Farmers की किस मांग को Modi नहीं कर पा रहे पूरा?

नमस्कार न्यूज़ की पाठशाला में आप सभी का
बहुत स्वागत मैं हूं सुशांत सिन्हा और
जैसा आप देख सकते हैं इस वक्त मैं अभी-अभी
अबू धाबी से भारत में लैंड हुआ हूं और
हमने क्योंकि मैं आपसे कहता हूं कि
पाठशाला की कोई क्लास मिस नहीं होनी चाहिए
इसलिए मैं भी पाठशाला मिस ना करूं इसलिए

एयरपोर्ट के पास में ही हमारी टीम ने बहुत
ही शानदार जल्दी से सेटअप तैयार किया और
पाठशाला अब एयरपोर्ट के पास से आ रही है
इसलिए मेरे कपड़े मेरा आप देखकर अंदाजा

लगा सकते हैं कि क्या किस तरह से हम यह शो
आपके लिए लेकर आ रहे हैं लेकिन पाठशाला
लगनी जरूरी थी और वह लग रही है और इसलिए
आपको सबसे पहले बता देता हूं कि पाठशाला
में आज किस-किस की क्लास लगेगी कौन-कौन सी
क्लास लगेगी किसान आंदोलन पर एक बड़ी खबर
आ रही है आज आपको उसके बारे में बताऊंगा

इसके अलावा आपको बताऊंगा कि किसान आंदोलन
का राम मंदिर से क्या कनेक्शन निकल आया
भाई आंदोलन एमएसपी की गारंटी के लिए या
नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए यह आज इसके
बारे में भी आपको बताऊंगा किसानों ने जो
मांगा मोदी ने उससे 50 पर ज्यादा कैसे दे
दिया इसकी डिटेल दूंगा वह ग्राउंड रिपोर्ट
दिखाऊंगा जो बंगाल के संदेश खाली का पूरा
सच आपको बताएगी क्योंकि बंगाल में जो हो

रहा है उसको लेकर देश भर में चर्चा है और
चिंता है संदेश खाली का सच ममता सरकार
क्या छुपाना चाहती है इस सवाल का जवाब भी
हम ढूंढने का प्रयास करेंगे टूटते इंडी
गठबंधन के साथ क्या अब नया खेला हो गया है
इसका भी चैप्टर है लोकसभा से पहले वो
चुनाव जो विपक्ष जीतते जीतते हार जाएगा

कैसे क्या खेला हुआ है आज यह भी आपको बड़ी
खबर बताऊंगा लेकिन पाठशाला में पहले दिन
भर की बड़ी खबरों का रिवीजन उसके बाद पहला
[संगीत]

चर लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले इलेक्टरल
बंड्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा
फैसला सुना इलेक्टोरल बंड्स मतलब जिसके
जरिए पार्टियों को जो है लोग फंडिंग करते
थे सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बंड स्कीम को
ही असंवैधानिक बताया और इस पर तुरंत
तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी कोर्ट ने कहा

कि इलेक्टोरल बंड सूचना के अधिकार का
उल्लंघन है बॉस और वोटर्स को पार्टियों की
फंडिंग के बारे में जानने का पूरा हक है
कोर्ट ने आदेश दिया कि बंड खरीदने वालों
की लिस्ट सार्वजनिक की जाए सुप्रीम कोर्ट
के आदेश के बाद एसबीआई को तीन हफ्ते के

अंदर चुनाव आयोग को इलेक्टरल बंड्स की
पूरी जानकारी देनी होगी कि किस पार्टी को
कहां से पैसा आया जिससे वोटर्स की को
जानकारी के लिए चुनाव आयोग सार्वजनिक कर

देगा यह जानकारी
महाराष्ट्र में शरद पवार गुट को बड़ा झटका
लगा है एनसीपी विधायकों की अयोग्यता के
मामले में आज महाराष्ट्र विधानसभा के
स्पीकर ने अपना फैसला सुना दिया इसमें
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने अजीत पवार गुट
को ही असली एनसीपी घोषित कर दिया और अजीत
पवार गुट के जो 41 विधायक थे उनको अयोग्य
ठहराने की शरद पवार गुट की अपील को ही
खारिज कर दिया स्पीकर ने अपने फैसले में
कहा कि जब एनसीपी में दो गुट बने थे उस
वक्त अजीत पवा अजीत पंवार की अगुवाई वाला

गुठी असली एनसीपी बना था
कैश फॉर क्वेरी के मामले में लोकसभा
सदस्यता गवाने वाली टीएमसी नेता महुआ
महित्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं ईडी ने
महुआ महित्रा को 19 फरवरी को पेश कर होने
के लिए समन जारी कर दिया ईडी ने महुआ
महित्रा को फेमा यानी फॉरन एक्सचेंज
मैनेजमेंट एक्ट के उल्लंघन के मामले में
पूछताछ के लिए बुलाया दरअसल बीजेपी सांसद

निशिकांत दुबे ने महुआ महित्रा पर कैश
महंगे गिफ्ट लेकर और कारोबारी दर्शन हीरा
नंदानी के इशारों पर लोकसभा में सवाल
पूछने का आरोप लगाया था जिसकी जांच के बाद
महुआ महित्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द कर
दी गई
ी बिहार में सरकार और गठबंधन बदलने के बाद
आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बार
आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात हुई
लालू यादव के साथ पूर्व डिप्टी सीएम
तेजस्वी यादव भी मौजूद नजर आए समर्थकों की
नारेबाजी के बीच दोनों नेता एक दूसरे से
बड़ा मुस्कुरा कर मिल रहे थे अभिवादन

वगैरा भी हुआ है नीतीश कुमार ने लालू यादव
के कंधे पर हाथ भी रखा इसके बाद नीतीश
कुमार तेजस्वी की तरफ देखते हुए नमस्कार
करते हैं और फिर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़
जाते हैं
अब बिहार की राजनीति में तो जो खेल होना
था हो गया लेकिन अगर क्रिकेट के खेल की

बात करूं तो इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट
मैच की सीरीज के तीसरे मैच के पहले दिन
भारत ने अपनी पकड़ को मजबूत कर लिया है
राजकोट में टेस्ट शुरू हुआ और दिन का खेल
खत्म होने तक भारत पांच विकेट खोकर 326 रन
बना चुका है 33 रन पर तीन विकेट गिर गए थे
भाई लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने पहले

सेंचुरी ठोक दी फिर रविंद्र जर जडेजा ने
सेंचुरी ठोक दी रोहित शर्मा 131 की पारी
खेलकर आउट हुए जबकि जडेजा 110 रन बनाकर नट
आउट है उधर डेब्यू करने वाले सरफराज खान
ने 66 गेंदों पर 62 रन की शानदार पारी
खेली तो बॉस यह हो गया दिन भर का रिवीजन
अब पाठशाला की पहली क्लास लेकिन इससे पहले

किसान आंदोलन पर इस वक्त की बड़ी खबर आपको
बता देता हूं और वह बड़ी खबर किसान आंदोलन
से जुड़ी हुई आ रही है चंडीगढ़ में सरकार
और किसानों की अहम मीटिंग हुई है यह बताया
जा रहा है और यह बहुत इंपॉर्टेंट है
क्योंकि ऐसा लग ल रहा था कि अब यह बातचीत
कहीं जाएगी नहीं लेकिन चंडीगढ़ में सरकार
और किसानों की अहम मीटिंग हुई है यह बड़ी
खबर आ रही है सरकार किसानों के बीच तीसरे
दौर की बातचीत हुई है तीन केंद्रीय मंत्री
वहां मौजूद थे जिन्होंने किसान नेताओं से
बातचीत की है और बातचीत से आंदोलन का आगे
का रास्ता तय होना है और इसलिए इस बातचीत
को बड़ा इंपॉर्टेंट माना जा रहा है तो यह

बड़ी
खबर अभी बड़ी खबर यह आ रही है कि इस वक्त
भी जब हम आपको यह खबर बता रहे हैं पाठशाला
में इस वक्त भी तीन केंद्रीय मंत्रियों की
बैठक चल रही है किसान नेताओं के साथ और यह
बैठक बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि जिस तरह

सवाल खड़े हुए हैं और क्या सरकार जो है वह
बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाल लेगी यह
सबसे अहम प्रश्न है तो हो सकता है पाठशाला
के बीच में और बड़ी खबर आपको बताऊं कि इस
मीटिंग में क्या हुआ लेकिन इस बीच किसान
आंदोलन को लेकर हरियाणा सरकार ने भी बड़े

कदम उठा लिए हैं पंजाब में भी कुछ कदम
केंद्र सरकार ने खुद से उठाए हैं बड़ी खबर
हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट बंद कर
दिया गया है यह बताया जा रहा है तो सात
जिले हरियाणा के जहां इंटरनेट बंद पंजाब

के तीन जिलों में इंटरनेट बंद हो गया है
किसान आंदोलन से माहौल बिगड़ने की आशंका
को देखते हुए यह फैसला लिया गया है कि
इंटरनेट बंद किया जाएगा अंबाला
कुरुक्षेत्र कैथल और जींद में इंटरनेट बंद
किया गया है इसके अलावा हिसार फतेहाबाद और
सिरसा में भी इंटरनेट बंद हो गया है तो
बड़ी खबर है आप देखिए इसका मतलब सरकार को
यह अंदेशा था कि माहौल बिगड़ सकता है और
इसीलिए कई जिलों में इंटरनेट को बंद किया
गया और 17 फरवरी तक यानी परसों तक इंटरनेट
बंद रहेगा हरियाणा में इन जिलों में पंजाब

के तीन जिलों में 16 फरवरी तक इंटरनेट बंद
किया गया है पंजाब में जहां-जहां बंद किया
गया है इंटरनेट को उसमें पटियाला है
फतेहगढ़ साहिब है संगरूर में इंटरनेट बंद
किया गया है यानी एक तरफ सरकार किसी भी
स्थिति को संभालने के लिए तैयार दिख रही

है कोई अराजकता ना फैले इसके बंदोबस्त कर
रही है और दूसरी तरफ किसानों के साथ
बातचीत को सरकार बहुत गंभीरता से ले रही
है यानी बातचीत और इधर संभालना दोनों
साथ-साथ चल रहा है और इसीलिए किसानों से
बातचीत के लिए केंद्र के तीन मंत्रियों को
इसमें लगा दिया गया है कृषि मंत्री अर्जुन
मुंडा इस वक्त बातचीत में मौजूद है
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल
बातचीत में मौजूद है इसके अलावा गृह राज्य
मंत्री नित्यानंद राय भी इसमें शामिल हैं
तो तीन बड़े मंत्री सरकार के जो इस वक्त

इस बातचीत में किसानों से चर्चा कर रहे
हैं अर्जुन मुंडा कृषि मंत्री पियूष गोयल
नित्यानंद राय तीनों वहां बैठकर चर्चा कर
रहे हैं और एक तरफ हरियाणा पंजाब बॉर्डर

 

आंदोलन के पक्ष में अपना समर्थन जताते हुए
पंजाब में कुछ किसान संगठनों ने रेल रोको
प्रदर्शन किया इस दौरान पंजाब में कई
जगहों पर किसान संगठनों के लोग पटरी पर
जाकर बैठ गए पंजाब में रेल सर्विस
प्रभावित हुई है पंजाब पंजाब के पटियाला
में भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने पटरी
पर बैठक बैठकर प्रदर्शन किया रेलवे ट्रैक
पर बड़ी संख्या में जाकर किसान नेता वहां
बैठ गए तो ट्रेन क्या ही चल पाती पंजाब के
संगरूर में भी कहा जा रहा है कि किसानों
ने रेल रो को प्रदर्शन किया है
किसानों ने रेलवे ट्रैक के किनारे ही दरी
बिछाकर प्रदर्शन किया प्रदर्शन में
महिलाएं भी बड़ी संख्या में नजर आई पंजाब
के आठ जिलों में रेल रोको प्रदर्शन हुआ है
पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए
आंदोलनकारी किसानों को इस बार किसी भी

कीमत पर दिल्ली में एंट्री ना देने की
तैयारी की गई दिल्ली हरियाणा के सिंघु
बॉर्डर पर आज पुलिस और प पैरामिलिट्री के
जवानों ने मॉक ड्रिल भी किया कि अगर हालात
बिगड़े तो कैसे संभालना है अगर किसान
दिल्ली की तरफ आ गए तो उन्हें कैसे रोकना
है इसका अभ्यास आज किया गया आप सोचिए
कितने किस लेवल की तैयारी चल रही है कल
मैंने आपको पाठशाला में बताया था कि कितने
लेवल की बैरिकेडिंग हुई है आज यह देखते
हुए कि भैया यह रुकने वाले लग नहीं रहे
हैं तो अगर आ गए तो अगर वाली स्थिति का भी

प्रयास कर की प्रैक्टिस कर ली गई मॉक
ड्रिल के
दौरान जवानों को बताया गया कि पहले हाथों
से ही किसानों को रोका जाए कोई बल प्रयोग
ना हो अगर जरूरत पड़े तभी लाठी चार्ज किया
जाए और आंसू गैस का

इस्तेमाल आपको दिल्ली के सिंगु बॉर्डर से
एक रिपोर्ट दिखाता हूं फिर आगे की बात
बताता हूं कि इस पूरे किसान आंदोलन का राम
मंदिर से क्या कनेक्शन है और यह आंदोलन
कहां जा रहा है ये तस्वीरें इस वक्त आप
यहां देख रहे हैं आप देखें तो एक तरफ जहां
यह बीच में कंक्रीट का वाल है यह दिल्ली
और हरियाणा की सीमा है और फ्लाई ओवर पर इस
तरफ जहां की तस्वीर अभी आप देख रहे हैं
वहां पर आपको रैपिड एक्शन फोर्स के जवान

नजर आ रहे होंगे वहां पर आपको दिल्ली
पुलिस की टुकड़िया नजर आ रही होंगी और
कैसे जब प्रद शकारी किसान आएंगे तो
अलग-अलग जो सुरक्षा बलों की टीमें होंगी

चाहे वह दिल्ली पुलिस का लेयर हो या रैपिड
एक्शन फोर्स का लेयर हो वो कैसे उनको
रजिस्ट करेंगे पहले हाथों से रोकने की
कोशिश होगी बैरिकेडिंग बचाने की कोशिश
होगी जरूरत पड़ने पर उन पर जो है वो लाठी
चार्ज किया जाएगा और फिर आगे अगर
स्थितियां गंभीर होती हैं तो टियर गैस या
अन्य जिन भी चीजों का इंतजाम जो है वो
दिल्ली पुलिस और प्रशासन की तरफ से किया
गया है उन सभी चीजों का इस्तेमाल जो है वह
किया जाएगा और आप देखिए पूरे इस सिंघु
बॉर्डर पर हाईवे के दोनों तरफ दिल्ली से
चंडीगढ़ हो या चंडीगढ़ से दिल्ली की तरफ

