Modi की हताशा बता रही है RSS के सर्वे का सच ? में भूचाल आने वाला है अशोक वानखेड़े With प्रज्ञा

नमस्कार अपनी दूसरी सरकार के आखिरी भाषण
में नरेंद्र मोदी ने आज अपने आप को सबसे
बड़ा ओबीसी बता दिया है नरेंद्र मोदी पहली
बार इतने भयभीत दिख रहे हैं ऐसा पहली बार
हुआ है जब नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की

पिच पर खेलने के लिए मजबूर दिखाई दे रहे
हैं नरेंद्र मोदी इससे पहले कहते थे कि
उनके लिए सिर्फ एक ही जाती है और वोह जा

का
ढोल पीट रहे हैं क्या नरेंद्र मोदी समझ गए
हैं कि 2024 में सिर्फ राम मंदिर से दाल
नहीं गलने वाली है सिर्फ राम मंदिर से बात
नहीं बनने वाली है क्या 204 में मोदी को
खिसक हुई सीटें दिखाई देने लगी जो अब
उन्हें अब विपक्ष की पिच पर खेलने को
मजबूर होना पड़ रहा है आज मेरे साथ इन स


पर बात करने के लिए वरिष्ठ पत्रकार अशोक
सर हैं अशोक सर राहुल गांधी अपनी हर भाषण
में हर बार दलितों की बात करते हैं
पिछड़ों की बात करते हैं आदिवासियों की

बात कर करते हैं जातिगत जनगणना का मुद्दा
बड़ी पुरजोर तरीके से उठाते हैं क्या
राहुल गांधी की बातों में वह अंडर करंट है

जो लोगों में झूम रहा है जो लोगों में घुल
चुका है उसकी वजह से नरेंद्र मोदी अब
राहुल गांधी के पिच पर खेलने के मजबूर हो
गए हैं क्योंकि अशोक सर यही मोदी जी
विपक्ष को धर्म की पिच पर खेलने के लिए

मजबूर किया करते थे लेकिन आप खुद मजबूर हो
गए
हैं देखिए प्रज्ञा होता क्या है जब तक

आपके पास सीट है जब तक आपके पास आधार है
तब तक आपकी सारी बातें सही मानी जाती है
आप जो बोलो कानून होता है आप जो बोलो

विचारधारा होती है आप जो बोलो वो सरकार और
आप जो बोलो वो देश की बात होती है तो
प्रधानमंत्री जी 2014 से लेकर 2024 तक मन
की बात करते आ रहे हैं इसी को देश की बात
इसी को विश्व की बात इसी को सबके कल्याण

की बात ये वो लोग लोगों प थोप रहे थे
क्योंकि पीछे 305 का एक समर्थन था अब फिर
से समर्थन रिन्यू करने का टाइम आ गया है
2024 2014 में खंडित विपक्ष कमजोर

कांग्रेस 10 साल की एंटी इनकंबेंसी एक
गुजरात का बहुत ही वाया मॉडल जिसको विकास
का मॉडल करके बेचा गया और इस देश की भोली
जनता ने उनको खरीद लिया उसके बाद एक
शक्तिशाली

नेता जो 100 दिन में महंगाई कम करेगा 15
लाख में डालेगा विदेश से पैसा लेकर आएगा
दाऊद को पकड़ के लाएगा लाल आंखों से
देखेगा तो चाइना 10 फीट पीछे चला जाएगा कई
बातों के साथ आया था दो पाच करोड़

नौकरियां
देगा फिर पुलवामा हुआ और कहा कि मुझे अब
पाच साल और चाहिए पाच साल और दिए अब
क्या अब राम मंदिर भी हो गया इनका खुद का
आकलन 230 से 35 के बीच में अटका हुआ
है इसीलिए प्रधानमंत्री का जो आखिरी भाषण

आप कह रही थ सदन में वो बहुत ही ढीला
था खुद पर जो एक आत्मविश्वास का भरा हुआ
रहता था वह खुद पर ही उनका विश्वास नहीं

था ऐसा लग रहा
था उनके पास कहने के लिए बहुत था लेकिन व
पूरा टाइम जवाहरलाल नेहरू की गलतिया गिना
रहे थे कि जवाहरलाल नेहरू ने यह कह दिया
कि चाइना देखो कितना मेहनत वाले लोग है
जापान कितने मेहनत वाले लोग

