INDIA छोड़ बुरे फंसे जयंत | दिल्ली, हरियाणा, गुजरात में 43 सीटों पर BJP को बड़ा डेंट |

नमस्कार स्वागत है आपका
youtube0 ने भी करीब-करीब सीट शेयरिंग
फाइनल किया है दिल्ली में सात सीटें हैं
उसमें से तीन सीट

कांग्रेस को दे रही है चार आम आदमी पार्टी
लड़ेगी
हरियाणा में 10 सीटें है इसमें से नौ
कांग्रेस लड़ेगी एक आम आदमी पार्टी लड़ेगी
और गुजरात में 26 सीट है उसमें 25
कांग्रेस लड़ेगी और एक आम आदमी पार्टी
लड़ेगी ब्रज
की इसके साथ इंडिया गठबंधन
का यह दूसरा तीसरा पड़ाव
भी करीब करीब सामने आया महाराष्ट्र में

महाविकास
आघाड़ा हो गया है
वहां डीएम के तमिलनाडु में और कांग्रेस का
पहले से ही तय है उसमें कोई विवाद नहीं
बंगाल में अंडरस्टैंडिंग के साथ लड़ा
जाएगा या कुछ बैकरूम ऑपरेशन चल रहे हैं इस

पर सबकी नजरें
हैं लेकिन लगातार इंडिया गठबंधन के सीट
शेयरिंग को लेकर गोदी
मीडिया चाहे प्रिंट हो चाहे इलेक्ट्रॉनिक
हो
पिल पड़ा हुआ रहता है कि अभी तक सीट

शेरिंग क्यों नहीं हुई जैसे चुनाव में
सिर्फ इंडिया गठबंधन को ही लड़ना है एनडीए
गठबंधन में भी 38 प्लेयर हैं यह बात अलग

सीटों की है जैसा कि मोदी जी ने कहा कि
370 बीजेपी को आएगी और 400 एनडीए को इसका
मतलब 38 में से एक बीजेपी छोड़ी तो 37
पार्टियों को 30 सीट लेना है
लेकिन महाराष्ट्र
में जो शिवसेना है एकनाथ शिंदे वाली वह उन
तमाम सीटों पर लड़ना चाहती
है इसके पहले मैं थोड़ी सी आपको बता दूं

पेच कहां फसता है महाराष्ट्र में
महाराष्ट्र में पिछला चुनाव शिवसेना
बीजेपी ने साथ में मिलकर लड़ा था करीब
करीब आदि वादी सीटों प और राष्ट्रवादी
कांग्रेस और कांग्रेस ने साथ मिलकर लड़ा

था वो भी आधी आधी
सीटों अब प्रॉब्लम यहां फस गया है कि
एकनाथ शिंदे वो तमाम सीटों पर चुनाव लड़ना
चाहते हैं जहां शिवसेना ने लड़ा
था अजीत पवार भी उस आधी सीटों पर चुनाव
लड़ना चाहते जहां शरद पवार ने लड़ा था और
बीजेपी भी आधी 48 सीटों में 60 सीटें कैसी

बटेगी
पेच वहां भी फंसा है पेच उत्तर प्रदेश में
भी फंसा है एनडीए गठबंधन का और पेच
क्योंकि कई छोटे-छोटे दल है अपना दल से
लेकर तमाम
व भी अपना शेर ज्यादा मांगते हैं और खासकर

कांग्रेस और इनका गठबंधन होने के
बाद तो कहीं ना कहीं एक प्रेशर तो बना है
दूसरी और जैन चौधरी को यही समझ में नहीं आ
रहा है कि उन्होंने इंडिया तो छोड़ा लेकिन
एंडिए में है कि नहीं है सुना है कि व
प्रधानमंत्री जी से समय मांग रहे
हैं धन्यवाद देने के लिए कि चौधरी चरण

सिंह उनके दादा उनको उन्होंने भारत रत्न
दिया लेकिन प्रधानमंत्री के पास अब समय
नहीं

