटा
देंगे ये जनता की ताकत होती जनता ही चुनती

है और जनता नहीं जाएगी ईवीएम से चुनाव
नहीं चाहेगी तो बिल्कुल ईवीएम से चुनाव
नहीं हो सकता आपने देखा पीछ मध्य प्रदेश
में तीन प्रदेशों में जो चुनाव हुए थे
उसमें पोस्टल बैलेट के रिजल्ट थे उसमें वन

साइडेड कांग्रेस को पोस्टल बैलेट में आ
रहा था और ईवीएम में वो बिल्कुल उलट हो
गया आज तक का चुनाव में इतिहास में ऐसा
कभी नहीं हुआ कि पोस्टल बैलेट का जो रुझान
होता है उसके बिल्कुल विपरीत बाकी के जो

चुनाव के परिणाम जो है उसके बिल्कुल
विपरीत आए उसमें और सबसे दूसरी बात ये है
वहां जो गणना की गई उनकी वोटों की गिनती
की गई ईवीएम की गिनती में और जो फिजिकल जो
वहां से फॉर्म आते हैं जो फॉर्म हमारे
एजेंट पोलिंग एजेंट बनके बैठते हैं और वो
जो फॉर्म भेजते हैं उसके डाटा में उसके

डाटा में दोनों में जमीन आसमान का फर्क था
इससे पता चल रहा कि ईवीएम से वो लोग घपले
बाजी कर रहे हैं और जब इस तरीके से जब
ईवीएम को वो हैक कर सकते हैं तो वो तो कर

ही सकते हैं कि चुनाव को 400 पार भी बोल
सकते हैं वो तो 1000 पार भी बोल सकते हैं
जब उन्होंने अपने इसी अगर लोकतंत्र को
जिंदा रखना है डेमोक्रेसी को जिंदा रखना
है और जनता की बात करनी है तो जनता को

आवाज उठानी पड़ेगी और आज जनता जाग गई है
और वो नहीं चाहती कि जो है चुनाव जो है
ईवीएम से हो हम चाहते पोस्टल बैलेट से हो
मैं ये पूछता हूं बीजेपी को या चुनाव आयोग

जो बीजेपी की या मोदी की कट पुत्री है
उसको क्या परेशानी है
पोस्टल बैलेट से चुनाव कराने की क्यों
नहीं वो चाहते कि ईवीएम से चुनाव हो
क्योंकि वो उनके मन में चोर है वो जानते
हैं ई ईवीएम की वजह से समय की बचत हो जाती
है खर्चा कम

उसपे काम क्या है चुनाव आयोग कौन सा चकिया
लगा रखी है उने सिर्फ चुनाव कराना है पा
साल में हर पा साल बाद कभी विधानसभा का
कभी मुंसिपल का और कभी उसका लोकसभा

का
ईवीएन तकनीक का भी तो उदाहरण है मैडम पहले
भी हम बैलेट पेपर प दिया करते थे महीने
लगेंगे ना काउंटिंग में एक हफ्ता लग जाएगा
10 दिन लग जाएंगे उसके पास काम क्या है
यही काम है ना चुनाव कराने का फिर उसको

क्या दिक्कत है जब हम जनता वो हमारा नौकर
है उसका अधिकार नहीं है वो हमें मना कर दे
कि मैं ऐसे नहीं करूंगा हमारी सैलरी कर से

 

जिस देश ने ईवीएम बनाया है जहां से ईवीएम
बन के आ रहा है वो देश इस्तेमाल क्यों
नहीं कर रहे मोदी जी संसद में कह रहे हैं
400 पार 400 पार अरे हिंदुस्तान के नौजवान
हो गए बेरोजगार तुम कर रहे हो 400 पार है
जी मोदी जी की गारंटी चलेगी इस बार मोदी

जी की नहीं चलेगी गारंटी क्योंकि समृति
ईरानी है उनकी आंटी इसलिए नहीं चलेगी मोदी
जी की गारंटी बात बता के लिए उन्होंने
गारंटी दी थी कि राजस्थान में 50 कांग्रेस
दे रही थी 500 के सिलेंडर गैस सिलेंडर

उन्होंने कहा हम 450 का दे देंगे मोदी जी
जाकर बोल के आए थे अब वो कहते हैं हमने
ऐसा कोई वादा ही नहीं किया था ये तो जुमला
था तो मोदी जी की गारंटी तो वही खुश हो

जाती है मोदी जी की गारंटी थी कि महिलाओं
के साथ न्याय होगा महिलाओं का सशक्तिकरण
होगा और जो बलात्कारी है वो उनकी कैबिनेट

में बैठे होते हैं उनका वो साथ देते हैं
तो कहां महिलाओं को न्याय मिल रहा है कहां
महिलाओं को सम्मान मिल रहा है सवाल ये है
कि ईवीएम देख इन्होने पोस्टर पकड़ा है मैं
चाहूंगी आप इधर आइए इन्होंने एक पोस्टर
पकड़ा हुआ है इसम लिखा है ईवीएम के खिलाफ