हैं हम लोगों को भी मेहनत करनी चाहिए यदि
किसी का उदाहरण देक आप मदद करने की बात
मेहनत करने की बात करते हैं तो इसके मायने
यह नहीं है कि नेहरू ने यह कहा कि भारत की
जनता नालायक है भारत की जनता आलसी है भारत
की जनता सोती रहती है यह कतई नहीं कहा

नेहरू इस बात को जानते थे कि इस भारत जनता
ने ही रास्ते पर उतर के संघर्ष
करके अंग्रेजों को भगाया है देश को आजादी

यदि मिली है तो तो वो आलसी लोग और सोते
हुए लोगों से नहीं नरेंद्र मोदी जी को ये
जानना चाहिए जिन लोगों ने संघर्ष किया

उसमें जवाहरलाल नेहरू भी थे वह हमारे
प्रधानमंत्री जैसे बांग्लादेश के टाइम पर
कुछ बहनों के लिए अंदर यह कहते गए थे पता
नहीं गए कि नहीं गए लेकिन नेहरू के आठ सा


की जेल
काटी कुल मिलाकर जब आपको कुछ नहीं होता तो
आप नेहरू को कोसते हो नेहरू की गलती से
देश ऐसा है यह नेहरू की दूर दृष्टि थी ये
नेहरू का एक विजन
आज नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नेहरू की यद विजन नहीं

होता तो यह चाय ही बेच रहे होते य
प्रधानमंत्री कभी नहीं बनते परिवारवाद का
बारबार कहते हैं परिवार मोदी का कांग्रेस
को कोसना तो बिल्कुल उनका वही पुराना वाला
टेप लगातार ब रहा था लेकिन जिस तरीके से

उने अपने आप को घोषित किया मैं सबसे बड़ा
ओबीसी उसी कांग्रेस पर आते आते उन्होंने
कह दिया कि कांग्रेस ने कभी समाज का भला
ही नहीं किया सबसे बड़ा ओबीसी तबका हमारी

तरफ उनका कभी ख्याल ही नहीं गया इसलिए आज
ऐसी स्थिति में
है बराबर है कांग्रेस का ख्याल कभी नहीं
गया क्योंकि कांग्रेस ने ओबीसी आदिवासी
दलित यह नहीं देखे कांग्रेस ने सबका विकास

करने का प्रयास किया कांग्रेस ने कभी
तुष्टीकरण का काम नहीं किया यह कहते हैं
कि कांग्रेस ने मुसलमानों को आगे बढ़ाया
तो कांग्रेस ने मुसलमानों को आगे बढ़ाया
तो आप आपने स्मृति रानी जी के का को भेजा

अभी वहां भारत के मुसलमान आते उनकी
व्यवस्था देखने के
लिए क्यों भेजा
आपने तो करता सभी है अब क्या हुआ जातीय गत
जनगणना एक गले में फसा हुआ हड्डी है तो ये
जातिगत जनगणना के लगातार खिलाफत करते आ
रहे 2011 में जो जातिगत जनना और आर्थिक

सर्वे हुआ था उस आंकड़ों पर बैठ गए बोले
वो सा नहीं है फिर
जब नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना शुरू की
तो उसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक
लड़े बारबार जातिगत जना से जातियों में

हिंदुओं में बटवारा करने का प्रयास कर रहा
है तब मेरी जाति सिर्फ एक है वो गरीबी
जाति है गरीबी एक जाति है सिर्फ इसका
ढंडोरा पीट रहे थे मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़
राजस्थान के चुनाव में आते आते अमित शाह

भूल गए कि जातिगत जनगणना से हमें बेर नहीं
है हमें कोई प्रॉब्लम नहीं है हम भी उसके
फेवर में है लेकिन फॉर्मेट अलग चाहिए कौन
सा फॉर्मेट अलग
चाहिए क्योंकि अब आपको यह समझ में आ ग

या
कि जब तक आप अपने आप को ओबीसी नहीं कहोगे
आपके 335 की सीट आगे बढ़ेगी नहीं लेकिन ये
कितने दोगले है प्रज्ञा जी यहां पे ओबीसी