के लिए लेकिन चौधरी चरण सिंह के पोते को
समय नहीं मिल रहा है उनका भी इंडिए में
जाना अभी लटका हुआ है बिहार में राम विलास
पासवान का
कुनबा जिस हिसाब से वक्तव्य दे रहा है
उससे वहां भी खटपट हो रही है यह सामने
चीजें आ रही है लेकिन रिपोर्ट कौन करेगा
क्योंकि सारा जो कुछ भी दिखता है वो
इंडिया गठबंधन में दिखता है
लेकिन इंडिया गठबंधन में जैसे
ही जिस खबर का विश्लेषण मैं करने जा रहा

हूं व खबर यह है यह तो मैंने आपको अभी तक
बताया सिनेरियो क्या है खबर यह है कि जैसे
ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन
फाइनल हो गया तीन राज्यों में गुजरात
हरियाणा और

दिल्ली आम आदमी पार्टी नेताओं के पास
मैसेज आया बीजेपी के नेताओं
का यह इंडिया गठबंधन से बाहर निकल
जाओ यदि आपने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया
इंडिया गठबंधन में आप बने
रहे तो फिर केजरीवाल जी

का आने वाले सप्ताह में जेल जाना तय है य
गिव एंड टेक का मामला
है ऐसे
में जो दिल्ली सरकार में मंत्री है आम

आदमी पार्टी की
नेत्री
आतिशी उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर
वीडियो भी जारी किया
जिसमें उनका वक्तव्य है कि हम फासी चढ़
सकते हैं जेल जा सकते हैं मंत्री और
मुख्यमंत्री ही नहीं आप हमारे नेता और
हमारे विधायकों को भी जेल कर दीजिएगा इसके
बावजूद भी आम आदमी पार्टी पीछे हटने वाली
नहीं है हम डरने वाले नहीं है हम
लगातार लड़ते रहेंगे बीजेपी से क्योंकि
हमारी लड़ाई सब संघर्ष के लिए नहीं

लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए है यदि
हमारे सारे नेता भी जेल में आपने ठोस दिए

तो आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता इतना
ताकतवार है कि वह लोकतंत्र और संविधान को
बचाने के लिए डटा
रहेगा यह वही हुआ हर जगह जो होता
है ऐसा ही कुछ
टोन झारखंड में भी था लेकिन सौर्य ने जेल
जाना पसंद कर दिया लेकिन इंडिया गठबंधन को
तोड़ना नहीं और इंडिया गठबंधन में बने हुए
हैं अब हो सकता है कि सोरेन के यहां पर भी
झारखंड में भी कोई चंडीगढ़ मॉडल का नया या

ऑपरेशन कमल हो और ऑपरेशन कमल तो लगातार
प्रोसेस में ही है यदि सक्सेस मिलता है तो
भी सरकार गिराने का प्रयास होगा न केन

प्रक लोकसभा चुनाव तक अपनी सरकार हो अपना
अपने नियंत्रण में चुनाव हो इसके लिए पूरा
प्रयास भाजपा कर रही है आम आदमी पार्टी का
कहना कि उनको धमकी दी उन्हें यह मैसेज
मिला है यह इस बात का तक है कि भारतीय
जनता पार्टी की स्थिति 2024 में वाकई
नाजुक है यदि भारतीय जनता पार्टी मोदी जी
के गारंटी प मोदी जी को खुद प इतना
विश्वास होता अपनी गारंटी का विश्वास होता
तो शायद फिर दिल्ली की सात सीट हो या फिर

झारखंड की कुछ चंद सीट हो उसके लिए वोय
पूरा प्रपंच नहीं रखते
महाराष्ट्र में नांदेड़ की एक सीट जो
भाजपा के पास है वह अपने पास बरकरार रहे

इसके लिए अशोक चौहाण को पार्टी में
राज्यसभा देकर नहीं लाते यह तमाम छोटे
छोटे कंप्रोमाइज जो भाजपा कर रही है चाहे
बिहार में हो चाहे यूपी में
हो जो एक भारत रत्न देकर आपने उनको इधर
लाने का प्रयास किया या फिर राज्य सभा का
लालच हो या फिर
जो धमकी है ड़ी की वो लेकिन आजकल जो डरने
वाले थे वह डर गए जो नहीं डरे वह अभी

बरकरार
है उसमें लालू यादव भी है ममता बनर्जी भी
है उसमें केजरीवाल जी भी है उसमें सोरेन

