Farmers Protest | अडानी की वजह से फैसला नहीं ले रहे मोदी says Satya Pal Malik |

है दोस्तों राजनीति में कभी-कभी बड़े गहरे
विरोधाभास दिखते हैं एक चेहरे पर कई कई
नकाब दिखते हैं अब आजही की बात कर लीजिए
आज हमने देखा कि एक तरफ जो इस मुल्क के
बादशाह हैं मोदी जी प्रधानमंत्री उनका अबू
धाबी में भव्य स्वागत हो रहा है मखमली

कालीन पर गलीचे पर वो चल रहे हैं और दूसरी
तरफ हमने देखा हिंदुस्तान में कि जो किसान
है उनका
स्वागत कीले कर रही है काटे कर रहे हैं और
एक तरफ बादशाह पर फूलों की बारिश है और
दूसरी तरफ किसानों पर आंसू गैस के गोले
दागे जा रहे हैं सैकड़ों

गोले अब सवाल इस बात का है कि किसानों पर
यह जो जुल्म ढाया जा रहा था डबल इंजन की
सरकार में क्या यह सब कुछ हरियाणा के
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इशारे पर
हो रहा था या फिर खट्टर को आदेश ऊपर से

मिल रहा था और क्या यह बात सही है कि जिस
वक्त किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे जा
रहे थे जिस वक्त किसानों को भेड़ बकरियों

की तरह खदेड़ा जा रहा
था क्या यह जानकारी मोदी जी को हवाई जहाज
में दी जा रही थी य इस तस्वीर के पीछे
सारा खेल बादशाह के शारों पर ही हो रहा था
दोस्तों अब गोलमोल बातचीत करने का वक्त
खत्म हो गया इसलिए सीधा सवाल सीधा सवाल यह
है किसानों की मांग को लेकर एमएसपी की
मांग को लेकर यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस

जो सरकार तय करती किसानों की फसल पर उस पर
मोदी जी दो साल से चुप्पी क्यों साधे हुए
व्हाई ही साइलेंट और क्यों चुप है मैं
नहीं बताऊंगा इस देश के बड़े किसान नेता

मोदी जी के साथ गवर्नर रहे सत्यपाल मलिक
आज आपको जवाब देने जा रहे हैं कि मोदी जी
चुप क्यों
है और चुप्पी की अगर आप वजह जानेंगे तो
चौक
जाएंगे दूसरे अडानी का भी प्रेशर रहता है

इन लोगों प अडानी के पक्ष में क्योंकि
एमएसपी तो इसलिए लागू नहीं हो रही क्योंकि
अडानी को नुकसान हो जाएगा उसने बड़े
पैमाने पर गोदाम बना के गेहूं और चावल भर
दिया है तो देश के पूर्व राज्यपाल और आप

कह सकते हैं बड़े किसान नेता सत्यपाल मलिक
का कहना है कि अडानी के चक्कर में कहीं ना
कहीं कॉर्पोरेट लॉबी के चक्कर में मोदी जी
किसानों की मांग पर फैसला नहीं ले पा रहे
लेकिन बात यही खत्म नहीं होती बात यहां से

शुरू होती है सतपाल मलिक का यह भी कहना है
कि अगर इस बार इस बार अगर मोदी ने अनदेखा
किया इन किसानों का जिनका आंदोलन बड़ी
तेजी से आग की तरह फैल रहा है पूरे उत्तर
भारत जाट बेल्ट अगर अनदेखा किया तो यही
किसान चुनाव में बहुत बड़ा झटका दे सकते
हैं मोदी को

अब सतपाल मलिक का यह भी कहना है कि यह जो
बातचीत चल रही है किसान नेताओं के साथ
मोदी जी के मंत्रियों की जिसमें कृषि
मंत्री अर्जुन मुंडा हैं उनके खास मंत्री
पियूष गोयल है दरअसल यह दिखावा है
कॉस्मेटिक यह कठपुतली है मंत्री नहीं है
कठपुतली है जिनकी डोर मोदी जी के हाथ में
है और अंतिम फैसला मोदी जी को ही लेना

होगा मलिक कहते हैं कि अगर मोदी जी ने इस

बार अडानी के इंटरेस्ट को कॉर्पोरेट के
इंटरेस्ट को नारे नहीं
रखा और किसानों की अनदेखी कर दी जैसा
मैंने पहले कहा कि फिर चुनाव में 24 के
फाइनल में एक बड़ा झटका मोदी जी को लग
सकता है बहरहाल सीधे सतपाल मलिक के पास
चलेंगे क्योंकि बहुत कुछ आज वो आपको बताने