आपको हर तरफ जो है यहां पर इस वक्त एक
डिटेल ड्रिलिंग होती हुई नजर आएगी
तो आप देखिए किस तरह की तैयारी चल रही है
वह नजर आता है व्यवहार से पता लगता है कि

कोई ना कोई स्पोर्ट उनको है ही आखिर रोकने
में तो पंजाब सरकार भी उनको अपनी जगह पर
रोक ही सकती है नहीं रोकी है तो कहीं कुछ
ना कुछ अंडरस्टैंड तो रही होगी और दिल्ली
वाले तो ये कहते हैं कि हां हम तो किसान
की के साथ है किसान की मांगों के साथ होना
एक बात है लेकिन किसान की मूवमेंट जिस
प्रकार की चला रहे हैं उसमें साथ होना ये
कई के गलत संदेश देता है एक तरफ तो आक्रमण
आक्रमण टाइप जैसा होता है जैसे कोई एक

सेना आक्रमण करने के लिए चलती है इस
प्रकार का माहौल बनाना और उसमें भी यानी
ट्रैक्टर टॉली जेसीबी हर्ड ड्र और क्याक
लेकर चलना और एक एक साल का राशन लेकर चलो
यानी ये जो आवाहन किया जाता है तो इसके
अंदर हमें नागरिकों की सुरक्षा उनकी भी
सुरक्षा चाहिए नागरिकों को भी आखिर किसान

भी व अपने ही अपने देश के बाहर के नहीं है
इसलिए उनका जो तरीका है उस तरीके पर ही
आपत्ति है अब आप सुन रहे हैं हरियाणा के
मुख्यमंत्री को वह कह रहे हैं कोई अपनी
सेना बना के जैसे युद्ध लड़ने निकलता है
वैसे यह लोग चले हैं बस मुझे समझ मैं नहीं
आ रहा किस बात का युद्ध लड़ रहे हो आप
आपको लग रहा है यह सरकार एमएसपी पर कानून
नहीं ला रही आपकी बात नहीं सुन रही और देश
भर का किसान जो है आप उसकी आवाज है तो भाई
चुनाव में ना हराए आप यह ट्रैक्टर लेकर
क्या आप य सेना लेकर क्या आ रहे हैं आप यह
पूरा मजम क्या सजा रहे हैं यह बात ही नहीं
समझ में आ रही तो फिर तो कहा जाएगा कि य
पूरा आंदोलन राजनीतिक है किसान आंदोलन अभी
शुरू ही हुआ है किसानों और सरकार के बीच

बातचीत चल रही है लेकिन आंदोलन में
तैयारियों को देखकर तो यही लग रहा है कि
किसान संगठन पहले ही मान चुके हैं कि
सरकार उनकी बात नहीं मानेगी और वह अपनी
बात मनवाने के लिए राशन पानी लेकर महीनों
लंबे चलने वाले आंदोलन की तैयारी के साथ
उतर रहे हैं जैसे आज कुछ किसानों ने यूपी

 

की तरफ से भी मोर्चा खोल दिया मेरठ से कुछ
किसान गाजीपुर बॉर्डर पर चादर बिछाकर बैठ
गए अपने साथ खाने का इंतजाम करके आए गैस
चूल्हा सिलेंडर सब्जी सब लेकर चले आए भाई
गाजीपुर बॉर्डर से हमारी सहयोगी भावना की
एक रिपोर्ट
देखिए कहां से आए हैं ये मेरठ से और नोएडा
से क्या चाहते हैं जो एमएसपी का इन्होंने
जो गारंटी का जो वायदा किया था और यह
वायदा खिलाफी जो है उसके संबंध में किसान
दोबारा से इक हो रहे हैं वक्त के लिए
बैठेंगे बिल्कुल जाहिर सी बात है कब तक
बैठेंगे भाई जब तक एमएसपी की गारंटी नहीं
हो जाती तब तक किसान का यहां से हटना
नामुमकिन है ये टमाटर लेके आप आए हुए हैं
हां ये खाना बनाऊंगा तुम भी खाइए और हम भी
खाएंगे
टमाटर ना सारा सामान है पीछे भी है अब आप

ये देखिए कि दिखाइए भाई साहब क्याक है ये
देखिए ये खाने पीने का सामान लेके आए हुए
हैं जिसमें तेल नमक टमाटर और इसके साथ ही
दिखा देते हैं ये देखिए गैस सिलेंडर तक
लेकर आए हुए हैं ये देखिए चूहा आपको नजर आ
रहा होगा यह बड़ा भगोना जिसमें यह कह रहे

हैं कि यहां पर खाना भी बनाएंगे और यहीं
पर रुकेंगे ये आप लोग यहां पर कितने दिन
के लिए आए हुए हैं हम जब तक हमारी मांगे
पूरी नहीं होगी हम टने यहां से ही किसान
आंदोलन अभी और उग्र हो सकता है क्योंकि हर
दिन अलग-अलग किसान संगठन आंदोलन के समर्थन
में उतर रहे हैं जैसे भारतीय किसान यूनियन
चढी समूह ने मौजूदा आंदोलन को समर्थन देने
का ऐलान किया है किसान नेता गुरनाम चड़ी
कल से हरियाणा में किसानों का बड़ा
प्रदर्शन करने वाले हैं कल हरियाणा में
दोपहर 12 बजे से 3:00 बजे के बीच हरियाणा
के टोल नाकों पर प्रदर्शन किया जाएगा 17

फरवरी को हरियाणा के हर जिला मुख्यालय में
ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा 18 फरवरी को
कुरुक्षेत्र में हरियाणा के सभी किसान
संगठनों की एक बड़ी मीटिंग बुलाई गई

गुरनाम चड साल 2020 में हुए किसान आंदोलन
का प्रमुख चेहरा थे आपको याद होगा नहीं
देखे इनको उस वक्त बड़ा बोलते थे ये किसान
आंदोलन से जुड़े ज्यादातर संगठन पंजाब में
सक्रिय हैं और पर अभी जो आंदोलन चल रहा है
वह पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर ही चल रहा है
आपको याद होगा कि पिछली बार किसान आंदोलन
था उसमें भी ज्यादातर किसान पंजाब से ही
आए थे और कुछ हरियाणा से आए थे पिछली बार
भी और इस बार भी किसान संगठन यह मांग कर
रहे हैं कि उन्हें एमएसपी पर कानूनी
गारंटी मिली आपको बताता हूं कि देश में
पंजाब के किसानों को उसकी फसल का एमएसपी
पर क्या दाम मिल रहा है और क्या वह दाम

स्वामीनाथन आयोग ने जो सिफारिश की थी उससे
ज्यादा है या कम है आपको यह भी तो जानना
चाहिए जो लोग एसपी की मांग कर रहे हैं
उनको मिल क्या रहा है साल 2024 25 अ
2000 2425 में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश

के मुताबिक पंजाब में गेहूं की खरीद 503
प्रति क्विंटल में होती मतलब उन्होंने एक
अनुमान लगाया था 2425 आते-आते पंजाब में
गेहूं की खरीद 03 प्रति क्विंटल की होती
जबकि अभी जो एमएसपी के नियमों के अनुसार
जो अभी खरीद हो रही है वह ₹ 275 प्रति
क्विंटल होगा यानी कि 772 प्रति क्विंटल
ज्यादा जो कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश
से 50 पर ज्यादा है 5.36
पर यानी जो आप सोच रहे थे और जिस
स्वामीनाथन आयोग की कमेटी की रिपोर्ट को
लागू करने की बात हो रही है भाई ऑलरेडी
मोदी सरकार कर ही उससे 50 पर ज्यादा दे
रहे है धान की बात कीजिए साल 2023 24 में
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश थी कि पंजाब
में धान की खरीद 62 प्रति क्विंटल पर होनी
चाहिए जबकि 2023 24 के लिए पंजाब में धान
के लिए जो एमएसपी तय की गई है वो
2183 प्रति क्विंटल जो कि स्वामीनाथन आयोग

की सिफारिश से 49 पर ज्यादा है ऑलमोस्ट 50
पर कह लीजिए यानी अभी ही पंजाब के किसान
जो मोस्टली धान और गेहूं उगाते हैं खरीद
पर जो दाम मिल रहा है वह स्वामी
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश से 50 पर
ज्यादा मिल रहा है

भाई यह आंकड़े सीएसीपी यानी कमीशन फॉर
एग्रीकल्चरल कॉस्ट एंड प्राइसेस के हैं यह
एक एक्सपर्ट कमिटी होती है जो कि सरकार को
एमएसपी पर जुड़े सुझाव देती है इतना ही
नहीं एमएसपी पर जितनी फसल सरकार खरीदती है
उसमें सबसे ज्यादा फसल की खरीदारी पंजाब
से ही होती है यह भी ध्यान रखिए जो लोग
यहां बैठे हैं पंजाब के किसान उनको सबसे
ज्यादा एमएसपी मिलती है भाई साल 20222 में
19300 करोड़ का गेहूं पंजाब से खरीदा गया
साल 202122 में 36700 करोड़ रुपए की धान
की खरीद पंजाब से हुई यह देश के किसी भी
राज्य से बहुत ज्यादा है इतना ही नहीं एक
आरटीआई में यह भी पता चला कि पंजाब में
एमएसपी पर होने वाली गेहूं की खरीदारी
पिछले 10 साल में करीब 10 पर बढ़ चुकी है
साल 201415 में देश में एमएसपी पर गेहूं
की खरीद में
41.3 पर यानी करीब करीब 41 42 पर हिस्सा
पंजाब से था जो साल 20222 में बढ़कर 51 पर
से ज्यादा हो चुका है मतलब यूपीए के जमाने
से भी ज्यादा एमएसपी पर खरीद पंजाब से अभी
मोदी सरकार में हो रही है पिछले 10 सालों
में गेहूं पर एमएसपी कितना इतना बड़ा है
आपको यह देखना चाहिए साल 201314 में 00
प्रति क्विंटल एमएसपी मिल रही थी जबकि साल
2023 24 में यह 22 275 प्रति क्विंटल इसी
तरह देश में धान की खरीद पर एमएसपी साल
201314 में 1310 प्रति क्विंटल थी जो 2023
24 के लिए 2183 प्रति क्विंटल है किसान
आंदोलन के बाद साल 2022 में सरकार ने
एमएसपी की व्यवस्था को और बेहतर करने के
एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जो कि अब तक 37
मीटिंग कर चुकी है और वर्कशॉप्स कर चुकी
है मतलब ऐसा नहीं कि सरकार बैठी है कि चलो
ठीक है अब ये लोग घर गए छोड़ो इस मीटिंग
में सरकार और किसान दोनों तरफ के लोग भी
हैं और उसी कमिटी के सदस्य और उस कमेटी के
सदस्य यह कह रहे हैं कि एमएसपी की गारंटी
देना नामुमकिन है मतलब जो कमेटी बनाई गई
है वह कह रही है कि एमएसपी पर गारंटी देना
नामुमकिन है और यहां जिनको सबसे ज्यादा
एमएसपी पर खरीद हो रही है जिनको सबसे
ज्यादा एमएसपी मिल रही है वो कह रहे हैं
कि नहीं बॉस कानून बनाइए हम तो नुकसान में
सुनिए एक बार कमेटी के लोग क्या कह रहे
हैं स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट आई और
रिपोर्ट 2006 में आई थी 2006 का भारत और
2024 का भारत अलग है हमको यह कमटी से ऐसा
बनाना है ऐसी कृषि नीति बनानी है और ऐसे
गांव की नीति ऐसी कृषि की नीति और
सहकारिता की नीति बनानी है जो 2075 तक
वैलिड हो एक बिहार का किसान और एक पंजाब
के किसान में इतनी असमानता क्यों है तो एक
देश में एक एमएसपी इस तरीके से तो संभव
नहीं है व एट पफल और 50 पर उसमें जो जोड़
के दिया जा रहा है वो तो ऑलरेडी दिया जा
रहा है इनसे बातचीत करें और इनको तो समझ
में नहीं आता एमएसपी एक
कॉम्प्लेक्शन की अर्थव्यवस्था ठप कैसे हो
जाएगी विकास के लिए पैसे नहीं बचेंगे और
महंगाई बेतहाशा बढ़ जाएगी और पीएम मोदी
बार-बार यह कह रहे हैं कि भारत का समय है
बॉस आने वाले 5 सालों में भारत को तीसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है और यह
ध्यान रखना चाहिए कि जब भारत आगे बढ़ रहा
है तो दुनिया में दूसरे बड़े देश आज की
डेट में संघर्ष कर रहे हैं भाई जैसे जापान
जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी हुआ
करता था वह खिसक कर चौथे नंबर पर आ गया है
क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था ठीक नहीं है
महंगाई चरम पर है जापान के अंदर वहां
रिसेशन आ गया है भाई मंदी आ गई है न के
अंदर इसी तरह ब्रिटेन की हालत भी खराब है
वहां आर्थिक मंदी आ चुकी है इतना ही नहीं
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने बताया कि इस वक्त
ग्लोबल मंदी का खतरा बहुत ज्यादा है यानी
जापान ब्रिटेन जैसे देशों में मंदी आ गई
है भारत की इकॉनमी रॉकेट बनी हुई है और आप
क्या चाहते हैं कि एमएसपी पर कानून बन जाए
और उसके बाद जितने लोग यहां नौकरी कर रहे
हैं सबकी नौकरी चली जाए सब जो है वह
महंगाई के मारे त्राहि मान करें सिर्फ
इसलिए कि कुछ लोगों को अपना पॉलिटिकल
एजेंडा चलाना है और नरेंद्र मोदी का ग्राफ
नीचे करना है इसलिए एमएसपी पर कानून बने
जिसमें देश का 50 पर बजट चला
जाए यह देश को सोचना होगा बॉस कि कुछ
किसान आकर जो कह रहे हैं पंजाब और हरियाणा
के क्या वह देश की आवाज बन सकती है क्या
आपको ब्रिटेन और जापान बनना है यह तीसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है यह देश को
तय करना है और इसलिए हम यह सारी डिटेल
आपके सामने रखते
हैं पाठशाला में बंगाल के संदेश खाली का
चैप्टर लेकर आया हूं ब बवाल मचा हुआ है एक
तरफ किसानों का बवाल है दूसरी तरफ बंगाल
में मचा बवाल है लेकिन बंगाल के बवाल पर
बहुत लोग चुप है इसलिए आज आपको देखना
चाहिए कि बंगाल में क्या चल रहा है और
ममता बनर्जी सरकार पर कितने गंभीर सवाल
खड़े हो रहे
हैं देखिए बॉस बंगाल में खास पैटर्न दिखता
है कि वहां कुछ भी होता है तो ममता बनर्जी
सब कुछ बीजेपी आरएसएस पर डाल देती है यह
सब बीजेपी आरस आस का किया धरा है अरे बस
बीजेपी आरएसएस का किया धरा है तो आप रोकती
क्यों नहीं है आपको तो रोकने के लिए वहां
पर चीफ मिनिस्टर बनाया गया ना लेकिन यह
बंगाल की राजनीति का फैशन बन गया है यही
सब संदेश खाली के मामले में भी किया जा
रहा है पिछले एक हफ्ते से बंगाल के संदेश
खाली में बहुत तनाव है वहां पर महिलाओं ने
बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं कि संदेश खाली
में महिलाएं सुरक्षित नहीं है वहां पर घर
से निकलना मुश्किल है टीएमसी नेता महिलाओं
को उठाकर पार्टी ऑफिस लेकर जाते हैं यह
आरोप लगा और छोड़ते हैं लेकिन ममता बनर्जी
इस पर जो जवाब दे रही हैं वो उनका वही
पुराना तरीका है कि सब कुछ बीजेपी पर डाल
दो स्थिति यह है कि विपक्ष के नेताओं को
संदेश खाली जाने नहीं दिया जा रहा जो लोग
संदेश खाली जाकर पीड़ितों से मिल रहे हैं
वह बता रहे हैं कि कितनी शर्मनाक स्थिति
है लेकिन राज्य की महिला मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी इसके जवाब में क्या कह रही हैं कि
संदेश खाली में तो आरएसएस के बंकर बीजेपी
के लोग नकाब पहनकर झूठे बयान दे रहे हैं
बंगाल पुलिस कह रही कि उन्हें अब तक रेप
के आरोपों की कोई शिकायत नहीं मिली है
जबकि बंगाल के संदेश खाली में महिलाओं ने
गंभीर आरोप लगाया आरोप लगा कि वहां टीएमसी
के नेता शेख शाहजहां और उसके समर्थक जबरन
जमीनों पर कब्जा करते हैं और यौन उत्पीड़न
करते हैं स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि
संदेश खाली की महिलाएं सुरक्षित नहीं है
और उनकी कोई मदद नहीं कर रहा महिलाओं को
बाहर निकलने में डर लगता है क्योंकि
महिलाओं को आरोपी टीएमसी कार्यालय में
लेकर जाते से लेकर जाते थे और सुबह छोड़
देते थे और यह सिर्फ कही सुनी बात नहीं
बता रहा हूं ग्राउंड पर जाकर हमने भी बात
की हमारी टीम ने बात की है महिलाओं से बात
की है तो उन्होंने ऐसी-ऐसी बातें बताई
जिसे सुनकर कोई भी शॉक्ड रह जाएगा संदेश
खाली की महिलाएं क्या आरोप लगा रही हैं
सुनिए एक बार फिर बताता हूं कि इन गंभीर
आरो आरोपों पर महिला मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी क्या कह
र अ दीदी सबसे पहले तो बताइए कि कितने
सालों से ऐसा अत्याचार यहां पर चलता
था
धरे
ने टीएमसी
राज
ते
श विशेष महिला संगे की होतो
बोले महिला के राते डका होतो दिने जन
नने ना
[संगीत]
का तो रा बला हो
[संगीत]
महिला
जा आप सुन रहे हैं महिलाए कितनी गंभीर
आरोप लगा रही है और संदेश खाली में हमारी
टीम को कई महिलाएं मिली जिन्होंने सीधे
तौर पर यह कहकर आरोप लगाया कि हिंदू
महिलाओं के साथ ही अत्याचार किया जा रहा
है
सुनिए जो आज तु बोले
दिन पा
उठे म
हिंदू
महिला