ओबीसी करते हैं और महाराष्ट्र में मराठा
वर्सेस ओबीसी झगड़ा लगवा दिया
है मराठा को आरक्षण देंगे करके चीफ
मिनिस्टर से लेकर डिप्टी चीफ मिनिस्टर एक
तरफ से ढोल बजाते हैं

दूसरी तरफ अपने ही कैबिनेट के एक मंत्री
छगन भुजबल को मराठों के खिलाफ आग उखाड़ने
के लिए छोड़ देते
हैं उसी कैबिनेट में

देखिए आज प्रधानमंत्री जी क्लियर कट कहे
कि मराठों को हम कुण भी सर्टिफिकेट देकर
ओबीसी नहीं
बनाएंगे क्योंकि मैं ओबीसी हूं ओबीसी एक
बड़ा तबका

है महाराष्ट्र में अलग बात करते हैं देश
में अलग बात करते हैं इस बात का ग पहले
नरेंद्र मोदी य कहते आए हैं कि मैंने कभी
जाति का सहारा नहीं लिया बड़े-बड़े मंचों
से रैलियों में उन्होंने बात क जाति का

सहारा नहीं लिया जाति का सहारा नहीं लिया
तो जिसने जातिगत जनगणना की उसके चरणों में
जाकर क्यों बैठ गए नीतीश कुमार
के क्या जरूरत थी नीतीश कुमार की क्योंकि
प्रज्ञा जी जो हमारे प्रधानमंत्री बारबार
कहते हैं कि मोदी है तो गारंटी
है अब मोदी जी को खुद की ही गारंटी नहीं
रही अब उन्हें गारंटी चाहिए नीतीश कुमार

की अब उन्हें गारंटी चाहिए झारखंड के चीफ
मिनिस्टर को जेल डालने की उन्हें ईडीसी
गारंटी चाहिए जीतने की इनकम टैक्स गारंटी
चाहिए जीतने कीी नरेंद्र मोदी बहुत भयभीत

दिख रहे भयभीत इसलिए कि जब कोई नेता के
पास आने वाले समय में हारने के सारा दृष्ट
सामने दिखता है हार सामने दिखती है तो
डरेंगे तो सही क्योंकि करेंगे क्या
यह उतना ताकतवार विपक्ष नहीं होगा इन्हे
पता है यह जो बीज बोके गए हैं विले जो ड़ी

और जिसके अब फल इतने बड़े बड़े वृक्ष बन
चुके हैं उन्ही वृक्षों के छाया में इनको
भी बैठना पड़ेगा जब य विपक्ष में होंगे तब
तब कितने बीजेपी के नेता ईडी के रडार पर
होंगे कितनों की संपत्तियां जपत होगी

कितने लोग अकट संपत्ति लेकर घूम रहे हैं
कितने बिल्डर अंदर होंगे क्या ये डर नहीं
है इनको तब लाल डायरिया मिलेगी तब भी

सकते हैं कोई 500 करोड़ कोई 700 करोड़
कहेगा पता पड़ेगा जिस सेठ को सब कुछ कमा
के दिया उसी सेठ ने एक अफ डेबिट दे दिया

कि भाई साहब मुझे तो जबरदस्ती दे रहे थे

मैं तो लेना नहीं चाहता था मैं डर रहा था
इनसे तो क्या जेल जाएंगे इसीलिए चुनाव
जीतने के लिए ओबीसी बनेंगे चुनाव जीतने के
लिए उत्तर प्रदेश से अपना रिश्ता बता
देंगे चुनाव जीतने के लिए यदि ये आदमी
महाराणा प्रताप के घोड़े की मां अपनी

गुजरात की बताता है
ये किस तक जा सकते है चुनाव जीतने के लिए
आप समझ जाइए इसलिए प्रधानमंत्री जी के इस
भाषण

से राहुल गांधी की जो बातें हैं जिस तरीके
से उनके हर भाषणों में हम देख रहे हैं
दलितों की बात पिछड़ों की बात जातिगत
जनगणना की बात क्या उनकी बातों में वह
अंडर करंट है मतलब जो लोगों में काम कर

 

रहा है जिसकी वजह से आज नरेंद्र मोदी को
राहुल गांधी की पिछ पर उतर करके ओबीसी
वाला ढोल पीटना पड़ा प्रज्ञा जी राहुल जी
के बातों का अंडर करंट है जिसका करंट इनको
लग रहा
है

