INDIA के डर से बैकफुट पर BJP | Modi 5 एम्स में खेल करने को तैयार |

नमस्कार स्वागत है आपका चैनल उल्टा चश्मा
पर लेकर आया हूं आपका अपना कार्यक्रम
विश्लेषण विवान

खड़े राहुल गांधी की यात्रा चल रही है
भीड़ इकट्ठा हो रही है कहीं ना कहीं भाजपा
भी अपने आप को तैयार कर रही है
प्रधानमंत्री तुरंत अपने कांसी में गए फिर
राहुल पर हमलावर हो गए राहुल अमिट ही जाते
हैं तो पीछे

पीछे स्मृति रानी जी चली जाती है लगता है
कि सभी बीजेपी वालों को अब राहुल गांधी ने
काम पर लगा दिया वहां यूपी का सीट शेयरिंग
हो गया आम आदमी पार्टी के साथ हो गया और
तीसरा बंगाल बंगाल में भी करीब करीब आखरी
स्टेज पर है बंगाल फाइनल हो जाएगा
महाराष्ट्र और तमिलनाडु में डीएम के और
महाविकास

आघाड़ा नहीं बिहार में सारी चीज वैसे भी
क्लियर है और बाकी जगह बीजेपी के सामने
कांग्रेस को लड़ना है वहां शीट शेरिंग का
कोई इशू नहीं है कुल मिलाकर जिस इंडिया
गठबंधन को बार-बार गिराने की बात कर रहे

थे वो इंडिया गठबंधन फिर से मजबूती से उठ
के आया या तो इंडिया गठबंधन के लोगों ने
बहुत ही कॉन्फिडेंशियल काम किया जो गोदी
मीडिया को अंधेरे में रखा इसलिए गोदी
मीडिया और विभिन्न राजनीतिक दलों में जो
भाजपा के स्लीपर सेल है वो कहीं ना कहीं
मात खार गए दूसरी

और जो किसान आंदोलन है वो एक इतना बड़ा
टर्न ले चुका है कि अब
उसके बारे में विशेष अलग से शो करें और इस
प्लेटफार्म पर तो शोज लगातार हो ही रहे
हैं हम अक्सर उस खबर को विश्लेषण करते हैं
कि जो खबर कोने में पड़ी रहती है और कई

बार क्योंकि अब चुनाव का मामला है तो
प्रधानमंत्री जी पूरे देश में घूम रहे हैं
हर जगह 1000 करोड़ 2000 करोड़ 5000 करोड़
ऐसे बांट रहे हैं रेवड़ बांट रहे हैं

विकास का नाम ले रहे हैं लेकिन एक कभी-कभी
कैसी
सरकार लोगों को मूर्ख बनाती है और कैसे
विकास के काम बताए जाते हैं यह मैं आपको
बताता हूं 2014 में बोला गया था कि हम 22

अभी वर्तमान में सात एम से देश में हम 22
एम्स लेकर आ रहे हैं और वो 22 एम्स की
हालत क्या है यह फरवरी 3 2023 में अभी भी
हालही में जब लोकसभा में पूछा तो हमारे जो

स्वास्थ्य मंत्री है मनसुख डॉक्टर मनसुख
मांडवीया उन्होंने जवाब दिया कि 16
एम्स शुरू हुए हैं लेकिन अब कोई भी कंपलीट
अभी नहीं है यह 9 साल का सरकार का हेल्थ

सेक्टर का लेखा जोखा है तभी एक प्रेस
रिलीज आता है 19 फरवरी को और वो कहा जाता
है कि भाई प्रधानमंत्री जी जम्मू में एम्स
का ओपनिंग करेंगे साथ में फिर एक पीटीआई
का रिलीज आता है और वो कहता है कि
प्रधानमंत्री जी राजकोट मंगलगिरी भटिंडा
रायबरेली

कल्याणी इन पांच जगहों का
भी जो एम्स है उसका लोकार्पण करेंगे अब यह
समझ में नहीं आता कि इनॉगरेशन या लोकार्पण
कितनी बार होगा एक चीज का या चुनाव नजदीक
आए तो जिसका लोकार्पण हो गया उसका फिर फिर
से लोकार्पण किया जाएगा मंगलगिरी आंध्र

प्रदेश में है एम्स 2018 में शुरू हुआ है
विजयवाड़ा के अपने टेंपररी
कॉम्प्लेक्शन करेंगे या उसका लोकार्पण
करेंगे तब आकड़ा यह कहता है उनके वेबसाइट
का कि 10 लाख पेशेंट को वो देख चुका
है 10 लाख पेशेंट को मंगलगिरी एम्स में

ट्रीटमेंट हो चुकी है और प्रधानमंत्री जी
इनग्रेट किए
हुए अस्पताल का एम्स का फिर से इनॉगरेशन
करने जा रहे

