Lok Sabha Election 2024 : बिहार के उम्मीदवारों पर चर्चा को लेकर बड़ी बैठक | Nitish Kumar

आपको बड़ी खबर बता दें 7 और 8 मार्च को
दिल्ली में बीजेपी का मंथन हो सकता है
एनडीए में जो सीट बंटवारा है उसको लेकर यह
मंथन किया जाना है 7 और 8 मार्च की तारीख

बेहद अहम बताई जा रही है क्योंकि दिल्ली
में एनडीए अ में सीट के बंटवारे को लेकर
मंथन होगा 8 मार्च को दिल्ली में शाम
बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक

होगी बिहार के उम्मीदवारों के नाम पर भी
चर्चा हो सकती है जो दूसरी लिस्ट जारी
होगी हो सकता है कि उसमें बिहार के
उम्मीदवारों के भी नाम हो मुख्यमंत्री

कुमार कल शाम दिल्ली जाने वाले हैं शाम
6:4 पर वो पटना से दिल्ली के लिए रवाना
होंगे 7 मार्च को सुबह विदेश दौरे पर भी
सीम नितीश कुमार को रवाना होना है आपको
बता दें आज शाम पटना में बीजेपी की प्रदेश
चुनाव समिति की बैठक है सूत्रों के हवाले

से खबर है कि एमएलसी चुनाव के लिए
उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हो सकती है
जिसमें बीजेपी आज मंथन कर सकती है और उसके
साथ ही 7 और 8 मार्च को दिल्ली में अहम

बैठक है जिसमें एनडीए में सीट बंटवारे को
लेकर फार्मूला तय किया जाएगा कि आखिर
बिहार में खास तौर पर जो सीटों का बंटवारा
है वह कैसे होगा क्योंकि आपको बता दें कि
एनडीए के घटक दलों में सीएम नितीश कुमार
की पार्टी जेडीयू हम और इसके साथ ही

उपेंद्र कुशवाहा की जो पार्टी है वो भी
शामिल है चिराग पासवान है पशुपति पारस हैं
तो ऐसे में क्या कुछ सीट का फार्मूला होगा
उस पर चर्चा होगी संवाददाता अमितेश अधिक

जानकारी के साथ जुड़े हुए हैं अमितेश सात
और 8 मार्च की जो बैठक है वो काफी अहम
क्योंकि अगर बिहार के लिहाज से देखें तो
कैसे उन सीट का फार्मूला निकलेगा जो सबको
पसंद

आए देखिए 8 मार्च को दिल्ली में शाम
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है बीजेपी
की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक जिसमें
बिहार की भी सीटों पर मंथन होगा बीजेपी के
पास अभी 17 सीटिंग एमपी है तो निश्चित रूप

से उन सीटों पर बीजेपी चर्चा करेगी लेकिन
उसके पहले आज शाम पटना में जहां पर बिहार
बीजेपी के प्रभारी जो हैं विनोद तावड़े वो
पटना पहुंचे हुए हैं दिल्ली से पटना गए
हैं तो आज शाम 6:00 बजे बैठक जो होगी वह

काफी महत्त्वपूर्ण बैठक होगी उसमें बीजेपी
अपने कोटे की जो सीटें हैं उस पर चर्चा
करेगी उस पर मंथन करेगी और जो हमारे सूत्र
बता रहे हैं उसके मुताबिक लोकसभा अलग-अलग

जो लोकसभा क्षेत्र हैं उसके लिए ऑब्जर्वर
नियुक्त किया गया है उनसे फीडबैक लिया
जाएगा इसके अलावा जो सूत्र बता रहे हैं

बीजेपी का कहना है कुछ सीटें ऐसी हैं जिस
पर कुछ एक्सचेंज भी हो सकता है यानी
जेडीयू बीजेपी के बीच में और बाकी जो
तीन-चार दल हैं तो कुछ सीटें ऐसी हैं जिसे
एक्सचेंज भी करना पड़ेगा लेकिन सीटों की
संख्या मोर और लेस वही रहेगी जो कि पिछली

बार 2019 में बीजेपी और जेडीयू की रही थी
लगभग तो जेडीयू बहुत पीछे नहीं हट रही है
जो हमारे सूत्र बता रहे हैं उसके मुताबिक
जेडीयू की सीटों की संख्या बहुत कम होने
नहीं जा रही है पहली बात बाकी जहां तक
दूसरे जो एलायंस है एलाइज जो है उसमें

चाहे पशुपति पारस की पार्टी हो चिराग
पासवान हो उपेंद्र कुशवा और जीता नाम माझी
इनको लेकर के जरूर बात है कि इनको कौन-कौन
सी सीट दी जाए और इसको लेकर के मंथन एक