जा रहे हैं और आज इसी इंटरव्यू में आप
देखिएगा जरूर आखिर तक मोदी के भ्रष्ट
मंत्रियों पर भी चर्चा जी हां वो मोदी जो
भ्रष्टाचार में एक-एक करके विपक्ष के सारे
नेताओं को जेल भेज रहे हैं या कहीं ना
कहीं ब्लैकमेल कर रहे उन भ्रष्ट मंत्रियों
पर भी चर्चा है बड़ा खुलासा है आखिर तक
देखिएगा तस्वीर साफ होगी चलते हैं मलिक
साहब के पास मेरा पहला सवाल मलिक साहब
मेरा पहला सवाल कि यह जो आज किसानों पर
जिस तरह से आंसू गैस छोड़े गए जिस तरह से
लाठी भांजी गई उनको दौड़ाया गया खदेड़ा
गया वो किसान जो दिल्ली आना चाहते थे

राजधानी आना चाहते थे कुछ दृ तो ऐसे लगे
जैसे हम जलियावाला बाग की फिल्म देख रहे
हैं मेरा सवाल ये है कि आपको क्या लगता है
कि यह हरियाणा पुलिस ने यह फैसला लिया यह
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने फैसला लिया या
फिर यह आदेश साहब का था मोदी और अमित शाह

का आदेश होगा कि किसी भी कीमत पर आगे नहीं
बढ़ने देना किसके फैसले पर यह दमन हुआ है
मलिक साहब यह बिना दिल्ली के इशारे आदेश
के नहीं हो सकता था

क्यों हरियाणा के चीफ मिनिस्टर की हैसियत
नहीं है कि वो इतना बड़ा फैसला ले ले सबसे
बड़ी बात मैं आपको बता रहा हूं पूरे यूरोप
में इस वक्त किसानों का आंदोलन चल रहा है
कहीं भी ना लाठी चार्ज है ना उनको रोका जा
रहा है ना उनके साथ जाती की जा रही है ये

एक एटीट्यूड है हिंदुस्तान की दिल्ली की
सरकार का कि इनको ना बोलने देंगे ना
प्रदर्शन करने देंगे ना दिल्ली आने देंगे
अभी पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई
के दौरान जज ने टिप्पणी की है कि भाई आप
यह तो दिल्ली जा रहे हैं हरियाणा तो आ
नहीं रहे इनको क्यों रोक रहे हो क्यों
इनके साथ दती कर रहे हो क्यों लाठी चार्ज

कर रहे हो इसको सबने कंडेम किया है और मैं
बता रहा हूं यह इनके कॉफिन में नेल होगी य
इनके लिए बहुत नुकसान देह होगा किसानों के
साथ इस तरह का सुलू नहीं आप कह रहे हैं
आपने एक बड़ी बात कही मलिक साहब आपने कहा

कि यह मोदी सरकार के कॉफिन में कफन में
आखिरी ल है आखरी आखिरी ल होगी इसके बाद
किसान दुगनी ताकत से दुगने गुस्से से
लड़ेगा और फिर व वोटिंग के दिन उसको याद
रखेगा आपको लगता है कि जिस तरह से मोदी जी

ने चौधरी चरण सिंह जिनके साथ आपने काम
किया चौधरी चरण सिंह आपको बहुत मानते थे
अजीत सिंह जो उनके बेटे उनसे ज्यादा आपको
मानते थे जी मेरा कोई वारिस है वली वारिस

है तो वो सतपाल मलिक है जी भारत रत्न दिया
गया जी चार दिन पहले भारत रत्न और चार दिन
बाद लाठी चार्ज आंसू गैस आपको लगता है कि
उनके पौत्र जैन चौधरी ने एक गलत फैसला
लिया उनको व मोदी के आगे झुक गए और

किसानों के साथ आज नहीं खड़े आज किसानों
पर लाठी चार्ज हो रही है जैन चौधरी अपने
ड्राइंग रूम में बैठे हैं चुप है होट सिले
हुए मैं आपको बताता हूं दो तीन चीजें अभी