जा ने तो ब ल
सम महिलाएं खुद बता रही है कि तृणमूल की
समर्थक रही है लेकिन उसके बावजूद क्या हो
रहा है इन महिलाओं ने सीधा आरोप संदेश
खाली से टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर लगाया
महिलाओं के बयान सामने आने के बाद ही
बीजेपी ने एमसी के खिलाफ मोर्चा खोला था
बीजेपी के आरोप क्या है बीजेपी का आरोप है
कि संदेश खाली में हिंदू महिलाओं का यौन
उत्पीड़न किया गया है टीएमसी नेता जबरन
हिंदू महिलाओं को टीएमसी कार्यालय ले जाते
हैं लेकिन पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने
आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की
बीजेपी के इन आरोपों को टीएमसी तो टीएमसी
तो सिरे से नकार रही है टीएमसी का कहना है
कि लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर
गलत सूचना फैलाई जा रही है पुलिस की
पूछताछ में अभी तक यौन शोषण का कोई आरोप
नहीं मिला है राज्य महिला आयोग डीआईजी
सीआईडी की 10 सदस्य टीम को भी उत्पीड़न के
आरोप नहीं मिले कैसे मिलेंगे बंगाल में
चुनाव के नतीजे आने के बाद जब इतनी हिंसा
हुई थी तब भी ममता बनर्जी को वहां कुछ
होता हुआ नहीं नजर आया था सब बीजेपी और
आरएसएस ने कर दिया था आज भी वो वही बात कह
रही है जबकि होना तो यह चाहिए था कि इन
आरोपों की सही से जांच करवाती खुद महिला
है भाई आरोपियों को पकड़ा जाए इन पीड़ितों
को इंसाफ दिलाया जाए यह होता लेकिन जब
सीधे-सीधे यही कह दिया जाएगा कि इस पर
राजनीति हो रही है तो फिर इंसाफ मिलने की
बात कहां से आएगी ममता बनर्जी ने यह तो
कहा कि प्रशासन की टीम संदेश खाली में
मौजूद है व घर-घर जाकर शिकायत सुन रही है
इंसा के मामले में अभी तक 17 लोगों को
गिरफ्तार भी किया गया है लेकिन ममता
बनर्जी ने संदेश खाली के मामले में यह भी
आरोप लगा दिया कि संदेश खाली में जहां
अशांति है वहां आरएसएस का बेस है क्षेत्र
में अशांति फैलाने के लिए भयानक साजिश रची
जा रही है बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने नकाब
पहनकर झूठे बयान दिए हैं बीजेपी ने बाहर
से लोगों को लाकर संदेश खाली में अशांति
फैलाई है कुछ लोगों में नाराजगी हो सकती
है हम मुद्दों का समाधान करेंगे संदेश
खाली में महिलाएं कैमरे पर आकर आपको दिखा
रहा हूं ना कैमरे पर आकर सब बता रही है
लेकिन ममता बनर्जी कह रही हैं कि बीजेपी
वाले मास्क पहनकर झूठे बयान दे रहे हैं
लेकिन जो लोग भी संदेश खाली जाकर पीड़ितों
से बात कर रहे हैं वह बता रहे हैं कि वहां
के हालात कैसे हैं और अगर यह बीजेपी की
महिलाएं हैं इनके साथ कुछ नहीं हुआ है तो
इनको पुलिस इनप क्यों नहीं एक्शन ले रही
है फि पहले राज्यपाल ने वहां का दौरा किया
था और लोगों से बात की ी आज राष्ट्रीय
अनुसूचित जाति आयोग के सदस्यों ने संदेश
खाली का दौरा किया क्योंकि यहां एक बड़ी
आबादी दलितों और पिछड़े आदिवासियों की
रहती पीड़ितों से मुलाकात के बाद आयोग की
सदस्य अंजू बाला ने आरोप लगाया कि संदेश
खाली में लोग बिल्कुल सुरक्षित नहीं
महिलाओं पर अत्याचार की एफआईआर तक दर्ज
नहीं होती और सीएम ममता बनर्जी कुछ बताना
नहीं चाहती एक बार सुनिए क्या कह रही है
वो आप जितना छुपाना चाहती थी आप आंकड़े
नहीं बताना चाहती क्योंकि आप एफआईआर दर्ज
ही नहीं करती हैं आप महिलाओं के साथ हो
रहा टॉर्चर है अनुसूचित जाति की महिलाएं
हैं जो मछुआरा वर्ग की है मछली पालन का
काम करती हैं अनुसूचित जाति के लोग हैं
उनके साथ आप घर बुलाबुला करर टॉर्चर करते
हैं आपको मैं चाहती हूं कि देश आपको माफ
नहीं करेगा मीडिया के माध्यम से देश को
बताना चाहते हैं राष्ट्रपति को बताना
चाहते हैं कि यहां पे राष्ट्रपति शासन लाग
लागू करिए नहीं तो यह हमारे लोग यहां
सुरक्षित नहीं रह
यहां यानी वहां जो जा रहा है उसको दिख रहा
है लेकिन ममता बनर्जी कह रही कि हां कुछ
नहीं हो रहा है इस तरह का जैसे आरोप लग
रहे हैं और यह सब आरएसएस और बीजेपी वाले
करा रहे हैं 12 फरवरी को पश्चिम बंगाल के
गवर्नर सीवी आनंद बोस ने भी संदेश खाली
में हिंसा ग्रस्त इलाके का दौरा किया इस
दौरान उन्होंने पीड़ितों और प्रदर्शन कर
रहे लोगों से बात की जिसमें कई चौकाने
वाले खुलासे हुए संदेश खाली का दौरा करने
के बाद जांच के लिए उन्होंने एसआईटी का
गठन किया और अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को
सौंपी
अपनी रिपोर्ट में राज्यपाल ने गवर्नर की
रिपोर्ट बता रहा हूं अपनी रिपोर्ट में
राज्यपाल ने शाहजहां शेख और उसके साथियों
का नाम लिया है साथ ही यह बताया कि रात के
वक्त पुलिस की वर्दी में आरोपियों ने
पीड़ितों के घर में घुसने का काम किया
वहीं बंगाल पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ
शिकायत दर्ज करने की बजाय पीड़ितों पर
उपद्रवियों के साथ समझौता करने का दबाव
बनाया यह राज्यपाल की रिपोर्ट में
राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में आरोपियों की
गिरफ्तारी पीड़ितों की मदद और दोषी
अधिकारियों का ट्रांसफर करने का जवाब दिया
है राज्यपाल अपनी रिपोर्ट में बता रहे हैं
कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के लोग
कह रहे हैं कि बंगाल में विपक्ष कह रहा है
फिर भी ममता बनर्जी की सरकार इन सब बातों
को मान नहीं
रही उल्टे ममता बनर्जी के बयानों से तो
लगता है कि एक तरह से उस शाहजहां शेख को
क्लीन चिट मिल गई जिसके समर्थकों पर संदेश
खाली के मामले में आरोप है जिस शेख शाहजन
शेख और उसके समर्थकों पर आरोप लगे हैं यह
शाहजहां शेख वही टीएमसी नेता है जिसके घर
पर छापेमारी करने गई ईडी की टीम पर हमला
हो गया था याद है ना अभी कुछ दिन पहले ईडी
की टीम गई थी तो उस पर क्या हुआ था उसके
साथ यह वही शाहजहां शेख इसके बाद से
शाहजहां शेख फरार है और संदेश खाली में
महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने लगी कि
शाहजहां शेख और उसके साथियों को अरेस्ट
किया जाए लेकिन आज ममता बनर्जी की बातों
से यही लगा कि शाहजहां शेख का ही बचाव
किया जा रहा है आज विधानसभा में ममता
बनर्जी ने शाहजहां शेख को लेकर चुप्पी
तोड़ी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर संदेश
खाली में हिंसा को लेकर साजिश करने का
आरोप
लगाया
यह बात सामने आ गई है उन्होंने कहा कि भाई
यह बात सामने आ गई है कि कैसे सोची समझी
रणनीति के तहत बीजेपी कार्यकर्ताओं को
लाया गया और हिंसा भड़का गई प्राइमरी
टारगेट शाहजहां शेख था जिसे निशाना बनाने
के लिए ईडी इलाके में पहुंची इसके बाद
वहां से सभी को बाहर कर दिया गया और
आदिवासी वर्सेस अल्पसंख्यक की लड़ाई
भड़काने की साजिश की गई आगे ममता बैनर्जी
ने कहा कि ये इलाका संवेदनशील रहा है और
बीजेपी अल्पसंख्यकों को आदिवासियों के
खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही है
बीजेपी का आरोप है कि इस मामले में ममता
बनर्जी की सरकार और पुलिस इस मामले को
दबाने में लगे हुए हैं आरोप है कि ना तो
पीड़ितों की शिकायतों पर ध्यान दिया जा
रहा है ना ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा है
उल्टे ममता बनर्जी की सरकार पुलिस प्रशासन
उन लोगों के रास्ते उन लोगों को रास्ते
में रोक रही है जो लोग पीड़ितों के साथ
खड़े होना चाहते हैं जो लोग पीड़ितों की
आवाज उठाना चाहते हैं आज बंगाल में विपक्ष
के नेता सुवेंदु अधिकारी बीजेपी के तीन
विधायकों के साथ संदेश खाली जा रहे थे
लेकिन उनकी गाड़ी को रास्ते में ही पुलिस
ने रोक दिया संदेश खाली के आसपास के कई
इलाकों में धारा 144 लगी है जिसमें चार
लोगों से ज्यादा एक साथ इकट्ठा नहीं हो
सकते इसलिए सुवेंदु अधिकारी तीन विधायकों
के को लेकर संदेश खाली निकले कि भाई एक वो
हो गए और तीन और विधायक हो गए तो चार हो
गए लेकिन कहा जा रहा है कि फिर भी उनको
नहीं जाने दिया गया यही यूपी में किसी को
रोक दिया जाता तो बड़ा हंगामा होता लेकिन
बंगाल में रोका जा रहा है तो कुछ नहीं इसी
तरह से बुधवार को बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष
सुकांता मजूमदार ने संदेश खाली जाने की
कोशिश की थी लेकिन उन्हें संदेश खाली से
35 किलोमीटर पहले ही रोक लिया गया इसी
प्रोटेस्ट के बीच सुकांत मजूमदार अपनी कार
के बोनट से गिर पड़े जिससे उनको चोट लगई
उनका इलाज कोलकाता के अस्पताल में चल रहा
है बीजेपी का सवाल यही है कि आखिर क्यों
संदेश खाली के पीड़ितों से मिलने से
नेताओं को लोगों को रोका जा रहा है बीजेपी
लगातार संदेश खाली के मामले पर ममता सरकार
को घेर रही है और यह आरोप लगा रही है कि
पुलिस प्रशासन का राजनीतिकरण कर दिया गया
है इसी वजह से किसी को संदेश खाली जाने
नहीं दिया जा रहा विपक्ष के नेता सुवेंदु
अधिकारी आज जब संदेश खाली के लिए निकले तो
पुलिस ने पहले ही नाकेबंदी करके उन्हें
रोक दिया जिसके बाद सुवेंदु अधिकारी वहीं
पर धरने पर बैठ गए सुवेंदु अधिकारी ने
यहां तक आरोप लगाया कि ममता सरकार के
इशारे पर उन्हें रोका जा रहा है और एक
पुलिस अधिकारी ने उन्हें जूता भी मारा है
यह सुवेंदु अधिकारी आरोप लगा रहे सुनिए एक
बार
उनको उनका एडीसीपी बला खालिद मीराज वहा
बताया चाह रहा है तो सर जाइए और वो बता
रहा है आपका गली परमिल बट व आर नॉट अलांग
यू मैं पूछा किसका डायरेक्शन बो ऊपर वाला
का ऊपर वाला कौन खुदा और भगवान बो नहीं
नहीं मेरा डिपर
मेंट अरे भाई बूट से पीटा बूट का से मेरा
पा में पहले ब रहा
[संगीत]
था मेर
डीएसपी ए एक्स मिनिस्टर लीडर ऑफ अपोजिशन
टू टाइम एमपी थ्री टाइम
काउंसलर ट टाइप ऑ
बिहेवियर यानी विपक्ष को संदेश खाली जाने
नहीं दिया जा रहा यह आरोप लग रहा है और इस
लोकसभा चुनाव से पहले वह चुनाव जो विपक्ष
जीतते जीतते हार जाएगा क्या टूटते इंडी
गठबंधन के साथ अब क्या नया खेला हो गया है
अब इसका
चैप्टर
देखिए लोकसभा चुनाव तो जब होंगे तब होंगे
लेकिन उससे पहले राज्य राज्यसभा चुनाव में
भी विपक्ष की हालत खराब होती दिख रही है
15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों के लिए
जो सभी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का
ऐलान कर दिया लेकिन चार राज्य ऐसे हैं
जहां बीजेपी की रणनीति की वजह से विपक्ष
का खेल खराब हो सकता है वैसे तो कहा जा
रहा था कि सॉर्टेड इलेक्शन है जिसका जिसका
ज संख्या है वह अपना निकाल लेंगे लेकिन
बीजेपी ने कुछ खेल किया जिन सीटों पर
बीजेपी की जीत पक्की है उसके साथ बीजेपी
ने एक्स्ट्रा कैंडिडेट भी उतार दिए यानी
अगर आप देखें तो उत्तर प्रदेश में
राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होगा सात
सीटों पर बीजेपी आसानी से जीत जाएगी लेकिन
अब बीजेपी ने आठवां उम्मीदवार भी उतार
दिया उत्तर प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में
राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव होगा
कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को
उम्मीदवार बनाया है अभिषेक मनु सिंगवी का
जीतना तय माना जा रहा है लेकिन अब बीजेपी
ने भी हिमाचल में उम्मीदवार उतार दिया
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए
राज्यसभा का चुनाव होना है बीजेपी और
जेडीएस गठबंधन ने पांच उम्मीदवार उतार दिए
हैं इसी तरह से बिहार में छह राज्यसभा
सीटों पर चुनाव होगा छह में से तीन सीटों
पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है
बीजेपी ने चौथी सीट के लिए भी तैयारी कर
ली जबकि अमूमन ऐसा होता नहीं है जो जहां
जीत रहा होता उतने से काम चलाता है
राज्यसभा चुनाव के लिए जो खेला हो रहा है
उसमें सबसे ज्यादा परेशान अखिलेश याद
पिछले दो विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव
को हार मिली है लोकसभा चुनाव में भी कोई
कमाल का प्रदर्शन तो उनकी पार्टी ने किया