हैं ऐसे ही बात कल्याणी की है कल्याणी
वेस्ट बंगाल में
है कल्याण की खासियत य है कि 4 सितंबर
2019 को
पहली 50 एमबीबीएस स्टूडेंट की बैच वहा
एनरोल हो गई 39 डिपार्टमेंट

वहां फंक्शनल
है ऐसे 2019 में पहली बैच शुरू हो गई मतलब
20 21 22 2 चार बचेस निकल गई होगी
एमबीबीएस के स्टूडेंट्स की एम्स पूरा करीब
करीब ऑपरेशनल हो गया है ऐसे में प्रधान
मंत्री उसका भी उद्घाटन करने जा रहे हैं

फिर आते रायबरेली रायबरेली 2018 में शुरू
हुआ था जुलाई 2023 में तो डॉक्टर मांडवीया
ने जाके उसके कुछ डिपार्टमेंट का उद्घाटन
किया था अब उस एम्स का फिर से उद्घाटन

नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं अब उसके बाद
आते हैं अच्छा ओपीडी 2018 में एकेडमिक
सेशन 2019 में उनका भी एकेडमिक सेशन
रायबरेली का शुरू हुआ था जिसमें
स्टूडेंट्स एनरोल होना शुरू हो गए थे अब
उसका 2024 में प्रधानमंत्री जी इनॉगरेशन
करने जा रहे
भटिंडा
देखिए भटिंडा की
हालत 39 डिपार्टमेंट भटिंडा के एम्स के

ऑपरेशनल
है बहुत पहले से शुरू हो चुका है उसका
उद्घाटन नरेंद्र मोदी जी करने जा रहे हैं
राजकोट राजकोट में एकेडमिक सेशन पहला 2020
में शुरू हुआ हर्षवर्धन में डॉक्टर

हर्षवर्धन ने जब वो स्वास्थ्य मंत्री थे
तब 20 दिसंबर 2020 को इसका ओपनिंग किया और
यह फिर से उद्घाटित होने जा रहे
हैं
ये चुनाव के पहले वातावरण गर्म करने की

बात है इन पांच राज्यों के जब एम्स होंगे
तो उत्तर प्रदेश में रायबरेली छोड़ बाकी
तमाम जगह के लोगों को लगेगा या रायबरेली
वालों को कंफ्यूजन होगा कि नया दूसरा एम
शुरू हो रहा है शायद एक तो है दूसरा शुरू
हो रहा है क्योंकि पूरा गोदी मीडिया और

पूरे बड़े-बड़े विज्ञापन प्रधानमंत्री का
भाषण स्वास्थ्य सेवा को लेकर बड़े-बड़े
विज्ञापन छप और टेलीविजन में लगातार सुबह
से लेकर शाम तक पांच एम्स पाच एम्स और फिर
अंधे भक्त और तमाम लोग इस बात का करेंगे

कि देखिए एक एक एक आपने सात एम्स बनाए देश
आजाद हो गए तब से आज तक इन्होंने एक झटके

में पांच का ओपनिंग किया ये पांच का
ओपनिंग ऐसा होता है जो मैंने बोला अक्सर
चुनाव के समय जो घोषणाएं होती है कि हमने
विकास के लिए नए प्रोजेक्ट शुरू किए यह
शुरू किए यदि उस प्रोजेक्ट के 2000 19 के
समय चुनाव के समय जो चुनाव घोषित होने के
पहले जो सरकार ने दनादन इनॉगरेशन कि और एट
टाइम चार चार जगह 151 जगह वर्चुअल या या

फिजिकल जा के इनॉगरेशन होते हैं उसम से 90
पर के काम पूरे नहीं होते चुनाव के पहले
एक माहौल बनाने का प्रयास किया जाता है
हेल्थ सेक्टर की हालत इतनी बुरी है कि
करीब करीब 7 800 हॉस्पिटल है गुजरात में

जो प्राइवेट और चैरिटेबल हॉस्पिटल है उन
हॉस्पिटल्स के यूनियन उनका एक यूनियन है
उन्होंने पत्रकार वार्ता लेकर ये बात कही
कि 26 से लेके 29 फरवरी तक वो किसी भी
आयुष्यमान
भारत के तहत कार्ड पे लोगों का इलाज नहीं

करेंगे वो इन्होंने इसलिए कहा कि भरे हम
इन पनल हो लेकिन सैकड़ों करोड़ रुपए हमारे
फसे हुए हैं पुराने बिल क्लियर नहीं हुए
हैं पुराना पैसा नहीं मिल रहा है और
लगातार नया ट्रीटमेंट हम करने जा रहे करते

जा रहे हैं हम अस्पताल चलाएंगे भी तो कैसा
चलाएंगे ये इस देश के स्वास्थ्य सेवाओं का
लेखा जोखा है ये आयुष्यमान भारत विकसित
भारत आयुष्यमान भारत की स्थिति मैंने आपको
बता दी कई राज्यों में यही हालत है
हॉस्पिटल को पेमेंट नहीं हो रहे हैं और
यदि म करते तो प्रशासन दबा के या उनको डरा
धमका के कहते हैं कि तुम आप इलाज करो और