मेरे पास एक लेडी लेक्चर ई थी अपने
हस्बैंड के साथ और उन्होंने कहा कि साहब
इसने हम लोगों को बेच दिया डुबो दिया कोई
चीज खड़ी करिए कोई किसानों की पार्टी नए
सिरे से बनाई क्योंकि वही एक पार्टी थी

किसानों की दूसरे चौधरी चरण सिंह को भारत
रत्न देना कोई मेहरबानी नहीं थे वो तो
डिजर्विंग थे उन्हें तो कोई ना कोई सरकार
भारत रत्न देती अब इन्होंने स्वामीनाथन को
भी भारत रत्न दिया स्वामीनाथन कमीशन की

सिफारिश आप लागू नहीं करेंगे और भारत रत्न
देंगे इसी तरह
किसानों पर आप लाठी चार्ज करेंगे और चरण
सिंह को भारत रत्न देंगे क्या मतलब है
इसका आप ये गल्ली डंडा का खेल कर रहे हैं
किसानों के साथ उनके जो मसाइल है उनकी जो
मांग है उनकी जो शिकायत है उनको पहले दूर

करिए भारत रत्न आप अपने घर पर रखिए हमको
जरूरत नहीं है उसकी आपको लग रहा है कि यह
जो किसान आंदोलन है कल पियूष गोयल अर्जुन
मुंडा देश के कृषि मंत्री यह लोग वहां पर
गए बातचीत हुई दो राउंड की बातचीत हो चुकी

है लेकिन वह बातचीत कहीं ना कहीं टूट गई
जो किसानों की मांग है कि साहब एक कानून
बनाइए एमएसपी के लिए कानून बनाइए इसके
अलावा जो हमारे कर्जे हैं मजदूरों पर
किसानों पर जो कर्जे हैं उनको माफ करिए और

इसी तरह से बिजली को
लेकर जमीन अधिग्रहण को लेकर और भी बहुत सी
शर्तें हैं किसानों की उनका कहना है कि इन
सबकी माफी होनी चाहिए क्या आपको लगता है

एक जिद्दी नेता है मोदी जब ना कर देते हैं
तो बहुत मुश्किल लगता है उनको हां करने
में आपको फ्यूचर इस बातचीत का माफी मांग
के काले कानून वापस लिए थे पिछले मोदी ऐसा
कुछ नहीं है कि झुकेंगे नहीं लेकिन अभी तक
उनका एटीट्यूड ठीक नहीं है एमएसपी का जहां

तक ताल्लुक है बिना एमएसपी के किसानों का
आंदोलन हल नहीं होगा एमएसपी मानना पड़ेगी
और एमएसपी में सरकार का कोई नुकसान नहीं
है एमएएसपी तो नागपुर सेशन में पंडित

नेहरू के प्रस्ताव के आधार पर लागू हुई थी
इनको पता ही नहीं है कुछ भी तो एमएसपी और
यह जो कर्जे कर्जा माफी आप तो सेठों के
इतने बड़े-बड़े कर्जे माफ करते हो किसानों
का छोटा सा कर्जा माफ करने को तैयार नहीं

यह बेसिक एटीट्यूड है किसान किसान
विरोधी जी एक चीज और जिस तरह से किसानों
को रोकने के लिए जो रास्ते में कीले बिछाए
गई है बैरिकेड लगा दिए हैं कटीले तार कर

दिए हैं आपको क्या लगता है
कि यह सब मोदी जी के कहने पर हो रहा है या
मोदी जी को इसकी जानकारी नहीं है देखिए ये
जो चीफ मिनिस्टर है चाहे वो ये खट्टर हो
या कोई हो यह तो बिना मोदी जी से पूछे
टॉयलेट भी नहीं जाते हैं यह बिना मोदी जी

के इशारे पर नहीं हो रहा उन्हीं के इशारे
पर हो रहा है और वो इसका अंदाजा नहीं है
उनको कितना नुकसान होने वाला है इससे जो
बिटनेस आएगी किसानों में वो पता नहीं कहां
कहा पर रक्षित

होगी नहीं क्या हो सकता है उसमें चुनाव
में हराना तो हो ही सकता है इनकी सभाओं
में हुड़दंग हो जाएंगे और बहुत चीजें हो
जाएंगी इनके लोगों को अभी ये स्मृति रानी
गई थी मुजफ्फरनगर के किसी गांव में गांव