यकीनन राहुल गांधी क्या कर रहे
हैं राहुल गांधी महंगाई की बात करते हैं
बेरोजगारी की बात करते हैं जातिगत जनना की
बात करते हैं सर्वांगी विकास की बात करते
हैं और सही माने में रोजगार की बात करते
हैं पकड़ा लने को रोजगार नहीं

मानते तो वो जनता में अंडर करंट इसलिए
खड़ा कर रहे हैं क्योंकि जनता को लगता है
कि उनकी वेदना को कोई शब्द दे रहा है
उनकी अपनी बात कहने वाला भी तो कोई है कब
तक वह मन की बात सुनेंगे उनकी बात कौन
सुनेगा उनकी इतनी ताकत नहीं है कि वह किसी
को सुनाए तो राजीव राहुल गांधी ने
अपना

जो बोल है राहुल गांधी के आवाज राहुल
गांधी के है जो शब्द निकल रहे है वो राहुल
गांधी के नहीं है वो शब्द इस देश की पीड़ा
है इसलिए डर है उमरता हुआ जनब राहुल गांधी
कोई शाहरुख खान या सलमान खान तो नहीं की
पिक्चर अभी चार सुपरहिट हो गई तो लोग
देखने आ

गए एक दाढ़ी बढ़ा हुआ युवक कभी दाढ़ी कटवा
है कभी बढ़ाता है कभी साइकल रिक्षा पर
चलता है कभी किसी की रिक्षा ढोता है कभी
खेत में जाक खड़ा हो जाता है उड़ाए मजाक
उड़ाए आप उसका उसने कुत्ते को बिस्कुट
क्या खिलाया तो उसने अपने मजाक उड़ा
दिया कुत्ते को क्यों बिस्किट खिलाया अरे
भाईब

आप गाय को चारा खिलाते कोई मजाक नहीं
उड़ाता किसी भी किसी भी जानवर के ऊपर और
कुत्ते कुत्ते का तो ध धर्म में बहुत बड़ा
महत्व है स्वयं यमराज कुत्ते का रोल

कुत्ते का रूप लेकर धर्मराज के
साथ जब पांचों पांडव स्वर्ग के रास्ते पर
निकल गए सारे रास्ते में मृत पाय हो गए
अकेले यु युधिष्ठिर जो ऊपर चले धर्मराज
कहते थे तो साथ में कुत्ता था ऊपर जब उसको
पूछा गया कि भाई दपाल ने कहा कि आप अंदर


सकते वर्ग में ये कुत्ता नहीं आएगा उने
कहा कि साहब ये कुत्ते ने मेरे को यहां तक
साथ दिया मैं कुत्ते को नहीं छोड़
सकता तो कुत्ता तो पूजनीय है हमारे यहां
अब उसको बिस्किट खिलाया तो बीजेपी वालो

को
तकलीफ हो रही है जिस तरीके से आज नरेंद्र
मोदी ने संसद को रैली का मंच बना दिया
भाषणों का अड्डा बना दिया जिस तरीके से

नारे लग रहे थे अबकी बार 400 पार इस पर
आपकी क्या राय है सर देखिए वो 24 घंटे 24
बा से चुनावी माहौल में रहते
वह अमेरिका में भी ब जाकर जब नॉन डेंट

इंडिया को बोलते तो उनका टारगेट इधर रहता
है जो आदमी
अपना जन्मदिन के दिन मां का आशीर्वाद भी
इवेंट बनाता

हो और मेडिटेशन के लिए गुफा में जाना भी
इवेंट होता है फोटोग्राफर को लेकर जाता
हो जो राम के प्राण प्रतिष्ठा को भी एक
इवेंट बनाता
हो पहले तो इवेंट हमारे य फिल्म फेयर
पुरस्कार हुआ करते थे हम या किसी बड़े

लोगों के यहां शादी के इवेंट होते
थे अब तो मोदी जी ने हर चीज का इवेंट बना
दिया जी 20 तो इवेंट

है किसी का मृत्यु तो इवेंट
है तो इवेंट तो होगा एक इवेंट मैनेजर
करेगा
क्या 24 घंटे उसकी नजर हर चीज को इवेंट
बनाने में होती है तो वो बना रहे हैं
इसलिए मुझे आश्चर्य नहीं उनका आखिरी भाषण