नहीं और अब राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश
यादव की मुश्किलें बढ़ गई राज्यसभा की
सबसे ज्यादा 10 सीटों के
लिए उत्तर प्रदेश में 27 फरवरी को
चुनाव बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अब आठवा
कैंडिडेट उतार दिया बीजेपी ने संजय सेठ को
अपना आठवां उम्मीदवार बनाया यानी जीत सात
सीटों पर पक्की है लेकिन आठवीं सीट के लिए
बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है संजय सेठ
2019 में बीजेपी में आए थे उससे पहले संजय
सेठ समाजवादी पार्टी में ही थे इसी वजह से
अखिलेश यादव की टेंशन बढ़ी हुई है और कहा
जा रहा है कि 27 फरवरी को सीएम योगी फिर
से अखिलेश यादव को सियासी पटक नहीं द
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दरअसल तीन
सीटें निकालना अब अखिलेश यादव के लिए
मुश्किल दिख रहा है क्योंकि अगर उत्तर
प्रदेश विधानसभा का गणित देखिए तो यूपी
विधानसभा में फिलहाल 399 विधायक हैं और
चार सीटें खाली यूपी में एनडीए की ताकत
288 विधायकों की उत्तर प्रदेश में बीजेपी
के कुल 252 विधायक हैं इसके अलावा अपना दल
सोनी लाल के 13 विधायक निषाद पार्टी के छह
विधायक ओम प्रकाश राजभर की सुभा सपा के छह
विधायक भी अब आ गए हैं जयंत चौधरी की
आरएलडी के नौ विधायक भी हैं राजा भैया की
पार्टी के भी दो विधायक हैं जबकि अखिलेश
यादव के पास कुल 108 विधायक है कांग्रेस
के दो और बीएसपी के पास एक विधायक है
विधायक की संख्या के हिसाब से देखें तो
बीजेपी का पलड़ा भारी है और यहीं पर
अखिलेश के सामने तीसरी सीट के लिए जरूरी
संख्या का जुगाड़ करने का सवाल खड़ा हो
रहा है क्योंकि हो क्या रहा है राज्यसभा
की एक सीट के लिए 37 विधायक का वोट जरूरी
है इस तरह से एनडीए सात सीटों पर तो आसानी
से जीत जाएगी क्योंकि उसके पास नंबर है
उसके बाद भी एनडीए के पास 29 विधायक बच
जाएंगे अब उसको आठवी सीट पर जीत के लिए
क्रॉस वोटिंग का सहारा है भाई 37 29
ऑलरेडी है आठ क्रॉस वोटिंग हो गई तो आठवी
सीट भी आ जाएगी उधर समाजवादी पार्टी के दो
उम्मीदवार तो आराम से जीत जाएंगे तीसरी
सीट के लिए समाजवादी पार्टी के पास भी तीन
विधायक कम पड़ेंगे कांग्रेस के दो और
बीएसपी का एक विधायक अगर समर्थन करें तब
जाकर सपा तीसरी सीट जीत सकती है लेकिन सपा
की पल्लवी पटेल के ने चुनाव से पहले
अखिलेश की टेंशन बढ़ा दी पल्लवी पटेल ने
सपा के उम्मीदवारों को वोट नहीं करने का
फैसला किया है पल्लवी पटेल दरअसल अपना दल
कमेरा वादी की नेता है और सपा के टिकट से
उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से विधायक भी
है समाजवादी पार्टी ने जब जया बच्चन और
आलोक रंजन को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का
टिकट दिया तो पल्लवी पटेल नाराज हो गई
क्योंकि पल्लवी पटेल अपनी मां कृष्णा पटेल
के लिए राज्यसभा का टिकट चाह रही थी लेकिन
जब टिकट मिला नहीं तो पल्लवी नाराज हो गई
कि जया बच्चन और आलोक रंजन को वोट देने से
उन्होंने मना कर दिया पल्लवी पटेल ने कहा
कि यह कोई फिल्मी ड्रामा नहीं ना चल रहा
है कि जया बच्चन को टिकट दे दिया जाए
अखिलेश यादव पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक की
बात करते हैं लेकिन उनकी कथनी और करनी में
अंतर है अब सुनिए पल्लवी पटेल क्या कह रही
है नारा क्या है हमारा पीडीए तो अगर
पिछड़ा दलित मुसलमान अल्पसंख्यक समाज
हमारा नारा है तो हमारी करनी में और हमारी
कथनी में व दिखना चाहिए हम वोट उनका ले
रहे हैं लेकिन जब ईमानदारी से प्रतिनिधि
देने की बात आती है तो हमको बाध्य कर दिया
जाता है कि हम मदान लोग जिनको बच्चन और
रंजन को जिनको पीडीए कह रहे हैं उनको वोट
दे क्यों वोट
दे नीति ईमान से होती है और हम प्रतिबद इस
बात को लेकर के कि पिछड़ा दलित मुसलमान
समाज का अगर वोट ले रहे हैं तो उनकी
भागीदारी सुनिश्चित करें अगर उनकी
भागीदारी नहीं है तो वोट क्यों
है अब आप देखिए क्यों हम कह रहे हैं कि
वहां यूपी में अखिलेश यादव को झटका लग
सकता है या खेल हो सकता है वह आपके सामने
है पल्लवी पटेल ने जया बच्चन को टिकट
मिलने पर सवाल उठाए और यह सवाल इसलिए भी
उठ रहा है क्योंकि जया बच्चन कई सालों से
राज्यसभा सांसद रही
है बच्चन चार बार समाजवादी पार्टी के टिकट
से सांसद रह चुकी है अब जया बच्चन को
पांचवी बार राज्यसभा के लिए टिकट मिला है
जया बच्चन आर्थिक रूप से संपन्न है पिछड़ा
या दलित समाज से भी नहीं आती जया बच्चन और
अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति 1578 करोड़
रुप की
है जया बच्चन के पास 4 करोड़ रुपए की कीमत
के तो गहने बताए जाते हैं तो पल्लवी पटेल
क्या गलत पूछ रही है कि बहुस पीडीए की बात
करते हैं और पांचवी बार मतलब ये भी नहीं
कि पहली बार पांचवी बार राज्यसभा भेज रहे
हैं जया बच्चन को
पल्लवी पटेल भी यही बात कह रही है कि उनकी
कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है लेकिन जब
बात पीडीए की हो रही है तो प्रतिनिधित्व
दूसरों को क्यों दिया जा रहा है इसलिए
पल्लवी ने वोटिंग नहीं करने का फैसला किया
है मेरा कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है जया
बच्चन जी विदुषी महिला है उत्कृष्ट
अभिनेत्री है लेकिन यह कोई फिल्मी ड्रामा
नहीं चल रहा है यह गरीबों की पिछड़ों की
दलितों कीय मुसलमान समाज की लड़ाई है उनका
वोट है तो उनका प्रतिनिधि भी होना चाहिए
देखिए पीडीए मुझे इस लिस्ट में नहीं दिखता
इसलिए पिछड़ों दलित और मुसलमान समाज के
साथ हो रही इस धोखाधड़ी में मैं साथ नहीं
हूं यानी अखिलेश यादव के साथी ही अखिलेश
यादव की पोल खोल र है उनके पीडीए के दावे
में दम नहीं है राज्यसभा चुनाव में
समाजवादी पार्टी का जब यह हाल है तो सोचिए
लोकसभा चुनाव में क्या होगा अखिलेश को
अपने तीसरे उम्मीदवार को जीत दिलाने के
लिए भी जी तोड़ मेहनत करनी पड़ रही है
राज्यसभा लोकसभा में क्या होगा पल्लवी
पटेल ने तो वोटिंग से दूर रहने का फैसला
कर लिया है साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य भी
अखिलेश की परेशानी बढ़ा रहे हैं स्वामी
प्रसाद मौर्य पिछले कई दिनों से लगातार
सनातन विरोधी बयानबाजी कर रहे थे लेकिन हर
बार समाजवादी पार्टी उसे समाजवादी स्वामी
प्रसाद मौर्य का निजी बयान करार देती थी
अब इससे परेशान होकर स्वामी प्रसाद मौर्य
ने पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा दे
दिया स्वामी प्रसाद मौर्य के बगावती तेवर
साफ दिखाई दे रहे हैं मौर्य कह रहे हैं कि
समाजवादी पार्टी में कुछ स्वयंभू नेता
जो खुद को आला कमान मान के बैठ गए इससे
पार्टी के जनाधार पर असर पड़ा है आप
स्वामी प्रसाद मौर्य को सुनिए और उनके
बातों में जो बगावत की बू आ रही है वह भी
सुनिए इसमें कोई दोरा नहीं कि पार्टी में
कुछ शंभू बड़े नेता
हैं जो अपने को पार्टी का आला कमान मान के
चलते
हैं उनकी जुबान पर कोई लगाम नहीं है किसी
को कुछ भी कह देना
कर्ताओं को अपमानित कर
देना मेरे बयान को निजी कह
देना इस तरह के लोग कहीं ना कहीं पार्टी
का भट्ठा बैटा रहे हैं पार्टी का जार के
साथ खिलवाड़ कर रहे
हैं और इसीलिए उन सारी बातों को मैंने
मौखिक रूप से भी और पत्र के माध्यम से
भी राष्ट्रीय अक्ष जी को अवगत करना उचित
समझा और इसीलिए उस पत्र को मैंने भेजा
जैसे समय रहते थे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को
भी
सारी पार्टी में चल रही गियों की जानकारी
हो
जाए दरअसल अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की
राजनीति में घिरते हुए दिख रहे हैं अखिलेश
में अपने पिता मुलायम सिंह वाला करिश्मा
नहीं है वह सबको साथ लेकर चले अखिलेश यादव
विचारधारा के स्तर पर भी कंफ्यूज दिख रहे
हैं अखिलेश यादव निमंत्रण के बाद भी राम
मंदिर प्राण ष्ठ में नहीं गए अभी तक
अखिलेश यादव ने अयोध्या जाकर रामलला के
दर्शन भी नहीं किए अयोध्या जाने के सवाल
पर कहते हैं जब राम बुलाएंगे तब जाएंगे
इससे समाजवादी पार्टी के नेताओं और
कार्यकर्ताओं में कंफ्यूजन बढ़ गया अब
अखिलेश इटावा में केदारनाथ मंदिर की तरह
शिव मंदिर बनवा रहे हैं इसे अखिलेश यादव
का सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ झुकाव बताया जा
रहा है लेकिन इससे अखिलेश यादव के मुस्लिम
वोट बैंक के चटकने का भी खतरा है यानी
पहले मंदिर का समर्थन नहीं किया फिर खुद
मंदिर बनवाने लग गए एक तरफ पीडीए की की
बात कही दूसरी तरफ पिछड़े नेताओं की
अनदेखी के आरोप लग रहे हैं यही वजह है कि
समाजवादी पार्टी के नेता खुलकर पार्टी के
खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं चाहे स्वामी
प्रसाद मौर्य हो पल्लवी पटेल हो यहां तक
कि अखिलेश अपने सहयोगी जैन चौधरी को भी
एनडीए में जाने से नहीं रोक पाए उत्तर
प्रदेश का हाल आपने देखा कि अब उन राज्यों
का हाल बताता हूं जहां राज्यसभा चुनाव के
दौरान खेला हो सकता है कर्नाटक में
राज्यसभा की चार सीटों पर मतदान होना है
तीन सीटों पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा
रही है बीजेपी जेडीएस गठबंधन को एक सीट
मिल सकती फिर भी जेडीएस ने पांचवा
उम्मीदवार उतार दिया है जेडीएस ने
कुपेंद्र रेड्डी को पांचवा उम्मीदवार
बनाया है और 135 विधायक होने के बाद भी
कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर है तो आप
सोचिए इसीलिए मैं कह रहा था कि अभी
राज्यसभा चुनाव जितना सिंपल दिख रहा था
उतना है नहीं और वहां किस-किस के स्पीड
में ब्रेक लगेगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन
हमनमस्कार न्यूज़ की पाठशाला में आप सभी का
बहुत स्वागत मैं हूं सुशांत सिन्हा और
जैसा आप देख सकते हैं इस वक्त मैं अभी-अभी
अबू धाबी से भारत में लैंड हुआ हूं और
हमने क्योंकि मैं आपसे कहता हूं कि
पाठशाला की कोई क्लास मिस नहीं होनी चाहिए
इसलिए मैं भी पाठशाला मिस ना करूं इसलिए
एयरपोर्ट के पास में ही हमारी टीम ने बहुत
ही शानदार जल्दी से सेटअप तैयार किया और
पाठशाला अब एयरपोर्ट के पास से आ रही है
इसलिए मेरे कपड़े मेरा आप देखकर अंदाजा
लगा सकते हैं कि क्या किस तरह से हम यह शो
आपके लिए लेकर आ रहे हैं लेकिन पाठशाला
लगनी जरूरी थी और वह लग रही है और इसलिए
आपको सबसे पहले बता देता हूं कि पाठशाला
में आज किस-किस की क्लास लगेगी कौन-कौन सी
क्लास लगेगी किसान आंदोलन पर एक बड़ी खबर
आ रही है आज आपको उसके बारे में बताऊंगा
इसके अलावा आपको बताऊंगा कि किसान आंदोलन
का राम मंदिर से क्या कनेक्शन निकल आया
भाई आंदोलन एमएसपी की गारंटी के लिए या
नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए यह आज इसके
बारे में भी आपको बताऊंगा किसानों ने जो
मांगा मोदी ने उससे 50 पर ज्यादा कैसे दे
दिया इसकी डिटेल दूंगा वह ग्राउंड रिपोर्ट
दिखाऊंगा जो बंगाल के संदेश खाली का पूरा
सच आपको बताएगी क्योंकि बंगाल में जो हो
रहा है उसको लेकर देश भर में चर्चा है और
चिंता है संदेश खाली का सच ममता सरकार
क्या छुपाना चाहती है इस सवाल का जवाब भी
हम ढूंढने का प्रयास करेंगे टूटते इंडी
गठबंधन के साथ क्या अब नया खेला हो गया है
इसका भी चैप्टर है लोकसभा से पहले वो
चुनाव जो विपक्ष जीतते जीतते हार जाएगा
कैसे क्या खेला हुआ है आज यह भी आपको बड़ी
खबर बताऊंगा लेकिन पाठशाला में पहले दिन
भर की बड़ी खबरों का रिवीजन उसके बाद पहला
[संगीत]
चर लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले इलेक्टरल
बंड्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा
फैसला सुना इलेक्टोरल बंड्स मतलब जिसके
जरिए पार्टियों को जो है लोग फंडिंग करते
थे सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बंड स्कीम को
ही असंवैधानिक बताया और इस पर तुरंत
तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी कोर्ट ने कहा
कि इलेक्टोरल बंड सूचना के अधिकार का
उल्लंघन है बॉस और वोटर्स को पार्टियों की
फंडिंग के बारे में जानने का पूरा हक है
कोर्ट ने आदेश दिया कि बंड खरीदने वालों
की लिस्ट सार्वजनिक की जाए सुप्रीम कोर्ट
के आदेश के बाद एसबीआई को तीन हफ्ते के
अंदर चुनाव आयोग को इलेक्टरल बंड्स की
पूरी जानकारी देनी होगी कि किस पार्टी को
कहां से पैसा आया जिससे वोटर्स की को
जानकारी के लिए चुनाव आयोग सार्वजनिक कर
देगा यह जानकारी
महाराष्ट्र में शरद पवार गुट को बड़ा झटका
लगा है एनसीपी विधायकों की अयोग्यता के
मामले में आज महाराष्ट्र विधानसभा के
स्पीकर ने अपना फैसला सुना दिया इसमें
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने अजीत पवार गुट
को ही असली एनसीपी घोषित कर दिया और अजीत
पवार गुट के जो 41 विधायक थे उनको अयोग्य
ठहराने की शरद पवार गुट की अपील को ही
खारिज कर दिया स्पीकर ने अपने फैसले में
कहा कि जब एनसीपी में दो गुट बने थे उस
वक्त अजीत पवा अजीत पंवार की अगुवाई वाला
गुठी असली एनसीपी बना था
कैश फॉर क्वेरी के मामले में लोकसभा
सदस्यता गवाने वाली टीएमसी नेता महुआ
महित्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं ईडी ने
महुआ महित्रा को 19 फरवरी को पेश कर होने
के लिए समन जारी कर दिया ईडी ने महुआ
महित्रा को फेमा यानी फॉरन एक्सचेंज
मैनेजमेंट एक्ट के उल्लंघन के मामले में
पूछताछ के लिए बुलाया दरअसल बीजेपी सांसद
निशिकांत दुबे ने महुआ महित्रा पर कैश
महंगे गिफ्ट लेकर और कारोबारी दर्शन हीरा
नंदानी के इशारों पर लोकसभा में सवाल
पूछने का आरोप लगाया था जिसकी जांच के बाद
महुआ महित्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द कर
दी गई
ी बिहार में सरकार और गठबंधन बदलने के बाद
आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बार
आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात हुई
लालू यादव के साथ पूर्व डिप्टी सीएम
तेजस्वी यादव भी मौजूद नजर आए समर्थकों की
नारेबाजी के बीच दोनों नेता एक दूसरे से
बड़ा मुस्कुरा कर मिल रहे थे अभिवादन
वगैरा भी हुआ है नीतीश कुमार ने लालू यादव
के कंधे पर हाथ भी रखा इसके बाद नीतीश
कुमार तेजस्वी की तरफ देखते हुए नमस्कार
करते हैं और फिर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़
जाते हैं
अब बिहार की राजनीति में तो जो खेल होना
था हो गया लेकिन अगर क्रिकेट के खेल की
बात करूं तो इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट
मैच की सीरीज के तीसरे मैच के पहले दिन
भारत ने अपनी पकड़ को मजबूत कर लिया है
राजकोट में टेस्ट शुरू हुआ और दिन का खेल
खत्म होने तक भारत पांच विकेट खोकर 326 रन
बना चुका है 33 रन पर तीन विकेट गिर गए थे
भाई लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने पहले
सेंचुरी ठोक दी फिर रविंद्र जर जडेजा ने
सेंचुरी ठोक दी रोहित शर्मा 131 की पारी
खेलकर आउट हुए जबकि जडेजा 110 रन बनाकर नट
आउट है उधर डेब्यू करने वाले सरफराज खान
ने 66 गेंदों पर 62 रन की शानदार पारी
खेली तो बॉस यह हो गया दिन भर का रिवीजन
अब पाठशाला की पहली क्लास लेकिन इससे पहले
किसान आंदोलन पर इस वक्त की बड़ी खबर आपको
बता देता हूं और वह बड़ी खबर किसान आंदोलन
से जुड़ी हुई आ रही है चंडीगढ़ में सरकार
और किसानों की अहम मीटिंग हुई है यह बताया
जा रहा है और यह बहुत इंपॉर्टेंट है
क्योंकि ऐसा लग ल रहा था कि अब यह बातचीत
कहीं जाएगी नहीं लेकिन चंडीगढ़ में सरकार
और किसानों की अहम मीटिंग हुई है यह बड़ी
खबर आ रही है सरकार किसानों के बीच तीसरे
दौर की बातचीत हुई है तीन केंद्रीय मंत्री
वहां मौजूद थे जिन्होंने किसान नेताओं से
बातचीत की है और बातचीत से आंदोलन का आगे
का रास्ता तय होना है और इसलिए इस बातचीत
को बड़ा इंपॉर्टेंट माना जा रहा है तो यह
बड़ी
खबर अभी बड़ी खबर यह आ रही है कि इस वक्त
भी जब हम आपको यह खबर बता रहे हैं पाठशाला
में इस वक्त भी तीन केंद्रीय मंत्रियों की
बैठक चल रही है किसान नेताओं के साथ और यह
बैठक बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि जिस तरह
से पूरा किसान आंदोलन चला है उसको लेकर कई
सवाल खड़े हुए हैं और क्या सरकार जो है वह
बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाल लेगी यह
सबसे अहम प्रश्न है तो हो सकता है पाठशाला
के बीच में और बड़ी खबर आपको बताऊं कि इस
मीटिंग में क्या हुआ लेकिन इस बीच किसान
आंदोलन को लेकर हरियाणा सरकार ने भी बड़े
कदम उठा लिए हैं पंजाब में भी कुछ कदम
केंद्र सरकार ने खुद से उठाए हैं बड़ी खबर
हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट बंद कर
दिया गया है यह बताया जा रहा है तो सात
जिले हरियाणा के जहां इंटरनेट बंद पंजाब
के तीन जिलों में इंटरनेट बंद हो गया है
किसान आंदोलन से माहौल बिगड़ने की आशंका
को देखते हुए यह फैसला लिया गया है कि
इंटरनेट बंद किया जाएगा अंबाला
कुरुक्षेत्र कैथल और जींद में इंटरनेट बंद
किया गया है इसके अलावा हिसार फतेहाबाद और
सिरसा में भी इंटरनेट बंद हो गया है तो
बड़ी खबर है आप देखिए इसका मतलब सरकार को
यह अंदेशा था कि माहौल बिगड़ सकता है और
इसीलिए कई जिलों में इंटरनेट को बंद किया
गया और 17 फरवरी तक यानी परसों तक इंटरनेट
बंद रहेगा हरियाणा में इन जिलों में पंजाब
के तीन जिलों में 16 फरवरी तक इंटरनेट बंद
किया गया है पंजाब में जहां-जहां बंद किया
गया है इंटरनेट को उसमें पटियाला है
फतेहगढ़ साहिब है संगरूर में इंटरनेट बंद
किया गया है यानी एक तरफ सरकार किसी भी
स्थिति को संभालने के लिए तैयार दिख रही
है कोई अराजकता ना फैले इसके बंदोबस्त कर
रही है और दूसरी तरफ किसानों के साथ
बातचीत को सरकार बहुत गंभीरता से ले रही
है यानी बातचीत और इधर संभालना दोनों
साथ-साथ चल रहा है और इसीलिए किसानों से
बातचीत के लिए केंद्र के तीन मंत्रियों को
इसमें लगा दिया गया है कृषि मंत्री अर्जुन
मुंडा इस वक्त बातचीत में मौजूद है
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल
बातचीत में मौजूद है इसके अलावा गृह राज्य
मंत्री नित्यानंद राय भी इसमें शामिल हैं
तो तीन बड़े मंत्री सरकार के जो इस वक्त
इस बातचीत में किसानों से चर्चा कर रहे
हैं अर्जुन मुंडा कृषि मंत्री पियूष गोयल
नित्यानंद राय तीनों वहां बैठकर चर्चा कर
रहे हैं और एक तरफ हरियाणा पंजाब बॉर्डर
पर किसान डटे हुए हैं दूसरी तरफ किसान
आंदोलन के पक्ष में अपना समर्थन जताते हुए
पंजाब में कुछ किसान संगठनों ने रेल रोको
प्रदर्शन किया इस दौरान पंजाब में कई
जगहों पर किसान संगठनों के लोग पटरी पर
जाकर बैठ गए पंजाब में रेल सर्विस
प्रभावित हुई है पंजाब पंजाब के पटियाला
में भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने पटरी
पर बैठक बैठकर प्रदर्शन किया रेलवे ट्रैक
पर बड़ी संख्या में जाकर किसान नेता वहां
बैठ गए तो ट्रेन क्या ही चल पाती पंजाब के
संगरूर में भी कहा जा रहा है कि किसानों
ने रेल रो को प्रदर्शन किया है
किसानों ने रेलवे ट्रैक के किनारे ही दरी
बिछाकर प्रदर्शन किया प्रदर्शन में
महिलाएं भी बड़ी संख्या में नजर आई पंजाब
के आठ जिलों में रेल रोको प्रदर्शन हुआ है
पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए
आंदोलनकारी किसानों को इस बार किसी भी
कीमत पर दिल्ली में एंट्री ना देने की
तैयारी की गई दिल्ली हरियाणा के सिंघु
बॉर्डर पर आज पुलिस और प पैरामिलिट्री के
जवानों ने मॉक ड्रिल भी किया कि अगर हालात
बिगड़े तो कैसे संभालना है अगर किसान
दिल्ली की तरफ आ गए तो उन्हें कैसे रोकना
है इसका अभ्यास आज किया गया आप सोचिए
कितने किस लेवल की तैयारी चल रही है कल
मैंने आपको पाठशाला में बताया था कि कितने
लेवल की बैरिकेडिंग हुई है आज यह देखते
हुए कि भैया यह रुकने वाले लग नहीं रहे
हैं तो अगर आ गए तो अगर वाली स्थिति का भी
प्रयास कर की प्रैक्टिस कर ली गई मॉक
ड्रिल के
दौरान जवानों को बताया गया कि पहले हाथों
से ही किसानों को रोका जाए कोई बल प्रयोग
ना हो अगर जरूरत पड़े तभी लाठी चार्ज किया
जाए और आंसू गैस का
इस्तेमाल आपको दिल्ली के सिंगु बॉर्डर से
एक रिपोर्ट दिखाता हूं फिर आगे की बात
बताता हूं कि इस पूरे किसान आंदोलन का राम
मंदिर से क्या कनेक्शन है और यह आंदोलन
कहां जा रहा है ये तस्वीरें इस वक्त आप
यहां देख रहे हैं आप देखें तो एक तरफ जहां
यह बीच में कंक्रीट का वाल है यह दिल्ली
और हरियाणा की सीमा है और फ्लाई ओवर पर इस
तरफ जहां की तस्वीर अभी आप देख रहे हैं
वहां पर आपको रैपिड एक्शन फोर्स के जवान
नजर आ रहे होंगे वहां पर आपको दिल्ली
पुलिस की टुकड़िया नजर आ रही होंगी और
कैसे जब प्रद शकारी किसान आएंगे तो
अलग-अलग जो सुरक्षा बलों की टीमें होंगी
चाहे वह दिल्ली पुलिस का लेयर हो या रैपिड
एक्शन फोर्स का लेयर हो वो कैसे उनको
रजिस्ट करेंगे पहले हाथों से रोकने की
कोशिश होगी बैरिकेडिंग बचाने की कोशिश
होगी जरूरत पड़ने पर उन पर जो है वो लाठी
चार्ज किया जाएगा और फिर आगे अगर
स्थितियां गंभीर होती हैं तो टियर गैस या
अन्य जिन भी चीजों का इंतजाम जो है वो
दिल्ली पुलिस और प्रशासन की तरफ से किया
गया है उन सभी चीजों का इस्तेमाल जो है वह
किया जाएगा और आप देखिए पूरे इस सिंघु
बॉर्डर पर हाईवे के दोनों तरफ दिल्ली से
चंडीगढ़ हो या चंडीगढ़ से दिल्ली की तरफ
आपको हर तरफ जो है यहां पर इस वक्त एक
डिटेल ड्रिलिंग होती हुई नजर आएगी
तो आप देखिए किस तरह की तैयारी चल रही है
वह नजर आता है व्यवहार से पता लगता है कि
कोई ना कोई स्पोर्ट उनको है ही आखिर रोकने
में तो पंजाब सरकार भी उनको अपनी जगह पर
रोक ही सकती है नहीं रोकी है तो कहीं कुछ
ना कुछ अंडरस्टैंड तो रही होगी और दिल्ली
वाले तो ये कहते हैं कि हां हम तो किसान
की के साथ है किसान की मांगों के साथ होना
एक बात है लेकिन किसान की मूवमेंट जिस
प्रकार की चला रहे हैं उसमें साथ होना ये
कई के गलत संदेश देता है एक तरफ तो आक्रमण
आक्रमण टाइप जैसा होता है जैसे कोई एक
सेना आक्रमण करने के लिए चलती है इस
प्रकार का माहौल बनाना और उसमें भी यानी
ट्रैक्टर टॉली जेसीबी हर्ड ड्र और क्याक
लेकर चलना और एक एक साल का राशन लेकर चलो
यानी ये जो आवाहन किया जाता है तो इसके
अंदर हमें नागरिकों की सुरक्षा उनकी भी
सुरक्षा चाहिए नागरिकों को भी आखिर किसान
भी व अपने ही अपने देश के बाहर के नहीं है
इसलिए उनका जो तरीका है उस तरीके पर ही
आपत्ति है अब आप सुन रहे हैं हरियाणा के
मुख्यमंत्री को वह कह रहे हैं कोई अपनी
सेना बना के जैसे युद्ध लड़ने निकलता है
वैसे यह लोग चले हैं बस मुझे समझ मैं नहीं
आ रहा किस बात का युद्ध लड़ रहे हो आप
आपको लग रहा है यह सरकार एमएसपी पर कानून
नहीं ला रही आपकी बात नहीं सुन रही और देश
भर का किसान जो है आप उसकी आवाज है तो भाई
चुनाव में ना हराए आप यह ट्रैक्टर लेकर
क्या आप य सेना लेकर क्या आ रहे हैं आप यह
पूरा मजम क्या सजा रहे हैं यह बात ही नहीं
समझ में आ रही तो फिर तो कहा जाएगा कि य
पूरा आंदोलन राजनीतिक है किसान आंदोलन अभी
शुरू ही हुआ है किसानों और सरकार के बीच
बातचीत चल रही है लेकिन आंदोलन में
तैयारियों को देखकर तो यही लग रहा है कि
किसान संगठन पहले ही मान चुके हैं कि
सरकार उनकी बात नहीं मानेगी और वह अपनी
बात मनवाने के लिए राशन पानी लेकर महीनों
लंबे चलने वाले आंदोलन की तैयारी के साथ
उतर रहे हैं जैसे आज कुछ किसानों ने यूपी
की तरफ से भी मोर्चा खोल दिया मेरठ से कुछ
किसान गाजीपुर बॉर्डर पर चादर बिछाकर बैठ
गए अपने साथ खाने का इंतजाम करके आए गैस
चूल्हा सिलेंडर सब्जी सब लेकर चले आए भाई