भी है उसमें शरद पवार भी है उसमें उद्धव
ठाकरे भी है उसमें स्टालिन भी है ये तमाम
लोग आज भी जेल जाने को तैयार है लेकिन ड़
के सामने झुकने को तैयार नहीं ऐसे में
क्या वाकई इस देश में
लोकतंत्र बना
रहेगा क्या चुनाव सिर्फ एक फॉर्मेलिटी
होगी यदि चंडीगढ़ जैसा ही
फॉर्मेट करना है य चुनाव में आपके पास जो
2014 से हम देखते आ रहे हैं जहां आपके पास
आंकड़ा नहीं वहां
समय उठा लो समय थोड़ा सा ले लो और फिर
आंकड़ा जुटा लो क्योंकि
विचारधारा से लेकर तमाम को कई चीजों को
उनको कोई लेना देना नहीं
होता कई अं भक्त इस बात
का भ्रष्टाचारियों को भी साथ में लेकर
सरकार बनाते हैं इसमें यह कहते
हैं कि इस देश में कई चीजें ऐसी करनी है
जिसके लिए सत्ता में होना जरूरी है और वह
करने के लिए वो लगातार किसी भी कॉस्ट पे
किसी का भी समर्थन लेकर किसी को भी गोद
में बिठा के किसी के साथ भी गले लग के
सत्ता में बने रहना चाहते हैं उदाहरण के
तौर पर बोलते हैं कि
300 70 या फिर राम मंदिर ये इसी सत्ता के
कारण आया लेकिन 370 जब आपने किया तब आपको
आया राम गयाराम की जरूरत नहीं थी आपके पास
303 लोकसभा में थे और राज्यसभा में आपके
पास समर्थन
था आपने राम मंदिर जो बोला है वह सर्वोच्च
न्यायालय के निर्णय से लिया सरकार केंद्र
में चाहे किसी गठबंधन की होती या अपने
बलबूते पर किसी राजकीय दल की होती
सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय उसे मानना
होता और राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बनवाना
होता तो यह कहना कि हम सारे
भ्रष्टाचारियों को गले लगा रहे हैं सिर्फ
इसलिए हमें कुछ बड़े काम का करने हैं वो
बड़े काम आप वैसे भी कर सकते हैं उनको गले
लगाए
बगर जम्मू कश्मीर में भी उन्होंने यही कहा
हमने पीडीपी के साथ इसलिए समध किया
क्योंकि हमें श्रीनगर में सरकार कैसे
चलाते हैं यह अंदरूनी देखना था इससे
ज्यादा वाद कारण कोई बता नहीं सकता
नरेंद्र मोदी जी गुजरात में सरकार चला रहे
थे उन्होंने दिल्ली में आके सरकार संभाली
उसके लिए उन्हें दिल्ली में नेट प्रैक्टिस
करने की जरूरत नहीं थी सवाल यह है कि जब
आपना मामला फस जाता है तो फिर आप ऐसे ऐसे
कारण बताते हैं लगता है कि वाकई क्या देश
की जनता इतनी मूर्ख है कुल मिलाकर अब
दिल्ली में भी घमासान होने जा रहा है
दिल्ली के सात सीट हरियाणा के 10 सीट और
गुजरात की 26 सीट 36 और यह 43 सीटों का
तीन राज्यों का जो लेखा जोखा है वर्तमान
में तीनों की तीनों राज्यों में
टोटल जो 43 सीट हैं वो भाजपा के पास
है भाजपा के
पास बहुत अच्छा काम किया तो भी 43 ही आ
सकती है 43 में बढ़ोतरी नहीं होगी भाजपा
को डर है कि आम आदमा पार्टी और कांग्रेस
का य गठबंधन कहीं तीन चार सीट भी ले गया
इन तीन राज्यों में तो फिर वो तीन सीटों
का भी गड्डा कहां से लाएंगे क्योंकि
मारामारी तो एक एक सीट की है इसलिए अब फिर
ड़ एक्टिव होगी और जब तक चुनाव की आचार
संहिता घोषित नहीं होती ऐसे ही प्रकोप
चलते रहेंगे आज इतना ही कल फिर आता हूं
किसी विषय के साथ तब तक के लिए नमस्कार
देखते रहिएगा य चैनल उल्टा चस

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