High Court के जिस जज के फैसले ने Mamata सरकार की नाक में किया दम अब वो Modi का देंगे साथ ?

ममता सरकार के खिलाफ फैसले देने वाले
जस्टिस दे रहे इस्तीफा शिक्षा भरती
घोटालों सहित कई फैसलों से बटोरी
सुर्खियां बंगाल में घोटाले को लेकर
सीबीआई जांच के दिए थे कई आदेश अब जस्टिस
अभिजीत गंगोपाध्याय के राजनीति में एंट्री
के

दावे
जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय अपने कई फैसलों
से ममता सरकार की नाक में दम कर देने वाले
कई घोटालों के सीबीआई जांच आदेश देकर
सुर्खियों में छाने वाले कलकाता उच्च
न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय
ने जज पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी
है और साथ ही राजनीति में एंट्री करने का
भी संकेत दे दिया

है वार को मीडिया से बात करते हुए
उन्होंने ऐलान किया कि वो जज पद से
इस्तीफा दे देंगे अब जस्टिस अभिजीत
गंगोपाध्याय के इस फैसले के बाद से जैसे
हर तरफ हलचल सी मच गई है भर्ती भ्रष्टाचार
के मामलों में एक के बाद एक कई फैसले
इन्होंने दिए कई में तो सीबीआई जांच के

आदेश भी दिए लेकिन अब जज पद से इस्तीफा दे
रहे हैं इससे पहले सुनने में आया था कि वो
अगस्त में अवकाश ग्रहण करने वाले हैं
लेकिन उससे पहले ही 3 मार्च को ही पद छोड़
देने का फैसला काफी अहम माना जा रहा

है
न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने शिकायत की है
कि अदालत में रहने के दौरान उन्हें कई बार
तृणमूल कांग्रेस की तरफ से अलग-अलग तरह के
तानों का शिकार होना पड़ा है बुरी बातें
कही गई हैं कई बार चुनौतियां भी दी गई है
कहा गया है कि न्यायमूर्ति को मैदान में

आकर बोलना चाहिए इसी पर जस्टिस
गंगोपाध्याय ने कहा मैं मंगलवार को जज पद
से इस्तीफा दे दूंगा जज के रूप में कल
मेरा आखिरी दिन है उस दिन मैं न्याय का
कोई कार्य नहीं करूंगा जस्टिस गंगोपाध्याय
ने फिर यह भी कहा मेरा इस्तीफा पत्र पोस्ट

करने के क्षण से ही प्रभावी होगा यह
संविधान और संविधान कानून का प्रावधान है
वह मंगलवार को होगा फिर मैं आपके सभी
प्रश्नों का जवाब दूंगा साथ ही जस्टिस
गंगोपाध्याय ने अपनी राजनीति में आने की
अटकलों के बारे में भी एक धुंधली सी
पिक्चर दिखा दी है उन्होंने कहा अगर मैं

किसी राजनीतिक दल में शामिल होता हूं अगर
वह मुझे टिकट देते हैं तो मैं इस पर विचार
करूंगा जैसे ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी
के आलोचना करते हुए बंगाल को भ्रष्टाचार
में डूबा हुआ राज्य बताया है उन्होंने कहा
लोग शासक बनकर उभरे वो राज्य को लाभ

पहुंचाने में सक्षम दिखे जब तक सख्त पहरा
ना हो इसलिए मैं अच्छी समझ वाले लोगों से
कहूंगा कि वो सही निर्णय ले गंग उपाध्याय
ने ममता सरकार पर उन्हें चुनौती देने का
भी आरोप लगाया उन्होंने कहा मौजूदा
सत्ताधारी पार्टी के कई लोगों ने मुझे

चुनौती दी है चुनौती के दौरान उन्होंने
मुझे जो आहवान किया उसने मुझे य निर्णय
लेने के लिए मजबूर किया मैं इसके लिए
सत्तारूढ़ दल को बधाई देना चाहता
हूं वही अब जस्टिस गंग उपाध्याय के इस

ऐलान के बाद से सोल मीडिया पर भी उनके
इस्तीफे की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है
पत्रकार अजीत अंजुम ने भी न्यूजपेपर्स की
कुछ कटिंग साझा कर लिखा है लगता है जज