के लोगों ने ड़ा दौड़ा लिया इनको भाग के
कार पकड़ी इन्होंने
भगा देंगे लोग हां स्मृति ईरानी पूछ लीजिए
आप आपको क्या लगता है कि अगर यह आंदोलन और
तेज हुआ और आप कह रहे हैं कि भाई मोदी

अहंकार में डूबे हुए हैं तो क्या हरियाणा
पंजाब कुछ हिस्सा राजस्थान का पश्चिमी
उत्तर प्रदेश दिल्ली कुछ हिस्सा उत्तराखंड
का क्या यह जो जाग बेल्ट है किसान बेल्ट
है जहां से ज्यादातर लोग आ रहे हैं क्या
यहां पर बीजेपी को बहुत मुसीबत का सामना
करना पड़ सकता है चुनाव में क्या बीजेपी
चुनाव में वोट का तो छोड़ इनकी ठुकाई होगी

ये गांवों में नहीं जा पाएंगे दीपक जी
इनका बहुत बुरा हाल होने वाला लोगों में
बहुत बहुत गुस्सा है इन लोगों के
प्र मैं समझा नहीं क्या ठुकाई से मतलब
नहीं

समझाई माने दौड़ा देंगे लोग इनकी पब्लिक
मीटिंग नहीं होने देंगे हुड़दंग कर देंगे
पथराव कर देंगे बहुत सारी चीजें हैं जो हो
जाएंगे जो अभी स्मृति ईरानी के साथ
हुआ आपको क्या लगता है कि
मोदी किसानों के मसले को समझ नहीं पाते या

मोदी किसी से मशवरा नहीं लेते किसी की बात
नहीं मानते क्या मोदी बार-बार जो किसान के
मोर्चे पर फेल हो रहे हैं इसके दो तीन
कारण क्या हो सकते हैं देखिए मोदी जी जब
गुजरात में चीफ मिनिस्टर थे तो बहुत अच्छे
थे उन्होंने मैं तो उनका प्रशंसक था

उन्होंने मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी थी
एमएसपी लागू करने के लिए लेकिन वोह दिल्ली
आने के बाद खराब हो गए लोया कहा करते थे
कि दिल्ली आदमी को नष्ट कर देती है अब
उनका एटीट्यूड किसान विरोधी एरोगेंस वाला
और एक तरह से कि हटो हम कुछ नहीं सुनेंगे
यह हो गया दूसरे अडानी का भी प्रेशर रहता

है इन लोगों प अडानी के पक्ष में क्योंकि
एमएसपी तो इसलिए लागू नहीं हो रही क्योंकि
अडानी को नुकसान हो जाएगा उसने बड़े
पैमाने पर गोदाम बना के गेहूं और चावल भर
दिया है आप क्या कहना चाह रहे क्या जो

अडानी है या जो कॉर्पोरेट लॉबी है उसके
चक्कर में एमएसपी का कानून मोदी नहीं
बनाएंगे एमएसपी का कानून अडानी की वजह से
ही रुका हुआ है क्योंकि एमएसपी का कानून
बनने से अडानी को नुकसान हो
जाएगा थोड़ा सा इसको आप लबरेट करेंगे
क्यों नुकसान हो जाएगा पानीपत में अडानी

ने बहुत बड़े-बड़े गोदाम बनाकर गेहूं और
चावल भर दिया एमएसपी अगर लागू हो गई तो एक
दाम
वो अभी दाम का कंट्रोल अडानी के हाथ में
है इन फसलों का एमएसपी लागू हो जाएगी तो
वो नहीं रहेगा और उसको नुकसान हो जाएगा
इसलिए यह लागू नहीं

करेंगे
लेकिन मलिक साहब आपको तो इतना तजुर्बा है
भी मेरी एक बीजेपी के लीडर से बात हो रही
थी उन्होंने कहा कि साहब जब से य हिंडन ब
रिपोर्ट आई उसके बाद मोदी जी ने दूरियां
बना ली अडानी से अब मोदी जी का कोई अडानी
से वास्ता नहीं और आप कह रहे हैं कि अडानी

के चक्कर में एमएसपी लागू नहीं करेंगे
मोदी जी देखिए उनको पता नहीं है जो आपको
इस तरह की बात बता रहे हैं अडानी का सारा
बिजनेस मोदी मोदी जी की सपोर्ट से चलता है
आप देख आज व गए हैं यूएई सात बार जा चुके
हैं मोदी जी य कक अडानी का सारा बिजनेस जो
है वह यूएई में है सेन टाइम सात