संभावना है जो हमारे सूत्र बता रहे हैं
उसके मुताबिक एक संभावना है कि पटना में
विनोद तावड़े हैं तो शायद अगर मौका मिले
तो बैठक हो जाए चूंकि कल पीएम की रैली भी
है बेतिया में तो हो सकता है समय मिले तो

एलायंस के जितने भी पार्टनर हैं उनके साथ
एक बैठक हो जाए नहीं तो दिल्ली में 7 और 8
मार्च को बैठक होने की पूरी संभावना है और
बीजेपी अपने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
के पहले इन सहयोगी दलों से बात करना
चाहेगी और उसमें एक फार्मूला निकालने की
कोशिश होगी कि कैसे बीच का फार्मूला

निकाला जाए कौन-कौन सी सीटों पर बीजेपी
खुद चुनाव लड़ेगी तभी उस आधार पर बीजेपी
केंद्रीय चुनाव सम
मती कुमार भी दिल्ली पहुंचने वाले हैं तो

क्या उनकी भी मुलाकात बीजेपी के वरिष्ठ
नेताओं से हो सकती है क्या इस पे चर्चा
होगी सीटों को
लेकर देखिए फिलहाल इसकी संभावना कम नजर आ

रही है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
कल शाम 6:4 में दिल्ली के लिए रवाना होंगे
और रात यहां पर 8:30 के आसपास दिल्ली
आएंगे और अगले दिन परसों सुबह ही उनको
विदेश दौरे पर जाना है तो ऐसे में कल ही

शाम और कल देर रात का एक समय बचता है
जिसमें उनकी बीजेपी के नेताओं से बैठक हो
जिसकी संभावना अभी कम नजर आ रही है अभी तक
ऐसा कोई शेड्यूल नहीं है उनको विदेश दौरे
पर जाना है इसलिए नीतीश कुमार आ रहे हैं

और जहां तक हमारे सूत्र बता रहे हैं उसके
मुताबिक बीजेपी और जेडीयू में अगर देखा
जाए तो पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है और
बातचीत सही स्थिति में है अगर कहा जाए तो

कुछ सीटें जरूर हैं दो-तीन सीटें ऐसी हो
सकती हैं जिसमें एक्सचेंज वाली जो बात है
उसको लेकर के कुछ चीजें अभी फंसी हुई हैं
जिसको सुलझा लिया जाएगा और सबसे बड़ी बात
है चाहे उपेंद्र कुशवाहा के आने के बाद

कारा काट की सीट है वह चाहते हैं कारा काट
से चुनाव लड़ना और जीता राम माझी के लिए
अगर देखा जाए उनकी पार्टी के लिए गया की
सीट है तो वो भी दोनों सीटें अगर देखा जाए
तो जेडीयू के ही खाते में है तो कुछ ऐसी

चीजें हैं जिसको सुलझाना बाकी है तो
जेडीयू अगर ये सीट छोड़ती है तो उसके बदले
कौन सी सीट उसे मिलेगी ये सब छोटी-छोटी

बातें हैं जिसको सुलझाना बाकी है एलायंस
के साथ में जो बैठक होगी उसमें सुलझाया
जाएगा और इस बात की पूरी संभावना है कि 7
और 8 मार्च को दिल्ली में एक बैठक होगी
जिसमें इस पर मंथन होगा चर्चा हो सकती है

जी नहीं अमितेश पिछली बार के अगर हम बात
करें तो 1717 और छ का फार्मूला था तो ऐसे
में इस बार लेकिन एनडीए का कुनबा जो है वो
बढ़ गया है बिहार के लिहाज से अगर हम
देखें तो क्या लगता है वह तालमेल बिठ
पाएगा क्योंकि नाराजगी की अब बात भी अंदर
खाने से सामने आ रही

है देखिए बीजेपी का कुनबा बढ़ा है निश्चित
रूप से जब नीतीश कुमार चले गए थे आरजेडी
के साथ में तो उसके बाद बीजेपी ने अपना
कुनबा बढ़ाने के लिए और भरपाई करने की
कोशिश की इसके लिए जीता नाम माझी आए
उपेंद्र कुशवाहा आए चिराग पासवान चाचा
भतिया दोनों दो पार्टी बना कर के इस बार
अभी भी बीजेपी के साथ ही हैं तो उस

सिचुएशन में बीजेपी इनको मानती है कि यह
सभी हमारे ट्रस्टेड एलाइज हैं जो कि बुरे
वक्त में हमारे साथ रहे और बीजेपी की जो
बात हुई इन अलग-अलग पार्टी के नेताओं से
उनको यह जरूर कहा गया है कि नीतीश जी के
आने के बाद आपको कोई दिक्कत नहीं होगी