साहब ने इस्तीफा देकर बीजेपी से चुनाव
लड़ने का मन बना लिया है वहीं अजीत अंजुम
के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स
उनके संदेशे पर भी अलग-अलग तरह से टिप्पणी

करने लगे जागो भारत नाम के यूजर ने लिखा
देश और राजनीति की गंदगी को साफ करना हर
जागरुक और शिक्षित नागरिक का संवैधानिक
कर्तव्य है बंगाल सरकार का भ्रष्टाचार
सिर्फ न्यायपालिका से ही साफ नहीं होगा
बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ों पर जाना होगा

जज साहब का कदम अत्यंत सराहनीय और
प्रशंसनीय है आज मोदी जी को भी राजनीति
सुचिता के लिए ऐसे लोगों की जरूरत है वहीं
जस्टिस गंग उपाध्याय के फैसले पर तो कई
लोग उनके राजनीति में आने पर उनका स्वागत
करने लगे

हैं वहीं जस्टिस गंगोपाध्याय के लान पर
टीएमसी के राज्य प्रवक्ता देवांशु
भट्टाचार्य भड़क उठे हैं कह रहे हैं हम
लंबे समय से कह रहे हैं कि वो एक राजनीतिक
पार्टी के कार्यकर्ता हैं हमें यही साबित
करने के लिए हम आज उन्हें धन्यवाद देते

हैं वहीं जस्टिस गंगोपाध्याय को चुनौती
देने वाले कुनाल घोष ने सोशल मीडिया पर
लिखा है यह साबित हो जाएगा कि आपकी कारवाई
टीएमसी विरोधी थी आप जिस पार्टी में शामिल
होते हैं उसमें भ्रष्टाचार के आरोपों का

सामना करने वाले लोग होंगे क्या आप इसे
स्वीकार कर पाएंगे वही उद्धव के शिवसेना
ने भी कुणाल घोष की ही भाषा बोली है सुनिए
जरा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के
न्यायमूर्ति

महोदय हा वहां चेयर पर बैठे हैं सिटिंग ज
है इस्तीफा देते हैं और किसी पार्टी में
शामिल होते हैं उसका मतलब है आप जिस
खुर्ची पर बैठे थे वहां बैठकर न्याय नहीं
कर रहे थे किसी एक पार्टी का काम कर रहे
थे वही कांग्रेस ने जस्टिस गंगोपाध्याय के
फैसले का स्वागत किया है कांग्रेस नेता

गंगोपाध्याय का स्वागत करेगी चौधरी ने
गंगोपाध्याय को भ्रष्टाचार के खिलाफ
योद्धा बताया है उन्होंने कहा है अगर
जस्टिस गंगोपाध्याय कांग्रेस में शामिल
होना चाहते हैं हैं तो हम उनका गर्मजोशी
से स्वागत करेंगे वो एक फाइटर हैं अगर व
बीजेपी में शामिल होते हैं तो वैचारिक रूप

से हम उनका समर्थन नहीं कर सकते अधी रंजन
चौधरी ने तो यहां तक कह दिया कि वो
चाहेंगे कि गंगोपाध्याय पश्चिम बंगाल के
मुख्यमंत्री बने अब देखना दिलचस्प होगा कि
जस्टिस गंग उपाध्याय का अपने पद से
इस्तीफा देने के पीछे की वजह क्या है जैसे

आपको बता दें इस साल 9 जनवरी को ही टीएमसी
नेता कुनाल घोष ने जस्टिस गंग उपाध्याय को
राजनीति में आने की चुनौती दी थी साथ ही
उन्हें डायमंड हाब लोकसभा सीट से टीएमसी
के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के
खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए भी कहा था और अब
जस्टिस ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है तो
कुणाल घोष नई पारी के लिए शुभकामनाएं दे
रहे हैं कह रहे हैं आप जिस भी पार्टी में
शामिल होते हैं आपका निर्णय आप द्वारा

सुनाए गए फैसलों और बयानों पर सवाल
उठाएगा वैसे आप जस्टिस गंगोपाध्याय के
फैसले को कैसे देखते हैं और आपको क्या
लगता है कहां जा रहे हैं जस्टिस कंग
उपाध्याय कौन सी पार्टी के सदस्यता ग्रहण
करेंगे राजनीति जवाइन करेंगे भी या नहीं
आप के इस बारे में विचार हमें कमेंट कर
जरूर
बताइएगा

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