गाजीपुर बॉर्डर से हमारी सहयोगी भावना की
एक रिपोर्ट
देखिए कहां से आए हैं ये मेरठ से और नोएडा
से क्या चाहते हैं जो एमएसपी का इन्होंने
जो गारंटी का जो वायदा किया था और यह
वायदा खिलाफी जो है उसके संबंध में किसान
दोबारा से इक हो रहे हैं वक्त के लिए
बैठेंगे बिल्कुल जाहिर सी बात है कब तक
बैठेंगे भाई जब तक एमएसपी की गारंटी नहीं
हो जाती तब तक किसान का यहां से हटना
नामुमकिन है ये टमाटर लेके आप आए हुए हैं
हां ये खाना बनाऊंगा तुम भी खाइए और हम भी
खाएंगे
टमाटर ना सारा सामान है पीछे भी है अब आप
ये देखिए कि दिखाइए भाई साहब क्याक है ये
देखिए ये खाने पीने का सामान लेके आए हुए
हैं जिसमें तेल नमक टमाटर और इसके साथ ही
दिखा देते हैं ये देखिए गैस सिलेंडर तक
लेकर आए हुए हैं ये देखिए चूहा आपको नजर आ
रहा होगा यह बड़ा भगोना जिसमें यह कह रहे
हैं कि यहां पर खाना भी बनाएंगे और यहीं
पर रुकेंगे ये आप लोग यहां पर कितने दिन
के लिए आए हुए हैं हम जब तक हमारी मांगे
पूरी नहीं होगी हम टने यहां से ही किसान
आंदोलन अभी और उग्र हो सकता है क्योंकि हर
दिन अलग-अलग किसान संगठन आंदोलन के समर्थन
में उतर रहे हैं जैसे भारतीय किसान यूनियन
चढी समूह ने मौजूदा आंदोलन को समर्थन देने
का ऐलान किया है किसान नेता गुरनाम चड़ी
कल से हरियाणा में किसानों का बड़ा
प्रदर्शन करने वाले हैं कल हरियाणा में
दोपहर 12 बजे से 3:00 बजे के बीच हरियाणा
के टोल नाकों पर प्रदर्शन किया जाएगा 17
फरवरी को हरियाणा के हर जिला मुख्यालय में
ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा 18 फरवरी को
कुरुक्षेत्र में हरियाणा के सभी किसान
संगठनों की एक बड़ी मीटिंग बुलाई गई
गुरनाम चड साल 2020 में हुए किसान आंदोलन
का प्रमुख चेहरा थे आपको याद होगा नहीं
देखे इनको उस वक्त बड़ा बोलते थे ये किसान
आंदोलन से जुड़े ज्यादातर संगठन पंजाब में
सक्रिय हैं और पर अभी जो आंदोलन चल रहा है
वह पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर ही चल रहा है
आपको याद होगा कि पिछली बार किसान आंदोलन
था उसमें भी ज्यादातर किसान पंजाब से ही
आए थे और कुछ हरियाणा से आए थे पिछली बार
भी और इस बार भी किसान संगठन यह मांग कर
रहे हैं कि उन्हें एमएसपी पर कानूनी
गारंटी मिली आपको बताता हूं कि देश में
पंजाब के किसानों को उसकी फसल का एमएसपी
पर क्या दाम मिल रहा है और क्या वह दाम
स्वामीनाथन आयोग ने जो सिफारिश की थी उससे
ज्यादा है या कम है आपको यह भी तो जानना
चाहिए जो लोग एसपी की मांग कर रहे हैं
उनको मिल क्या रहा है साल 2024 25 अ
2000 2425 में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश
के मुताबिक पंजाब में गेहूं की खरीद 503
प्रति क्विंटल में होती मतलब उन्होंने एक
अनुमान लगाया था 2425 आते-आते पंजाब में
गेहूं की खरीद 03 प्रति क्विंटल की होती
जबकि अभी जो एमएसपी के नियमों के अनुसार
जो अभी खरीद हो रही है वह ₹ 275 प्रति
क्विंटल होगा यानी कि 772 प्रति क्विंटल
ज्यादा जो कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश
से 50 पर ज्यादा है 5.36
पर यानी जो आप सोच रहे थे और जिस
स्वामीनाथन आयोग की कमेटी की रिपोर्ट को
लागू करने की बात हो रही है भाई ऑलरेडी
मोदी सरकार कर ही उससे 50 पर ज्यादा दे
रहे है धान की बात कीजिए साल 2023 24 में
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश थी कि पंजाब
में धान की खरीद 62 प्रति क्विंटल पर होनी
चाहिए जबकि 2023 24 के लिए पंजाब में धान
के लिए जो एमएसपी तय की गई है वो
2183 प्रति क्विंटल जो कि स्वामीनाथन आयोग
की सिफारिश से 49 पर ज्यादा है ऑलमोस्ट 50
पर कह लीजिए यानी अभी ही पंजाब के किसान
जो मोस्टली धान और गेहूं उगाते हैं खरीद
पर जो दाम मिल रहा है वह स्वामी
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश से 50 पर
ज्यादा मिल रहा है
भाई यह आंकड़े सीएसीपी यानी कमीशन फॉर
एग्रीकल्चरल कॉस्ट एंड प्राइसेस के हैं यह
एक एक्सपर्ट कमिटी होती है जो कि सरकार को
एमएसपी पर जुड़े सुझाव देती है इतना ही
नहीं एमएसपी पर जितनी फसल सरकार खरीदती है
उसमें सबसे ज्यादा फसल की खरीदारी पंजाब
से ही होती है यह भी ध्यान रखिए जो लोग
यहां बैठे हैं पंजाब के किसान उनको सबसे
ज्यादा एमएसपी मिलती है भाई साल 20222 में
19300 करोड़ का गेहूं पंजाब से खरीदा गया
साल 202122 में 36700 करोड़ रुपए की धान
की खरीद पंजाब से हुई यह देश के किसी भी
राज्य से बहुत ज्यादा है इतना ही नहीं एक
आरटीआई में यह भी पता चला कि पंजाब में
एमएसपी पर होने वाली गेहूं की खरीदारी
पिछले 10 साल में करीब 10 पर बढ़ चुकी है
साल 201415 में देश में एमएसपी पर गेहूं
की खरीद में
41.3 पर यानी करीब करीब 41 42 पर हिस्सा
पंजाब से था जो साल 20222 में बढ़कर 51 पर
से ज्यादा हो चुका है मतलब यूपीए के जमाने
से भी ज्यादा एमएसपी पर खरीद पंजाब से अभी
मोदी सरकार में हो रही है पिछले 10 सालों
में गेहूं पर एमएसपी कितना इतना बड़ा है
आपको यह देखना चाहिए साल 201314 में 00
प्रति क्विंटल एमएसपी मिल रही थी जबकि साल
2023 24 में यह 22 275 प्रति क्विंटल इसी
तरह देश में धान की खरीद पर एमएसपी साल
201314 में 1310 प्रति क्विंटल थी जो 2023
24 के लिए 2183 प्रति क्विंटल है किसान
आंदोलन के बाद साल 2022 में सरकार ने
एमएसपी की व्यवस्था को और बेहतर करने के
एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जो कि अब तक 37
मीटिंग कर चुकी है और वर्कशॉप्स कर चुकी
है मतलब ऐसा नहीं कि सरकार बैठी है कि चलो
ठीक है अब ये लोग घर गए छोड़ो इस मीटिंग
में सरकार और किसान दोनों तरफ के लोग भी
हैं और उसी कमिटी के सदस्य और उस कमेटी के
सदस्य यह कह रहे हैं कि एमएसपी की गारंटी
देना नामुमकिन है मतलब जो कमेटी बनाई गई
है वह कह रही है कि एमएसपी पर गारंटी देना
नामुमकिन है और यहां जिनको सबसे ज्यादा
एमएसपी पर खरीद हो रही है जिनको सबसे
ज्यादा एमएसपी मिल रही है वो कह रहे हैं
कि नहीं बॉस कानून बनाइए हम तो नुकसान में
सुनिए एक बार कमेटी के लोग क्या कह रहे
हैं स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट आई और
रिपोर्ट 2006 में आई थी 2006 का भारत और
2024 का भारत अलग है हमको यह कमटी से ऐसा
बनाना है ऐसी कृषि नीति बनानी है और ऐसे
गांव की नीति ऐसी कृषि की नीति और
सहकारिता की नीति बनानी है जो 2075 तक
वैलिड हो एक बिहार का किसान और एक पंजाब
के किसान में इतनी असमानता क्यों है तो एक
देश में एक एमएसपी इस तरीके से तो संभव
नहीं है व एट पफल और 50 पर उसमें जो जोड़
के दिया जा रहा है वो तो ऑलरेडी दिया जा
रहा है इनसे बातचीत करें और इनको तो समझ
में नहीं आता एमएसपी एक
कॉम्प्लेक्शन की अर्थव्यवस्था ठप कैसे हो
जाएगी विकास के लिए पैसे नहीं बचेंगे और
महंगाई बेतहाशा बढ़ जाएगी और पीएम मोदी
बार-बार यह कह रहे हैं कि भारत का समय है
बॉस आने वाले 5 सालों में भारत को तीसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है और यह
ध्यान रखना चाहिए कि जब भारत आगे बढ़ रहा
है तो दुनिया में दूसरे बड़े देश आज की
डेट में संघर्ष कर रहे हैं भाई जैसे जापान
जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी हुआ
करता था वह खिसक कर चौथे नंबर पर आ गया है
क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था ठीक नहीं है
महंगाई चरम पर है जापान के अंदर वहां
रिसेशन आ गया है भाई मंदी आ गई है न के
अंदर इसी तरह ब्रिटेन की हालत भी खराब है
वहां आर्थिक मंदी आ चुकी है इतना ही नहीं
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने बताया कि इस वक्त
ग्लोबल मंदी का खतरा बहुत ज्यादा है यानी
जापान ब्रिटेन जैसे देशों में मंदी आ गई
है भारत की इकॉनमी रॉकेट बनी हुई है और आप
क्या चाहते हैं कि एमएसपी पर कानून बन जाए
और उसके बाद जितने लोग यहां नौकरी कर रहे
हैं सबकी नौकरी चली जाए सब जो है वह
महंगाई के मारे त्राहि मान करें सिर्फ
इसलिए कि कुछ लोगों को अपना पॉलिटिकल
एजेंडा चलाना है और नरेंद्र मोदी का ग्राफ
नीचे करना है इसलिए एमएसपी पर कानून बने
जिसमें देश का 50 पर बजट चला
जाए यह देश को सोचना होगा बॉस कि कुछ
किसान आकर जो कह रहे हैं पंजाब और हरियाणा
के क्या वह देश की आवाज बन सकती है क्या
आपको ब्रिटेन और जापान बनना है यह तीसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है यह देश को
तय करना है और इसलिए हम यह सारी डिटेल
आपके सामने रखते
हैं पाठशाला में बंगाल के संदेश खाली का
चैप्टर लेकर आया हूं ब बवाल मचा हुआ है एक
तरफ किसानों का बवाल है दूसरी तरफ बंगाल
में मचा बवाल है लेकिन बंगाल के बवाल पर
बहुत लोग चुप है इसलिए आज आपको देखना
चाहिए कि बंगाल में क्या चल रहा है और
ममता बनर्जी सरकार पर कितने गंभीर सवाल
खड़े हो रहे
हैं देखिए बॉस बंगाल में खास पैटर्न दिखता
है कि वहां कुछ भी होता है तो ममता बनर्जी
सब कुछ बीजेपी आरएसएस पर डाल देती है यह
सब बीजेपी आरस आस का किया धरा है अरे बस
बीजेपी आरएसएस का किया धरा है तो आप रोकती
क्यों नहीं है आपको तो रोकने के लिए वहां
पर चीफ मिनिस्टर बनाया गया ना लेकिन यह
बंगाल की राजनीति का फैशन बन गया है यही
सब संदेश खाली के मामले में भी किया जा
रहा है पिछले एक हफ्ते से बंगाल के संदेश
खाली में बहुत तनाव है वहां पर महिलाओं ने
बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं कि संदेश खाली
में महिलाएं सुरक्षित नहीं है वहां पर घर
से निकलना मुश्किल है टीएमसी नेता महिलाओं
को उठाकर पार्टी ऑफिस लेकर जाते हैं यह
आरोप लगा और छोड़ते हैं लेकिन ममता बनर्जी
इस पर जो जवाब दे रही हैं वो उनका वही
पुराना तरीका है कि सब कुछ बीजेपी पर डाल
दो स्थिति यह है कि विपक्ष के नेताओं को
संदेश खाली जाने नहीं दिया जा रहा जो लोग
संदेश खाली जाकर पीड़ितों से मिल रहे हैं
वह बता रहे हैं कि कितनी शर्मनाक स्थिति
है लेकिन राज्य की महिला मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी इसके जवाब में क्या कह रही हैं कि
संदेश खाली में तो आरएसएस के बंकर बीजेपी
के लोग नकाब पहनकर झूठे बयान दे रहे हैं
बंगाल पुलिस कह रही कि उन्हें अब तक रेप
के आरोपों की कोई शिकायत नहीं मिली है
जबकि बंगाल के संदेश खाली में महिलाओं ने
गंभीर आरोप लगाया आरोप लगा कि वहां टीएमसी
के नेता शेख शाहजहां और उसके समर्थक जबरन
जमीनों पर कब्जा करते हैं और यौन उत्पीड़न
करते हैं स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि
संदेश खाली की महिलाएं सुरक्षित नहीं है
और उनकी कोई मदद नहीं कर रहा महिलाओं को
बाहर निकलने में डर लगता है क्योंकि
महिलाओं को आरोपी टीएमसी कार्यालय में
लेकर जाते से लेकर जाते थे और सुबह छोड़
देते थे और यह सिर्फ कही सुनी बात नहीं
बता रहा हूं ग्राउंड पर जाकर हमने भी बात
की हमारी टीम ने बात की है महिलाओं से बात
की है तो उन्होंने ऐसी-ऐसी बातें बताई
जिसे सुनकर कोई भी शॉक्ड रह जाएगा संदेश
खाली की महिलाएं क्या आरोप लगा रही हैं
सुनिए एक बार फिर बताता हूं कि इन गंभीर
आरो आरोपों पर महिला मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी क्या कह
र अ दीदी सबसे पहले तो बताइए कि कितने
सालों से ऐसा अत्याचार यहां पर चलता
था
धरे
ने टीएमसी
राज
ते
श विशेष महिला संगे की होतो
बोले महिला के राते डका होतो दिने जन
नने ना
[संगीत]
का तो रा बला हो
[संगीत]
महिला
जा आप सुन रहे हैं महिलाए कितनी गंभीर
आरोप लगा रही है और संदेश खाली में हमारी
टीम को कई महिलाएं मिली जिन्होंने सीधे
तौर पर यह कहकर आरोप लगाया कि हिंदू
महिलाओं के साथ ही अत्याचार किया जा रहा
है
सुनिए जो आज तु बोले
दिन पा
उठे म
हिंदू
महिला