बार आपका मतलब है कि कोई संबंध
वि वेरी इंपोर्टेंट न मोदी जी
सिस्टम तो आप कहना क्या चाह रहे हैं मलिक
साब क्या अडानी का प्रेशर है कॉर्पोरेट का
प्रेशर है जिसकी से य किसानों की जो मांगे
हैं वो मानी नहीं जाएंगी क्योंकि नुकसान

फिर अडानी साहब को हो जाएगा अगर फसल के
दाम अनी का प्रभाव भी
है एक चीज और जानना चाह रहे थे आपको लगता
है कि क्या मोदी जी इस बार बहुत आसानी से
जीत लेंगे उन्होंने कहा संसद में कि साब
हम तो 370 सीट ला रहे इस बार क्या आपका
इतना जबरदस्त नेटवर्क है मलिक साहब आपके

पास फीडबैक क्या है क्या मोदी आसानी से
जीतने जा रहे हैं देखिए मोदी जी के पास
सबसे बड़ी ताकत है
ईवीएम इसको नहीं रोकेंगे तो मोदी जी जो
चाहेंगे कर लेंगे लेकिन मुझे लगता है जिस
तरह का मुझे फीडबैक आ रहा है नीचे से

किसानों से नौजवानों से मेहनत कश लोगों से
कि अगर अपोजिशन इकट्ठा होक इनको खड़ा कर
देगा तो नहीं
जीते आपको लगता है कि अपोजिशन में अभी
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को कुछ और
थोड़ा सा दिल बड़ा करना होगा केजरीवाल को
दिल बड़ा करना होगा क्या आपको लगता है
थोड़ा सा दिल भी बड़े करने होंगे और इनको
सड़क पर कूदना होगा अभी यह घर में बैठकर
राजनीति कर रहे हैं बीजेपी एक एक मिनट
राजनीति करती है यह लोग आराम से राजनीति
करते मैंने लोहिया जी के साथ काम किया
उनके पास दो धोती कुर्ता होते थे कुछ
किताबें और एक सूटकेस लेकिन वो हर वक्त
ट्रेन में सड़क पर संघर्ष में रहते थे और
उनको देख के हम सब नौजवान लड़के
निरंतर लड़ाई में रहते थे अपोजिशन को
लड़ाई में कूदना होगा तो यह बचेंगे नहीं
अगर अपोजिशन लड़ाई में कूद जाएगा तो यह
नहीं
बचे मलिक साहब आपका तजुर्बा बहुत है
किसानों पर चलिए हमने बात कर ली आपने
इंडिया एलायस को भी नसीहत दी कि भाई सड़क
पर आना होगा लाठी खानी होगी तब जाकर वोट
मिलेगा मान लीजिए मान लीजिए मलिक साहब अगर
मोदी जी दोबारा आ जाते हैं बहुमत लेकर 2
में तो आपको फिर हिंदुस्तान क्या दिख रहा
है फिर मुझे हिंदुस्तान की एक ब्लीक
पिक्चर दिख रही है उसके बाद देश में
लोकतंत्र ऐसा है जैसा है वैसा नहीं रहेगा
और बहुत खराब स्थितियां हो जाएंगी और बस
मैं बहुत सारी बातें जो मैं आज नहीं कहना
चाहता मुझे बहुत भवय लगती है व
तस्वीर क्या संविधान भी बदला जा सकता है
कुछ भी संविधान तो रय नहीं बदल सकते उसमें
तो बहुत मरज के बाद काफी वो हो गए हैं
बलू खत्म हो जाएंगी लेकिन यह कहेंगे कि अब
चुनाव की कोई जरूरत ही नहीं मैं हूं बस
बात खत्म हो गई क्या रीजनल पार्टी खत्म हो
सकती है रीजनल पार्टी तो अपने को खुद ही
खत्म किए रहती है उनका मैं क्या बताऊं
आपको रीजनल पार्टी का मुझे खतरा नहीं है
मुझे खतरा है कि लोकतंत्र को ही खत्म कर
देंगे कांग्रेस में राहुल गांधी कांग्रेस
में राहुल गांधी जिस तरह से वो यात्रा पर
निकले आपको लगता कि थोड़ा कांग्रेस को और
मेहनत करनी चाहिए या कांग्रेस आपको दिख
रही राहुल गांधी की यात्राओं से कांग्रेस