भी हताशा भरा था उनका आखिरी भाषण उनके
तरकश के सारे तीर खत्म हो गए थे बताने के
लिए उपलब्धियां कुछ नहीं थी 81 करोड़ लोग

5 किलो अनाज से यदि जिंदा है इस देश में
इससे ज्यादा भयावह स्थिति देश आजाद हो कि
अंग्रेजों के टाइम पर भी नहीं थी लेकिन सर
जो मोदी विपक्ष को अपनी पिच पर चलने के

लिए मजबूर कर देते हैं वो मोदी राहुल
गांधी के पिच पर चलने के लिए क्यों मजबूर
दिखाई दे रहे हैं एक कहावत है प्रज्ञा जी
अच्छा तैराक वही डूबता है जहां पानी कम

होता
है ओवर
कॉन्फिडेंस ओवर कॉन्फिडेंस और
आत्ममुग्धता कि आडवानी जी से लेकर शिवराज
सिंह चौहान तक सब लोगों को ठिकाने
लगाना मंत्रिमंडल में किसी भी सहयोगी

मंत्रियों की इज्जत ना
करना उन्हें नौकर जैसा ट्रीट
करना
ये है ये क्या है राम जन्मभूमि में जो अभी

मतलब राम प्राण प्रतिष्ठा में इवेंट हुआ
उसमें क्या
था अंदर योगी क्या कर रहे थे समझ में नहीं
आया था मोहन भागवत क्यों खड़े थे
वहा क्या रोल था उनका वहां
पर दूहे के साथ जो चार लोग चलते वही रोल
में
थे य अपमानजनक स्थिति थी
सुप्रीम कोर्ट ने य तो नहीं कहा था कि
प्रधानमंत्री सब कुछ
करेंगे यह काम धर्माचार्य का है
धर्माचार्य को करने दीजिए धर्म के अनुसार
करने दीजिए उसम अपनी राजनीति मत घुस
क्योंकि आपको 2024 के चुनाव के पहले राम
लला की प्रतिष्ठा करनी थी तो मंदिर में कर
दिया आप और बस गाजावाजा बजा रहे हो लेकिन
अब तो समझ में आ गया राम मंदिर से बात
नहीं बनने वाली क्यों सर राम मंदिर से बात
नहीं बनेगी लोग बोलते ठीक है राम आ गए बैठ
गए राम राज्य की बात कर आप ही ने कहा था
राम काज हो गया राज काज करेंगे राज काज
कहां कर रहे
महाशय आपका एक विधायक दिन दाड़े आपके
सहयोगी पार्टी के एक नेता को गोली मारता
है पलि टेशन के
अंदर यह आपके एनडीए के कैरेक्टर है एनडीए
के गठबंधन का
कैरेक्टर और य जरा ममता ने कुछ बोल दिया
तो तुरंत सारे गोदी मीडिया चिल्लाने लगते
कि ममता जी ने तोड़ दिया तोड़ दिया और एक
बीजेपी के विधायक ने एकनाथ शिंदे के
कार्पोरेट को गोलियो से भून दिया थाने के
अंदर इंडिया एंडिया गठबंधन टूटता नजर नहीं
आया इनको तारतार होता
हुआ तो कुल मिलाकर
यह इस बात की बारबार इंडिकेशन दे रहे हो
इंडिकेशन समझने की
जरूरत कि हमारे पैरों के नीचे की जमीन
खिसक रही है यानी 2024 की रा सामान्य
बहुमत 272 का उसके लाले पड़े हुए
हैं अशोक सर आखरी सवाल है एक झटका भारतीय
जनता पार्टी को झारखंड में लगा क्या दूसरा
झटका बिहार में लगने वाला
है देखिए बिहार की स्थिति बड़ी अजीब है
प्रज्ञा जी यदि आपको मैं कहू तो आप हसेगी
इस जनरली होता है कि सत्ता पक्ष सरकार
विश्वास का मत हासिल करने के लिए प्रयास
देता है और विपक्ष सरकार गिराने
को बिहार में पूरा विपक्ष इकट हुआ है कि
किसी भी हालत
में नीतीश की सरकार गिरनी नहीं
चाहिए गिरनी नहीं चाहिए उर गिरनी नहीं
