Farmers Protest: किसानों को सरकार के द्वारा दिए गए MSP प्रस्ताव में क्या है खास? देखिए ये रिपोर्ट

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में अब नया ट्विस्ट आ
गया है दरअसल वह मैजिक नंबर बीजेपी के पास
आ गया है उसको लेकर भी हम आपको तमाम
जानकारी देंगे और साथ ही पांचवी बड़ी खबर

यह कि संदेश खाली पर सुप्रीम सुनवाई है
क्योंकि एक याचिका दाखिल की गई थी जिसमें
यह मांग की गई थी कि संदेश खाली मामले पर
सुनवाई एक तो पश्चिम बंगाल से बाहर हो और
दूसरा इस पूरे मामले की जो जांच पड़ताल है

वह कोई केंद्रीय एजेंसी यानी सीबीआई करें
तो ये पांच बड़ी खबरें हैं जिनको लेकर आज
नजर रहने वाली है दिन भर इससे जुड़ा हर

अपडेट हम आपको बताते रहेंगे और आइए सबसे
पहले बात करते हैं आज की सबसे बड़ी खबर और
बड़ी खबर है कि एमएसपी पर किसानों को एक
प्रस्ताव सरकार की तरफ से दिया गया केंद्र

सरकार ने प्रस्ताव दिया है किसानों को और
यह कहा है कि तीन फसलों पर हम 5 साल तक का
एक कांट्रैक्ट प्रस्ताव आपको दे रहे हैं
इस पर चर्चा के बाद किसान जवाब देंगे बड़ी
खबर आपको बता दें कपास दाल और मक्का पर

एमएसपी का ये प्रस्ताव केंद्र सरकार की
तरफ से दिया गया 5 साल के लिए एमएसपी
कांट्रैक्ट का प्रस्ताव दिया गया किसानों

 

ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा है
विशेषज्ञों से पहले किसान चर्चा करेंगे और
उसके बाद देंगे जवाब चौथे दौर की वार्ता
में सकारात्मक बातचीत हुई हालांकि तीन दौर
की बातचीत में कोई बात नहीं बनी लेकिन जब

कल चौथे दौर की बातचीत हुई तो आप देख सकते
हैं भगवंत मान भगवंत मान भी उस दौरान
मौजूद रहे हालांकि इससे पहले की बातचीत
में भी भगवंत मान मौजूद रहे हैं केंद्रीय

मंत्री पहुंचे थे तीन केंद्रीय मंत्री
प्रस्ताव लेकर पहुंचे थे चंडीगढ़ में और
बातचीत हुई थी उसके बाद अब प्रस्ताव दिया
गया ये देखिए हम आपको अलग-अलग डेट्स के

जरिए तारीखों के जरिए बता रहे हैं कि
कब-कब कौन-कौन से दौर की बातचीत हुई 8
फरवरी को पहले दौर की बातचीत हुई फिर 12
फरवरी को दूसरे दौर की बातचीत हुई लेकिन

बेनतीजा तीसरे दौर की बातचीत 15 फरवरी को
लेकिन कोई हल नहीं निकला उसके बाद कल यानी
18 फरवरी को रविवार को चौथे दौर की बातचीत
हुई है एमएसपी पर प्रस्ताव केंद्र सरकार
की तरफ से दिया गया है 5 साल के

कांट्रैक्ट का य प्रस्ताव है लेकिन
किसानों ने कहा है कि हम पहले विशेषज्ञों
से चर्चा करेंगे और उसके बाद ही देंगे

जवाब तो सवाल यह कि क्या आप चौथे दौर की
बातचीत में दिए गए प्रस्ताव से समाधान
निकलेगा

तो कल देर रात तक किसान और सरकार के बीच
सकारात्मक बातचीत हुई है सरकार ने बातचीत
के दौरान किसानों को मक्का कपास और दालों

पर पा सालों तक एमएसपी पर कांट्रैक्ट देने
का प्रस्ताव दिया हालांकि सरकार के
प्रस्ताव पर किसानों ने विचार के लिए दो
दिन का वक्त मांगा है और 21 फरवरी को

दिल्ली कुछ प्रस्ताव को स्टैंड बाय मोड पर
डाल दिया है आइए इस खास रिपोर्ट के जरिए
आपको दिखाते हैं कि क्या कुछ इस चौथे दौर
की बातचीत में रहा और क्या समाधान निकलेगा
एमएसपी पर केंद्र का

प्रस्ताव किसानों से अब बनेगी
बात चर्चा पर चर्चा अब जगी
उम्मीद किसानों और केंद्र के बीच चौथे दौर
की वार्ता के बाद अब मुद्दे के समाधान की

उमी दे जगी हैं सरकार और किसानों के बीच
चौथे दौर की बातचीत में केंद्र ने किसानों
को एमएसपी पर एक प्रस्ताव दिया है जिस पर
विचार कर जवाब देने के लिए किसानों ने
सरकार से एक दो दिनों का वक्त मांगा है

केंद्र के प्रस्ताव के
मुताबिक दाल कपास और मक्का की एमएसपी पर
खरीद होगी किसानों से एमएसपी पर 5 साल के
कांट्रैक्ट का प्रस्ताव दिया गया है

एनसीसीएफ नाफेड के जरिए एमएसपी पर खरीद की
तैयारी है एमएसपी पर खरीद की मात्रा की
कोई सीमा नहीं होगी किसानों ने सरकार के
इस प्रस्ताव पर विचार कर जवाब देने के लिए
वक्त मांगा

