Maa Durga-तुम्हारा शत्रु रो रोकर तुमसे माफी मांगेगा🔱

मेरे बच्चे मेरी शक्तियां तुम्हारे साथ ही

है तुम्हारा जो विश्वास है मेरे ऊपर उसे

ऐसे ही बनाए रखना क्योंकि विश्वास की

शक्ति से ही संसार में रोज बड़े-बड़े

चमत्कार होते हैं तुम्हारा विश्वास बहुत

ही बहुमूल्य है यदि तुम्हारे अंदर कोई कमी

भी है तो फिर उससे भाग कर तुम अपना भला

नहीं कर सकते हो इसके लिए तुम्हें स्वयं

को रोज बेहतर बनाना पड़ेगा तभी तुम अपनी

इच्छा अनुसार कार्य को प्राप्त कर पाओगे

इस संसार में जो व्यक्ति केवल अपने लिए

जीता है उसका एक दिन में मरण हो जाता है

परंतु जो इंसान इस संसार को अपना परिवार

अपना घर बनाकर जीवन जीता है उसे व्यक्ति

का मरण नहीं स्मरण होता है

वह संसार के अंत तक राहत है इसलिए तुम्हें

संसार से जोड़ो तभी तुम्हारा भला हो सकता

है तुम्हें सभी को माफ करना सीखना है इससे

तुम्हारे जीवन को एक अलग ही आनंद की

प्रताप होगी यही तुम्हारे द्वारा की गई

सर्वश्रेष्ठ भक्ति होगी और यह भक्ति ही

तुम्हें असीम शक्ति दिलाएगा यही तुम्हारे

जीवन में सुखों का संचार करेगा वह सुख

जिसकी आवश्यकता तुम्हारी आत्मा को है

हमेशा एक बात याद रखना इसे मत भूलना यह

संसार भले ही स्वार्थी प्रतीत होता है

परंतु तुम्हें अपना मां मालिन नहीं करना

है तुम्हारी ऊर्जा सकारात्मक है उनमें

नफरत मत रखना अपने पवित्र ऊर्जा को किसी

और की नकारात्मक ऊर्जा से प्रभाव ना होने

देना किसी को यदि जवाब देना भी पड़े तो

अपने कर्मों से दो तुम्हें चुनौतियां से

भयभीत नहीं होना है क्योंकि तुम मेरे सबसे

प्यार बच्चे हो तुम्हारी भक्ति विश्वास और

सच्ची है क्योंकि होने वाले व्यक्ति जीवन

में आगे नहीं बाढ़ पाते हैं तुम्हारा जन्म

तो सफल होने के लिए हुआ है अपने अलौकिक

ऊर्जा से इस संसार का कल्याण करने के लिए

हुआ है उसके लिए तो तुम्हें स्वयं को

तैयार करना पड़ेगा स्वयं पर कार्य करना

पड़ेगा प्रतिदिन अपने ज्ञान को बढ़ाने के

लिए कार्य करना पड़ेगा यह पूरा ब्रह्मांड

तुम्हारे आसपास राहत है मेरे बच्चे

तुम्हारे निश्चल भाव से ब्रह्मांड तुमसे

जुड़ गया

तुम हमारी एक बात मानो जिसकी तुम्हें

आवश्यकता पड़ेगी तुम्हारे आसपास कई लोग

ऐसे हैं जो तुमसे प्रेम करते हैं परंतु

कुछ लोग ऐसे हैं जो तुम्हें पसंद नहीं

करते ऐसे में एक प्रश्न यह है की जो

तुम्हें पसंद नहीं करते उसके साथ क्या

करें ऐसे में तुम्हें उन्हें भूल जाना है

यदि कोई तुम्हें पसंद नहीं करता तो

तुम्हें उससे घृणा करने की आवश्यकता नहीं

है घृणा करना तो उसे व्यक्ति की समस्या है

तुम्हारी नहीं यदि तुम इस स्थान पर नहीं

होते तो भी वह व्यक्ति किसी एन किसी से

घृणा ही कर रहा होता अगर पुरी पृथ्वी पर

कोई नहीं होता और वह अकेला ही होता तो वह

स्वयं से ही घृणा करता घृणा करना उसे

व्यक्ति की ही समस्या होती है जो घृणा

करता है इसलिए तुम्हें कभी किसी से घृणा

या नफरत नहीं करना है यह एक सच्चे व्यक्ति

की पहचान है यही तो तुम्हें औरों से अलग

और सुखी बनती है यही सोच संसार के सभी

चीजों के समीप ले जाति है मनुष्य के जीवन

में केवल दो ही मुख्य वास्तु है सुख और

दुख

सुख वह है जो मनुष्य को उसकी सच्चाई

दिखाएं और दुख है जो मनुष्य को अपने आसपास

वालों की सच्चाई दिखाएं तुम्हारे जीवन के

इन्हीं दो पशुओं के बड़े में मैं तुम्हें

आज मैं कहानी सुनने जा रही हूं एक बार की

बात है मां पार्वती ने महादेव से कहा की

मैंने पृथ्वी लोक पर यह देखा है की आप उन

मनुष्यों को ज्यादा दुख देते हो जो पहले

से ही दुखी होते हैं और जो मनुष्य पहले से

ही सुखी है आप उन मनुष्यों को और भी

ज्यादा सुख प्रधान करते हो मां पार्वती जी

की यह बात सुनकर महादेव ने उत्तर देने के

लिए पृथ्वी लोक पर मनुष्य रूप में अवतरित