को फायदा हुआ है राहुल गांधी एक वेल
मीनिंग यंग मैन है मैं उनको उनको
शुभकामनाएं देता हूं बहुत अच्छा कर रहे
हैं और उसकी बड़ी ताकत यह है शर्मा जी कि
वो यह कह रहा मुझे कुछ नहीं चाहिए जो नेता
य कहेगा मुझे कुछ नहीं चाहिए वह सरवाइव
करे उसकी बात सुनी जाएगी तो राहुल की और
उसकी पार्टी की बात सुनी
जाएगी आप लगता है कि इस बार जो यूथ है जो
21 साल से लेकर और 35 40 साल के बीच में
है क्या यह जो तबका है जिसको रोजगार नहीं
मिल र ये डिसाइडिंग फैक्टर हो सकता है इस
बार चुनाव में बहुत बिल्कुल हो सकता है
बड़े पैमाने पर डिसाइडिंग फैक्टर
हो होगा एक चीज और मोदी जी का यह कहना है
आखरी सवाल है मेरा और मैं चाहूंगा आप इसको
लबरेट कर सकते हैं तो जरूर करें मोदी जी
का कहना है कि यह जो सरकार है उनकी यह
जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन रखती यानी करप्शन
पर कंप्रोमाइज नहीं कर सकती और जो भी नेता
अगर भ्रष्टाचार में लिप्त होगा तो उसका
मैं हेमंत सोरेन बना दूंगा वह जेल जाएगा य
बिल्कुल गलत कहते हैं मैं तो जब इनसे मिला
था जब इनके साथ था इनको 10 लोगों के नाम
बताए कि यह आपकी पार्टी के लोग करप्शन कर
रहे हैं वह तो नहीं हटाए मुझे ही हटा दिया
था मैंने गोवा में कहा मुझे गोवा से हटा
दिया जो करप्शन कर रहे थे उनको नहीं हटा
इनका करप्शन वाला कोई नारा यह बिल्कुल
करप्शन के प्रति इनकी इनटोलरेंस बिल्कुल
नहीं
है आपने 10 नाम किसके दिए थे मतलब आप नाम
ना बताइ लेकिन इशारा कर सकते हैं नाम
मंत्रियों के चीफ मिनिस्टर के दिए थे कि
सब भ्रष्टाचार कर रहे हैंक मैं आ वा प्र
टू देम और इन्होंने एक दो मामले मेरे से
पछवा भी फिर मैंने बताया चीफ सेक्रेटरी से
पूछ लो इससे पूछ लो उनका कुछ नहीं बिगाड़ा
मुझे हटा के मेघालय भेज दिया मतलब आपने
इनको को 10 लोगों के नाम दिए थे भाजपा के
और आपने उन पर इल्जाम था कि ये करप्शन में
लिफ है क्या उसमें मंत्री मुख्यमंत्री
लेवल के लोग भी थे जी उसमें मुख्यमंत्री
भी थे उसमें संगठन मंत्री भी थे मंत्री भी
थे सब थे और मेरे पास उनके पुख्ता सबूत थे
नहीं किस तरह का करप्शन था किस तरह का
करप्शन कर रहे थे वो आप हैरत करोगे जब की
वाइफ एक सिलेक्टेड नर्स से पैसे मांग रही
है तो वो करप्शन है कि नहीं है एक नर्स
मेरे पास रोई और उसने कहा सा मैं सिलेक्ट
हो गई थी और अब मेरे से पैसा मांगा जा रहा
है और भी करप्शन थे मंत्रियों के किस तरह
के कर पूछिए मत साहब सब तने पड़े
भ्रष्टाचार एक मलिक साहब एक चीज आप हमेशा
कहते रहते हैं और मैं चाहता हूं कि थोड़ा
सा आप दो मिनट आज उस पर बोले बहुत ब्रीफ
बोलते हैं आप कहते हैं कि साहब मोदी खराब
आदमी लेकिन अमित शाह सही है अमित शाह का
आप कह सम्मान लेकिन मोदी को आप कहते
अहंकारी है कुछ करता है मैं थोड़ा चाह रहा
हूं कि इसको थोड़ा सा देश के सामने रखिए
कि भाई है क्या क्यों आप मोदी को इतना
खराब मानते हैं और जबकि आप अमित शाह को
इतना खराब नहीं
मानते देखिए मैंने दोनों को बढ़ता है मोदी