जा ने तो ब ल
सम महिलाएं खुद बता रही है कि तृणमूल की
समर्थक रही है लेकिन उसके बावजूद क्या हो
रहा है इन महिलाओं ने सीधा आरोप संदेश
खाली से टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर लगाया
महिलाओं के बयान सामने आने के बाद ही
बीजेपी ने एमसी के खिलाफ मोर्चा खोला था
बीजेपी के आरोप क्या है बीजेपी का आरोप है
कि संदेश खाली में हिंदू महिलाओं का यौन
उत्पीड़न किया गया है टीएमसी नेता जबरन
हिंदू महिलाओं को टीएमसी कार्यालय ले जाते
हैं लेकिन पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने
आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की
बीजेपी के इन आरोपों को टीएमसी तो टीएमसी
तो सिरे से नकार रही है टीएमसी का कहना है
कि लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर
गलत सूचना फैलाई जा रही है पुलिस की
पूछताछ में अभी तक यौन शोषण का कोई आरोप
नहीं मिला है राज्य महिला आयोग डीआईजी
सीआईडी की 10 सदस्य टीम को भी उत्पीड़न के
आरोप नहीं मिले कैसे मिलेंगे बंगाल में
चुनाव के नतीजे आने के बाद जब इतनी हिंसा
हुई थी तब भी ममता बनर्जी को वहां कुछ
होता हुआ नहीं नजर आया था सब बीजेपी और
आरएसएस ने कर दिया था आज भी वो वही बात कह
रही है जबकि होना तो यह चाहिए था कि इन
आरोपों की सही से जांच करवाती खुद महिला
है भाई आरोपियों को पकड़ा जाए इन पीड़ितों
को इंसाफ दिलाया जाए यह होता लेकिन जब
सीधे-सीधे यही कह दिया जाएगा कि इस पर
राजनीति हो रही है तो फिर इंसाफ मिलने की
बात कहां से आएगी ममता बनर्जी ने यह तो
कहा कि प्रशासन की टीम संदेश खाली में
मौजूद है व घर-घर जाकर शिकायत सुन रही है
इंसा के मामले में अभी तक 17 लोगों को
गिरफ्तार भी किया गया है लेकिन ममता
बनर्जी ने संदेश खाली के मामले में यह भी
आरोप लगा दिया कि संदेश खाली में जहां
अशांति है वहां आरएसएस का बेस है क्षेत्र
में अशांति फैलाने के लिए भयानक साजिश रची
जा रही है बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने नकाब
पहनकर झूठे बयान दिए हैं बीजेपी ने बाहर
से लोगों को लाकर संदेश खाली में अशांति
फैलाई है कुछ लोगों में नाराजगी हो सकती
है हम मुद्दों का समाधान करेंगे संदेश
खाली में महिलाएं कैमरे पर आकर आपको दिखा
रहा हूं ना कैमरे पर आकर सब बता रही है
लेकिन ममता बनर्जी कह रही हैं कि बीजेपी
वाले मास्क पहनकर झूठे बयान दे रहे हैं
लेकिन जो लोग भी संदेश खाली जाकर पीड़ितों
से बात कर रहे हैं वह बता रहे हैं कि वहां
के हालात कैसे हैं और अगर यह बीजेपी की
महिलाएं हैं इनके साथ कुछ नहीं हुआ है तो
इनको पुलिस इनप क्यों नहीं एक्शन ले रही
है फि पहले राज्यपाल ने वहां का दौरा किया
था और लोगों से बात की ी आज राष्ट्रीय
अनुसूचित जाति आयोग के सदस्यों ने संदेश
खाली का दौरा किया क्योंकि यहां एक बड़ी
आबादी दलितों और पिछड़े आदिवासियों की
रहती पीड़ितों से मुलाकात के बाद आयोग की
सदस्य अंजू बाला ने आरोप लगाया कि संदेश
खाली में लोग बिल्कुल सुरक्षित नहीं
महिलाओं पर अत्याचार की एफआईआर तक दर्ज
नहीं होती और सीएम ममता बनर्जी कुछ बताना
नहीं चाहती एक बार सुनिए क्या कह रही है
वो आप जितना छुपाना चाहती थी आप आंकड़े
नहीं बताना चाहती क्योंकि आप एफआईआर दर्ज
ही नहीं करती हैं आप महिलाओं के साथ हो
रहा टॉर्चर है अनुसूचित जाति की महिलाएं
हैं जो मछुआरा वर्ग की है मछली पालन का
काम करती हैं अनुसूचित जाति के लोग हैं
उनके साथ आप घर बुलाबुला करर टॉर्चर करते
हैं आपको मैं चाहती हूं कि देश आपको माफ
नहीं करेगा मीडिया के माध्यम से देश को
बताना चाहते हैं राष्ट्रपति को बताना
चाहते हैं कि यहां पे राष्ट्रपति शासन लाग
लागू करिए नहीं तो यह हमारे लोग यहां
सुरक्षित नहीं रह
यहां यानी वहां जो जा रहा है उसको दिख रहा
है लेकिन ममता बनर्जी कह रही कि हां कुछ
नहीं हो रहा है इस तरह का जैसे आरोप लग
रहे हैं और यह सब आरएसएस और बीजेपी वाले
करा रहे हैं 12 फरवरी को पश्चिम बंगाल के
गवर्नर सीवी आनंद बोस ने भी संदेश खाली
में हिंसा ग्रस्त इलाके का दौरा किया इस
दौरान उन्होंने पीड़ितों और प्रदर्शन कर
रहे लोगों से बात की जिसमें कई चौकाने
वाले खुलासे हुए संदेश खाली का दौरा करने
के बाद जांच के लिए उन्होंने एसआईटी का
गठन किया और अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को
सौंपी
अपनी रिपोर्ट में राज्यपाल ने गवर्नर की
रिपोर्ट बता रहा हूं अपनी रिपोर्ट में
राज्यपाल ने शाहजहां शेख और उसके साथियों
का नाम लिया है साथ ही यह बताया कि रात के
वक्त पुलिस की वर्दी में आरोपियों ने
पीड़ितों के घर में घुसने का काम किया
वहीं बंगाल पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ
शिकायत दर्ज करने की बजाय पीड़ितों पर
उपद्रवियों के साथ समझौता करने का दबाव
बनाया यह राज्यपाल की रिपोर्ट में
राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में आरोपियों की
गिरफ्तारी पीड़ितों की मदद और दोषी
अधिकारियों का ट्रांसफर करने का जवाब दिया
है राज्यपाल अपनी रिपोर्ट में बता रहे हैं
कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के लोग
कह रहे हैं कि बंगाल में विपक्ष कह रहा है
फिर भी ममता बनर्जी की सरकार इन सब बातों
को मान नहीं
रही उल्टे ममता बनर्जी के बयानों से तो
लगता है कि एक तरह से उस शाहजहां शेख को
क्लीन चिट मिल गई जिसके समर्थकों पर संदेश
खाली के मामले में आरोप है जिस शेख शाहजन
शेख और उसके समर्थकों पर आरोप लगे हैं यह
शाहजहां शेख वही टीएमसी नेता है जिसके घर
पर छापेमारी करने गई ईडी की टीम पर हमला
हो गया था याद है ना अभी कुछ दिन पहले ईडी
की टीम गई थी तो उस पर क्या हुआ था उसके
साथ यह वही शाहजहां शेख इसके बाद से
शाहजहां शेख फरार है और संदेश खाली में
महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने लगी कि
शाहजहां शेख और उसके साथियों को अरेस्ट
किया जाए लेकिन आज ममता बनर्जी की बातों
से यही लगा कि शाहजहां शेख का ही बचाव
किया जा रहा है आज विधानसभा में ममता
बनर्जी ने शाहजहां शेख को लेकर चुप्पी
तोड़ी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर संदेश
खाली में हिंसा को लेकर साजिश करने का
आरोप
लगाया
यह बात सामने आ गई है उन्होंने कहा कि भाई
यह बात सामने आ गई है कि कैसे सोची समझी
रणनीति के तहत बीजेपी कार्यकर्ताओं को
लाया गया और हिंसा भड़का गई प्राइमरी
टारगेट शाहजहां शेख था जिसे निशाना बनाने
के लिए ईडी इलाके में पहुंची इसके बाद
वहां से सभी को बाहर कर दिया गया और
आदिवासी वर्सेस अल्पसंख्यक की लड़ाई
भड़काने की साजिश की गई आगे ममता बैनर्जी
ने कहा कि ये इलाका संवेदनशील रहा है और
बीजेपी अल्पसंख्यकों को आदिवासियों के
खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही है
बीजेपी का आरोप है कि इस मामले में ममता
बनर्जी की सरकार और पुलिस इस मामले को
दबाने में लगे हुए हैं आरोप है कि ना तो
पीड़ितों की शिकायतों पर ध्यान दिया जा
रहा है ना ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा है
उल्टे ममता बनर्जी की सरकार पुलिस प्रशासन
उन लोगों के रास्ते उन लोगों को रास्ते
में रोक रही है जो लोग पीड़ितों के साथ
खड़े होना चाहते हैं जो लोग पीड़ितों की
आवाज उठाना चाहते हैं आज बंगाल में विपक्ष
के नेता सुवेंदु अधिकारी बीजेपी के तीन
विधायकों के साथ संदेश खाली जा रहे थे
लेकिन उनकी गाड़ी को रास्ते में ही पुलिस
ने रोक दिया संदेश खाली के आसपास के कई
इलाकों में धारा 144 लगी है जिसमें चार
लोगों से ज्यादा एक साथ इकट्ठा नहीं हो
सकते इसलिए सुवेंदु अधिकारी तीन विधायकों
के को लेकर संदेश खाली निकले कि भाई एक वो
हो गए और तीन और विधायक हो गए तो चार हो
गए लेकिन कहा जा रहा है कि फिर भी उनको
नहीं जाने दिया गया यही यूपी में किसी को
रोक दिया जाता तो बड़ा हंगामा होता लेकिन
बंगाल में रोका जा रहा है तो कुछ नहीं इसी
तरह से बुधवार को बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष
सुकांता मजूमदार ने संदेश खाली जाने की
कोशिश की थी लेकिन उन्हें संदेश खाली से
35 किलोमीटर पहले ही रोक लिया गया इसी
प्रोटेस्ट के बीच सुकांत मजूमदार अपनी कार
के बोनट से गिर पड़े जिससे उनको चोट लगई
उनका इलाज कोलकाता के अस्पताल में चल रहा
है बीजेपी का सवाल यही है कि आखिर क्यों
संदेश खाली के पीड़ितों से मिलने से
नेताओं को लोगों को रोका जा रहा है बीजेपी
लगातार संदेश खाली के मामले पर ममता सरकार
को घेर रही है और यह आरोप लगा रही है कि
पुलिस प्रशासन का राजनीतिकरण कर दिया गया
है इसी वजह से किसी को संदेश खाली जाने
नहीं दिया जा रहा विपक्ष के नेता सुवेंदु
अधिकारी आज जब संदेश खाली के लिए निकले तो
पुलिस ने पहले ही नाकेबंदी करके उन्हें
रोक दिया जिसके बाद सुवेंदु अधिकारी वहीं
पर धरने पर बैठ गए सुवेंदु अधिकारी ने
यहां तक आरोप लगाया कि ममता सरकार के
इशारे पर उन्हें रोका जा रहा है और एक
पुलिस अधिकारी ने उन्हें जूता भी मारा है
यह सुवेंदु अधिकारी आरोप लगा रहे सुनिए एक
बार
उनको उनका एडीसीपी बला खालिद मीराज वहा
बताया चाह रहा है तो सर जाइए और वो बता
रहा है आपका गली परमिल बट व आर नॉट अलांग
यू मैं पूछा किसका डायरेक्शन बो ऊपर वाला
का ऊपर वाला कौन खुदा और भगवान बो नहीं
नहीं मेरा डिपर
मेंट अरे भाई बूट से पीटा बूट का से मेरा
पा में पहले ब रहा
[संगीत]
था मेर
डीएसपी ए एक्स मिनिस्टर लीडर ऑफ अपोजिशन
टू टाइम एमपी थ्री टाइम
काउंसलर ट टाइप ऑ
बिहेवियर यानी विपक्ष को संदेश खाली जाने
नहीं दिया जा रहा यह आरोप लग रहा है और इस
लोकसभा चुनाव से पहले वह चुनाव जो विपक्ष
जीतते जीतते हार जाएगा क्या टूटते इंडी
गठबंधन के साथ अब क्या नया खेला हो गया है
अब इसका
चैप्टर
देखिए लोकसभा चुनाव तो जब होंगे तब होंगे
लेकिन उससे पहले राज्य राज्यसभा चुनाव में
भी विपक्ष की हालत खराब होती दिख रही है
15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों के लिए
जो सभी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का
ऐलान कर दिया लेकिन चार राज्य ऐसे हैं
जहां बीजेपी की रणनीति की वजह से विपक्ष
का खेल खराब हो सकता है वैसे तो कहा जा
रहा था कि सॉर्टेड इलेक्शन है जिसका जिसका
ज संख्या है वह अपना निकाल लेंगे लेकिन
बीजेपी ने कुछ खेल किया जिन सीटों पर
बीजेपी की जीत पक्की है उसके साथ बीजेपी
ने एक्स्ट्रा कैंडिडेट भी उतार दिए यानी
अगर आप देखें तो उत्तर प्रदेश में
राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होगा सात
सीटों पर बीजेपी आसानी से जीत जाएगी लेकिन
अब बीजेपी ने आठवां उम्मीदवार भी उतार
