Maa kali ka Janam kaise hua tha

मां काली के जन्म
कथा बात उन दिनों की है जब एक शक्तिशाली
राक्षस दारुण का अत्याचार तीनों लोगों में
बढ़ गया था तीनों लोगों में सभी इससे बहुत
परेशान थे सारे देवता दारुण के हाथों मौत
खा चुके थे दारुण को वरदान मिला था कि

उसकी मृत्यु एक स्त्री के हाथों ही हो
सकती है इस कारण सभी देवता हाथ जोड़कर
ब्रह्मा जी के पास
पहुंचे कि वे इसका कोई समाधान
निकाले इसके बाद ब्रह्मा जी ने एक स्त्री
का रूप लिया और
दारुण से युद्ध करने चले गए लेकिन व

ह भी
इस असुर को हरा नहीं
पाए अंत में सभी देवता ब्रह्मा जी के साथ
भगवान शिव के पास गए और उनको प्रार्थना की
कि वह कुछ करें सभी की प्रार्थना सुनने के
बाद जी ने मुस्कुराते हुए माता पार्वती की
तरफ

देखा उनका इशारा समझते हुए माता पार्वती
ने अपनी शक्ति का एक अंश निकाला वह एक
चमकता हुआ तेज था जो देखते ही देखते भगवान
शिव के नीलकंठ से होते हुए उनके शरीर में
प्रवेश कर

गया इसके बाद भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख
खोली और तीनों लोग थरथर कांपने लगे भगवान
शिव की तीसरी आंख खोलने के बाद वह शक्ति
उनकी उस आंख से बाहर
निकली जिसे देखकर वहां खड़े सारे देवता
घबरा

गए उस शक्ति ने एक विशाल और रुद्र स्त्री
रूप ले लिया था उनका रंग रात सा काला कहरा
और जुबान खून जैसा लाल थी चेहरे पर आग सा
तेज था और माथे पर तीसरी आंख थी इस तरह
राक्षस को खत्म करने के लिए हुआ मां काली
का जन्म इसके बाद उन्होंने कुछ देर में
में असुर दारुण और उसकी सेना का नाश कर
दिया उन सभी दानवों को खत्म करने के बा


भी मां काली का गुस्सा शांत नहीं हो रहा
था इसके बाद उनका गुस्सा शांत करने के लिए
भगवान शिव ने एक बच्चे का रूप लिया और
उनके सामने आ गए
भगवान शिव को देखते ही मां काली का गुस्सा
शांत हो गया और

उन्होंने उस बच्चे को अपनी गोद में उठा
लिया यह वीडियो देखने के लिए और समझने के
लिए
धन्यवाद हम

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