 

आपके सम्मान का पूरा ख्याल रखा गया है रखा
जाएगा तो निश्चित रूप से इनको अस्वस्थ
करने की कोशिश की गई है लेकिन जब सीटों की
बात आती है तो जेडीयू को पूरा देखा जाए तो
बीजेपी पूरा एक सम्मान भी दे रही है और

पूरे सम्मान के साथ नीतीश कुमार को लाया
भी गया है तो निश्चित रूप से जो सीटों की
संख्या है 17 पर जेडीयू लड़े थी और 16
जीती थी उसके 16 सीटिंग है तो सीटों की
संख्या में बहुत ज्यादा परिवर्तन की
गुंजाइश नहीं नजर आ रही है हां सीटों के
एक्सचेंज की बात जरूर हो सकती है कि कुछ
सीट अगर जेडीयू छोड़नी ती है या उसे
छोड़ना पड़ता है तो उसके बदले कोई और
दो-तीन सीट ले सकती है लेकिन सीटों की

संख्या में बहुत अंतर जेडीयू की सीटों की
संख्या में देखने को नहीं मिलेगा और यही
सबसे बड़ा कारण है कि अगर जेडीयू बीजेपी
अगर ज्यादा सीटों पर लड़ेगी तो बाकी जो
पार्टनर हैं उनको कैसे एडजस्ट बीजेपी करती
है चिराग पासवान को कैसे संतुष्ट करेगी

पशुपति पारस हैं उपेंद्र कुशवाहा है इन
लोगों को कैसे साथ लाएगी जीतना माझी को
कैसे साथ लाएगी यह देखने वाली बात होगी
लेकिन इस बात की पूरी संभावना है अभी
शेड्यूल अगर देखा जाए तो तय नहीं है लेकिन

जो सूत्र बता रहे हैं उसके मुताबिक 8
मार्च को जो केंद्रीय चुनाव समिति की
बीजेपी की बैठक है उसके पहले अपने साथियों
के साथ सहयोगियों के साथ बीजेपी एक बैठक
कर सकती है जी चलिए आप इस पूरी खबर पर नजर
बनाए रखिए अमितेश बहुत-बहुत शुक्रिया तमाम
जानकारी के लिए
और बढ़ते हैं आगे आपको एक और बड़ी खबर बता
दें बीजेपी अब अपने दूसरे लिस्ट पर मंथन
कर रही है आपको बता दें कि बीजेपी की तरफ
से दूसरे लिस्ट की तैयारी पर अब मंथन किया
जा रहा है पहले ही 195 उम्मीदवारों की
लिस्ट बीजेपी की तरफ से जारी कर दी गए है
और अब लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दूसरी
लिस्ट पर भी मंथन हो रहा है और माना यह जा
रहा है कि आज इस पर मंथन होने जा रहा है
आज की मीटिंग में कई प्रत्याशी के टिकट कट
भी सकते हैं आज झारखंड की जो दो सीट है
चतरा और धनबाद सीट पर भी चर्चा हो सकती है
बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में बाकी सीटों
के लिए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा
होनी है बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए
195 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने
के बाद बीजेपी ने अब दूसरी लिस्ट की
तैयारी भी शुरू कर दी है और इस लिस्ट में
बताया जा रहा है कि झारखंड की दो सीटें भी
हैं चतरा और धनबाद सीट इन दोनों सीटों पर
भी उम्मीदवारों के नामों पर पर मंथन हो
सकता है और इधर सूत्रों के हवाले से खबर आ
रही है कि चतरा और धनवाद में प्रत्याशी तय
करने को लेकर बीजेपी पसोपेश में दिख रही
है दरअसल चत सीट पर बीजेपी प्रदेश कमेटी
ने पाकी विधायक शशि भूषण मेहता का नाम
सबसे ऊपर भेजा था लेकिन प्रधानमंत्री के
नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने पाया कि शशि
भूषन मेहता का नाम बीजेपी कार्यकर्ताओं की
राय शुमारी में था ही नहीं वहीं प्रदेश
कमेटी ने रांची लोकसभा सीट के लिए प्रदेश
के महामंत्री प्रदीप का नाम प्रस्तावित
किया था और संजय सेठ के नाम प्रदेश से गई
सूची में कहीं नहीं थे मिल रही जानकारी के
मुताबिक यहां भी केंद्रीय नेताओं ने
हस्तक्षेप किया और संजय सेठ का नाम रांची
से लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए फाइनल कर
दिया तो ऐसे में बदलाव भी देखे जा सकते
हैं अब देखना होगा इन दो सीट पर कौन से
उम्मीदवार का ऐलान होता
है बढ़ते

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