India के ये 30 जासूसी विमान मचाएंगे तहलका, China-Pakistan की हुई हालत खराब!

चीन और पाकिस्तान को झटका देने के लिए
भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है भारत
की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने विभिन्न
रक्षा प्रस्तावों के लिए

8456 करोड़ रपए को आवश्यकता हेतु स्वीकृति
दी बड़ी बात यह है कि वायुसेना और डीआरडीओ
ने मिलकर चीन और पाकिस्तान की सीमा पर नजर
रखने के लिए जासूसी विमान खरीदने की योजना

बनाई है जो आसमान से पूरे देश की निगरानी
कर सके वहीं जिस काउंसिल ने इस प्रस्ताव
को मंजूरी दी उसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने की वहीं अब आपको बताएंगे
कि इस स्वीकृति से हमारी सेनाओं के लिए

क्या-क्या चीजें खरीदी जाएंगी सबसे पहले
बात करेंगे c295 एयरक्राफ्ट की 15 ट्विन
टर्बो प्रॉप c295 एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे

इसमें से नौ नौसेना और छह कोस्टगार्ड के
लिए होंगे इस विमान को टाटा और एयर बस
मिलकर बना रहे हैं इसके अलावा वायुसेना के
लिए 56 विमान बन रहे हैं वायुसेना और डी
डियों ने मिलकर चीन और पाकिस्तान की सीमा

पर नजर रखने के लिए छह नेत्र मार्क वन
एयरबॉर्न अर्ली मॉर्निंग एंड कंट्रोल
एयरक्राफ्ट खरीदने का प्लान बनाया है यह

आसमान में हमारी निगाहें हैं नेत्र एक खास
तरह का यंत्र है जो एब्रे विमान के ऊपर
लगाया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य जासूसी
और निगरानी तीन सिग्नल इंटेलिजेंस एंड

कम्युनिकेशन जैमिंग एयरक्राफ्ट खरीदे
जाएंगे यह एयरबस 319 विमान के ऊपर लगाए
जाने वाले हैवी ड्यूटी सेंसर होते हैं
इसके अलावा वायुसेना के लिए छह हवा में
इंधन भरने वाले टैंकर विमान खरीदे जाएंगे

भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी डील है
लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल इन्हें
भी डीआरडीओ बना रहा है इन्हें भी खरीदा
जाएगा इसकी रेंज 1000 किमी है इसके अलावा

45000 नई जनरेशन के प्रचंड एंटी टैंक
बारूदी सुरंग जिसमें भूकंपीय सेंसर लगे
हैं यह भी खरीदे जाएंगे इन्हें रिमोट से
फोड़ा जा सकेगा नौसेना को 48 भारी वजन
वाले टोरपीडो की अनुमति मिल गई है यह
टोरपीडो छह कलवारी यानी स्कॉर्पियन क्लास

पनडुब्बियों में लगाए जाए इसके अलावा 24
एंटी सबमरीन एमए 60 रोमियो हेलीकॉप्टर हेल
फायर मिसाइल एमके 54 टोरपीडो और प्रशासन
किल रॉकेट्स खरीदे जाएंगे भारतीय तट रक्षक
की जरूरत के मुताबिक सॉफ्टवेयर डिफाइंड
रेडियो की खरीद के लिए खरीददारी की मंजूरी

दी गई है यह भारतीय तटरक्षक और भारतीय
नौसेना इकाइयों के बीच निर्भाग सूचना आदान
प्रदान के लिए सुरक्षित नेटवर्किंग क्षमता
के साथ उच्च गति संचार की भारतीय तटरक्षक

की आवश्यकता को पूरा
करेगा ब्यूरो रिपोर्ट भारत तब
[संगीत]
तक

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