हम खड़े हैं मेरी पर्ची मेरे हाथ पे अड़े
हैं क्या कहना चाहेंगे कैसे हटाएंगे इस
बार ईवीएम ईवीएम हटाओ देश बचाओ लाए हुए

हैं ईवीएम हटाने का ईवीएम हटाने के लिए ही
तो हम संघर्ष कर रहे हैं कि इसमें सुप्रीम

कोर्ट इसमें सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान ले
हमारा इलेक्शन कमीशन खुद संज्ञान ले आप
सरकार के पास भी यह पूरे का पूरा हम सरकार

को भी मौका दे रहे हैं कि आप बैलेट पेपर
से चुनाव कराइए अगर जनता आपके साथ है तो
आप बैलेट पेपर से भी जीत जाएंगे और हम
सबको जवाब मिल जाएगा कि भाई ईवीएम ठीक है
तो यह सबूत देना तो सरकार का काम है दूध
दू आ और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा

इसमें दिक्कत क्या है बैलेट पेपर अगर आप
चुनाव सपोज करो मैं अपना वोट बीजेपी को
देना चाहता हूं तो मैं बैलेट पेपर से भी
बीजेपी को वोट दूंगा उसमें आपको दिक्कत
क्या है मोदी जी हमारा सवाल ये है

लोकतंत्र जिंदा ये तो लोकतंत्र है जिस तरह
से आम जनता लोकतंत्र प मतलब एक अपना अपना
अपना अधिकारी चुनती है अपना मतलब एमपी या

एमएलए जो भी चुनती है ये उसका अधिकार है
ये उसका जातीय अधिकार है उसका एक वोट उसको
चुनता हैर लग रहा है कि आप लोग 24 से पहले
बैलेट पेपर में चुनाव करवा पाएंगे बिल्कुल

बिलकुल होगा होना चाहिए हम लोग इसलिए लड़
रहे हैं ना चाए
बि कर सुप्रीम कोर्ट के वकील नवयुवक देश
के किसान देश के जवान सब लोग ईवीएम के
खिलाफ लड़ रहे हैं लड़ाई एकदम एक तरफा

होने वाली है देश में इतना बड़ा विद्रोह
होने वाला है मोदी जैसा आदमी अपने आप ही
छुप के एक दिन देखना देश ही छोड़ के
भागेगा उसे पता है मैं आऊंगा नहीं ईवीएम
हटेगी और मैं आऊंगा नहीं जो भ्रष्टाचार
हरानी के साथ मिलक इन्होंने किए है उसी
भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह ईवीएम
चना क उस 20 त है वो फिक्स है मैं भी मैं

भी एक एजुकेटेड हूं पता है मैंने भी कभी
इलेक्शन कराए हैं उसम 20 पर टाइमिंग पहले
तो मशीनों के अंदर टाइमिंग का जरूरत क्या

है टाइमिंग डाली हुई है और आज इलेक्शन करा
के नेक्स्ट डे आपकी काउंटिंग करा लो आपको
फेर इलेक्शन हो जाएगा अगर जो चार दिन बाद

 

आप उस मशीन को देखते हैं तो उसम 20 पर वोट
ट्रांसफर हो जाता है यह मोदी जी के जो
बंदे बैठे हुए हैं ना वहां प ईवीएम के
सिस्टम को जो हैक करके लेके आ जो चिप्स
में जो प्रोग्राम इंसेट करते हैं वो मोदी

के पार्टी के लोग हैं और वो वहां पर बोर्ड
ऑफ डायरेक्टर बने हुए अच्छा सुप्रीम कोर्ट
से क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच
चुका है तो लोगों की कितनी आज जुड़ी है
सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट इस समय पूरे

देश की 140 करोड़ लोगों की आज सिर्फ एक ही
है वो सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस सीजेआई से
है क्योंकि वही निष्पक्ष तरीके से कार्य
कर रहे हैं और लोगों की पूरी उम्मीद उनकी
तरफ है वो देख रहे हैं कि जो कुछ आज हो
सकता है न्याय प्रणाली से

को देखिए आइए मैं और आपको तस्वीर दिखाना
चाहूंगी कि क्योंकि उधर मंच है तो उधर
क्या माहौल है देखिए चारों तरफ का आपको
माहौल देख सकते हैं कि ये यात्रा चंपारण
में से दिल्ली पैदल यात्रा निकाली गई है

तमाम लोग चंपारण से आए हैं और ये लोग
ईवीएम को हटाने के लिए एकजुट हुए हैं
हालांकि राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन नहीं
कर सकते इसलिए ये कांग्रेस कार्यालय प आ
चुके हैं अपनी मांगों को लेकर आप चारों
तरफ का माहौल देख सकते हैं कि महिलाएं भी

आई हुई है

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