चाहिए उन्हे डर है कि बीजेपी 11 और ऐसा
कोई गेम करके यदि नीतीश बाबू की सरकार
गिरा दे विश्वास बस मत फेल हो जाए और
राष्ट्रपति शासन लागू
करे तो फिर बीजेपी अपने नेतृत्व में चुनाव
करवाना
चाहती नीतीश कुमार के साथ बीजेपी है लेकिन
नीतीश कुमार फिर इतना नंगा नाच नहीं चलने
देंगे जो चंडीगढ़ में
हुआ
हम इसलिए जब मेरी बात हुई कुछ विधायकों से
उन्होने कहा कि अरे हमें तो डर है हम
तैयार बैठे हैं यदि इने बैकआउट किया तो हम
नीतीश बाबू की सरकार तो बचा के रहेंगे
लेकिन सर जिस तरीके से कांग्रेस ने पहले
अपने विधायकों को दिल्ली बुलाया और उसके
बाद उन सबको हैदराबाद भेज दिया उस तरीके
से लग रहा है कि कोई बड़ा खेल शायद
तेजस्वी और कांग्रेस मिल कर के कर सकते
हैं 12 फरी को तेजस्वी और कांग्रेस
तेजस्वी और कांग्रेस मिलके खेल तब करेंगे
जब कहीं ना कहीं बीजेपी या जनता से लोग
टूटेंगे हम हम उन्हें चिंता सरकार गिरने
की है और राष्ट्रपति लेकिन जीतन रामा जीी
ने कहा है कि एक रोटी से काम नहीं चलने
वाला एक रोटी से पेट नहीं भरता है उनको
एससीएसटी मंत्रालय मिला है उनके बेटे को
उससे वो संतुष्ट नजर नहीं आ रहे अरे कई जब
दूसरी रोटी क्या उनको तो उनको तो तेजस्वी
की पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का पद
मतलब
उसको तो तेजस्वी ने कहा रोटी क्या मांग
रहे हैं चाचा जी पूरी थाली उठा के लिए सजा
के बैठे हैं और मांजी उधर चले गए तो
आश्चर्य की बात नहीं
होगी लेकिन वर्तमान में जिसने मुझे कहा कि
बोले हमें तो यह लग रहा है कि बीजेपी कोई
षडयंत्र कर रही
है और यदि नीतीश की सरकार गिरा दी बीजेपी
ने और नीतीश को बदनाम करने का प्रयास किया
तो नीतीश को खत्म कर पाएंगे क्योंकि
बीजेपी यह चाहती है कि जैसा यूपी में हुआ
वैसा ही दो पार्टी रूड रहे एक तरफ
समाजवादी पार्टी एक तरफ बीजेपी एक तरफ
आरजेडी एक तरफ
बीजेपी जनता दल यूनाइटेड ही एक सॉफ्ट
टारगेट है जिसको वो खा सकते हैं जैसा ममता
को वो खा गए जैसी सॉरी बहन जी को खा गए
करीब
करीब 24 25 पर से 12 पर प
ले तो ऐसा ही एक प्रयास इनका वहा है
क्योंकि नीतीश बाबू कुछ भी हो जाए नीतीश
बाबू पूरा गेर में रंगते नहीं है प्रॉब्लम
है कभी कभी उनका जमीन जग जाता है और फिर
जग के इधर वापस आ गए तो लालू जी ने तो कह
ही दिया कि हम शिव है भैया कितनी बार जहर
दो हम पी ले
हम बिहार का मामला अभी सलता नहीं है जी
चलिए बहुत-बहुत शुक्रिया अशोक सर तो 2024
में नरेंद्र मोदी को कुछ राह आसान दिखाई
नहीं दे रही है हालांकि उन्होंने संसद में
जिस तरीके के से रैली का मंच बना दिया 400
पार के नारे लगे तो उसके बाद लग रहा है कि
बीजेपी इस वक्त पर 2024 को लेकर बहुत खौफ
में है बहुत डर में है तो बहुत-बहुत
शुक्रिया हमारे साथ अशोक सर थे आप सभी
दर्शकों का शुक्रिया आभार नमस्कार

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