को मैं खराब नहीं मानता हूं पर मैं मोदी
जी के कुछ कार्य प्रणाली को ठीक नहीं
समझता हूं अमित शाह को मैंने देखा वो उनको
प्रचारित किया जाता है सब बुरे काम उनके
नाम लिख दिए जाते हैं लेकिन वो बहुत एबल
है कोई बात कहो तो सुनते हैं समझते हैं और
एक्शन करते हैं और
मोदी मोदी जी तो अपनी दुनिया में रहते हैं
उनको तो भगवान के बाद वही है वो तो मेरा
ख्याल है भगवान के बाद भी नहीं व भगवान ही
है आप कह रहे हैं कि मोदी ना कैबिनेट की
सुनते हैं ना मोदी अपने मंत्रियों की
सुनते हैं ना मोदी किसी एक्सपर्ट की सुनते
हैं क्या कहना चाह रहे हैं आप देखिए मोदी
की गलती नहीं है ना कोई मोदी का मंत्री
बोल मुंह खोल के बोल है ना उनका कोई एक्
कोई बोलता ही नहीं कोई सला ही नहीं देता
कारण जो देगा उसकी वो हालत हो जाएगी जो
मेरी
है कारण क्या है कारण वो सुनना नहीं चाहते
वो चाहते नहीं है कोई नोट ऑफ डिसेंट कहीं
से
आए थोड़ा सा स्टाइल ऑफ फंक्शनिंग किस किस
किस तरह का उनका गवर्नेंस चलाने का तरीका
सरकार किस तरह मोदी चलाते हैं मोदी चलाते
कौन चलाता है सरकार उनके नौकर वो और उनके
ब्यूरोक्रेट्स आठ मिनिस्टर तो अपने दफ्तर
में नहीं जाते हैं उनकी मिनिस्ट्री गुजरात
कार्डर के ब्यूरोक्रेट चलाते हैं मोदी जी
ना तो कोई सलाह सुनना चाहते हैं ना कोई
मशवरा सुनना चाहते हैं ना नोट ऑफ डिसेंट
सुनना चाहते
हैं आपको लगता है कि अगर 24 में आए तो यह
देश को आगे ले जाएंगे या डुबो
देंगे देश तो 24 से पहले ही डूब जाएगा आप
फिकर मत करें यह देश को आगे नहीं ले जा
सकते देश को आगे ले जाने के लिए एक विनम्र
प्रधानमंत्री की जरूर
एक ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है जो सुने
जो लोगों से जानकारी ले लोगों से मिलजुल
के काम
करे अगर कोई प्रधानमंत्री एटीट्यूड ले ले
के जो मैं कह रहा हूं वही सही है तो देश
आगे कैसे चला जाए जी अंतिम सवाल सत्यपाल
मलिक जी क्योंकि चुनाव का मौसम है और आपका
बरसों बरस का करियर है आपको लगता है कि
अभी भी कांटे की टक्कर है अभी भी बाजी पलट
सकती है चुनाव एक तरफा दिख रहा है आपको
नहीं चुनाव एक तरफा नहीं है अभी बहुत
लेकिन डिपेंड करेगा अपोजिशन के एटीट्यूड
मैंने आपसे कहा कि अपोजिशन बहुत आलसी है
अपोजिशन संघर्ष नहीं करता है अपोजिशन बाहर
नहीं निकलता है और मोदी 24 घंटे राजनीति
करते हैं अपोजिशन सहूलियत से राजनीति
करता नहीं आपको लग रहा है कि क्या जनता
आ जनता आगे आएगी जनता नाराज है मोदी से आप
कह एक तरफा नहीं हैसा मा नहीं एक चिंगारी
लगाने की जरूरत है कोई भी कूद पड़ेगा सड़क
पर उसका असर होगा तो जनता तैयार
खड़ी जनता तैयार या एक तरफा नहीं है नहीं
है बिल्कुल
नहीं मलिक साहब आप आए बहुत बेधड़क आपने
बातचीत करी और आपका य भी मानना है कि
चुनाव अभी एक तरफा नहीं है चुनाव
में कुछ भी हो सकता है आप हमारे इस
प्रोग्राम में आए और खुलकर आपने बात करी
बहुत बहुत शुक्रिया आपका थक य
नमस्कार

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