इलाज करते हैं कई जगह अ आयुष्यमान कार्ड
नहीं बन रहे हैं कई है लेकिन जब
प्रधानमंत्री भाषण देते हैं तो ऐसा भाषण
देते हैं कि मात्र 143 करोड़ लोगों के हर
एक के पॉकेट में आयुष्यमान कार्ड हो और हर
आदमी फ्री का इलाज कर पा रहा क्योंकि

अस्पतालों प भी अपने लिमिटेशन है सरकार के
पास पैसा नहीं है क्योंकि सरकार ने पेमेंट
नहीं दिया यि सरकार के पास पैसा नहीं है
और सरकार ने पेमेंट नहीं दिया इसके मायने
है फिर सरकार पैसे का कर क्या रही है
सरकार एक तरफ ट्रिलियन इकोनॉमी बोलती है
और कहती कि हम तीसरी इकॉनमी बनने जा रहे

हैं हमारे यहां बहुत बड़ा विकास हो रहा है
ये सारी विकास की गाथा जब आप बताते हैं तो
फिर पैसा कहां है देश में लाख से लेकर 205
लाख करोड़ तक का कर्जा हुआ फिर पैसा गया

कहां जब आप बोलते हैं कि जीएसटी कलेक्शन
16 हज 1700 हज करोड़ रुपए हर महीने का आ
रहा है तो फिर पैसा जाक आ रहा है या तो वो
गलत है या यह गलत है या पैसा फिर कहीं बीच

में ही इतने बड़े गड्ढे हैं रेट होल्स है
जिसमें पैसा जा रहा है जो किसी को समझ में
नहीं आ रहा है कुल मिलाकर स्थिति चुनाव के
समय जितने भी घोषणाएं होगी चुनाव के समय
जो जो इनॉगरेशन होंगे आप थोड़ा सा ध्यान

रखिएगा इसके झा से में मता बताइए जब भी
क्योंकि ये चुनाव का पीरियड है मुझे लगता
है कि पत्रकार होने के नाते हम दर्शकों को
ये भी बताना चाहेंगे कि इन घोषणाओं पर मत
जाइए विकास के कार्यों पर मत जाइए यथार्थ

के धरातल पर क्या होता है बरेली के लोगों
को या राजकोट के लोगों को समझना होगा
गोरखपुर के लोगों को समझना होगा कल्याणी
के लोगों को समझना होगा कि वह
प्रधानमंत्री कौन सा एम्स उनको देके जा
रहे हैं जो पहले से
ही शुरू है इनग्रेट हो चुका है तो कई बार
अपना अचीवमेंट दिखाने के लिए दो दो जगह प
इनॉगरेशन किया जाता है ऐसा डबल काम तो कई

जगह देखा है हमने कोविड के दौरान भी हमने
देखा ज बड़े-बड़े पैकेजेस दिए जाते थे तो
कहते थे कि दो लाख करोड़ का पैकेज दिया
लेकिन बाद में पता पड़ता था कि वो दो लाख

करोड़ का पैकेज नहीं है वो इफेक्टिवली 20
हज करोड़ का ही पैकेज है बाकी सारे पुनने
बजट से लेकर तमाम अलॉटमेंट जो है उसम जोड़
के दो लाख का किया ये
जो जगलरी होती है आकड़ों के साथ उससे
मतदाताओं को सावध रहना है देखना ये है कि

आज के डेट में महंगाई क्या करते हैं
बेरोजगारी क्या करती हैं अभी वर्तमान में
उत्तर प्रदेश में
ही जो स्टूडेंट जो पड़े हुए है कहीं पेपर
लीक होने की खबरें है तो कभी क्या खबर है

उससे आंदोलित जो विद्यार्थी है वो रस्ते प
है कई जगह ऐसा लगता है कि वाकई कि जो
सरकार बोल रही है इतना झूठ क्यों बोल रही

है बोलना तो अपने ही लोगों से है और लोगों
के बीच में ही रहकर बोलना है तो कम से कम
बहुत ढेराई चाहिए बहुत आदमी को एक नया
टाइप का कलेजा चाहिए कि आप अपनों के बीच
में उन्हीं को लेकर इतने झूठ परस रहे हो
और लोग झूठ ले रहे हैं क्योंकि कहीं ना

कहीं एक अंधत्व आता है विचारधारा को लेके
कई बार धर्म का तड़का देक आपको अंधा किया
जाता है बहरा किया जाता है लेकिन एक अच्छे

शहरी के नाते आपको जब आप टैक्स देते हैं
सरकार से सेवा की अपेक्षा करते हैं तो कम
से कम सरकार जो कहती है उसको ध्यान से
तोलना चाहिए आज इतना ही कल फिर आता हूं
किसी विषय के साथ तब तक के लिए नमस्कार
देखते रहिएगा ैनो फल टस

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