होने को कहा महादेव पार्वती जी ने मनुष्य

रूप में आकर एक छोटे से गांव के पास अपनी

कुटिया बनाए शाम होने पर महादेव जी ने

पार्वती जी से कहा

है की हम दूसरे मनुष्य की तरह अपने रात के

भजन की तैयारी करनी होगी इसलिए मैं भजन

सामग्री की व्यवस्था करने जा रहा हूं और

तुम कुले की व्यवस्था कर लो यह कहकर

महादेव वहां से चले गए महादेव

पार्वती जी ने गांव में टूटे और गिरे हुए

मकान से कुछ ईंटों का प्रबंध किया और

चूल्हे को तैयार कर दिया कुछ डर बाद जब

महादेव जी वहां से वापस आए तो महादेव जी

ने पार्वती जी से पूछा की जो मकान पहले से

ही टूटे हुए थे उन्हें मकान से क्यों उठाई

जब की तुम तो अच्छे और सुंदर दिखे रहे

मकान से भी तो ला शक्ति थी यह सुनकर देवी

पार्वती जी ने कहा की है प्रभु अच्छे और

सुंदर दिखे रहे मकान के निवासियों ने उन

मकान का अच्छे से ध्यान रखा है उनकी मेहनत

और उन मकान की सुंदरता को बेकार करना मुझे

उचित नहीं लगा देवी पार्वती जी की ये बात

सुनकर महादेव जी ने यह बताया की जो बात

उन्होंने मकान के बड़े में कहीं है वही

उनके प्रश्न का उत्तर भी है खाने का अर्थ

है की जो मनुष्य अपने जीवन का रख रखा

सत्कर्मों से करते हैं उनके जीवन में सुख

हमेशा बना राहत है अर्थात जो मनुष्य अपने

जीवन को अपने ही कर्मों से नष्ट कर देते

हैं उनके जीवन में हमेशा ही दुख बना राहत

है

है इसलिए मनुष्य को अपने जीवन को सदा

खुशियों से और सत्कर्मों से इतना सुंदर

बनाना चाहिए जिससे उसके जीवन का नस करना

स्वयं भगवान को भी उचित ना लगे मैं जानती

हूं की तुम भक्ति के लिए दुनिया के किसी

भी कठिन से कठिन कार्य को कर सकते हो

परंतु तुम्हारे लिए है समझना अत्यंत

आवश्यक है की ईश्वर की भक्ति करना बिल्कुल

भी कठिन कार्य नहीं है सच्चे मां से भक्ति

करने के लिए तुम्हें केवल एक बात का ध्यान

रखना है वह की भक्ति करने के लिए दुनिया

भर के आडंबर आवश्यक नहीं है बल्कि भक्ति

के लिए आवश्यक है भक्ति तुम्हें तो यह पता

होगा ही की भगवान

सर्वव्यापी है सर्वव्यापी होने का अर्थ है

की ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त है

इसलिए अगर तुम सच्चे भक्ति हो तो तुम्हें

संसार के हर कोनी में प्रकृति की पवित्रता

दिखाई देगी एक बात हमेशा याद रखना अगर तुम

सच्चे मां से सच्चे हृदय से ईश्वर का

ध्यान करते हो तो उसे वक्त अपने ईश्वर के

दर्शन होना निश्चित हो जाता है किंतु

ईश्वर अपने भक्तों को कब कहा और किस रूप

में दर्शन देंगे यह अनिश्चित है इसलिए

तुम्हें अपने ईश्वर का स्मरण करना चाहिए

और दुनिया की सभी चीजों में अपने ईश्वर को

देखना चाहिए एक भक्ति की भक्ति तभी सफल हो

शक्ति है

अपने ईश्वर से करता है तुम्हारी हर बात हर

इच्छा ईश्वर तक पहुंचती रहती है इसलिए

तुम्हें चिंतित होने की आवश्यक कर सकता

नहीं है यह पूरा प्राकृतिक तुम्हारा ध्यान

रखती है यह संसार में तुम्हारी किसी से यह

संसार में तुम्हारी किसी से कोई

प्रतिस्पर्धा नहीं है किसी प्रकार की

प्रतिस्पर्धा की तुम्हें आवश्यकता नहीं इस

संसार में तुम्हारी प्रतिस्पर्धा सिर्फ

तुमसे हनी चाहिए यही तुम्हें आगे भी

बढ़ाएगी और तुम्हें सुख भी देगा किसी

दूसरे से प्रतिस्पर्धक करना तुम्हें सिर्फ

तनाव में डालने का कम करेगा यह सिर्फ

तुम्हारे दुखों का करण बनेगा तुम जैसे हो

तुम्हें इस रूप में स्वयं को अपनाना है और

स्वयं को स्वीकार करना है एक बात हमेशा

याद रखना तुम जितने दुख ही और तनाव में

रहोगे उतनी ही अधिक लड़ाई परेशान रहोगे

वही यदि तुम खुश रहते हो तो तुम्हारी

ऊर्जा क्लेश को समाप्त करने वाली होगी इन

बटन का हमेशा स्मरण रखना मेरे अगले संदेश

की प्रतीक्षा करना मैं फिर आऊंगी तुमसे

मिलने ओम नमः शिवाय

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