दिया उत्तर प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में
राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव होगा
कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को
उम्मीदवार बनाया है अभिषेक मनु सिंगवी का
जीतना तय माना जा रहा है लेकिन अब बीजेपी
ने भी हिमाचल में उम्मीदवार उतार दिया
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए
राज्यसभा का चुनाव होना है बीजेपी और
जेडीएस गठबंधन ने पांच उम्मीदवार उतार दिए
हैं इसी तरह से बिहार में छह राज्यसभा
सीटों पर चुनाव होगा छह में से तीन सीटों
पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है
बीजेपी ने चौथी सीट के लिए भी तैयारी कर
ली जबकि अमूमन ऐसा होता नहीं है जो जहां
जीत रहा होता उतने से काम चलाता है
राज्यसभा चुनाव के लिए जो खेला हो रहा है
उसमें सबसे ज्यादा परेशान अखिलेश याद
पिछले दो विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव
को हार मिली है लोकसभा चुनाव में भी कोई
कमाल का प्रदर्शन तो उनकी पार्टी ने किया
नहीं और अब राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश
यादव की मुश्किलें बढ़ गई राज्यसभा की
सबसे ज्यादा 10 सीटों के
लिए उत्तर प्रदेश में 27 फरवरी को
चुनाव बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अब आठवा
कैंडिडेट उतार दिया बीजेपी ने संजय सेठ को
अपना आठवां उम्मीदवार बनाया यानी जीत सात
सीटों पर पक्की है लेकिन आठवीं सीट के लिए
बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है संजय सेठ
2019 में बीजेपी में आए थे उससे पहले संजय
सेठ समाजवादी पार्टी में ही थे इसी वजह से
अखिलेश यादव की टेंशन बढ़ी हुई है और कहा
जा रहा है कि 27 फरवरी को सीएम योगी फिर
से अखिलेश यादव को सियासी पटक नहीं द
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दरअसल तीन
सीटें निकालना अब अखिलेश यादव के लिए
मुश्किल दिख रहा है क्योंकि अगर उत्तर
प्रदेश विधानसभा का गणित देखिए तो यूपी
विधानसभा में फिलहाल 399 विधायक हैं और
चार सीटें खाली यूपी में एनडीए की ताकत
288 विधायकों की उत्तर प्रदेश में बीजेपी
के कुल 252 विधायक हैं इसके अलावा अपना दल
सोनी लाल के 13 विधायक निषाद पार्टी के छह
विधायक ओम प्रकाश राजभर की सुभा सपा के छह
विधायक भी अब आ गए हैं जयंत चौधरी की
आरएलडी के नौ विधायक भी हैं राजा भैया की
पार्टी के भी दो विधायक हैं जबकि अखिलेश
यादव के पास कुल 108 विधायक है कांग्रेस
के दो और बीएसपी के पास एक विधायक है
विधायक की संख्या के हिसाब से देखें तो
बीजेपी का पलड़ा भारी है और यहीं पर
अखिलेश के सामने तीसरी सीट के लिए जरूरी
संख्या का जुगाड़ करने का सवाल खड़ा हो
रहा है क्योंकि हो क्या रहा है राज्यसभा
की एक सीट के लिए 37 विधायक का वोट जरूरी
है इस तरह से एनडीए सात सीटों पर तो आसानी
से जीत जाएगी क्योंकि उसके पास नंबर है
उसके बाद भी एनडीए के पास 29 विधायक बच
जाएंगे अब उसको आठवी सीट पर जीत के लिए
क्रॉस वोटिंग का सहारा है भाई 37 29
ऑलरेडी है आठ क्रॉस वोटिंग हो गई तो आठवी
सीट भी आ जाएगी उधर समाजवादी पार्टी के दो
उम्मीदवार तो आराम से जीत जाएंगे तीसरी
सीट के लिए समाजवादी पार्टी के पास भी तीन
विधायक कम पड़ेंगे कांग्रेस के दो और
बीएसपी का एक विधायक अगर समर्थन करें तब
जाकर सपा तीसरी सीट जीत सकती है लेकिन सपा
की पल्लवी पटेल के ने चुनाव से पहले
अखिलेश की टेंशन बढ़ा दी पल्लवी पटेल ने
सपा के उम्मीदवारों को वोट नहीं करने का
फैसला किया है पल्लवी पटेल दरअसल अपना दल
कमेरा वादी की नेता है और सपा के टिकट से
उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से विधायक भी
है समाजवादी पार्टी ने जब जया बच्चन और
आलोक रंजन को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का
टिकट दिया तो पल्लवी पटेल नाराज हो गई
क्योंकि पल्लवी पटेल अपनी मां कृष्णा पटेल
के लिए राज्यसभा का टिकट चाह रही थी लेकिन
जब टिकट मिला नहीं तो पल्लवी नाराज हो गई
कि जया बच्चन और आलोक रंजन को वोट देने से
उन्होंने मना कर दिया पल्लवी पटेल ने कहा
कि यह कोई फिल्मी ड्रामा नहीं ना चल रहा
है कि जया बच्चन को टिकट दे दिया जाए
अखिलेश यादव पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक की
बात करते हैं लेकिन उनकी कथनी और करनी में
अंतर है अब सुनिए पल्लवी पटेल क्या कह रही
है नारा क्या है हमारा पीडीए तो अगर
पिछड़ा दलित मुसलमान अल्पसंख्यक समाज
हमारा नारा है तो हमारी करनी में और हमारी
कथनी में व दिखना चाहिए हम वोट उनका ले
रहे हैं लेकिन जब ईमानदारी से प्रतिनिधि
देने की बात आती है तो हमको बाध्य कर दिया
जाता है कि हम मदान लोग जिनको बच्चन और
रंजन को जिनको पीडीए कह रहे हैं उनको वोट
दे क्यों वोट
दे नीति ईमान से होती है और हम प्रतिबद इस
बात को लेकर के कि पिछड़ा दलित मुसलमान
समाज का अगर वोट ले रहे हैं तो उनकी
भागीदारी सुनिश्चित करें अगर उनकी
भागीदारी नहीं है तो वोट क्यों
है अब आप देखिए क्यों हम कह रहे हैं कि
वहां यूपी में अखिलेश यादव को झटका लग
सकता है या खेल हो सकता है वह आपके सामने
है पल्लवी पटेल ने जया बच्चन को टिकट
मिलने पर सवाल उठाए और यह सवाल इसलिए भी
उठ रहा है क्योंकि जया बच्चन कई सालों से
राज्यसभा सांसद रही
है बच्चन चार बार समाजवादी पार्टी के टिकट
से सांसद रह चुकी है अब जया बच्चन को
पांचवी बार राज्यसभा के लिए टिकट मिला है
जया बच्चन आर्थिक रूप से संपन्न है पिछड़ा
या दलित समाज से भी नहीं आती जया बच्चन और
अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति 1578 करोड़
रुप की
है जया बच्चन के पास 4 करोड़ रुपए की कीमत
के तो गहने बताए जाते हैं तो पल्लवी पटेल
क्या गलत पूछ रही है कि बहुस पीडीए की बात
करते हैं और पांचवी बार मतलब ये भी नहीं
कि पहली बार पांचवी बार राज्यसभा भेज रहे
हैं जया बच्चन को
पल्लवी पटेल भी यही बात कह रही है कि उनकी
कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है लेकिन जब
बात पीडीए की हो रही है तो प्रतिनिधित्व
दूसरों को क्यों दिया जा रहा है इसलिए
पल्लवी ने वोटिंग नहीं करने का फैसला किया
है मेरा कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है जया
बच्चन जी विदुषी महिला है उत्कृष्ट
अभिनेत्री है लेकिन यह कोई फिल्मी ड्रामा
नहीं चल रहा है यह गरीबों की पिछड़ों की
दलितों कीय मुसलमान समाज की लड़ाई है उनका
वोट है तो उनका प्रतिनिधि भी होना चाहिए
देखिए पीडीए मुझे इस लिस्ट में नहीं दिखता
इसलिए पिछड़ों दलित और मुसलमान समाज के
साथ हो रही इस धोखाधड़ी में मैं साथ नहीं
हूं यानी अखिलेश यादव के साथी ही अखिलेश
यादव की पोल खोल र है उनके पीडीए के दावे
में दम नहीं है राज्यसभा चुनाव में
समाजवादी पार्टी का जब यह हाल है तो सोचिए
लोकसभा चुनाव में क्या होगा अखिलेश को
अपने तीसरे उम्मीदवार को जीत दिलाने के
लिए भी जी तोड़ मेहनत करनी पड़ रही है
राज्यसभा लोकसभा में क्या होगा पल्लवी
पटेल ने तो वोटिंग से दूर रहने का फैसला
कर लिया है साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य भी
अखिलेश की परेशानी बढ़ा रहे हैं स्वामी
प्रसाद मौर्य पिछले कई दिनों से लगातार
सनातन विरोधी बयानबाजी कर रहे थे लेकिन हर
बार समाजवादी पार्टी उसे समाजवादी स्वामी
प्रसाद मौर्य का निजी बयान करार देती थी
अब इससे परेशान होकर स्वामी प्रसाद मौर्य
ने पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा दे
दिया स्वामी प्रसाद मौर्य के बगावती तेवर
साफ दिखाई दे रहे हैं मौर्य कह रहे हैं कि
समाजवादी पार्टी में कुछ स्वयंभू नेता
जो खुद को आला कमान मान के बैठ गए इससे
पार्टी के जनाधार पर असर पड़ा है आप
स्वामी प्रसाद मौर्य को सुनिए और उनके
बातों में जो बगावत की बू आ रही है वह भी
सुनिए इसमें कोई दोरा नहीं कि पार्टी में
कुछ शंभू बड़े नेता
हैं जो अपने को पार्टी का आला कमान मान के
चलते
हैं उनकी जुबान पर कोई लगाम नहीं है किसी
को कुछ भी कह देना
कर्ताओं को अपमानित कर
देना मेरे बयान को निजी कह
देना इस तरह के लोग कहीं ना कहीं पार्टी
का भट्ठा बैटा रहे हैं पार्टी का जार के
साथ खिलवाड़ कर रहे
हैं और इसीलिए उन सारी बातों को मैंने
मौखिक रूप से भी और पत्र के माध्यम से
भी राष्ट्रीय अक्ष जी को अवगत करना उचित
समझा और इसीलिए उस पत्र को मैंने भेजा
जैसे समय रहते थे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को
भी
सारी पार्टी में चल रही गियों की जानकारी
हो
जाए दरअसल अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की
राजनीति में घिरते हुए दिख रहे हैं अखिलेश
में अपने पिता मुलायम सिंह वाला करिश्मा
नहीं है वह सबको साथ लेकर चले अखिलेश यादव
विचारधारा के स्तर पर भी कंफ्यूज दिख रहे
हैं अखिलेश यादव निमंत्रण के बाद भी राम
मंदिर प्राण ष्ठ में नहीं गए अभी तक
अखिलेश यादव ने अयोध्या जाकर रामलला के
दर्शन भी नहीं किए अयोध्या जाने के सवाल
पर कहते हैं जब राम बुलाएंगे तब जाएंगे
इससे समाजवादी पार्टी के नेताओं और
कार्यकर्ताओं में कंफ्यूजन बढ़ गया अब
अखिलेश इटावा में केदारनाथ मंदिर की तरह
शिव मंदिर बनवा रहे हैं इसे अखिलेश यादव
का सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ झुकाव बताया जा
रहा है लेकिन इससे अखिलेश यादव के मुस्लिम
वोट बैंक के चटकने का भी खतरा है यानी
पहले मंदिर का समर्थन नहीं किया फिर खुद
मंदिर बनवाने लग गए एक तरफ पीडीए की की
बात कही दूसरी तरफ पिछड़े नेताओं की
अनदेखी के आरोप लग रहे हैं यही वजह है कि
समाजवादी पार्टी के नेता खुलकर पार्टी के
खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं चाहे स्वामी
प्रसाद मौर्य हो पल्लवी पटेल हो यहां तक
कि अखिलेश अपने सहयोगी जैन चौधरी को भी
एनडीए में जाने से नहीं रोक पाए उत्तर
प्रदेश का हाल आपने देखा कि अब उन राज्यों
का हाल बताता हूं जहां राज्यसभा चुनाव के
दौरान खेला हो सकता है कर्नाटक में
राज्यसभा की चार सीटों पर मतदान होना है
तीन सीटों पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा
रही है बीजेपी जेडीएस गठबंधन को एक सीट
मिल सकती फिर भी जेडीएस ने पांचवा
उम्मीदवार उतार दिया है जेडीएस ने
कुपेंद्र रेड्डी को पांचवा उम्मीदवार
बनाया है और 135 विधायक होने के बाद भी
कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर है तो आप
सोचिए इसीलिए मैं कह रहा था कि अभी
राज्यसभा चुनाव जितना सिंपल दिख रहा था
उतना है नहीं और वहां किस-किस के स्पीड
में ब्रेक लगेगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन
हम

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