है चर्चा हुई है उस वातावरण में दोनों
पक्ष सकारात्मक सोच के साथ पॉजिटिव
थिंकिंग के साथ आगे बढ़ेंगे बाकी कई सारे
और छोटे विषय थे जिनको समाधान पहले ही
आपसी बातचीत से कर दिया गया था और विषयों
पर भी लगातार चर्चा विचार विमर्श और

संपर्क बना रहेगा डायवर्सिफिकेशन ज लागू
करनी है तो पहला गारंटी देनी प सो इस तर
एक प्रस्ताव आज

आया जीच न
फाड जड़ ए एनसीए सेंटर द ते नाल नाल जड़
कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ
इंडिया एक मक्की न खरीदने वाली इ जड़
एजेंसी है सरकारी है पीयूष जी पीयूष गोयल
जी दे

मक ब सान गारंटी दे लिखती एग्रीमेंट होगा
लीगल जि चैलेंज किता जा सकूगा केंद्र
सरकार ने किसानों से प्रस्ताव पर विचार
करने और शांति बनाए रखने की अपील की है तो

वही किसानों ने विशेषज्ञों से चर्चा कर
सरकार को जवाब देने की बात कही है
कोपरेटिव सोसाइटी नहीं है वो वो केंद्र की
एसीज है जो हमारी फसल को खरीदने की गारंटी
करेंगी और केंद्र सरकार हमारे साथ वो
गारंटी
करेगी लेकिन वो उस उस फसल को खरीदने की भी

पूरे भारत के अंदर उसकी खरीदी होगी लेकिन
हमारे लिए जो है हमारे लिए यही एक विचारने
का विषय है कि हम एमएसपी की गारंटी का
कानून मांगते थे क्या हमारे एक्सपर्ट्स के

साथ हम बातचीत करेंगे क्या क्या इसके साथ
किसानों की फसल की गारंटी बनती है या नहीं
बनती है वाता वार्ता करके निष्कर्ष
निकालना बाकी

है और जो एमएसपी के ऊपर जो मंत्री महोदय
ने आपको बोलक भी प्रस्ताव दिया है यह
प्रस्ताव ला रहे
हैं एक बात यह आई है तो उसके

ऊपर हम लोग अपने फर्मों में विचार विमर्श
करेंगे पिछले छ दिनों से पंजाब हरियाणा
दिल्ली और यूपी की जनता परेशान है किसान
संगठन अपनी मांगों को लेकर चार राज्यों की
सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं किसान

संगठनों के साथ अब तक चार दौर की वार्ता
हो चुकी है और चौथे दौर की वार्ता के बाद
अब समाधान की उम्मीदें जगी हैं इस बीच
किसानों के प्रदर्शन में शामिल कुछ उपद्रव
तत्व सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं किसान

संगठनों के इस प्रदर्शन का सीधा असर आम
जनता पर पड़ रहा है सड़कें जाम हो रही हैं
यातायात प्रभावित हो रहा है पिछले दिनों
शंभू डर सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर
पर प्रदर्शनकारियों ने हिंसक प्रदर्शन

किया सुरक्षा बलों पर पुलिस पर पथराव किया
इस पथराव में कई पुलिस कर्मी घायल हुए
हालांकि सरकार की कोशिश है कि बातचीत से
समाधान निकाला जाए लेकिन किसान संगठन
जिद्द छोड़ने को राजी नहीं है आंदोलनकारी

दिल्ली कूच पर अड़े हैं फिलहाल चौथे दौर
की वार्ता के बाद किसानों ने 21 फरवरी का
दिल्ली दौरा स्थगित कर दिया है किसानों और
केंद्र के मंत्रियों के बी बीच में चौथे
दौर की बैठक खत्म हुई एक नए प्रपोजल के
साथ इस बार केंद्र के मंत्रियों ने

प्रपोजल दिया कि चार नई फसलों पर यानी कि
क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर बात हुई और चार
नई फसलों के ऊपर एमएसपी देने की बात कही
गई है और वो फसलें जिसमें दो दालें एक

मक्की और कॉटन के ऊपर एमएसपी लिखित में दी
जाएगी और 5 साल तक यह एश्योर किया जाएगा
कि उन फसलों पर एमएसपी दी जाएगी सरकार
लगातार किसान संगठनों से बातचीत कर रही है
बीच का रास्ता निकालने कोशिश जारी हैं
लेकिन अब किसान संगठनों के प्रदर्शन की

टाइमिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं मैंने
हमेशा कहा है कि हम बातचीत के जरिए ऐसे
चीजों का समाधान निकाले जिसे सबके हित में

हो देश के हित में हो और बातचीत का दौर
हमें लगातार जारी रखना चाहिए और कोशिश
करना चाहिए कि
हम हर मामले में शांतिपूर्ण ढंग से चर्चा
करें
किसान आंदोलन हर चुनाव पर क्यों आता
है यह पार्टी बाजी है वो कोई ठीक नहीं है

अगर किसानों ने आंदोलन होता तो पूरे भारत
वश में होता खाली पंजाब में ना होता यह
केजरीवाल का काम
है इस बीच आंदोलन कायों के प्रदर्शन को
लेकर पंजाब से लेकर हरियाणा दिल्ली से

लेकर यूपी तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए
गए
हैं एहतियात के तौर पर पहले हरियाणा और अब
पंजाब के सात जिलों में इंटरनेट सेवा को
रोक दिया गया है प्रदर्शनकारियों को
दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस

प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं योरो
रिपोर्ट रिपब्लिक
भारत

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